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भारत में पीएम रहे मनमोहन के कोरोना संक्रमित हुए, सुनते ही ब्रिटिश प्रधानमंत्री का भारत दौरा रद्द

आरबीआई के गवर्नर तथा अर्थशास्त्र के ज्ञाता भारत में लंबे अर्से तक प्रधानमंत्री रह चुके मनमोहन सिंह कोरोना की दूसरी लहर के दौरान संक्रमित हो गए हैं। पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को सोमवार को एम्स में भर्ती कराया गया।

बता दें कि 88 वर्षीय श्री सिंह को बेहतर इलाज हेतु एम्स के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। ट्राॅमा सेंटर को “कोविड उपचार केंद्र” के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। आरंभ में उन्हें हल्का बुखार था, बाद में जांच के क्रम में कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि की गई। यह भी कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी कोरोना वायरस से संक्रमित होने की जानकारी दुनिया को दी।

जानिए कि ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन द्वारा अगले सप्ताह भारत की यात्रा पर आने की सहमति दी जा चुकी थी। परंतु, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि ऐसे दिग्गज नेताओं के कोरोना संक्रमित होने के मद्देनजर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन फिलहाल भारत यात्रा पर नहीं आएंगे।

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रमजान है इस्लामिक कैलेंडर का नौवां महीना

चांद का हुआ दीदार, पहला रोजा आज। 14 अप्रैल से शुरू हुआ रोजा। इस पर्व में इबादत से राजी होकर खुदा बेपनाह रहमते बरसाता है। यह पर्व मुस्लिम समुदाय के लिए अहम माना जाता है। इसे उपवास और इबादत करने का एक पवित्र महीना माना जाता है।

बता दें कि रमजान को माह-ए-रमजान भी कहा जाता है। इस पूरे महीने अल्लाह की सच्चे मन से इबादत की जाती है। इस महीने में रोजे रखने के अलावा रात में तरावीह की नमाज पढ़ी जाती है। सुबह सेहरी करके रोजा शुरू किया जाता है तथा शाम को इफ्तार के साथ रोजा खोला जाता है। जानिए कि सेहरी और इफ्तार का समय निश्चित होता है।

चलते-चलते यह भी जानिए कि रमजान के महीने को तीन भागों में बांटा गया है। प्रथम 10 रोजों में रहमतों का दौर होता है और दूसरे 10 रोजों में माफी का एवं अंतिम 10 रोजे जहन्नुम की आग से बचाने के लिए होता है। परंतु, इस बार कोरोना की नई लहर के कारण सामूहिक नमाज- इफ्तार से सभी परहेज कर रहे हैं…. क्योंकि कुरान-ए-पाक में वतन से मोहब्बत करने का हुक्म है।

 

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रूसी कोरोना वैक्सीन स्पूतनिक-बी के इस्तेमाल हेतु भारतीय विशेषज्ञों ने दी मंजूरी

भारत में कुछ दिनों से भारतीय सिरम इंस्टीट्यूट की “कोविशिल्ड” एवं भारत बायोटेक की “कोवैक्सीन” का इस्तेमाल कोरोना टीकाकरण के रूप में किया जा रहा है।

हाल-फिलहाल रूसी कोरोना वैक्सीन स्पूतनिक-बी के आपातकालीन इस्तेमाल को भारतीय ड्रग कंट्रोलर जनरल की विषय विशेषज्ञ समिति ने मंजूरी दे दी है। जब फार्मास्यूटिकल कंपनी डॉ.रेड्डीज लैबोरेट्रीज ने सात दिन कबल रूसी कोरोना स्पूतनिक-बी के भारत में इस्तेमाल की लिखित मंजूरी हेतु आवेदन दिया तो विषय विशेषज्ञ समिति ने स्वीकार कर लिया।

अतः भारत में कोरोना की बढ़ रही दूसरी लहर से मुकाबला करने के लिए भारत में अब तीन प्रकार के वैक्सीन उपलब्ध हैं। समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र  मधेपुरी ने भारत वासियों से अनुरोध किया है कि वैक्सीन अवश्य लें, परंतु मास्क भी पहने और दूरी बना कर रहें तथा साबुन से हाथ धोते रहें।

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वर्ल्ड किडनी डे- 2021 पर किडनी मरीजों के लिए आवश्यक निर्देश

संसार में 70 करोड़ लोग किडनी रोग से पीड़ित हैं। इस बार वर्ल्ड किडनी डे का थीम है-” लिविंग वेल विद किडनी डिजीज”

