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मधेपुरा में 25 दिवसीय योग-सह-शिक्षक प्रशिक्षण शिविर का समापन

जहाँ एक ओर जलमग्न हो गया हो बिहार और 16 जिलों में मचा हो हाहाकार- वहीं स्वर्णिम विश्व बनाने के लिए संकल्पित पतंजलि योग समिति के ऋषिद्वय स्वामी रामदेव एवं आचार्य बालकृष्ण की समर्पित शिष्याओं को 25 दिवसीय योग शिक्षक प्रशिक्षण शिविर का सफल संचालन महिला प्रभारी प्रो.रीता कुमारी द्वारा आखिर पूरा कर ही लिया गया तथा 16 अगस्त को शिविर का भव्य समापन समारोह स्थानीय रासबिहारी उच्च विद्यालय परिसर में समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी द्वारा शानदार रुप से संपन्न करा ही लिया गया |

बता दें कि यह प्रशिक्षण शिविर 21 जुलाई से 14 अगस्त तक निरंतर चलता रहा जिसमें 40 महिलाएं एवं दो पुरुषों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया | प्रशिक्षक के रूप में इन प्रशिक्षुओं का वर्ग संचालन करते रहे- राज्य पतंजलि महिला प्रभारी डॉ.मीणा कुमारी, राज्य पतंजलि युवा प्रभारी श्री प्रकाश, मंडल प्रभारी चन्देश्वरी प्रसाद यादव, पूर्व मंडल प्रभारी डॉ.अमोल राय, भारत स्वाभिमान के संयोजक डॉ.वेद प्रकाश, सह-संयोजक डॉ.एन.के.निराला, किसान पंचायत प्रभारी श्री सुभाष, पतंजलि योग समिति के जिलाध्यक्ष डॉ.नन्दकिशोर, भारत स्वाभिमान की महामंत्री रुपम कुमारी सहित शिविर संचालिका प्रो.रीता कुमारी एवं अन्य |

Samapankarta Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri, State Patanjali Mahila Prabhari Dr.Veena Kumari and Patanjali Mandal Prabhari Chandeshwari Pd.Yadav being honoured by Zila Mihila Prabhari Prof.Reeta Kumari in presence of Ziladhyaksha Dr.Nand Kishor, Sah-Sanyojak Dr.N.K.Nirala, Mahamantri Rupam Kumari & others on the eve of Samapan Samaroh at Rasbihari Vidyalaya , Madhepura .
Samapankarta Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri, State Patanjali Mahila Prabhari Dr.Veena Kumari and Patanjali Mandal Prabhari Chandeshwari Pd.Yadav being honoured by Zila Mahila Prabhari Prof.Reeta Kumari in presence of Ziladhyaksha Dr.Nand Kishor, Sah-Sanyojak Dr.N.K.Nirala, Mahamantri Rupam Kumari & others on the eve of Samapan Samaroh at Rasbihari Vidyalaya , Madhepura .

यह भी जानिए कि ये प्रशिक्षण प्राप्त महिला एवं पुरुष 90 दिनों की योग कक्षाएं चलाने के बाद एवं हरिद्वार में पुनः 5 दिनों का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ही “योग शिक्षक” के रूप में विधिवत प्रमाण-पत्र प्राप्त करेंगे | इस दरमियान उन्हें कई लिखित व मौखिक परीक्षाओं से भी गुजरनी होती है |

इस अवसर पर समापनकर्ता डॉ.मधेपुरी ने महिला प्रशिक्षुओं से यही कहा कि आप अपने अतीत को भूल गई हैं, इसलिए आज नारी सशक्तिकरण की चर्चाएं होने लगी हैं | उन्होंने कहा कि महिलाएं हर मायने में पुरुषों से बहुत आगे थीं, रही हैं और आगे भी रहेंगी | आगे डॉ.मधेपुरी ने कहा-

“सोचिए तो सही ! पुरुष को क्या चाहिए ? कदाचित प्रत्येक को- शक्ति, संपत्ति और विद्वता ! …… शक्ति के लिए उसे माँ भगवती की आराधना करनी पड़ती है, संपत्ति के लिए माता लक्ष्मी की पूजा और विद्या के लिए माँ सरस्वती की अर्चना…….!!”   

डॉ.मधेपुरी ने समापन संबोधन में यही कहा- कि भारतीय ऋषि-मुनियों की योग-परंपरा में डुबकियां लगाने पर यही महसूसता रहा हूं-

“मन के पार चेतना के द्वार जाने की तैयारी का नाम है- योग ! योग से शक्ति और अंदर की ज्योति में वृद्धि होती है और व्याधि व व्यवधान मिटने लगते हैं | अंदर की आंखें खुलने लगती हैं…….. और ऐसा लगता है…….. कि माँ की कोख से बच्चों का पार्थिव जन्म होता है, परंतु योग व प्राणायाम से मनुष्य का आध्यात्मिक जन्म होता है………!”

