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कनाडा की कैबिनेट में भारतीय मूल के चार मंत्री

कनाडा की कैबिनेट में पहली बार एक हिंदू महिला को स्थान दिया गया है। 47 वर्षीय प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने 37 मंत्रियों वाली अपनी जिस कैबिनेट की घोषणा की है, उसमें अनिता इंदिरा आनंद को भी जगह मिली है। उन्हें सार्वजनिक सेवा और खरीद विभाग दिया गया है। यही नहीं, उनके अलावा ट्रूडो की कैबिनेट में भारतीय मूल के तीन अन्य लोगों – नवदीप बैंस (42), बरदीश छग्गर (39) और हरजीत सज्जन (49) – को भी जगह मिली है। ये सभी सिख हैं और पिछली सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं।

गौरतलब है कि अनिता इंदिरा आनंद टोरंटो विश्वविद्यालय में कानून की पूर्व प्रोफेसर रह चुकी हैं और ओंटारियो में ओकविले का प्रतिनिधित्व करती हैं। वो अक्टूबर में हुए संघीय चुनाव में 338 सीटों वाले हाउस ऑफ कॉमन्स के लिए पहली बार चुनी गईं। कनाडा के दो नवनिर्वाचित मंत्रियों में वो एक हैं। शेष तीन मंत्रियों में से हरजीत सज्जन वैंकूवर के पूर्व पुलिस जासूस और फोर्सेस में लेफ्टिनेंट-कर्नल थे। वो ट्रूडो की कैबिनेट में राष्ट्रीय रक्षा मंत्री हैं। उधर नवदीप बैंस को नवाचार, विज्ञान और उद्योग मंत्री नामित किया गया है, जबकि बरदीश छग्गर, जिन्होंने पिछली संसद में सरकार के सदन के नेता के रूप में कार्य किया था, अब विविधता और समावेश विभाग संभालेंगे। युवा मामलों को भी वही देखेंगे। भारतीय मूल के लोगों को इतने महत्वपूर्ण दायित्वों से नवाजना भारतीयों के लिए गौरव की बात है।

कनाडा के युवा प्रधानमंत्री ट्रूडो ने सचमुच युवा टीम चुनी है। अपनी टीम को लेकर वो खासा आश्वस्त दिखते हैं। उन्होंने ट्वीट भी किया है, ‘‘नई मजबूत और कुशल टीम। आगे बहुत काम है, और हम कनाडा को आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं।’’ उनकी इस टीम की एक और बड़ी खासियत यह है कि इसमें महिलाओं को पुरुषों के बराबर भागीदारी मिली है। इस टीम में 15 पुरुष और इतने ही महिला मंत्री हैं। ट्रूडो और उनकी टीम को हमारी शुभकामनाएं।

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पर्यावरण की रक्षा के लिए दुनिया एकजुट होने लगी है

लंदन में बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए माताओं ने पर्यावरण की सुरक्षा के उद्देश्य से प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है। फलस्वरूप दुनिया के लगभग 100 देशों ने कार फ्री डे उत्सव के रूप में मनाया। लगभग 200 सड़कों पर ट्रैफिक बंद रहा। जर्मनी और फ्रांस में लोग साइकिल पर दिखे तथा पुर्तगाल में सड़कों पर मैराथन रेस का आयोजन किया गया। कहीं-कहीं सड़कों पर योग की कक्षाएं भी आयोजित की गई।

बता दें कि वर्ष 1973 में कार फ्री डे की पहल तब हुई थी जब तेल पर संकट छाया था। परंतु वर्ष 2000 में यह वैश्विक आयोजन का रूप लेने लगा। वर्ल्ड कार फ्री नेटवर्क द्वारा इसकी शुरुआत की गई। आयोजकों का दावा है कि लगभग 1500 शहर इस साल से जुड़ चुके हैं। यूं तो रविवार यानी (22 सितंबर कार फ्री डे) को दुनिया के 100 से ज्यादा देशों के 1500 से ज्यादा शहरों में गाड़ियां चलना बंद रही…. लोग सड़कों पर लंच लेते व आराम करते नजर आए। कहीं-कहीं तो लोग सड़कों पर योग करते भी देखे गए।