जानिए कि किडनी (गुर्दा) की बीमारी उन लोगों में कम प्रगति करती है जो नियमित रूप से व्यायाम करते हैं, काम करते हैं। वैसे लोगों को दिल से जुड़ी समस्याएं भी कम होती है तथा जीवन में सुधार भी होता है। सक्रिय बने रहना लाभ को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण होता है।

किडनी मानव शरीर का बहुत ही महत्वपूर्ण अंग है। किडनी केयर को नजरअंदाज करने से रोग बढ़ते हैं। किडनी रोग के बढ़ते मामलों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए 2006 से प्रत्येक वर्ष डब्ल्यूएचओ द्वारा 11 मार्च यानि मार्च महीने के दूसरे गुरुवार को ‘विश्व किडनी दिवस’ मनाया जाता है। जागरूकता से ही इस रोग पर लगाम लगाई जा सकती है।

चलते-चलते यह भी जाने कि किडनी मानव शरीर की गंदगी बाहर निकालने का काम करती है। किडनी जब किसी प्रकार की समस्या से घिर जाती है तो शरीर से विषैले पदार्थ को बाहर नहीं निकाल पाती है और कई प्रकार के रोग पैदा होने का खतरा बढ़ने लगता है।

 

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3-4 अप्रैल को रेणु जन्मशताब्दी पर अंतरराष्ट्रीय परिसंवाद

अंतर्राष्ट्रीय प्रसिद्धि प्राप्त हिन्दी कथाकार फणीश्वर नाथ रेणु की जन्म शताब्दी के मौके पर अंतरराष्ट्रीय वेबीनार का (3-4 अप्रैल को) दो दिवसीय आयोजन पटना में होने जा रहा है। बिहार के इस कथा शिल्पी ने ग्रामीण जीवन के अलग-अलग रंगों को उकेर कर कहानियों एवं उपन्यासों की रचना की थी जिसमें मैला आंचल, जुलूस और परती परिकथा सर्वाधिक पढ़ी जाने वाली रेणु की कृति है।

बता दें कि रेणु पर आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय परिसंवाद में भारतीय गांव, ग्रामीण जीवन और ग्रामीण इतिहास के अतिरिक्त रेणु की भाषा के साथ-साथ कथा की कला शिल्प आदि को समझने का प्रयास करेंगे- अंतरराष्ट्रीय विद्वान… जर्मनी से  बारबरा लोत्ज, उज़्बेकिस्तान से सिराजुद्दीन नर्मतोव, श्रीलंका से उपुल रंजीत, मॉरीशस से गुलशन सुखलाल, चीन से ग फू फिंग, वांगली, तंग पिंग…. फ्रांस की क्रिस्टीना सोजानकी, जापान से इशिदा हिदेयकि, अमेरिका से रिचर्ड डेलेसी, ऑस्ट्रेलिया से यान बुलफोर्ड, पुर्तगाल से शिव कुमार सिंह और भारत से प्रेम कुमार मणि, रश्मि चौधरी, दीपक राय, बी.आयावर, एमएन ठाकुर, अग्निहोत्री आदि लेखकों, इतिहासकारों, समाज शास्त्रियों… आदि के भाग लेने की संभावना है।

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भारत को जूनियर खिलाड़ियों में ओलंपिक मेडल की उम्मीद

देश में जूनियर खिलाड़ियों द्वारा विभिन्न खेलों में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किए जा रहे हैं। 15 साल से कम उम्र के अनेक खिलाड़ी ऐसे हैं जिन्हें भविष्य का बड़ा स्टार माना जा रहा है। इन खिलाड़ियों ने फुटबॉल, टेनिस एवं शूटिंग सहित कई खेलों में अपना लोहा मनवा लिया है, जिनसे देश ओलंपिक मेडल जीतने की उम्मीद करने लगा है।

बता दें कि मात्र 9 साल का प्रीतम ब्रह्मा गुवाहाटी सिटी एफसी बेबी लीग में खेलते हुए सर्वाधिक कीमती खिलाड़ी चुने गए हैं। प्रीतम ने फुटबॉल में अपनी टीम की ओर से 18 गोल करने के साथ 16 गोल के लिए असिस्ट भी किए थे। तभी तो लेफ्ट विंगर प्रीतम को जर्मन फुटबॉलर ‘ओजिल’ ने उनकी कला-कौशल और काबिलियत के लिए जर्सी भेजी है। लिटिल चैंप्स के बड़े कमालों को लेकर भारत आने वाले ओलंपिक में पदक जीतने की भरपूर उम्मीद कर रहा है।