अंत में महिला प्रशिक्षुओं रेखा गांगुली, माधुरी सिन्हा, किरण कुमारी, माया जायसवाल, मनीषा कुमारी, नीतू कुमारी, नीता कुमारी, एस यदुवंशी आदि से शिविर के फायदे से संबंधित पूछे गये प्रश्नों के जवाब में यही कहा गया कि शिविर में प्रशिक्षण नियमित रूप से एवं विधिपूर्वक दिया गया- योग के पूर्ण पैकेज के साथ बीच-बीच में परीक्षाएं भी ली गई |

समापन संपन्न होने से पूर्व समापनकर्ता डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, राज्य महिला प्रभारी डॉ.वीणा कुमारी एवं मंडल प्रभारी चन्देश्वरी प्रसाद यादव को अंगवस्त्रम आदि से सम्मानित किया शिविर प्रभारी प्रो.रीता कुमारी ने और महामंत्री रुपम कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापन के सिलसिले में सरस शब्दों में कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए तालियों की गड़गड़ाहट के साथ समापन कार्यक्रम में अद्भुत समां बांध दी |

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जलमग्न हुआ बिहार, 16 जिलों में हाहाकार

बिहार पर प्रकृति का कहर जारी है। राज्य में बाढ़ ने विकराल रूप ले लिया है। सैकड़ों गांव जलमग्न हो चुके हैं। 16 जिलों में 1 करोड़ से ज्यादा लोग इसकी त्रासदी झेल रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 119 तो अन्य स्रोतों से 230 लोगों के मारे जाने की ख़बर है। गुरुवार को पूर्णिया, कटिहार और मधेपुरा के कई नए इलाकों में पानी आने से दहशत फैल गई। मधेपुरा में सर्वाधिक प्रभावित आलमनगर और चौसा प्रखंड के अलावा छह और प्रखंड इसकी चपेट में आ गए। जिले में भलुआही के पास एनएच 106 की सड़क लगभग 25 फीट कट जाने से यातायात ठप हो गया है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक अब बाढ़ का पानी सहरसा जिले में भी फैल गया है। उधर कटिहार के नए इलाकों में सदर प्रखंड के भसना, मनसाही और कोढ़ा प्रखंड के कुछ हिस्सों में भी पानी फैलने लगा है। वहीं पूर्णिया जिले में बायसी अनुमंडल के बाद अब पानी बनमनखी और धमदाहा क्षेत्र में बढ़ रहा है। बनमनखी प्रखंड  की 10 पंचायतें बाढ़ की चपेट में आ गई हैं। गुरुवार से वहां एनएच 107 पर वाहनों का परिचालन भी बाधित हो गया है। अररिया की हालत तो और भी बदतर है। इस जिले में हताहत लोगों की संख्या सबसे ज्यादा है और अब तक 20 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है।

इन जिलों के अतिरिक्त सुपौल, किशनगंज, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, शिवहर, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर भी बाढ़ से बेहाल हैं। मुजफ्फरपुर और आसपास के जिलों में अब तक 94 लोगों की मौत हो चुकी है। वैसे गोपालगंज, वैशाली और छपरा में जहां नए इलाके बाढ़ के पानी से घिरे, वहीं कुछ प्रभावित जिलों में पानी के धीरे-धीरे उतरने की ख़बर भी है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने गुरुवार को गोपालगंज, बगहा, बेतिया, रक्सौल और मोतिहारी के बाढ़ग्रस्त इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया और अधिकारियों को तमाम जरूरी निर्देश दिए। बता दें कि बाढ़ प्रभावित तमाम जिलों में एनडीआरएफ की 27 टीमों के 1110 जवान अपनी 114 नौकाओं, एसडीआरएफ की 16 टीमों के 446 जवान 92 नौकाओं और सेना के 630 जवान 70 नौकाओं के साथ राहत एवं बचाव कार्य में लगे हुए हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम के साथ चिकित्सकों का चलंत दस्ता भी प्रभावित इलाकों में लगा हुआ है। राहत शिविर बड़े पैमाने पर बनाए गए हैं और इनमें कुल 3.19 लाख लोगों को भोजन कराया जा रहा है। राहत शिविरों के अतिरिक्त 1112 जगहों पर बाढ़ पीड़ितों के लिए कम्यूनिटी किचेन भी शुरू किया गया है। हालांकि बाढ़ ने अपने पांव जिस कदर फैला लिए हैं, उसे देखते हुए इसे पर्याप्त नहीं कहा जा सकता।

चलते-चलते एक अच्छी ख़बर। अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में बाढ़ का तांडव कम होगा। आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत के मुताबिक भारतीय मौसम विज्ञान विभाग से मिले पूर्वानुमान के अनुसार अगले सात दिनों तक उत्तर बिहार के जिलों में बारिश के आसार नहीं हैं। हां, कुछ जगहों पर छिटपुट बारिश जरूर हो सकती है। दक्षिण बिहार के जिलों के बारे में भी यही पूर्वानुमान है। ऐसे में उम्मीद की जा सकती है कि बाढ़ से जूझ रहे लोग थोड़ी चैन की सांस ले पाएंगे।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

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डॉ.मधेपुरी ने बाढ़ पीड़ितों के बचाव हेतु ‘स्काउट’ को दिखाई हरी झंडी

मधेपुरा जिले के आलमनगर, चौसा, बिहारीगंज, मुरलीगंज आदि प्रखंडों के बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में बाढ़-पीड़ितों की सेवा व बचाव कार्य हेतु ‘स्काउट एण्ड गाइड’ के प्रशिक्षित छात्र-छात्राओं की विभिन्न टोलियों को समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने  हरी झंडी दिखाकर विदा किया | क्योंकि नदियों में है उफान ! चारों ओर से घिरे हैं और जलमग्न हैं सैकड़ो गाँव !! और हो गया है – कोसी का अंग से संपर्क भंग !!!  जारी है जीवन के लिए जंग…..!!!!

