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सिंहेश्वर महोत्सव का जानदार-शानदार समापन बना यादगार……!

तीन दिवसीय पाँचवे सिंहेश्वर महोत्सव-2018 के दूसरे दिन हुए कार्यक्रमों में “शिव और शक्ति” की महिमा के गीत प्रस्तुत करते हुए जहाँ मुंबई के सूफी गायक विनोद गवार की आवाज का जादू सर चढ़कर बोला और मंत्रमुग्ध होकर दर्शकों ने उनके शिव तांडव, राधा कृष्ण रासलीला एवं भस्मावतार आरती का भरपूर आनंद उठाया…… वहीं सजदा तेरा सजदा…… से लेकर…… बाबा भोलेनाथ को मनाऊँ कैसे…… आदि गीतों ने खूब तालियाँ बटोरी और संपूर्ण माहौल को भक्ति रस में डुबो दिया | साथ ही इलाहाबाद की झाँकी टीम एवं आसाम की बीहू नृत्य आकर्षण का मुख्य केन्द्र बना रहा |

Rising Star Playback Singer Amitabh Narayan along with Dr.Bhupendra Narayan Madhepuri , BDO Ajit Kumar and others at Singheshwar Mahotsav 2018.
Rising Star Playback Singer Amitabh Narayan along with Dr.Bhupendra Narayan Madhepuri , BDO Ajit Kumar and others at Singheshwar Mahotsav 2018.

समापन की शाम को युवा गायक अमिताभ नारायण एवं मैथिली ठाकुर की जोड़ी ने यादगार बना दिया | हिन्दी, मैथिली एवं भोजपुरी गीतों के जलवे पर थिरकने लगे युवावर्ग और झूमने लगे बच्चे…..! इस जोड़ी की दिलकश मखमली गायकी ने दर्शकों को खूब नचाया, गवाया और बाँध सा लिया | यह महफिल तब और दिलकश हो गयी जब अमिताभ ने मैथिली के संग सुर में सुर मिलाया |

बता दें कि दर्शकों से खचाखच भरे विशाल पंडाल में अमिताभ-मैथिली के स्वरों के साथ बच्चों की माताएं भी गाती हुई नजर आई | जहाँ मधुबनी-बेनीपट्टी की राइजिंग स्टार मैथिली ने ‘अंगनवा में भवनवा में….’ से लेकर ‘दिगम्बर खेले मसाने में होरी……’ पर दर्शकों को झुमाती रही वहीं प्लेबैक सिंगर मुजफ्फरपुर के इंडियन आइडल शो विजेता अमिताभ दर्शकों को भिन्न-भिन्न स्वाद के गानों के साथ झुमाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी……|

Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri , President Awardee Prof.Y.N.Yadav and DDC Mukesh Kumar giving momento to NDC Rajneesh Roy for the best arrangements of Singheshwar Mahotsav 2018.
Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri , President Awardee Prof.Y.N.Yadav and DDC Mukesh Kumar giving momento to NDC Rajneesh Roy for the best arrangements of Singheshwar Mahotsav 2018.

यह भी जानिये कि पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित तीन दिवसीय सिंहेश्वर महोत्सव- 2018 में पटना दूरदर्शन की रूपम त्रिविक्रम एवं भागलपुर आकाशवाणी के मिलिंद गुंजन ने मधेपुरा जिला प्रशासन द्वारा आयोजित बेहतरीन व्यवस्था की सराहना करते हुए तथा अपनी खूबसूरत कला एवं मधुर आवाज का प्रदर्शन करते हुए दर्शकों को राज्यस्तरीय प्रदर्शन जैसा आनन्द अंततक देते रहे |

जहाँ स्थानीय कलाकारों में स्वर शोभिता संगीत महाविद्यालय की हेमा के निर्देशन में बच्चों ने बेहतरीन प्रस्तुति दी वहीं कलामंदिर, ओंकार म्यूजिक एवं सृजन दर्पण के निर्देशक विकास कुमार के ‘डोमकच’ के प्रदर्शन पर दर्शकों ने खूब तालियाँ बजायी |

अंत में सभी कलाकारों सहित राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत तबला वादक प्रो.योगेन्द्र नारायण यादव को प्रभारी डीएम सह डीडीसी मुकेश कुमार, एनडीसी रजनीश, समाजसेवी डॉ.मधेपुरी आदि ने सिंहेश्वर नाथ की स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया | बेहतरीन कार्यक्रम संयोजन के लिए एनडीसी रजनीश राय को भी समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी व डीडीसी द्वारा प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया | इस अवसर पर डॉ.मधेपुरी ने कहा- यह पाँचवाँ महोत्सव है | सर्वप्रथम 2014 में डीएम गोपाल मीणा के कार्यकाल में आयोजित हुआ था | तब से आजतक प्रत्येक वर्ष मुझे आने का अवसर मिलता रहा परन्तु इस बार की मंचीय व्यवस्था राज्य स्तरीय मंच जैसा महसूसता रहा हूँ | इसके लिए जिला प्रशासन की जितनी सराहना की जाय वह कम ही होगी |

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त्रि-दिवसीय पाँचवें सिंहेश्वर महोत्सव का भव्य उद्घाटन !

