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भुला दो सारे शिकवे, चलो मनाएं ईद !

ईद 30 रोजे पूरे होने का दिन होता है | पवित्र रमजान के महीने हर बच्चा-बूढ़ा और नौजवान खुदा की इबादत करने हेतु रोजा रखते हैं | अंतिम दिन ईद का चाँद दिखते ही एक दूसरे को तत्क्षण “चाँद मुबारक” कहकर बधाई देने लगते हैं | बड़े-बुजूर्गों का आशीर्वाद लेने लगते हैं | अगली सुबह ईद की नमाज से पूर्व गरीबों को कुछ दान (यानि जकात-उल-फितर) देते हैं |

Samajsevi Sahityakar Dr.Bhupendra Narayan Madhepuri along with the Present MP of Madhepura Shri Rajesh Ranjan alias Pappu Yadav expressing & explaining the importance of Eid to Muslim Youngters in presence of Dr.Ashok Kumar (Principal Madhepura College) after finishing Eid Namaz near Madhepura Eidgah.
Samajsevi Sahityakar Dr.Bhupendra Narayan Madhepuri along with the Present MP of Madhepura Shri Rajesh Ranjan alias Pappu Yadav expressing & explaining the importance of Eid to Muslim Youngters in presence of Dr.Ashok Kumar (Principal Madhepura College) after finishing Eid Namaz near Madhepura Eidgah.

बता दे कि ईद के रोज जो नमाज पढ़ी जाती है वो बन्दों की तरफ से अल्लाह को धन्यवाद ज्ञापित करने के लिए होती है कि उसने उन्हें रोजा रखने की तौफीक दी | फिर बाद में ईद की नमाज पढ़ लेने के बाद सभी एक दूसरे को ईद की बधाई देते हुए “ईद मुबारक” कहते हैं | हिन्दू-मुस्लिम सभी एक दूसरे से गले मिलते हैं | सारे शिकवे भुलाकर ईद मनाते हैं | सारे मैल को धो डालते हैं |

आज सवेरे मुल्क के सभी हिस्से में ईद की नमाज ईदगाह में अदा की गई | मधेपुरा ईदगाह में जहाँ भारी संख्या में मुस्लिम रोजेदारों ने नमाज पढ़ी, वहीं बाहर में मधेपुरा के वर्तमान सांसद पप्पू यादव एवं पूर्व सांसद शरद यादव ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ ईश्वर से अमन-चैन की दुआ मांगी…….. साथ ही नीतीश सरकार के केबिनेट मिनिस्टर रमेश ऋषिदेव भी अपनी टीम के साथ ‘ईद मुबारक’ करते और गले मिलते देखे गये |

Former MP of Madhepura & Senior leader of National Politics Shri Sharad Yadav along with Samajsevi Sahityakar Dr.Bhupendra Madhepuri, Ex-MLC Shri Vijay Kumar Verma, Ex-MLA Shri Parmashwari Prasad Nirala, Congress District President Shri Satyendra Singh & others waiting to give Eid Mabarak in front of Madhepura Eidgah.
Former MP of Madhepura & Senior leader of National Politics Shri Sharad Yadav along with Samajsevi Sahityakar Dr.Bhupendra Madhepuri, Ex-MLC Shri Vijay Kumar Verma, Ex-MLA Shri Parmeshwari Prasad Nirala, Congress District President Shri Satyendra Singh & others waiting to greet Eid Mabarak in front of Madhepura Eidgah.

मधेपुरा के डॉ.कलाम कहे जाने वाले समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने सबों से यही कहा – “ईद सिर्फ आपसी मिल्लत, सद्भाव व भाईचारे का त्यौहार नहीं है, बल्कि यह पर्व अल्लाह द्वारा बन्दों को (दिये गये हुक्म के अनुसार) 30 रोजे रखकर खुद को संतुलित करने तथा समाज को बराबरी पर लाने का मौका है | यह छोटे-बड़े और अमीर-गरीब के दस्तरखान का फर्क मिटाने का अवसर प्रदान करता है | यदि कहीं कोई फर्क रह भी जाय तो हर एक से गले मिलकर ‘बराबरी’ को मजबूत करने का अंतिम मौका देता है | यह बराबरी का पाठ पढ़ाता है, बिछाता है और ओढ़ता है |

यह भी जानिये कि रमजान के महीने में रोजे रखने का फर्ज करार दिया गया है | केवल इसलिए कि इंसान को भूख-प्यास का अहसास हो सके और वह लालच से दूर होकर सही राह पर चल सके….|

