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स्वर शोभिता संगीत महाविद्यालय में समारोह पूर्वक मनाई गई 10वीं वर्षगांठ

स्वर शोभिता संगीत महाविद्यालय में मधेपुरा के अभिभावक व समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, बीएनएमयू के डॉ.एचएलएस जौहरी, डॉ.एम आई रहमान, डॉ.फजल, डॉ.शंकर कुमार मिश्र, डॉ.अशोक कुमार व संगीत को ऊँचाई देने वाली प्रो.रीता कुमारी, प्रो.अरुण कुमार बच्चन, डॉ.रवि रंजन सहित निर्देशिका डॉ.हेमा कश्यप ने महाविद्यालय की दसवीं वर्षगांठ पर 18 अगस्त को आयोजित भव्य समारोह का श्रीगणेश संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इसके साथ ही स्वागत गान के अलावे अंगवस्त्रम, पुष्पगुच्छ  व मोमेंटो आदि से अतिथियों का भरपूर सत्कार किया गया।

Dr.Bhupendra Madhepuri addressing at Swar Sobhita Sangeet Mahavidyalaya.
Dr.Bhupendra Madhepuri addressing at Swar Sobhita Sangeet Mahavidyalaya.

बता दें कि इस स्वर शोभिता संगीत महाविद्यालय के कण-कण में कलात्मकता की खुशबू निकलने का एहसास अतिथियों द्वारा महसूस किया जाता रहा तभी तो डॉ.मधेपुरी ने संगीत व कला को ऊँचाई प्रदान करने वाली निर्देशिका डॉ.हेमा को आगे बढ़ते रहने का शुभ आशीष देते हुए विशाल प्रशाल में उपस्थित कला-प्रेमी बच्चों एवं उनके अभिभावकों व सुधी श्रोताओं से यही कहा-

साहित्य संगीत कला विहीन:, साक्षात पशु पुच्छ विश्रहीनः डॉ.मधेपुरी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि साहित्य यदि समाज का दर्पण है तो कला उसकी धड़कन है। संगीत ऐसी कला है जो मन की चिंता, शोक, खेद व व्यथा को हरण कर लेती है। जितने भी बड़े-बड़े वैज्ञानिक हुए हैं वे भी संगीत से जुड़े रहे हैं….. यहाँ तक कि मिसाइल मैन भारतरत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम भी वाद्य वीणा बजाते थे और श्रीराम राग में गाते व गुनगुनाते थे।

Dr.Madhepuri & Principal Dr.Hema Kashyap amidst kids.
Dr.Madhepuri & Principal Dr.Hema Kashyap amidst kids.

यह भी बता दें कि डॉ.एचएलएस जौहरी की अध्यक्षता में आयोजित- चित्रकला, हस्तकला, भाषण, लेखन सहित नृत्य व मेहंदी आदि प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले प्रतिभागियों से डॉ.रहमान, डॉ.फजल, डॉ.अशोक, डॉ.शंकर सहित अन्य अतिथियों ने विस्तार पूर्वक प्रोत्साहित करते हुए यही कहा कि प्रतियोगिता से बच्चों की प्रतिभा में निखार आती है….. अपने अध्यक्षीय भाषण में डॉ.जौहरी ने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं बराबर आयोजित होती रहनी चाहिए।

अंत में निदेशिका डॉ.हेमा कश्यप ने आगामी 1 सितंबर 2019 को समापन समारोह में पुरस्कार वितरण करने की सूचना देते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया। मंच संचालनकर्ता अरुण कुमार ने अध्यक्ष की सहमति से उद्घाटन कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की।

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कुसहा त्रासदी के 11वें वर्ष पूरा होने पर 150 गाँवों में किया जाएगा संवाद

वर्ष 2008 के 18 अगस्त को कुसहा में कोसी का बांध टूटा। जन जीवन तबाह हो गया। कितने गाँव और घर सहित गृहपति जल समाधि ले लिए। 11 वर्ष गुजर गये। कुसहा त्रासदी के जख्म आज तक भरे नहीं, बल्कि आज भी हरे हैं।

बता दें कि न तो कुसहा के दोषियों को सजा मिली और ना कोसी की समस्याओं का निराकरण के कोई ठोस उपाय ढूंढें गये। तब के राहत से लेकर अब तक के पुनर्वास का लाभ सभी पीड़ितों को नहीं मिल पाया है। जिसके लिए आज तक कोसी नवनिर्माण मंच के संचालक महेन्द्र यादव एड़ी चोटी एक कर रहे हैं…… वे 50% पीड़ितों को ही पुनर्वास का लाभ दिलाने में सफल हुए हैं। आज भी कितनी टूटी हुई सड़कें और टूटे हुए पुल निर्माण कार्य की बाट जोह रहे हैं।

इस अवसर पर मयंक सभागार में मुख्य अतिथि के रूप में मधेपुरा के भीष्म पितामह कहे जाने वाले समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने अपने संबोधन में मधेपुरा-सहरसा-सुपौल तीनों जिले से आए मंच के कार्यकर्ताओं से कहा कि कुसहा त्रासदी से पूर्णरूपेण निपटने के लिए आज की तारीख में मजबूत जन संगठन निर्माण करने के साथ-साथ जन आंदोलन खड़ा करना भी मौजूदा समय की मुकम्मल जरूरत है। आगे उन्होंने कहा कि यह कैसे होगा जबकि यहाँ के लोग वृक्ष के हरे पत्ते भी खाकर गुजारा करना पसंद करते रहेंगे ?

