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मधेपुरा बनेगा बाल विवाह व दहेज मुक्त जिला- डीएम

मधेपुरा के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल ने अपने समस्त अधिकारियों-पदाधिकारियों के साथ दोनों अनुमंडलों मधेपुरा सदर एवं उदाकिशुनगंज में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में बाल विवाह व दहेज प्रथा उन्मूलन हेतु अपने-अपने अनुमंडल के सभी प्रखंड क्षेत्रों के पंचायतों के पूर्व व वर्तमान सभी प्रकार के जनप्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि दहेज प्रथा कानूनी जुर्म ही नहीं बल्कि सामाजिक बुराई भी है | मो.सोहैल ने इन कुरीतियों को समाज के लिए अभिशाप बताते हुए कहा कि महज कानून से ये दोनों खत्म होने वाला नहीं है बल्कि इसके लिए सबों को जागरुक होना सर्वाधिक जरूरी है |

बता दें कि दोनों अनुमंडलों के कार्यशालाओं को अलग-अलग संबोधित करते हुए डीएम मो.सोहैल (भा.प्र.से.) ने यही कहा कि इनसे मुक्ति पाने के लिए पंचायत प्रतिनिधिगण अपने-अपने क्षेत्रों में बालिका शिक्षा को बढ़ावा दे तथा शिक्षा पूरी होने यानि 21 वर्ष से अधिक उम्र होने के बाद ही बालिकाओं को पारिवारिक जिम्मेवारी देने की बातें बताएं |

आगे इस्लाम में भी दहेज को अपराध बताते हुए डीएम मो.सोहैल ने कार्यशाला में उपस्थित पदाधिकारियों, पंचायत जनप्रतिनिधियों एवं समाजसेवियों को आधे दर्जन से अधिक बहुमूल्य टिप्स देते हुए यही कहा-

  1. बाल विवाह व दहेज उन्मूलन को लेकर वार्ड, पंचायत, प्रखंड, अनुमंडल व जिला स्तर पर निगरानी समिति का गठन किया जायेगा |
  2. प्रत्येक स्तर पर छह सदस्यीय निगरानी समिति गठित की जायेगी |
  3. बाल विवाह और दहेज प्रथा को लेकर निगरानी समिति की सूचना पर प्रशासन त्वरित कार्यवाई करेगी ||
  4. स्कूलों में लड़के और लड़कियों के लिए क्रमशः बालसखा व बालसखी बने, जो कहीं भी जाकर लोगों को नशाबंदी, बाल विवाह व दहेज प्रथा को लेकर जागरूक करे जिसके लिए बाल सखाओं को एक सौ नम्बर अतिरिक्त मिलेगा ||
  5. जिले में शुरू किये गये “बन्धन ऐप” को मोबाइल पर डाउनलोड करने वाले को ₹100 मिलेगा |
  6. अब तक बाल विवाह व दहेज को लेकर जिले के 46,000 बच्चों ने घोषणा पत्र दिया है |
  7. केशव कन्या उच्च विद्यालय की करीब 300 छात्राओं ने शादी की उम्र कम से कम 21 वर्ष निर्धारित करने को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाया है, क्योंकि उच्च शिक्षा पूरी होने में कम से कम 21 वर्ष लग ही जाते हैं |

यह भी जानिए कि जहाँ भूपेन्द्र कला भवन मधेपुरा के कार्यशाला में उपस्थित एसपी विकास कुमार, डीडीसी मुकेश कुमार, एसडीएम संजय कुमार निराला, डीईओ उग्रेश प्रसाद मंडल सहित पंचायत प्रतिनिधि स्वदेश कुमार, मनोज साह, अरुण कुमार यादव, अनिल अनल, राज किशोर यादव आदि ने कहा कि बाल विवाह व दहेज प्रथा जैसे सामाजिक बुराइयों को सामाजिक जागृति से ही खत्म किया जा सकता है वहीं उदाकिशुनगंज के कार्यशाला में एसडीएम एसजेड हसन, कार्यपालक दण्डाधिकरी अनिल कुमार, सीआई निजामुल हक आदि पदाधिकारीगण सहित समाजसेवी जय प्रकाश सिंह, विकास चंद्र यादव आदि ने सामाजिक कुरीतियों से मुक्ति पाने के लिए सामाजिक चेतना जागृत करने की जरूरत पर बल दिया |