ऋषि श्रृंग की पावन नगरी में त्रि-दिवसीय पाँचवें सिंहेश्वर महोत्सव का भव्य उद्घाटन शुक्रवार को सिंहेश्वर पशु हाट परिसर के सर्वाधिक आकर्षक मंच पर संध्या 4:00 बजे जिला प्रशासन के पदाधिकारियों एवं गणमान्यों की उपस्थिति में बिहार सरकार के विभिन्न विभागों में मंत्री रहे जनसेवी विधायक नरेन्द्र नारायण यादव, जिला परिषद अध्यक्षा मंजू देवी एवं समाजसेवी व सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति के सदस्य डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने दीप प्रज्वलित कर संयुक्तरूप से उद्घाटन किया |

बता दें कि दूरदर्शन ऑल इंडिया रेडियो से आई एंकर रूपम त्रिविक्रम ने अपनी मधुर आवाज से कार्यक्रम का आगाज करते हुए सर्वप्रथम सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति के सदस्य डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी को पाँचवें महोत्सव में उद्गार व्यक्त करने हेतु आवाज दी |

डॉ.मधेपुरी ने अपने संबोधन में कहा कि शिव ऊर्जा का श्रोत है | शिवलिंग का स्वरूप परमाणु रिएक्टर की तरह होता है जिसकी ऊर्जा अनंत है | शिवलिंग जहाँ स्थापित होता है वहाँ की ऊर्जा से आस-पास का क्षेत्र सकारात्मकता से भरपूर होता है | उन्होंने कहा कि जिसे कोई स्वीकार नहीं करता उसे शिव स्वीकार लेता है | शिव के प्रेम में त्याग, तप और समर्पण भरा होता है | शिव से सीखिए- डिप्रेशन को डमरु बजाकर भगाना |

अंत में डॉ.मधेपुरी ने भारतरत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के स्कूली दिनों की चर्चा करते हुए कहा कि वे नमाज पढ़ने के बाद प्रतिदिन रामेश्वरम के शिव मंदिर की परिक्रमा किया करते थे | नटराज शिव का चित्र डॉ.कलाम इसीलिए हमेशा अपने पास रखते कि वे मिसाइल की कठिनतम समस्याओं को भी नाचते-गाते हल कर लिया करते | उन्होंने कहा कि शिव अर्धनारीश्वर है तभी तो वे नारी को शक्ति का स्रोत मानते हैं | वे देवों के देव हैं, तभी तो हर विरोधाभास को अपने अंदर समाहित कर लेते हैं |

जिला परिषद अध्यक्षा मंजू देवी ने अपने संक्षिप्त सारगर्भित संबोधन में यही कहा कि सिंहेश्वर महोत्सव में विभिन्न संस्कृतियों की झलक आपको मिलेगी | आप शांति और भाईचारा बनाये रखिए तथा 3 दिनों तक भरपूर आनंद लीजिए |

अंत में समारोह के मुख्य आकर्षण लोकप्रिय मंत्री रहे आलमनगर के जनप्रिय विधायक नरेन्द्र नारायण यादव ने विस्तार से शिव-पार्वती परिवार की विविधताओं को संदर्भित करते हुए बाल विवाह एवं दहेज बंदी की चर्चाएं की और कहा कि इन दिनों बिहार सरकार भी इन दोनों का विरोध करते हुए उसे जड़ से उखाड़ने का प्रयास कर रही है | उन्होंने यह भी कहा कि शिव गरीबों-वंचितों के देवता हैं | हमारा देश आध्यात्मिक देश है, ऋषियों का देश है |

आरंभ में स्वर शोभिता संगीत महाविद्यालय की निदेशिका हेमलता ने बच्चियों के नृत्य व गायन द्वारा एसपी विकास कुमार, डीडीसी मुकेश कुमार, एएसपी राजेश कुमार, एसडीएम संजय कुमार निराला, उपाध्यक्ष रघुनंदन दास, स्काउट एंड गाइड के जयकृष्ण यादव सहित अतिथियों का भरपूर स्वागत किया | देर रात तक गया के कलाकारों द्वारा महाआरती, पूर्वोत्तर कलाकारों की प्रस्तुति के साथ-साथ वाई शंकर मूर्ति की मनभावन प्रस्तुति दर्शकों की तालियाँ बटोरती रही |

उद्घाटन कार्यक्रम सत्र का धन्यवाद ज्ञापन सदर एसडीएम संजय कुमार निराला ने किया – मंचासीन मान्यजनों के साथ-साथ दर्शक दीर्घा में बैठे मीडिया मेन के अतिरिक्त विभिन्न दलों के अध्यक्ष सचिव- शौकत अली, राजीव जोशी, नरेश पासवान, सत्येन्द्र सिंह, ध्यानी यादव, अशोक चौधरी आदि सहित स्थानीय बीडीओ अजीत कुमार, सीओ कृष्ण कुमार व दर्शको को भी |

चलते-चलते शिवभक्तों को यह भी बता दें कि मधेपुरा के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल (भा.प्र.से.) ने सिंहेश्वर में 1-1 महीने का वर्ष में दो बार मेला लगाने का प्रावधान कर दिया है | एक शिवरात्रि में और दूसरा सावन के महीने में, बिल्कुल देवघर की तरह ही |

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डॉ.मधेपुरी ने कहा हमें अपने गणतंत्र पर गर्व है !

मधेपुरा के अमर स्वतंत्रता सेनानी भूपेन्द्र नारायण मंडल के नाम वाले भूपेन्द्र चौक पर प्रातः 8:00 बजे  समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने देश के शहीदों, सेनानियों एवं संविधान सभा के सदस्यों को याद किया तथा उन्हें नमन करते हुए बुद्धिजीवियों एवं स्कूली बच्चों के बीच तिरंगा लहराया | डॉ.मधेपुरी ने यही कहा कि आज सारा भारत 69वाँ गणतंत्र दिवस मना रहा है और एक-एक भारतीय को अपने गणतंत्र पर गर्व है | बस यही है अरमान…. कि हर एक के दिल-व-दिमाग में….. जिंदा रहे हिंदुस्तान !!

