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मधेपुरा नगर सरकार बनाने के लिए हुई वोटों की बारिश !

मधेपुरा नगर परिषद में कुल 26 वार्डों में बनाये गये 43 मतदान केंद्रों पर 155 प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में बंद हो गया | वार्ड न. 2 एवं 6 की तनावपूर्ण स्थिति की सूचना मिलते ही जिले के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल, अनुभवी एसपी विकास कुमार, डीडीसी मिथिलेश कुमार, एएसपी राजेश कुमार, थाना अध्यक्ष मनीष कुमार सहित एसडीएम सह रिटर्निंग ऑफिसर संजय कुमार निराला आदि द्वारा तुरंत कार्रवाई करते हुए स्थिति पर नियंत्रण कर लिया गया |

बता दें कि नगर सरकार निर्माण में लगे सजग नर-नारी एवं युवजन सूरज निकलते ही अपने-अपने मतदान केंद्रों पर कतारबद्ध होने लगे | प्रायः सभी मतदान केंद्रों पर पुरुष मतदाताओं के मुकाबले महिला मतदाताओं की लंबी लाइनें देखी गयी | भला क्यों न हो लंबी लाईन- नीतीश सरकार ने मधेपुरा नगर सरकार के मुख्य पार्षद का पद इसबार महिला के लिए जो रिजर्व कर दिया है | यूँ तो  महिलाओं के लिए सुरक्षित वार्ड की संख्या 12  है जबकि अन्य के लिए सुरक्षित वार्ड की संख्या 5 है |

यह भी बता दें कि भीषण गर्मी के बावजूद मतदाताओं के उत्साह में कमी नहीं आई बल्कि गर्मी के साथ-साथ बढ़ते गये मतदान प्रतिशत | हाँ ! मधेपुरा नप क्षेत्रान्तर्गत आधे दर्जन मतदान केंद्रों पर ईवीएम मशीन के सेटिंग में गड़बड़ी से मतदान शुरू होने में लगभग आधा घंटा विलंब हुआ | उमस भरी गर्मी के बावजूद मधेपुरा में 7:00 बजे सुबह से 5:00 बजे शाम तक 63% वोटरों ने अपने मताधिकार का प्रयोग निर्भीक होकर किया | पुलिस की मुस्तैदी के चलते 29 लोगों को हिरासत में लिया गया और 5 बाइक जप्त किया गया |

DM Md.Sohail (IAS) and SP Vikas Kumar (IPS) appealing the voters to caste their votes without any fear or pressure at P.Sc College Polling Booth, Madhepura
DM Md.Sohail (IAS) and SP Vikas Kumar (IPS) appealing the voters to caste their votes without any fear or pressure at P.Sc College Polling Booth, Madhepura.

जहाँ एक ओर डीएम मो.सोहैल के निर्देशानुसार प्रायः सभी मतदान केंद्रों पर धूप से बचने के लिए पंडाल एवं शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की गई थी वहीं दूसरी ओर मतदान केंद्र संख्या 25 पर पंडाल नहीं देखने पर डीएम ने नाराजगी भी जाहिर की | जहाँ चेतावनी देते हुए डीएम ने पुलिस प्रशासन से फर्जी मतदाताओं को गिरफ्तार कर जेल भेजने का निर्देश दिया वहीं उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मतदाताओं से यह भी कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है जब हरेक मतदान केंद्र पर “प्रत्याशियों का बायोडाटा” चिपकाया गया है |

The Dynamic District Magistrate Md.Sohail (I.A.S) after casting his vote in Nagar Parishad Election- 2017 at Jagjiwan Ashram School Polling Booth near DM Residence at Madhepura .
The Dynamic District Magistrate Md.Sohail (I.A.S) after casting his vote in Nagar Parishad Election- 2017 at Jagjiwan Ashram School Polling Booth near DM Residence at Madhepura .

वोट आरंभ होने से पहले से लेकर वोट समाप्ति के बाद तक ‘राउंड द क्लॉक’ आधे दर्जन गाड़ियों पर अपनी पूरी टीम के साथ डीएम एवं एसपी सभी मतदान केंद्रों का चक्कर लगाते रहे | उसी दौरान डीएम मो.सोहैल (भा.प्र.से.) ने जगजीवन आश्रम स्कूल स्थित मतदान केंद्र पर अपने मताधिकार का प्रयोग कर आम लोग को वोट डालने के लिए जागरूक भी किया | इस अवधि में डीडीसी, एएसपी, थानाध्यक्ष मनीष कुमार एवं कमांडो हेड विपिन कुमार के साथ पुलिस बल एवं कमांडो दस्ता सभी मतदान केंद्रों पर घूमते रहे |

चलते-चलते यह भी बता दें कि मधेपुरा के बाद डीएम व एसपी मुरलीगंज नगर पंचायत के मतदान केंद्रों के निरीक्षण पर निकल गये जहाँ 15 वार्डों के 23 बूथों पर 103 प्रत्याशियों को मतदाताओं ने 70% वोट डालकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया  | भीषण गर्मी में भी वहां जमकर हुई वोटों की बारिश |

मधेपुरा व मुरलीगंज के सभी प्रत्याशियों के वोटों की गिनती यानी उनके भाग्य का फैसला 23 मई को होगा | इस बीच प्रत्याशियों के हृदय की जब बढ़ेगी ‘धड़कन’ तो वे हाथों में थाम लेंगे “दर्पण”……..!!