अंत में डीएम मो.सोहैल ने कहा कि विगत वर्ष 21 जनवरी को नशाबंदी को लेकर किये गये मानव श्रृंखला में अपने जिले को सूबे में प्रथम पंक्ति में जगह मिली थी……… इस बार प्रथम स्थान पाने के लिए हम सबों का प्रयास जारी रहेगा……!!

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 ‘मैं भी हूं नीतीश कुमार’ से गूंज उठा 1 अणे मार्ग

1 अणे मार्ग के नेक संवाद कक्ष में जेडीयू के 22 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के सातवें दिन मधेपुरा, सहरसा, सुपौल और खगड़िया से आए लगभग 1200 कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) एवं राज्यसभा में जेडीयू संसदीय दल के नेता श्री आरसीपी सिंह ने कहा कि हमारे नेता श्री नीतीश कुमार सिर्फ वोट की राजनीति नहीं करते। और अच्छे, और बेहतर बिहार के लिए दिन-रात लगे रहना उन्हें अलग पहचान देता है। श्री सिंह के अलावे राज्यसभा सदस्य श्री हरिवंश, विधानपार्षद प्रो. रामवचन राय, डॉ. अमरदीप, श्री सुनील कुमार, विधानपार्षद प्रो. रणवीर नंदन, विधानपार्षद श्री नीरज कुमार एवं डॉ. सुहेली मेहता ने भी कार्यकर्ताओं से अलग-अलग विषयों पर संवाद किया।

इस मौके पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शराबबंदी, दहेजबंदी, बालविवाह पर रोक जैसे कार्यों का उल्लेख करते हुए श्री आरसीपी सिंह ने कहा कि पार्टी के हर कार्यकर्ता को अपने नेता के इन संकल्पों को घर-घर पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चलना होगा। उन्होंने चारों जिलों से आए कार्यकर्ताओं से कहा कि श्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर 21 जनवरी 2018 को दहेजप्रथा और बालविवाह के विरोध में मानव-श्रृंखला का आह्वान किया है और इस बार पिछले रिकॉर्ड को भी तोड़ देना है।

इस अवसर पर पार्टी की विचारधारा पर बोलते हुए राज्यसभा सदस्य श्री हरिवंश ने कहा कि वर्तमान में जेपी आंदोलन के एकमात्र नैतिक चेहरा श्री नीतीश कुमार हैं। उन्होंने कहा कि जेडीयू में सामान्य आदमी भी उतने ही हिस्सेदार हैं, जितने अन्य लोग। वहीं सामाजिक सद्भाव विषय पर बोलते हुए विधानपार्षद प्रो. रामवचन राय ने कहा कि श्री नीतीश कुमार समाज के सभी समुदायों को साथ लेकर चलने में यकीन करते हैं और यही वो चीज है जो टिकाऊ विकास को सुनिश्चित करती है।

कार्यकर्ताओं के आधुनिक संचार माध्यमों से लैस होने की जरूरत पर बल देते हुए डॉ. अमरदीप ने कहा कि पार्टी इस दिशा में दिन-रात काम कर रही है और नए साल में पार्टी का अत्याधुनिक वेब पोर्टल लॉन्च हो रहा है, जिस पर अन्य सुविधाओं के साथ पार्टी की वेब मैगजीन भी उपलब्ध होगी। डॉ. अमरदीप ने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दो उद्देश्य हैं – पहला, पार्टी के विचारों और नीतियों से स्वयं को तराशना और दूसरा स्वयं में श्री नीतीश कुमार को तलाशना। बता दें कि इस अवसर पर सुनाई गई उनकी कविता ‘मैं भी हूं नीतीश कुमार’ सुनकर पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा। कार्यकर्ताओं की मांग पर उन्हें अपनी ये कविता कई बार सुनानी पड़ी। ज्यादातर कार्यकर्ता उनकी कविता नोट करते देखे गए। यहीं नहीं लोगों ने उनके साथ ‘मैं भी हूं नीतीश कुमार’ का नारा भी बुलन्द किया।