यह भी बता देना उचित होगा कि लंदन में यह सबसे बड़ा कार फ्री डे माना गया क्योंकि वहां 200 से ज्यादा रास्तों पर ट्रैफिक पूरी तरह बंद रहा। सेंट्रल लंदन में भी वाहन बंद रहे। वहां के मेयर सादिक खान दिनभर साइकिल से पूरे शहर में घूमते नजर आए। टावरब्रिज पर “योग सेशन” रखा गया था। शॉपिंग सेंटर पर लोगों द्वारा पैदल चलकर खरीदारी करते देखा गया।

चलते-चलते यह भी बता दें कि फ्रांस की राजधानी पेरिस में चौथी बार कार फ्री डे का आयोजन हुआ। हाँ, कहीं-कहीं बुजुर्गों के लिए मोबिलिटी स्कूटर की छूट दी गई। बर्लीन में बुजुर्ग महिलाएं साइकिल को फूल और बैलून से सजाकर निकली। और तो और….. इसके अलावे भारत, चीन, जापान, इराक आदि में भी बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल हुए।

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इंडोनेशिया में लगी आग से पड़ोसी देश मलेशिया के 1500 स्कूलों में छुट्टी घोषित

एक महीना पहले से इंडोनेशिया के  2 बड़े प्रांतों में आग की धुंध की वजह से स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है | इंडोनेशिया के सुमात्रा और बोर्नियो में लगभग एक महीना पहले आग लगी थी | इंडोनेशिया के बोर्नियो नेशनल पार्क तो आग से तबाह हो चुकी है | यह आग दिनों-दिन फैलती ही जा रही है | अब तक लगभग 3000 जगहों पर आग लग चुकी है | चारों तरफ धुआं का ज्यादा असर दिखाई देता है |

बता दें कि इस भयावह आग को बुझाने के लिए सेना को लगाया गया है | आग बुझाने के लिए 16,000 सैनिकों एवं 52 हेलीकॉप्टरों को लगाया गया है | आग इतना विकराल रूप धारण कर लिया है कि 6 राज्यों में तीन लाख 28 हज़ार हेक्टेयर में फैले जंगल राख हो चुके हैं जबकि हेलीकॉप्टरों से सैनिकों द्वारा लगातार कृत्रिम बारिश की जा रही है | इन हेलीकॉप्टरों द्वारा अब तक 3 करोड़ लीटर पानी और 275 टन नमक छिड़का जा चुका है |

यह भी जानिए कि पड़ोसी देश मलेशिया में दो रोज कमल जब बच्चों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी तथा गहरे धुंध की वजह से वाहनों का आवागमन अवरुद्ध होने लगा तब पूरे मलेशिया के डेढ़ हजार से ज्यादा स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई |

चलते-चलते यह भी बता दें कि इंडोनेशिया में लगी इस भीषण आग के चलते पड़ोसी देश सिंगापुर में भी धुंध छाने लगी है | मलेशिया और सिंगापुर से उड़ान भरने वाले 90 फ्लाइटों को रद्द कर दिया गया है | लोगों के बीच लगभग 200 एनजीओ द्वारा मुफ्त में फेस मास्क बांटे जा रहे हैं | अमेजन की आग की तरह यह आग भी लोगों को तबाह कर रही है |

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चन्दा मामा को छूने चला भारतीय चन्द्रयान- 2 का लैंडर “विक्रम”

आज 3 सितंबर  है और  दिन मंगलवार। आज से पहले यही हुआ कि चन्द्रयान-2 ने चाँद पर सॉफ्ट लैंडिंग की दिशा में एक और मील का पत्थर पार करने का रिकॉर्ड बना लिया है। सितंबर 2 को दोपहर दिन में आधे घंटे के दरमियान ‘विक्रम’ आर्बिटर से सही सलामत अलग हो गया और फिलहाल दोनों पांचवी कक्षा में घूम रहे हैं- चंद्रमा से जिसकी न्यूनतम दूरी 119 किलोमीटर तथा अधिकतम 127 किलोमीटर है।

