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मधेपुरा की छवि बनने लगी है देश व दुनिया में बेहतर

जहाँ एक ओर मधेपुरा के बी.एन.मंडल विश्वविद्यालय में ‘हिन्दी-उर्दू एक विरासत’ पर कुलपति डॉ.ए.के. राय के नेतृत्व में राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया जा रहा हो एवं राज्य स्तर पर संचालित ‘कौशल विकास कार्यक्रम’ में बेहतर प्रदर्शन के लिए मधेपुरा के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल (भा.प्र.से.) को सीएम नीतीश कुमार द्वारा सम्मानित किया जा रहा हो और मधेपुरा में भारत का सबसे बड़ा विदेशी निवेश वाला विद्युत रेल इंजन फैक्ट्री का निर्माण निर्धारित समय से छह माह पूर्व ही पूरा कर लिया गया हो……… तो बेशक, मधेपुरा की छवि देश में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में तेजी से बेहतर होती चली जा रही है और आगे भी होती चली जायेगी……|

जानिये कि फिलहाल मधेपुरा के ग्रीन फील्ड रेल इंजन फैक्ट्री में मात्र 70 पदाधिकारी एवं कर्मचारी कार्यरत हैं जिनके रहने के लिए कारखाना कैंपस में ही ‘ब्लॉक हॉस्टल भवन(वन)’ का उद्घाटन 1 दिन पूर्व किया गया है | कारखाने में इंजन निर्माण की गति बढ़ने के साथ ही कर्मचारी-पदाधिकारी की संख्या 500 तक पहुंच जायेगी | जहाँ तक स्थानीय लोगों के रोजगार का सवाल है तो जानिए कि कारखाना निर्माण के दौरान प्रतिदिन 1500 लोग यहाँ कार्यरत रहे हैं |

Block Hostel Building (One) ready for officers & other employees inside the campus of Green Field Electric Engine Factory Madhepura.
Block Hostel Building (One) ready for officers & other employees inside the campus of Green Field Electric Engine Factory Madhepura.

बता दें कि एल्सटॉम द्वारा अपने स्प्लायर को सप्लाई चेन बरक़रार रखने की दिशा में तेज कदम उठाने के लिए यह कहा जा रहा है कि सभी सप्लायर इसी कारखाने के आस-पास अपना-अपना कारखाना लगायें ताकि यहाँ के लोगों को और अधिक रोजगार मिलता रहे |

यह भी जानिये कि मधेपुरा का नाम इतनी तेजी से देश और दुनिया के रंगमंच पर इसलिए रोशन होने लगा है कि मधेपुरा और छपरा दोनों जगहों पर रेल कारखाना के लिए लगभग एक साथ एग्रीमेंट हुआ था | परंतु, जहाँ छपरा में रेल कारखाना आज तक आकार भी ग्रहण नहीं किया है वहीं मधेपुरा का रेल कारखाना जिला प्रशासन से सहयोग प्राप्त कर समय से 6 माह पूर्व ही तैयार हो गया तथा फरवरी 2018 के अंतिम सप्ताह में पहला इंजन बनकर तैयार होने जा रहा है- जिसे राष्ट्र को समर्पित करने के लिए ‘मेक इन इंडिया’ के स्वप्नदृष्टा पीएम नरेन्द्र मोदी के आगमन का इंतजार है |

Honourable Member of Railway Board Mr.Ghanshyam Singh and The Authority of Alstom Company Mr.B.Salhotra jointly inaugurating Block Hostel Building (One) along with DRM Mr.R.K.Jain, Senior DEN Mr.Sanjay Kumar , D.O.M. Mr.Parmodh Kumar D.S.T.E. Saurabh Kumar, T.E. Mr.Kunwar Jha, P.W.I. Mr.Sunil Kumar & others in the campus of Rail Engine Factory at Madhepura.
Honourable Member of Railway Board Mr.Ghanshyam Singh and The Authority of Alstom Company Mr.B.Salhotra jointly inaugurating Block Hostel Building (One) along with DRM Mr.R.K.Jain, Senior DEN Mr.Sanjay Kumar , D.O.M. Mr.Parmodh Kumar D.S.T.E. Saurabh Kumar, T.E. Mr.Kunwar Jha, P.W.I. Mr.Sunil Kumar & others in the campus of Rail Engine Factory at Madhepura.