Educationist Bhupendra Narayan Madhepuri addressing the Scout and Guide (Girls & Boys) Trainees with a slogan "Service to Man in Service to God" at Rasbihari High School Ground , Madhepura .
Educationist Bhupendra Narayan Madhepuri addressing the Scout and Guide (Girls & Boys) Trainees with a slogan “Service to Man is Service to God” at Rasbihari High School Ground , Madhepura .

इस प्रलयंकारी बाढ़ के हालात से  निपटने के लिए जहाँ स्काउट एण्ड गाइड के प्रशिक्षण आयुक्त जयकृष्ण प्रसाद यादव द्वारा जिले के विभिन्न विद्यालयों के स्काउट के छात्र-छात्राओं को मानव सेवा हेतु प्रशिक्षण संबंधी कार्य एवं योजनाओं की जानकारियाँ दी गई तथा व्यवहारिक ट्रेनिंग के साथ-साथ हमेशा विकट परिस्थितियों में अपने विवेक से काम लेने की भी बातें कही गई वहीं समाज सेवा में गहरी अभिरुचि रखनेवाले डॉ.मधेपुरी ने बच्चे-बच्चियों से यही कहा –

“दुनिया में जितने भी धर्म हैं उनमें सर्वोत्कृष्ट धर्म है- ‘मानव सेवा’ | मानव सेवा ही सच्ची सेवा है | यूँ तो लोगों को बहुत कुछ की भूख होती है जिनके पीछे इंसान भागता है, परंतु जिसे दुनिया से विदा होते समय वह साथ नहीं ले जाता – उस ‘धन’ को जमा करने के पीछे वह तेजी से भागता है | यदि वह अपने साथ कुछ ले जाता है तो सिर्फ और सिर्फ अच्छे कर्म एवं लोगों की अच्छी सेवा…….!!”

डॉ.मधेपुरी ने प्रशिक्षित स्काउट युवाओं से यह भी कहा “यदि आप सही तरीके से मानव सेवा करो तो आप बहुत आगे बढ़ सकते हो, ऊंचाई को प्राप्त कर सकते हो…..|”

उन्होंने यह भी कहा कि बाहर से आकर मदर टेरेसा ने यहां के कुष्ठ रोगियों एवं अपाहिजों की सेवा की | ‘भारतरत्न’ सरीखे सर्वोच्च सम्मान से वह सम्मानित हुई | साथ ही संसार के सर्वोत्कृष्ट सम्मान ‘नोबेल पुरस्कार’ से भी सम्मानित की गई वह मदर टेरेसा…….. जिनके बीमार होने पर कभी भारतरत्न डॉ.ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने ईश्वर से दुआ मांगी थी- हे ईश्वर ! अभी मदर को यहीं रहने दो……… क्योंकि ‘मदर’ का हृदय उन गरीबों का घर है, जिन्हें धरती पर अपना घर नहीं……….|”

बच्चो ! हम भी ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि हमारे बच्चे बाढ़ पीड़ितों की सेवा एवं बचाव कार्यों को पूरा कर सकुशल वापस आये और अपने-अपने विद्यालयों का नाम रौशन करे !!

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डॉ.मधेपुरी के संग ‘तिरंगा’ हुआ मधेपुरा

भूपेन्द्र चौक पर डॉ.मधेपुरी ने शांति आदर्श स्कूल के बच्चे-बच्चियों एवं गणमान्यों सहित डॉ.आलोक, सतीशचन्द्र, आनंद आदि की उपस्थिति में राष्ट्रीय तिरंगा फहराने के बाद जन-गण-मन……… के धुन के दरमियान तिरंगे को सलामी दिया और उपस्थित जनों से यही कहा-

बच्चों ! यह 71वां स्वतंत्रता दिवस है | 70 बार यह तिरंगा लाल किले के प्राचीर से 15 अगस्त को फहराया गया | मात्र एक बार पंडित नेहरू द्वारा 16 अगस्त को 1947 में इसे लाल किले से फहराया गया था | वह भी बिना राष्ट्रगान का ही | वर्ष 1950 से ध्वजोत्तोलन के बाद राष्ट्रगान गाया जाने लगा है |

