पृष्ठ : मधेपुरा अबतक

कोसी-मिथिलांचल के दो देवी स्थानों को जोड़ेगा भारत का सबसे लंबा पुल

नीतीश सरकार के अनुभवी व ऊर्जावान ऊर्जा मंत्री एवं मधेपुरा जिले के प्रभारी मंत्री श्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने मधेपुरा अबतक को बताया कि भारत माला प्रोजेक्ट के अंतर्गत जिला मधुबनी के उच्चैठ दुर्गा स्थान से सहरसा जिला के महिषी तारा स्थान (भाया उमगाँव परसरमा) तक दोनों देवी-स्थानों को शीघ्र ही NH-527A जोड़ेगा जिसके लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मंत्री श्री यादव ने बताया कि भू-अर्जन विभाग द्वारा 3A का प्रस्ताव भेज दिया गया है। सड़क के लिए जिले में लगभग 55 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जायेगा। उन्होंने यह भी बताया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी है।

प्रभारी मंत्री ने मधेपुरा अबतक से पुनः कहा कि उच्चैठ दुर्गा स्थान से महिषी तारा स्थान तक NH-527A पर सूबे बिहार का ही नहीं, बल्कि देश का सबसे लंबा पुल (10.2 कि.मी.) बनेगा जिसमें 204 पाये (Pillar) होंगे।उन्होंने बताया कि गाइड बांध व कटाव निरोधी कार्य सहित लगभग 1300करोड़ रुपए से तैयार होने वाले इस पुल में 50 मीटर लंबे 50 स्पैनौं का व्यवहार किया जायेगा। इस पुल की चौड़ाई 16 मीटर होगी तथा दोनों ओर डेढ़ मीटर चौड़ी फुटपाथ हुई होगा।

ऊर्जा मंत्री श्री यादव ने कहा कि इस पुल के बन जाने से कोसी और मिथिलांचल की दूरी बहुत घट जायेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ मिथिला पेंटिंग के प्रचार-प्रसार की गति तेज होगी तथा कोसी के भूले-भटके इलाकों को भी NH का सुख प्राप्त होगा। यह पुल कोसी के विकास को नया आयाम देगा।

अंत में मंत्री विजेंद्र ने उपस्थित प्रबुद्ध जनों से यही कहकर विदा लिया कि दशहरे के मौके पर कोसी प्रमंडल को मिला एक सर्वोत्कृष्ट तोहफा और इसके साथ ही पुल निर्माण की प्रक्रिया को तीव्र गति से शुरू करने हेतु डीएम को मिला विभागीय पत्र।

सम्बंधित खबरें


देवीमय हो गया मधेपुरा, कोसी और बिहार

दुर्गा पूजा का पर्व हिन्दू देवी दुर्गा द्वारा बुराई के प्रतीक राक्षस ‘महिषासुर’ पर विजय प्राप्त करने के बाद से ही मनाया जाता रहा है | प्रायः सभी संप्रदायों के पर्व-त्यौहार बुराई पर भलाई की विजय के रूप में देखा और मनाया जाता है | यह पर्व बिहार, झारखंड, मणिपुर, त्रिपुरा, उड़ीसा एवं पश्चिम बंगाल में व्यापक रूप से उत्सवी माहौल के साथ मनाया जाता है | संपूर्ण वर्ष के सबसे बड़े उत्सव के रूप में मनाई जाती है- दुर्गा पूजा |

बता दें कि यह पर्व यू.पी., दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, आंध्र प्रदेश, कश्मीर, कर्नाटक और केरल में तो मनाया ही जाता  है, इसके अलावा नेपाल और बांग्लादेश में बड़े त्योहार के रूप में मनाया जाने लगा है | आजकल तो प्रवासी भारतीयों द्वारा दुर्गा पूजा अमेरिका से लेकर जर्मनी……. और फ्रांस से लेकर कुवैत तक में भी मनायी जाने लगी है |

नवरात्रा के अवसर पर मधेपुरा जिला मुख्यालय दुर्गा माता के जयकारे से गूंजने लगा है | दुर्गा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी है | या देवी सर्वभूतेषु……. आदि मंत्रों से पूजा के पंडाल तो गूंजते ही हैं साथ ही श्रद्धालुओं के घरों में भी दुर्गा सप्तशती का पाठ अहर्निश गुंजायमान होता रहता है | शारदीय नवरात्र को लेकर संपूर्ण वातावरण ही भक्तिमय बना रहता है |

आप जिले में जहाँ भी जाँय- शहर से लेकर गांव तक मां दुर्गा एवं देवी-देवताओं की प्रतिमाओं व पंडालों का आकर्षक स्वरूप देखेंगे…….. वह शक्ति स्वरूपा करती है सबकी मुरादें पूरी तथा अटूट आस्था-विश्वास रखने वाले श्रद्धालुओं पर बरसती है माता की कृपा कस्तूरी |