बता दें कि आज यानी 3 सितंबर के बाद अगले दो दिन विक्रम अपनी कक्षा को छोटी करता जाएगा… 4 सितंबर को इसकी कक्षा में अंतिम बार बदलाव होगा…  5-6 सितंबर को लैंडर में लगे उपकरणों को मिशन डायरेक्टर बिहार के वैज्ञानिक अमिताभ की टीम द्वारा (इसरो के अध्यक्ष के.शिवन के निर्देशन में) जांच की जाएगी।

भारत ही नहीं सारा संसार 7 सितंबर को सिर ऊपर करके बिहार के वैज्ञानिक अमिताभ के कारनामे को देखता रह जाएगा जब लैंडर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर कदम रखेगा…. जबकि ऑर्बिटर अगले 1 वर्ष तक चंद्रमा की कक्षा में ही चक्कर लगाता रहेगा….. और चाँद की मैपिंग के साथ-साथ उसके बाहरी वातावरण का भी अध्ययन करता रहेगा।

चलते-चलते यह भी बता दें कि भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ने सॉफ्ट लैंडिंग सरीखे जटिल कार्य को रूस द्वारा नकारे जाने के बाद खुद करने की ठान ली जो 6-7 सितंबर की दरमियानी भारत के लिए बेहद अहम रात होगी… लगभग 1:40 पर लैंडर विक्रम चंद्रमा पर उतरेगा तथा 5:00 बजे तड़के रोवर चाँद की सतह पर मॉर्निंग वॉक करना शुरू कर देगा और इसी के साथ चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला विश्व का पहला देश बन जाएगा भारत !!!

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पीवी सिंधु की ऐतिहासिक उपलब्धि

ओलंपिक रजत पदक विजेता पीवी सिंधु ने इतिहास रच दिया। रविवार को स्विट्जरलैंड में बीडब्ल्यूएफ बैडमिंटन वर्ल्ड चैम्पियनशिप-2019 के फाइनल में उन्होंने जापान की खिलाड़ी नोजोमी ओकुहारा को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। इसके साथ ही सिंधु वर्ल्ड चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। गौरतलब है कि इससे पहले बैडमिंटन वर्ल्ड चैम्पियनशिप में भारत के लिए महिला और पुरुष दोनों वर्गों में से किसी ने गोल्ड मेडल नहीं जीता था।
पीवी सिंधु ने नोजोमी ओकुहारा को सीधे गेमों में 21-7, 21-7 से पराजित किया। 38 मिनट तक चले इस मुकाबले को जीतने के साथ ही सिंधु ने 2017 के फाइनल में ओकुहारा से मिली हार का हिसाब बराबर कर लिया। ओकुहारा के खिलाफ सिंधु का कैरियर रिकार्ड अब 9-7 का हो गया है।
बता दें कि भारत ने इस टूर्नामेंट में अब तक तीन रजत और छह कांस्य पदक जीते थे। सिंधु इससे पहले इस टूर्नामेंट में 2017 और 2018 में लगातार दो बार फाइनल में हारी थीं। लेकिन इस बार उन्होंने इस सिलसिले को तोड़ दिया। इस टूर्नामेंट में 2013 से खेल रही सिंधु के नाम अब पांच पदक हो गए हैं। इनमें एक स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य शामिल हैं। विश्व की किसी भी महिला खिलाज़ी ने अब तक इतने पदक नहीं जीते। यह भी जानें कि फाइनल जीतने के साथ ही इस टूर्नामेंट में सिंधु द्वारा अब तक जीते मैचों की संख्या 21 हो गई है। उन्हें ‘मधेपुरा अबतक’ की ओर से कोटिश: बधाई।

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समस्त भारत को नई ऊर्जा से भर दिया है चन्द्रयान- 2

इसरो द्वारा 22 जुलाई (सोमवार 2:43 बजे दोपहर) को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से चन्द्रयान-2 की सफल लाँचिंग के गवाह बने महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तथा दोनों सदनों के सदस्यगण सहित समस्त भारतवासी। आज 130 करोड़ भारतीय नर-नारियों की उम्मीदों को चाँद के ऐतिहासिक सफर पर निकले चन्द्रयान-2 ने पंख लगा दिया है।

