अंततः आधी आबादी ने नीतीश सरकार के होम करते हाथों को जलने से बचा ही लिया

आज मतगणना के दिन सवेरे से देर शाम तक एनडीए एवं महागठबंधन के बीच 5-15 सीटों के फासले के साथ आंकड़े में उछल-कूद इस कदर जारी रही की मतगणना के दरमियान, टी-20 क्रिकेट से भी अधिक रोमांचक रहा परिणाम। सर्वाधिक लोग खाना-नहाना छोड़कर दिनभर टीवी से चिपके रहे। अंतत: बिहार की आधी आबादी ने नीतीश सरकार के होम करते हाथों को जलने से बचा ही लिया। एनडीए- 125, महागठबंधन- 110 एवं अन्य 8 सीटों पर सिमट गए। कितने समर्थक तो पॉकेट में झंडा एवं बैग में माला व मिठाई लिए मैच ओवर होने के बाद घर लौट गए।

बता दें कि जदयू वरिष्ठ नेता व समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने मौके पर कहा कि जब घर की सारी समस्याओं का निदान अंत तक घर मालिक भी नहीं कर पाता है तो किसी भी सरकार द्वारा इतनी बड़ी आबादी (जिसे उसका मुखिया परिवार मानता है) की सारी समस्याओं का निदान कर पाना क्या संभव है ! हर किसी को सरकार की नीति और नियत पर नजर रखनी चाहिए। यही कि जहां सीएम नीतीश ने लड़कियों के लिए साइकिल-पोशाक योजना चलाई, वहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने माताओं-बहनों की परेशानियों को देखते हुए एलपीजी गैस देने की योजना बनाई…. आदि आदि।

जानिए कि मधेपुरा जिले में बराबरी पर रहा एनडीए और महागठबंधन। जहां जदयू के लोकप्रिय मंत्री नरेंद्र नारायण यादव ने आलमनगर से सातवीं पारी की शुरुआत की तथा राजद के पूर्व मंत्री प्रो.चंद्रशेखर ने मधेपुरा से हैट्रिक लगाई वहीं जदयू के निरंजन मेहता ने बिहारीगंज से दूसरी पारी तो राजद के  चंद्रहास  चौपाल  ने सिंहेश्वर  से पहली पारी का श्रीगणेश किया है। फिर भी बिहार विधानसभा चुनाव के इस काँटे की लड़ाई में एनडीए का पलड़ा…. अंततः रहा भारी। दिनभर होता रहा उतार-चढ़ाव। प्रातः 9:00 बजे से शुरू हुआ रुझान और पहले छाई मायूसी फिर लौटी मुस्कान। रात के 10:00 बजे तक बदलते रहे आंकड़े, टीवी के सामने बैठे-बैठे बढ़ती रही शरीर की अकड़न और प्रबल समर्थकों के दिलों की धड़कन….।

 

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