चलते-चलते यह भी बता दें कि जहाँ जिला मुख्यालय के सभी मस्जिदों के आस-पास तथा विभिन्न चौक-चौराहों पर पुलिस बल मुस्तैद रहे तथा शांति व सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाये रखने के लिए डीएम नवदीप शुक्ला एवं एसपी बाबूराम अपनी-अपनी टीम के साथ मुस्तैद दिखे, वहीं ईदगाह में इमाम कारी मुस्तकीम तथा बड़ी मस्जिद में मौलाना सगीर नमाज अदा करवाये | साथ ही मो. शौकत अली, ध्यानी यादव आदि साफ-सफाई के अतिरिक्त रोशनी-पानी व्यवस्था हेतु चौकस रहे |

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मंडल विश्वविद्यालय को सँवारने में प्रथम छात्रसंघ का दायित्व अहम !

भू.ना.मंडल विवि को 25 वर्ष के जीवनकाल में डॉ.ए.के.राय एक ऐसे कुलपति मिलें जिन्होंने अपने एक वर्ष के कार्यकाल में ही दो ऐसे कार्यों को अंजाम दिया है जिसके चलते वे विश्वविद्यालय के इतिहास में सदा याद किये जाते रहेंगे- पहला यह कि 25 वर्षों से कार्यरत लगभग 85 कारसेवकों की सेवा नियमितिकरण कर उनके घरों में खुशियों की बहार के साथ-साथ विश्वविद्यालय कार्यों में गति देना…….. दूसरा यही कि 25 वर्षों के बाद शांतिपूर्ण ढंग से छात्र संघ का चुनाव करवा देना जो विश्वविद्यालय  के विकास कार्यों के साथ-साथ उसकी गरिमा को भी ऊंचाई प्रदान करेगा |

बता दें कि जहाँ छात्रों, अभिभावकों एवं बुद्धिजीवियों ने शांतिपूर्ण चुनाव के लिए कुलपति डॉ.अवध किशोर राय, प्रतिकुलपति डॉ.फारूक अली, मुख्य चुनाव अधिकारी डॉ.जितेन्द्र प्रसाद सिंह, कुलानुशासक डॉ.अरुण कुमार सहित चुनाव समिति से जुड़े राजेश सिंह, बिट्टू कुमार, कमल किशोर ठाकुर आदि की सराहना की और साधुवाद दिया वहीं छात्र संघ के चयनित 20 में से उपस्थित 17 प्रतिनिधियों  के शपथग्रहण समारोह का उद्घाटन करते हुए विद्वान कुलपति डॉ.राय ने उन्हें शॉल देकर सम्मानित किया और साथ ही यही कहा कि विश्वविद्यालय के समस्त छात्रों ने छात्र संघ के कंधों पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी दे दी है | उन्होंने कहा कि आगे उड़ान भरने के लिए उन्हें पंख की नहीं, हौसलों की जरूरत होगी |

President, Secretary, Treasure and other members of students union (BNMU) taking oath in the Auditorium Hall of BNMU Madhepura.
President, Secretary, Treasurer and other members of students union (BNMU) taking oath in the Auditorium Hall of BNMU Madhepura.

यह भी जान लें कि कुलपति ने जहाँ यह कहा कि छात्र संघ ऐसा कोई कार्य न करे जिससे विश्वविद्यालय का नाम प्रदेश व देश में कभी बदनाम हो, वहीं उन्होंने यह भी कह डाला कि हमारे लिए छात्रसंघ सर्वोपरि है न कि कोई राजनीतिक पार्टी | लगे हाथ कुलपति ने कहा कि छात्रसंघ अस्त्र-शस्त्र नहीं बल्कि बोली की मधुरता, व्यवहार, आचार व विचार से विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को आगे बढ़ायेगा……. क्योंकि नियमानुसार छात्र संघ के अध्यक्ष विश्वविद्यालय के एकेडमिक काउंसिल के सदस्य भी होंगे |

शपथ-ग्रहण समारोह की अध्यक्षता करते हुए प्रतिकुलपति डॉ.फारुख अली ने छात्रसंघ के नियम-कानून एवं अधिकारों व कर्तव्यों को विस्तार से बताते हुए इस चुनाव में प्रथम वोट डालनेवाली सोनी कुमारी को अपनी तरफ से पुरस्कार स्वरूप ₹500 का इनाम माननीय कुलपति डॉ.राय के हाथों दिलाया |

मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ.जितेन्द्र प्रसाद सिंह ने नवनिर्वाचित छात्रसंघ के अध्यक्ष कुमार गौतम, उपाध्यक्ष अमरदीप कुमार, सचिव आशीष कुमार झा, संयुक्त सचिव अमृत राज, कोषाध्यक्ष सोनी कुमारी सहित केंद्रीय काउंसिल मेंबर में नीरज कुमार निराला, अभिनंदन कुमार, दिलीप कुमार दिल, रोशन कुमार, माधव कुमार, पूजा कुमारी, आंचल सिंह, आकृति तथा राजू कुमार के साथ-साथ संकाय काउंसिल मेंबर में समर कुमार, बिट्टू कुमार, अक्षत सिद्धांत को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई | अपरिहार्य कारणवश जिन तीन सदस्यों ने उपस्थिति दर्ज नहीं कराई, वे हैं त्रिलोक नाथ झा, कृष्ण कुमार एवं रजनीश कुमार |

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मधेपुरा स्टेशन के प्लेटफॉर्म ऊँचीकरण हेतु 4 करोड़ स्वीकृत !

8 जून (शुक्रवार) को दौरम मधेपुरा स्टेशन निरीक्षण करने हेतु समस्तीपुर रेल मंडल के डीआरएम रविन्द्र कुमार जैन यहाँ पहुंचे | उन्होंने मीडिया को बताया कि भारतीय रेल एवं फ्रांस की अल्सटॉम कंपनी के सहयोग से निर्मित 12 हजार HP वाले इलेक्ट्रिक इंजन का ‘लोगो’ दौरम मधेपुरा स्टेशन पर लगायी जायेगी | डीआरएम ने कहा कि ‘लोगो’ निर्माण का निर्देश जारी कर दिया गया है | साथ ही, यह भी कहा कि देश में पहली बार किसी स्टेशन पर ‘लोगो’ लगाई जायेगी | ‘लोगो’ को स्टेशन के प्रवेश द्वार पर प्रदर्शित किया जायगा जिससे दूर-दराज के सफर करने वाले यात्रियों को रेल इंजन कारखाना के बारे में विस्तृत जानकारी सुगमता पूर्वक मिलती रहेगी |

यह भी जानिए कि निरीक्षण के दरमियान डीआरएम श्री जैन ने कहा कि फिलहाल प्लेटफार्म की सतह नीचे होने से यात्रियों को गाड़ी पर चढ़ने-उतरने में कठिनाइयाँ होती हैं | बरसात समाप्ति के साथ ही प्लेटफार्म ऊँचीकरण कार्य को तत्परतापूर्वक कर लिया जायगा ताकि विकलांगों के साथ-साथ बच्चे, बूढ़े और महिलाओं को भी डब्बे में चढ़ने-उतरने में विशेष सहारे की जरूरत नहीं पड़ेगी |

चलते-चलते डीआरएम रविंद्र कुमार जैन ने अधिकारियों से कहा कि दौरम मधेपुरा स्टेशन के प्रवेश द्वार को अतिक्रमण मुक्त कराकर विस्तारित किया जायगा | साथ ही स्टेशन परिसर में जल-जमाव की समस्या के साथ-साथ कर्मचारियों की भी विभिन्न समस्याओं का समाधान कर दिया जाएगा |

यह भी बता दें कि निरीक्षण के दौरान अमरेश कुमार, संजय कुमार, वीरेंद्र कुमार, संजीव कुमार, पीएन मिश्रा, मृत्युंजय मिश्रा सहित अन्य आलाधिकारीगण मौजूद थे | अधिकारियों ने सुर में सुर मिलाते हुए यही कहा कि आगामी दुर्गा पूजा आते-आते दौरम मधेपुरा स्टेशन का परिसर सुंदरतम दिखने लगेगा |

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सारे रास्ते बंद, अब बंगला खाली करेंगे शरद

वरिष्ठ नेता शरद यादव अपनी राज्यसभा सदस्यता को लेकर हारी हुई लड़ाई लड़ रहे थे, ये लगभग सबको पता था। क्यों लड़ रहे थे, कई प्रश्नचिह्नों के साथ ही सही, यह भी सब जानते हैं। खैर, होनी को टालने की जितनी कोशिश की जा सकती थी, वो सारी कोशिशें की गईं, पर जो होना चाहिए था, वही हुआ। राज्य सभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित शरद यादव को अंतत: सुप्रीम कोर्ट से भी निराशा हाथ लगी और ना केवल उन्हें मिल रहे वेतन और भत्ते पर रोक लग गई, बल्कि अब सरकारी बंगला भी उन्हें खाली करना होगा।

