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तीसरे चरण में मधेपुरा समेत पांच सीटों पर मतदान संपन्न

बिहार में लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण की पांच सीटों – मधेपुरा, सुपौल, अररिया, खगड़िया और झंझारपुर – के लिए मतदान शांतिपूर्वक संपन्न हो गया। छिटपुट घटनाओं को छोड़ इस दौरान कहीं कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। इन सीटों पर कुल मिलाकर 60 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। अलग-अलग देखें तो मधेपुरा में 59.12 प्रतिशत वोटिंग हुई, जबकि सुपौल में मतदान का प्रतिशत 62.80, अररिया में 62.34, खगड़िया में 58.83 और झंझारपुर में 56.92 रहा।

बता दें कि इन पांचों लोकसभा क्षेत्रों में 89.09 लाख से ज्यादा मतदाताओं के लिए 9,076 मतदान केन्द्र केन्द्र बनाए गए थे। सुरक्षा के दृष्टिकोण से खगड़िया लोकसभा क्षेत्र के नक्सल प्रभावित सिमरी बख्तियारपुर, अलौली एवं बेलदौर विधानसभा क्षेत्रों में मतदान चार बजे ही समाप्त हो गया था, जबकि अन्य सभी क्षेत्रों में मतदान का कार्य शाम छह बजे तक जारी रहा। इस चरण के मतदान को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। सभी मतदान केन्द्रों पर अर्धसैनिक बलों और बिहार सैन्य बल की तैनाती की गई थी और मतदान के लिए 58 हजार से ज्यादा मतदानकर्मियों को लगाया गया। हालांकि प्रारंभ में कुछ स्थानों पर ईवीएम खराब होने की सूचना मिली थी, जिसे बाद में ठीक कर लिया गया।

गौरतलब है कि इस चरण की पांच सीटों के लिए पांच महिला उम्मीदवार सहित कुल 82 उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे। मधेपुरा की चर्चित सीट के लिए जदयू के दिनेश चन्द्र यादव, राजद के शरद यादव और मौजूदा सांसद व जाप प्रमुख राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के बीच मुकाबला है। मुकाबले के त्रिकोणीय होने से जदयू को लाभ होने की बात कही जा रही है। मधेपुरा के अलावे झंझारपुर में भी त्रिकोणीय मुकाबला होने की उम्मीद है। यहां जदयू के रामप्रीत मंडल, राजद के गुलाब यादव और निर्दलीय देवेन्द्र प्रसाद यादव के बीच दिलचस्प त्रिकोण बन रहा है। बाकी तीन सीटों सुपौल, अररिया और खगड़िया में आमने-सामने की लड़ाई है। सुपौल में जदयू के दिलेश्वर कामत और कांग्रेस की रंजीत रंजन, अररिया में भाजपा के प्रदीप सिंह और राजद के सरफराज आलम तथा खगड़िया में लोजपा के महबूब अली कैसर और विकासशील इंसान पार्टी के मुकेश सहनी के बीच सीधा मुकाबला है।

चलते-चलते बता दें कि बिहार की 40 लोकसभा सीटों के लिए सभी सात चरणों में मतदान होना है। पहले चरण में 11 अप्रैल को चार तथा दूसरे चरण में 18 अप्रैल को पांच लोकसभा क्षेत्रों में मतदान संपन्न हो चुका है। मतों की गिनती 23 मई को होनी है।

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मधेपुरा ने बनाया भरपूर मतदान का मन

लोकसभा चुनाव 2019 के तीसरे चरण के मतदान के लिए बिहार के मधेपुरा, सुपौल, अररिया, खगड़िया, झंझारपुर समेत देश के अन्य क्षेत्रों में प्रचार का शोर थम गया है। सारे राजनीतिक दल प्रचार के दौरान अपने-अपने वादे कर चुके हैं। अब कल 23 अप्रैल को जनता की बारी है।