और बता दें कि उसी मनीषी के नाम वाले बी.एन.मंडल स्टेडियम में मधेपुरा के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल (IAS) ने पूरी टीम के साथ 9:00 बजे स्वतंत्रता सेनानियों, ढोल-नगाड़ों से लैस स्कूली बच्चों, NCC एवं स्काउट सहित पुलिस के जवानों व गणमान्यों के बीच तिरंगे को सलामी दिया | मधेपुरा के उत्तरोत्तर विकास के लिए जनसहयोग की आवश्यकता पर बल देते हुए मो.सोहैल ने कहा कि बाल-विवाह , दहेज़ एवं शिक्षा व्यवस्था में समुचित सुधार और छात्र-छात्राओं द्वारा नकल का पूर्णत: परित्याग किये बिना यहाँ इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, आईटीआई….. आदि से लेकर विद्युत रेल इंजन फैक्ट्री निर्माण का कोई औचित्य है क्या ?

Republic Day at B.N. Mandal University, Madhepura.
Republic Day at B.N. Mandal University, Madhepura.

यह भी जानिए कि उसी समाजवादी मनीषी के नाम भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के विद्वान कुलपति प्रोफेसर डॉ.अवध किशोर राय द्वारा इस अवसर पर विश्वविद्यालय कार्यालय के समीप 69वें गणतंत्र दिवस पर तिरंगे को सलामी देते हुए संदेश स्वरूप यही कहा गया कि देश के विभिन्न क्षेत्रों में उन्नति करते हुए एक सबल राष्ट्र के रूप में कदम बढ़ा चुका है | डॉ.राय ने कहा कि जब हम 33 करोड़ थे तब मेरे पास घर में एक बड़ा रेडियो हुआ करता था आज जब लगभग 133 करोड़ के करीब पहूँच रहे हैं तो रेडियो और सिनेमा हॉल मूवी मेरे मुट्ठी में समा गया है……. रुपए भी ढोने से मुक्त कर दिया गया है मोबाइल ने !

Republic Day at T.P. College , Madhepura.
Republic Day at T.P. College , Madhepura.

आज सारा मधेपुरा गणतंत्र के तिरंगे के साथ लहराता रहा | टीपी कॉलेज के नवनियुक्त प्राचार्य सह सिंडिकेट सदस्य डॉ.परमानंद यादव आज इस गणतंत्र दिवस पर तिरंगे को सलामी देने के बाद समर्पण के साथ कार्य करने एवं महाविद्यालय को भारत के मानचित्र पर ले जाने का संकल्प लिया | डॉ.यादव ने सभी कुलपतियों से लेकर श्रद्धेय रतन चंद, महावीर बाबू एवं रवि बाबू सहित पूर्व के सभी प्राचार्यों के अवदानों की भी सराहना की तथा छात्रों को अपनी मेंहनत से महाविद्यालय के नाम को रोशन करने का संदेश दिया |

इसके अलावा विश्वविद्यालय परिसर में शहीद चुल्हाय उद्यान, शिक्षक संघ भवन, अवकाश प्राप्त शिक्षक कल्याण संघ एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघ आदि स्थानों पर भी गणतंत्र दिवस ससम्मान मनाया गया | तिरंगामय हो गया संपूर्ण मधेपुरा |

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मधेपुरा को मोदी और मैक्रॉन का इंतजार

मधेपुरा ग्रीनफील्ड विद्युत रेल इंजन फैक्ट्री निर्माण हेतु डायनेमिक डीएम मो.सोहैल की उपस्थिति में जीईएलएफ के डिप्टी चीफ इंजीनियर के.के.भार्गव ने 2016 के मई महीने के प्रथम सप्ताह में भूमि पूजन की थी | इनकी मुस्तैदी ऐसी रही कि निर्धारित समय से पूर्व ही फैक्ट्री बनकर तैयार हो गई और अगले माह फरवरी की 28 तारीख से पूर्व 28 करोड़ कीमत वाला 12,000 हॉर्स पावर (H.P.) का पहला विधुत रेल इंजन तैयार होकर राष्ट्र के नाम समर्पित होने के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं फ्रांस के प्रेसिडेंट इमानुएल मैक्रॉन  के आगमन का इंतजार कर रहा है |

बता दें कि उक्त कार्यक्रम का जायजा लेने के लिए अल्सटॉम कंपनी के वरीय कार्यपालक अधिकारी आज मधेपुरा रेल फैक्ट्री में हेलीकॉप्टर से पहुंच रहे हैं जिसकी अनुमति डीएम मो.सोहैल ने दे दी है | यह भी जानिये कि आल्सटॉम के साईट मैनेजिंग डायरेक्टर सचिन गोयल के पत्र के आलोक में जिलाधिकारी ने विद्युत इंजन कारखाना के पास हेलीकॉप्टर उतारने के लिखित अनुमति दी है |

यह भी बता दें कि अल्सटॉम के सीनियर एग्जिक्यूटिव अफसर 23 को आयेंगे और मुआयना करके 24 जनवरी को ही वापस हो जायेंगे | उनकी चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के लिए डीएम द्वारा निर्देश जारी कर दिये गये हैं |