अब तो ग्रामीण क्षेत्रों में भी मैया जागरण तेजी से कदम बढ़ाता जा रहा है | आलमनगर, पुरैनी, नया नगर, किसुनगंज, बिहारीगंज, मुरलीगंज, शंकरपुर, सिंहेश्वर, मधेपुरा आदि जगहों पर श्रद्धालुओं द्वारा नवरात्रा के दौरान धूम-धाम से पूजा-अर्चना की जाती है | एक ओर जहाँ कुमारखंड प्रखंड के खुर्दा गाँव में चंद वर्षों से माननीय सांसद द्वय श्री राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव व श्रीमती रंजीत रंजन द्वारा दुर्गा पूजनोत्सव के दौरान ग्रामीण वातावरण को बॉलीवुड के कलाकारों के माध्यम से इंद्रधनुषी सतरंगों से सराबोर कर दिया जाता है वहीं दूसरी और किसुनगंज प्रखंड के चतरा गाँव में इसी वर्ष से लोकसभा व राज्यसभा के सांसद रह चुके प्रो.(डॉ.)आर.के.यादव रवि के पुत्र प्रो.(डॉ.)अमरदीप उत्साह पूर्वक दुर्गा पूजनोत्सव के अवसर पर मैया जागरण का भव्य आयोजन चोटी के कलाकारों द्वारा आरंभ करने जा रहे हैं | मालूम हो कि डॉ.अमरदीप बिहार प्रदेश जनता दल (यूनाइटेड) के मीडिया सेल के अध्यक्ष हैं |

सम्बंधित खबरें


शिक्षक रहते हुए ताज़िन्दगी विद्यार्थी बने रहे कलाम- डॉ.मधेपुरी

मधेपुरा के डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम पार्क में भारतरत्न डॉ.कलाम की 88वीं जयंती समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी की अध्यक्षता में मनाई गई। इस अवसर पर मधेपुरा के कलाम कहे जाने वाले डॉ.मधेपुरी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए यही कहा कि जिस गांधीयन मिसाइल मैन डॉ.कलाम ने विश्व में भारत को नई पहचान दिलाई वह भारत देश हमेशा अपने कलाम को सिर आंखों पर रखेगा। उन्होंने कलाम का बखान करते हुए कहा कि कलाम साहब बच्चों को देश का भविष्य मानते थे और हमेशा यही कहा करते कि बच्चे नैतिकवान होंगे तभी देश मजबूत होगा और देशवासियों द्वारा संपूर्ण समर्पण के साथ काम करने पर ही भारत विकसित राष्ट्र बन पायेगा….।डॉ.कलाम अंतिम सांस तक विद्यार्थी बने रहे।

Khel Guru Sant Kumar is being honoured by Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri at Dr.APJ Abdul Kalam Park Madhepura for his incredible contribution in Sports.
Khel Guru Sant Kumar is being honoured by Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri at Dr.APJ Abdul Kalam Park Madhepura for his incredible contribution in Sports.

कार्यक्रम में नगर परिषद के उपाध्यक्ष अशोक कुमार यदुवंशी, विकास योजना सदस्य सह पार्षद मो.इसरार अहमद एवं लोकप्रिय जनसेवी ध्यानी यादव, डाकपाल राजेश कुमार, पतंजलि के डॉ.एन.के.निराला, एसबीआई के लीड बैंक ऑफिसर संतोष कुमार झा, सुरेश प्रसाद यादव, डॉ.यशवंत कुमार, अमरेश कुमार, चंचल कुमार, आदित्य, रागिनी, रौनक,शालिनी सहित माताएं-बहनें आदि की उपस्थिति में डॉ.मधेपुरी ने कहा कि जिस तरह डॉ.कलाम देश के लिए समर्पित रहे उसी तरह संत कुमार का जीवन खेल को समर्पित रहा…. तभी तो जहाँ डॉ.मधेपुरी ने संत कुमार को शाॅल-पाग-पुष्पादि से सम्मानित किया वहीं बालक आदित्य भी अपने खेलकूद गुरु के सम्मान में कुछ अर्पण करते देखे गये। इससे पहले सबों ने डॉ.कलाम की तस्वीर पर पुष्पांजलि की तथा उपस्थित बच्चों ने श्रद्धापूर्वक उन्हें नमन किया।

A Kid Aditya, grandson of Dr.Madhepuri paying honour to his Khel Guru Sant Kumar in presence of Social activist Dhyani Yadav, Vice-Chairman Ashok Kumar Yaduvanshi, Nagar Parshad Md.Israr Ahmad , Dr.N.K.Nirala & others at Dr.APJ Abdul Kalam Park, Madhepura.
A Kid Aditya, grandson of Dr.Madhepuri paying honour to his Khel Guru Sant Kumar in presence of Social activist Dhyani Yadav, Vice-Chairman Ashok Kumar Yaduvanshi, Nagar Parshad Md.Israr Ahmad , Dr.N.K.Nirala & others at Dr.APJ Abdul Kalam Park, Madhepura.