बता दें कि चुनाव में सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था के साथ-साथ निष्पक्ष, भयमुक्त एवं शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए मधेपुरा जिला प्रशासन संकल्पित है। चुनाव से संबंधित गश्ती दल, फ्लैग मार्च एवं अन्य तैयारियों को लेकर मधेपुरा डीएम नवदीप शुक्ला एवं एसपी संजय कुमार ने मधेपुरा अबतक से कहा कि मतदातागण अपने वोट का भविष्य निर्भीकतापूर्वक खुद ही तय करेंगे। भयमुक्त मतदान का संकल्प दोहराते हुए जिला प्रशासन ने कहा कि जिले के सीमाक्षेत्र के साथ-साथ सीमा से सटी नदियों में भी गश्ती दल की तैनाती की जाएगी। विशेष जानकारी के लिए हेल्पलाइन नं. 1950 जारी किया गया है।

यह भी बता दें कि जिला प्रशासन ने चुनाव आयोग के निर्देशानुसार शतप्रतिशत मतदान कराने के उद्देश्य से मधेपुरा की ‘कराटे क्वीन’ सोनी राज को जिले की इलेक्शन आइकॉन बनाया है। आज सुबह अपने दायित्व-निर्वहन के क्रम में सोनी राज मधेपुरा के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम पार्क पहुंची जहां बड़ी संख्या में शहर के स्त्री-पुरुष व बच्चे अपने-अपने खंडों के ओपन जिम में स्वास्थ्य लाभ कर रहे थे। वहीं मधेपुरा के कलाम कहे जाने वाले समाजसेवी-साहित्यकार डॉ. भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी के सहयोग से सोनी राज ने सबको एकत्रित किया और फिर उनसे अनुरोध किया कि वे कल के मतदान के लिए सबसे अपील करें।

इस मौके पर डॉ. मधेपुरी ने कलाम पार्क में आए बैंक लीड ऑफिसर एके झा, संतोष कुमार झा, प्रो. उपेन्द्र प्रसाद यादव, शब्बीर अहमद, निर्मल तिवारी सहित उपस्थित तमाम लोगों से कहा कि लोकसभा का यह चुनाव देश के रहनुमाओं का चुनाव है। उन्होंने कहा कि हमें ध्यान रहना चाहिए कि नेताओं के पास पथ छोड़ कुपथ पर जाने के हजारों रास्ते हो सकते हैं, परन्तु उन्हें सुपथ पर लाने के लिए हमारे पास बस एक ही हथियार है, और वह है हमारा वोट।

डॉ. मधेपुरी ने सभी को ‘पहले मतदान, फिर जलपान’ का संकल्प दिलाया और कहा कि इवीएम का बटन दबाते समय हम यह अवश्य सोचें कि देश किन हाथों में सुरक्षित रहेगा और उन्हें ही अपना बहुमूल्य मत दें। आप अपने आसपास के सभी मतदाताओं को साथ लेकर मतदान केन्द्र पर जाएं और मतदान में भागीदार बनकर लोकतंत्र को मजबूत बनाएं और देश की प्रगति का हिस्सा बनें।

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मधेपुरा जिले में शत-प्रतिशत मतदान कराने हेतु प्रशासनिक पहल

संपूर्ण जिले में लोकसभा चुनाव में 9579 पंजीकृत दिव्यांग मतदाताओं के लिए कुल 102 दिव्यांग बूथ बनाये गये हैं। दिव्यांग मतदाताओं को सरकारी स्तर पर हर प्रकार की सुविधा दिये जाने की व्यवस्था की गई है ताकि शत-प्रतिशत दिव्यांग मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके।

बता दें कि मधेपुरा जिले के आलमनगर विधानसभा में 22 दिव्यांग बूथ, बिहारीगंज विधानसभा में 34 दिव्यांग बूथ, सिंहेश्वर विधानसभा में 34 दिव्यांग बूथ एवं मधेपुरा विधानसभा में 12 दिव्यांग बूथ चिन्हित किये गये हैं। इन सभी चिन्हित 102 मतदान केंद्रों पर रैंप की व्यवस्था की गई है। साथ ही व्हील चेयर के अतिरिक्त पेयजल, बिजली एवं शौचालय की भी व्यवस्था की गई है।

