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कोरोना ने भारत के वसुधैव कुटुंबकम को भी जगाया

भारत में लोगों ने कोरोना को किसी युद्ध से कम नहीं माना है। इस युद्ध को लड़ने में सभी एकजुट दिख रहे हैं। विकसित देशों के समक्ष भारत मिसाल पेश करता दिख रहा है। युद्ध काल में पहले भी माताएं और बहनें अपना नाक-कान के आभूषण उतार कर देश के नाम दान करते देखी जाती रही हैं।

बता दें कि आज जहाँ भारत के लोग एकजुट होकर 1 दिन का वेतन दे रहे हैं वहीं हमारे सारे सांसदों ने 30% वेतन कटौती कर कोरोना को भगाने हेतु डोनेट किया है। यह 30% वेतन की कटौती मात्र 1 महीने के लिए नहीं बल्कि 1 वर्ष तक यह कटौती जारी रहेगी। इस बाबत महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल आदि के द्वारा भी 30% वेतन कटौती से कोरोना से लड़ने वाले उपकरणों की खरीदारी की जाएगी।

यह भी बता दें कि प्रत्येक सांसद के क्षेत्रीय विकास मद के 2 वर्षों (20-21 एवं 21-22) के 10-10 करोड़ की राशि को भी कोरोना से लड़ने के लिए प्रधानमंत्री ने कैबिनेट की बैठक में आज मंजूरी दी है जबकि पिछले महीने मधेपुरा के एमएलसी ललन कुमार सर्राफ ने मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास निधि से कोरोना वायरस के रोकथाम एवं इलाज में प्रयुक्त होने वाली विभिन्न सामग्रियों जिसमें थर्मल स्केनर, मास्क, साबुन-सैनिटाइजर, ग्लब्स, स्प्रे-मशीन, चिकित्सा पदाधिकारी एवं स्वास्थ्य कर्मियों के लिए पर्सनल प्रोटेक्शन किट के लिए 3 करोड़ 25 लाख रुपए की अनुशंसा एवं सहमति पत्र मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को प्रेषित कर दी है। उन्होंने लाॅकडाउन के समय लोगों को अपने घर में रहने की अपील की तथा सबों के स्वस्थ एवं सुरक्षित जीवन की कामना की। कई स्वयंसेवी संस्थाएं गरीबों के साथ-साथ जानवरों को भी भोजन उपलब्ध कराने में तत्पर दिखे। कई जगह बंदर और कुत्ता को भी खाना खिलाते हुए देखा गया।

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ब्रह्माकुमारी दादी जानकी का माउंट आबू में 104 साल में परिनिर्वाण

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय संचालिका रह चुकी 104 वर्षीय राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी दादी डॉ.जानकी का जन्म अविभाज्य भारत के सिंध प्रांत में 1 जनवरी 1916 को हुआ था। उन्हें बचपन में ही अपने माता-पिता से आध्यात्मिक संस्कार विरासत के रूप में मिला था।

बता दें कि ब्रम्हाकुमारी विश्वविद्यालय की संचालिका दादी जानकी ने 140 देशों में ब्रम्हाकुमारी की स्थापना पर विश्व की लगभग 20 लाख नर-नारियों को अपने संस्थानों से जोड़कर… सुगंधयुक्त प्रेम लुटाते हुए दिनांक 27 मार्च 2020 को माउंट आबू की एक निजी चिकित्सालय (ग्लोबल हॉस्पिटल) में अंतिम सांस ली।

जानिए कि मात्र चार क्लास तक पढ़ी एवं 14 साल की गुप्त तपस्या करने वाली दादी जानकी निरंतर आध्यात्मिक प्रेम प्रवाहित करती हुई आज अपनी दैहिक लीला समाप्त कर ली। वह हमें छोड़कर दूर भले हो गई लेकिन योग शक्ति की अद्भुत मिसाल बनकर दादी जानकी लाखों नर-नारियों के जीवन में उजाला भरकर आसमान का सर्वाधिक चमकता सितारा बन गई। तभी तो एक विश्वव्यापी संस्थान ने उनके नाम की है- “दुनिया की सबसे स्थिर मन की महिला” का विश्व कीर्तिमान।

Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri, popularly known as Bhishma Pitamah of Madhepura along with Rajyogini Ranju Didi and others inaugurating the function at Brahmakumari Ishwariya Vishwavidyalaya at Madhepura.
Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri, popularly known as Bhishma Pitamah of Madhepura along with Rajyogini Ranju Didi and others inaugurating the 100th Birthday Celebration of Dadi Janki at Brahmakumari Ishwariya Vishwavidyalaya at Madhepura. (File Photo)

यह भी बता दें कि दादी जानकी के निधन की खबर ने कोरोना लाॅकडाउन के बावजूद देश और दुनिया में शोक की लहर पैदा कर दी। ध्यातव्य है कि दादी जानकी ने 91 वर्ष की उम्र में ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के मुखिया का पदभार संभाली और पूरी दुनिया को प्रेम, योग एवं ध्यान का संदेश दिया। वह 46 हजार ब्रम्हाकुमारियों की अलौकिक माँ होने के साथ-साथ 12 लाख साधकों की प्रेरणापुंज भी बनी रही… भला क्यों नहीं, उम्र के इस पड़ाव पर भी दादी माँ 12 घंटे जन की सेवा में सक्रिय रहती थी। 60 वर्ष की उम्र में वह लंदन गई और 37 वर्षों तक विदेशी जमीन पर आध्यात्मिकता के बीज बोती रही….. 140 देशों के लोग को मेडिटेशन सिखाती रही। प्रधानमंत्री ने उन्हें भारत स्वच्छता मिशन का ब्रांड एंबेसडर भी बनाया था। आज उनके नहीं रहने पर देश-विदेश के सारे ब्रम्हाकुमारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। दादी जानकी के निधन पर भारत के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष सहित सारे उच्चाधिकारियों व श्रद्धालुओं ने ट्वीट के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की।

चलते-चलते यह भी कि ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के मधेपुरा शाखा की संचालिका राजयोगिनी रंजू दीदी बराबर दादी जानकी के शताब्दी जन्मोत्सव पर शिक्षाविद् व मधेपुरा के सुप्रसिद्ध समाजसेवी प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करती रही और डॉ.मधेपुरी ने विस्तार से दादी जानकी द्वारा किए गए जन की सेवा की विस्तृत व्याख्यान से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करते रहे। कोरोना के कारण दादी जानकी की पुण्यतिथि पर विश्व के सभी श्रद्धालुओं ने उन्हें सादगी के साथ अपने-अपने घरों में श्रद्धांजलि दी।

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पत्नी को उठाकर दौड़ने वाले चैंपियनशिप में 150 पति दौड़े

यह एक विचित्र खेल है जिसमें प्रत्येक पति अपनी पत्नी को उठाकर बाधाओं के बीच दौड़ लगाने वाले चैंपियनशिप में भाग लेता है। शर्त यही कि पत्नी का वजन कम से कम 50 किलो होना ही चाहिए। इस दौड़ चैंपियनशिप में विशेष सुविधा भी प्रदान की जाती है कि यदि प्रतिभागी पति को पत्नी नहीं हो तो वह इस विचित्र खेल के नियमानुसार पत्नी उधार भी ले सकते हैं।

बता दें कि ऐसे प्रत्येक प्रतियोगिता के लिए नए नियमों एवं पुरस्कारों में परिवर्तन किए जा सकते हैं। इस विचित्र खेल में विजेता को पत्नी के वजन (किलोग्राम में) का 300 से 500 गुना तक नगद भुगतान देकर पुरस्कृत किया जाता है।