कार्यक्रम में मौजूद अन्य विशिष्ट लोगों में विधानपार्षद श्री संजय कुमार सिंह (गांधीजी), विधानपार्षद श्री ललन सर्राफ, विधायक श्री निरंजन कुमार मेहता, पूर्व मंत्री श्री करुणेश्वर सिंह, पार्टी के मुख्यालय प्रभारी व महासचिव डॉ. नवीन कुमार आर्य, श्री अनिल कुमार, पार्टी प्रवक्ता श्री राजीव रंजन प्रसाद, श्री निखिल मंडल, श्री अरविन्द निषाद, पंचायती राज प्रकोष्ठ की अध्यक्ष श्रीमती श्वेता विश्वास एवं विधि प्रकोष्ठ की प्रधान महासचिव सुश्री अंजुम आरा प्रमुख हैं। चारों जिलों के अध्यक्ष भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

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पैगम्बर मुहम्मद साहब को मधेपुरा ने खूब याद किया

इस्लाम के प्रवर्तक पैगम्बर हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलेहि वसल्लम की 1448वीं जयंती जिले के सभी संप्रदायों के अमन-चैन चाहनेवालों द्वारा हर्षोल्लास के साथ मनाई गई I पैगम्बर मुहम्मद के जन्मदिन पर शनिवार को दिनभर मधेपुरा, उदाकिशुनगंज, बिहारीगंज, आलमनगर, चौसा, पुरैनी, ग्वालपाड़ा……. भैरोपट्टी-भदौल से लेकर झंझरी-मधेली-चंदा एवं हथिऔंधा तक ना जाने कितनी जगहों पर वतन परस्त लोगों द्वारा कहीं गाजे-बाजे के साथ शोभा यात्राएं निकाली गईं तो कहीं भव्य जुलूस व वृक्षारोपण भी किया गया….. कहीं मदीना शरीफ की बनाई गई झांकियां निकाली गईं तो कहीं बच्चे-बुजुर्गों व महिलाओं के बीच मिठाइयां भी बांटी गईं…… कहीं मुहम्मद साहब की शान में कसीदे पढ़े गए तो कहीं पैगंबर के प्रतीकात्मक पैरों के निशान पर प्रार्थनाएं भी की गईं…… कहीं कलाम पेश कर खुशियां मनाई गईं तो कहीं अमन-चैन की दुआएं मांगी गईं I

इतना ही नहीं, दिन भर कहीं-कहीं नाते नबी पढ़ रहे बच्चों के बीच पैगम्बर मुहम्मद साहब के पवित्र संदेशों की जानकारियां दी गईं तो कहीं मस्जिदों में कुरान ख्वानी का आयोजन भी किया गया…… कहीं देर शाम तक महफिल-ए-मिलाद की तैयारी देखने को मिली तो कहीं हर्षोल्लास के माहौल में दिनभर नातिया कलाम की गूंज सुनाई देती रही I

यह भी जानिए कि कहीं लंबी शोभा यात्रा में शामिल दर्जनों वाहनों पर सवार लोग यही नारे लगाते दिखे- “अल्लाह-ईश्वर एक है” तो कहीं कोई बैनर लेकर आगे बढ़ रहे होते- “मानव-मानव एक है, सबका मालिक एक है….I”  हजरत मोहम्मद साहब को जानने वाले कुछ लोगों ने तो बच्चों से यही कहा- “हजरत पैगंबर का संपूर्ण जीवन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तरह इंसानियत की एक खुली किताब है I”