डॉ.मधेपुरी ने बच्चों से यह भी कहा कि अपने अंदर की बुराइयों को भगाने में ऊर्जा नहीं लगाना बल्कि अच्छाइयों को अन्दर लाने में  प्रयत्नशील रहोगे तो बुराइयाँ स्वयं बाहर हो जाएंगी | जैसे कमरे में फैले अंधकार को बाहर निकालने में थक जाओगे फिर भी बाहर नहीं होगा अंधेरा | यदि तुम एक दीप उस कमरे के अंदर जला लेते हो तो अंधेरा स्वतः बाहर हो जायेगा……….! याद रखना अंधेरे को कोसने से बेहतर है- एक दीप जलाना |

यह भी बता दें कि सबेरे से स्कूली बच्चों द्वारा मुख्य सड़कों से लेकर शहर की गलियों में भी तिरंगा लिए गोखले-तिलक-गांधी-सुभाष से लेकर नेहरू-लोहिया-हामीद-जयप्रकाश……. के साथ-साथ भूपेन्द्र-भीम-कर्पूरी सरीखे स्वतंत्रता सेनानियों की जयकारा लगाते देखे गये |

Dynamic DM Md.Sohail (IAS), SP Vikas Kumar (IPS), ASP Rajesh Kumar , Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri and other officers along with girl students uniformed as Bharat Mata celebrating 71st Independence Day on 15th August , 2017 at BN Mandal Stadium , Madhepura .
Dynamic DM Md.Sohail (IAS), SP Vikas Kumar (IPS), ASP Rajesh Kumar , Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri and other officers along with girl students uniformed as Bharat Mata celebrating 71st Independence Day on 15th August , 2017 at BN Mandal Stadium , Madhepura .

इस अवसर पर बी.एन.मंडल स्टेडियम में समाजसेवी डॉ.मधेपुरी, स्वतंत्रता सेनानी श्री कृष्णान्द यादव सहित शहर के गणमान्यों एवं स्कूली बच्चों के बीच जिले के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल (I.A.S.), एसपी विकास कुमार (IPS) ने तिरंगे को सलामी दी और जिले के विकास हेतु रेल फैक्ट्री……. मेडिकल – इंजीनियरिंग कॉलेज…….. आदि पर विस्तार से चर्चा करते हुए युवाओं को जगाने हेतु संदेश दिया |

भू.ना.मंडल विश्वविद्यालय के नये परिसर में एक जगह तिरंगा लहराया प्रतिकुलपति ने और पुराने परिसर में कुलपति डॉ.ए.के.राय ने तथा शिक्षक संघ के महासचिव डॉ.अशोक कुमार ने, अवकाश प्राप्त शिक्षक कल्याण संघ के महासचिव डॉ.एस.एन.यादव ने………| नगर परिषद की अध्यक्षा श्रीमती सुधा यादव और जिला परिषद की अध्यक्षा श्रीमती मंजू देवी ने तिरंगे को सलामी दी |

चारो ओर बच्चों एवं बच्चियों ने आजादी की झाँकियाँ, गीत, नाटक एवं जन्माष्टमी के अवसर पर कृष्ण लीला भी करते देखे गये | सांस्कृतिक कार्यक्रम करना तो हमारी संस्कृति का अंग बन गया है |

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रमई, अर्जुन, विजय वर्मा समेत 21 नेता जेडीयू से निकाले गए

पूर्व अध्यक्ष शरद यादव के रुख से उपजा जेडीयू का घमासान अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। पार्टी लाईन से अलग बगावती सुर अलाप रहे शरद के 21 करीबी नेताओं को जेडीयू से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। इन नेताओं में पूर्व मंत्री रमई राम, सीतामढ़ी के पूर्व सांसद अर्जुन राय और मधेपुरा के पूर्व विधानपार्षद विजय वर्मा शामिल हैं। गौरतलब है कि ये सारे नेता शरद की तीन दिवसीय संवाद यात्रा में उनके साथ देखे गए थे। इससे पूर्व शरद समर्थक राष्ट्रीय महासचिव अरुण श्रीवास्तव और राज्यसभा सांसद अली अनवर पर पार्टी कार्रवाई कर चुकी है। शरद यादव को भी राज्य सभा में जेडीयू के नेता पद से हटाया जा चुका है। अब पार्टी से उनकी विधिवत विदाई की केवल औपचारिकता ही शेष है।

बहरहाल, जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने आज जिन 21 नेताओं को जेडीयू की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किया, उनके नाम इस प्रकार हैं: रमई राम (पूर्व मंत्री), अर्जुन राय (पूर्व सांसद, सीतामढ़ी), राजकिशोर सिन्हा (पूर्व विधायक, वैशाली), विजय वर्मा (पूर्व स.वि.प.), धनिकलाल मुखिया (जिलाध्यक्ष, सहरसा), सियाराम यादव (पूर्व जिलाध्यक्ष, मधेपुरा), बिन्देश्वरी सिंह (पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, श्रमिक प्रकोष्ठ), इसराईल मंसूरी (राज्य परिषद सदस्य, मुजफ्फरपुर), मिथिलेश कुशवाहा (तकनीकी प्रकोष्ठ), निरंजन राय (जिला परिषद सदस्य, मुजफ्फरपुर), देवकांत राय (दरभंगा), टिन्कू कसेरा (व्यावसायिक प्रकोष्ठ), जयकुमार सिंह (प्रखंड अध्यक्ष, सोनबरसा), धीरेन्द्र यादव (प्रखंड अध्यक्ष, कहरा), उदयचंद्र साहा (व्यावसायिक प्रकोष्ठ), बिरेन्द्र आजाद (प्रखंड अध्यक्ष, बिहारीगंज), सुरेश यादव (प्रखंड अध्यक्ष, सतर कटैया), विजेन्द्र यादव (प्रखंड अध्यक्ष, सौर बाजार), रमण सिंह (किसान प्रकोष्ठ, मधेपुरा), कमल दास (मधेपुरा नगर परिषद) एवं देवेन्द्र साह (जिला परिषद उपाध्यक्ष, सीतामढ़ी)।

