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विश्व चैंपियन हीमा दास असम में डीएसपी बनी

एशियाई खेलों में रजत पदक विजेता एवं स्टार फर्राटा धाविका हीमा दास को असम के मुख्यमंत्री सर्वदानंद सोनोवाल ने डीएसपी के लिए नियुक्ति-पत्र सौंपा। आयोजित समारोह में पुलिस महानिदेशक सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तथा प्रदेश सरकार के शीर्ष पदाधिकारी मौजूद थे। अपने संबोधन में हीमा ने कहा कि वह खुदऔर उसकी मां भी आरंभ से ही पुलिस अधिकारी बनने का सपना देखती आई थी, जो आज पूरी हुई। उन्होंने कहा कि मुझे सब कुछ खेलों की वजह से ही मिला है।

डीएसपी हीमा ने अंत में यही कहा- मैं प्रदेश में खेल की बेहतरी के लिए काम करूंगी तथा असम को हरियाणा की तरह बेहतरीन प्रदर्शन करने वाला राज्य बनाने की भरपूर कोशिश करूंगी…… अपने कैरियर को ऊंचाई प्रदान करने की कोशिश भी करती रहूंगी।

चलते-चलते यह भी कि भारत सरकार नई शिक्षा नीति में खेल को अनिवार्य करने जा रही है। बकौल प्रधानमंत्री मोदी- खेल ऐसा क्षेत्र बन गया है जो आज की दुनिया में देश की छवि के साथ-साथ देश की शक्ति का परिचय कराता है। खेल अब पाठ्यक्रम का अनिवार्य हिस्सा होने जा रहा है….. आप खेल के मैदान में अकेले नहीं होते बल्कि 130 करोड़ देशवासी आपके साथ होते हैं। आपके खेल से दुनिया में भारत को पहचान मिलती है। अब प्रत्येक जिले में “खेलो इंडिया” केंद्र बनेगा और जम्मू-कश्मीर बनेगा शीत खेलों का गढ़…।

अंत में समाजसेवी-शिक्षाविद डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने  खेल के प्रति रुझान को देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी एवं असम के मुख्यमंत्री सर्वदानंद सोनोवाल को बधाई देते हुए कहा कि जब दो टीमें मैदान में उतरती है तो कोई जीत को दोहराना सिखती है और जो टीम हार जाती है वह नई राह खोजना सिखती है।

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सरकारी अस्पतालों में कोरोना टीका मुफ्त, परंतु निजी केंद्रों पर ₹250 में मिलेगी “कोवैक्सीन” की पहली खुराक

भारत में पुनः कोरोना संक्रमण में बढ़ोतरी होने लगी है। मार्च चढ़ते ही 16 हजार से ज्यादा मामले प्रतिदिन सामने आने लगे हैं और 100 से अधिक लोगों की मौतें भी 24 घंटे में होने लगी है।

कोरोना से जंग जारी रखने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग ने 1 मार्च से 20 हजार निजी केंद्रों पर अधिकतम ₹250 में कोरोना वैक्सीन की एक डोज की कीमत तय किया है। इसमें ₹150 टीके की कीमत है और ₹100 सर्विस चार्ज के रूप में वसूलने की अनुमति दी गई है।

यह भी सूचित किया गया है कि 1 मार्च से 45 से 59 साल के ऐसे लोगों के लिए टीकाकरण शुरू किया जाएगा जो किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं। वैसे लोगों को अपनी बीमारी से जुड़ा सर्टिफिकेट साथ में रखना होगा। साथ ही 60 साल या इससे अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए भी टीकाकरण शुरू किया जाएगा।