बता दें कि मक्का की धरती पर 570 ईस्वी में जन्मे पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब का सारा जीवन अल्लाह की इबादत और लोगों की खिदमत में ही गुजरता रहा….I तभी तो आज विभिन्न संप्रदायों के लोग उनके जन्मोत्सव पर गले मिला-मिलाकर खुशियां बांट रहे हैं तथा इस्लामिक मजहब को मानने वाले तमाम लोग पैगंबर के यौमे पैदाइश को अकीदत के साथ मनाते हैं I

इस अवसर पर जहां उदाकिशुनगंज के रामपुर खोड़ा, रहटा फनहन…… आदि जगहों के लोगों ने आपस में गले से गला मिलाकर सच्चाई का पैगाम दिया तथा हिन्दू-मुसलमानों ने पैगंबर मुहम्मद के जन्मदिन पर अजब-गजब सामाजिक सद्भाव का सर्वोत्कृष्ट नमूना पेश किया वहीं चौसा में आयोजित जलसा को संबोधित करते हुए मौलाना बदरुज्जमा सिद्दीकी, रजा अली रिजवी आदि ने कहा- “मुहम्मद साहब केवल मुसलमानों के ही पथ-प्रदर्शक नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए दयालु व रहनुमा थे I वे दया-करुणा-क्षमा सहित प्रेम-भाईचारा एवं लिंग भेद रहित समाज के निर्माता थे और थे मानवता के सम्मानकर्ता भी I उनके अनुसार इस्लाम में आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं……. इस्लाम में तो रोजा-नमाज-हज-जकात के साथ-साथ देशभक्ति को भी कर्तव्य की श्रेणी में रखा गया है लिहाजा देशभक्ति मुसलमानों की ईमान का हिस्सा है…..I” 

इसीलिए तो प्रोफेट मुहम्मद का जन्मोत्सव आज संपूर्ण संसार में मनाया जा रहा है I

स्थानीय ‘सृजन दर्पण’ द्वारा पैगम्बर साहब के जन्मोत्सव पर विचार गोष्ठी का आयोजन डॉ.ओम की अध्यक्षता में किया गया जिसमें मुख्य अतिथि डॉ.मुश्ताक मोहम्मद द्वारा पौध रोपण किया गया I उन्होंने कहा कि पैगंबर साहब का जीवन-चरित्र आने वाली पीढ़ी के लिए प्रकाश स्तंभ का काम करेगा I संस्था के सचिव रंगकर्मी विकास कुमार ने लगाए गए वृक्ष की रक्षा, सुरक्षा व संवर्धन को मुहम्मद साहब के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि कहा I

अंत में पैगम्बर मुहम्मद साहब के बाबत विचार व्यक्त करने के लिए जब समाजसेवी-साहित्यकार डॉ. भूपेन्द्र मधेपुरी से कहा गया तो डॉ. मधेपुरी ने मुहम्मद पैगंबर की अमरवाणी को यूँ उद्धृत किया- “सबसे अच्छा आदमी वह है जिससे मानवता की भलाई होती है I अल्लाह उसे सबसे अधिक चाहता है जो अल्लाह के प्राणियों की ज्यादा से ज्यादा भलाई करता है……. जो उसके प्राणियों पर दया करता है…….. उस पर अल्लाह भी दया करता है…….I”

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कुलपति डॉ.ए.के. राय ने आते-आते लगाया हैट्रिक

बी.एन.मंडल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.अवध किशोर राय ने अपने चंद महीनों के कार्यकाल में ही तीन कॉलेजों- पूर्णिया कॉलेज, एम एल कस्बा कॉलेज एवं दो दिन कबल पार्वती साइंस कॉलेज मधेपुरा को नैक (NAAC-National Assessment & Accreditation Council) से ‘B’ Grade दिलाकर हैट्रिक लगा लिया है I उक्त तीनों कॉलेजों को क्रमशः 2.44, 2.03 एवं 2.20 सीजीपीए पॉइंट मिला और जिसके फलस्वरूप इन कॉलेजों को जहां नेशनल लेवल के कॉलेज बनने का गौरव प्राप्त हुआ वहीं बी.एन.मंडल विश्वविद्यालय को इस कृत्य से सर्वाधिक सम्मान प्राप्त हुआ I