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सरहदों से नहीं बदलता ‘मदर्स डे’ का सार

माँ – वो शब्द जिसे परिभाषित करने में दुनिया की सारी भाषाओं के सारे शब्द और साहित्य व कला की सारी विधाएं खर्च हो जाएं, फिर भी परिभाषा अधूरी रह जाए। संसार का साक्षात ईश्वर, सृष्टि का पर्याय, हमारे अस्तित्व का पहला अध्याय होती है मां। दुनिया के हर बच्चे के लिए सबसे खास, सबसे प्यारा, सबसे गहरा, सबसे नि:स्वार्थ रिश्ता। सच तो यह है कि हमारे जीवन के सारे दिन मां से और मां के  होते हैं, फिर भी मां को सम्मानित करने के लिए एक खास दिन को दुनिया ने ‘मदर्स डे’ का नाम दिया, जो भारत में मई माह के दूसरे रविवार को मनाया जाता है। लेकिन यह जानना दिलचस्प होगा कि अलग-अलग देशों में इस दिन को मनाने की तारीख और इसकी शुरुआत की कहानी भी अलग-अलग है। तो आईये, मदर्स डे के इतिहास में झांकें, इस दिन को सम्पूर्णता में देखें।

मदर्स डे का इतिहास लगभग 400 वर्ष पुराना है। प्राचीन ग्रीक और रोमन इतिहास में मदर्स डे को मनाने के कई साक्ष्य हैं। पुराने समय में ग्रीस में मां को सम्मान देने के लिए पूजा का रिवाज था। कहा जाता है कि स्य्बेले ग्रीक देवताओं की मां थीं और उनके सम्मान में यह दिन त्योहार के रूप में मनाया जाता था। उधर एशिया माइनर के आसपास और रोम में इसे वसंत ऋतु के करीब ‘इदेस ऑफ मार्च’ यानि मां को सम्मान देने के पर्व के रूप में 15 से 18 मार्च तक मनाया जाता था।

यूरोप और ब्रिटेन में मां के प्रति सम्मान दर्शाने की कई परंपराएं प्रचलित हैं। उसी के अंतर्गत एक खास रविवार को मातृत्व और माताओं को सम्मानित किया जाता था, जिसे ‘मदरिंग संडे’ कहा जाता था। इंग्लैंड में 17वीं शताब्दी में 40 दिनों के उपवास के बाद चौथे रविवार को मदर्स डे मनाया जाता था। इस दौरान चर्च में प्रार्थना के बाद छोटे बच्चे फूल या उपहार लेकर अपने-अपने घर जाते थे। इस दिन सम्मानस्वरूप मां को घर का कोई काम नहीं करने दिया जाता था।

दक्षिण अमेरिकी देश बोलिविया में मदर्स डे 27 मई को मनाया जाता है। यहां मदर्स डे का मतलब कोरोनिल्ला युद्ध को स्मरण करना है। दरअसल 27 मई 1812 को यहां के कोचाबाम्बा शहर में युद्ध हुआ। कई महिलाओं का स्पेनिश सेना द्वारा कत्ल कर दिया गया। ये सभी महिलाएं सैनिक होने के साथ-साथ मां भी थीं। इसीलिए 8 नवंबर 1927 को यहां एक कानून पारित किया गया कि यह दिन मदर्स डे के रूप में मनाया जाएगा।

चीन में भी मदर्स डे काफी लोकप्रिय है। इस दिन वहां उपहार के रूप में गुलनार के फूल खूब बिकते हैं। चीन में 1997 में यह दिन गरीब माताओं की, खासकर उन गरीब माताओं की जो ग्रामीण क्षेत्रों जैसे पश्चिम चीन में रहती हैं, की मदद के लिए निश्चित किया गया था।

जापान में मदर्स डे शोवा युग (1926-1989) में महारानी कोजुन (सम्राट अकिहितो की मां) के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता था। अब इस दिन को लोग वहां अपनी मां के लिए ही मनाते हैं। इसी तरह थाईलैंड में भी रानी के जन्मदिन की तारीख को मदर्स डे की तारीख में बदल दिया गया।

बहाना चाहे जो हो, आज मदर्स डे दुनिया के अधिकांश देशों में मनाया जाता है। जैसे कई कैथोलिक देशों में वर्जिन मेरी डे को तो इस्लामिक देशों में पैगंबर मुहम्मद की बेटी फातिमा के जन्मदिन को मदर्स डे के रूप में मनाया जाता है। कुछ देश 8 मार्च यानि वुमेंस डे को ही मदर्स डे की तरह मनाते हैं, लेकिन मनाते जरूर हैं। कई देशों में तो मदर्स डे पर अपनी मां का विधिवत सम्मान नहीं करना अपराध की श्रेणी में आता है।

अमेरिका में मदर्स डे की शुरुआत 1870 में जूलिया वार्ड होवे ने की थी। उनका मानना था कि महिलाओं या माताओं को राजनीतिक स्तर पर अपने समाज को आकार देने का सम्पूर्ण दायित्व मिलना चाहिए। आगे चलकर 1912 में मदर्स डे इंटरनेशनल एसोसिएशन बना और एना जॉर्विस (वर्जीनिया) ने मई के दूसरे रविवार को मदर्स डे घोषित किया। गौरतलब है कि जॉर्विस शादीशुदा नहीं थीं और न ही उनका कोई बच्चा था। उन्होंने अपनी मां एना मैरी रविस जॉर्विस की मृत्यु के बाद उनके प्रति अपना प्यार और सम्मान जताने के लिए इस दिन की शुरुआत की थी। भारत में भी मई के दूसरे रविवार को ही मदर्स डे मनाया जाता है। वैसे यहां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की धर्मपत्नी कस्तूरबा गांधी के जन्मदिन को भी मदर्स डे के तौर पर मनाने के उदाहरण देखे जा सकते हैं।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

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बचाने की कोशिश करें बच्चों के बचपन को………!

जी हाँ ! चौंकिए नहीं…….! यह बच्चा संवाद कर रहा है अपनी आंटी से | टूटे झूले की कड़ी से झूलते हुए……| और ‘आंटी’ किसी परिचय का मोहताज नहीं | वही तो है अंतर्राष्ट्रीय कराटे खिलाड़ी सोनी राज- जिसे स्थानीय वृनदावन नर्सिंग होम गोद लिया है फ्री चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने और पार्वती साइंस कॉलेज फ्री हायर एजुकेशन देने के लिए | क्योंकि, सोनीराज  श्रीलंका, मलेशिया और थाइलैंड आदि कई देशों से पदक जीतकर मधेपुरा का नाम जो रोशन किया है |

बता दें कि मधेपुरा में तो सही-सलामत बच्चों के लिए भी उनके अनुकूल चिल्ड्रेन पार्क नहीं है जबकि बैंगलोर की कविता कृष्णमूर्ति इन दिनों भारत सरकार के साथ ऐसे पार्क डिजाइन करने एवं बनाने में लगी है कि वहाँ के कुछ पार्क्स को डिजेबल्ड यानि दिव्यांग बच्चों के लिए फ्रेंडली बनाकर उसे अभियान का रुप दिया जा सके |

Kavita krishnamurti from Banglore designing the Park friendly for crippled children.
Kavita krishnamurti from Bangalore designing the Park friendly for crippled children .