चलते-चलते यह भी जानिए कि अब तक देश में डेढ़ करोड़ के करीब टीकाकरण हो चुका है। दूसरे चरण के पहले दिन 1 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अपने जन्मदिन पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित गृह मंत्री ने टीका लेकर जो सिलसिला शुरू किया उसे आगे मंगलवार को भी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ.हर्षवर्धन आदि जारी रखते रहे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने तो अपनी पत्नी के साथ एक प्राइवेट अस्पताल में स्वदेशी कोविड टीके “कोवैक्सीन” की पहली खुराक लिया और 250-250 रूपये भुगतान किए।

 

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बंगाल सहित केरल, असम, तमिलनाडु व पुडुचेरी विधानसभा चुनाव का बिगुल बजा

भारतीय चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोरा ने बंगाल विधानसभा की 294 सीटों के लिए चुनाव 8 चरणों में एवं असम की 126 सीटों की 3 चरणों में चुनाव कराए जाने की घोषणा की है। साथ ही तमिलनाडु की 232, केरल की 140 और केंद्र शासित राज्य पुडुचेरी की 30 सीटों के लिए एक चरण में ही चुनाव कराए जाने की बात कही गई है।

जानिए कि बंगाल के 8 चरणों के मतदान इस प्रकार होंगे- (1.) 27 मार्च, (2.) 01 अप्रैल, (3.) 06 अप्रैल, (4.) 10 अप्रैल, (5.) 17 अप्रैल, (6.) 22 अप्रैल, (7.) 26 अप्रैल एवं (8.) 27 अप्रैल को। और असम में 3 चरणों के मतदान होंगे- (1.) 27 मार्च,  (2.) 01अप्रैल एवं (4.) 06अप्रैल को। शेष तीन में से दो राज्यों तमिलनाडु एवं केरल और 1 केंद्र शासित राज्य पुडुचेरी में एक चरण में ही चुनाव होंगे- 06 अप्रैल को। यह भी जानिए कि पांचों राज्यों के मतपत्रों की गणना एवं चुनाव परिणाम की घोषणा एक साथ 2 मई को की जाएगी।

 

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3-4 अप्रैल को रेणु जन्मशताब्दी पर अंतरराष्ट्रीय परिसंवाद

अंतर्राष्ट्रीय प्रसिद्धि प्राप्त हिन्दी कथाकार फणीश्वर नाथ रेणु की जन्म शताब्दी के मौके पर अंतरराष्ट्रीय वेबीनार का (3-4 अप्रैल को) दो दिवसीय आयोजन पटना में होने जा रहा है। बिहार के इस कथा शिल्पी ने ग्रामीण जीवन के अलग-अलग रंगों को उकेर कर कहानियों एवं उपन्यासों की रचना की थी जिसमें मैला आंचल, जुलूस और परती परिकथा सर्वाधिक पढ़ी जाने वाली रेणु की कृति है।

बता दें कि रेणु पर आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय परिसंवाद में भारतीय गांव, ग्रामीण जीवन और ग्रामीण इतिहास के अतिरिक्त रेणु की भाषा के साथ-साथ कथा की कला शिल्प आदि को समझने का प्रयास करेंगे- अंतरराष्ट्रीय विद्वान… जर्मनी से  बारबरा लोत्ज, उज़्बेकिस्तान से सिराजुद्दीन नर्मतोव, श्रीलंका से उपुल रंजीत, मॉरीशस से गुलशन सुखलाल, चीन से ग फू फिंग, वांगली, तंग पिंग…. फ्रांस की क्रिस्टीना सोजानकी, जापान से इशिदा हिदेयकि, अमेरिका से रिचर्ड डेलेसी, ऑस्ट्रेलिया से यान बुलफोर्ड, पुर्तगाल से शिव कुमार सिंह और भारत से प्रेम कुमार मणि, रश्मि चौधरी, दीपक राय, बी.आयावर, एमएन ठाकुर, अग्निहोत्री आदि लेखकों, इतिहासकारों, समाज शास्त्रियों… आदि के भाग लेने की संभावना है।

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पुलवामा हमले में हुए शहीदों को मधेपुरा ने किया नमन

