पृष्ठ : मधेपुरा अबतक

जनता भरोसा करती है सूबे के सीएम नीतीश पर- उपेंद्र कुशवाहा

जदयू पार्लियामेंट्री बोर्ड के अध्यक्ष और सूबे बिहार के सर्वाधिक लोकप्रिय राजनेता उपेन्द्र कुशवाहा आए दिन “जनसंवाद यात्रा” के माध्यम से कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा रहे हैं और यह भी बता रहे हैं कि जदयू को नंबर वन की पार्टी बनने से कोई रोक नहीं सकता।

मधेपुरा जिला जदयू अध्यक्ष मंजू देवी उर्फ गुड्डी देवी ने संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के जिले के मिनट-टू-मिनट कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारियाँ दी। स्थानीय भूपेन्द्र चौक पर मनीषी भूपेन्द्र नारायण मंडल की प्रतिमा पर भी संध्या 5:50 बजे पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा को माल्यार्पण करनी थी।

गाड़ियों के काफिले के साथ उपेंद्र कुशवाहा ससमय भूपेन्द्र प्रतिमा स्थल पर पहुंच गए जहां पूर्व से ही उसके निर्माता व जदयू के वरिष्ठ नेता प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी प्रतिमा मंडप पर मौजूद थे। मंडप पर जदयू के जिला अध्यक्ष गुड्डी देवी व अन्य की मौजूदगी में श्रद्धानवत होकर उन्होंने भूपेन्द्र बाबू की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। तत्पश्चात डॉ.मधेपुरी ने पूर्व परिचित उपेंद्र कुशवाहा जी को अंगवस्त्रम एवं पराधीन भारत में स्वाधीन सोच वाले रासबिहारी लाल मंडल पर लिखी गई अपनी पुस्तक देकर सम्मानित किया। मौके पर कुशवाहा जी ने कहा- 2010 में जदयू जितनी मजबूत थी उतनी ही मजबूत फिर से करनी है… इसके लिए हम सभी मिलकर काम करेंगे। कार्यकर्ता ही पार्टी की रीढ़ होती है। कार्यकर्ता के साथ-साथ जनता भी भरोसा करती है सूबे के सीएम नीतीश कुमार पर। यही कारण है कि सीएम नीतीश मेें आम लोगों को पीएम मैटेरियल दृष्टिगोचर होने लगा है।

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कौशिकी के सचिव द्वारा ऑनलाइन हिन्दी दिवस मनाया गया

कोरोना के चलते विगत दो वर्षों के लगभग से सभी शिक्षण संस्थाएं बंद ही रही। सिनेमाघर, माॅल, पार्क, स्टेडियम… आदि में भी ताले बंद रहे। कौशिकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन का कार्यक्रम भी ठप्प रहा। यदा-कदा वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम आयोजित किया गया। अब तीसरी लहर की आशंका भी व्याप्त होने लगी है।

उसी क्रम में आज 14 सितंबर को ‘हिन्दी दिवस’ के अवसर पर कौशिकी के सचिव डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी द्वारा ऑनलाइन कार्यक्रम में कहा गया-

भारत माता के माथे की बिन्दी है हिन्दी। खुशी की बात यह है कि अब गूगल द्वारा हिन्दी के तेजी से आगे बढ़ने का संकेत मिलने लगा है। हमारी संस्कृति और सभ्यता को दिनानुदिन ताकत दे रही है हिन्दी। विश्व की समृद्ध भाषाओं में एक है हिन्दी।

यह भी जानिए कि जहां अंग्रेजी A for Apple से शुरू यानि फल से शुरू होकर Z for Zebra यानि जानवर बना कर छोड़ती है, वहीं हिन्दी अ यानि अनपढ़ से शुरू होती है और ज्ञ से ज्ञानी बनाकर छोड़ती है- यही है हमारी “भारतीय संस्कृति”। इसे हम सभी मिलकर ताकत दें। हिन्दी को आगे बढ़ाएं और देश की एकता एवं अखंडता को बरकरार रखें। हम ज्ञानी बनें… स्वाभिमानी बनें। हम हिन्दी बनें… हिंदुस्तानी बनें।

