वे आए भी नहीं कि लौटाए भी गए

शिक्षा विभाग में प्रवेश करते ही शिक्षा सचिव द्वारा स्वागत में शिक्षा मंत्री को दिए गए पुष्पगुच्छ के पुष्प अभी मुरझाए भी नहीं थे कि विरोधी दल के नेता तेजस्वी यादव द्वारा ये बातें जोर से उछाली गई कि शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी पर भ्रष्टाचार के कई आरोप हैं और अनेक संगीन मामले भी चल रहे हैं।

इस तरह से मेवालाल चौधरी को शिक्षा मंत्री बनाए जाने पर विरोध जताए जाने पर जीरो टॉलरेंस वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूछताछ करने के बाद तुरंत इस्तीफा देने को कहा। परंतु  शिक्षा मंत्री मेवा लाल ने सीएम नीतीश कुमार को अपना इस्तीफा सौंप दिया।

जानिए कि 16 नवंबर को जिस महामहिम राज्यपाल फागू चौहान ने राजभवन में मेवालाल चौधरी को शपथ ग्रहण कराया था उसी राजभवन में 19 नवंबर को मेवा की सेवा समापन हेतु अनुरोध करते हुए इस्तीफा भी भेज दिया नीतीश कुमार ने।

यह भी जानिए कि जहां मेवालाल के इस्तीफे पर राजद विधायक व पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप ने विरोधी दल के नेता व पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की तारीफ करते हुए अपने ट्वीट में लिखा है- “जियो मेरे खिलाड़ी, पहले बाॅल में ही मजबूत विकेट को पवेलियन भेज दिया।”

वहीं समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी से इस संदर्भ में पूछे जाने पर साहित्यिक लहजे में बस इतना ही कहा-

मेवा की महफिल भी गई, उनके कदरदां भी गए।

वे आए भी नहीं कि लौटाए भी गए।।

 

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