यह भी जानिए कि ब्रिटेन की 300 साल की इस पुरानी रेस में अकेले नहीं बल्कि पत्नी को पीठ पर बिठाकर दौड़ने वाला चैंपियनशिप आरंभ हुआ था। विगत रविवार को डार्किंग में 400 मीटर का यह रेस आयोजित किया गया था जिसमें लगभग डेढ़ सौ यानी 150 पति दौड़े। दिलचस्प बात यह है कि रेस जीतने के लिए महिलाएं 3 महीने पूर्व से ही अपना वजन कम करने में लगी थी ताकि वह 50 किलोग्राम के करीब आ जाए।

यह भी बता दें कि इस विचित्र खेल में विजेता को ट्रॉफी के अतिरिक्त ₹15000 का पुरस्कार दिया गया। 300 साल से चलने वाली यह प्रतियोगिता बीच में बंद कर दी गई थी जिसे 13 साल पहले दोबारा शुरू किया गया। इसे पुनः शुरू करने का मकसद यही है कि लोगों को एक जगह इकट्ठा कर खुशियां बांटी जाय।

चलते-चलते यह भी जान लीजिए कि यह विचित्र खेल (वाइफ कैरेइंग रेस) फिनलैंड, अमेरिका, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, इंडिया, हांगकांग आदि के साथ-साथ अब विश्व के अन्य देशों में भी तेजी से फैलता जा रहा है।

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कोरोना: पीछे हटने का नहीं, मिलकर काम करने का वक्त

दुनिया भर में कोरोना वायरस का फैलना जारी है। चीन में शुक्रवार को 28 और लोगों की मौत के साथ दुनिया भर के 17 देशों में मरने वालों की संख्या 3406 हो गई है। वहीं, संक्रमण के 99 नए मामले सामने आए। चीन में जहां संक्रमण के केन्द्र वुहान में नए मरीजों की संख्या में कमी आई है, वहीं हुबेई प्रांत से बाहर संक्रमण का फैलना जारी है। दूसरे देशों से चीन लौटे 24 लोगों में भी संक्रमण की पुष्टि हुई है। दूसरी तरफ संक्रमण के खतरे की वजह से अमेरिका में केलिफोर्निया के तट पर खड़े किए गए क्रूज शिप ग्रांड प्रिंसेस में फंसे 21 और यात्री संक्रमित पाए गए हैं।
ध्यातव्य है कि दुनिया के 84 देश कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं और अब तक 1,00,329 लोग संक्रमित पाए गए हैं। बीमारी के केन्द्र चीन में सबसे ज्यादा 3070 मौतें हुई हैं और वहां 80,653 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। संक्रमण के चलते चीन के बाद इटली में सबसे ज्यादा 148 और ईरान में 107 लोगों की जान गई है।
पूरी दुनिया पर अभिशाप बनकर मंडराने वाले कोरोना वायरस के बारे में माना जा रहा है कि चीन के वुहान के सी-फूड और पोल्ट्री मार्केट से यह वायरस फैला। वुहान की आबादी 1.1 करोड़ है। वायरस लोगों से लोगों में फैल रहा है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि वायरस इतनी तेजी से कैसे फैला और इस कदर खतरनाक हो गया। एशिया में दक्षिण कोरिया और ईरान इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। ईरान में पीड़ितों की संख्या 3513 पहुंच गई है। दक्षिण कोरिया में 6593 केस सामने आए हैं। जापान में 1065 लोग इसकी चपेट में हैं। वहीं, भारत में कोरोना वायरस के 31 मामले सामने आए हैं। शुक्रवार को दिल्ली में एक और मरीज में संक्रमण की पुष्टि हुई।
इधर बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि कोरोना वायरस को लेकर विश्व स्तर पर लोग अलर्ट हैं और केन्द्र सरकार भी पूरी तरह सचेत है। उन्होंने कहा कि हमलोगों ने राज्य स्तर पर बैठक कर हर पहलू पर चर्चा की है। सभी संबंधित पदाधिकारियों को जिम्मेवारी सौंप दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के गया में बाहर से लोग आते हैं। इसके साथ ही नेपाल का बॉर्डर खुला हुआ है, वहां से भी लोग आवागमन करते हैं। ऐसी स्थिति में हो सकता है कि चीन या अन्य जगहों से भी लोग नेपाल आए हों। हर पहलू को ध्यान में रखकर गंभीरता से विमर्श हुआ है। हर परिस्थिति में लोगों की सहायता करना सरकार का दायित्व है और सरकार की ओर से सब कुछ किया जा रहा है।
अंत में, जैसा कि शुक्रवार को डब्ल्यूएचओ ने कहा, हम भी यही कहेंगे कि यह वक्त पीछे हटने का नहीं, बल्कि मिलकर काम करने का है। तो आइये, सचेत रहें और मिलकर इसका सामना करें।