यह भी बता दें कि इन दिव्यांग बूथों पर दिव्यांग एवं वृद्ध व लाचार मतदाताओं के सहायतार्थ स्काउट एवं एनसीसी कैडेट तैनात रहेंगे। जिला स्काउट एंड गाइड के जिला आयुक्त जयकृष्ण यादव ने कहा कि जिला प्रशासन ने स्काउट एंड एनसीसी कैडेटों के बेहतर कार्यों को देख देखकर उन्हें दिव्यांग बूथों पर तैनात करने का निर्देश दिया है। उन्होंने जानकारी दी कि दिव्यांग व वृद्ध एवं लाचार मतदाताओं की सहायता के लिए स्थानीय केशव  कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय में स्काउट एण्ड एनसीसी कैडेटों को विधिवत ट्रेनिंग देने हेतु प्रशिक्षण शिविर का भी आयोजन किया गया।

जिला आयुक्त श्री यादव ने मधेपुरा अबतक से कहा कि चुनाव के दिन यानि 23 अप्रैल को सभी प्रशिक्षित कैडेट अपने-अपने गणवेश में सभी चिन्हित बूथों पर तैनात रहेंगे। सभी को चुनाव विभाग द्वारा निर्गत परिचय-पत्र दिया जाएगा। इन प्रशिक्षित कैडेटों का काम होगा – दिव्यांगों को बूथ पर लाना ,बैठाना, पानी पिलाना…… मतदान कराकर वापस सही सलामत भूत से बाहर वाहन तक पहुंचाना। डीएम नवदीप शुक्ला (IAS) ने हेल्पलाइन नंबर 1950 जारी किया है जिसके जरिये दिव्यांग मतदाता मतदान संबंधी अन्य आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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मधेपुरा जिले के 9579 पंजीकृत दिव्यांग मतदाता वोट डालेंगे

मधेपुरा जिले के 6700 पुरुष एवं 2879 महिला यानी कुल मिलाकर 9579 दिव्यांगों की पहचान कर सूचीबद्ध किया जा चुका है। इस बाबत सभी मतदान केंद्रों पर रैंप की व्यवस्था की गई है। साथ ही व्हील चेयर के अतिरिक्त पेयजल, बिजली व शौचालय की भी व्यवस्था है।

यह भी बता दें कि नि:शक्त जनों को सहज मतदान कराने में सहयोग के लिए वालंटियर की भी प्रतिनियुक्ति की गई है। और हाँ ! 18 वर्ष से कम उम्र वाले इन वॉलिंटियर्स को प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी।

यह भी जान लें कि प्रत्येक प्रखंड में नि:शक्त मतदाताओं यानी दिव्यांगों के लिए वाहन की भी व्यवस्था की गई है जिसे मांग के अनुसार उपलब्ध कराया जाएगा। लोकसभा चुनाव 2019 में दिव्यांग जनों द्वारा सहज रूप से भागीदारी किया जा सके……. इस बाबत चुनाव आयोग के निर्देशानुसार तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चुका है।

मधेपुरा समाहरणालय के सभागार में मंगलवार को राज्य नि:शक्तता आयुक्त डॉ.शिवाजी कुमार ने निर्वाचन आयोग द्वारा दिव्यांगों को मिलने वाली सुविधाओं की तैयारी की गहन समीक्षा की। समीक्षा के दरमियान आयुक्त डॉ.कुमार ने मधेपुरा अबतक को बताया कि पहली बार ईवीएम में ब्रेल लिपि की व्यवस्था की गई है ताकि जो आँख से नहीं देख सकते हैं वैसे नेत्रहीन दिव्यांग भी वोट डाल सके। ऐसे दिव्यांग की पहचान करें जिन्हें आइकॉन बनाया जा सके।