कहने की जरूरत नहीं कि जेडीयू के वर्तमान व पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष की तनातनी अब सतह पर आ गई है। दोनों ही नेताओं ने इधर खुलकर एक-दूसरे के विरुद्ध टिप्पणी की है। नीतीश कुमार ने जहां शरद को लेकर कहा कि पार्टी अपना फैसला ले चुकी है, वे कोई भी कदम उठाने के लिए स्वतंत्र हैं। वहीं, शरद यादव ने नीतीश पर टिप्पणी की कि जेडीयू सिर्फ उनकी पार्टी नहीं है, यह मेरी भी पार्टी है। और तो और, शरद खेमा अब अपने ‘असली’ जेडीयू होने का दावा भी कर रहा है। ऐसी स्थिति में बहुत संभव है कि 19 अगस्त को पटना में होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से पहले ही शरद यादव की विदाई की औपचारिकता पूरी कर दी जाए।

 

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क्यों और कैसे मनाएं जन्माष्टमी ?

कल जन्माष्टमी है। यानि विष्णु के समस्त अवतारों में पूर्वावतार कहे जाने श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव। समस्त गुणों का आगर होने के साथ-साथ कृष्ण की सबसे अनोखी बात यह है कि उनके भक्त उन्हें जिस रूप में पूजते हैं वे उनके साथ उसी रूप में हो लेते हैं। एकमात्र वही हैं जिन्हें कोई पुत्र के रूप में, कोई सखा के रूप में, कोई सारथि के रूप में, कोई गुरु के रूप में तो कोई प्रेमी और यहां तक कि पति के रूप में चाहता और पूजता है और वो उस भक्त के प्रेम को उसी रूप में स्वीकार कर लेते हैं। यही कारण है कि भक्तों का जैसा तादात्म्य श्रीकृष्ण के साथ है वैसा किन्हीं अन्य देवता के साथ नहीं।

पौराणिक धर्मग्रंथों के अनुसार भगवान विष्णु ने पृथ्वी को पापियों से मुक्त करने हेतु श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लिया। उनका अवतरण देवकी और वासुदेव के पुत्र के रूप में भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में मथुरा में हुआ और एक मान्यता के मुताबिक यह दिव्य घटना 5 हजार 243 वर्ष पूर्व हुई।

जन्माष्टमी का त्योहार भारत सहित पूरे विश्व में वर्णनातीत उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन कहीं रंगों की होली होती है तो कहीं डांडिया का उत्सव, कहीं दही-हांडी फोड़ने की उमंग होती है तो कहीं भगवान कृष्ण की मोहक छवियों की झांकी। मंदिरों की रौनक इस दिन देखते ही बनती है। भगवान कृष्ण को इस दिन विशेष तौर पर सजाए गए झूले पर झुलाया जाता है और साथ ही कृष्ण रासलीलाओँ का आयोजन होता है।

शास्त्रों के अनुसार इस दिन व्रत का पालन करने से भक्त को मोक्ष की प्राप्ति होती है। यह व्रत सभी कामनाओं को पूर्ण करने वाला होता है। बताया जाता है कि इस दिन व्रत रखने से घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है, लक्ष्मी स्थिर होती है और सारे बिगड़ते काम बन जाते हैं। और हां, याद रखें कि इस दिन आपकी पूजा तभी पूर्ण होगी जब कृष्ण का नाम लेने के साथ ही आप देवकी, वासुदेव, नंद, यशोदा, राधा और लक्ष्मी का नाम भी श्रद्धापूर्वक लें। माना जाता है कि ये सभी कृष्ण के व्यक्तित्व के अनिवार्य अंग हैं और इन सबके बिना न तो उनकी पूजा पूरी होती है और न ही स्वीकार।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप  

 

 

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अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस

‘मधेपुरा अबतक’ की ओर से 12 अगस्त यानि अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। ये संयोग है कि हमारे राष्ट्रीय युवा दिवस की तिथि भी 12 ही है, लेकिन महीना जनवरी है। 12 जनवरी स्वामी विवेकानंद, जिन्हें विश्व-इतिहास में युवा-शक्ति का सबसे बड़ा प्रतीक कहा जाय तो अतिशयोक्ति नहीं होगी, का जन्मदिवस है। स्वामी विवेकानंद ने युवाओं को राष्ट्र-निर्माण की धुरी माना था और जब संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 17 दिसंबर 1999 को प्रत्येक वर्ष 12 अगस्त को अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस मनाने की घोषणा की थी, तब भी उसका उद्देश्य यही बताना था कि युवाओं के बिना कोई भी राष्ट्र अपने विकास का लक्ष्य हासिल नहीं कर सकता।

