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कोरोना की तीसरी लहर आने की चिंता भारत को भी

फिलहाल भारत के केरल राज्य में कोविड-19 केस 21% से अधिक होने के चलते कुछ राज्यों में तीसरी लहर के आने की चर्चा होने लगी है। मुंबई के मेयर ने तो यहां तक कह दिया कि कोरोना की तीसरी लहर तो दहलीज तक आ चुकी है। उन्होंने गणपति पूजा को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी।

जानिए कि अमेरिका मे कोरोना बेकाबू होता जा रहा है। हाल-फिलहाल इजरायल पुनः कोरोना महामारी का केंद्र बनता जा रहा है। कोरोना से बचाव के लिए वहां बूस्टर डोज दिया जाने लगा है। क्योंकि जहां पिछले साल अमेरिकी मरीजों की औसत संख्या 1 सप्ताह में 39000 थी वहीं अभी सप्ताह में औसत 137270 यानि लगभग एक लाख अधिक हो गई है।

भारत सरकार टीकाकरण करने की पूरी व्यवस्था में लगी हुई है। भारतवासियों को अपना कर्तव्य निर्वहन करना है- “दो गज दूरी, मास्क है जरूरी”। बकौल समाजसेवी-शिक्षाविद् डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी इसे प्रत्येक भारतवासी अपनी दिनचर्या में शामिल कर लें।

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टोक्यो पैरालंपिक- 2020 के अंतिम दिन भारत ने गोल्ड के साथ रिकॉर्ड 19 मेडल जीते

टोक्यो पैरालंपिक 2020 के महान गेम्स में भारत को अंतिम दिन कृष्णा नागर ने बैडमिंटन में जहां स्वर्ण पदक दिलाया वहीं सुहास यतीराज रजत पदक दिलाया। इसके साथ ही भारत ने रिकॉर्ड 19 मेडल जीतकर पैरालंपिक का सुखद अंत किया। अब तक 53 सालों में भारत ने इससे पहले कुल मिलाकर मात्र 12 मेडल जीते थे।

बता दें कि 1968 में पहली बार भारत ने पैरालंपिक गेम्स में हिस्सा लिया था। अब तक 53 वर्षों में 11 पैरालंपिक गेम्स में कुल 12 मेडल भारत ने जीता। टोक्यो पैरालंपिक- 2020 में 19 मैडल जीतकर भारत 24वें स्थान पर रहा। इस बार भारत का पैरालंपिक में ऐतिहासिक प्रदर्शन रहा।

जानिए कि भारत ने इस बार दो-दो गोल्ड निशानेबाजी एवं बैडमिंटन में जीता। पदक तालिका में भारत ने इस बार लंबी छलांग लगाई। टोक्यो पैरालंपिक में भारतीय खिलाड़ियों ने 5 गोल्ड, 8 सिल्वर और 6 ब्रोंज मेडल के साथ कुल 19 पदक भारत के नाम करके विश्व के देशों को पीछे छोड़ 24वें पायदान पर खड़े होकर तिरंगे को गौरवान्वित किया। भारत ने पहली बार पोडियम में 5 बार राष्ट्रगान बजवाया।

मौके पर खेलप्रेमी-समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने भारत के लिए खेलने वाले 54 पैरालंपिक खिलाड़ियों के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि जिस तरह से पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार खिलाड़ियों से फोन पर बातें करते हैं, बधाइयां देते हैं और खेल विश्वविद्यालय स्थापित करने में लगे हैं कि 2024 के पैरालंपिक में भारत 50 से अधिक पदक जीतने वाला देश बनकर रहेगा।

 

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एक ओलंपिक में दो-दो पदक जीतकर अवनी लेखरा और सिंहराज अदाना ने रचा इतिहास

टोक्यो पैरालंपिक- 2020 में भारतीय खिलाड़ी जयपुर की अवनी लेखरा निशानेबाजी में 2 पदक जीतकर इतिहास रच दिया। अवनी लेखरा ने पहले 10 मीटर एयर राइफल निशानेबाजी में गोल्ड जीतकर पोडियम में भारतीय राष्ट्रगान बजवा दी और तिरंगे को गौरवान्वित किया। पुनः वही अवनी लेखरा ने 50 मीटर एयर राइफल में कांस्य पदक जीता।। इससे पूर्व किसी भी भारतीय खिलाड़ी ने एक ओलंपिक में 2 पदक नहीं जीते हैं।