डॉ.मधेपुरी ने यह भी कहा कि सरकारी महकमे में एमएलए, एमपी-लोकसभा, राज्यसभा सबका पेंशन अलग-अलग भुगतान हो वह सही…… परंतु 35 वर्षों तक नौकरी करने वाले बिना पेंशन के ही रिटायर करें…… यह कैसा न्याय है ? उन्होंने कहा कि समान काम के लिए समान वेतन जैसे प्राकृतिक न्याय को सम्मान नहीं देना कितना बड़ा अन्याय है- पाप है। देश की जनता जिस मिठाई को बाजार में ₹10 में प्राप्त करे वही विधानसभा व लोकसभा के कैंटीन में आठ आने में रहनुमाओं को मिले……. यही हमारी न्याय व्यवस्था है। अंत में डॉ.मधेपुरी ने 2008 की आपबीती मर्मस्पर्शी घटनाएं सुनाते हुए विस्तार से वर्तमान सन्दर्भों को जोड़ा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रखर वक्ता आकाश यदुवंशी, मुन्ना पासवान, माधव प्रसाद, दुनियादत्त सहित शंभू यादव, पिरबत पासवान, एसके सुमन, रमन कुमार, सतीश कुमार, संदीप कुमार आदि ने पुनर्वास की हकीकत बयां करते हुए पर्यावरण के सवालों और इस त्रासदी से जुड़े सवालों व बाढ़ के संभावित खतरों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए यही कहा कि महात्मा गांधी के जन्म के 150 वर्षों को यादगार बनाने हेतु कोसी क्षेत्र के 150 गाँव में इन सवालों पर अगले 2 अक्टूबर तक संवाद किया जाय। कार्यक्रम का संचालन राजू खान ने किया और धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कोसी नवनिर्माण मंच के संस्थापक महेंद्र यादव ने सूचना दी कि संध्या 6:00 बजे भूपेन्द्र चौक पर कुसहा त्रासदी में अकारण बह गये किसान-मजदूर व समस्त नर-नारियों को मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजलि देने हेतु आयोजन किया गया है। जिसमें सबने अपनी उपस्थिति दर्ज की। प्रेरणा के गीत और कृति का पर्यावरण-प्रेम में सबों को कुरेदा।

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स्वतंत्रता दिवस के दिन 11 पौधे लगाकर पर्यावरण सुरक्षा का दिया संदेश डॉ.मधेपुरी ने

दैनिक भास्कर की पहल यानि “एक पेड़ एक जिंदगी” वाले अभियान से जुड़कर ‘श्रृंगी ऋषि सेवा मिशन’ के कार्यकर्ताओं ने अगले 1 महीने में जिले के विभिन्न भागों में 500 पौधे लगाने का संकल्प लिया है।

बता दें कि 15 अगस्त की शाम को सबैला के डीएल पब्लिक स्कूल में इस सर्वाधिक प्रशंसनीय कार्यक्रम का उद्घाटन बीएन मंडल विश्वविद्यालय में परीक्षा नियंत्रक, कुलानुशासक व कुलसचिव रह चुके डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने किया और उन्होंने 11 पौधे लगाकर पर्यावरण सुरक्षा का संदेश भी दिया तथा पर्यावरण को बचाने का संकल्प भी सभी शिक्षकों, छात्रों व अभिभावकों को दिलाया। इस अवसर पर डॉ.मधेपुरी ने कहा कि यह कार्यक्रम समाज में रह रहे पर्यावरण प्रेमियों के लिए अपनी जिम्मेदारी का अहसास करने जैसा है।

डॉ.मधेपुरी ने एक पेड़ की उपयोगिता गिनाते हुए बच्चों से कहा कि एक सामान्य पेड़ जहाँ प्रतिवर्ष 20 टन कार्बन डाइऑक्साइड को सोखता है वहीं वह पेड़ लगभग 20 किलो धूल को भी सोख लेता है। इसके अलावा वही पेड़ 80 किलो ग्राम पारा, लिथियम, लेड आदि जैसी जहरीली धातुओं के मिश्रण को सोखने की क्षमता रखता है। यहाँ तक कि वह शोर/ध्वनि को भी सोख लेता है। डॉ.मधेपुरी ने अभिभावकों से कहा कि घर के पास 10 पेड़ हो तो मानसिक तनाव व अवसाद तो घटती ही है….. बल्कि आसपास रहने वालों का जीवन लगभग 7 साल तक बढ़ जाता है।

डीएलपी स्कूल के डायरेक्टर एलएन यादव ने जहाँ पर्यावरण संरक्षण को अपनी दैनिक जिम्मेदारी के अभिन्न अंग बनाने की नसीहत दी वहीं श्रृंगी ऋषि सेवा मिशन के संस्थापक भास्कर कुमार निखिल ने अपने संक्षिप्त संबोधन में यही कहा कि भारतीय संस्कृति में पर्यावरण और प्रकृति को पूजनीय माना गया है। श्री भास्कर ने उपस्थित जनों से कहा कि आइए अपने-अपने जन्मदिन या परिवार-समाज के अन्य किसी भी शुभ अवसर पर पौधरोपण जरूर करें और देखभाल की जिम्मेदारी भी उठाएं।