गौरतलब है कि पिछले साल मनाए गए विश्व युवा दिवस का विषय था – “लक्ष्य 2030: गरीबी उन्मूलन और सतत खपत और उत्पादन हासिल करना।” कहने की जरूरत नहीं कि 2030 तक इस लक्ष्य को तभी हासिल किया जा सकता है जब युवा इसके लिए अग्रणी भूमिका निभाएं। ये अत्यंत दुख व आश्चर्य का विषय है कि आज एक ओर हम मंगल तक पहुंच गए हैं, दूसरी ओर आज भी गरीबी और भूख भारत समेत पूरे विश्व की, खासकर तीसरी दुनिया कहे जाने वाले देशों की, सबसे बड़ी समस्या है। एक अर्थ में यह समस्या वैश्विक आतंकवाद से भी बड़ी है। भूख से लड़े और उससे जीते बिना हम आतंकवाद से क्या पड़ पाएंगे? सच तो यह है कि जिस दिन सबके पेट में रोटी बराबर पहुंचने लग जाएगी उस दिन आतंकवाद की समस्या ही मिट जाएगी।

जिस तरह स्वस्थ शरीर में स्वस्थ आत्मा का निवास होता है, उसी तरह स्वस्थ युवाओं में ही स्वस्थ राष्ट्र और विश्व का बीज पनप सकता है। चाहे स्वास्थ्य शरीर का हो, मन और मस्तिष्क का हो, विचार और संस्कार का हो, या फिर विकास के किसी भी क्षेत्र और दुनिया के किसी भी कार्य-व्यापार का हो। भारत के मौजूदा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस सत्य तो भलीभांति जानते हैं। उनका शायद ही कोई भाषण हो, जिसमें वे युवाओं का आह्वान न करते हों और देश के सर्वांगीण विकास के लिए उनकी सहभागिता को अनिवार्य न बताते हों।

‘मधेपुरा अबतक’ सभी युवाओं का आह्वान करता है और कहना चाहता है कि वे जहां हैं, जिस क्षेत्र में हैं, वहां से इस देश के निमित्त अपना योगदान दे सकते हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे खेतों में काम कर रहे हैं या विज्ञान की प्रयोगशाला में बैठे हैं, देश की सीमा की रखवाली कर रहे हैं या खेल के मैदान में पसीना बहा रहा रहे हैं, कोई साहित्य, चित्र या प्रतिमा गढ़ रहे हैं या आने वाले चुनावों में खड़े होने की तैयारी कर रहे हैं। वे जहां हैं, वहां अपना सर्वोत्तम दें।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप’

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इतिहास का स्मरण हमें ताकत देता है !

मधेपुरा में जिला से लेकर प्रखंड स्तर तक ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के 75वें वर्षगांठ को उत्साहपूर्वक मनाया गया | सबेरे प्रभात फेरी निकाली गई जिसमें स्कूली बच्चों ने जमकर भाग लिया | दिन के 10:00 बजे से स्थानीय भूपेन्द्र कला भवन में चित्रकला प्रदर्शनी का वृहत आयोजन किया गया | अपराह्न 1:00 बजे से “भारत छोड़ो आंदोलन” पर स्कूली बच्चों द्वारा व्याख्यान एवं निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई | शाम में वहीं पर विभिन्न संगीत विद्यालयों एवं स्थानीय कलाकारों द्वारा देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का एक-से-एक बेहतरीन प्रदर्शन किया जाता रहा | अंत में कार्यक्रमों में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को- डीडीसी मिथिलेश कुमार की अध्यक्षता में तैयार किये गये प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी,  एस.डी.एम.संजय कुमार निराला, बीडीओ  दिवाकर कुमार आदि द्वारा पुरस्कृत किया गया |

बता दें कि इस अवसर पर स्वच्छता अभियान के तहत जिला मुख्यालय, अनुमंडल मुख्यालय सहित प्रखंड मुख्यालय के कार्यालय परिसरों की जमकर सफाई की गई |

Educationist Dr.Bhupendra Madhepuri, SDM SANJAY KUMAR Nirala, DDC Mithilesh Kumar and Students Celebrating 75th anniversary of Quit India Movement at Bhupendra Kala Bhawan, Madhepura.
Educationist Dr.Bhupendra Madhepuri, SDM Sanjay Kumar Nirala, DDC Mithilesh Kumar and Students Celebrating 75th anniversary of Quit India Movement at Bhupendra Kala Bhawan, Madhepura.