चलते-चलते बता दें कि पीएम नरेन्द्र मोदी द्वारा उद्घाटन करने हेतु मधेपुरा आगमन से पूर्व सारी तैयारियां पूरी करने के लिए पदाधिकारियों की एक टीम 2 दिन  कबल यहां पधार चुकी है जिनमें रेलवे (ट्रैक्शन) बोर्ड के सदस्य श्री घनश्याम सिंह और एल्सटॉम कंपनी के अधिकारी श्री भारत सल्होत्रा ने कारखाने के अंदर स्थापित ‘पावर ग्रिड’ एवं ‘हॉस्टल ब्लॉक भवन(वन)’ का उद्घाटन भी किया | दोनों अधिकारियों ने कार्य की प्रगति पर संतोष जताते हुए निम्नांकित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर निर्देश भी दिये- पहला यह कि मानसी-सहरसा-मधेपुरा-पूर्णिया रेल लाइन विद्युतीकरण में तेजी लायें और दूसरा यही कि देश का सर्वश्रेष्ठ हाई स्पीड लोकोमोटिव इलेक्ट्रिक इंजन निर्धारित समय से पूर्व बना लेने का लक्ष्य तय करें- क्योंकि मधेपुरा का विद्युत रेल इंजन कारखाना भारत का सबसे बड़ा विदेशी निवेश है |

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एल्सटॉम कंपनी ने लिया मधेपुरा के छह गाँवों को गोद

मधेपुरा विद्युत रेल इंजन कारखाना निर्माण में जुटा है फ्रांस की कंपनी एल्सटॉम | पहला रेल इंजन बनना चालू होने के साथ एल्सटॉम द्वारा आस-पास के 6 गाँवों- तुनियाही (उत्तरी-दक्षिणी), लक्ष्मीरामपुर (उत्तरी-दक्षिणी) एवं गणेश स्थान (वार्ड न० – 13 और 14) को गोद लिया गया है |

बता दें कि प्रोजेक्ट पदाधिकारी ऋषिकेष रंजन द्वारा मधेपुरा अबतक को यह जानकारी दी गई कि जहाँ इन गाँवों में नियमितरुप से 6 मोबाइल विकास केंद्रों में फिलहाल स्कूल नहीं जाने वाले 14 वर्ष से कम उम्र के 110 बच्चों को एल्सटॉम की ओर से NGO- प्रज्ञा’ द्वारा नियमित रूप से पढ़ाया जाता है वहीं डॉ.एम.के.झा के निर्देशन में पांच सदस्यों वाली मेडिकल टीम द्वारा गोद लिए गये गाँवों में नियमित रुप से जा-जाकर जरूरतमंद सभी मरीजों की मुफ्त जाँच की जाती है और मुफ्त दवा भी उपलब्ध कराई जाती है |

एल्सटॉम कंपनी के वरीय पदाधिकारी के.के.भार्गव ने भी बताया कि आने वाले दिनों में सामाजिक सरोकार के तहत कई और अन्य विकास के काम किए जायेंगे | तत्काल इन गाँवों के बेरोजगार युवाओं एवं महिलाओं को कंप्यूटर प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा सरकारी नौकरियों में निकलने वाली वैकेंसी के बारे में भी इन्हें जानकारी दी जा रही है | कंपनी इन्हें Job दिलाने की दिशा में हर संभव प्रयास करेगी |