यह भी जान ले कि वोटिंग के दौरान ग्रीन चैनल के माध्यम से उन्हें बिना पंक्ति में लगाये….. सीधा मतदान करने की विशेष सुविधा प्रदान की गई है। यह भी तय किया गया है कि पहली बार वोट डालने वाले सभी दिव्यांगों को सम्मान-पत्र प्रदान किया जाएगा।

और हाँ ! मानसिक और बौद्धिक रूप से दिव्यांगों को उनके माता-पिता या कानूनी अभिभावक के सहयोग से मतदान की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। बैठक में डीडीसी, पीजीआरओ, सिविल सर्जन, डीईओ, डीसीएलआर, डीपीआरओ रजनीश कुमार, उप-निर्वाचन पदाधिकारी पवन कुमार, डीपीओ गिरीश कुमार आदि उपस्थित थे।

चलते चलते यह भी बता दें कि वैसे दिव्यांग मतदाता जो मतदान केंद्र पर आने में असमर्थ हैं उन्हें पोस्टल बैलेट उपलब्ध कराया जाएगा, साथ ही हेल्पलाइन नंबर- 1950 के जरिये दिव्यांग मतदाता मतदान से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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मधेपुरा जिला अधिवक्ता संघ का 7वाँ द्विवार्षिक चुनाव संपन्न

मधेपुरा बार एसोसिएशन का सातवां द्विवार्षिक चुनाव सोमवार को भारी गहमागहमी के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया | कुल 21 पदों के लिए हो रहे चुनाव में कुल 37 प्रत्याशी मैदान में थे जिसमें दो प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुए यानी चुनाव में तब 19 पद के विरुद्ध कुल 35 प्रत्याशी ही मैदान में रहे |

बता दें कि कुल मतदाता 493 को 19 पदों के विरुद्ध खड़े 35 प्रत्याशियों में से चुनने हेतु 5 मतदान केंद्र बनाये गए थे जिसमें प्रत्येक बूथ पर 100 मतदाताओं द्वारा मतदान करने की व्यवस्था की गई थी | कुल 480 वोटरों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया यानी कुल 97.36% मतदाताओं ने वोट डाले | ये सारे जागरूक मतदाता सवेरे से मतदान को लेकर उत्सुक दिखे |

यह भी बता दें कि सुबह से ही सारे अधिवक्ता मतदाता संघ भवन में बनाये गये मतदान केंद्रों पर पहुंचने लगे और वोट डालने की होड़ सी लगी रही | यह भी कि जूनियर अधिवक्ता द्वारा अपने सिनियरों को मतदान करने या कराने में वरीयता का ध्यान हमेशा रखा जाता था | यूँ तो 12:00 बजे तक मतदान संपन्न होने के बावजूद अपराह्ण 3:00 बजे से मतों की गिनती शुरु हुई और देर शाम तक गिनती होती रही |

अधिवक्ता संघ के जिला निर्वाची पदाधिकारी सह वरीय अधिवक्ता अजय कुमार सहाय वर्मा ने मधेपुरा अबतक को बताया कि मतदान बिना किसी शिकायत के शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष वातावरण में संपन्न हुआ | पर्यवेक्षक राजकिशोर यादव, सोहन झा एवं विनोद कुमार सिंह की निगरानी में अध्यक्ष सचिव एवं कोषाध्यक्ष सहित 19 पदों के लिए खड़े 35 प्रत्याशियों को डाले गये मतों की गणना भी की गई | सारे कार्यों को संघ के मॉडल रूल के तहत किया गया…… चाहे वोटर लिस्ट प्रकाशन…… नाम सुधार…… पर्चा दाखिल करना या नाम वापस लेना अथवा पीठासीन/पर्यवेक्षक/गणक की नियुक्ति ही क्यों ना हो |

चलते-चलते यह भी बता दें कि इस बार भी चुनाव मैदान में अध्यक्ष पद के लिए खड़ी आर्या दास द्वारा नाम वापस लेने पर एक ही महिला उम्मीदवार सीमा कुमारी मैदान में बच गई | हालांकि अध्यक्ष चयनित हुए पुलकित यादव, प्रधान सचिव संजीव कुमार और कोषाध्यक्ष सदानंद यादव |