यह भी जानिये कि वैसे दिव्यांग बच्चों के पैरेंट्स एक नहीं कई ग्रुप बनाकर पार्क की साफ-सफाई में सहयोग करते हैं | म्यूनिसिपल कमिश्नर एवं पदाधिकारियों के साथ एक दिन का वर्कशॉप भी करते हैं | और यहाँ पर गाँधी के चम्पारण सत्याग्रह शताब्दी के अवसर पर भी ना पेरेंट्स का कोई ग्रुप बना और ना साफ-सफाई के बाबत कोई वर्कशॉप ही आयोजित किया गया |

Dr.Bhupendra Madhepuri alongwith the team of Navachar Mandal engaged to clean the Park near Zila Atithi Griha at Madhepura .
Dr.Bhupendra Madhepuri alongwith the team of Navachar Mandal engaged to clean the Park near Zila Atithi Griha at Madhepura .

हाँ ! मधेपुरा के डायनेमिक डीएम  मो.सोहैल द्वारा इतना तो जरूर किया गया कि चम्पारण सत्याग्रह शताब्दी समारोह के अवसर पर साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी को एक टीम बनाकर प्रखंड एवं गांवों में जाकर गांधीयन विचार पर चर्चा करने की बात कही गई तो एक टीम बनाकर वैसा करते हुए वे एकदिन इसी पार्क (जिला अतिथि गृह से सटे पूरब) में बच्चों से गाँधी के विचार शेयर किये एवं साफ-सफाई की बातें की और बच्चों के साथ मिलकर स्वयं भी पार्क की सफाई करने लगे | टूटे हुए झूले की स्थिति और बच्चे एवं बड़ों के घूमनेवाले फुटपाथ में उत्पन्न टूट के बाबत डॉ.मधेपुरी ने कहा कि सबकुछ जिला प्रशासन एवं सरकार ही नहीं कर देगी बल्कि हमें यह महसूसना होगा कि समस्याएँ हमें मजबूत बनाने और हमसे कुछ सार्थक कराने के लिए आती हैं |

मौके पर जहाँ नवाचार रंगमंडल के सदस्यगण सुनीत साना, अमित आनंद, अमित अंशु, मो.आतिफ, आदित्य, कार्तिक कुमार, अंशु कुमार, सावंत कुमार रवि आदि ने नगर परिषद से मांग की कि पार्को की नियमित सफाई एवं पौधों की सुरक्षा व सिंचाई पर विशेष नजर रखी जाय वहीं रंगमंडल के संरक्षक डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने कहा कि जब तक स्थानीय लोग खासकर पार्क में प्रतिदिन आने वाले अधिवक्ता भोला प्रसाद सिंह या उनके पडोसी शिक्षक भोला प्रसाद यादव जैसे लोग जागरुक नहीं होंगे तब तक पार्कों की स्थिति में विशेष सुधार नहीं हो सकेगा |

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वित्तरहित शिक्षक के संरक्षक डॉ.संजीव ने ली शपथ !

कोसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रान्तर्गत ताज़िन्दगी शिक्षकों की सेवा करनेवाले एमएलसी डॉ.शारदा प्रसाद सिंह के नक्शे कदम पर चलते हुए इस बार हैट्रिक लगाने वाले उन्हीं के सुपुत्र डॉ.संजीव कुमार सिंह जद(यू) सहित नवनिर्वाचित अन्य तीन सदस्यों अवधेश नारायण सिंह, संजीव श्याम सिंह एवं वीरेंद्र नारायण यादव को विधान परिषद के उप भवन सभागार में 10 मई को संध्या 4:00 बजे कार्यकारी सभापति मो.हारूण रशीद ने पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई |

यह भी बता दें कि शपथ ग्रहण करने वाले इन चारों नवनिर्वाचित विधान पार्षदों- पूर्व सभापति सह गया स्नातक से विजयी भाजपा नेता अवधेश नारायण सिंह, वहीं के शिक्षक क्षेत्र से विजयी रालोसपा के संजीव श्याम सिंह एवं सारण स्नातक क्षेत्र से विजयश्री प्राप्त वीरेंद्र नारायण यादव सहित डॉ.संजीव कुमार सिंह का कार्यकाल 9 मई 2017 से 8 मई 2023 तक का होगा यानि पूरे 6 वर्षों का कार्यकाल होगा |

यह जानिए कि नवनिर्वाचित सभी सदस्यों को परिषद के नये उपभवन में कार्यकारी सभापति मो.हारुण रशीद द्वारा शपथ दिलाई गई | शपथ ग्रहण के बाद सबों ने मंच पर उपस्थित मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी सहित पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव, स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव, ऊर्जा मंत्री सह मधेपुरा जिला प्रभारी मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, से हाथ मिला-मिलाकर अभिवादन स्वीकार किया गया |

बता दें कि यशस्वी पिता के यश को उर्ध्वगामी बनाये रखनेवाले डॉ.संजीव गठबंधन धर्म निभाते हुए वित्तरहित शिक्षकों के हित में निर्भीकतापूर्वक अपनी बातें रखते रहे हैं और आगे भी रखेंगे | पिताश्री के पद चिन्हों पर चलते हुए इन वित्तरहित शिक्षकों के हित में अहर्निश बौद्धिक सजगता प्रदर्शित करते रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे | इसलिए तो उच्चतम न्यायालय ने भी “समान कार्य के लिए समान वेतन” जैसे संघर्ष को सार्थक साबित करते हुए समर्थन दिया है |

यह भी जानिए कि चन्द रोज कबल यानी 6 मई को डॉ.संजीव ने भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के 8 अरब 52 करोड़ के बजट को अभिषद की बैठक में अपनी स्वीकृति देकर पास किया और अनुकंपाकर्मियों के भुगतान, नवनियुक्त शिक्षकों को कालेज के आंतरिक श्रोत से भुगतान सहित 73 प्रोन्नत शिक्षक-रीडरों को अंडरटेकिंग लेकर भुगतान करने पर मुहर लगा दी |

Newly Elected MLC Dr.Sanjeev Kumar Singh receiving blessings from Dr.Bhupendra Madhepuri at his residence (Vrindavan) Madhepura and discussing the problems of Vittrahit Shikshak .
Newly Elected MLC Dr.Sanjeev Kumar Singh receiving blessings from Dr.Bhupendra Madhepuri at his residence (Vrindavan) Madhepura and discussing the problems of Vittrahit Shikshak .