मधेपुरा जिला मुख्यालय के सभी सरकारी एवं गैर सरकारी शिक्षण संस्थानों द्वारा पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। जिले के सभी प्रखंड मुख्यालयों से लेकर गांव तक के सभी सरकारी व गैर सरकारी स्कूली बच्चों व शिक्षकों ने शहीदों को नमन किया, याद किया और श्रद्धा सुमन अर्पित किया। बच्चों व बड़ों ने दो-दो मिनट का मौन रखकर उन्हें नमन किया।

इस अवसर पर कोरोना के कारण अपने निवास वृंदावन में ही समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने उन वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उन्हें नमन किया। डॉ.मधेपुरी ने कहा कि 14 फरवरी भारतीय इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में जुड़ गया है जिसे मधेपुरा वासी कभी नहीं भुला सकेगा… क्योंकि, वही जवान जब सीमा पर प्रहरी बनकर जगते हैं तब हम चैन से घर में सोते हैं।।

 

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नमो से मिले नीतीश, पीएम-सीएम की एक घंटे तक हुई बातें

दो दिवसीय दिल्ली प्रवास के दरमियान सीएम नीतीश कुमार ने गुरुवार को पीएम नरेंद्र मोदी एवं उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू से भेंट की। बता दें कि नमो से नीतीश की यह शिष्टाचार भेंट संसद भवन स्थित प्रधानमंत्री कक्ष में हुई।

जानिए कि प्रधानमंत्री नमो से मिलकर लौटने के दरमियान संवाददाताओं से हुई बातचीत में मुख्यमंत्री नीतीश ने यही कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद से वे दिल्ली नहीं आए थे। इसलिए प्रधानमंत्री से मिलने आए। इस मुलाकात में देश से जुड़े विभिन्न मसलों पर चर्चा हुई, परंतु बिहार के निमित्त किसी मांग पर नहीं हुई चर्चा।

इस दरमियान दोनों दिग्गजों के बीच पर्यावरण, कृषि व शिक्षा से लेकर अन्य विषयों पर भी जमकर चर्चाएं हुई। अन्य सवालों के जवाब में नीतीश कुमार ने कहा कि जदयू के केंद्रीय कैबिनेट में शामिल होने पर चर्चा नहीं हुई बल्कि इतना ही कहा कि हम लोग तो साथ में हैं ही। यह भी कि जदयू के पश्चिम बंगाल में चुनाव लड़ने के संबंध में कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।

नीतीश ने नमो से कहा कि हम रोजगार के अवसर बढ़ाने में जुटे हैं….। बिहार में विकास हो रहा है। हर घर में बिजली और नल से जल की आपूर्ति की जा रही है। परंतु, विपक्ष अपनी पब्लिसिटी के लिए अनाप-शनाप गलत बयानबाजी कर रहा है। हाँ, बिहार को विशेष दर्जा दिए जाने को नीतीश ने अपनी पुरानी मांग बताई। पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने की भरपूर पहल की। पीएमसीएच को भारत का सर्वश्रेष्ठ व विश्वस्तरीय अस्पताल बनाने की जानकारी पीएम को दी। नीतीश ने कहा कि बिहार में जुनून के साथ काम हो रहा है और रोजगार के अवसर भी लगातार तलाशे जा रहे हैं।

चलते-चलते यह भी जाने कि सड़क एवं कई अन्य संस्थाओं के विकास में केंद्र की भूमिका को लेकर सीएम नीतीश ने गृह मंत्री अमित शाह से भी मिलकर बातें की। उस समय भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी मौजूद थे।

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गजल गायक जगजीत नहीं हैं, लेकिन उनकी रूहानी आवाज सदा रहेगी

आज ही के दिन 8 फरवरी 1941 को राजस्थान के गंगानगर में हिंदुस्तान के सबसे बड़े गजल गायकों में से एक जगजीत सिंह का जन्म हुआ था। मात्र 9 साल की उम्र में जगजीत सिंह ने दी थी पहली पब्लिक परफॉर्मेंस। जगजीत ने उस्ताद जमाल खान से संगीत की बारीकियां सीखी थी।