तीन उपाध्यक्ष चुने गये- गजेंद्र प्रसाद यादव, अशोक कुमार झा एवं शशि भूषण | संयुक्त सचिव के पद पर जिन तीन का चयन हुआ वे हैं – जय नारायण यादव, विजय कुमार और संतोष मानव | सहायक सचिव के रूप में तीन आये- रविंद्र कुमार मंडल, सीमा कुमारी एवं नवीन कुमार |

अंकेक्षक के 2 पदों पर अभिनंदन यादव और धरणीधर सिंह दोनों को निर्विरोध चुन लिया गया था और शेष कार्यकारिणी सदस्यों के नामों की घोषणा निर्वाचित पदाधिकारी द्वारा कर दी गयी |

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अब बाबा विशु के समाधि स्थल पर लगने लगा है चार दिवसीय राजकीय मेला

मधेपुरा जिले के चौसा प्रखंड मुख्यालय से 8 किलोमीटर दक्षिण लौआलगान पूर्वी पंचायत के पचरासी में लोकदेव बाबा विशु राउत का समाधि स्थल है जहां 425 वर्षों से 14-17 अप्रैल यानी चार दिवसीय मेला लगता है। जानिए कि पचरासी बहियार स्थित पशुपालकों के लोकदेव बाबा विशु की समाधि स्थल पर अब नीतीश सरकार ने कई वर्षों से 4 दिवसीय मेला को राजकीय मेला घोषित कर दिया है।

बता दें कि अब इस मेले में बिहार के कोने-कोने से आये श्रद्धालुओं के अलावा झारखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, नेपाल, भूटान आदि से भी भारी संख्या में लोग आने लगे हैं। इस मेले में प्रत्येक दिन कम से कम एक लाख पशुपालक कच्चे दूध का दुग्धाभिषेक करते हैं।

यह भी बता दें कि सर्वोच्च मेला समिति, चरवाहा कल्याण संघ और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मधेपुरा अबतक को बताया कि रविवार को अहले सुबह 2:00 बजे से ही समाधि स्थल का कपाट खोलकर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ समाधि की पूजा की गई तत्पश्चात कपाट खुलते ही हजारों भक्तों की लंबी कतार दुग्धाभिषेक करने के लिए आगे खिसकने लगी।

सर्वोच्च मेला समिति के सदस्यों के अनुसार मेला को राजकीय मेला घोषित किये जाने के बाद यहाँ की व्यवस्था दिन प्रतिदिन सुदृढ़ होती जा रही है। दूध को सुरक्षित रखकर खीर बनाकर प्रसाद वितरण की व्यवस्था की जाएगी। फिलहाल चढ़ाए गये दूध को प्रसाद के रूप में आस-पास के 25-30 गांवों के बड़े और बच्चे ले जाते हैं। फिर भी 20% दूध को बहने से कोई रोक नहीं पाता है। समाधि स्थल पर गिरती दूध की अविरल धारा से बाल्टी व टिन में दूध भर कर ले जाने वालों कि जहां दिनभर भीड़ लगी रहती है वहीं श्रद्धालुओं द्वारा दुग्धाभिषेक के साथ-साथ बताशा और गांजा भी चढ़ावे में जाते हैं। पहले दिन लगभग सवा लाख श्रधालुओं द्वारा ढाई लाख लीटर दूध से अभिषेक किया गया माना जाता है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि इस बार लोकसभा चुनाव को लेकर जारी किये गये आचार संहिता के चलते बड़े नेताओं व जनप्रतिनिधियों का आगमन नहीं हुआ। पुलिस-प्रशासन एवं स्थानीय वॉलिंटियर्स भीड़ एवं व्यवस्था को संभालने में जुटे हैं।

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मधेपुरा का दोनों चुनाव मॉडल रूल के अनुरूप होगा