बता दें कि विगत 13-14 अक्टूबर को त्रिसदस्यीय नैक की पीयर टीम के अध्यक्ष प्रोफेसर एस.के. सिंह, समन्वयक डॉ.एम.ए.सुधीर एवं सदस्य डॉ.एस.बी.हेगारगी द्वारा पार्वती सायंस कॉलेज का निरीक्षण किया गया और लगे हाथ 27 अक्टूबर को बेंगलुरु में नैक संचालन कमेटी ने 29 वीं बैठक में कॉलेज को ‘B’ Grade देने का निर्णय भी ले लिया I

अब से पी एस कॉलेज को 5 करोड़ राशि तक की योजनाओं के लिए RUSA (राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान) से वित्तीय मदद मिल सकती है जिसमें 65% केंद्र सरकार एवं 35% राज्य सरकार का अंश होता है I ज्ञातव्य हो कि नैक से मान्यता प्राप्त होने के बाद ही ऐसे कॉलेजों को विकास राशि देने योग्य माना जाता है I

यह भी बता दें कि नैक कमिटी अपने निरीक्षण के दरमियान- शिक्षण, मूल्यांकन, स्पोर्ट्स, अभिगम, नेतृत्व क्षमता, बेहतर व्यवस्था तथा नवसृजन के लिए सौ-सौ अंकों के अतिरिक्त पाठयक्रम, शोध एवं आधारभूत संरचना के लिए डेढ़-डेढ़ सौ अंकों वाली तराजू पर कॉलेज को तौलती है- तभी तो A+, A, A-….. B+, B, B-….. आदि ग्रेड की सूची में रखकर मान्यता देती है I

पार्वती साइंस कॉलेज, कीर्तिनगर, मधेपुरा को नैक से ‘B’ Grade मिलने की जानकारी प्राप्त होते ही जहां कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ.राजीव सिन्हा ने कहा कि इसके लिए सभी शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मचारी, विद्यार्थी-अभिभावक व मधेपुरा की आमजनता बधाई के पात्र हैं वहीं कर्मठ कुलपति डॉ.ए.के.राय ने कहा कि ‘B’ Grade मिलना ना केवल मधेपुरा जिला बल्कि विश्वविद्यालय पदाधिकारियों-कर्मचारियों सहित संपूर्ण कोसी-सीमांचल क्षेत्र के लिए गर्व की बात है I कुलपति डॉ.राय ने यह भी कहा कि अब पीएस कालेज नेशनल लेवल का कॉलेज बन गया है और आगे भी पूरी तन्मयता के साथ छात्र-शिक्षक-अभिभावक सहित जनप्रतिनिधि व मीडियाकर्मी सभी मिलकर इसे संवारेंगे तो वह दिन दूर नहीं जब यह कॉलेज नैक ‘A’ Grade प्राप्त कर अपने संस्थापक कीर्ति नारायण मंडल का कीर्ति पताका लहराएगा…..!

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नशा मुक्ति दिवस पर जाग उठा जज्बाती जिला मधेपुरा !