मौके पर उप-प्राचार्य अखिलेश कुमार, व्यवस्थापक अनुज सिंह, शिक्षकगण रमण कुमार , अभिषेक कुमार, मालिक झा, रंजीत कुमार सहित सत्यम, शिवम, विदुर, दीनबंधु , तेजस्वी, आयुष, मुन्ना आदि उपस्थित थे।

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स्वतंत्र भारत में चौथी बार 15 अगस्त को ध्वजोत्तोलन और रक्षाबंधन एक साथ

वर्ष 1947 के 15 अगस्त यानी आजादी के बाद यह चौथी दफा है जब आजादी के जश्न के साथ-साथ संपूर्ण देश के युवाओं द्वारा रक्षाबंधन का त्योहार सर्वाधिक उमंग व उत्साह से मनाया गया है। दोनों त्योहार एक साथ मिलकर अभूतपूर्व एवं अद्वितीय रहा।

यह भी जानिए कि प्रत्येक 19 वर्षों के बाद ही यह सुखद संयोग आता है। आजाद भारत में अब तक 4 बार यह अवसर आया है।

यह भी बता दें कि वर्ष 1905 में बंगाल के पृथक्करण के खिलाफ रवीन्द्र नाथ टैगोर से लेकर…. रास बिहारी लाल मंडल आदि ने “राखी महोत्सव” शुरू किया था। उन दिनों रक्षाबंधन केवल भाई-बहन का त्योहार नहीं रह गया था बल्कि एकीकरण के लिए हिन्दू और मुस्लिम एक दूसरे को राखी बांध रहे थे… तब यह रक्षाबंधन का पर्व केवल एक दिन का नहीं बल्कि दोनों समुदायों के बीच महीना भर चलता रहा था…. तभी तो 1911 में विवश होकर अंग्रेजों को बंगाल का विलय करना पड़ा।

और इस बार गुरुवार को श्रावण पूर्णिमा के साथ-साथ रक्षाबंधन और जश्न-ए-आजादी का पर्व एक साथ हो गया- जहाँ एक देश, एक झंडा, एक विधान, एक संविधान… चारो तरफ एकीकरण ही एकीकरण…  चतुर्दिक शांति और सद्भाव का वातावरण ! कश्मीर से कन्याकुमारी और राजस्थान से बंगाल की खाड़ी तक इस बार का 73वां स्वतंत्रता दिवस नए किस्म से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मनाया जा रहा है- पहाड़ से लेकर पोखर तक… सरहद से लेकर समंदर तक…. जहाँ भी देखिए… जिधर भी देखिए… चारों ओर तिरंगा ही तिरंगा।

यह भी कि एक ओर सियाचिन की बर्फीली ऊँचाई से भी ऊपर आसमान के सीने पर लहराता हुआ दिखता है तिरंगा….  वहीं दूसरी ओर देश की शान बनकर फहरता है तिरंगा। कहीं देशवासियों का अरमान बना रहा तिरंगा…. और कहीं 360 फीट के पोल पर फहरता रहा तिरंगा…… तो कहीं लहराता रहा 60 फीट चौड़ा और 90 फीट लंबा रेशमी तिरंगा…. । दिल्ली के लाल किले से लेकर कश्मीर के लाल चौक तक पी वेंकैया द्वारा डिजाइन किया गया वही तिरंगा इस बार शान से लहराया।

चलते-चलते यह भी कि इस बार के 73वें स्वतंत्रता दिवस समारोह पर मधेपुरा जिले के युवाओं ने खूब लहराया तिरंगा। एक ओर जहाँ बीएन मंडल स्टेडियम में जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला ने और बीएन मंडल विश्वविद्यालय में कुलपति डॉ अवध किशोर राय ने तिरंगे को सलामी दी वहीं दूसरी ओर बीएन मंडल चौक पर एवं डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम पार्क में राष्ट्रीय ध्वज को समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने सलामी दी तथा याद किया उन वीर सपूतों को जिनकी शहादत के कारण आज हम आजाद हैं। संपूर्ण राष्ट्र बापू सहित उनके सेनानियों को नमन करता रहा…. उनके ‘अमर रहे’ के नारे लगाता रहा….. और ‘भारत माता की जय’ करता रहा….. !!

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सेनानियों एवं शहीदों को जीवंत रखने में लगे हैं डॉ.मधेपुरी

सेनानियों एवं शहीदों को जीवंत रखने में वर्षों से लगे हैं समाजसेवी डॉ.मधेपुरी। प्रखर स्वतंत्रता सेनानी भूपेन्द्र नारायण मंडल को जीवित करने के लिए उन्होंने 1975 ई. में भूपेन्द्र नारायण मंडल वाणिज्य महाविद्यालय की स्थापना की और वर्तमान भूपेन्द्र चौक (कॉलेज चौक) पर जन सहयोग से उनकी प्रतिमा लगाई। तत्कालीन मुख्यमंत्री के हाथों प्रतिमा का अनावरण कराया। दिनांक 4 फरवरी 1991 को प्रतिमा अनावरण के बाद भूपेन्द्र नारायण मंडल के नाम विश्वविद्यालय की घोषणा को लेकर संयोजक डॉ.मधेपुरी की मांग को उसी दिन एक महती जनसभा में मुख्यमंत्री लालू प्रसाद ने स्वीकृति दे दी।