जानिए कि 30 अगस्त सोमवार को 1 दिन में 5 पदक (2 गोल्ड, 2 सिल्वर, 1 कांस्य) जीतकर भारत ने इतिहास रच दिया तथा एक दिन बाद मंगलवार को भारत ने 3 और मेडल- एक शूटिंग एवं दो ऊंची कूद में जीतकर मंगल-मंगल कर दिया। अब तक भारत कुल 17 मेडल (4 गोल्ड, 7 सिल्वर, 6 रजत) जीत चुका है। जिसमें 4 गोल्ड जीता है- अवनी लेखरा, सुमित अंतिल, मनीष अग्रवाल और प्रमोद भगत ने।  7 सिल्वर जीता है- भाविना पटेल, निषाद कुमार, देवेंद्र झांझरिया, योगेश कठोनिया, मरियप्पन थंगावेलू , प्रवीण कुमार और सिंहराज अदाना ने। साथ ही  6 कांस्य पदक जीता है- सुंदर सिंह गुर्जर, सिंहराज अदाना, शरद कुमार, अवनी लेखरा, हरविंदर सिंह एवं मनोज सरकार।

मौके पर खेलप्रेमी-समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने मीडिया एवं सरकारी तंत्र से विनम्र अनुरोध किया है कि ओलंपिक और पैरालंपिक के खिलाड़ियों के मान-सम्मान में अंतर नहीं किया जाए। दोनों को समान रूप से सम्मानित किया जाय। दोनों के द्वारा गोल्ड जीतने पर पोडियम में राष्ट्रगान बजता है इसे ख्याल रखा जाय।

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आनंद महिंद्रा के खेल प्रेम को देशवासियों का सलाम

और अब तक महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा का खेल प्रेम किसी खेल प्रेमी से छुपा नहीं रह गया है। आनंद महिंद्रा ने ऐसा काम किया है, जिसके बारे में जानकर आपका दिल खुश हो जाएगा।

बता दें कि बीते दिनों जापान की राजधानी टोक्यो में आयोजित टोक्यो ओलंपिक- 2020 में जैवलिन थ्रो में प्रथम भारतीय एथलीट नीरज चोपड़ा द्वारा गोल्ड जीतने पर उन्हें चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने एक्सयूवी 700 स्पेशल एडिशन एसयूवी गाड़ी देने की घोषणा की।

यह भी जानिए कि आनंद महिंद्रा ने पुनः टोक्यो पैरालिंपिक- 2020 में सुनीत अंतिल द्वारा जैवलिन थ्रो में गोल्ड जीतने के बाद अपने चीफ डिजाइनर प्रताप बोस से कहा कि और भी महिंद्रा एक्सयूवी 700 स्पेशल एडिशन एसयूवी बनाई जाए और देश का नाम ऊंचा करने वाले खिलाड़ी को गिफ्ट की जाए। यह भी माना जा रहा है कि सुमित अंतिल और अवनी लेखरा के लिए जो गाड़ी आएगी वह कस्टमाइज्ड होगी और इसे इस्तेमाल करने वालों को सर्वाधिक आसानी होगी। महिंद्रा ने तो जैवलिन नाम से ट्रेडमार्क भी करा दिया है।

चलते-चलते खेलप्रेमी-समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने महिंद्रा एंड महिंद्रा के चेयरमैन आनंद महिंद्रा की खेल प्रेम से ओतप्रोत देशभक्ति के जज्बे को सलाम करते हुए अन्य ऐसी ऐसी कंपनियों से अनुरोध किया है कि वे कम से कम पैरालिंपिक स्वर्ण विजेता खिलाड़ियों को गिफ्ट देकर खेल भावना को जीवित रखने में सहयोग करें। ऐसा करने से पैरालिंपिक खिलाड़ीगण भी प्रोत्साहित होंगे।

 