मधेपुरा जिला मुख्यालय सहित सभी सदर प्रखंडो एवं उदाकिसुनगंज अनुमंडल के आलमनगर, चौसा, पुरैनी, बिहारीगंज, ग्वालपाड़ा व अन्य प्रखंडों में नशामुक्ति दिवस (26 नवंबर) सर्वाधिक उत्साह एवं संकल्प के साथ सवेरे से देर शाम तक यानि दिनभर संकल्पित भाव के साथ मनाया गया |

शहर के उर्दू मध्य विद्यालय, कन्या मध्य विद्यालय से लेकर टी.पी.कॉलेजिएट, SNPM, रास बिहारी, केशव कन्या उच्च माध्यमिक +2 विद्यालयों सहित अन्य सरकारी व प्राइवेट विद्यालयों- कौनवेटों के छात्र-छात्राओं द्वारा बी.एन.मंडल स्टेडियम से रंगारंग ‘नशा मुक्ति दिवस’ के बैनरों एवं नारों के साथ प्रभात फेरी निकाली गई | स्कूली बच्चों ने ‘नशा मुक्ति अभियान’ में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया तथा शहर के बी.पी.मंडल चौक, भूपेन्द्र चौक, मस्जिद चौक, थाना चौक, शिवनंदन चौक, सुभाष चौक, कर्पूरी चौक का भ्रमण करते हुए नशा के खिलाफ नारे लगा-लगाकर लोगों को जागरुक किया |

बता दें कि समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी सहित पदाधिकारियों एएसपी राजेश कुमार, एसडीएम संजय कुमार निराला, डीएसपी रहमत अली, शौकत अली, नरेश पासवान, अशोक चौधरी आदि की उपस्थिति में जिले के उच्चाधिकारी द्वय डीएम मो.सोहैल एवं एसपी विकास कुमार ने संयुक्त रुप से हरी झंडी दिखाकर स्कूली बच्चों की प्रभात फेरी को रवाना किया |

DM Md.Sohail showing green flag to the students at B.N. Mandal Stadium Madhepura.
DM Md.Sohail showing green flag to the students at B.N. Mandal Stadium Madhepura.

फिर दिन में जिला उत्पाद विभाग के अधीक्षक शैलेन्द्र मिश्रा एवं उत्पाद निरीक्षक राजू मिश्रा की देख-रेख में स्थानीय भूपेन्द्र कला भवन में ‘नशामुक्ति से संबंधित विषयों’ पर आधारित निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम-द्वितीय एवं तृतीय आये प्रतियोगियों क्रमशः निशा कुमारी- आनंद कुमार- कुशल आनंद एवं रूमा कुमारी- आनंद कुमार- मो.मौशिम जिया को डीएम मो.सोहैल एवं एसपी विकास कुमार ने पुरस्कृत किया |

यह भी जानिये कि कार्यक्रम के दौरान टीवी के जरिये जिले के वरीय पदाधिकारियों सहित शहर के गणमान्यों ने सीएम, डिप्टी सीएम एवं मुख्यसचिव आदि के सारगर्भित भाषणों को सुना और बाद में मधेपुरा के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल (भा.प्र.से.) ने अपने संबोधन में यही कहा-

‘नशामुक्ति से समाज में अमन शांति व स्थिरता कायम होने के साथ-साथ विकास का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है | नशा मुक्ति से बहुत बड़े पैमाने पर सामाजिक बदलाव हुए हैं- शराब में खर्च होने वाली राशि अब घर-परिवार संभालने में और बच्चे-बच्चियों की शिक्षा पर खर्च होने लगे हैं, जो सूबे के लिए सुखद संकेत है…….!’

इसके अलावे एसपी विकास कुमार ने जहां यह कहा कि शराबबंदी सहित अन्य नशा पर अंकुश लगने से अब रोड दुर्घटनाओं के साथ-साथ अपराधों की दर में कमी आई है वहीं एसडीएम संजय कुमार निराला ने अपने संबोधन में यही कहा कि नशामुक्त समाज बनाने में सरकार ही नहीं आम लोगों का सहयोग भी जरूरी है | इस अवसर पर डीडीसी, एएसपी, उत्पाद अधीक्षक, डीपीआरओ सहित अन्य समाजसेवियों ने भी अपने-अपने विचार रखे |