 

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सुपर थर्टी के आनंद कुमार को मिला स्वामी ब्रह्मानंद पुरस्कार

स्वामी ब्रह्मानंद मूल नाम शिवदयाल एक समाज सुधारक, परोपकारी, प्रखर स्वतंत्रता सेनानी एवं कुशल राजनेता भी रहे। उन्होंने बचपन से ही समाज में फैले हुए अंधविश्वास और अशिक्षा जैसी कुरीतियों का डटकर विरोध किया। वे आजाद भारत के पहले सन्यासी सांसद बने जो हमीरपुर यूपी से दो बार सांसद बनकर देश की राजनीति में विशेष योगदान देते रहे। स्वतंत्रता संग्राम में गांधी-नेहरू आदि के साथ काम किया और नमक सत्याग्रह में उन्हें 2 वर्ष का कारावास हुआ। उन्हें हमीरपुर, हरदोई एवं कानपुर के कारागृह में रखा गया। उन्होंने पैसा न छूने का प्रण आजीवन निभाया। ऐसे कर्मयोगी वीर पुरुष के नाम पर लोगों द्वारा “स्वामी ब्रह्मानंद पुरस्कार” का शुभारंभ वर्षों पूर्व किया गया।

बता दें कि कोरोना वायरस के चलते शिक्षा के हर महकमें को अवरोध का सामना करना पड़ा। सुपर थर्टी के संचालक गणितज्ञ आनंद कुमार द्वारा अब प्रतिभाओं को खोजने का सिलसिला शुरू किया गया है। आगामी मार्च 2022 में परीक्षा ली जाएगी। श्री कुमार ने कहा कि बुंदेलखंड के गरीब छात्र पढ़ना चाहते हैं। बच्चों की रुचि के कारण आकर्षित होकर वे दो दिन कबल यूपी के हमीरपुर जिले के राठ क्षेत्र में थे, महान गणितज्ञ आनंद कुमार को 2021 का स्वामी ब्रह्मानंद पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

Prof.(Dr.)B.N.Yadav Madhepuri giving book "Small Aim is a Crime" to Mathematician Anand Kumar at BNMU Madhepura.
Prof.(Dr.)B.N.Yadav Madhepuri presenting book “Small Aim is a Crime” to Mathematician Anand Kumar at BNMU Madhepura.

यह भी जानिए कि बीएन मंडल विश्वविद्यालय में 3 वर्ष पूर्व पधारे सुपर थर्टी के सुपर गणितज्ञ आनंद कुमार को भारतरत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के संग लिखी गई पुस्तक “छोटा लक्ष एक अपराध है” देते हुए समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेंन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने कहा था- आर्यभट्ट जैसा गणितज्ञ, गोरखनाथ जैसा अर्थशास्त्री और वशिष्ठ नारायण सिंह जैसा गणितज्ञ ज्ञानी के बाद सूबे बिहार की धरती पर यदि कोई गणितज्ञ गौरवान्वित करने जा रहा है तो उसका नाम है सुपर थर्टी का सुपर आनंद कुमार। उस कर्मवीर के मधेपुरा आगमन पर डॉ.मधेपुरी ने कहा था-

हरता हर पथ का अंधियारा, जल-जल कर दीपक की बाती।

रहता है नाम अमर उसका, जो दे जाता अनुपम थाती ।।

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कोरोना की तीसरी लहर आने की चिंता भारत को भी

फिलहाल भारत के केरल राज्य में कोविड-19 केस 21% से अधिक होने के चलते कुछ राज्यों में तीसरी लहर के आने की चर्चा होने लगी है। मुंबई के मेयर ने तो यहां तक कह दिया कि कोरोना की तीसरी लहर तो दहलीज तक आ चुकी है। उन्होंने गणपति पूजा को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी।