जी हाँ, सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को इस मामले में सुनवाई के दौरान तकनीकी तौर पर यह आदेश दिया है कि न्यायालय अपने स्तर पर आवास खाली किए जाने को लेकर कोई निर्देश जारी नहीं करेगा पर इस मसले को उस स्तर पर देखा जाएगा जो इसके लिए जवाबदेह है। इसका सीधा अर्थ यह है कि इस विषय को राज्यसभा के सभापति के स्तर पर देखा जाएगा। यही नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में यह स्पष्ट तौर पर लिखा है कि इस मामले में जो ऑथिरिटी है, वह कानून के हिसाब से पूरी कार्रवाई करें।

गौरतलब है कि विगत चार दिसंबर को शरद यादव को राज्यसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया गया था। शरद यादव ने अपने को अयोग्य घोषित किए जाने के इस निर्णय को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दे रखी है। उनके वकील ने इसी का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया था कि हाईकोर्ट में उनकी जो याचिका लंबित है उसके निपटारे तक उन्हें राज्य सभा सदस्य के रूप में आवंटित बंगले में रहने दिया जाए। पर उन्हें निराशा हाथ लगी।

बहरहाल, गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने दूध का दूध और पानी का पानी करते हुए शरद यादव के मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय के उस आदेश को संशोधित कर दिया, जिसमें कहा गया था कि जब तक उनकी याचिका हाई कोर्ट में लंबित है तब तक उनके वेतन- भत्ते को बंद नहीं किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने वेतन व भत्ते पर तो साफ शब्दों में रोक लगाई ही, बंगले को लेकर भी कानूनी कार्रवाई का निर्देश दे दिया। चलते-चलते बता दें कि जदयू के राष्ट्रीय महासचिव व राज्यसभा में जदयू संसदीय दल के नेता आरसीपी सिंह ने उच्च न्यायालय के अंतरिम आदेश को चुनौती देते सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।

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बीएनएमयू के राष्ट्रीय सेमिनार में इंग्लैंड-जापान के प्रतिभागियों ने भी शिरकत की

भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के सजे हुए ऑडिटोरियम में UGC एवं PG भौतिकी द्वारा संयुक्तरुप से आयोजित “Recent Innovations in Renewable Energy” विषय पर दो दिवसीय (5-6 जून) राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया | इस सेमिनार में बिहार के विभिन्न विश्वविद्यालयों के 140 सहित झारखंड से 8, नेपाल से 2 तथा जापान व इंग्लैंड से 1-1 यानी कुल 152 प्रतिभागियों ने भाग लिया |

उद्घाटन के तुरंत बाद बीएनएमयू के विद्वान कुलपति डॉ.अवध किशोर राय, प्रतिकुलपति डॉ.फारुख अली, आईआईटी दिल्ली से आये मुख्य अतिथि डॉ.गोपाल नन्द तिवारी, भौतिकी के लोकप्रिय यूनिवर्सिटी प्रोफेसर डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, पूर्व कुलपति डॉ.अनंत कुमार, सीनेट सदस्य डॉ.नरेश कुमार, पीजी भौतिकी के अध्यक्ष प्रो.निखिल प्रसाद झा, डॉ.अरुण कुमार एवं ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ.विमल सागर सहित अन्य शिक्षाविदों ने बिहार सरकार के Science & Technology विभाग एवं PG Physics के संयुक्त तत्वावधान में छपे Souvenir का विमोचन किया |

Former University Professor of Physics & Special Guest Dr.Bhupendra Madhepuri giving certificate to Dr.Kumari Sadhana 'Suman' and so many other researches in the last session of "Renewable Energy " Seminar.
Former University Professor of Physics & Special Guest Dr.Bhupendra Madhepuri giving certificates to Dr.Kumari Sadhana ‘Suman’ and so many other researchers in the last session of “Renewable Energy ” Seminar.

