देश के लिए शहीद हुए मधेपुरा के सपूत कैप्टन आशुतोष

कौन जानता था कि मधेपुरा जिले के  घैलाढ़ प्रखंड के  भतरंधा-परमानपुर, वार्ड नंबर- 17 (जागीर गांव) के रविंद्र यादव (अनुसेवक, घैलाढ़ पशु चिकित्सालय) का पुत्र कैप्टन आशुतोष शनिवार (8 नवंबर) की शाम 7:00 बजे अपने घर पापा-मम्मी से बात कर यही कहेगा कि दीपावली-छठ की छुट्टी पर घर आऊंगा और ठीक चंद घंटों बाद यानि आधी रात के बाद जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के माछिल सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास पाकिस्तानी आतंकवादियों की घुसपैठ रोकने के दौरान हुई गोलीबारियों में जिले का वह सपूत कैप्टन आशुतोष शहीद हो जाएगा और तिरंगे में लिपटकर दिपावाली से पहले ही अपने माता-पिता सहित परिजनों के बीच आ जाएगा !

जानिए कि इस मुठभेड़ के दौरान भारत का बेशकीमती लाल 24 वर्षीय कैप्टन आशुतोष कुमार ने तीन आतंकवादियों को ढेर कर दिया था। आशुतोष के शहीद होने की सूचना आधिकारिक तौर पर रविवार को शाम 6:30 बजे उनके पिता को दी गई। जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। गांव की सारी महिलाएं कैप्टन आशुतोष के माता-पिता और दो बहनों खुशबू व अंशु को ढाढ़स देने चल पड़ी और पास-पड़ोस की कुछ महिलाएं तो शहीद के परिजनों को संभालने हेतु दौड़ पड़ी, क्योंकि कैप्टन आशुतोष अपने माता-पिता का एकलौता पुत्र जो था। अभी उसकी शादी भी नहीं हुई थी।

बता दें कि शहीद कैप्टन आशुतोष ने सैनिक स्कूल भुवनेश्वर (उड़ीसा) से पढ़ाई पूरी की और उसके बाद एनडीए परीक्षा उत्तीर्ण होकर इंडियन मिलिट्री एकेडमी से 2018 में लेफ्टिनेंट बटालियन-18 मद्रास में भर्ती हुए थे। 3 वर्षो के अंदर ही इन तीन आतंकवादियों को ढेर कर शहीद कैप्टन आशुतोष ने तो अपनी मां के दूध की लाज और भारत माता की इज्जत को सिर आंखों पर रखा ही, साथ ही तिरंगे की शान को भी शानदार व जानदार बनाए रखा।

चलते-चलते यह भी कि जिले के निवर्तमान डायनेमिक डीएम मो.सोहैल द्वारा 2018 में उद्घाटित ‘शहीद पार्क’ में समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने जिले के सभी शहीदों को सदा के लिए सम्मानित किया है, जिसमें घैलाढ़ प्रखंड के ही फुलकाहा निवासी शहीद  प्रमोद कुमार का भी नाम अंकित है। डॉ.मधेपुरी ने कहा कि बच्चों को सदैव प्रेरित करते रहने के लिए कैप्टन शहीद आशुतोष कुमार का नाम भी “शहीदी पट्टीका” में अंकित कराया जाएगा।

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