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पैरालिंपिक टोक्यो में तीन पदकों के साथ मंगलवार को भारत का मंगल-मंगल

टोक्यो पैरालंपिक- 2020 में लगातार भारत का प्रदर्शन बेहतर होता जा रहा है। मंगलवार का दिन भारत के लिए शानदार, जानदार और सर्वाधिक मंगलमय रहा।

बता दें कि भारत ने निशानेबाजी में कांस्य जीतने के बाद ऊंची कूद में रजत एवं कांस्य पदक जीतकर पदकों की संख्या दहाई तक पहुंचा दी। भारत फिलहाल विश्व पैरालंपिक की पदक तालिका में 30वें स्थान पर है। भारत 2 गोल्ड, 5 सिल्वर और 3 कांस्य जीता है।

जानिए कि भारतीय निशानेबाज सिंहराज अंडाना ने जहां 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में कांस्य पदक जीता वहीं पुरुष ऊंची कूद में मरियप्पन ने रजत एवं बिहार के शरद कुमार ने कांस्य जीता। जापान के टोक्यो पैरालिंपिक- 2020 में मंगलवार को बिहार ने पहली बार ऊंची छलांग लगाकर नीतीश सरकार द्वारा खेल विश्वविद्यालय की स्थापना को सार्थक साबित कर दिया है।

मौके पर समाजसेवी-खेलप्रेमी डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने इन पैरालिंपिक भारतीय खिलाड़ियों के पिता और खासकर माताओं को नमन किया है जिन्होंने अपने दिव्यांग बच्चों को हमेशा प्रोत्साहित किया है… कभी निराश नहीं होने दिया। तभी तो वे आज भारत को गौरवान्वित कर रहे हैं और विदेशों में भारत के तिरंगे और राष्ट्रगान का मान बढ़ा रहे हैं।

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कृष्णाष्टमी के दिन टोक्यो पैरालिंपिक में 5 मेडल विजेता भारतीय खिलाड़ियों का सुनहरा रहा सोमवार

टोक्यो पैरालिंपिक- 2020 में भारत ने भगवान कृष्ण के 5247वें जन्मोत्सव पर सुनहरे सोमवार के दिन दो गोल्ड सहित रिकॉर्ड 5 पदक जीत लिया। इतिहास में भारत ने किसी भी टूर्नामेंट में उतने पदक नहीं जीते थे जितना एक दिन में जीतकर इतिहास रच दिया। अब तक 53 साल में भारत के 19 मेडल हुए हैं जिसमें- 6 गोल्ड हैं जबकि अभी भी 5 सितम्बर तक खेल बचे हुए हैं। मेडल बढ़ने की उम्मीद है।

बता दें कि पैरालिंपिक- 1960 में शुरू हुआ और भारत तीसरे पैरालंपिक यानि 1968 में शामिल हुआ। पहला सिल्वर मेडल दीपा मलिक ने जीता और भाविना ने दूसरा सिल्वर और अवनी लेखरा ने इस बार गोल्ड जीतकर टोक्यो के पोडियम में भारतीय राष्ट्रगान बजाने में सफलता पाई।

जानिए कि 2012 में महाशिवरात्रि पर हादसे में अवनी का आधा शरीर लकवा ग्रस्त हुआ। 2017 में महाशिवरात्रि पर ही वर्ल्ड कप में पहला मेडल जीता और 2020 में 19 साल की अवनी ने कृष्णाष्टमी के दिन देश को पहला गोल्ड दिला कर सभी भारतीयों के चेहरे पर स्वर्णिम मुस्कान ला दिया। कृष्णाष्टमी के दिन वाले चार और विजेताओं के नाम हैं- जैवलीन थ्रो में गोल्ड पदक विजेता सुमित अंतिल, सिल्वर विजेता देवेंद्र झांझरिया एवं ब्राँज विजेता सुंदर सिंह गुर्जर। डिस्कस थ्रो में सिल्वर विजेता योगेश कठुनिया हरियाणा के रहने वाले हैं।