यह भी बता दें कि मध्यान काल में अगस्त क्रांति दिवस (9 अगस्त) मनाने हेतु अनुमंडल कार्यालय परिसर में जिले के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल का आगमन हुआ- जहां पर डीडीसी, एस.डी.एम. संजय कुमार निराला, एलआरडीसी रवि शंकर शर्मा, बीडीओ  दिवाकर कुमार सहित समाजसेवी-साहित्यकार भूपेन्द्र मधेपुरी ने इस अवसर पर आयोजित विचार गोष्ठी में डीएम मो.सोहैल का स्वागत किया |

आरम्भ में डीएम, डीडीसी, एसडीएम, एलआरडीसी, बीडीओ, सहित डॉ.मधेपुरी एवं गणमान्यों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, भगत सिंह, चन्द्रशेखर आजाद, लाल बहादुर शास्त्री आदि के तस्वीरों पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि किया |

School Kids celebrating ' Bharat Chhoro Aandolan' on 9th. August at Bhupendra Kala Bhawan,Madhepura.
School Kids celebrating ‘ Bharat Chhoro Aandolan’ on 9th. August at Bhupendra Kala Bhawan, Madhepura .

जहाँ गोष्ठी को संबोधित करते हुए डायनेमिक डीएम ने जीर्ण-शीर्ण ट्रेजरी भवन को सुन्दर संग्रहालय बनाने की बात कही वहीँ डीडीसी मिथिलेश कुमार ने एसडीएम संजय कुमार निराला से उसे जिला परिषद को ट्रांसफर करने की चर्चा भी की तथा स्वच्छता के बाबत संकल्प का पाठ भी किया और लोगों ने उसे दोहराया भी |

बीच में गोष्ठी को संबोधित करते हुए समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.मधेपुरी ने अपने संबोधन में 1942 की अगस्त क्रान्ति की चर्चा करते हुए यही कहा-

“जब 8 अगस्त, 1942 की रात को बम्बई में आयोजित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सम्मेलन में ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ का प्रस्ताव पास करने के बाद ‘करो या मरो’ का नारा बुलंद किया गया, तब कुछ ही घंटे बाद नेताओं की धर-पकड़ शुरू हो गयी | वह व्यक्तिगत आंदोलन था | महात्मा गांधी ने उद्घोष किया था कि हर कोई स्वयं सेना भी है और सेनापति भी | तभी तो सरकारी आंकड़े के अनुसार 60 बार सेना को बुलाना पड़ा था ; 60000 आंदोलनकारी गिरफ्तार हुए थे और भारत में 940 लोग गोलियों के शिकार हुए थे…….. सच्चाई कई गुणा ज्यादा थी……… तत्कालीन वायसराय लिनलिथगो ने चर्चिल को लिखा भी था……. 1857 की क्रान्ति थी और यह 1942 की जनक्रांति है |”     

अंत में डायनेमिक डीएम मो.सोहैल (IAS)  ने जोरदार शब्दों में उपस्थित जनों से यही कहा- “हम सब मिलकर संकल्प लें- भ्रष्टाचार मुक्त भारत का स्वच्छ भारत का, गरीबी मुक्त भारत का, जातिमुक्त भारत का, संप्रदायवाद मुक्त भारत का……… और नए भारत के निर्माण के अपने इन संकल्पों की सिद्धि के लिए हम सब मन, वचन और कर्म से सदा जुटे रहेंगे तब तक जब तक बिहार और हमारा राष्ट्र विकसित नहीं हो जाय |”

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मधेपुरा में ब्रह्माकुमारी रंजू दीदी ने सैनिकों की कलाई पर बाँधी राखी

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की मधेपुरा सहित विभिन्न केंद्रों पर अलौकिक रक्षाबंधन कार्यक्रम का आयोजन भाई-बहन के अटूट प्रेम, श्रद्धा एवं विश्वास के पर्व के रूप में किया गया । जबकि कलियुग के इस दौर में पत्थर बनते जा रहे अधिकांश इंसानों का ‘दिल’ अब रिश्तों के लिए धड़कना छोड़ता जा रहा है….।

फिर भी….. धरती पर आज भी भाई-बहन के बीच का अलौकिक रिश्ता जिन्दा है । तभी तो ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय मधेपुरा शाखा की लोकप्रिय ब्रह्माकुमारी राजयोगिनी रंजू दीदी  ने राष्ट्र की सुरक्षा में लगे सैनिक भाइयों या फिर समाज की रक्षा करने वाले समाजसेवियों को रक्षासूत्र (राखी) बांधने के बाद यही कहा-

‘भारत की संस्कृति व मानवीय मूल्यों को प्रत्यक्ष करनेवाला, अनेक आध्यात्मिक रहस्यों को प्रकाशित करने वाला एवं भाई-बहन के वैश्विक रिश्तों को याद दिलाने वाला परमात्मा का अमूल्य उपहार है- यह रक्षाबंधन….!’  