इस अवसर पर सृजन दर्पण के रंग कर्मियों द्वारा बिकास कुमार के निर्देशन में पर्यावरण पर आधारित नुक्कड़ नाटक “हरियाली बाबा” नाटक का मंचन किया गया जिस के पात्रों सत्यम-निखिल-सुमन, राहुल-सौरव-शिवम, सुशील-ललित-बाबुल व पवन आदि ने खूब तालियां बटोरी। पुनः हरियाली और कलाम के पर्यावरण प्रेम के बाबत बोलते हुए बार-बार भावुक होते रहे डॉ.मधेपुरी। अंत में उन्होंने कहा कि यदि इस वार्ड की पार्षद श्रीमती रेखा देवी एवं पार्षद पति पूर्व पार्षद ध्यानी यादव सहित नगर परिषद के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष-योजना सदस्य सहित जिला प्रशासन का सहयोग निवर्तमान डीएम मो.सोहैल की तरह मिलता रहे तो वह दिन दूर नहीं जब मधेपुरा वासियों के घर बाहर से आये अतिथियों को घर वाले गर्व से यह कह सकेंगे कि आज भर रुक जाइए…. कल कलाम पार्क घुमा दूंगा….. तब चले जाइएगा ।

सम्बंधित खबरें


जहाँ साहित्य समाज का दर्पण है वहीं पत्रकारिता उसकी धड़कन !

प्रसिद्धि प्राप्त लेखक व उपन्यासकार मुंशी प्रेमचंद की पुण्यतिथि मनाने के क्रम में कुमारखंड प्रखंड के भतनी गाँव में भारतीय जन लेखक संघ का प्रथम अंचल सम्मेलन आयोजित किया गया। जन लेखक संघ के अंतर्राष्ट्रीय महासचिव श्री महेंद्र नारायण पंकज एवं कोलकाता से आये साहित्यकार कुशेश्वर के संचालन में आयोजित परिसंवाद एवं अंतर्राष्ट्रीय कवि सम्मेलन के दौरान देश और विदेश के कवि साहित्यकार व विद्वानों ने भाग लिया।

Patron of BJLS Dr.Madhepuri & Rastriya Mahasachiv Mahendra Narayan Pankaj jointly giving Certificate & Momento to Kavi-Sahityakar Shri Kusheshwar from West Bengal.
Patron of BJLS Dr.Madhepuri & Rastriya Mahasachiv Mahendra Narayan Pankaj jointly giving Certificate & Momento to Kavi-Sahityakar Shri Kusheshwar from West Bengal.

बता दें कि जगमग नगरों से दूर, बहुत दूर राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक व साहित्यकार महेंद्र नारायण पंकज द्वारा अपने गाँव ‘भतनी’ में जहाँ भूटान से अंतरराष्ट्रीय जन लेखक संघ के उपाध्यक्ष श्री हर्ष बहादुर विश्वा, नेपाल से मधु पोखरेल, भवानी पोखरेल, एस.डी.विश्वकर्मा, खगेंद्र राई, पश्चिम बंगाल से डॉ.रंजीत, डॉ.बृजेश कुमार भारती, कवि कुशेश्वर एवं उत्तर प्रदेश से बीएचयू के प्रोफेसर (डॉ.)महेश प्रसाद अहिरवार सरीखे चोटी के कवियों व साहित्यकारों को आमंत्रित किया गया था वहीं परिसंवाद के दौरान दिए गए विषय पर अपने विचार व्यक्त करने के लिए जिले के कवि-साहित्यकार व बुद्धिजीवी के रूप में प्रोफेसर (डॉ.)भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, डॉ.शांति यादव, प्रो.श्यामल किशोर यादव, डॉ.अलका वर्मा, डॉ.जवाहर पासवान, ई.हरिश्चंद्र मंडल आदि को भी बुलाया गया था। मौके पर पूर्व एमएलसी बलराम सिंह यादव ने कहा कि पत्रकारिता व साहित्य समाज का दर्पण ही नहीं बल्कि बदलाव का साधन भी है।

Samajsevi Sahityakar Prof.(Dr.)B.N.Madhepuri presenting Certificate of Honour & Momento to a famous Sahityakar Shri Chandra Kishor Jaiswal, a Literary giant of Bihar.
Samajsevi Sahityakar Prof.(Dr.)B.N.Madhepuri presenting Certificate of Honour & Momento to a famous Sahityakar Shri Chandra Kishor Jaiswal, a Literary giant of Bihar.