फिर शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने हेतु राजधानी पटना वापस लौटने के क्रम में मधेपुरा के मंडल विश्वविद्यालय में परीक्षा नियंत्रक- विकास पदाधिकारी सहित विभिन्न पदों पर सेवारत रह चुके सेवानिवृत्त फिजिक्स के यूनिवर्सिटी प्रोफेसर एवं वित्तरहित शिक्षकों के प्रति अतिसंवेदनशील डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी का शुभाशीष प्राप्त करने उनके निवास ‘वृंदावन’ गये और चाय पीने के क्रम में 10 मई को होने वाले शपथ ग्रहण की चर्चा हुई तो डॉ.मधेपुरी ने एमएलसी डॉ.संजीव को शुभ आशीर्वचन देते हुए बस इतना ही कहा- शारदा बाबू तो रिजल्ट के दूसरे ही दिन से अगले चुनाव की तैयारी हेतु शिक्षकों के हित में कार्यारम्भ कर देते थे……. आप भी उसी पथ पर चलेंगे…….. चलते ही रहेंगे……. और आगे बढ़ते ही रहेंगे….!!

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मधेपुरा जिला स्थापना दिवस को समर्पित गंधर्व संगीत सम्मेलन !

जिला मधेपुरा का 36वाँ स्थापना दिवस समारोह 9 मई को मनाने हेतु 22 अप्रैल 2017 को जिलाधिकारी मो.सोहैल की अध्यक्षता में समाहरणालय के सभा भवन में सभी विभागीय पदाधिकारियों एवं शहर के गणमान्यों के साथ आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया कि स्थापना दिवस समारोह के रूप में सभी प्रखंडों के पंचायत स्तर से जिलास्तर तक धूमधाम से मनाया जाय | साथ ही यह भी कि सवेरे स्कूली बच्चों द्वारा बैण्ड-बाजे के साथ प्रभात फेरी, युवजनों द्वारा बी.एन.मंडल वि.वि. से स्टेडियम तक विकास दौड़, दोपहर में खेलकूद…… शाम में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम…….. दिनभर उत्सवी माहौल……. साफ-सफाई…….. रंग-रोगन… एक साल का प्रगति प्रतिवेदन………. उत्कृष्ट कार्य करने वाले तीन कर्मी का चयन……. आदि आदि को माननीय प्रभारी मंत्री सह ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव के कर कमलों द्वारा पुरस्कृत किया जायगा |

लेकिन जिला स्थापना दिवस की पूर्व अति पूर्व संध्या पर 6 मई (शनिवार) को ही स्थानीय श्रीकृष्ण मंदिर परिसर में संगीत को समर्पित बनारस के मिश्रबंधुओं एवं दिल्ली सहित अन्य कलाकारों द्वारा भव्य गायन-वादन व संगीत सम्मेलन का आयोजन किया गया |

यह भी बता दें कि मधेपुरा जिले के शास्त्रीय संगीत के सर्वमान्य भीष्म पितामह पंडित परिमल यादव एवं महामहिम राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत तबला वादक प्रो.योगेंद्र नारायण यादव के सम्मान में जिला स्थापना को समर्पित ‘गंधर्व संगीत समारोह’ का दीप प्रज्वलित करते हुए समाजसेवी-साहित्यकार शिक्षाविद डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने अवरूद्ध कंठ से बस यही कहा कि न तो मां की ममता की गहराई को और ना ही इन दोनों गीत-संगीत साधकों की साधना की ऊंचाई को मापने की शक्ति है मुझमें !

डॉ.मधेपुरी ने पंडित परिमल के शब्दों ‘संगीत समाज को संस्कारित करता है……’ को उद्धृत करते हुए बस इतना ही कहा- “मैं संगीत जानता नहीं, केवल उसे महसूसता हूँ |” और यह भी अनुभूति होती रहती है कि संगीत केवल मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि

Music is such an art
Killing care grief of heart…….

प्रो.योगेंद्र नारायण यादव, प्रो.श्यामल किशोर यादव, एवं प्रो.रीता ने भी संगीत के महत्व की चर्चा की | कार्यक्रम की शुरुआत में संगीत के भीष्म पितामह पंडित परिमल के शास्त्रीय गायन, तबला पर प्रो.योगेन्द्र नारायण एवं हारमोनियम पर प्रो.संजीव देर तक सजीव श्रोताओं की तालियाँ बटोरते रहे |

P.Mishra at Violin , A.Deep at Pakhavaj , Hardik Verma at Sitar , Atul Shankar at Fluet and Nirmal Yadhuvanshi at Tabla all from Varanasi and Delhi are performing the best at Shri Krishna Mandir , Madhepura.
P.Mishra at Violin , A.Deep at Pakhavaj , Hardik Verma at Sitar , Atul Shankar at Fluet and Nirmal Yadhuvanshi at Tabla all from Varanasi and Delhi are performing the best at Shri Krishna Mandir , Madhepura.