इस चंद्रयान-2 मिशन में 5 हज़ार महिला वैज्ञानिकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसरो के इतिहास में पहली बार चंद्रयान-2 मिशन में परियोजना निदेशक एवं मिशन डायरेक्टर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दो महिलाओं बी.मुथैया एवं रितु करिधाल को सौंपी गई है। सही मायने में भारत को नारी शक्ति ने ही बना दिया है अंतरिक्ष विज्ञान की हस्ती। जहाँ नासा में अबतक 15% महिलाओं ने ही ग्रहीय अभियानों में योगदान दिया है वहीं इसरो के अभियानों में लगभग 30% महिलाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

बता दें कि भारतरत्न डॉ.कलाम के करीबी रह चुके भौतिकी के प्रोफेसर डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी के अनुसार कभी इसरो-प्रमुख रह चुके गाँधीयन मिसाइल मैन डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम ने 2008 में चंद्रयान-1 की लांचिंग से चन्द घंटे पहले यही कहा था-

“चन्द्रयान के जरिये चंद्रमा पर की गई खोज समस्त भारत के युवा, वैज्ञानिकों एवं बच्चों को नई ऊर्जा से भर देगी….. बाहरी दुनिया की खोज में यह चन्द्रयान-1 शुरुआत भर है”

आज इसी इसरो के वर्तमान प्रमुख एवं अंतरिक्ष विभाग के सचिव के.सिवन की टीम द्वारा 2020 की पहली छमाही के अंतर्गत चाँद के बाद सूरज मिशन की तैयारी आदित्य एल-1 के जरिये शुरू की जाएगी। जानिए की आदित्य एल-1 द्वारा सूरज के कोरोना यानि बाहरी परत का अध्ययन किया जाएगा जो कई हजार किलोमीटर के क्षेत्र में फैली हुई है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि इसरो प्रमुख के.सिवन ने पिछले महीने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मधेपुरा अबतक से यही कहा था-

“सूरज का कोरोना पृथ्वी से 15 लाख किलोमीटर दूर है…. जिसके बाहरी परत का अध्ययन करना इसलिए जरूरी है कि जलवायु परिवर्तन पर इसका बहुत बड़ा प्रभाव पड़ता है। आदित्य एल-1 के जरिए कोरोना के अलावे सूर्य के बाह्यमंडल एवं वर्णमंडल के भिन्न-भिन्न प्रकार के विश्लेषणों का भी पता लगाया जा सकता है।”

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संसार का पहला तैरता डेयरी फार्म

दुनिया का पहला तैरता दो मंजिला डेयरी फार्म नीदरलैंड के रोटरडम में आरंभ हो गया है। जहाँ गाय के थन से दूध निकालने के लिए रोबोट्स रखे गए हैं।

बता दें कि बंदरगाह पर बने इस डेयरी फार्म में 40 गायों को रखी व पाली जा सकती है, परंतु फिलहाल 35 गायें रखी गई है….. जिनसे लगभग 800 लीटर दूध का उत्पादन किया जा रहा है।

यह भी जानिए कि यह डेयरी फार्म शहर में दूध की आपूर्ति को पूरा करने के लिए बनाया गया है जिसे डच प्रॉपर्टी कंपनी बेलाडोन ने तैयार किया है। बंदरगाह पर डेयरी फार्म होने के कारण दूध के भिन्न-भिन्न प्रोडक्ट्स उपभोक्ताओं तक आसानी से पहुंचाये जा सकते हैं।

यह भी बता दें कि इस डेयरी फार्म के जनरल मैनेजर अल्बर्ट बेरसन ने बताया कि गायों को 80% भोजन रॉटरडम की फूड फैक्ट्रियों से निकलने वाले वेस्ट प्रोडक्ट है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि जहाँ डेयरी फार्म से निकलने वाले गोबर का इस्तेमाल खाद और गैस बनाने में किया जाता है वहीं सोलर पैनल के जरिए फार्म अपनी बिजली खुद बना रहा है।

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मसूद अजहर: अब आगे क्या ?