जानिए कि उद्घाटन भाषण में जहाँ बीएचयू से आए प्राचीन इतिहास के प्रो.महेश अहिरवार ने कहा कि डॉ.अंबेडकर ने जिस संविधान की रचना की और आरक्षण को सविस्तार समझाया उसी पर वर्तमान समय में आरक्षण विषय को लेकर भ्रांतियां फैलाई जा रही है। वहीं ख्याति प्राप्त साहित्यकार व मुख्य अतिथि चंद्र किशोर जायसवाल सहित डॉ.मधेपुरी, डॉ.शांति यादव, डॉ.इंद्र नारायण यादव, प्रो.श्यामल किशोर यादव एवं विदेश व दूसरे प्रांतों से आए प्रो.पंकज साहा, डॉ.रंजीत साहा, डॉ.ओम प्रकाश मौर्य सभी साहित्य कर्मियों ने मुंशी प्रेमचंद के साहित्य लेखन को देश के गरीब-मजदूर परिवार की दशा बताने वाला बताया।

अंत में अंतर्राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का संचालन कवि कुशेश्वर द्वारा की गई। समयाभाव के कारण कवियों को एक कविता सुनाकर ही संतोष करना पड़ा। शुभारंभ हरि नारायण यादव एवं सोनी-मनीषा के स्वागत गान एवं स्वागत भाषण से हुआ। सचिव गजेंद्र कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

सम्बंधित खबरें


अलविदा, वीर आशीष !

आज जबकि दुनिया स्वयं तक सिमटती जा रही है, ऐसे में देश और समाज की खातिर प्राण न्योछावर कर देना वाला कोई शख्स सामने आता है और यह विश्वास दिला जाता है कि दुनिया अभी भी इतनी ‘संकीर्ण’ नहीं हुई है कि इंसानियत को घुटन होने लगे। ऐसे ही थे खगड़िया में तैनात और सहरसा में जन्मे जांबाज दारोगा आशीष कुमार सिंह जो कल देर रात अपराधियों से लोहा लेते शहीद हो गए।

वीर आशीष को नाज था अपनी वर्दी पर… कर्तव्य निभाने का जुनून ऐसा कि अपराधियों के एक कुख्यात गैंग की ख़बर मिलते ही रात के एक बजे ट्रैक्टर से निकल पड़े उनका अंत करने। गोली लगने के बाद भी डटे रहे और एक अपराधी को ढेर करके ही माने। ऐसा नहीं था कि गोली उन्हें पहली बार लगी थी लेकिन इस बार एक के बाद एक चार-चार गोलियां उतर गई थीं उनके भीतर..!

2009 में दारोगा की परीक्षा पास करने के बाद आशीष जहां भी गए उस थाना क्षेत्र में अपनी अलग पहचान कायम की। बेगूसराय में भी दो थाना क्षेत्रों में उन्होंने अपराधियों को नाको चने चबवाया था। वो बेखौफ होकर अपराधियों से लोहा लेते थे। पिछले साल जब वो मुफस्सिल थाना प्रभारी थे तब भी एक मुठभेड़ में उन्हें गोली लगी थी लेकिन वो बच गए। काश इस बार भी..! लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। उनके साथ गए एक सिपाही को भी कमर के नीचे गोली लगी जिसका इलाज भागलपुर अस्पताल में चल रहा है।

आशीष कुमार न केवल जांबाज सिपाही थे बल्कि एक बेहद संवेदनशील व्यक्ति थे जो समाज के गरीब गुरबों और जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा आगे आए। उनकी मां कैंसर की बीमारी से पीड़ित थीं। आशीष खुद उन्हें लेकर इलाज के लिए दिल्ली आया-जाया करते थे। पिता गोपाल सिंह के तीन बेटों में सबसे छोटे आशीष अपने पीछे पत्नी और दो मासूम बच्चों को, जिनमें एक बेटा है और एक बेटी, छोड गए हैं। आज सरोजा गांव में मातम पसरा हुआ है। ऐसा कोई शख्स नहीं जिसकी आँखें नम ना हों।

आशीष, मेरे भाई, मुझे गर्व है कि मैं भी कोसी की उसी मिट्टी से उपजा हूँ, जिससे तुम उपजे थे..!! ये वक्त नहीं था तुम्हारे जाने का लेकिन जब ‘महाप्रयाण’ पर तुम चले ही गए हो, मैं रोऊँगा नहीं तुम्हारे लिए, बल्कि बोऊँगा तुम्हारे व्यक्तित्व का अंश अपनी सोच, अपनी जुबान और अपनी कलम से, जितना संभव हो सके और जितनी सामर्थ्य रही, जीवन भर..!!!