भूपेन्द्र बाबू से पूर्व के स्वतंत्रता सेनानी  बाबू रास बिहारी लाल मंडल एवं क्रांतिवीर शिवनंदन प्रसाद मंडल को जीवंत बनाए रखने हेतु डॉ.मधेपुरी ने अपने छात्र जीवन में ही मन बना लिया था कि आगे आने वाले दिनों में उनकी प्रतिमाएं उनके नाम वाले विद्यालय में अवश्य लगेेंगी क्योंकि डॉ.मधेपुरी दोनों स्कूल के छात्र रहे हैं। अक्षर का क्षय नहीं होता इसलिए डॉ.मधेपुरी ने इन तीनों मनीषियों की जीवनी भी लिखी, जो भटक रहे समाज को राह दिखाने का काम करेगी। इन तीनों स्वतंत्रता सेनानियों पर लिखी गई पुस्तकें हैं- 1. रास बिहारी लाल मंडल : पराधीन भारत में स्वाधीन सोच 2. इतिहास पुरुष शिवनंदन प्रसाद मंडल 3. बूंद बूंद सचः एक सागर का (भूपेद्र बाबू की जीवनी)

जहाँ तक शहीदों को जीवंत रखने की बात आती है उसे बड़ी सहजता से पूरा किया है डॉ.मधेपुरी ने… वर्ष 1943 में मात्र 23 वर्ष की उम्र में शहीद हुए चुल्हाय यादव के नाम पर डाक बंगला रोड का नाम जिला परिषद व नगर परिषद के सहयोग से डॉ.मधेपुरी ने “शहीद चुल्हाय मार्ग” नामित कराया और हाल में उसी रोड के पश्चिमी बाईपास चौक को ‘शहीद चुल्हाय चौक’ नाम दिया है।

इसी जिले के किशुनगंज अनुमंडल के शहीद बाजा साह एवं जिले के अन्य शहीदों- शहीद चुल्हाय यादव, शहीद सदानंद, शहीद प्रमोद कुमार (फुलकाहा), शहीद प्रमोद कुमार (चामगढ़), शहीद शंकर रजक आदि को जीवंत रखने के लिए डॉ.मधेपुरी ने स्थानीय गांधी चिल्ड्रन पार्क के अंदर तत्कालीन डीएम मो.सोहैल (IAS) के कार्यकाल में उनके ही द्वारा शहीद पार्क का उद्घाटन कराया तथा एक अनाम पार्क को भी डॉ.मधेपुरी ने जिला प्रशासन व नगर परिषद के सहयोग से ‘डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम पार्क’ नाम घोषित कराया।

हाल-फिलहाल डॉ.मधेपुरी ने सहरसा में 29 अगस्त 1942 को शहीद हुए 6 शहीदों में एक भोला ठाकुर की सौ वर्षीया धर्मपत्नी श्रीमती बेचनी देवी से मिलने प्राचार्य डॉ.विनय कुमार चौधरी के साथ चैनपुर गाँव गए। डॉ.मधेपुरी ने अपनी ‘आजादी’ शीर्षक वाली पूरी कविता का पाठ कर सबों की आँखें नम कर दी। कुछ देर बाद आशीष प्राप्त किया और जितना बन पड़ा उनकी परेशानियों को बाँटे और आज तक उस शहीद माता की सेवा में प्रति माह एक सम्मानजनक राशि भेज रहे हैं डॉ.मधेपुरी……

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तुलसी का रामराज्य गांधी के लोकतंत्र का ही परिमार्जित रूप है- डॉ.रवि

मधेपुरा के कौशिकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अंबिका सभागार में गोस्वामी तुलसीदास की भव्य जयंती सम्मेलन के संरक्षक डॉ.रामेन्द्र कुमार यादव रवि, अध्यक्ष हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ, सचिव डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, उप सचिव श्यामल कुमार सुमित्र सहित शहर के जाने-माने साहित्यानुरागियों की उपस्थिति में श्रद्धापूर्वक मनाई गई | इस अवसर पर स्थानीय उच्च विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के बीच “रामचरितमानस में धार्मिक सद्भाव” विषय पर भाषण प्रतियोगिता का एवं “रामचरितमानस में राम राज्य और गांधी दर्शन” पर व्याख्यान का आयोजन भी किया गया |

आशीर्वचन देते हुए पूर्व सांसद व संस्थापक कुलपति डॉ.आर.के.यादव रवि ने कहा कि वर्तमान समय में रामराज्य का प्रयोग सर्वोत्कृष्ट शासन के प्रतीक के रूप में किया जाता है | उन्होंने कहा कि रामराज्य लोकतंत्र का परिमार्जित रूप है तथा मेरी चाहत भी है कि भारतीय लोकतंत्र तुलसी के रामराज्य का अनुगामी बना रहे | वहीं अध्यक्ष हरिशंकर श्रीवास्तव ने कहा कि वैश्विक स्तर पर रामराज्य की स्थापना महात्मा गांधी की चाह थी….. गांधी ने जहाँ आजादी के बाद ग्राम स्वराज के रूप में रामराज्य की कल्पना की वहीं तुलसी ने मानस में रामराज्य पर पर्याप्त प्रकाश डाला है |

Sanrakshak Dr.Ravi, Adhyaksh Shalabh Jee, Sachiv Dr.Madhepuri and others with winner participants.
Sanrakshak Dr.Ravi, Adhyaksh Shalabh Jee, Sachiv Dr.Madhepuri and others with winner participants.