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कोरोना वायरस का कहर खेलों को भी किया बीमार

एक ओर जहां चीन के वुहान शहर से निकलकर कोरोना वायरस विश्व के 75 देशों को अपनी चपेट में ले लिया है वहीं दूसरी ओर हजारों-हजार की संख्या में हो रही मौतों के कारण कोरोना वायरस ने पूरे विश्व के खेल जगत को भी बीमार कर दिया है।

बता दें कि कोरोना वायरस के कहर के कारण कई टूर्नामेंट रद्द कर दिए गए हैं और कई रद्द होने के कगार पर है। भला क्यों नहीं, इसी साल 2020 के जुलाई यानी चार महीने बाद जापान में 24 जुलाई से होने वाले खेलों के महाकुंभ “टोक्यो ओलंपिक” के महाआयोजन पर भी खतरा मंडराता हुआ नजर आने लगा है। क्योंकि कोरोना के कारण जापान में अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है जिसके फलस्वरूप ओलंपिक क्वालीफायर जैसे टूर्नामेंट को भी स्थगित करना पड़ा है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि कोरोना वायरस के कारण इसी मार्च महीने में (12 से 15 मार्च तक) होने वाले “व्हीलचेयर रग्बी टूर्नामेंट” को टोक्यो ओलंपिक के आयोजकों द्वारा रद्द कर दिया गया है। जापान के ओलंपिक मंत्री सीको हाशिमोतो ने संसद में ओलंपिक के लिए हुए करार की स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा कि ओलंपिक खेल अगर निर्धारित तिथि 24 जुलाई को शुरू नहीं हो पाता है तो इन्हें इस वर्ष के अंत में भी आयोजित किया जा सकता है। मंत्री हाशिमोतो ने कहा कि यदि इस खेल महाकुंभ का आयोजन वर्ष 2020 के अंत तक नहीं हो पाता है तो ओलंपिक समिति इन खेलों को स्थगित कर सकती है।

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कोरोना से लड़ते हुए चीन में… जारी है महामारी रोकने की कोशिश

2020 का नया वर्ष मंगलमय तो होता परंतु चीन के कोरोना वायरस का संक्रमण चीन की सीमाओं से बाहर निकलकर संसार के 32 देशों में फैल चुका है। इसे रोकने के लिए चीन पुरजोर कोशिश कर रहा है। चीन के पड़ोसी देशों ने अपनी सीमाओं को सील कर लिया है। फ्लाइट का आना-जाना बंद कर रखा है। अमेरिका सहित कुछ देशों में कोरोना से मुक्ति पाने के लिए टीका और दवाई विकसित करने का प्रयास भी हो रहा है।

बता दें कि कोरोना वायरस के डर से बौद्ध मंदिर पर भी ताला लटका हुआ दिखने लगा है। चीन में रह रहे दर्जनों देश के लोग कोरोना की चपेट में हैं। जानकारी मिलते ही भारत के प्रधानमंत्री ने समस्त भारतीयों को जहाज भेजकर वापस बुला लिया। बचाव के लिए नागरिकों के वैध वीजा भी रद्द करना पड़ा है। चीन के वुहान शहर में सेना की तैनाती कर दी गई है।