डीएम मो.सोहैल जहाँ भवन प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को रेल फैक्ट्री के संबंधित पदाधिकारी से मिलकर अक्षांश-देशांतर आदि नियमानुसार हेलीपेड निर्माण कार्य करने का निर्देश दिया वहीं अग्निशामक के वरीय पदाधिकारी को उक्त स्थल व तिथि को अग्निशामक वाहन तैयार हालात में रखने को पत्र प्रेषित किया है | साथ ही डीएम द्वारा सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया है कि 23 और 24 जनवरी को उक्त निर्धारित स्थल पर एक एंबुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करें और आवश्यक जीवन रक्षक दवा सहित चिकित्सक, नर्स, स्टाफ आदि सारी सुविधाएं सदैव उपलब्ध रखें | यहाँ तक कि एसडीएम संजय कुमार निराला को निर्देश दिया गया है कि वे उक्त स्थल पर विधि व्यवस्था हेतु दंडाधिकारी सहित पुलिस बल की व्यवस्था सुनिश्चित करें | ऐसी व्यवस्था के बीच मधेपुरा आगे बढ़ता ही रहेगा |

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मधेपुरा की मानव श्रृंखला ने बाल विवाह- दहेज के खिलाफ ठंड की भी ना सुनी

जहाँ नीतीश सरकार की रीढ़ माने जाने वाले, वित्त-वाणिज्य-विधि एवं बिजली जैसे विभिन्न दुरूह विभागों को सहजतापूर्वक चलाने वाले और साहसिक कदम उठाते हुए जन-जन को लाभ लेने हेतु जागरूक करने वाले मधेपुरा जिला के प्रभारी मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव हो तथा डायनेमिक डीएम मो.सोहैल व एसपी विकास कुमार की पूरी सक्रिय टीम  हो- जो हर घर, हर डगर एवं हर मोड़ पर एक-दूसरे से यही कहते सुने जाते हों-

बनें श्रृंखला के भागीदार , दहेज मुक्त बने बिहार

दहेज़ बिहार छोड़ो , बाल विवाह से नाता तोड़ो

तो भला मधेपुरा की मानव श्रृंखला- बाल विवाह व दहेज के खिलाफ भीषण जानलेवा ठंड के साथ-साथ सरस्वती पूजनोत्सव की भी ना सुनी…… तो ना चाहने वाले भी क्या करें ! बिहार में 4 करोड़ से अधिक लोगों ने 14,000 किलोमीटर मानव श्रृंखला बनाकर नीतीश सरकार के नये व बड़े सामाजिक परिवर्तन की मजबूत बुनियाद रख दी है |

बता दें कि वर्तमान बिजली मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने सभी मीडिया कर्मियों को ‘रीत’ और ‘नीति’ दो शब्दों की कुशल व्याख्या करते हुए संक्षेप में यही कहा कि समाज चलता है रीत से और सरकार चलती है नीति से | अंधविश्वास बढ़ने से समाज रीत से भटककर कुरीतियों के रास्ते चलने लगता है | इससे मुक्ति दिलाने के लिए सरकार को नीति बनाने की जरूरत पड़ती है | समाज को जगाने की और उसकी सहभागिता की आवश्यकता होती है |

इस अवसर पर समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने मीडिया से यही कहा कि समाज को बदलने में बहुत समय लगता है और बदलने वालों को बहुत कुछ सहना पड़ता है | राजा राममोहन राय को सती प्रथा जैसी सामाजिक कुरीति को दूर करने में कितने पत्थर खाने पड़े | नीतीश सरकार ने तो नशा, बाल विवाह और दहेज जैसी कुरीतियों को एक साथ दूर करने का कठोर संकल्प ले लिया है  | परंतु, सफलता इसलिए मिलेगी कि इस संकल्प को पुरुषों से अधिक महिलाओं एवं बच्चों का समर्थन है | डॉ. मधेपुरी ने कहा कि नीतीश सरकार की साइकिल और पोशाक योजना ने तो लड़कियों के हौसलों को पंख लगा दिया है जिसे अन्य राज्य भी ललचाई नजर से देखने लगे हैं और अपनाने भी लगे हैं |

यह भी जानिए कि इस जिले में कहीं दहेज विरोधी नारों से गूंज उठी सड़कें तो कहीं बाल विवाह न करने का लिया गया संकल्प | एक तरफ दिखा जोश तो दूसरी और कुरीतियों के खिलाफ बेमिसाल एकजुटता | उत्साह और उमंग के साथ हर किसी की रही हिस्सेदारी | ठंड में भी उमड़ पड़ा हुजूम | 11:00 बजे से ही दिखने लगी थी भीड़ |

मधेपुरा के भूपेन्द्र चौक पर मानव श्रृंखला में देखे गये- ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र, डॉ.मधेपुरी एवं  बिहार सरकार के वित्त सचिव राहुल कुमार सिंह (आईएएस), जिला परिषद अध्यक्षा मंजू देवी, उपाध्यक्ष रघुनंदन दास, आदित्य कुमार, जदयू जिलाध्यक्ष प्रो.बिजेन्द्र प्रसाद यादव, आनंद मंडल, बी.बी. प्रभाकर जैसे प्रमुख जनों को और आकाश में देखा गया ‘ड्रोन’ को उड़-उड़कर फोटो लेते हुये |

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शहीद चुल्हाय के खून का कुछ कर्ज चुकाया मधेपुरा ने

भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन के अगस्त क्रांति के अमर शहीद चुल्हाय मंडल की 98वीं जयंती के अवसर पर उनके पैतृक गाँव मनहरा-सुखासन में उनकी प्रतिमा का अनावरण किया- बिहार सरकार के पूर्व आपदा प्रबंधन मंत्री सह वर्तमान लोकप्रिय विधायक प्रो.चन्द्रशेखर ने | इस अवसर पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि शहीद चुल्हाय ने आजादी के लिए अपनी जान तक की कुर्बानी दी जिसे हम सबों को मिलकर अक्षुण्ण रखना होगा तथा उनके सपनों का भारत बनाना होगा |

मंचासीन होने के साथ उद्घाटनकर्ता विधायक प्रो.चन्द्रशेखर, मुख्यवक्ता डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी , मुख्य अतिथि पूर्व विधान पार्षद विजय कुमार वर्मा,  विशिष्ट अतिथि डॉ.नरेश कुमार तथा अध्यक्षता कर रहे प्रो.श्यामल किशोर यादव सहित ई.प्रभाष आदि ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का सम्मिलित रूप से उद्घाटन किया |

उद्घाटनकर्ता एवं मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि शहीद चुल्हाय वसूल के पक्के आदमी थे, उन्होंने जान गवां दी लेकिन अंग्रेजों से समझौता नहीं किया | उन्होंने यह भी कहा कि गरीबों एवं दलितों की आवाज को उठाने वाले राजद सुप्रीमो लालू यादव एवं मंडल मसीहा का प्रतीक शरद यादव को नीचे दिखाने के लिए एक से बढ़कर एक षड्यंत्र किया जा रहा है | विशिष्ट अतिथि सिनेट सदस्य डॉ.नरेश कुमार ने चुल्हाय मंडल एवं शिक्षा जगत के लोक नायक कीर्ति नारायण मंडल के अवदानों की भूरि-भूरि प्रसंशा की,सराहना की |

समारोह के मुख्यवक्ता डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने अपने विस्तृत संबोधन में यहीं से आरंभ किया कि यूँ तो मधेपुरा सामाजिक परिवर्तन की धरती रही है लेकिन आज से क्रान्तिवीर शहीदों की धरती भी कही जायेगी | उन्होंने कहा कि अगस्त क्रांति में मधेपुरा-सहरसा के कुल 9 शहीदों में केवल दो शहीदों- चुल्हाय मंडल और धीरो राय का शव उनके परिवार को नहीं उपलब्ध कराया गया |

Former Minister Prof.Chandrashekhar, Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri, Former MLC Vijay Kumar Verma , Prof.S.K.Yadav, Dr.Naresh Kumar , Er.Prabhash & others inaugurating Shahid Chulhai Pratima Anawaran Samaroh.
Former Minister Prof.Chandrashekhar, Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri, Former MLC Vijay Kumar Verma , Prof.S.K.Yadav, Dr.Naresh Kumar , Er.Prabhash & others inaugurating Shahid Chulhai Pratima Anawaran Samaroh.

आगे डॉ.मधेपुरी ने कहा कि नेपाल के ‘बकरो के टापू’ पर डॉ.लोहिया और जयप्रकाश क्रमशः ट्रांसमीटर ऑपरेटर एवं आजाद दस्ते को ट्रेनिंग देने में लगे थे | इनसे निर्देश प्राप्त कर 25 जनवरी 1943 का मनहरा गांव आये प्रखर सेनानी कमलेश्वरी प्रसाद मंडल | उन्हीं के मशविरानुसार एक धोती ओढ़े-पहने 26 जनवरी को सवेरे मधेपुरा के ट्रेजरी बिल्डिंग परिसर में पहुंच गये क्रांतिवीर शहीद चुल्हाय और ज्योंहि तिरंगा लहराते हुए ‘भारत माता की जय’ बोले कि गोरे सिपाहियों ने उन्हें दबोच लिया | पहले तो रस्सी से पैरों को छान दिया और मार-मारकर लहू-लुहान कर दिया | फिर डाकबंगला रोड होकर घसीटते हुए डाकबंगला परिसर के ऊंचे दरख्त में उन्हें उल्टा लटका दिया गया और दो दिन-दो रात तक उस कड़ाके की ठंड में बिना वस्त्र के लाठियों की वर्षा में नहाता रहा चुल्हाय | उस क्रांतिवीर चुल्हाय की नाक-आँख-कान और मुँह से खून निकलता रहा……. और वह हमेशा बन्दे मातरम……. बोलता ही रह गया | अधमरा हो जाने पर जब चुल्हाय को 29 जनवरी को जेल ले जाया जा रहा था तब रास्ते में तीन जगह उसके मुंह से खून का ‘थक्का’ गिरा……..| 30 जनवरी की रात को कदाचित वह शहीद हो गया था फिर भी इलाज  कराने के बहाने बाहर लेकर चला गया | उसकी लाश भी घरवालों को नहीं मिली | जब देश 16 अगस्त को आजादी का जश्न मना रहा था तब मधेपुरावासियों ने वहाँ-वहाँ शहीद चुल्हाय द्वार बनाकर श्रद्धांजलि निवेदित किया, जहाँ-जहाँ खून का थक्का गिरा था………| और उसके बाद से लगभग चार दशक तक वह शहीद इतिहास के पन्नों से गायब हो गया | मधेपुरा उसकी शहादत को भी भूल गया |