इस अवसर पर मधेपुरा के शिक्षाविद-समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने मधेपुरा विद्युत रेल इंजन फैक्ट्री सहित एल्सटॉम कंपनी के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को दीपावली एवं छठ पूजा की शुभकामनाएं देते हुए यही कहा कि ‘एल्सटॉम’ एवं ‘प्रज्ञा’ द्वारा आस-पास के गोद लिए गये इन गाँवों से अशिक्षा और बेरोजगारी को दूर करने की जो मुहिम चलायी जा रही है वह निश्चिय ही ग्रासरूट पर किये जाने वाले कार्य हैं- जिनसे गाँवों का विकास होगा, क्योंकि अभी भी तो हमारा गाँव गरीब ही है | गाँधी-लोहिया-जयप्रकाश एवं भूपेन्द्र-भीम-कर्पूरी….. का भारत तो मूलरूप से गाँवों में ही बसता है |

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कोसी के युवाओं को मधेपुरा रेल फैक्ट्री में मिलेंगे रोजगार के नये अवसर

आज से मधेपुरा रेल फैक्ट्री में रेल विद्युत इंजन निर्माण कार्य शुरू होने से विकास के नये द्वार खुलने लगे हैं | 100-100 करोड़ के कई छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयाँ स्थापित होने की संभावनाएँ बन रही हैं | लोग आने लगे हैं |

बता दें कि डायनेमिक डीएम मो.सोहैल ने मधेपुराअबतक को बताया कि कुछ कंपनियों ने तो जमीन उपलब्ध कराने के लिए उनसे मुलाकात भी की है | उन्होंने यह भी कहा कि रेल विद्युत कारखाना के आस-पास अन्य प्रकार की कई फैक्ट्रियों के स्थापित होते ही पूरा क्षेत्र औद्योगिक हब के रूप में विकसित होने लगेगा | रोजगार के व्यापक अवसर पैदा होने की संभावना भी प्रबल हो गयी है जो इस क्षेत्र की बड़ी समस्या बनी हुई है | कदाचित आनेवाले समय में पलायन भी रूकेगा |

यह भी बता दें कि डीएम मो.सोहैल ने कहा कि कोसी एवं सीमांचल के ITI एवं विभिन्न ट्रेडों में पॉलिटेक्निक किये युवाओं को प्राथमिकता दी जायेगी | डीएम ने इस धरती को नमन करते हुए कहा कि 4 अक्टूबर 2016 को फैक्ट्री निर्माण के लिए डिप्टी चीफ इंजीनियर के.के.भार्गव व अन्य की उपस्थिति में भूमि पूजन किया गया था और एक वर्ष 7 दिन के बाद पहला इंजन आज से बनना तैयार हो गया है जबकि भारत सरकार से 1000 इंजन खरीदने का आर्डर भी प्राप्त हो चुका है | मधेपुरा की धरती के लिए यह अद्भुत उपलब्धि है | फैक्ट्री पर कुल 26000 करोड़ की लागत का अनुमान है |

अंत में यह भी जानिए कि मधेपुरा के समाजसेवी शिक्षाविद डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने मधेपुराअबतक के समक्ष उद्गार व्यक्त करते हुए यही कहा कि स्मरण कीजिए 26 जनवरी, 2016 को पीएम नरेन्द्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति ने कांट्रेक्ट पर हस्ताक्षर किया था और समय से छह माह पूर्व फैक्ट्री बनकर तैयार हो गया और उत्पादन भी आज से आरम्भ हो गया- जिसमें भूमि मुहैया कराने से लेकर हर पल फैक्ट्री निर्माण हेतु विद्युत विभाग से लेकर टाटा-प्रोजेक्ट्स पर दवाब बनाये रहने वाले मो.सोहैल का “आराम हराम है” वाला जीवन-सूत्र अहर्निश कार्यरत रहा……… यही कारण है कि मधेपुरा डीएम हाल ही में सीएम नीतीश कुमार द्वारा पुरस्कृत किये गये हैं……. वह दिन दूर नहीं जब डायनेमिक डीएम मो.सोहैल पीएम नरेन्द्र मोदी द्वारा भी पुरस्कार ग्रहण कर मधेपुरा जिला को गौरवान्वित करेगा….. बिहार को यश दिलायेगा और स्वयं यशस्वी बनेगा |

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मधेपुरा रेल कारखाना में केवल 10 दिन बाद से ही बनने लगेगा रेल इंजन