सम्मेलन के सचिव डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने बच्चों से यही कहा कि तुलसी के रामराज में ना तो कोई दरिद्र होगा और ना ही दीन-दुखी | डॉ.मधेपुरी ने कहा कि संपूर्ण विश्व में इस महान लक्ष्य की प्राप्ति के लिए मानव-संघर्ष तीव्र से तीव्रतर होता जा रहा है | उन्होंने यह भी कहा कि तुलसी का रामचरितमानस भौतिक विज्ञान (फिजिक्स) के सिद्धांतों को समाहित कर समाज की सेवा में लगा है |

आरंभ में मुख्यवक्ता के रूप में विद्वान प्राध्यापक डॉ.सिद्धेश्वर कश्यप ने तुलसी के रामराज्य और गाँधी दर्शन पर विस्तार से अपनी बातों को रखते हुए यही कहा कि जिस समय भारत की भूमि आक्रमणकारियों एवं विदेशी शासकों के दमन से त्रस्त थी उस समय तुलसीदास ने भारतीय संस्कृति की रक्षा करते हुए साहित्य को राजनीति के आगे जलनेवाली मशाल कहा |

अंत में पूर्व प्रति कुलपति डॉ.के.के.मंडल ने कहा कि इन दिनों भारतवर्ष में भावनात्मक एकता की कमी महसूस की जा रही है जिसके कारण तुलसी की रामचरितमानस में गाँधी के रामराज्य की प्रासंगिकता बनी हुई है |

चलते-चलते यह भी कि स्थानीय उच्च विद्यालयों के छात्रों के बीच “रामचरितमानस में धार्मिक सद्भाव” पर आयोजित भाषण प्रतियोगिता में पहला पुरस्कार टी.पी. कॉलेजिएट के रितिक कुमार रोशन, दूसरा केशव कन्या की सरस्वती कुमारी, तीसरा रासबिहारी उच्च विद्यालय के गौतम कुमार एवं सांत्वना पुरस्कार तुलसी पब्लिक स्कूल की आस्था प्रिया को दिया गया | मौके पर प्राचार्य डॉ.सुरेश कुमार भूषण, डॉ.विभा कुमारी, उर्वशी कुमारी, दशरथ प्रसाद सिंह, रघुनाथ यादव, शिवजी साह, डॉ.आलोक कुमार, उल्लास मुखर्जी, डॉ.अर्जुन कुमार, राकेश कुमार द्विजराज, गोपाल मुखिया, तुलसी पब्लिक के प्राचार्य डॉ.हरिनंदन यादव एवं निदेशक श्यामल कुमार सुमित्र आदि मौजूद थे |

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रतन चन्द द्वार का उद्घाटन और कीर्ति नारायण मंडल प्रतिमा का अनावरण किया कुलपति ने

सम्पूर्ण कोसी क्षेत्र में शिक्षा का अलख जगाने में कीर्ति नारायण मंडल का अहम योगदान है जिसे आनेवाला समय सदा याद करेगा | विश्व इतिहास में कीर्ति बाबू जैसा कोई दूसरा उदाहरण नहीं मिलता | उनका योगदान पंडित मदन मोहन मालवीय से भी बड़ा है | कीर्ति बाबू बिहार के नेल्सन मंडेला थे……. ये बातें 7 अगस्त (बुधवार) को टीपी कॉलेज के विशाल प्रशाल में उनके 103वें जन्मोत्सव समारोह के अवसर पर उद्घाटनकर्ता के रूप में बीएन मंडल विश्वविद्यालय के विद्वान कुलपति डॉ.अवध किशोर राय ने कही |

बता दें कि इससे पहले कुलपति ने सर्वप्रथम संस्थापक प्राचार्य के नाम वाले ‘रतन चन्द द्वार’ का उद्घाटन व अनावरण किया। स्मार्ट क्लास व आईक्यूए कार्यालय का उद्घाटन करने के बाद उन्होंने कीर्ति विज्ञान परिसर में ‘कीर्ति बाबू की प्रतिमा’ का अनावरण किया। इस दरमियान सजावट और स्वागत की भरपूर व्यवस्था….. दोनों तरफ एनसीसी छात्र-छात्राओं की कतारें…… तथा पुष्प पंखुड़ियों की फुहारें…. और उत्साह-उमंग में डूबे प्राचार्य डॉ.के.पी.यादव, सिंडीकेट सदस्य डॉ.पी.एन.यादव और समाजसेवी डॉ.बीएन यादव मधेपुरी सहित प्रति कुलपति डॉ.फारुख अली एवं उनकी पूरी टीम जिसे देख कर ही तो कुलपति ने जहाँ अपने संबोधन में यहाँ तक कह दिया कि टीपी कॉलेज NAAC द्वारा ग्रेड ‘A’ प्राप्त करने की सारी शर्तों को पूरा करता है, वहीं डॉ.मधेपुरी द्वारा अपने संबोधन में प्रधानाचार्य  डॉ.केपी यादव से यही कहते हुए सुने जाते रहे कि मातृपक्ष (पार्वती साइंस कॉलेज) को तो आपने अपने कार्यकाल में NAAC दिला दिया अब पितृपक्ष (ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय) को देखिए….. आगे कुलपति डॉ.राय की इस उद्घोषणा पर सभा भवन देर तक तालियों की अनुगूँज से गूंजता रहा।