आगे डॉ.मधेपुरी ने इतने लम्बे अंतराल के बाद मधेपुरा जिला उद्घाटन की तिथि 9 मई 1981 को सामाजिक न्याय के पुरोधा बी.पी.मंडल के अध्यक्षीय भाषण में “शहीद चुल्हाय मंडल” का नाम पहली बार सुना और तब से इस शहीद के क्रिया-कलापों को बुद्धिजीवियों तक पहुंचाने हेतु उन्होंने कलम उठाई | भू .ना.मंडल विश्वविद्यालय में “शहीद चुल्हाय उद्यान” बनाकर एवं डाक बंगला रोड का नामकरण “शहीद चुल्हाय मार्ग” कराकर तत्कालीन कुलपति डॉ.आर.के.चौधरी एवं तत्कालीन  जिप अध्यक्षा श्रीमती मंजू देवी से उद्घाटित हो जाने के बाद ही उन्होंने चैन की सांस ली, परन्तु वे संतुष्ट नहीं हुए | डॉ.मधेपुरी की अभी भी बलवती इच्छा यही है कि शहीद चुल्हाय की भव्य प्रतिमा मधेपुरा डाक बंगला परिसर में वहाँ बने जहाँ उसके शरीर का बूंद-बूंद खून गिरा था तथा मकर संक्रांति के अवसर पर भव्य मेला उस मनहरा ग्राम में लगे जहाँ शहीद चुल्हाय ने जन्म ग्रहण किया था |

समारोह को संबोधित करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में प्रमुख रहे हैं- ई.प्रभाष, डॉ.आलोक कुमार, परमेश्वरी प्रसाद यादव, तेज नारायण यादव, आलोक कुमार मुन्ना, राज किशोर यादव, डॉ.रवि शंकर, पंकज कुमार, योगेन्द्र यादव, वीरेंद्र यादव, डॉ.राजेश रतन मुन्ना, लड्डू कुमार एवं ग्रामीण आदि |

अंत में जहाँ अध्यक्षता कर रहे प्रो.श्यामल किशोर यादव ने बच्चों से कहा- सूरज की तरह तभी चमकोगे जब सूरज की तरह जलोगे, वहीं मंच संचालन किया प्रो.जय कृष्ण यादव और डॉ.नरेश कुमार ने अतिथियों एवं गणमान्यों को धन्यवाद ज्ञापित किया |

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मधेपुरा अब तेजी से आगे बढ़ रहा है

मधेपुरा में जबकि 1992 में ही बी.एन.मंडल विश्वविद्यालय की स्थापना हुई और कुलपति व कुलसचिव सहित केवल 8 पदों पर कार्य करने की अनुमति भी दी गई | तब से हाल तक पद सृजन से संबंधित कोई कार्य न तो सफलतापूर्वक किया गया और न पैतृक विश्वविद्यालय (LNMU) से किसी अधिकारी या कर्मचारी को भेजा या लाया जा सका | यह बी.एन.मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा 25 वर्षों तक फकत कारसेवकों द्वारा ही चलता रहा |

बता दें कि हाल ही में आये 23वाँ कुलपति डॉ.ए.के.राय के कार्यकाल में 86 कारसेवकों की विधिवत स्थायी नियुक्ति की गई और कारसेवक संस्कृति की सदा के लिए समाप्ति हो गई | विश्वविद्यालय अब कुपोषण मुक्त दिखने लगा है तथा शैक्षिक कार्य निरंतर पटरी पर आने लगा है |

दूसरी ओर नई उम्मीद एवं कलेवरों के साथ नये साल में मधेपुरा सँवरने लगा है | रेल इंजन कारखाना एवं मेडिकल कॉलेज ये दोनों मधेपुरा के विकासरथ को रफ्तार देने हेतु दो पहिए का काम करने लगा है | एक बार नव वर्ष के प्रथम माह में विकास की समीक्षा करने सीएम आते हैं तो दूसरे माह फरवरी में दो हजार करोड़ की लागत से बन रहे रेल इंजन कारखाने में बने इलेक्ट्रिक रेल इंजन का उद्घाटन करने प्रधानमंत्री आने वाले हैं |

यही मधेपुरा है जहाँ 800 करोड़ का मेडिकल कॉलेज बन रहा है और लगभग 100 करोड़ का इंजीनियरिंग कॉलेज | एनएच 106 एवं एनएच 107 के साथ-साथ एएनएम ट्रेनिंग सेंटर, जीएनएम स्कूल, पॉलिटेक्निक कॉलेज, आई टी आई कॉलेज आदि जल्द ही बन रहा है | वस्तुतः मधेपुरा तकनीकी शिक्षा का हब बनने जा रहा है |

तो तीसरी ओर राज्य सरकार के सात निश्चयों को अमलीजामा पहनाने हेतु प्रखंड स्तर तक “समाज सुधार वाहिनी रथ” चंद दिनों में चालू होने वाला है जिसके माध्यम से विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में शैक्षणिक जागरूकता हेतु संकल्प दिलाया जायेगा | कर्मकांड एवं धर्मांधता से मुक्ति दिलाने हेतु डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी द्वारा गाँव-गाँव जा-जाकर किये जा रहे प्रयास से सामाजिक अंधविश्वासों में कमी आयेगी | मधेपुरा के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल की टीम द्वारा नशाबंदी के तर्ज पर बालविवाह बन्दी व दहेज़ बन्दी हेतु मानव श्रृंखला की करिश्माई तैयारी पुनः मधेपुरा को पुरस्कृत कराने में सफल होगी | मधेपुरा तेजी से आगे बढ़ता नजर आयेगा और यह धरती वन्दनीय होती चली जायेगी |

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मधेपुरा-सहरसा-मानसी 63कि.मी. डबल रेल लाइन बनेगी

मधेपुरा-मानसी 63कि.मी. रेल विद्युतीकरण कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है | यह कार्य डबल रेल लाइन होने की बात को ध्यान में रखकर किया जा रहा है |