मधेपुरा के विद्युत रेल इंजन कारखाने के उप मुख्य अभियन्ता के.के.भार्गव ने मधेपुरा अबतक को बताया कि अक्टूबर से यहाँ इंजन बनाने का काम शुरू कर दिया जायगा | उन्होंने कहा कि पहले 5 विद्युत रेल इंजन तैयार करने के लिए फ्रांस से पुर्जे आ रहे हैं जो अक्टूबर के प्रथम सप्ताह के अन्दर ही सभी पहुंच जायेंगे | पहला रेल इंजन के लिए फ्रांस से पुर्जे भारत आ चुके हैं |

चर्चा के क्रम में उप मुख्य अभियन्ता श्री भार्गव ने कहा कि फरवरी तक पहला विद्युत रेल इंजन तैयार कर भारतीय रेल को सौंप दिया जायेगा | उन्होंने यह भी कहा कि पहला इंजन तैयार कर रेलवे को सौपने के बाद मधेपुरा रेल इंजन फैक्ट्री का विधिवत शुभारम्भ किया जायेगा | साथ ही यह भी जानकारी दी कि कारखाने के विधिवत उद्घाटन के लिए रेलवे द्वारा फ्रांस के राष्ट्रपति एवं पीएम नरेन्द्र मोदी को पत्र भेजा गया है |

श्री भार्गव ने खुलासा किया कि पीएम की महत्वाकांक्षी परियोजना होने के कारण प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा लगातार इसकी मॉनीटरिंग की जा रही है | सितम्बर में रेलवे बोर्ड के सदस्यों द्वारा प्रगति का जायजा भी लिया गया | इससे पूर्व एल्सटॉम के एमडी सचिन गोयल द्वारा भी कारखाने के निरीक्षण के दरमियान टाटा प्रोजेक्ट्स के अधिकारियों को ससमय कार्य पूरा करने का ठोस निर्देश दिया गया था |

इन बातों की जानकारी दिये जाने के बाद मधेपुरा अबतक द्वारा जब समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी से कुछ टिप्पणी करने को कहा गया तो उन्होंने कहा कि उच्च क्षमता के विद्युत रेल इंजन बनाने के लिए भारतीय रेल ने फ्रांस की प्रमुख ट्रांसपोर्ट कंपनी ‘एल्सटॉम’ से जो एकरारनामा किया इसके लिए ‘एल्सटॉम’ को तथा दोनों की संयुक्त साझेदारी में मधेपुरा में 800 विद्युत् रेल इंजन तैयार होगा जिसके लिए कारखाने के डिप्टी चीफ इंजीनियर के.के. भार्गव एवं डायनेमिक डीएम मो.सोहैल सहित उनकी टीमों को निष्ठा एवं समर्पण के साथ काम करने के लिए हृदय से कोटि-कोटि साधुवाद !!

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मधेपुरा रेल इंजन फैक्ट्री से फरवरी में निकलेगा फर्स्ट इंजन    

मधेपुरा के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल (भा.प्र.से) की उपस्थिति में जहाँ मई 2016 के प्रथम सप्ताह में फैक्टरी के डिप्टी चीफ इंजीनियर के.के.भार्गव द्वारा भूमि पूजन किया गया था वहीं अब फरवरी 2018 के प्रथम सप्ताह में Greenfield Electric Rail Engine Factory of Madhepura, 12000 हॉर्स पावर वाला पहला इंजन तैयार कर निकालने जा रहा है जिसकी कीमत 28 करोड़ रुपये होगी |

बता दें फ़्रांसीसी कंपनी Alstom पहला इंजन तैयार करने के साथ ही इसे जाँचकर निर्धारित समयानुसार भारतीय रेल को सौंप देगी | इस प्रथम इंजन के 30,000 किलोमीटर का परिचालन पूरा करते-करते 2019 ई. के फरवरी में भारतीय रेल को 12,000 हॉर्स पावर के और 4 इंजन दे दिये जायेंगे | तब तक फैक्ट्री के अंदर का रेल ट्रैक भी तैयार कर लिया जायेगा |