पुलवामा हमले के 75 दिन बाद भारत को बड़ी कूटनीतिक कामयाबी मिली। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने जैश-ए-मुहम्मद के सरगना आतंकी मसूद अजहर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे अंतर्राष्ट्रीय आतंकी घोषित कर दिया। पिछले एक दशक से अजहर के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र की तरफ से प्रतिबंध घोषित करवाने मे जुटे भारत की कूटनीतिक कोशिशों को बुधवार को सफलता तब मिली जब चीन ने अपना वीटो हटाकर इसका समर्थन कर दिया। इस फैसले से पाकिस्तान पूरी दुनिया से अलग-थलग हो गया। निश्चित रूप से यह भारतीय कूटनीति और आतंकवाद के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की बड़ी जीत और दक्षिण एशिया में शांति के लिए महत्वपूर्ण कदम है।

बहरहाल, संयुक्त राष्ट्र के इस फैसले के बाद अब आतंकी मसूद अजहर पर चौतरफा शिकंजा कसना शुरू हो जाएगा। अंतर्राष्ट्रीय आतंकी घोषित होने के बाद आतंकी मसूद अजहर की संपत्ति जिस किसी देश में होगी उसे संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देश तत्काल प्रभाव से जब्त करने के लिए बाध्य होंगे। अब पाकिस्तान को भी मसूद अजहर के वित्तीय संसाधनों को सीज करना होगा। यही नहीं, अब मसूद अजहर की व्यक्तिगत और उसके द्वारा संचालित संस्था की हर संपत्ति को सीज किया जाएगा। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उसे किसी तरह की वित्तीय मदद न मिल सके।

बता दें कि अंतर्राष्ट्रीय आतंकी घोषित होने वाले व्यक्ति और उससे जुड़े हर तरह के संगठन की कड़ी निगरानी की जाती है और उनके बारे में संयुक्त राष्ट्र के तमाम देशों के साथ सूचनाएं भी साझा करनी पड़ती हैं। संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध के बाद मसूद अजहर के लिए किसी देश की यात्रा भी मुमकिन नहीं क्योंकि कोई देश किसी अंतर्राष्ट्रीय आतंकी को अपनी सीमा में दाखिल होने की अनुमति नहीं देता। यह भी जानें कि अब आतंकी मसूद अजहर हथियार भी नहीं खरीद पाएगा। अंतर्राष्ट्रीय आतंकी घोषित होने वाले शख्स को कोई भी देश हथियार मुहैया नहीं कराता।

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वेतन मात्र 70₹ और सुरक्षा पर खर्च 156 करोड़

कौन नहीं जानता है कि सोशल साइट फेसबुक सुप्रीमो मार्क जुकरबर्ग द्वारा वेतन के रूप में मात्र एक डालर (यानी लगभग 70 रूपये) ही लिए जाते हैं…. परन्तु 2018 में जुकरबर्ग की सुरक्षा पर कंपनी द्वारा 226 लाख डॉलर (यानी लगभग 156 करोड रुपए) खर्च किए गये।

लोगों के समक्ष इस तथ्य का खुलासा तब हुआ जब अमेरिकी सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज कमीशन को इस प्रकार की जानकारी दी गई। जानकारी के रूप में कंपनी ने एक्सचेंज कमीशन को बताया कि उसने 31 दिसंबर 2018 तक जुकरबर्ग की सुरक्षा पर 226 लाख डॉलर खर्च किए हैं जिसमें मात्र दो करोड़ (यानी 200 लाख) डॉलर की राशि जुकरबर्ग और उनके परिवार को घर एवं दफ्तर में सुरक्षा मुहैया कराने के लिए खर्च की गई है तथा 26 लाख डॉलर की राशि निजी विमान से यात्रा कराने पर कंपनी द्वारा खर्च किए गये।