मधेपुरा में आजकल सवेरे से ही दोनों चुनावों की चर्चा में गर्माहट आने लगती है। एक ओर 15 अप्रैल को होने वाले मधेपुरा अधिवक्ता संघ के चुनाव की सरगर्मी प्रातः 6:00 बजे से ही कोर्ट में परवान चढ़ने लगती है तो दूसरी ओर 23 अप्रैल को होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर प्रत्याशियों की प्रचार गाड़ियों से ध्वनि विस्तारक यंत्र द्वारा प्रस्फुटित गगनभेदी आवाज निकलने लगती है।

बता दें कि मधेपुरा लोकसभा चुनाव एवं मधेपुरा जिला अधिवक्ता संघ चुनाव को लेकर गहमागहमी तेज हो गई है। जहाँ जिला अधिवक्ता संघ के 21 पदों पर चुनाव होना है जिसके विरुद्ध कुल 37 अधिवक्ता प्रत्याशी चुनाव मैदान में खड़े हैं वहीं मधेपुरा लोकसभा क्षेत्र से एक सांसद पद के लिए चुनाव होना है जिसके निमित्त 13 प्रत्याशी चुनाव मैदान में डटे हैं।

यह भी जान लें की अधिवक्ता संघ चुनाव के निर्वाची पदाधिकारी अधिवक्ता अजय सहाय वर्मा और लोकसभा चुनाव के निर्वाचित पदाधिकारी डीएम नवदीप शुक्ला दोनों के दोनों चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने को लेकर कृत संकल्पित हैं तथा पूरी तरह कटिबद्ध हैं। कहीं से भी कोई भेदभाव या किसी प्रकार के पक्षपात की कोई संभावना नहीं है।

यह भी बता दें कि मधेपुरा अधिवक्ता संघ के निर्वाची पदाधिकारी अजय सहाय वर्मा द्वारा संघ के 493 अधिवक्ता मतदाताओं सहित 14 पीठासीन सह गणक घोषित पदाधिकारियों को जानकारी दी गई कि 15 अप्रैल को सुबह 7:00 बजे से 12:00 बजे दिन तक अधिवक्ता संघ परिसर में बनाये गये 3 मतदान केंद्रों पर मतदान किये जाने हेतु सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। मतदान के तुरंत बाद मतगणना होगी और विजयी उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी जायेगी।

चलते-चलते यह भी कि इस अधिवक्ता संघ चुनाव में सहायक निर्वाचक पदाधिकारी की भूमिका में लाल बहादुर सिंह एवं मुख्य प्रशिक्षक की भूमिका में राजेन्द्र कुमार ने सभी 14 पीठासीन सह गणक पदाधिकारियों को चुनाव व मतगणना से संबंधित नियमों व शर्तों की विशेष जानकारियाँ दे दी है।

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दिनभर प्रथम चरण की 4 सीटों पर मतदान, शाम में चैती छठ का अर्घ्यदान

जहाँ एक ओर लोकसभा चुनाव- 2019 के महासंग्राम के सात चरणों में होने वाले मतदान के प्रथम चरण का मतदान 11 अप्रैल (गुरुवार) को दिनभर बिहार की 4 सीटों- गया, नवादा, औरंगाबाद और जमुई में मिलाजुला कर शांतिपूर्वक चलता रहा वहीं लोक आस्था के महापर्व चैती छठ का अनुष्ठान सूबे बिहार में संध्या अर्घ्य के साथ संपन्न होता रहा।

बता दें कि बुद्ध और महावीर की इस पावन धरती पर इन दोनों महापर्वों का उत्साह चरम पर रहा। बिहार की इन 4 सीटों पर 2014 के लोकसभा चुनाव की तुलना में 2.27 फ़ीसदी अधिक वोट पड़े….. वह भी तब जब दिनभर सूरज की तपिश के कारण थर्मामीटर का पारा 37 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच नाचता रहा। छठ व्रतियों ने पहले लोकतंत्र के महापर्व में सम्मिलित होकर मतदान किया और बाद में लोक आस्था के छठ महापर्व में समर्पित होकर अस्ताचलगामी सूर्य को शाम में अर्घ्यदान किया।