टीपी कॉलेज के सभा भवन में उद्घाटनकर्ता डॉ.ए.के.राय सहित अतिथियों- प्रतिकुलपति डॉ.फारुख अली, टीएमबी के पूर्व प्रतिकुलपति डॉ.के.के.मंडल, श्रेष्ठतम प्राचार्य डॉ.केएन ठाकुर, कुलसचिव डॉ.कपिल देव प्रसाद, सिंडीकेट सदस्य डॉ.परमानंद यादव व डॉ.जवाहर पासवान, डीएसडब्ल्यू शिवमुनि यादव, डीन मेडिसिन डॉ.अशोक कुमार यादव एवं अध्यक्षता कर रहे प्रधानाचार्य डॉ.केपी यादव आदि का प्रो.नेहा की टीम द्वारा स्वागत गान तथा मंचसंचालक डॉ.उदय कृष्ण की उद्घोषणा के साथ बुके व अंगवस्त्रम आदि से भरपूर स्वागत किया गया।

जहाँ प्रति कुलपति डॉ.फारूक अली ने अपने संबोधन में कहा कि कीर्ति बाबू का सोच बहुत बड़ा था इसीलिए हम सभी उनकी जिंदगी के बाद भी उनका गुण गा रहे हैं वहीं सारे अतिथियों एवं वरिष्ठ प्राध्यापकों व प्राचार्यों प्रो.सच्चीदानंद यादव, प्रो.श्यामल किशोर यादव, डॉ.अमोल राय, डॉ.अशोक कुमार, डॉ.सुधांशु शेखर आदि ने एक स्वर से यही कहा कि शिक्षा जगत के विश्वकर्मा कीर्ति नारायण मंडल का योगदान अविस्मरणीय है…… उनकी गाथा अमर है….. और मधेपुरा ही नहीं कोसी वासी भी उनके ऋणी हैं।

इस अवसर पर जहाँ चिकित्सा संकायाध्यक्ष डॉ.अशोक कुमार यादव (कीर्ति बाबू के भतीजे) ने कहा कि मधेपुरा संस्कार व संस्कृति की धरती है। वहीं डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा….. कुलपति महोदय ! आपने जिस रतन चन्द द्वार का चंद मिनट पूर्व उद्घाटन किया है उस रतन बाबू से मिलने इसी गेट से पैदल चल कर आते थे- राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर, गोपाल सिंह नेपाली, कलक्टर सिंह केशरी, जानकी बल्लभ शास्त्री, जनार्दन झा द्विज…… आदि-आदि कवि….. लेखक….. विद्वान। और आगे डॉ.मधेपुरी ने यहीी कह  कि एक पंक्ति में कीर्ति बाबू को जानने का अर्थ होता है- बुद्ध, नानक और कबीर को जानना यानि व्यक्तिगत कुछ नहीं रखना…… सब कुछ जनहित में समर्पित कर देना।

अंत में धन्यवाद ज्ञापन किया डॉ.के.के.मंडल ने। अध्यक्षीय वक्तव्य के साथ प्रधानाचार्य डॉ.केपी यादव ने कहा कि कीर्ति बाबू की राह पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उनका योगदान सदा अविस्मरणीय रहेगा। उनके गाँव से आये लोगों के साथ-साथ कुलपति के निजी सहायक शंभू नारायण यादव, सीनेटर रंजन यादव, काउंसिल मेंबर सोनू यादव, डॉ.सुभाष प्रसाद सिंह आदि सबों धन्यवाद देते हुए कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की प्रधानाचार्य ने।

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गीताञ्जलि रोड रेस में संजीव और सुनीति को मिला प्रथम पुरस्कार

मधेपुरा की बेटी ‘गीताञ्जलि’ की स्मृति को कायम रखने हेतु विगत 5 वर्षों से खेल प्रशिक्षक संत कुमार की अध्यक्षता में जिले के धावक एवं धाविकाओं के बीच रोड रेस का आयोजन किया जाता रहा है। इस आयोजन में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के धावक-धाविकाओं को विशेष अवसर प्राप्त होता रहा है। साथ ही कबड्डी संघ के जिला सचिव अरुण कुमार का भी सहयोग इस कार्यक्रम को प्राप्त होता रहा है।

बता दें कि गीतांजलि को खेल प्रतिभा के चलते ही बिहार पुलिस में सीधी नियुक्ति मिली थी। इसलिए कि गीतांजलि ने राष्ट्रीय स्तर पर 400, 800 एवं 1500 मीटर रेस के अतिरिक्त रोड रेस आदि प्रतियोगिताओं में दर्जनों मेडल जीतकर बिहार को गौरवान्वित करती रही थी। तभी तो सरकार के निर्देशानुसार उसे केवल खेल को प्रमोट करने के लिए लगातार पुलिस खेल कैंप जमशेदपुर में ही रखा गया था।