बता दें कि कार्यक्रम विलम्ब से शुरू होने के साथ-साथ भीषण गर्मी होने के कारण उद्घाटन-सत्र में माननीय कुलपति सहित सभी विद्वान वक्ताओं ने संक्षेप में ही विश्व पर्यावरण दिवस को समेटते हुए अक्षय ऊर्जा के नवीनतम अनुसंधानों को रोचक बनाकर बेहतरीन समां बांध दी | कुलपति डॉ.राय ने तो भीषण गर्मी से परेशान हो रहे शोधार्थियों की दशा देखकर ऑडिटोरियम को शीघ्रातिशीघ्र एयर कंडिशन्ड कराने की घोषणा भी कर दी |

यह भी बता दें कि UGC के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय सेमिनार के समापन-सत्र में मुख्यवक्ता के रूप में IIT Delhi के डायरेक्टर रहे डॉ.जी.एन.तिवारी ने अक्षय ऊर्जा के क्षेत्रों में कई नवीनतम जानकारियों से प्रतिभागियों को लाभांवित किया वहीं प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट देने के दरमियान विशिष्ट अतिथि डॉ.मधेपुरी ने कहा कि नीतीश सरकार की रीढ़ माने जाने वाले ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव से उन्होंने गुजारिश की है कि बिहार के किसानों को सोलर पंप सेट देने, बिहारवासियों को प्रदूषण मुक्त वातावरण में जीने एवं पवन ऊर्जा, सौर ऊर्जा, पर बिजली, सौर पार्कों के विकास आदि क्षेत्रों में Renewable Energy पर जमकर शोधात्मक कार्य करने के लिए “अक्षय ऊर्जा मंत्रालय” स्वतंत्र विभाग के रुप में स्थापित किया जाय |

अंत में सेमिनार की सफलता के लिए ओर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ.विमल सागर द्वारा एंकर डॉ.फजल सहित डॉ.अशोक कुमार, डॉ.मोहित कुमार घोष, डॉ.प्रज्ञा प्रसाद, शोधकर्ता श्रुति कुमारी, ऑक्सफोर्ड की सपना सिन्हा, जापान की सृष्टि सिन्हा, काठमांडू के मनोज कुमार मिश्रा, डॉ.कुमारी साधना सुमन, मो.अब्दुल सत्तार, प्रवेश कुमार, सौरभ कुमार……… सहित जो सैकड़ों छात्र-छात्राएं व शोधकर्तागण अन्त तक मौजूद रहे, सबों को हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया गया |

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विश्व पर्यावरण दिवस पर मधेपुरा पौधरोपण के लिए सजग !

विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) के अवसर पर मधेपुरा में दिनभर पौधरोपण किया गया- विश्वविद्यालय से लेकर महाविद्यालयों में एवं छोटे-बड़े सभी तरह के विद्यालयों में |

जहाँ एक ओर भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.ऐ.के.राय, प्रतिकुलपति डॉ.फारूख़ अली एवं बी.एन. मुस्टा के महासचिव व सीनेट सदस्य डॉ.नरेश कुमार सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और छात्रों ने सम्मिलित रुप से शहीद चुल्हाय उद्यान , कीर्ति नारायण वाटिका आदि से लेकर विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में इस अवसर पर पौधरोपण किया वहीं समाहरणालय परिसर में डीएम नवदीप शुक्ला एवं एसपी बाबूराम ने ग्लोबल वार्मिंग से बचाव एवं पर्यावरण की चर्चा करते हुए डीडीसी मुकेश कुमार, एडीएम मुर्शीद आलम, डीपीआरओ महेश पासवान आदि अधिकारीगण की मौजूदगी में पौधरोपण किया | इस अवसर पर डीएम ने कहा कि किसानों को वन विभाग की तरफ से पौधों के साथ कुछ निश्चित प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है |

बता दें कि विश्व पर्यावरण दिवस पर टीपी कॉलेज मधेपुरा, सीएम साइंस कॉलेज तथा पीएस कॉलेज से लेकर सुदूर  यूभीके कॉलेज करम्मा  के NSS कार्यकर्ताओं द्वारा जमकर पौधरोपण किया गया |

यह भी जानिए कि पर्यावरण प्रदूषण को मानव जीवन का खतरा मानने वाली सांस्कृतिक संस्था “सृजन दर्पण” के कार्यालय परिसर में पौधरोपण एवं विचारगोष्ठी का आयोजन किया गया | साथ ही चर्चा के दरमियान यह बात कही गयी कि पर्यावरण प्रदूषण का असर वातावरण में विष घोलता जा रहा है |

यह भी बता दें कि स्टेशन को हरा-भरा रखने के लिए मधेपुरा रेलवे स्टेशन परिसर में भी पदाधिकारियों द्वारा पौधरोपण किया गया | साथ ही जागरुक मुखियागणों ने अपने-अपने पंचायतों में भी पौधरोपण कर जनजीवन को अस्त-व्यस्त होने से बचाया है | पौध रोपण को जन जीवन के लिए महत्वपूर्ण मानने के कारण लोगों ने व्यक्तिगत रूप से अपने-अपने परिसर में भी एक-दो पौधे लगाया है तथा विश्व पर्यावरण दिवस को इस बार उत्सव के रूप में मनाया है |

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केपीएस से लेकर केन्द्र तक बेटियों ने उड़ान भरी…..!

केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) नई दिल्ली ने 10वीं बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट घोषित कर दिए | जहाँ अखिल भारतीय रैंकिंग में चार में से तीन बेटियों- रिमझिम अग्रवाल (बिजनौर), नंदिनी गर्ग (शामली), श्री लक्ष्मी (कोच्चि) एवं एक बेटे प्रखर मित्तल (गुड़गांव) ने 500 में से 499 अंक हासिल कर देश में टॉप किया वहीं 498 अंक लाकर 7 परीक्षार्थी दूसरे स्थान पर रहे तथा 497 अंक लाकर 14 परीक्षार्थी तीसरे स्थान पर |

जानिए कि इस वर्ष लगभग 16 लाख 25 हज़ार परीक्षार्थियों के लिए देश व विदेश सहित लगभग साढ़े चार हजार परीक्षा केन्द्र बनाए गये, जिसमें 14 लाख के लगभग छात्र-छात्राएं उत्तीर्ण हुए | हाँ ! जहाँ तक पास होने की बात है- छात्राएं 88.67 फीसदी एवं छात्र 86.70 फीसदी उत्तीर्ण हुए |

यह भी बता दें कि तिरुवनंतपुरम जोन 99.6 फ़ीसदी रिजल्ट के साथ प्रथम, चेन्नई जोन 97.37% रिजल्ट के साथ द्वितीय तथा अजमेर जोन 91.86% रिजल्ट के साथ तृतीय स्थान पर रहा | आपको दिल्ली जोन के ‘Pass प्रतिशत’ जानने की जिज्ञासा अवश्य होती होगी | तो लीजिए देश की राजधानी दिल्ली जोन का Pass प्रतिशत रिजल्ट है- 78.62% जो पिछले साल की तुलना में ‘ना’ के बराबर बढ़त दर्ज करायी है |

यहाँ पटना जोन में बिहार-झारखंड आता है और जिसमें कुल 1,61,078 परीक्षार्थियों को सफलता मिली और 22,367 परीक्षार्थी फेल हुए, वहीं खगोल के रोहित राज एवं धनबाद की मैत्री शांडिल्य 99.2% अंक लाकर दोनों के  दोनों स्टेट बिहार और झारखंड में टॉपर हुए | पटना जोन में झारखंड से बेहतर रिजल्ट रहा बिहार का |

अब कोसी कमिश्नरी के तीनों जिलों मधेपुरा, सहरसा और सुपौल के बाबत जानने की जिज्ञासा आपके मन में उमड़-घुमड़ रही होगी…. तो जानिए कि जहाँ जिला मधेपुरा का टॉपर 97.2% अंक के साथ रहा शिवम, वहीं सहरसा का टॉपर 97.2% अंक के साथ रहा अंकित और सुपौल के टॉपर अभिषेक को प्राप्त हुआ 95.06% अंक जबकि मधेपुरा के किरण पब्लिक स्कूल की छात्रा शिवांगी 95.60% अंक लाने के बावजूद मधेपुरा जिले के सकेंड टॉपर ही रही | मधेपुरा जिले के जवाहर नवोदय विद्यालय (सुखासन) के छात्र शिवम को शिवांगी से 0.60% कम अंक प्राप्त करने पर ही स्कूल टाॅॅॅपर होने का अवसर मिल गया |

शिवांगी जैसी हर बेटी बने स्वाभिमान पिता का, उस बेटी की जय हो……. उस स्कूल की जय हो !

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कोसी में पहली बार चली इलेक्ट्रिक ट्रेन !