‘मधेपुरा अबतक’ के लिए डॉ. ए. दीप

सम्बंधित खबरें


मधेपुरा में राज मैनेजमेंट द्वारा आयोजित हुई स्पेलिंग बी प्रतियोगिता

टी.पी.कॉलेज के सभा भवन में 10 अक्टूबर (बुधवार) को प्रधानाचार्य डॉ.के.पी.यादव की अध्यक्षता में अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी सोनी राज एवं सावंत कुमार की टीम द्वारा राज मैनेजमेंट के बैनर तले आयोजित स्पेलिंग बी प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह का उद्घाटन बी.एन.मंडल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.अवध किशोर राय सहित प्रतिकुलपति डॉ.फारुख अली, समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, पीआरओ एवं प्राचार्य आदि ने दीप प्रज्वलित कर की। अपने संबोधन में कुलपति डॉ.राय ने विस्तार से बच्चों के मनोबल को बढ़ाते हुए यही कहा-  बच्चे शिक्षा रूपी बगीचे के पुष्प हैं….. जिनमें होती है मंजिल पाने की उत्कृष्ट अभिलाषा……. कोर्स की पढ़ाई के साथ-साथ बच्चे खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में भी आगे आएं……।

Dr.Madhepuri giving prize to the winners of Spelling Bee Championship at T.p.college Sabhabhawan, Madhepura.
Samajsevi & Former University Professor of Physics Dr.Madhepuri giving prize to the winners of Spelling Bee Championship at T.P.College Sabhabhawan, Madhepura.

यह भी जानिए कि प्रतिकुलपति डॉ.फारुख अली ने शिक्षा व्यवस्था में कमी पर खेद प्रकट करते हुए कहा कि एक समय था जब गाँव में भी जहाँ-तहाँ चैंबर्स डिक्शनरी मिल जाया करती थी, अब तो शहरों में भी नहीं मिलती बल्कि आजकल बच्चे मोबाइल में ही स्पेलिंग देख लिया करते हैं। प्रतिकुलपति द्वारा बच्चों से पूछे गए दो शब्दों के स्पेलिंग बताने पर उन्हें सौ-सौ रुपए देकर प्रोत्साहित किया गया।

यह भी जानिए की स्पेलिंग बी चैंपियन प्रतियोगिता के संरक्षक एवं मधेपुरा के कलाम कहे जाने वाले डॉ.मधेपुरी ने बच्चों से क्या कहा-

भारतरत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम जब राष्ट्रपति के पद एवं गोपनीयता की शपथ ले रहे थे तो अपने शपथ ग्रहण समारोह में भारत के विभिन्न राज्यों के 100 विद्यालयों से सैकड़ों बच्चे-बच्चियों को बुलाया था क्योंकि…. वे यही मानते थे कि बच्चे देश के भविष्य हैं….. बच्चे मजबूत होंगे तो देश मजबूत होगा…. देश आगे बढ़ेगा ।

संबोधन के अंत में साहित्यकार डॉ.मधेपुरी ने हिन्दी में आयोजित होने वाले स्पेलिंग बी की सराहना करते हुए बच्चों से यही कहा कि माता-पिता तुम्हें पढ़ाने के लिए रुपए तो खर्च करते हैं लेकिन तुम्हारे ड्रेस के साथ साथ कलम-कॉपी, पेंसिल-स्याही आदि अन्य चीजें भी तो फैक्ट्री के मजदूर ही बनाते हैं……। इसलिए तुम्हारे ऊपर सिर्फ माता-पिता का ही नहीं बल्कि उन मजदूरों का भी ऋण है जिसे पढ़ने-लिखने के बाद कुछ सामाजिक कार्य करके तुम्हें भी चुकाना होगा…….. जैसे उन्होंने (डॉ.मधेपुरी ने) समाजवादी चिंतक भूपेन्द्र नारायण मंडल के नाम बीएनएमभी कॉलेज बनाया तथा कॉलेज चौक पर उनकी प्रतिमा के अनावरण में लालू-शरद-नीतीश को बुलाकर उन्हीं के नाम उसी दिन (4-2-1991) विश्वविद्यालय की घोषणा भी कराई।

VC Dr.A.K.Ray, Dr.Madhepuri, Pro.VC Dr.Ali and Principal K.P.Yadav presenting jointly an impressive Momento to Director Niku-Miku from Bright Angles for his appreciating support to the 5th Spelling Bee Championship 2018.
VC Dr.A.K.Ray, Dr.Madhepuri, Pro.VC Dr.Ali and Principal K.P.Yadav presenting jointly an impressive Momento to Director Niku-Miku from Bright Angles for his appreciating support to the 5th Spelling Bee Championship 2018.

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ.के.पी.यादव ने बच्चों से यही कहा कि तुम्हारी लगन और मेहनत ही तुम्हें एक दिन मंजिल तक पहुंचायेगी। मौके पर दर्जनों स्कूल के 138 प्रतिभागियों को सम्मान के साथ प्रशस्ति पत्र व मोमेंटो मंचासीन अतिथियों द्वारा दिया गया- जिसमें सीनियर वर्ग के अभिनव-अंजलि-नैना, प्रेरणा-कोमल-आनंद एवं जूनियर क्लास के काव्या-सिमरन-शरजिल-युसूफ आदि उल्लेखनीय हैं।