चलते-चलते यह बता दें कि अमेरिका में जुकरबर्ग के घर के सामने दिन हो या रात हमेशा हंसी हथियार-बंद सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। घर और ऑफिस में बुलेट प्रूफ शीशे लगाए गये हैं। उनके ऑफिस के नीचे किसी गाड़ी को पार्क करने की इजाजत नहीं दी गई है।  उनके घर और ऑफिस में आने वाले प्रत्येक अनजान व्यक्ति की पूरी जाँच की जाती है।

यह भी जान लें कि जुकरबर्ग के घर एवं ऑफिस के डेस्क के पास एक पैनिक बटन है जिसे दबाते ही सुरक्षाकर्मी द्रुत गति से कार्यारम्भ कर देते हैं तथा सारे के सारे सुरक्षा उपकरण विद्युत गति से सक्रिय हो जाते हैं।

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भारतीय वीरता के अद्वितीय प्रतीक का अभिनंदन

पाकिस्तान के एफ-16 लड़ाकू विमान को मार गिराने वाले भारतीय वीरता के अद्वितीय प्रतीक अभिनंदन 55 घंटे से ज्यादा समय तक पड़ोसी मुल्क की हिरासत में रहने के बाद शुक्रवार रात करीब 9.20 बजे वतन पहुँचे। हालांकि आखिर तक पाकिस्तान ने उन्हें सौंपने में कागजी कार्रवाई का हवाला देते हुए घंटों की देरी की। इस बीच सम्पूर्ण देश अभिनंदन के अभिनंदन को आकुल-व्याकुल रहा। गौरतलब है कि पहले दोपहर 2 बजे का समय तय किया गया था लेकिन पाकिस्तान ने समय दो बार बदला और प्रक्रिया को अनावश्यक खींचने की कोशिश की। हालांकि इस दौरान रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण समेत सरकार व सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने समूचे घटनाक्रम पर बराबर नजर बनाए रखी।

उधर घंटों की देरी के बाद भी सुबह से रात तक बॉर्डर पर जमे भारतीयों का जोश और उत्साह देखने लायक था। यहां मौजूद लोग ढोल-नगाड़े बजाते हुए ‘अभिनंदन है, अभिनंदन है’ के नारे लगाते रहे। देश के इस बहादुर बेटे को देखने और उसका स्वागत करने के लिए बॉर्डर पर भारी संख्या में लोग पहुंचे थे। बहरहाल, देर शाम बॉर्डर पर अभिनंदन के पहुंचने के बाद कागजी कार्रवाई पूरी की गई। प्रोटोकॉल के तहत उनका मेडिकल चेकअप किया जाएगा। अभिनंदन को अटारी बॉर्डर से सीधे अमृतसर एयरपोर्ट की तरफ ले जाया जाएगा, जहां से वह वायुसेना के विशेष विमान से दिल्ली पहुंचेंगे।

बता दें कि एक दिन पहले भारत के संभावित एक्शन से घबराए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए अभिनंदन को छोड़ने की घोषणा की थी। दुश्मन के कब्जे में होने के बाद भी अभिनंदन ने पूरे साहस और दृढ़ता के साथ पाक अफसरों की आंखों में आंखें डालकर सवालों का उतना ही जवाब दिया, जितना जेनेवा कन्वेंशन के तहत ऐसे समय में दिया जाना चाहिए। सोशल मीडिया पर सामने आए विडियो में साफ देखा गया कि पूछताछ के दौरान वह बड़ी बहादुरी से पाक अफसरों का जवाब देते रहे पर सिर को झुकने नहीं दिया और कोई महत्वपूर्ण जानकारी नहीं दी।

याद दिला दें कि दो दिन पहले पाकिस्तानी विमानों ने भारत के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की थी। जवाबी कार्रवाई के दौरान अभिनंदन के मिग-21 बाइसन ने पाकिस्तानी एफ-16 विमान को मार गिराया। हमले में उनका मिग-21 विमान भी चपेट में आ गया और अभिनंदन पैराशूट की मदद से नीचे उतरे लेकिन जहां वह उतरे वह धरती पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) थी, जिसके बाद पाकिस्तान ने अभिनंदन को हिरासत में ले लिया था।

 

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