जानिए कि अमेरिका मे कोरोना बेकाबू होता जा रहा है। हाल-फिलहाल इजरायल पुनः कोरोना महामारी का केंद्र बनता जा रहा है। कोरोना से बचाव के लिए वहां बूस्टर डोज दिया जाने लगा है। क्योंकि जहां पिछले साल अमेरिकी मरीजों की औसत संख्या 1 सप्ताह में 39000 थी वहीं अभी सप्ताह में औसत 137270 यानि लगभग एक लाख अधिक हो गई है।

भारत सरकार टीकाकरण करने की पूरी व्यवस्था में लगी हुई है। भारतवासियों को अपना कर्तव्य निर्वहन करना है- “दो गज दूरी, मास्क है जरूरी”। बकौल समाजसेवी-शिक्षाविद् डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी इसे प्रत्येक भारतवासी अपनी दिनचर्या में शामिल कर लें।

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नीतीश सरकार करेगी 45 हजार एचएम की बहाली

सूबे के राजकीयकृत प्राइमरी विद्यालयों एवं उच्च विद्यालयों में 45852 प्रधान शिक्षक और प्रधानाध्यापक की बहाली करने जा रही है नीतीश सरकार।

जानिए कि यह सभी वेतनमान के पद होंगे। यह भी कि इन सारे पदों पर बहाली “बिहार लोक सेवा आयोग” के माध्यम से की जाएगी। यह प्रस्ताव राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में सूबे के मुखिया नीतीश कुमार की अध्यक्षता में स्वीकृत किया गया।

शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि इन पदों के सृजन की भी मंजूरी दे दी गई है। अब स्कूलों की व्यवस्था पर दूरगामी बेहतर प्रभाव पड़ेगा और और शिक्षा की गुणवत्ता में भी सर्वाधिक बेहतर सुधार होगा।

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नीतीश सरकार सूबे के सभी जिलों में खोलेंगे वृद्धाश्रम

मुख्यमंत्री वृद्धजन आश्रय स्थल योजना के अंतर्गत सूबे के 38 जिले के मुख्यालयों के साथ-साथ 101 अनुमंडल मुख्यालय में भी वृद्धाश्रम (ओल्ड एज होम) की स्थापना जल्द ही की जाएगी। इस प्रस्ताव को कैबिनेट की स्वीकृति भी मिल गई है।

बता दें कि सभी ओल्ड एज होम में रहने वाले लाचार-बुजुर्गों को आवासीय सुविधा के साथ-साथ सुबह के नाश्ते से लेकर रात तक का भोजन मिलेगा। उन्हें स्वस्थ रखने के लिए दूध व अंडे भी दिए जाने की योजना बनाई गई है। इसके अलावे बुजुर्गों को नए कपड़े तो दिए ही जाएंगे, साथ ही मनोरंजन की भी व्यवस्था की जाएगी। बुजुर्गों की देखभाल के लिए मेडिकल ऑफिसरों द्वारा विजिट करने की व्यवस्था की जाएगी।

जानिए कि पहले चरण में 38 जिले में 50-50 बेड के दो यूनिट वृद्धाश्रम खोले जाएंगे। स्पष्ट है कि प्रत्येक जिले में 100-100 लाचार व बेबस बुजुर्गों को वृद्धाश्रम में मुफ्त आवास, भोजन, कपड़े व इलाज की सुविधा मुहैया कराई जाएंगी।

बता दें कि अक्टूबर-नवंबर से सभी 38 जिलों में वृद्धाश्रम का संचालन शुरू किया जा सकता है। इस माह के अंत तक एजेंसी का चयन पूरा कर लिए जाने की उम्मीद है। एजेंसी को संचालन करने की पूरी जिम्मेवारी होगी। एजेंसी को ही किराए का भवन ढूंढना होगा जिसके लिए सरकार द्वारा उन्हें अधिकतम ₹50000 दिए जाएंगे।