दूसरे सत्र में बनारस एवं दिल्ली से आये कलाकारों के फ्यूज़न कार्यक्रम का श्रोताओं ने जमकर रसास्वादन किया और तालियों के साथ उत्साहवर्धन भी किया | विभिन्न म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स के साथ शास्त्रीय धुनों से मधेपुरा जिला स्थापना दिवस का उत्सवी  माहौल सबके मन-मस्तिष्क पर छाने लगा |

यह भी बता दें कि वायलिन पर पी.मिश्र, सितार पर हार्दिक वर्मा, बांसुरी पर अतुल शंकर और तबले पर निर्मल यदुवंशी के लय-ताल और सुर के साथ पी.यदुवंशी की सुपुत्री समीक्षा यदुवंशी की ऐंकरिंग ने श्रोताओं को देर शाम तक बांधे रखा | अंत में शास्त्रीय गीत के गुरु वरुण मिश्र की साधना जब यह सिद्ध करने लगी कि शास्त्रीय संगीत ही आदि संगीत है…… सभी संगीतों का श्रोत है…… तब भला कौन किसकी सुनता…. तबले की जगह तालियाँ ही बजने लगी…. बजती ही रही |

The best performer of Classical Sangeet Mr.G.Mishra at Shri Krishna Mandir , Madhepura
The best performer of Classical Sangeet Mr.G.Mishra at Shri Krishna Mandir , Madhepura

मौके पर राजकमल सिंह, बाल्मिकी यादव, रोशन कुमार, डॉ.आलोक कुमार, प्रो.सिद्धेश्वर काश्यप, अरुण कुमार झा, संजय कुमार, सनोज कुमार, मनोज कुमार आदि अंत तक मौजूद देखे गये | प्रो.रामस्वरूप ने धन्यवाद ज्ञापित किया | उन्होंने कला संस्कृति संगम एवं विजय मेमोरियल म्यूजिक कॉलेज के संयुक्त आयोजन की जमकर सराहना की |

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मधेपुरा रेल इंजन फैक्ट्री से फरवरी में निकलेगा फर्स्ट इंजन    

मधेपुरा के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल (भा.प्र.से) की उपस्थिति में जहाँ मई 2016 के प्रथम सप्ताह में फैक्टरी के डिप्टी चीफ इंजीनियर के.के.भार्गव द्वारा भूमि पूजन किया गया था वहीं अब फरवरी 2018 के प्रथम सप्ताह में Greenfield Electric Rail Engine Factory of Madhepura, 12000 हॉर्स पावर वाला पहला इंजन तैयार कर निकालने जा रहा है जिसकी कीमत 28 करोड़ रुपये होगी |

बता दें फ़्रांसीसी कंपनी Alstom पहला इंजन तैयार करने के साथ ही इसे जाँचकर निर्धारित समयानुसार भारतीय रेल को सौंप देगी | इस प्रथम इंजन के 30,000 किलोमीटर का परिचालन पूरा करते-करते 2019 ई. के फरवरी में भारतीय रेल को 12,000 हॉर्स पावर के और 4 इंजन दे दिये जायेंगे | तब तक फैक्ट्री के अंदर का रेल ट्रैक भी तैयार कर लिया जायेगा |

यह भी जानिए कि भारतीय रेल और फ्रांसीसी कंपनी ‘एल्सटॉम’ के बीच हुए एकरारनामा के अनुसार कंपनी 12000 हॉर्स पावर के 800 विद्युत रेल इंजन 11 वर्ष में बनाकर देगी जिसमें प्रथम पांच इंजन फ्रांस में तैयार होने थे और शेष 795 इंजन ग्रीन फील्ड विद्युत Rail karkhana of Madhepura में निर्माण किया जाना था |

परंतु, बाद में यह तय किया गया कि प्रथम पाँचों इंजन के कलपुर्जे भी फ्रांस एवं अन्य जगहों से मंगवा कर मधेपुरा के रेल कारखाने में ही तैयार किया जाय | फलस्वरूप, फ्रांस सहित अन्य जगहों से तीन चार महीने बाद यानी सितंबर माह से कल-पुर्जे आने लगेंगे तब तक में प्रथम चरण का भवन निर्माण कार्य भी पूरा हो जायेगा तथा रोजगार के द्वार भी खुलने लगेंगे |

यह भी जान लें कि फरवरी 2018 के निर्धारित समय सीमा के अंदर पहला इंजन तैयार करने के लिए सभी तकनीकी पदाधिकारी एवं कर्मचारीगण दिन-रात काम में लगे रहते हैं तथा आने वाली छोटी-बड़ी बाधाओं को दूर करने के लिए रेल फैक्ट्री के मुख्य प्रशासक खुशीराम एवं उप मुख्य अभियंता के.के.भार्गव तैनात दिखते हैं और स्थानीय अवरोधों को दूर करने में डीएम मो.सोहैल, रहते हैं सदैव मुस्तैद !!

Executive Director of Railway Board S.K.Saha alongwith Chief Administrator Khushi Ram , DCE K.K.Bhargav , DCEE B.K.Pandey and others visiting Madhepura Electric Rail Engine Factory to have the actual Progress Reports .
Executive Director of Railway Board S.K.Saha alongwith Chief Administrator Khushi Ram , DCE K.K.Bhargav , DCEE B.K.Pandey and others visiting Madhepura Electric Rail Engine Factory to have the actual Progress Reports .

बीच-बीच में रेलवे बोर्ड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर इलेक्ट्रिकल डेवलपमेंट एस.के. साहा, रेलवे बोर्ड के एडवाइजर सुधीर कुमार एवं डी.आर.एम. आर.के.जैन आदि Madhepura Rail Engine Karkhana का निरीक्षण करते रहे हैं और मधेपुरा-सहरसा-मानसी विद्युतीकरण कार्य पूरा करने हेतु विचार-विमर्श और बैठकें भी करते रहे हैं ताकि नियत समय के अंदर कारखाने का वर्कशॉप, रेल ट्रैक बिछाने का काम, ऑफिसर्स क्वाटर्स के साथ-साथ गम्हरिया ग्रिड से 14 कि.मी. ट्रांसमिशन लाइन कारखाने तक ससमय पूरा हो जाय | दूसरे फेज में बचे सारे काम फरवरी 2019 तक पूरे कर लिए जायेंगे |

रविवार 7 मई 2017 को कारखाने में आई निरीक्षण टीम के डायरेक्टर एस.के.साहा सहित अन्य अधिकारियों ने मधेपुरा अबतक को बताया कि पहला इंजन फरवरी 2018 में तैयार होगा और बाद में चार और……… इसके बाद 35,  फिर 60 और  उसके बाद प्रतिवर्ष 100 इंजन तैयार होते चले जायेंगे | मौके पर उपस्थित डिप्टी चीफ इंजीनियर के.के.भार्गव और डीसीई बी.के.पांडे ने बताया कि मधेपुरा-मानसी 65 किलोमीटर रेल लाइन विद्युतीकरण कार्य इस साल के दिसंबर माह तक पावरग्रिड कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड से हर सूरत में पूरा करा लिया जायेगा जिसके लिए लागत राशि 65 करोड़ 56 लाख तय की गई है |