चलते-चलते यह भी कि खेलप्रेमी-समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा कि जैवलीन थ्रो में स्वर्ण विजेता नीरज चोपड़ा के साथ जैवलीन थ्रो का अभ्यास करते-करते सुमित अंतिल भी पैरालिंपिक में गोल्ड जीतकर खेल प्रेमियों के दिलों में जगह बना ली है। उन्हें भी समस्त भारतीय खेल प्रेमियों की ओर से नमन और बंदन के साथ हरियाणा सरकार से गुजारिश है कि नीरज चोपड़ा की तरह सुमित अंतिल को भी वैसा ही सम्मान देकर समानता को कायम रखते हुए संविधान का सम्मान किया जाए।

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भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव “कृष्ण जन्माष्टमी” पर रहती है चतुर्दिक विशेष धूम

भगवान विष्णु के अवतारों में सबसे पहले नंबर पर आता है- कृष्ण जन्माष्टमी। द्वापर युग में अत्याचारी कंस से लोगों को मुक्ति दिलाने के लिए भगवान विष्णु ने कृष्णावतार लिया। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार देवकी और वासुदेव की आठवीं संतान के रूप में भगवान कृष्ण का जन्म भाद्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को हुआ था। जिसे भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में उनकी जन्मस्थली मथुरा में विशेष धूमधाम से मनाई जाती है। देश के सभी कृष्ण मंदिरों में भी यह जन्मोत्सव सर्वाधिक श्रद्धा के साथ मनाई जा रही है।

बता दें कि इस वर्ष कृष्ण जन्माष्टमी 30 अगस्त सोमवार को मध्य रात्रि में पूरे ब्रज क्षेत्र में धूमधाम से मनाई जाएगी। इस अवसर पर श्रद्धालुओं व भक्तों द्वारा घरों से लेकर मंदिरों तक में झांकियां सजाई जाएंगी। घर में बाल गोपाल का जन्मोत्सव भी मनाते रहेंगे लोग।

मौके पर समाजसेवी-शिक्षाविद् डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा कि जिस तरह से सावन मास में भगवान शिव की भक्ति की धूम रहती है उसी तरह से भादो मास में श्री कृष्ण की आराधना की धूम मची होती है। डॉ.मधेपुरी ने कहा कि इस वर्ष भगवान श्री कृष्ण का 5247वां जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। भारत में मनाए जाने वाले सभी पर्व-त्योहार हमारी सांस्कृतिक विरासत व विविधता में एकता का प्रतीक माना जाता है।

 

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भाविना पैरालिंपिक टेटे फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी

भाविना शनिवार को वर्ल्ड नंबर- 3 चीन की मियाओ झेंग को सेमीफाइनल में हराकर फाइनल में पहुंच गई। परंतु, भारतीय राष्ट्रगान बजा नहीं पाई टोक्यो पैरालिंपिक- 2020 में यानि गुजरात की बेटी भाविना बेन पटेल आज वर्ल्ड नंबर- 1 चीन की यिंंग झोऊ से बाजी हार गई और उसे अब सभी भारतीय ‘सिल्वर गर्ल’ कह कर पुकारते रहेंगे 2024 तक।

बता दें कि गुजरात के मेहसाणा जिले में एक छोटी परचून की दुकान चलाने वाले हँसमुख भाई पटेल की बेटी भाविना ने अपने प्रदर्शन से इतिहास रच दिया। वह 12 वर्ष की उम्र में पोलियो की शिकार हो गई थी। उसने दृष्टि दोष वाले बच्चों को टेटे खेलते देखकर इसी खेल को अपनाने का फैसला किया था। आज भाविना के घर पर होली-दिवाली जैसा माहौल है।

महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, खेल मंत्री, दीपिका मलिक, राहुल गांधी आदि बड़ी-बड़ी हस्तियों ने भाविना की सराहना की। पीएम मोदी तो भाविना से फोन पर बातें की और कहा कि युवाओं में अब खेल के प्रति आकर्षण बढ़ने लगा है। गुजरात सरकार ने भाविना को 3 करोड़ रुपये देकर सम्मानित किया है।

चलते-चलते यह भी कि खेलप्रेमी-समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने आज हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के जन्मदिन पर उन्हें याद करते हुए भाविना के साथ-साथ आज ही हाई जंप में भारत के लिए सिल्वर मेडल जीतने वाले निषाद कुमार के जज्बे को भी सलाम किया है।