मौके पर समाजसेवी-साहित्यकार डॉ भूपेन्द्र मधेपुरी द्वारा नीतीश सरकार की इस नेक कार्य के लिए भरपूर सराहना की गई और हर्ष जताते हुए उन्होंने यह भी कहा कि सिंहेश्वर टेंपल ट्रस्ट में सदस्य के रूप में वृद्धाश्रम स्थापना हेतु प्रस्ताव लाया था, परंतु आज सरकार द्वारा ही ओल्ड एज होम इस वर्ष के अंत तक आरंभ कर दिया जाएगा। इसकी जितनी भी प्रशंसा की जाए वह कम ही होगी।

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ओलंपिक या पैरालंपिक के पदक वीरों को पेंशन व मेडिकल सुविधाएं मिले- डॉ.मधेपुरी

एक सकारात्मक सोच वाली अच्छी और हृदय को छूने वाली सच्ची बातें। ओलंपिक और पैरालंपिक में कोई अंतर नहीं फिर भी सम्मान में क्यों अंतर हो जाता है  ! ओलंपिक खिलाड़ियों के साथ संपूर्ण देश खड़ा रहता है, लेकिन पैरालंपिक खिलाड़ियों को उनके घर वाले हवाई अड्डे पर रिसीव करने जाते हैं। जबकि दोनों के द्वारा गोल्ड जीतने पर पोडियम में भारत का राष्ट्रगान समान रूप से शान के साथ बजता है और तिरंगा भी सबसे ऊपर होता हुआ आकाश को चूमता है। ये क्रियाएं समान रूप से समस्त भारतवासियों को गौरवान्वित भी करता है।

समाजसेवी-शिक्षाविद् प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी की सोच है- ओलंपिक के खिलाड़ी हों या पैरालंपिक के, दोनों अपना सब कुछ न्योछावर कर देश को विश्व के खेल मंच पर ऊंचाई प्रदान करता है। किसी-किसी को तो 50 किलोमीटर की दूरी तय कर प्रतिदिन ट्रेनिंग सेंटर तक जाना पड़ता है। यदि अंक देने की बात हो तो अधिक अंक पैरालंपिक खिलाड़ियों को ही दिया जाना उचित होगा। ऐसा इसलिए कि पैरालंपिक वाले कोई खिलाड़ी बिना पैर के तो कोई बिना हाथ के ही वो कमाल कर दिखाते हैं जो दो-दो हाथ-पैर वाले भारतीय ओलंपिक खिलाड़ी नहीं कर पाते हैं।

खेलों के इस महाकुंभ में चुनौतियां चेहरा नहीं देखती वो देखती है केवल जोश, जज्बा और जुनून। जब किसी ओलंपिक खिलाड़ी की तपस्या हद को पार कर जाती है तब उसे ओलंपिक पदक जैसी अमूल्य चीज मिल जाती है जो संपूर्ण देश के चेहरे पर मुस्कान ला देती है।

भारतीय ब्रांड्स को चाहिए कि एक बार में दो मेडल (एक स्वर्ण और एक कांस्य) जीतने वाली अवनी लेखरा जैसे पैरालंपिक खिलाड़ियों को भी अप्रोच करें और अवसर देकर उनका मनोबल बढ़ाएं।

जानिए कि टोक्यो- 2020 ओलंपिक में जहां एक बार जन-गण-मन…. बजा वहीं टोक्यो पैरालंपिक में पांच बार और तिरंगा तो 19 बार आकाश में लहराया। कल होकर वही खिलाड़ी जब खेल से रिटायर हो जाता है तो कुछ की आर्थिक स्थिति ऐसी हो जाती है कि वे अपने घर के बच्चों की परवरिश के लिए उसी मेडल को अपनी पहचान छुपा कर बेचने को मजबूर हो जाते हैं।

डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी जैसे संवेदनशील-समाजसेवी ने भारतीय खिलाड़ियों द्वारा खेल के प्रति अकंप्य एकाग्रता बनाए रखने के लिए देश के प्रधानमंत्री, राज्य के मुख्यमंत्री एवं खेल व युवा मामले के मंत्रीगण से उन खिलाड़ियों के खेल से रिटायर होने पर उन्हें पेंशन एवं मेडिकल सुविधाएं देने की मांग की है। उन्होंने देश को गौरवान्वित करने वाले उन पदक वीरों को विधायकों एवं सांसदों की तरह ही पेंशन, मेडिकल व अन्य सुविधाएं देने हेतु विनम्र अनुरोध भी किया है।