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सिंहेश्वर में शीघ्र बनेगा फ्लाईओवर 

मधेपुरा जिला के बाबा सिंहेश्वर नाथ का प्रसिद्ध मंदिर सिंहेश्वर बाजार से होकर गुजरने वाली एनएच 106 से मात्र 50 मीटर की दूरी पर अवस्थित है | अब देवाधिदेव महादेव की नगरी सिंहेश्वर में साल में दो बार एक-एक महीना का मेला लगना है- एक शिवरात्रि में और दूसरा श्रावणी मेला सावन में | सावन में एक माह के मेले की प्रथम घोषणा शिवरात्रि मेला उद्घाटन के दिन जिले के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल ने इसी बार की है |

यह भी जानिए कि सघन बाजार और घनी आबादी के कारण प्रतिदिन बाजार स्थित 700-800 मीटर लगभग की लंबाई वाली एनएच 106 का क्षेत्र जाम से बुरी तरह जूझता रहता है | इस हालत में निर्बाध एवं सुगम परिवहन व्यवस्था बिना फोर लेन फ्लाईओवर ब्रिज के संभव नहीं हो सकता है |

बता दें कि डीएम मो.सोहैल ने इस कठिनाई से लोगों को मुक्ति दिलाने हेतु विश्व बैंक के प्रतिनिधियों से बातें की और मधेपुरा अबतक को बताया कि नारियल बोर्ड से दुर्गा चौक तक 1200 मीटर के फोरलेन फ्लाईओवर ब्रिज निर्माण हेतु केंद्र सरकार व विश्व बैंक को प्रस्ताव भेजा गया है जिसके लिए 119.22 करोड़ की लागत का एस्टीमेट भी संलग्न किया गया है | डीएम ने आम लोगों को प्रतिदिन हो रही कठिनाइयों की चर्चा करते हुए इसे 2017-18 की कार्य योजना में शामिल करने हेतु पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव से विशेष पहल की है ताकि जाम से जूझ रहे लोगों को जल्द से जल्द राहत मिल सके | उक्त प्राक्कलित राशि का पीपीआर दो प्रतियों में भेजा गया है ताकि एनएच 106 के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण की योजना में ही चालू वित्तीय वर्ष में जोड़ने के लिए भारत सरकार व विश्व बैंक से शीघ्रातिशीघ्र पहलकर जनसुविधा मुहैया कराई जा सके |

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मधेपुरा नप चुनाव में किसको क्या मिला………?

नगर परिषद् चुनाव-2017 के लिए एक निर्वाची पदाधिकारी सदर अनुमंडल के एसडीएम संजय कुमार निराला , दो सहायक निर्वाची पदाधिकारी सीओ मधेपुरा मिथिलेश कुमार व सीओ शंकरपुर जीपी सेराफिन एवं एक लेडी सुपर वाइजर अलका कुमारी को मुस्तैदी से अपने कर्तव्यों का निष्पादन करते हुए देखा गया |

जहाँ नामांकन कक्ष से बाहर डायनेमिक डीएम मो.सोहैल के पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था बनाये रखने के निर्देश का पालन किया गया वहीं निर्वाची पदाधिकारी सह एसडीएम संजय कुमार निराला के चैम्बर के अंदर प्रत्याशी, प्रस्तावक और समर्थक के बैठने की बेहतर व्यवस्था भी की गई |

The Candidates of different Wards of Nagar Parishad are waiting outside the Chamber of Returning Officer cum S.D.M. Sanjay Kumar Nirala for their symbols at Sub-Divisional Office Campus Madhepura .
The Candidates of different Wards of Nagar Parishad are waiting outside the Chamber of Returning Officer cum S.D.M. Sanjay Kumar Nirala for their symbols at Sub-Divisional Office Campus Madhepura .

बता दें कि मधेपुरा नप चुनाव के लिए वर्तमान में 26 वार्डो में से कुल 159 अभ्यर्थियों ने नामांकन के पर्चे भरे थे | जाँच के क्रम में एक प्रत्याशी का नामांकन पर्चा रद्द हो गया | साथ ही नाम वापसी के अंतिम दिन यानी 2 मई को 3 अभ्यर्थियों ने नाम वापस ले लिया- जिसमें वार्ड 5 से रितेश प्रकाश, वार्ड 8 से विशाल कुमार सुमन एवं वार्ड 22 से अमला देवी शामिल हैं |

आज 3 मई को रिटर्निंग ऑफिसर श्री निराला द्वारा दिनभर प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित किया जाता रहा | अब मतदान तिथि यानि 21 मई से पूर्व मैदान में डटे ये 155 प्रत्याशी अपने-अपने प्रस्तावक, समर्थक व सगे-संबंधियों के साथ वार्ड के सभी मतदाताओं का खाना-पीना और सोना हराम करने में लगे रहेंगे | उमस भरी गर्मी के बावजूद 1-1 प्रत्याशी मतदाताओं के घरों में दस्तक दे-देकर हाजिरी बनाते रहेंगे | दिन और रात को एक करते रहेंगे |

इस बार नीतीश सरकार ने उन महिलाओं को मुख्य पार्षद बनने का मौका दिया है जिन्हें पुरुष समाज द्वारा सदियों से आगे बढ़ने से रोका जाता रहा और प्रताड़ित किया जाता रहा है |

अंत में, यह याद कर लें कि 21 मई को सुबह 7:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक मतदान होगा और 23 मई को मतों की गिनती होगी बी.एन.मंडल स्टेडियम हॉल में | जो-जो प्रत्याशी जीतेंगे उनके घर में होगी ‘भीड़’ और जो-जो हारेंगे वे घरवालों के बीच होते रहेंगे ‘अधीर’.…………!

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मधेपुरा के संजय ने विलुप्त हो रही भित्ति चित्रकला को किया जीवन्त !