यह भी बता दें कि अब चीन सहित 25 अन्य देशों से भारत में आने वाले लोगों की जांच होने लगी है। चीन-नेपाल से आने वाले 5000 व्यक्तियों के स्वास्थ्य की जांच अब तक भारत में की जा चुकी है। 4 सदस्यीय केंद्रीय टीम आज बिहार दौरे पर आ रही है। सूबे के 38 जिलों को अलगाव और नमूना संग्रह के लिए 9 मेडिकल अस्पतालों से जोड़ा गया है। इस वायरस पर नजर रखने के लिए प्रत्येक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में नोडल पदाधिकारी नियुक्त किए गए हैं। चीन में रह रहे कई भारतीय छात्रों ने वायरस के प्रकोप से बचने के लिए मेडिकल की पढ़ाई तक छोड़ दी है।

चलते-चलते बता दें कि चीन के वुहान और शंघाई जैसे शहर जो कभी सोता नहीं था उस शहर में कोई जगा हुआ व्यक्ति सड़कों पर चलता नहीं दिखता। चीन के सारे शहरों में श्मशान की तरह सन्नाटा पसरा है। वहां ना तो सड़कों पर गाड़ियों की और ना आसमान में वायुयानों की चहल-पहल देखने को मिलती है।  अब तक दुनिया भर में कितने लोग संक्रमित हुए और कितने मौत को गले लगाए हैं…. कहा नहीं जा सकता। परहेज यही कि मांस-मछली, अंडा-मुर्गी नहीं खाएं। घंटे-दो घंटे पर अपने हाथों को साबुन से धोएं। मास्क पहनें। डब्ल्यूएचओ की टीम चीन पहुंच चुकी है और दुनिया के देशों को अलर्ट भी कर दिया है।

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अंडर-19 वर्ल्ड क्रिकेट कप में भारत ने पाकिस्तान को 10 विकेट से हराकर 7वीं बार फाइनल में परचम लहराया

अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत ने लगातार चौथी बार पाकिस्तान को हराया है। फरवरी 4 को पोटचेफ्लसट्रूम में पाकिस्तान की टीम पहला सेमीफाइनल खेलते हुए 172 रन पर सिमट गई। भारत के तेज गेंदबाज सुशांत मिश्रा ने सबसे ज्यादा 3 विकेट लिए। कार्तिक त्यागी और रवि बिश्नोई ने दो-दो विकेट झटके।

बता दें कि अंडर-19 वाली भारतीय क्रिकेट टीम ने इस पहले सेमीफाइनल में पाकिस्तान को 10 विकेट से हराया यानि भारतीय टीम के ओपनर यशस्वी जायसवाल और दिव्यांश सक्सेना की अटूट जोड़ी को तोड़ने में पाकिस्तान के गेंदबाजों को नाकों चने चबाना पड़ा, परंतु वे किसी को आउट नहीं कर पाए। दोनों ओपनर खेल जीतने तक खेलते रहे।

जानिए कि भारतीय टीम ने पाकिस्तान द्वारा दिए गए 173 रन के लक्ष्य बिना किसी विकेट के नुकसान के ही 35.2 ओवर में हासिल कर लिया। इस पहले सेमीफाइनल का प्लेयर ऑफ द मैच बने यशस्वी जायसवाल द्वारा 105 रन और दिव्यांश सक्सेना द्वारा 59 रन के साथ जीत दर्ज करते हुए भारत सातवीं बार अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में पहुंच गया। भारतीय टीम की यह पाक पर विकेटों के लिहाज से सबसे बड़ी जीत है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि 4 साल से भारतीय टीम वर्ल्ड कप में नहीं हारी है… यह लगातार 11वीं जीत है। मौजूदा वर्ल्डकप में यह टीम की लगातार पांचवीं जीत है। पिछले वर्ल्ड कप में भारतीय टीम ने एक भी मैच बिना गवाएं कुल 6 मैच जीतकर खिताब हासिल किया था।… आगे इस वर्ल्ड कप का दूसरा सेमीफाइनल 6 फरवरी को बांग्लादेश और न्यूजीलैंड के बीच होगा तथा इसके विजेता टीम की भिड़ंत 9 फरवरी को भारत के साथ होगी।