अंत में यह भी जानिए कि डॉ.मधेपुरी ने पीएम नरेंद्र मोदी, सीएम नीतीश कुमार और खेल व युवा मामले के केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर एवं सूबे बिहार के खेल मंत्री डॉ.आलोक रंजन को भी इस आशय का पत्र प्रेषित किया है।

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UPSC कोचिंग सेंटर खुल गया है मधेपुरा कॉलेज मोड़ के पास

मधेपुरा अनुमंडल बना 1845 में और अंग्रेजों को 50 वर्ष लग गया एक स्कूल स्थापित करने में। तत्कालीन सीरीज इंस्टिट्यूट जो अभी एसएनपीएम उच्च माध्यमिक विद्यालय के रूप में लोगों को शिक्षा प्रदान करता है। शिक्षा सामाजिक बदलाव के साथ-साथ समाज और देश की उन्नति के लिए आवश्यक है। यहां के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभा की कमी नहीं है। मधेली गांव का के दौलत कुमार, सिकियाहा गांव के आदित्य कुमार जैसे अनेक हैं जिन्होंने आईएएस बनकर जिले का गौरव बढ़ाया है। ऐसे यूपीएससी/बीपीएससी कोचिंग सेंटर तो वर्षों पहले ही खुलने चाहिए थे। उक्त बातें समाजसेवी-शिक्षाविद प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने यूपीएससी कोचिंग सेंटर के उद्घाटन करने के बाद छात्रों से अपने संबोधन में कही।

डॉ.मधेपुरी ने छात्रों को छोटी-छोटी कहानियों के माध्यम से यही समझाया कि जिंदगी में जो चाहते हो, उसे पाने की कोशिश पूरे मन से करने पर संभव है कि एक बार के प्रयास में सफलता नहीं मिले, इसका मतलब यह नहीं कि आप प्रयास करना ही छोड़ दें। मेहनत हर हाल में अपना रंग दिखाती है। मेहनत के बूते कोई भी शख्स कुछ भी हासिल कर सकता है, बशर्ते कि किसी भी प्रकार के नकारात्मक सोच को अपने अंदर प्रवेश करने की इजाजत नहीं दी जाय। दुनिया में इंपॉसिबल कुछ नहीं है। जरा सोच कर देखिए Impossible तो खुद कहता है… I m possible.

छात्रा मीतू के बहुपयोगी संबोधन बाद 2015 में यूपीएससी में सफलता पाने वाले एवं डॉ.मधेपुरी के सौजन्य से तत्कालीन डायनेमिक डीएम मोहम्मद सोहैल द्वारा सम्मानित किए जाने वाले आईएएस आदित्य कुमार द्वारा इच्छुक छात्रों को ढेर सारी टिप्सों एवं विभिन्न प्रकार के अनुभवों व जानकारियों से अवगत कराया गया। अंत में आदित्य कुमार ने इसके संचालक मंडली के सदस्यों अली, पप्पू एवं संजीव आदि की जमकर सराहना की एवं हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया।

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पूर्व अध्यक्ष योगेंद्र प्राणसुखका की तीसरी पुण्यतिथि मनी

मधेपुरा व्यापार संघ के पूर्व अध्यक्ष, हिन्दी, अंग्रेजी एवं रामचरितमानस के ज्ञाता योगेंद्र प्रसाद प्राणसुखका उर्फ लड्डू बाबू की तीसरी पुण्यतिथि पर हेल्थ कैंप का आयोजन किया गया और जरूरतमंद लोगों के बीच दवाइयां भी बांटी गई। लायंस क्लब की ओर से डॉ.डीके सिंह, डॉ.एसएन यादव, डॉ.नीरज निशांत, डॉ.प्रवीण, डॉ.नायडू, डॉ.आरके पप्पू सहित आंख व हड्डी के डॉक्टर भी मौजूद देखे गए। बच्चों के डॉक्टर डॉ.डीपी गुप्ता भी लायंस क्लब की ओर से नि:शुल्क सलाह देने हेतु मौजूद थे।