बता दें कि जहाँ कुलपति डॉ.राय ने धावकों से कहा कि कड़ी मेहनत के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर खेल के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने वाली गीतांजलि से सीख लेनी चाहिए वहीं पूर्व परीक्षा नियंत्रक डॉ.मधेपुरी ने कहा कि उद्देश्य कितना भी बड़ा हो…… फिर भी यदि व्यक्ति उसे पूरा करने का संकल्प ले लेता है तो उसे पूरा कर दिखाता है। उन्होंने कहा कि यदि आज गीताञ्जलि जीवित रहती तो निश्चय ही पूरे देश के खिलाड़ियों की प्रेरणास्रोत रही होती।

जहाँ 75 धावकों के रोड रेस में प्रथम संजीव कुमार , द्वितीय सूरज कुमार एवं तृतीय इकहरा गाँव के संजीव कुमार वहीं मात्र 10 धाविकाओं के रोड रेस में प्रथम सुनीति कुमारी, द्वितीय जूली कुमारी एवं तृतीय रही पिपराही गाँव की स्वाति कुमारी। आयोजन समिति की ओर से उन्हें भी पुरस्कृत किया गया जिन्होंने दौड़ पूरी की।

चलते-चलते यह भी कि इस आयोजन को सफल बनाने में अंत तक देखे गये- जिला क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष भारत भूषण उर्फ मुन्ना जी, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष किशोर कुमार, डॉ.आलोक कुमार, सतीश कुमार, चंद्रभानु कुमार, पिंटू कुमार, अभिमन्यु, अंकेश, प्रेम, जवाहर, अभिनव, अखिलेश एवं सबपर नजर रखने वाले सुशील कुमार मंडल आदि।

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व्यापार संघ के अध्यक्ष रह चुके लड्डू बाबू की पुण्यतिथि पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित, सहयोग किया लायंस क्लब ने

मधेपुरा जिला व्यापार संघ के सुलझे सोच वाले अध्यक्ष योगेंद्र प्रसाद प्राणसुखका उर्फ लड्डू बाबू की स्मृति में उनकी पुण्यतिथि के प्रथम वर्षगांठ पर एक दिवसीय “मेगा स्वास्थ्य सेवा शिविर” का आयोजन पुरानी बाजार स्थित उनके पैतृक आवास पर किया गया | इस स्वास्थ्य जाँच शिविर में मधेपुरा लायंस क्लब के अध्यक्ष डॉ.एसएन यादव एवं सचिव डॉ.आरके पप्पू की पूरी टीम का प्रशंसनीय सहयोग रहा |

The Secretary of Lion's Club Dr.R.K.Pappu and other doctors too engaged in "Ek Diwasiya Swasthaya Sivir" organised by Pransukhka family.
The Secretary of Lion’s Club Dr.R.K.Pappu and other doctors too engaged in “Ek Diwasiya Swasthaya Shivir” organised by Pransukhka family.

बता दें कि रविवार को दिनभर इस प्राणसुखका सेवा शिविर में 400 से अधिक नर-नारियों का इलाज किया गया | सर्वाधिक लाचार लोगों का इलाज कर दवा भी मुफ्त में दी गयी | समस्त प्राणसुखका परिवार को संपूर्ण समर्पण के साथ लोगों की सेवा करते हुए देखा गया। कोई निराश होकर खाली हाथ नहीं लौटा |

यह भी जानिए कि शिविर में डॉ.एसएन यादव, डॉ.आरके पप्पू, डॉ.दिलीप कुमार सिंह, डॉ.सचिन कुमार, डॉ.पी.टूटी, डॉ.नायडू, डॉ.संजय कुमार, डॉ.वीरेंद्र कुमार, विजय कुमार झा, मणि भूषण….. सहित अन्य विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा संबंधित रोग से ग्रसित मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की गई तथा जाँचोंपरांत उन्हें नि:शुल्क दवा भी दी गई | आवश्यकतानुसार मरीजों का ब्लड सुगर भी जांचा गया और दवाइयाँ दी गई |

यह भी बता दें कि शिविर का श्रीगणेश लड्डू बाबू के तैल चित्र पर लायंस क्लब के अध्यक्ष, सचिव….. सहित समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, पत्रकार रूपेश कुमार, आभाष झा, रविंद्र यादव…. आदि द्वारा पुष्पांजलि के साथ किया गया | दिनभर स्वास्थ्य शिविर में मरीज आते रहे और जाँच कराकर दवा के साथ चेहरे पर मुस्कान लेकर जाते रहे |

यह नजारा देखकर लड्डू बाबू के सुपुत्र लायन आनंद प्राणसुखका ने समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी से मशविरा कर यह ऐलान भी कर दिया कि आगे स्थानीय भूपेन्द्र कला भवन में और अधिक जोश-खरोस के साथ लायंस क्लब द्वारा स्वास्थ्य सेवा शिविर का आयोजन किया जाएगा | इस अवसर पर डॉ.मधेपुरी ने कहा कि सबों से प्रेम करने वाले, कर्तव्यों के प्रति अपनी जिम्मेवारी निभाने में जिला प्रशासन की नजरों में भी अव्वल रहने वाले तथा रामचरितमानस की मर्यादाओं को जीने वाले लड्डू बाबू के लिए इससे बढ़कर बड़ी श्रद्धांजलि और क्या होगी ….. आज उनकी पुण्यतिथि के प्रथम वर्षगांठ पर शहर के नामी-गिरामी लोग उनकी सद्भावना और ईमानदारी की मिसाल देते हैं तथा उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं |

चलते-चलते यह कि जहाँ लड्डू बाबू के सानिध्य में अधिक समय बिताने वाले विजय कुमार झा ने उन्हें उद्धृत करते हुए यही कहा कि ईमानदारी से काम करने वाले का मूल्यांकन समाज कभी ना कभी तो करेगा….. वहीं व्यापार संघ के इंद्रनील घोष उर्फ बापटून दा ने कहा कि लड्डू बाबू सदैव व्यापारियों के हित में खड़े रहे और आवाज उठाते रहे |

इस अवसर पर मानवता की सेवा करते हुए देखे गये – लायन राजेश कुमार, आनंद प्राणसुखका, दिलीप खंडेलवाल, शंभू साह, ओम श्रीवास्तव, राजीव सर्राफ, पप्पू सुल्तानिया सहित लायन प्रेम कुमार, सुमन कुमार एवं अमित कुमार आदि |

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रोटरी क्लब का हाॅली क्रॉस में जिला स्तरीय टैलेंट सर्च…..

रोटरी क्लब मधेपुरा द्वारा हॉली क्रॉस स्कूल की लाइब्रेरी हॉल में जिला स्तरीय टैलेंट सर्च एग्जाम-2019 की परीक्षा का पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया | इस आयोजन में 10 सफल छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया |

बता दें कि पुरस्कार वितरण समारोह का उद्घाटन बीएन मंडल विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ.अवध किशोर राय, प्रतिकुलपति फारुख अली, समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी,  डॉ.अमित आनंद, डॉ.पीके मधुकर, प्रो.श्यामल किशोर, डॉ.शिव मुनि यादव एवं डॉ.वंदना कुमारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वल्लित कर किया | इस अवसर पर सफल छात्रों को नगद राशि देकर पुरस्कृत किया गया |

Winners with their Cheques & Certificates.
Winners of different Schools with their Cheques & Certificates.

बता दें कि प्रथम एवं द्वितीय रहे हॉली क्रॉस के अमृतराज और ईशान कुमार जिन्हें अतिथियों द्वारा क्रमशः 11 हज़ार एवं 7 हज़ार का चेक तथा तृतीय रहे माया विद्या निकेतन के बाला कान्त को 5 हज़ार का चेक प्रदान किया गया | शेष स्थानों पर हॉली क्रॉस के दो साकेत कुमार एवं कोमल कुमार,  आर.आर. ग्रीन फील्ड मधेपुरा के दो मिथुन एवं रौनक, एसएनपीएम के एक छात्र हिमांशु, ग्रीन फील्ड सिंहेश्वर के रविराज सोनू…… आदि सभी को “Certificate of Excellence” देकर सम्मानित किया गया |

बच्चों को संबोधित करते हुए कुलपति डॉ.राय ने कहा कि निरंतर प्रयास से सफलता मिलती है | उन्होंने रोटरी क्लब के सार्थक प्रयास की सराहना करते हुए यह भी कहा कि ऐसी प्रतियोगिता से छात्रों का मनोबल बढ़ता है…. शिक्षा की लौ कोई भी जलाए उसे निरंतर जलती ही रहनी चाहिए | वहीं प्रति कुलपति डॉ.फारुख अली ने कहा कि शिक्षा जैसे औजारों से जीवन के हर क्षेत्र में सफलता हासिल की जा सकती है | उन्होंने कहा कि कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती |

Dr.Madhepuri addressing the audience and encouraging the students at Pratibha Samman Samaroh at Holy Cross School Madhepura.
Dr.Madhepuri addressing the audience and encouraging the students at Pratibha Samman Samaroh at Holy Cross School Madhepura.

सम्मान समारोह में उपस्थित छात्रों को संबोधित करते हुए बीएनएमयू के पूर्व परीक्षा नियंत्रक डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने कहा कि दुनिया में कोशिश का कोई विकल्प नहीं | डॉ.मधेपुरी ने यह भी कहा कि सूरज की तरह चुपचाप अपने काम में लगे रहो ताकि सफलता एक दिन खुद शोर मचाने लगे….. उन्होंने शिक्षकों व अभिभावकों से कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को रोटरी की भूमिका का निर्वहन करने की जरूरत है | प्रो.श्यामल किशोर एवं डॉ.शिवमुनि यादव ने भी छात्रों को बधाई दी |

रोटरी के अध्यक्ष डॉ.अमित व सचिव डॉ.मधुकर ने आगे बड़ी पुरस्कार राशि के साथ प्रतियोगिता कराने की बात कही | धन्यवाद ज्ञापन प्राचार्य डॉ.वंदना कुमारी ने किया वहीं मंच संचालन डॉ.प्रियदर्शनी ने | मौके पर वरीय चिकित्सक डॉ.आलोक निरंजन, डॉ.बरुण कुमार, डॉ.प्राची, डॉ.दीपक, डॉ.प्रमोद, डॉ.ओमप्रकाश सहित डॉ.चंद्रिका यादव, रूपेश कुमार, गजेंद्र कुमार, विधान चंद्र, दिनेश कृष्ण, प्रणय, राजेश सरीखे शिक्षाविद् उपस्थित थे |

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