इस अवसर पर PRO डॉ.सुधांशु शेखर, DR डॉ.कपिलदेव प्रसाद, मुरलीगंज से मानव सिंह, सिंहेश्वर के ग्रीन फील्ड स्कूल से रूपेश कुमार, ब्राइट एंजेल्स के निकू- मिकू, समिधा से संदीप शांडिल्य, कुंदन कुमार, श्याम कुमार, रौशन, आयुष सहित सोनी-सावंत की पूरी टीम अंत तक सहयोगी भूमिका निभाने में लगी रही। मंच संचालन सी.एम.साइंस कॉलेज के प्रो.संजय कुमार परमार ने किया और धन्यवाद ज्ञापन सावंत कुमार ने।

 

सम्बंधित खबरें


26 नवम्बर से बी.पी.मंडल सेतु पर आवागमन होगा शुरू

‘कोसी का लाइफ लाइन’ के नाम से मशहूर बी.पी.मंडल सेतु (डुमरी पुल) पर वर्षों से वाहनों का आवागमन बंद था। आगे 26 नवंबर से इस पुल होकर चार पहिये समेत भारी वाहनों का परिचालन शुरू हो जाएगा। यूं तो 24 सितंबर से ही पुल होकर पैदल एवं बाइक का आवागमन चालू हो गया है।

बता दें कि सेतु निर्माण कंपनी एसपी सिंगला के अधिकारियों के अनुसार सेतु ढलाई का काम युद्धस्तर पर किया जा रहा है…… उम्मीद है कि 26 नवंबर तक बी.पी.मंडल सेतु होकर भारी वाहनों का परिचालन भी आरंभ हो जाएगा एक वरिष्ठ अधिकारी प्रोजेक्ट मैनेजर के.के.रंजन ने मधेपुरा अबतक को बताया कि 15 से 25 नवंबर के बीच सेटरिंग खोलने समेत अन्य सभी कार्य पूरा कर लिया जायेगा। इसीलिए 26 नवंबर से पुल होकर भारी वाहनों के परिचालन की घोषणा कर दी गई है। इसके बाद बी.पी.मंडल सेतु होकर एनएच-107 के विभागीय कार्यपालक अभियंता उमाशंकर प्रसाद भारी वाहनों का परिचालन करा सकते हैं।

ज्ञातव्य है कि बी.पी.मंडल के मुख्यमंत्रित्व काल में कोसी के आधे दर्जन जिले के लोगों के लिए इस पुल की घोषणा की गई थी। जिसे बाद वाली सरकार ने “बीपी मंडल सेतु” नाम देकर उन्हें सम्मानित किया। यह पुल बाढ़ में क्षतिग्रस्त होने के कारण वर्षों से बंद पड़ा था। जिसपर होकर परिचालन शुरू होने का समाचार सुनकर चारों ओर खुशियों की लहर दौड़ गई है।

सम्बंधित खबरें


बी.पी.मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों ने बिहार-झारखंड में लहराया परचम

मधेपुरा के बी.पी.मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों ने तीन दिवसीय ‘मेगा टेक फेस्ट’ टेक्निकल कंपटीशन में भाग लिया और अपने महाविद्यालय का नाम रोशन किया। यह प्रतियोगिता बिहार-झारखंड के सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों के छात्रों के लिए आयोजित किया गया – विगत 27-28-29 सितंबर को के दरमियान, गया कॉलेज आफ इंजीनियरिंग के परिसर में।

बता दें कि अभावों में रहकर भी पढ़ाई के प्रति समर्पित छात्र अपने शिक्षण संस्थान को गौरवान्वित कर ही देता है। भले ही बी.पी.मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज का इंफ्रास्ट्रक्चर दोनों राज्यों के अभियंत्रण महाविद्यालयों की तुलना में कमजोर क्यों न हो, परंतु मधेपुरा इंजीनियरिंग कॉलेज के कंप्यूटर साइंस ब्रांच, के छात्र अमरजीत कुमार की टीम (अमरजीत कुमार, पुष्कर कुमार व मो.तमन्ना) ने संयुक्त रूप से ‘एंड्रॉयड एप डेवलपर में प्रथम स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया…… जिसके लिए उन्हें मेडल के साथ ₹1,000 देकर सम्मानित किया गया।

यह भी जानिए कि जहाँ ‘रोबोबार’ में श्रवण साहू, पुष्कर कुमार, रोशन कुमार व निरंजन कुमार की टीम ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया…..  जिसके लिए उस टीम को मेडल के साथ ₹800 का पुरस्कार दिया गया। वहीं रोबोटिक्स में अरविंद कुमार, निरंजन कुमार, चंदन कुमार, शारदा-शिल्पा एवं प्रियाराज की टीम ने भी द्वितीय स्थान प्राप्त कर मेडल के साथ ₹800 का पुरस्कार प्राप्त किया। इसके अलावे टेक्नोवेशन साइंस क्लब के द्वारा प्रशिक्षित छात्र को बेस्ट इंजीनियरिंग अवार्ड से नवाजा गया।