बता दें कि जगजीत ने गजल की दुनिया में अपनी नायाब आवाज को में वो नज्में पेश की हैं जो सदा अमर रहेंगी। बॉलीवुड में भी जगजीत ने अनेक ऐसे गीत गाए जो आज भी युवा दिलों की धड़कन बनकर जिंदा है। उनकी रूहानी आवाज सुनकर आज भी जवां दिलों में जज्बातों के भंवर उमड़ पड़ते हैं।

जानिए कि गजल की दुनिया के सबसे बड़े नामवाले जगजीत सिंह की आज 81वीं जयंती पर उन्हें याद किया है समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने। डॉ.मधेपुरी ने बच्चों से कहा कि जगजीत 1965 में मुंबई जाकर दर्जनों फिल्मों के गाने लिखे, गाये और उनमें संगीत का निर्देशन भी किया। 80 के दशक में प्रेम गीत, अर्थ…..  आदि कई फिल्मों के हिट गानों ने उन्हें काफी प्रसिद्धि दिलाई। 2003 में उन्हें ‘पद्मभूषण’ से सम्मानित किया गया।जब वे अपने करियर के टॉप पर थे तभी एक दिन उन्हें ब्रेन हेमरेज हुआ और 10 अक्टूबर 2011 को मुंबई के नानावती हॉस्पिटल में उन्होंने अंतिम सांस ली। राजस्थान सरकार ने मरणोपरांत उन्हें “राजस्थान रत्न” से सम्मानित किया है।

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भारत को जूनियर खिलाड़ियों में ओलंपिक मेडल की उम्मीद

देश में जूनियर खिलाड़ियों द्वारा विभिन्न खेलों में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किए जा रहे हैं। 15 साल से कम उम्र के अनेक खिलाड़ी ऐसे हैं जिन्हें भविष्य का बड़ा स्टार माना जा रहा है। इन खिलाड़ियों ने फुटबॉल, टेनिस एवं शूटिंग सहित कई खेलों में अपना लोहा मनवा लिया है, जिनसे देश ओलंपिक मेडल जीतने की उम्मीद करने लगा है।

बता दें कि मात्र 9 साल का प्रीतम ब्रह्मा गुवाहाटी सिटी एफसी बेबी लीग में खेलते हुए सर्वाधिक कीमती खिलाड़ी चुने गए हैं। प्रीतम ने फुटबॉल में अपनी टीम की ओर से 18 गोल करने के साथ 16 गोल के लिए असिस्ट भी किए थे। तभी तो लेफ्ट विंगर प्रीतम को जर्मन फुटबॉलर ‘ओजिल’ ने उनकी कला-कौशल और काबिलियत के लिए जर्सी भेजी है। लिटिल चैंप्स के बड़े कमालों को लेकर भारत आने वाले ओलंपिक में पदक जीतने की भरपूर उम्मीद कर रहा है।

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72वें गणतंत्र पर 119 हस्तियों को मिलेगा पद्म पुरस्कार

केंद्र सरकार ने 72वें गणतंत्र दिवस पर लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान सहित बिहार की पांच हस्तियों को पद्म पुरस्कार हेतु नामों की घोषणा की है। ये शेष चार नाम हैं- मृदुला सिन्हा, दुलारी देवी, रामचंद्र मांझी एवं डॉ.दिलीप सिंह।

बता दें कि भारत सरकार के विभिन्न विभागों में मंत्री रहे रामविलास पासवान को मरणोपरांत पद्म भूषण सम्मान से सम्मानित किया गया है। साथ ही मृदुला सिन्हा को भी मरणोपरांत शिक्षा के क्षेत्र में काम करने के लिए पद्मश्री सम्मान दिया गया है।