रंजू दीदी ने इस अवसर पर सैनिकों-समाजसेवियों को रक्षा सूत्र बांधने से पूर्व यही कहा कि सर्वप्रथम बहन भाई के मस्तिष्क पर तिलक लगाती है- जो शुद्ध, शीतल एवं सुगन्धित जीवन जीने की प्रेरणा देती है ।

Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri is being tied Rakhi by Rajyogini Ranju Didi & others at Prajapita Brahmakumari Vishwavidyalaya Branch at Madhepura .
Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri is being tied Rakhi by Rajyogini Ranju Didi & others at Prajapita Brahmakumari Vishwavidyalaya Branch at Madhepura .

आगे ब्रह्माकुमारी रंजू दीदी ने यह भी कहा कि भाई को मिठाई खिलाने के पीछे यह राज भरा है कि निरन्तर मन और सम्बन्धों का मिठास मिलता रहे….!

इस अवसर पर समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा- इस बार का यह ‘रक्षाबंधन’ पावन सावन के पाँचवें सोमवार को पड़ने के कारण यह मास और यह दिन भी आशुतोष भगवान शिव को सर्वाधिक प्रिय है । साथ ही डॉ.मधेपुरी ने यह भी कहा कि देवाधिदेव महादेव शिव की प्रतिमा पर महामृत्युंजय मंत्र के साथ अर्पित किये गये ये रक्षासूत्र सैनिकों, समाजसेवियों एवं गणमान्यों की कलाइयों पर बांधती हुई ब्रह्माकुमारी रंजू दीदी अंतर्मन से सदैव यही गुनगुनाती रही-

मेरी राखी की डोर, कभी हो ना कमजोर !
भैया ! दे दो……  कलाई बहन आई  है !!

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मधेपुरा में ‘जड़ी-बूटी दिवस’ समारोह का उद्घाटन किया डॉ.मधेपुरी ने

आज 4 अगस्त है और ‘जड़ी-बूटी दिवस’ है | सुखद संयोग भी कि आयुर्वेद के महान ऋषि आचार्यश्री बालकृष्ण का जन्मदिन भी | वर्तमान समय में स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण धरती पर ईश्वरीय वरदान हैं और रोगियों के लिए भगवान हैं तथा ऋषियों में महान हैं |

बता दें कि आचार्य बालकृष्ण के जन्मदिवस पर देश भर में पतंजलि से जुड़े लाखों-करोड़ों भाई-बहन जड़ी-बूटी व छोटे-बड़े पौधों के औषधीय गुणों की चर्चा करके तथा उन्हें अपने घर-आंगन में लगा-लगाकर श्रद्धेय आचार्य जी को कोटि-कोटि शुभकामनाएं दे रहे हैं |

इस अवसर पर स्थानीय रासबिहारी उच्च विद्यालय मधेपुरा के परिसर में पतंजलि योग समिति के जिलाध्यक्ष प्रो.नन्दकिशोर एवं महिला पतंजलि प्रभारी प्रो.रीता कुमारी सहित अन्य सभी संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित जड़ी-बूटी दिवस का उद्घाटन समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने किया |

कार्यक्रम का श्रीगणेश संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलित करते हुए उद्घाटनकर्ता समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, मुख्य अतिथि प्रो.शंभूशरण भारतीय, जिलाध्यक्ष प्रो.नन्दकिशोर, महिला प्रभारी प्रो.रीता कुमारी, प्रधान डाक अध्यक्ष राजेश कुमार, दीपक कुमार, अनुमंडल प्रभारी पी.यदुवंशी, महासचिव डॉ.एन.के.निराला, पशुपति चौरासिया व अन्य ने किया |

सर्वप्रथम डॉ.मधेपुरी ने अपने उद्घाटन भाषण देते हुए यही कहा कि यदि संसार के 200 से अधिक देश जो विश्व योग दिवस के सहयोगी रहे हैं- वहाँ के सभी नर-नारी एक आँख से स्वामी रामदेव के योग और दूसरी आँख से आचार्य बालकृष्ण द्वारा बताए गये पेड़-पौधों के दिव्य औषधीय गुणों को देखने लगे तो संसार की सारी समस्याओं का समाधान संभव होने लगेगा | डॉ.मधेपुरी ने कहा कि मन की विकृतियों से उत्पन्न रोग का इलाज योग से होगा और आयुर्वेद की जीवन दायिनी जड़ी-बुटियों से शारीरिक रोगों का इलाज होगा |

अपने संबोधन में मुख्य अतिथि प्रो.शंभूशरण भारतीय ने कहा कि आचार्य बालकृष्ण से कई अवसर पर उनकी मुलाकात हुई है और उनकी कठोर साधना एवं संघर्ष द्वारा प्राप्त औषधीय ज्ञान का लाभ भी मिला है | प्रो.भारतीय भिन्न-भिन्न औषधीय पौधों की विस्तृत चर्चा से उपस्थित योग बंधुओं एवं योग दीदियों को देर तक बांधे रखा और तालियाँ भी बटोरता रहा |

अंत में डॉ.नंदकिशोर एवं डॉ.एन.के.निराला ने उद्घाटनकर्ता डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी एवं मुख्य अतिथि प्रो.शंभू शरण भारतीय को अंगवस्त्रम आदि के साथ सम्मानित किया | औषधीय पौधों के वितरण के साथ डॉ.निराला ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की |

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