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दुनिया का हाल कोरोना कर रहा बेहाल

जापान की राजधानी टोक्यो में पैरालंपिक खेल का आयोजन 24 अगस्त से 5 सितंबर तक होने जा रहा है और जापान सरकार ने कोविड-19 से निपटने के लिए 12 सितंबर तक आपातकाल लागू कर दिया है। ऐसा इसलिए कि विश्व के सभी देशों के पैरालंपिक खिलाड़ियों को लेकर जापान सरकार को चिंता बनी हुई है।

बता दें कि जापान के अस्पतालों द्वारा कोविड-19 के मरीजों को लौटाए जाने की शिकायतें आने लगी हैं। एहतियात के तौर पर यह आपातकाल 12 सितंबर तक कड़ाई के साथ लागू रहेगा। विशेष रूप से रेस्तरां और बार को भी रात्रि 8:00 बजे तक काम बंद करने की हिदायत दे दी गई है।

जानिए कि विश्व भर में अब तक कोरोना वायरस से कुल 44.03 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। कुल 21 करोड़ से ज्यादा लोग कोरोना वायरस से प्रभावित हुए हैं। अमेरिका की हाॅपकिंस यूनिवर्सिटी की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार-

“दुनिया के लगभग 200 देशों एवं क्षेत्रों में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 21 करोड़ से ज्यादा हो गई है। जबकि 44लाख 3 हजार 579  लोग अब तक कोरोना से जान गवां चुके हैं।”

चलते-चलते यह भी जानिए कि अमेरिका में कोरोना वायरस की रफ्तार फिर से तेज हो गई है और संक्रमितों की संख्या 3.72 करोड़ से अधिक हो गई है। और तो और ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े शहर सिडनी में लॉकडाउन 30 सितंबर तक बढ़ा दिया गया है। मास्क लगाना अनिवार्य करने के साथ-साथ कई जगहों पर कर्फ्यू भी लगा दिया गया है।

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टोक्यो पैरालंपिक भारतीय टीम में बिहार के शरद और प्रमोद भी शामिल

भारत के पीएम मोदी ने 75वें स्वतंत्रता दिवस पर टोक्यो ओलंपिक- 2020 से लौटे सभी खिलाड़ियों को विशेष मेहमान बनाकर हौसला बढ़ाया और दो दिन बाद टोक्यो पैरालंपिक खिलाड़ियों को 24 अगस्त से 5 सितंबर तक जापान की राजधानी टोक्यो में ही बेहतरीन प्रदर्शन करने एवं पदक जीतने हेतु प्रोत्साहित किया।

Sharad Kumar.
Sharad Kumar.

इस पैरालंपिक के लिए 54 सदस्य भारतीय खिलाड़ियों के दल में बिहार के भी दो खिलाड़ी शामिल हैं। इन दोनों के प्रति मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी आशा व्यक्त की है कि पदक जीतकर ये दोनों अवश्य बिहार को गौरवान्वित करेंगे।

Pramod Bhagat.
Pramod Bhagat.

बता दें कि इस भारतीय टीम में मुजफ्फरपुर के शरद कुमार पैराएथलेटिक्स टीम- 42 कैटेगरी के हाई जंप में और वैशाली के प्रमोद भगत एसएल-3 कैटेगरी के पैरा बैडमिंटन में दमखम दिखाएंगे। आशा है कि नीरज चोपड़ा की तरह ये भी भारत के लिए स्वर्ण पदक प्राप्त करने में कामयाब होंगे। बिहार के खेल निदेशक संदीप कुमार ने बताया है कि बिहार के इन दोनों खिलाड़ियों की विश्व रैंकिंग में नंबर वन है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि कोरोना वायरस के तहत टोक्यो के लिए प्रस्थान करने से पहले शरद कुमार को भोपाल में और प्रमोद भगत को लखनऊ में क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया था। अंत में यह भी कि समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी को ही नहीं बल्कि संपूर्ण बिहार को भी शरद और प्रमोद से पदक की उम्मीद है।

 

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