बता दें कि समस्तीपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता श्री प्रवीण कुमार सक्सेना एवं सीनियर सेक्शन इंजीनियर श्री हरेन्द्र कुमार सिंह ने मधेपुरा अबतक को बताया कि मधेपुरा-मानसी भाया सहरसा रेल लाइन के दोहरीकरण का प्रस्ताव भारतीय रेलवे बोर्ड को भेज दिया गया है | इंजीनियर द्वय से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस रूट में हो रहे विद्युतीकरण कार्य एवं सहरसा स्टेशन पर प्लेटफार्म की संख्या बढ़ने के बाद ट्रेनों की संख्या में इजाफा होने की संभावना को देखकर रेल लाइन दोहरीकरण की दिशा में तेज कदम आगे बढ़ाया गया है | उन्होंने कहा कि सावन-भादो में बाढ़-बरसात की मार से अबरुद्ध आवागमन से जूझ रहे कोसी क्षेत्र की लाइफ लाइन का दोहरीकरण यदि हो गया तो क्षेत्र के लिए वरदान साबित होगा | तब ट्रेन लेट नहीं होगी | ट्रैफिक लोड भी घटेगा |

यह भी बता दें कि 28 फरवरी 2018 से पूर्व हर हाल में मधेपुरा-मानसी विद्युतीकरण कार्य पूरा कर लिया जायेगा | अब तक 80% फाउंडेशन और 60% पोल लगा बिजली तार जोड़ने का काम पूरा कर लिया गया है |

जानिए कि 12 वर्ष पहले 12 जून 2005 को मानसी से सहरसा बड़ी रेल लाइन से जुड़ा था | रेल ट्रैक दोहरीकरण से 50 लाख की आबादी को तुरंत फायदा होना शुरू हो जायेगा | दोहरीकरण के लिए लगभग एक दर्जन बड़ा पुल और आधा दर्जन छोटा पुल बनाना होगा |

इस इलाके को फिलहाल दो कर्मठ सांसद पप्पू यादव एवं रंजीत रंजन तो हैं जो मधेपुरा रेल इंजन फैक्ट्री की अहमियत की जोरदार चर्चा कर बजट सत्र में रेल दोहरीकरण के भेजे गये प्रस्ताव को मंजूरी दिला ही सकते हैं |

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पहले स्वयं को फिर समय को जीतें

विश्व विख्यात प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय माउंट आबू के बैनर तले स्थानीय राजयोग सेवा केंद्र जयपालपट्टी, मधेपुरा में नववर्ष के उपलब्ध में आयोजित स्नेही श्रद्धालुओं के “स्नेह मिलन समारोह” का उद्घाटन प्रखर शिक्षाविद व समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने किया और ब्रह्माकुमारी राजयोगिनी तपस्विनी रंजू दीदी ने अध्यक्षता की |

बता दें कि कार्यक्रम का श्री गणेश ॐ शांति गीत से किया गया | गीत समापन के साथ ही उपस्थित जनों ने दीदी के साथ विश्व शांति के लिए ध्यान किया एवं तत्पश्चात सम्मिलित रुप से दीप प्रज्वलित कर पूर्व प्रमुख विनय वर्धन उर्फ खोखा बाबू, विनोद कुमार, विजय वर्धन आदि द्वारा “तमसो माज्योतिर्गमय” का उद्घोष किया गया | सबों को टीका लगाकर अपने संक्षिप्त संबोधन में ब्रम्हा कुमारी रंजू दीदी ने यही कहा- बीते वर्ष में सभी प्रकार के नेकी-बदी किए गये कार्यों की विदाई करें तथा अपने अंतर्मन की स्वच्छता के लिए अपने अंदर में बच रही बुराई को भी विदा कर दें | उन्होंने नये वर्ष में बुरा काम नहीं करने का सबों को संकल्प दिलाया |

यह भी बता दें कि उद्घाटनकर्ता डॉ.मधेपुरी में पुराने और नये वर्ष के सन्धिकाल की विस्तृत चर्चा करते हुए एवं ‘समय’ के संबंध में चेतावनी देते हुए अपनी ही पंक्तियों को यूँ गुनगुनाया-

न आदि न अंत, न टूट कहीं ! न रुके न झुके, शाश्वत है गमय है !!

तेज धार बख्शे न किसी को ! सुनो बंधुओ, वही समय है !!

डॉ.मधेपुरी ने जहाँ समय को विजय कहा वहीं इसे पराजय भी बताया | समय को मित्र कहा तो उसे शत्रु भी कह सुनाया | उन्होंने कहा- “बच्चो ! जीवन-सरिता में सुख-शांति व सद्भाव का सुन्दर कमल खिलाना चाहते हो तो समय के पल-पल को सकारात्मक कर्मों से बांधो | भूल करनेवालों को समय कभी नहीं बख्शेगा |”

मौके पर ओमशांति संस्थान के उन्नयन में लगे पूर्व प्रमुख विनय वर्धन उर्फ खोखा यादव, सिल्लीगुड़ी से पधारी कुसुम मातेश्वरी, ओम प्रकाश यादव, विजय वर्धन, संजय वर्धन, बैजनाथ यादव एवं अयोध्या बाबू सहित अन्य गणमान्यों ने अपने संबोधन के दरमियान सार रूप में यही कहा कि हीरा-मोती देकर भी कोई बीता हुआ समय वापस नहीं ला सकता !