ध्यातव्य है कि गुरुवार (11 अप्रैल 2019) को बिहार दो महान पर्वों का साक्षी बना-  (1) लोकतंत्र का महापर्व – लोकसभा चुनाव का मतदान और (2) लोक आस्था का महापर्व चैती छठ का अनुष्ठान। जमुई में तो सूर्योदय के साथ ही मतदाता बूथ की ओर जाने लगे…… दिन भर वोट पड़े…… और शाम ढलते ही मतदातागण भगवान सूर्यदेव को अर्घ्य देने घाटों की ओर निकल पड़े। जमुई में कड़ी सुरक्षा के बीच 54% वोट डाले गये। फिर भी जहाँ पिछले चुनाव की अपेक्षा जमुई शहरी क्षेत्र में मतदान का प्रतिशत कम रहा वहीँ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी चुनाव के प्रति मतदाताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।

जहाँ गया के अधिकांश शहरी बूथों पर सशस्त्र महिला बटालियन की तैनाती देखी गयी, वहीं नवादा संसदीय क्षेत्र के कई बूथों पर ईवीएम में गड़बड़ी के कारण मतदान की शुरुआत विलंब से हुई….. साथ ही यह कि औरंगाबाद के सदर प्रखंड के बेली गांव के मतदाताओं द्वारा वोट के बहिष्कार करने के बावजूद पिछली बार की तुलना में लगभग पौने दो फ़ीसदी कम वोटिंग हुई।

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राष्ट्रीय महात्योहर (चुनाव) के दौरान त्योहारों को लेकर भी बैठकें

मधेपुरा लोकसभा क्षेत्र न.-13 में भयमुक्त, निष्पक्ष तथा शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए चुनाव आयोग से भेजे गये तीन प्रेक्षकों- (1) सामान्य प्रेक्षक पुनीत गोयल (IAS) (2) पुलिस प्रेक्षक एल.भी.ए. देव कुमार (IPS) एवं व्यय प्रेक्षक रतन कुमार माथुर (IRS), ने मंगलवार को प्रत्याशियों के साथ मधेपुरा समाहरणालय सभाकक्ष में बैठक की एवं चुनाव से संबंधित जानकारियाँ उपलब्ध कराई।

बता दें कि बैठक में जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीएम नवदीप शुक्ला (IAS) व एसपी संजय कुमार (IPS) के अलावे चुनाव में खड़े प्रत्याशीगण या उनके प्रतिनिधिगण उपस्थित थे। प्रेक्षकों द्वारा प्रत्याशियों या उनके प्रतिनिधियों से उनकी समस्याएं सुनी गई तथा समाधान किया गया।

यह भी बता दें कि बैठक में प्रेक्षकों ने कहा कि प्रत्याशी किसी भी समस्या को लेकर प्रेक्षक या जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीएम से बात कर सकते हैं ताकि निदान जल्द से जल्द किया जा सके। मधेपुरा संसदीय क्षेत्र के आलमनगर विधानसभा में डीसीएलआर ललित कुमार सिंह, बिहारीगंज में एसडीएम-एसजेड हसन, मधेपुरा में एसडीएम वृंदालाल, सोनवर्षा विधानसभा में राजेंद्र दास, सहरसा में SDO शंभू नाथ झा तथा महिषी में धीरेंद्र कुमार झा को डिस्पैच व प्राप्ति प्रभारी पदाधिकारी बनाया गया है।

जहाँ एक ओर चुनाव का महासमर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करने हेतु प्रेक्षकों व प्रत्याशियों की बैठकें हो रही है वहीं दूसरी ओर रामनवमी को लेकर हरेक थानाध्यक्ष की अध्यक्षता में मंगलवार को शांति समिति की बैठक आयोजित की गई है। जहाँ रामनवमी के जुलुस के लिए लाइसेंस की अनिवार्यता को स्वीकार की गई। उपद्रवियों पर पुलिस की पैनी नजर रखने के साथ-साथ संवेदनशील जगहों एवं चौक-चौराहे पर मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस बल भी तैनात किये जाने की स्वीकृति दी गई।