बता दें कि इन कारनामों की जानकारी पाकर बी.पी.मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों, प्राध्यापकों एवं अभिभावकों में खुशी की लहर दौड़ गई तथा प्रधानाचार्य डॉ.सी.पी.सिंह ने छात्रों को बधाई दी एवं शिक्षकों की सराहना की। इस अवसर पर टेक्नोवेशन साइंस क्लब के इंचार्ज प्रो.एम.के.मंगलम ने छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि यहाँ के छात्रों में टैलेंट की कोई कमी नहीं है बल्कि संसाधनों की कमी रहने के कारण ही वे अपनी प्रतिभा को नई-नई उड़ान के साथ दिखा नहीं पाते हैं।

सम्बंधित खबरें


मंडल विश्वविद्यालय में ‘मीडिया और सृजनात्मक लेखन’ पर सेमिनार

भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय (नॉर्थ कैंपस) के हिन्दी स्नातकोत्तर विभाग द्वारा ‘मीडिया और सृजनात्मक लेखन’ पर आयोजित सेमिनार में समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी द्वारा हिन्दी विभाग को दान स्वरूप दिये गये एक स्पीकर सेट व भव्य दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन करते हुए विद्वान कुलपति प्रो.(डॉ.)अवध किशोर राय ने उपस्थित श्रोताओं की करतल ध्वनि के बीच डॉ.मधेपुरी को गर्मजोशी के साथ शुभकामनाएं दी……. साथ-साथ दान देने वाली ऐसी प्रवृत्ति की हृदय से सराहना भी की। ज्ञातव्य है कि चन्द महीने पूर्व हिन्दी विभाग के एक कार्यक्रम के उद्घाटन करने के क्रम में प्रतिकुलपति डॉ.फारूक अली ने उक्त दान के बाबत स्वयं घोषणा की थी जिसके पूरा होने पर प्रोवीसी डॉ.अली ने मधेपुरा के कलाम कहे जानेवाले डॉ.मधेपुरी की जमकर तारीफ की………।

Samajsevi Sahityakar & Former University Professor of Physics Dr.Bhupendra Madhepuri receiving honour for his generosity from Honourable Vice-Chancellor Dr.Awadh Kishor Ray at North Campus BNMU Madhepura.
Samajsevi Sahityakar & Former University Professor of Physics Dr.Bhupendra Madhepuri receiving honour for his generosity from Honourable Vice-Chancellor Dr.Awadh Kishor Ray at North Campus BNMU Madhepura.

बता दें कि कुलपति डॉ.राय ने मीडिया को ज्यादा सृजनात्मक होने की जरूरत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पत्रकारों को दोनों पक्षों की बातों को रखनी चाहिए। आगे भारत के विकास में मीडिया के रचनात्मक सहयोग की आवश्यकताओं पर बल देते हुए उन्होंने यही कहा कि अब मीडिया समाज और देश का आईना बन चुका है जिसमें समाज अपनी अच्छाइयों एवं बुराइयों को साफ-साफ देख सकता है। कुलपति ने न केवल मीडिया द्वारा रचनात्मक एवं सृजनात्मक लेखन के लिए उसे साहित्य से सानिध्य बनाये रखने पर बल दिया बल्कि यह भी कहा कि इसके लिए मीडिया को पहले से कहीं ज्यादा सृजनात्मक और संवेदनशील होना होगा तथा छात्रों को कॉलेज आने के लिए जागरूक भी करना होगा…… अखबारों में उच्च शिक्षा हेतु एक विशेष कॉलम यथाशीघ्र बनाना होगा।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि सह प्रति कुलपति डॉ.फारूक अली ने अपने संबोधन में यही कहा कि मीडिया हाउसों के बीच एक दूसरे से आगे बढ़ने की होड़ लगी है जबकि मीडिया को हमेशा तथ्य परक खबरों को ही तवज्जो देनी चाहिए। यदा-कदा जल्दबाजी में अपुष्ट समाचार को प्रकाशित एवं प्रसारित किये जाने के कारण कई बार समाज को बहुत बड़ी क्षति उठानी पड़ती है……. विश्वविद्यालय के कुलसचिव कर्नल नीरज कुमार ने हाल-फिलहाल मीडिया के साथ अपने भोगे हुए अनुभवों को निर्भीकतापूर्वक साझा किया तथा मीडिया के अच्छे एवं बुरे पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला …..!