अंत में नव वर्ष पर आयोजित स्नेह-मिलन-समागम का समापन स्नेहिल सहभोज के साथ संपन्न हुआ |

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गाँधी के गाँवों में सशक्त ग्रामीण ही बदलाव ला सकता है

मधेपुरा जिला मुख्यालय के प्राथमिक विद्यालय नौलखिया वार्ड न:-1 में नागेश्वर प्रसाद की धर्मपत्नी प्रथमवती देवी की दूसरी पुण्य तिथि पर भारतीय जन लेखक संघ द्वारा “कर्मकांड और धर्मांधता” विषय पर जिला स्तरीय परिसंवाद एवं कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया | सम्मेलन का उद्घाटन समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने फीते को कैंची से काटकर नहीं बल्कि अपने हाथ से खोलकर किया | इस दौरान डॉ.मधेपुरी ने “कैंची और सूई” के महत्व पर अपनी लम्बी काव्यकृति प्रस्तुत करते हुए विस्तार से कैंची को बांटने का प्रतीक एवं सूई को जोड़ने का प्रतीक बताया |

गाँधी के इस गाँव में माताओं-बच्चों व बड़े-बूढ़ों की भीड़ को संबोधित करते हुए डॉ.मधेपुरी ने अपने उद्घाटन भाषण में विस्तार से ‘कर्मकांड व धर्मांधता’ की व्याख्या की और कहा कि अंधविश्वास मिटाये बिना समाज का कल्याण संभव नहीं | उन्होंने कहा कि इस रूढ़िवादी परंपराओं को ढोने के चलते आर्थिक रुप से कमजोर लोग एक बड़े कर्ज में डूब जाते हैं | बच्चों को समुचित शिक्षा नहीं दे पाते हैं | विवश होकर उन्हें अपनी जमीन जायदाद तक बेचनी पड़ती है |

डॉ.मधेपुरी ने ग्रामीणों को बताया कि हिन्दू धर्म शास्त्र में मुक्ति के जो उपाय बताये गये हैं उन्हें ही कर्मकांड कहा जाता है तथा इसकी रूढ़िवादिता को ही कहा जाता है- धर्मांधता ! श्राद्धकर्म की विविधता का निरूपण करते हुए उन्होंने कहा कि राजा से लेकर गरीब लोगों के लिए भी विष्णुपुराण में पितरों के श्राद्ध करने की चर्चा है जिसमें गरीबों के लिए भी व्यवस्था की गई है | वे हथेली पर तिल के कुछ दाने रखें और जल के साथ सूर्य देव को अर्पित करें या वह भी नहीं हो तो सपरिवार गाय को चारा काटकर खिला दें तथा हाथ जोड़कर अपने पितर से कहें- यही मेरी ओर से किया गया श्राद्ध है इसे मेरी श्रद्धायुक्त प्रार्थना के साथ स्वीकार करें (विष्णुपुराण पृष्ठ संख्या- 248-49)

डॉ.मधेपुरी ने उपस्थित जनसमूह से यह भी कहा कि आडंबर में लोगों को हैसियत से अधिक धन का व्यय करना उसकी मजबूरी बन जाती है | समाज में बदलाव लाने के लिए हमें संकल्पित और संगठित होकर कर्मकांड को त्यागना पड़ेगा | बिना कर्मकांड को त्यागे समाज तरक्की के रास्ते पर आगे नहीं बढ़ेगा | आप गाँठ बांध लें कि यहाँ जूता-छाता-कम्बल…… आदि दान करने से वहाँ पितर को कभी नहीं मिलता है |

अंत में जब डॉ.मधेपुरी ने नौलखियावासी नर-नारियों से कहा कि परिवार व समाज को आगे बढ़ाने के लिए ब्राह्मणवादी ढोंग यानि अंधविश्वास को खत्म करना ही होगा तो सबों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ डॉ.मधेपुरी को पुनः आने का निमंत्रण भी दे डाला | इसी दौरान उद्घाटनकर्ता डॉ.मधेपुरी ने प्रथमवती देवी मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से भीषण ठंड को लेकर विकलांग और विधवा को कंबल भेंट किया |

इस कार्यक्रम में मुख्यवक्ता के रूप में राष्ट्रीय महासचिव महेन्द्र नारायण पंकज, राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर, ई.हरिश्चन्द्र मंडल, डॉ.सुरेश प्रसाद यादव, डॉ.इन्द्र ना.यादव व कामेश्वर राय, पंकज कुमार, सुभाष चन्द्र प्रभाकर, गणेश मानव आदि ने सभा को संबोधित करते हुए इस बात पर जोर देते रहे कि मृत्यु भोज जैसी कुरीति का सामूहिक बहिष्कार जरूरी है क्योंकि यह एक सामाजिक कोढ़ है……….!

दूसरे सत्र में सामाजिक कुरीतियों पर चोट करने वाली कविताओं का पाठ किया सुकवि उल्लास मुखर्जी, डॉ.अरुण कुमार, प्रमोद कुमार, राकेश द्विजराज, योगेंद्र प्रसाद आदि ने | सम्मेलन की अध्यक्षता डॉ.इन्द्र नारायण यादव ने तथा संचालन किये गजेंद्र कुमार और मिथिलेश कुमार ने | सम्मेलन की सफलता के लिए अनीता जी, रमण जी आदि सहित सबों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए श्री रमेश यादव ने अध्यक्ष के निदेशानुसार कार्यक्रम की समाप्ति की घोषणा की | अंत में  सुकवि सुरेंद्र स्निग्ध के आकस्मिक निधन पर 1 मिनट का मौन रखकर शोक जताया गया |

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