मौके पर लायंस क्लब के पूर्व सचिव डॉ.आरके पप्पू से शहर के समाजसेवी-शिक्षाविद डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी जो योगेंद्र प्राणसुखका के अच्छे मित्र रहे हैं, ने अपना ब्लड प्रेशर जांच कराया। जांचोपरांत डॉ.पप्पू ने सलाह दी कि मेटलर-50 की जगह मेटलर-25 लेना ठीक रहेगा। चर्चा करते हुए डॉ.मधेपुरी ने डॉ.पप्पू से यह भी कहा कि लड्डू बाबू के पुत्र आनंद प्राणसुखका सहित परिजन उनकी उदारता एवं गरीबों के प्रति उनकी हमदर्दी को इस तरह के आयोजन द्वारा जीवित रखने का जो प्रयास कर रहे हैं, वह सराहनीय है। लड्डू बाबू सदैव समाज को जोड़ने का काम करते थे। जिसके कारण जिले के के आलाधिकारी भी विशेष परिस्थितियों में उनसे मशविरा भी किया करते थे। कार्यक्रम में डॉ.विवेक कुमार, ट्रस्ट के सदस्य मनीष सर्राफ, व्यापार संघ के अध्यक्ष राजेश कुमार सर्राफ, स्थापना के बड़ा बाबू विजय झा, पशुपति सुल्तानिया, फर्जी कवि डॉ.अरुण कुमार, इंद्रनिल घोष उर्फ बापटुन, कुमार मनीष, शुभम, खुशी, पाखी सहित अन्य मौजूद थे।

 

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टोक्यो पैरालंपिक- 2020 के अंतिम दिन भारत ने गोल्ड के साथ रिकॉर्ड 19 मेडल जीते

टोक्यो पैरालंपिक 2020 के महान गेम्स में भारत को अंतिम दिन कृष्णा नागर ने बैडमिंटन में जहां स्वर्ण पदक दिलाया वहीं सुहास यतीराज रजत पदक दिलाया। इसके साथ ही भारत ने रिकॉर्ड 19 मेडल जीतकर पैरालंपिक का सुखद अंत किया। अब तक 53 सालों में भारत ने इससे पहले कुल मिलाकर मात्र 12 मेडल जीते थे।

बता दें कि 1968 में पहली बार भारत ने पैरालंपिक गेम्स में हिस्सा लिया था। अब तक 53 वर्षों में 11 पैरालंपिक गेम्स में कुल 12 मेडल भारत ने जीता। टोक्यो पैरालंपिक- 2020 में 19 मैडल जीतकर भारत 24वें स्थान पर रहा। इस बार भारत का पैरालंपिक में ऐतिहासिक प्रदर्शन रहा।

जानिए कि भारत ने इस बार दो-दो गोल्ड निशानेबाजी एवं बैडमिंटन में जीता। पदक तालिका में भारत ने इस बार लंबी छलांग लगाई। टोक्यो पैरालंपिक में भारतीय खिलाड़ियों ने 5 गोल्ड, 8 सिल्वर और 6 ब्रोंज मेडल के साथ कुल 19 पदक भारत के नाम करके विश्व के देशों को पीछे छोड़ 24वें पायदान पर खड़े होकर तिरंगे को गौरवान्वित किया। भारत ने पहली बार पोडियम में 5 बार राष्ट्रगान बजवाया।

मौके पर खेलप्रेमी-समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने भारत के लिए खेलने वाले 54 पैरालंपिक खिलाड़ियों के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि जिस तरह से पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार खिलाड़ियों से फोन पर बातें करते हैं, बधाइयां देते हैं और खेल विश्वविद्यालय स्थापित करने में लगे हैं कि 2024 के पैरालंपिक में भारत 50 से अधिक पदक जीतने वाला देश बनकर रहेगा।

 

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