13 साल बाद कोसीवासियों का सपना तब पूरा हुआ जब 30 मई (बुधवार) के दिन पहली बार सहरसा-मानसी रेलखंड पर लोगों ने इलेक्ट्रिक ट्रेन को बड़ी रेल लाइन पर दौड़ती हुई देखा | जगह-जगह तो इलेक्ट्रिक इंजन लगी ट्रेन को देखने के लिए बच्चे ही नहीं नर-नारियों की भी भीड़ जुट गई | कोसी अंचल में खुशियों की बाढ़ आ गई | लोग यह बोलते हुए सुने गये कि खुशी का कारण है तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद द्वारा मधेपुरा को दिया गया विद्युत रेल इंजन फैक्ट्री और मधेपुरा के तत्कालीन डायनेमिक डीएम मो.सोहैल द्वारा निर्धारित समय से 6 माह पूर्व फैक्ट्री को विद्युत रेल इंजन निर्माण हेतु तैयार करने में जुनून के साथ कार्यों का निष्पादन करना |

सहरसा से जनसेवा एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या – 15209) अमृतसर को जाने के लिए तैयार | इलेक्ट्रिक इंजन के साथ प्लेटफार्म नं.-2 पर लगी है जनसेवा | चालक अरुण कुमार सिंह व सहायक लोकोपायलट धीरेंद्र कुमार को पहले मिठाई खिलाकर और फिर फूल माला पहनाकर मुख्य नियंत्रक अशोक कुमार एवं मुख्य निरीक्षक एचसी मिश्रा द्वारा इलेक्ट्रिक ट्रेन परिचालन की पहली बार शुरुआत कराई गयी |

यह भी बता दें कि आदर्श नगर दिल्ली से सहरसा के लिए चली इलेक्ट्रिक इंजन वाली पुरबिया एक्सप्रेस (नं.- 15280) को छपरा-सहरसा तक लोको पायलट राजीव कुमार चौधरी एवं सहायक लोको पायलट मो.अबु सोहैल द्वारा लाया गया |

यह भी जान लें कि अब गरीब रथ, पुरबिया एक्सप्रेस और जनसेवा एक्सप्रेस के डीजल इंजन की जगह इलेक्ट्रिक इंजन से परिचालन होगा | प्राप्त जानकारी के अनुसार सहरसा लाबी के चालक राजीव कुमार चौधरी एवं चालक कुशाग्र कुमार द्वारा इलेक्ट्रिक इंजन परिचालन हेतु मुगलसराय से क्रमशः 78 एवं 48 दिनों का प्रशिक्षण लिया जा चुका है |

समस्तीपुर मंडल के डीएमई (पावर) श्री चंद्रशेखर प्रसाद ने कहा कि जल्द ही राज्यरानी, हाटेबाजारे, कोसी एवं जन साधारण एक्सप्रेस आदि से भी डीजल इंजन हटाकर इलेक्ट्रिक इंजन लगायी जायेगी | जरा सोचिए, अकेले जनसेवा को सहरसा से बरौनी तक परिचालन पर महीने में 30,000 लीटर डीजल जलता था | जब सभी ट्रेनें बिजली से परिचालित होंगी तो करोड़ों रुपये की बचत होगी और पर्यावरण प्रदूषण भी रुकेगा |

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समाजवादी सोचवाले महामानव हैं मनीषी भूपेन्द्र !

आज 29 मई है ! वर्ष 2018 और दिन मंगलवार ! प्रखर समाजवादी, संत राजनीतिज्ञ एवं सुलझे सोच के नेक इंसान भूपेन्द्र नारायण मंडल की 44वीं पुण्यतिथि !

समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी को इस समाजवादी सोच वाले महामानव के संग साया की तरह साथ रहने का अवसर खूब मिला | उस मनीषी के साथ डॉ.मधेपुरी बैलगाड़ी से रेलगाड़ी और सड़क से संसद तक निरंतर आते-जाते रहे….|

राज्यसभा सदस्य रहते हुए…. उनके निधन (29 मई 1975) के बाद देश जब ‘आपातकाल’ सरीखे उन्मत परिस्थितियों से गुजर रहा था तब जाकर डाॅ.मधेपुरी ने उस विकट परिस्थिति में उस मनीषी के नाम मधेपुरा में जनसहयोग से एक कॉलेज (भू.ना.मंडल वाणिज्य महाविद्यालय) का निर्माण कराया, जननायक कर्पूरी ठाकुर को मधेपुरा लाकर उस मनीषी की अंतिम इच्छा की पूर्ति की और तत्कालीन कॉलेज चौक (अब भूपेन्द्र चौक) पर जन सहयोग से उनकी प्रतिमा लगाई और 1991 में उनकी प्रतिमा के अनावरण के अवसर पर त्रिमूर्ति लालू-शरद-नीतीश से अनुनय-विनय कर उसी दिन जन आकांक्षा के अनुरूप उनके नाम (भू.ना.मंडल) विश्वविद्यालय की घोषणा भी कराई…..|

बता दें कि अपरिहार्य कारणवश आज मधेपुरा से बाहर होने के कारण डॉ.मधेपुरी मधेपुरा के भूपेन्द्र चौक पर निर्मित मनीषी भूपेन्द्र की प्रतिमा पर पुष्पांजलि नहीं कर सकेंगे | इसलिए उन्होंने राजधानी पटना में ही उनके तैल-चित्र पर पुष्पांजलि करते हुए श्रद्धा के चन्द शब्दों के माध्यम से ‘श्रद्धांजलि’ अर्पित की है |

मनीषी भूपेन्द्र !
समाजवादी चिन्तक !!
समाजवादियों के प्रेरणा स्रोत !!!