आपने यह जरूर सुना होगा- मानव जब जोर लगाता है, पत्थर पानी बन जाता है ! कभी दैनिक अखबारों के लिए कार्टून बनाकर जीवन जीने वाला संजय कुमार इधर वर्षों से आदिवासी भित्ति चित्रकला को समर्पित दिखने लगा है | तभी तो रेखा टूडू, सुनिता मरांडी, सुचिता हांसदा, सुखयमुनि सोरेन, अनीता मुर्मू, चांदमुनि मुर्मू, सुनिता बास्की और सुनिता हांसदा जैसे ढेर कलाकारों के अंदर की सोयी कला चेतना को जगा-जगाकर संजय कुमार ने जिले के आदिवासी क्षेत्रों में एक अभियान खड़ा कर दिया है |

Secretary Kisan Sansad Shambhu Sharan Bhartiya addressing Aadivasi Bhitti Kala Pradarshani in presence of the Persons on the chairs - (L to R) Prof. S.K. Yadav, DDC Mithilesh Kumar, Dr.Bhupendra Narayan Madhepuri and Dr.Sita Ram Yadav at Bhupendra Kala Bhawan Madhepura.
Secretary Kisan Sansad Shambhu Sharan Bhartiya addressing Aadivasi Bhitti Kala Pradarshani in presence of the Persons on the chairs – (L to R) Prof. S.K. Yadav, DDC Mithilesh Kumar, Dr.Bhupendra Narayan Madhepuri and Dr.Sita Ram Yadav at Bhupendra Kala Bhawan Madhepura.

बता दें कि जो भित्ति चित्रकला आदिवासियों के गांव में ही विलुप्त हो रही थी उसे संजय कुमार ने ग्लोबल चित्रकारी-कलाकारी की चौखट तक ले जाकर जोरदार धमाका देने की तैयारी में लगा है | उसी संजय कुमार के शिक्षक रह चुके डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने आशीर्वचन देते हुए बार-बार यही कहा कि आज जो संजय कुमार सूरज की तरह जल रहा है, वही कल सूरज की तरह चमकेगा और निश्चय ही पद्मश्री पुरस्कार का हकदार भी बनेगा…….. और ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा |

Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri and DDC Mithilesh Kumar encouraging Vhitti Chitra Kalakar Rekha Tudu at Bhupendra Kala Bhawan , Madhepura.
Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri and DDC Mithilesh Kumar encouraging Vhitti Chitra Kalakar Rekha Tudu at Bhupendra Kala Bhawan , Madhepura.

यह भी जानिए कि आदिवासी कला केन्द्र ग्वालपाड़ा के सौजन्य से भूपेन्द्र कला भवन मधेपुरा में रविवार को आयोजित कला-प्रदर्शनी का शुभारंभ करते हुए डीडीसी मिथिलेश कुमार, समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ.सीताराम यादव एवं प्रो.श्यामल किशोर यादव सहित किसान संसद के अध्यक्ष आद्यानंद , सचिव शंभू शरण भारतीय व रामदेव-आनंद आदि ने कलाकारों की कला को एक स्वर से प्रोत्साहित किया और भित्ति-चित्रकला की समृद्ध संस्कृति को रंगों से उकेरकर संजय कुमार द्वारा सहेजने के अथक प्रयास की भूरि-भूरि सराहना की |

Dr.Bhupendra Madhepuri discussing with Rekha Tudu regarding Vhitti kalachitra painting at Kala Bhawan Madhepura .
Dr.Bhupendra Madhepuri discussing with Rekha Tudu regarding Vhitti kalachitra painting at Kala Bhawan Madhepura .

जहाँ एक ओर डीडीसी मिथिलेश कुमार ने इस भित्ति चित्रकला केंद्र के लिए अलग से वेबसाइट तैयार कर मार्केटिंग को बढ़ावा देने की बात करते हुए यही कहा कि मिथिला, मधुबनी, वारली और मंजूषा आदि तमाम लोक कलाओं का जन्म भित्ति चित्रकला से हुआ है वहीँ शिक्षाविद समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने सदियों से चली आ रही भित्तिचित्र के बाबत यही कहा कि यह कला आत्मा से निकली सहज, सरल और सुंदर अभिव्यक्ति का प्रतीक है जिसके लिए अधिक साधन मुहैया कराने की जरूरत नहीं होती, लेकिन हाँ ! कला के संरक्षण के लिए सरकारी स्तर पर प्रोत्साहन और सामाजिक स्तर पर उत्साहवर्धन तो चाहिए ही चाहिए जिसकी घोर कमी नजर आती है |

जहाँ एक ओर प्रसिद्धि प्राप्त चिकित्सक डॉ.सीताराम यादव व प्राचार्य प्रो.श्यामल किशोर यादव ने भित्तिचित्र के जरिये ग्राम्य जीवन के रहन-सहन के चित्रों की सराहना की वहीं किसान संसद के आद्यानंद व एस.एस. भारतीय आदि ने इस बात पर खुशी व्यक्त की कि यह कला ग्रामीण इलाकों से निकलकर देश की सीमा लांघते हुए अंतरराष्ट्रीय क्षितिज की ओर कदम बढ़ाने के लिए चल पड़ी है |

हाँ ! इस कला प्रदर्शनी के उद्घाटन कार्यक्रमों में आनेवाले डायनेमिक डीएम मो.सोहैल (भा.प्र.से.) एवं एसपी विकास कुमार (भा.पु.से.) अपरिहार्य कारणवश नहीं आ पाये | वहीं मौके पर प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन के सचिव चंद्रिका यादव, कामरेड रामचंद्र दास, सुजीत कुमार सिंह के अतिरिक्त प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के सदस्यगण अंत तक मौजूद रहे | काफी संख्या में पेंटिंग की बिक्री हुई | शेष सभी किसान संसद द्वारा क्रयकर ली गई | अंत में, सर्वश्रेष्ठ कलाकार रेखा टूडू की पेंटिंग की सराहना डॉ.मधेपुरी सहित डीडीसी मिथिलेश कुमार ने जमकर की |

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हे देव बहा दो अहंकार, मेरे ही आंसू जल में…………..!