 

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दुनिया की पहली टीम बनी भारतीय क्रिकेट टीम, 5-0 से सीरीज जीतकर

भारतीय क्रिकेट टीम ने रविवार को खेले गए पांचवें और अंतिम टी-20 मैच में न्यूजीलैंड को 7 रन से शिकस्त देकर 5-0 से सीरीज जीत ली और दुनिया की पहली टीम बन गई। तुर्रा तो यह है कि भारतीय क्रिकेट टीम ने किवी सरजमीं पर पहली बार भी टी-20 सीरीज जीती है। इस तरह टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड का क्लीन स्वीप किया।

बता दें कि विगत दो मुकाबलों की तरह भारतीय क्रिकेट टीम ने पांचवें और अंतिम टी-20 मुकाबले में भी किवियों से जीत छीन ली। यह तब हुआ जब नियमित कप्तान विराट कोहली के चोटिल होने के कारण रोहित शर्मा ने कमान संभाली। हाँ, किवी कप्तान केन विलियम्स भी नहीं खेले।

फिर भी भारतीय क्रिकेट टीम ने माउंट मोनगानुई स्टेडियम में मेजबान न्यूजीलैंड टीम के अजेय रिकॉर्ड को तोड़ दिया। प्राय: इस स्टेडियम में जीत का रिकॉर्ड बनाने वाली न्यूजीलैंड टीम को भारतीय क्रिकेट टीम ने हार का स्वाद चखा दिया। दिलचस्प बात तो यह भी है कि इस मैदान पर टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने वाली भारतीय क्रिकेट टीम ने जीत हासिल की।

चलते-चलते यह भी बता दें कि बेहतरीन फार्म में चल रहे विकेटकीपर बल्लेबाज लोकेश राहुल ने सीरीज में सबसे अधिक 224 रन बनाए और मैन ऑफ द सीरीज बने। विकेटकीपिंग के दरमियान तीन कैच लपके और एक स्टंप भी किया…।

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डब्ल्यू.एच.ओ.ने किया चीन के कोरोना वायरस को वैश्विक आपदा घोषित

जब चीन में जन्मे कोरोना वायरस दुनिया के 21 देशों में अपना पैर फैला लिया तब इसके कहर को देखकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे वैश्विक आपदा घोषित किया। वैज्ञानिक तो यहां तक बोल गए कि लक्षण नहीं दिखने पर भी लोग कोरोना से हो सकते हैं संक्रमित…। यदि ऐसा हुआ तो चीन में फैले इस वायरस को काबू करना और भी कठिन होगा।

बता दें कि ताजे रिपोर्ट के अनुसार चीन में इस खतरनाक वायरस से मरने वालों की संख्या 213 हो गई है तथा लगभग 9699 लोगों में संक्रमण की पुष्टि भी की गई है। इस वायरस के खतरे के मद्देनजर चीन से भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए भारतीय वायुयान का 423 सीटों वाला B-747 विमान शुक्रवार (यानि 31 जनवरी) को दिल्ली से 1 बजकर 20 मिनट पर वुहान हवाई-अड्डे के लिए रवाना हुआ जिसमें 5 डॉक्टर और एक पारा-मेडिकलकर्मी की टीम भी तैनात की गई। इस विमान द्वारा चीन के वुहान से लगभग 400 भारतीयों को भारत लाया जाएगा। आने वाले भारतीयों की जांच एवं देखभाल हेतु भारतीय सेना ने बड़ी तैयारी की है। आईटीबीपी ने दिल्ली में 600 बिस्तरों वाला अलग केंद्र तैयार किया है जहां डॉक्टरों की एक टीम तैयार रहेगी।