तुम आये यहाँ-
माटी का पूत बनकर
वंचितो-अछूतों का दूत बनकर

तुम आये यहाँ-
विकट परिस्थितियों में
उन्मत झंझावातों में
आंधी और तूफानों में
परंतु,
बिना रूके, बिना झुके, अविचलित रहकर
बेकशों के संसार को सजाते रहे जीवन भर
सखा और सहयोगी रहकर

बोलो, तुम कहाँ नहीं रहे-
बुद्ध, नानक व कबीर के विचारों-व्यवहारों से लेकर
मार्क्स, गांधी और सोशलिज्म के संस्कारों तक

तुझे क्या कहकर पुकारूँ मैं-
इस धरती का सपूत !
कोई फरिश्ता…… या फिर कोई अग्रदूत !!

चलो, तुझे मसीहा ही मान लेता हूँ
और तुम्हारे श्री चरणों में करता हूँ समर्पित
अपनी चार पंक्तियाँ
‘श्रद्धांजलि’ स्वरुप-

धन आदमी की नींद को हर पल हराम करता,
जो बाँटता दिल खोल उसे युग सलाम करता !
मरने के बाद मसीहा बनता वही मधेपुरी
जो जिंदगी में अपना सबकुछ नीलाम करता !!

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धूप पर भी भारी पड़ा रोजेदारों का जज्बा

रमजान के महीने में रोजा रखना प्रत्येक मुसलमान का फर्ज करार दिया गया है , चाहे गर्मी, जाड़ा या बरसात का मौसम ही क्यों ना हो ! क्या गरीब, क्या अमीर बल्कि बच्चों से लेकर बूढ़े तक सभी ईद के चांद को देखने की आस में रमजान के पाक महीने को 10-10 दिनों के तीन आसरो में अपने-अपने ध्यान को बांट लेते हैं । पहले 10 दिनों तक रहमत व बरकत के लिए, दूसरे 10 दिनों तक मगफिरत के लिए और आखरी 10 दिनों तक जहन्नुम से छुटकारा पाने के लिए समर्पित रहते हैं ।
यह  भी  जानिये कि रोजा एक ऐसी   इबादत है कि अल्लाह  खुुुद उसके  बदले रोजेदारों को बहुत कुछ देता है । रमजान के महीने में  पाक  दिल से मांगी गई दुआएं भी अल्लाह द्वारा कबूल की जाती है ।
दूसरे जुमे की नमाज में इस शुक्रवार को मधेपुरा सहित जिले के  सिंहेश्वर, मुरलीगंज, कुमारखंड, बिहारीगंज …… आदि अन्य सभी मस्जिदों में काफी भीड़ उमड़ी । दोपहर के वक्त धूप इतनी कड़ी थी कि थोड़ी देर बाहर खड़ा रहना भी मुश्किल हो रहा था फिर भी बच्चे नमाजियों का जज्बा कम होते नहीं दिखा । कड़ी धूप में रोजेदार पसीने से तरबतर होने के बावजूद भी अपने रब की रजा के लिए इबादत करते रहे और अकीदत के साथ जुमे की नमाज भी अदा करते रहे ।
यह भी जानिये कि मस्जिदों में खुतबा पढ़ा रहे इमाम ने रमजान की फजीलत के बारे में भी बताया तथा रमजान के रोजे और इबादतों के शबाब का भी जिक्र किया । अपनी तकरीर में इमाम द्वारा यह भी बताया गया की रमजान मेंं रोजा , नमाज और कुरआन शरीफ की तिलावत से जो उदासीन रहता है वह खुदा की रहमतों से मरहूम रह जाता है । अंत में इमाम द्वारा हर किसी के लिए दुआ मांगी जाती है कि अल्लाहताला इस पाक रमजान के महीने में ज्यादा से ज्यादा  नेकियाँ कमाने की तौफीक अता फरमाएं ।

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