मधेपुरा ; चंपारण सत्याग्रह शताब्दी समारोह को समर्पित मधेपुरा का प्रथम आईएसओ प्रमाणित किरण पब्लिक स्कूल ने अपना ग्यारहवाँ स्थापना दिवस समारोह’ मनाने के लिए स्थानीय शहीद चुल्हाय मार्ग स्थित बी.पी.मंडल नगर भवन का चयन तो किया जरूर, लेकिन मात्र छात्रों एवं अभिभावकों को एंट्री देने के बावजूद भी जगह छोटी पड़ गई | फलस्वरूप, टाउन हॉल के बाहर बैठने की व्यवस्था के साथ दो पर्दों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों को प्रोजेक्टर के माध्यम से देर रात तक दिखाया जाता रहा और कार्यक्रम के अंत तक लोग टस-से-मस नहीं हुए |

The Massive presence of students, guardians and educated citizen enjoying the 11th Foundation Day celebration program of Kiran Public School Madhepura at BP Mandal Nagar Bhawan, Shaheed Chulahay Marg Madhepura
The Massive presence of students, guardians and educated citizen enjoying the 11th Foundation Day Celebration programme of Kiran Public School Madhepura at BP Mandal Nagar Bhawan, Shaheed Chulahay Marg Madhepura

जहाँ एक ओर स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत किये जा रहे तरह-तरह के मनमोहक कार्यक्रमों पर तालियां बजती रहीं वहीं दूसरी ओर स्कूल के प्राचार्य किशोर कुमार ठाकुर की नपी-तुली गायकी “किशोर दा” की यादें तरोताजा करती रहीं | बीच-बीच में मो.रफी की याद ताजा करने के लिए रोशन कुमार और शिक्षा में गिरावट को दर्शाने वाले ‘नाटक’ के निर्देशक के रूप में अमित कुमार अंशु की उपस्थिति देखी जाती रही |

कार्यक्रम का उद्घाटन डीईओ शिवशंकर राय एवं मुख्य अतिथि के रुप में शिक्षाविद डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी द्वारा संयुक्तरुप से, प्रबंध निदेशिका किरण प्रकाश, निदेशक अमन प्रकाश एवं प्राचार्य किशोर कुमार ठाकुर आदि की उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया | लगे हाथ प्रबंध निदेशिका श्रीमती किरण प्रकाश द्वारा स्कूल के संस्थापक जय प्रकाश बाबू का स्मरण करते हुए एवं उनके अधूरे कार्यों को पूरा करने का संकल्प लेते हुए उद्घाटनकर्ता और मुख्य अतिथि को मोमेंटो एवं पुष्प-गुच्छ  सहित सुमधुर गीत से स्वागत किया गया | साथ ही निदेशक अमन प्रकाश द्वारा वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया |

Chief Guest Dr.Bhupendra Narayan Madhepuri along with Managing Director Mrs.Kiran Prakash , Director Aman Prakash , Principal K.K.Thakur and CS Pandey and others congratulating the audience for enjoying the programme peacefully.
Chief Guest Dr.Bhupendra Narayan Madhepuri along with Managing Director Mrs.Kiran Prakash , Director Aman Prakash , Principal K.K.Thakur and CS Pandey and others congratulating the audience for enjoying the programme peacefully.

बता दें कि उद्घाटनकर्ता डीईओ श्री एस.एस.राय ने अपने व्यस्त कार्यक्रमों में से कुछ समय निकालकर अपने संक्षिप्त संबोधन में शिक्षक समाज से यही कहा कि आज गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में कमी होती जा रही है जिसे रोकने हेतु सजग रहने की जरूरत है |

मुख्य अतिथि डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने “चंपारण सत्याग्रह शताब्दी को समर्पित केपीएस का ग्यारहवा दिवस” पर छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों की महती भीड़ को संबोधित करते हुए यही कहा कि बिहार ने ही मोहनदास………. को महात्मा बना दिया | महात्मा गांधी के जीवन में आये तीन बंदर, तीन औरत और तीन ‘झ’ (झंडा-झाड़ू-झोला) के अंदर की कहानियों के बारे में विस्तार से बताते हुए यही कहा-

“गांधी कुछ-न-कुछ हमेशा सीखते रहना चाहते थे | उनके अनुसार, सीखने की यात्रा अनंत होने के कारण ताजिंदगी चलती ही  रहती है और मंजिल हमें तब मिलती है जब हम ‘अहंकार शून्य’ हो जाते हैं…….!”

बता दें कि ऋषियों की तरह जीवन जीने वाले रवीन्द्रनाथ टैगोर ने गीतांजलि के प्रथम गीत की पहली पंक्ति में ही लिखा है-

 हे देव बहा दो अहंकार, मेरे ही आंसू जल में

समाजसेवी डॉ.मधेपुरी ने बच्चों से कहा कि तुम भी गाँधी बन सकते हो | गाँधी देशरत्न राजेंद्र प्रसाद जैसे प्रतिभावान नहीं थे | 50 छात्रों वाले वर्ग में 40वाँ स्थान प्राप्त करते थे | हाँ, वे संकल्प के धनी ही नहीं बल्कि महाधनी कुबेर थे | उन्होंने आजीवन ‘सत्य अहिंसा’ के व्रती होने का संकल्प लिया और पालन किया जिसके चलते उन्होंने ब्रिटिश शासन की जड़ें हिला दी………| डॉ.मधेपुरी ने बच्चों से कहा कि तुम डॉ.कलाम की तरह बड़े-बड़े सपने देखो और गांधी के ‘करो या मरो’ की तरह उसे पूरा करो |

अंत में समापन करते हुए डॉ.मधेपुरी ने दर्शकों का ध्यान आकृष्ट करते हुए मधेपुरा के पूर्व डीएम गोपाल मीणा (भा.प्र.से.) से हाल में मोबाइल पर हुई (मौन) बातचीत की चर्चा करते हुए यही कहा-

“शक्तिशाली बम या लंबी रेंजवाले मिसाइल के बिना ही किसी भी देश को धूल में मिलाया जा सकता है बशर्ते कि वहां की शिक्षा में लगातार गिरावट और परीक्षा में खुलेआम चीटिंग की मिलावट होती रहे |”                       

अंत में प्राचार्य किशोर कुमार ठाकुर ने स्कूल के टीचर सीएस पाण्डेय, विनोद कुमार, पवन कुमार, सुधीर कुमार, श्रीमती धर्मावती पाण्डेय, गोपाल कृष्णा, डॉ.सीमा श्रीवास्तव, संतोष कुमार आदि सहित मीडिया के संजय परमार, सुकेश राणा व अन्य उपस्थित सभी जनों को समारोह की संपूर्ण सफलता के लिए साधुवाद देते हुए कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की |

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