चलते-चलते यह भी कि 14 से 17 अप्रैल तक लगने वाले बाबा विशु राउत राजकीय मेला पचरासी की तैयारी हेतु आयोजित बैठक मंगलवार को ही एसडीओ एसजेड हसन की अध्यक्षता में हुई जिसमें शांति बनाये रखने हेतु मेले में किसी भी राजनीतिक पार्टी का बैनर-पोस्टर लगाने की अनुमति नहीं दी गई। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की जायेगी।

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यूपीएससी की परीक्षा में कोसी अंचल का मधेपुरा जिला ‘सुपर से भी ऊपर रहा’

यूनियन पब्लिक सर्विस कमिशन की परीक्षा 2018 में इस बार कोसी के तीनों जिले मधेपुरा, सहरसा एवं सुपौल के बेटे ने अपने-अपने जिले को गौरवान्वित करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। इस बार कोसी की धरती ने प्रदेश ही नहीं देश में भी अपनी प्रतिभा की चमक बिखेर दी है।

बता दें कि जहाँ सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल (सलखुआ प्रखंड) के माठा गांव निवासी गजेन्द्र यादव व राधा देवी के पुत्र चन्द्र प्रकाश ने ऑल इंडिया में 440वाँ रैंक लाकार अपने जिले का नाम रोशन किया और सुपौल जिले के किसनपुर प्रखंड के अंदौली गाँव निवासी चन्द्र किशोर चौधरी व राम शीला देवी के पुत्र सावन कुमार ने आईएएस की परीक्षा में 89वाँ रैंक प्राप्त कर अपने जिले को गौरव प्रदान किया….. वहीं मधेपुरा जिला के पुरैनी प्रखंड मुख्यालय निवासी आनंद जैन व सुधा जैन के पुत्र नीतेश कुमार जैन ने UPSC Exam. 2018 में अखिल भारतीय स्तर पर 96वाँ रैंक लाकर मधेपुरा जिले का नाम रोशन किया है।

यह भी बता दें कि इन धरती पुत्रों ने अपनी लगन व मेहनत से कोसी की धरती को तो सर्वाधिक गौरवान्वित किया ही साथ ही अपने-अपने माता-पिता व सगे संबंधियों को भी इतनी खुशियां दे डाली कि सभी पास-पड़ोस वालों में मिठाइयां बाँटने से पहले एक-दूसरे को ही मीठाइयाँ खिलाने लगे। इन कोसी पुत्रों की सफलता से इनके गांव के लोगों में भी सर्वाधिक खुशी का माहौल है। रिजल्ट की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशियां मनाई।

मधेपुरा अबतक द्वारा इन धरती पुत्रों से चलभाष पर संपर्क किये जाने और सफलता के बाबत चर्चा करने पर उन्होंने यही कहा कि यदि इच्छाशक्ति दृढ़ हो तो कोई भी सफलता प्राप्त की जा सकती है। सबों ने यही कहा कि गुरु एवं माता-पिता के सहयोग व आशीर्वाद तथा अपनों की दुआओं व प्यार की बदौलत हमें यह सफलता प्राप्त हुई है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि सहरसा जिले के महिषी (आरापट्टी) निवासी सरोज चौधरी के पुत्र सजल ने मारुति कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर कार्य करते हुए आईएएस की तैयारी भी की और प्रथम प्रयास में ही 284 वाँ रैंक प्राप्त कर ली। उनकी सफलता पर जहाँ ग्रामीणों में हर्ष व्याप्त है वहीं बीएनएमयू के कुलपति डॉ.ए.के.राय, प्रति कुलपति डॉ.फारुख अली और पूर्व परीक्षा नियंत्रक डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी के बीच चर्चा होने लगी है कि अब जल्द ही शिक्षा पटरी पर आ जाएगी…..!

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