जानिए कि शेष 3 जिन जीवित व्यक्तियों को पद्मश्री से सम्मानित किया गया है, वे हैं- मधुबनी पेंटिंग कला के क्षेत्र के लिए दुलारी देवी, कला के क्षेत्र के लिए रामचंद्र मांझी और भागलपुर के पीरपैंती के डॉ.दिलीप कुमार सिंह को मेडिसीन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने हेतु पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया है।

 

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मधेपुरा के सुभाष चौक पर नेताजी की 125वीं जयंती मनी

नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारत की आजादी के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहे। उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अंग्रेजी हुकूमत को चकमा देकर जर्मनी पहुंचे और आजाद हिंद फौज का गठन किया। अंग्रेजो के खिलाफ लड़ने के लिए उन्होंने “जय हिंद” कोो राष्ट्रीय नारा बना दिया। नेताजी का व्यक्तित्व भारतीय युवजनों के जीवन को अर्थपूर्ण बनाने के लिए आज भी प्रेरित करता है। उक्त बातें समाजसेवी-शिक्षाविद डॉ भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने नेताजी की 125वीं जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि करने के बाद कहीं।

Samajsevi-Shikshavid Dr.Bhupendra Madhepuri addressing youths along with senior RJD leader Bijendra Prasad Yadav, Shudhanshu Shekhar, AK Sinha, Damodar Pransukhka, Umesh Kumar Om and others on the 125th Jayanti Samaroh of Neta Jee Subhash Chandra Bose at Subhash Chowk, Madhepura.
Samajsevi-Shikshavid Dr.Bhupendra Madhepuri addressing youths along with senior RJD leader Bijendra Prasad Yadav, ADV. Shudhanshu Ranjan, AK Sinha, Damodar Pransukhka, Umesh Kumar Om and others on the 125th Jayanti Samaroh of Neta Jee Subhash Chandra Bose at Subhash Chowk, Madhepura.

मौके पर अपने संबोधन में डॉ.मधेपुरी ने प्रखर पत्रकार रह चुके देवाशीष बोष एवं पटना हाई कोर्ट के जस्टिस रह चुके सुरेश चंद्र मुखर्जी के इस प्रतिमा निर्माण में योगदान की चर्चा करते हुए कहा- नेताजी की 125वीं जयंती को इस बार भारत सरकार ने “पराक्रम दिवस” के तौर पर मनाने हेतु 85 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है।

समिति के लोगों द्वारा यह जानकारी दी गई कि 23 जनवरी को कोलकाता में नेताजी की जयंती ‘पराक्रम दिवस’ कार्यक्रम में भाग लेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वहीं पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान उड़ीसा के कटक में होने वाले कार्यक्रम में भाग लेंगे, जहां नेता जी का जन्म हुआ था और गुजरात के सूरत जिले के हरिपुरा गांव में भी भव्य जयंती मनाई जाएगी, जहाँ 1938 में नेताजी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए थे।

मौके पर राजद के वरिष्ठ नेता व समाजसेवी बिजेंद्र प्रसाद यादव, उमेश कुमार ओम, एडवोकेट सुधांशु रंजन, अधिवक्ता अशोक कुमार सिन्हा, व्यापारी दामोदर प्राणसुखका, अक्षय दीप, आदित्य लल्लन यादव आदि ने भी विचार व्यक्त किए।

अंत में डॉ.मधेपुरी ने उपस्थित जनों से यही कहा कि देश के प्रथम अस्थाई सरकार के राष्ट्राध्यक्ष नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती समस्त भारत में 23 जनवरी को दिन भर समारोह पूर्वक मनाई जाएगी। ज्ञातव्य है कि उस अस्थाई सरकार को जर्मनी, जापान, चीन, कोरिया, इटली आदि कई देशों ने मान्यता भी दे दी थी। अपना बैंक और अपनी करेंसी भी नेता जी ने बना ली थी।

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