यह भी जानिए की विशिष्ट अतिथि डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने मीडिया को सत्ता एवं समाज के बीच की कड़ी बताते हुए तथा टैगोर-गांधी-विवेकानंद एवं डॉ.कलाम को संदर्भित करते हुए कहा कि हम समाज की बेहतरी के लिए कितना सकारात्मक सोच रखते हैं…….. उसका आकलन आम लोगों को भी करने की जरूरत है क्योंकि समाज रास्ते से भटक गया है……. उसे जगाना मीडिया का ही नहीं….. शिक्षकों का भी दायित्व है।

आगे जहाँ डॉ.मधेपुरी ने कहा कि मीडिया के सकारात्मक लेखन से कई प्रकार की सामाजिक समस्याओं का समाधान हो जाता है वहीं हिंदुस्तान के ब्यूरो चीफ सरोज कुमार ने सोशल मीडिया को जिम्मेदार होने की जरूरत बताते हुए कहा कि मीडिया तो समाज में समाचारों के संप्रेषण का माध्यम है।

एक ओर जहाँ सीनेटर-शिक्षक डॉ.नरेश कुमार ने कहा कि सृजनशील बनकर ही मीडिया समाज को आगे बढ़ाने में मददगार साबित हो सकता है वहीं पूर्व एचओडी डॉ.इंद्र नारायण यादव ने चैनल द्वारा किसानों की समस्याओं को गंभीरता पूर्वक नहीं उठाये जाने की चर्चा की।

समापन के सिलसिले में सृजनात्मक लेखन के जरिये अखबारों को ऊंचाई प्रदान करने वाले पत्रकारों- प्रो.संजय परमार, प्रो.सुरेंद्र कुमार, मनीष कुमार, दिलखुश आदि को कुलपति द्वारा सम्मानित किये जाने के साथ-साथ मुक्तहस्त से दान देने की प्रवृत्ति पालक डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी को भी उन्होंने सम्मानित किया।

सेमिनार की अध्यक्षता करते हुए हिन्दी के एचओडी डॉ.सीताराम शर्मा ने मीडिया में सकारात्मकता के हो रहे ह्रास पर खेद प्रकट करते हुए कहा कि मीडिया को जरूरत है समाज के हर पहलू पर सकारात्मकता के साथ काम करने की। सफल मंच संचालन करते हुए डॉ.सिद्धेश्वर काश्यप ने कहा कि मीडिया का मूल- सृजन एवं कल्याण है। उपस्थित सभी विभागाध्यक्षों, छात्रों ,आगंतुकों एवं अतिथियों को शोधकर्ता सोनम सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

सम्बंधित खबरें


मधेपुरा के गोपाष्टमी मेला को मिला राजकीय दर्जा !

सहरसा में कोसी महोत्सव एवं शिव की नगरी में सिंहेश्वर महोत्सव के तर्ज पर मधेपुरा में भी बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा गोपाष्टमी मेला को पहली बार राजकीय महोत्सव का दर्जा दिया गया। गोपाष्टमी महोत्सव का आयोजन 15 नवंबर से किया जायगा। पूर्व में इस मेला को विस्तार दिया गौशाला समिति के सचिव पृथ्वीराज यदुवंशी ने जिसके चलते गोपाष्टमी मेला को महोत्सव का दर्जा तो मिला ही- साथ ही पहली बार 20 लाख रुपए आवंटित होने की पुष्टि समाजसेवी डॉ.मधेपुरी द्वारा पूछे जाने पर आयोजन समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे सदर एसडीएम बृंदा लाल ने की।
बता दें कि दो दिवसीय सरकारी महोत्सव एवं लगभग 1 सप्ताह का गौशाला समिति की ओर से गोपाष्टमी मेला होगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि स्थानीय कलाकारों के अतिरिक्त दो दिवसीय गोपाष्टमी महोत्सव में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कलाकार बुलाये जायेंगे। यह भी निर्णय लिया गया कि महोत्सव में कृष्ण लीला, राधा-कृष्ण पर प्रवचन, डांडिया, कुश्ती प्रतियोगिता आयोजित किया जायेगा। साथ ही खेल आदि के आयोजन हेतु चर्चा भी की गई।
अध्यक्ष सदर एसडीएम बृंदा लाल ने कहा कि महोत्सव के सारे क्रिया-कलापों में पारदर्शिता के साथ राशि खर्च की जायेगी और आयोजन हेतु दूसरी बैठक में आवश्यक समितियों का गठन भी किया जायेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अंतिम निर्णय जिला अधिकारी के निर्देशानुसार ही स्वीकार्य होगा।
समाजसेवी साहित्यकार डॉ. भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी एवं प्रोफेसर श्यामल किशोर यादव ने स्मारिका प्रकाशन की चर्चा की जिसे अगली बैठक में विचारार्थ रखा जायेगा। बैठक में प्रो.जटाशंकर यादव, डॉ.नायडू, डॉ.आर.के.पप्पू, डॉ.रवि रंजन, प्रो.रीता कुमारी, प्रो.अरुण कुमार बच्चन, प्रो.गणेश प्रसाद, रिंकी यदुवंशी, रविंद्र प्रसाद यादव, राजेश सर्राफ, संजय कुमार जायसवाल, देव नारायण साह, विकास कुमार, आर.पी.यादव, मुकेश कुमार, ई.मयंक, ई.अभिनव आदि उपस्थित थे।

सम्बंधित खबरें