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राष्ट्रपति बाइडेन के साथ भारतीय मूल की कमला देवी उपराष्ट्रपति बनी, गांव थुलेंद्रपुरम में मिठाइयां बंटी

अमेरिका के नवनिर्वाचित 46वें राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ भारतीय मूल की कमला देवी हैरिस ने पहली महिला उपराष्ट्रपति के रूप में कमान संभाली। कमला देवी पहली भारतीय महिला है जो अमेरिका जैसे सबसे ताकतवर देश के दूसरे सबसे ताकतवर पद पर बुधवार को आसीन हुई है।

बता दें कि कमला देवी हैरिस के मूल गांव का नाम है- थुलेंद्रपुरम। तमिलनाडु का यह गांव कमला देवी के अमेरिकी उपराष्ट्रपति बनने पर जमकर जश्न मनाया है। दिनभर लोग नाचते रहे, पटाखे छोड़ते रहे और एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाते रहे। ऐसा इसलिए कि कमला हैरिस अमेरिका की सबसे ताकतवर उपराष्ट्रपति होंगी। अब महाशक्ति के हर अहम फैसले पर आखिरी मुहर कमला की होगी।

कमला हैरिस के ऑफिस द्वारा मीडिया को जानकारी दी गई कि अब तक राष्ट्रपति बाइडेन द्वारा विशेषज्ञों एवं कैबिनेट सदस्यों को चुनने तक जितने भी फैसले लिए गए हैं, उन सबमें कमला कि अहम भूमिका रही है।

चलते-चलते यह भी बता दे कि कमला हैरिस की छाप बाइडेन प्रशासन में साफ झलकने लगी है। तभी तो बाइडेन ने अबतक 25 से अधिक भारतीय-अमेरिकियों को हाई प्रोफाइल भूमिका दी है। अमेरिकी आबादी में 1% की हिस्सेदारी रखने वाले भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए यह ऐतिहासिक पल है, क्योंकि बाइडेन ने प्रेसिडेंट ऑफिस को स्पष्ट आदेश दे दिया है कि प्रमुख निर्णय में कमला देवी हैरिस “अंतिम स्वर” की भूमिका में हो। बाइडेन के द्धारा कमला हैरिस पर इस कदर अटूट विश्वास जताने को लेकर समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने भी जमकर राष्ट्रपति बाइडेन की सराहना की है।

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विवेकानंद की 159वीं जयंती पर डॉ.मधेपुरी ने किया उनका पुण्य स्मरण

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए स्कूली बच्चों को संबोधित करते हुए समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा- आज ही के दिन यानि 12 जनवरी 1863 को नरेंद्रनाथ दत्त का जन्म कोलकाता में हुआ था। उनके गुरु स्वामी रामकृष्ण परमहंस ने उन्हें विवेकानंद नाम दिया, जो नाम आज भारत ही नहीं विश्व के युवाओं के लिए प्रेरणा-स्रोत बन गया है।

डॉ.मधेपुरी ने बच्चों से कहा कि आर्थिक तंगी से जूझते हुए अनेक वर्षों तक भारत भ्रमण किया स्वामी विवेकानंद ने। 1893 में उन्होंने शिकागो में आयोजित विश्व धर्म सभा में सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया और भारत की मजबूत छवि दुनिया के सामने पेश की। शिकागो के उस मंच से जब उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत-  “……..भाइयों ! और बहनों !!” संबोधन के साथ आरंभ किया तो वहां मौजूद लोग तल्लीन होकर बस उन्हें ही सुनते रह गए। बच्चों ! स्वामी विवेकानंद का भाषण आज भी प्रासंगिक है-

“…..मैं इस मंच से बोलने वाले  उन वक्ताओं का भी  धन्यवाद करना चाहता हूं, जिन्होंने यह कहा कि दुनिया में सहनशीलता का विचार पूर्व के देशों से आया है….. और शिक्षा वही है जो अनुकरण की जगह अन्वेषण करना सिखाये और युवाओं के अंदर आत्मविश्वास जगाए।”

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कोरोना वायरस का नया रूप दुनिया के 41 देशों में अपने पांव पसार दिया है