इसी दरमियान चीन के वुहान में एक व्यक्ति की सड़क पर चलते-चलते मौत हो जाने से सारी दुनिया कोरोना से कांप उठी। रूस समेत कई देशों ने चीन से लगी अपनी सीमा के कई हिस्सों को शील कर दिया है। कोरोना के खौफ के कारण एक करोड़ से ज्यादा आबादी वाली वुहान शहर खाली और वीरान हो गया है। सिनेमा हॉल, होटल एवं रेस्टोरेंट सभी खाली और सुनसान पड़े हैं। भयाक्रांत होकर कई देशों ने समेटने लगा है अपना बोरिया-बिस्तर। चीन खतरे में पड़ गया है आजकल। इसलिए तो चीन अब बोलने लगा है कि दुनिया के सभी देश जिम्मेदार ढंग से पेश आएं… कोई बढ़ा चढ़ाकर प्रतिक्रिया ना दें।

चलते-चलते यह भी जान ले कि जब तक कोरोना वायरस से लड़ने वाली और उसे समाप्त करने वाली सटीक दवा सामने नहीं आती है तब तक इस वायरस को पराजित करने के बाबत समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने संसार के सभी देशों के नर-नारियों से यही कहा कि सबसे पहले तो लोग अपने अंदर के भय के भूत को भगावें। संयमित जीवन के साथ-साथ शाकाहारी भोजन लें। मन के संकल्प शक्ति को ऊंचाई दें। मन को विकृत नहीं होने देने की सलाह देते हुए तत्काल दवाई के रूप में डॉ.मधेपुरी ने अपनी दो पंक्तियां आपके सेवार्थ प्रेषित की है-

पहले होता यह मन विकृत

तब तन को रोग पकड़ता है…।

 

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दुनिया की सबसे खुशहाल देश फिनलैंड की सर्वाधिक युवा प्रधानमंत्री बनी सना मारिन

फिनलैंड की….. और दुनिया की भी सबसे युवा प्रधानमंत्री मात्र एक महीने के आसपास बनी सना मारिन। पीएम का शपथ लेते ही फिनलैंड में बदलाव की बयार बहने लगी। फिनलैंड की पीएम ने हफ्ते में 4 दिन काम का प्रस्ताव रखा। तुर्रा तो यह है कि प्रतिदिन की कार्यावधि को पीएम ने रोज 8 घंटे की जगह 6 घंटे करके क्रांतिकारी बदलाव लाया है। फिनलैंड के लोगों ने इस प्रस्ताव का स्वागत किया है।

बता दें कि फिनलैंड की प्रधानमंत्री मारिन का मानना है कि किसी भी इंसान को 1 हफ्ते में सिर्फ 24 घंटे काम करना चाहिए और ज्यादा से ज्यादा समय परिवार को देना चाहिए। ऐसा करने से परिवार मजबूत होगा और उत्पादन क्षमता भी बढ़ेगी। स्वीडन का उदाहरण देते हुए पीएम मारिन ने कहा कि-

स्वीडन में 2015 में हफ्ते में 6 घंटे काम करने के फैसले से ऐसी क्रांतिकारी बदलाव आई कि वहां न केवल उत्पादकता बढ़ी बल्कि अमीरी और खुशहाली के पैमाने में भी उछाल आई।

चलते-चलते यह भी बता दें कि फिनलैंड की पिछली सरकार में सना मारिन परिवहन मंत्री थी। उन दिनों भी 2019 में मारिन ने सरकार के समक्ष हफ्ते में चार दिन और प्रतिदिन 6 घंटे काम का प्रस्ताव रखा था… जिसे प्रधानमंत्री बनने के बाद सना मारिन मंत्रिमंडल द्वारा ही लागू किया गया।

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