यह भी जानिए कि भारतीय रेल और फ्रांसीसी कंपनी ‘एल्सटॉम’ के बीच हुए एकरारनामा के अनुसार कंपनी 12000 हॉर्स पावर के 800 विद्युत रेल इंजन 11 वर्ष में बनाकर देगी जिसमें प्रथम पांच इंजन फ्रांस में तैयार होने थे और शेष 795 इंजन ग्रीन फील्ड विद्युत Rail karkhana of Madhepura में निर्माण किया जाना था |

परंतु, बाद में यह तय किया गया कि प्रथम पाँचों इंजन के कलपुर्जे भी फ्रांस एवं अन्य जगहों से मंगवा कर मधेपुरा के रेल कारखाने में ही तैयार किया जाय | फलस्वरूप, फ्रांस सहित अन्य जगहों से तीन चार महीने बाद यानी सितंबर माह से कल-पुर्जे आने लगेंगे तब तक में प्रथम चरण का भवन निर्माण कार्य भी पूरा हो जायेगा तथा रोजगार के द्वार भी खुलने लगेंगे |

यह भी जान लें कि फरवरी 2018 के निर्धारित समय सीमा के अंदर पहला इंजन तैयार करने के लिए सभी तकनीकी पदाधिकारी एवं कर्मचारीगण दिन-रात काम में लगे रहते हैं तथा आने वाली छोटी-बड़ी बाधाओं को दूर करने के लिए रेल फैक्ट्री के मुख्य प्रशासक खुशीराम एवं उप मुख्य अभियंता के.के.भार्गव तैनात दिखते हैं और स्थानीय अवरोधों को दूर करने में डीएम मो.सोहैल, रहते हैं सदैव मुस्तैद !!

Executive Director of Railway Board S.K.Saha alongwith Chief Administrator Khushi Ram , DCE K.K.Bhargav , DCEE B.K.Pandey and others visiting Madhepura Electric Rail Engine Factory to have the actual Progress Reports .
Executive Director of Railway Board S.K.Saha alongwith Chief Administrator Khushi Ram , DCE K.K.Bhargav , DCEE B.K.Pandey and others visiting Madhepura Electric Rail Engine Factory to have the actual Progress Reports .

बीच-बीच में रेलवे बोर्ड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर इलेक्ट्रिकल डेवलपमेंट एस.के. साहा, रेलवे बोर्ड के एडवाइजर सुधीर कुमार एवं डी.आर.एम. आर.के.जैन आदि Madhepura Rail Engine Karkhana का निरीक्षण करते रहे हैं और मधेपुरा-सहरसा-मानसी विद्युतीकरण कार्य पूरा करने हेतु विचार-विमर्श और बैठकें भी करते रहे हैं ताकि नियत समय के अंदर कारखाने का वर्कशॉप, रेल ट्रैक बिछाने का काम, ऑफिसर्स क्वाटर्स के साथ-साथ गम्हरिया ग्रिड से 14 कि.मी. ट्रांसमिशन लाइन कारखाने तक ससमय पूरा हो जाय | दूसरे फेज में बचे सारे काम फरवरी 2019 तक पूरे कर लिए जायेंगे |

रविवार 7 मई 2017 को कारखाने में आई निरीक्षण टीम के डायरेक्टर एस.के.साहा सहित अन्य अधिकारियों ने मधेपुरा अबतक को बताया कि पहला इंजन फरवरी 2018 में तैयार होगा और बाद में चार और……… इसके बाद 35,  फिर 60 और  उसके बाद प्रतिवर्ष 100 इंजन तैयार होते चले जायेंगे | मौके पर उपस्थित डिप्टी चीफ इंजीनियर के.के.भार्गव और डीसीई बी.के.पांडे ने बताया कि मधेपुरा-मानसी 65 किलोमीटर रेल लाइन विद्युतीकरण कार्य इस साल के दिसंबर माह तक पावरग्रिड कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड से हर सूरत में पूरा करा लिया जायेगा जिसके लिए लागत राशि 65 करोड़ 56 लाख तय की गई है |

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