विगत वर्ष 2020 में सारा संसार कोविड-19 से परेशान होता रहा। कितने देशों की अर्थव्यवस्था भी चरमरा गई। परंतु, आशा की किरण तब जगी जब भारत सहित कई अन्य देशों में कोरोना वैक्सीन जांचोपरांत लोग लेना भी शुरू कर दिए। सबों को एहसास होने लगा कि 2021 में कोरोना से संसार को मुक्ति मिल जाएगी। फलस्वरूप 4 जनवरी से स्कूल, कॉलेज एवं कोचिंग भी कुछ विशेष गाइडलाइंस के तहत खोल तो दिए गए, परंतु कई स्कूलों में बच्चों के साथ-साथ शिक्षकों को भी कोरोना संक्रमण से ग्रसित होना पड़ा… अब सरकार के सामने विकट परिस्थिति उत्पन्न होने लगी है।

दूसरी ओर डब्ल्यूएचओ(WHO) ने बयान जारी कर यह दावा किया है कि ब्रिटेन में मिला कोरोना का नया स्वरूप दुनिया के 40 से अधिक देशों में दस्तक दे चुका है। यह भी बताया गया है कि भारत में कोरोना के इस नए स्वरूप से संक्रमित होने वालों की संख्या 70 हो गई है। इस बात की आधिकारिक घोषणा ब्रिटेन की सरकार द्वारा 14 दिसंबर को ही कर दी गई थी कि ब्रिटेन में एक नए कोरोनावायरस ने दस्तक दे दिया है, जो महज 4 सप्ताह में 41 देशों में अपना पांव पसार चुका है। इसलिए तो भारतीय गणतंत्र दिवस परेड पर कोई भी विदेशी मुख्य अतिथि नहीं होंगे। ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन आमंत्रित थे, लेकिन ब्रिटेन में फैले कोरोना स्ट्रेन की वजह से उन्होंने भारत का दौरा ही रद्द कर दिया है।

चलते-चलते यह भी जानिए कि शुरुआती दौर में डब्ल्यूएचओ ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका सहित अन्य कई देशों में कोरोना वायरस के नए स्वरूप का पता चला था। कोरोना वायरस का वह नया स्वरूप अब भारत की ओर कदम बढ़ाने लगा है। जो भी हो, प्रत्येक व्यक्ति को मास्क लगाकर घर से निकलने, सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन करने एवं साबुन से हाथ धोकर सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने में लापरवाही कभी नहीं बरतनी चाहिए।

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कोरोना वायरस के नये स्ट्रेन से ब्रिटेन की हालत बिगड़ी बोरिस ने भारत यात्रा रद्द की

ब्रिटेन में एक सप्ताह के अंदर बढ़ गए एक तिहाई कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन वाले मामले। ब्रिटेन के प्राइम मिनिस्टर बोरिस जॉनसन ने अपने देश में कोरोना वायरस की गंभीर स्थिति के मद्देनजर जनवरी में प्रस्तावित भारत-यात्रा रद्द कर दी है। जाहिर है कि बोरिस जॉनसन को भारत द्वारा आगामी गणतंत्र दिवस का मुख्य अतिथि के रुप में आमंत्रित किया गया था।

ब्रिटेन में जब 29 दिसंबर को 80 हजार से ज्यादा लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी, तब ब्रिटेन के नाम अपने संबोधन में पीएम बोरिस जॉनसन ने देशवासियों से यह अनुरोध किया है-

“नये लॉकडाउन तत्काल फरवरी 2021 के मध्य तक प्रभावी रहने की संभावना है। ब्रिटिश वैज्ञानिकों के मुताबिक कोरोना के नए स्ट्रेन 70 फ़ीसदी तक ज्यादा संक्रामक हैं यानि जनमानस को इससे संक्रमित होने तथा दूसरों को संक्रमित करने की आशंका बहुत-बहुत ज्यादा है। यहां तक कि संक्रमण से मरने वालों की संख्या में भी 20% की वृद्धि हो गई है।”

चलते-चलते यह भी कि कोरोना को लेकर 2020 से अधिक भारी 2021 लगने लगा है। जर्मनी में एक दिन में लगभग 1000 मौतें हो गई है। जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल देश के 16 प्रांतों के लॉकडाउन को जनवरी के अंत तक बढ़ा सकती हैं जबकि लॉकडाउन 16 दिसंबर से ही लगाया गया है।

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