अंत में शाम 5:00 बजे से भूपेन्द्र कला भवन मंच से कला जत्था एवं स्थानीय कलाकारों सहित नवाचार रंगमंडल के अमित अंशु, सुनीत साना सहित सभी कलाकारों द्वारा ‘बदल रहा है बिहार’ पर दी गई प्रस्तुति आरंभ से समापन तक तालियाँ बटोरती रही और डीएम, एसपी सहित सभी उच्चाधिकारियों व गणमान्यों द्वारा अंत तक कलाकारों का उत्साहवर्धन किया जाता रहा |

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मधेपुरा के लिए अच्छी खबर- खुलेगा ट्रॉमा सेंटर

मधेपुरा के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल ने बताया कि मधेपुरा सदर अस्पताल में कोसी क्षेत्र का पहला ‘ट्रॉमा सेंटर’ बनाने के लिए राज्य सरकार की ओर से स्वीकृति प्रदान कर दी गई है वहीं मधेपुरा के सिविल सर्जन डॉ.गदाधर प्रसाद पांडे ने यह जानकारी दी कि ट्रॉमा सेंटर निर्माण हेतु 4 करोड़ 44 लाख 95 हज़ार 643 रुपया बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड को निर्गत कर दी गई है तथा प्रशासनिक स्वीकृति मिलते ही ट्रॉमा सेंटर निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जायेगा |

बता दें कि मधेपुरा में कोसी का पहला ट्रॉमा सेंटर निर्माण की सरकारी स्वीकृति पर खुशी जाहिर करते हुए समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा कि कोसी के लोगों के लिए वरदान साबित होगा ट्रॉमा सेंटर | डॉ.मधेपुरी ने यह भी कहा कि कोसी प्रमंडल के तीनों जिलों में ट्रॉमा सेंटर नहीं होने के कारण सड़क दुर्घटना में गंभीर रुप से जख्मी मरीजों को पटना, पूर्णियाँ या दरभंगा….. आदि जगहों के लिए रेफर किया जाता है और अधिकतर मरीजों की जान अस्पताल पहुंचने से पूर्व ही हो जाती है | यहाँ ट्रॉमा सेंटर खुलने पर गंभीर रुप से जख्मी मरीजों को भी बाहर रेफ़र नहीं करना पड़ेगा | सर्वाधिक जख्मी मरीजों की जान बचाई जा सकेगी |

यह भी जानिए कि भीषण दुर्घटनाग्रस्त तथा गोली लगने पर गंभीर रुप से जख्मी मरीजों की जान, समय पर इलाज नहीं होने के कारण चली जाती है- वह अब नहीं होगा बल्कि बेहतर इलाज अब संभब हो पायेगा क्योंकि सिविल सर्जन डॉ.पांडे ने बताया कि ट्रॉमा सेंटर में मौजूद रहेगा- सी आर्म मशीन, सीटी स्कैन, भेंटीलेटर, एक्स-रे, आईसीयू, ओटी…… सहित जनरल सर्जन, ऑर्थोपेडिक सर्जन, न्यूरो सर्जन, जनरल फिजिशियन…….. एनेस्थिसियोलॉजी……. रेडियोलोजी सहित आपातकालीन चिकित्सा से संबंधित अन्य आवश्यक सभी सुविधाऍ |

यह भी बताया गया कि राज्य के 6 जिले- रोहतास, मुजफ्फरपुर, गया, दरभंगा, पूर्णिया और मधेपुरा में ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने हेतु तकनीकी रूप से अनुमोदित प्राकुलन उपलब्ध कराये गये थे, परंतु सूबे के स्वास्थ समिति के उप सचिव आर.किशोर ने प्रस्तावित छह ट्रॉमा सेंटरों में से मात्र दो- दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं मधेपुरा सदर अस्पताल का निर्माण की स्वीकृति दी है |

चलते-चलते यह भी बता दें कि प्रशासनिक स्वीकृति मिलते ही ट्रॉमा सेंटर निर्माण कार्य निर्धारित 8 शर्तो सहित समय सीमा के अंदर पूरा कर लिया जाएगा | हाँ ! इसका निर्माण अग्नि आपदा से निपटने के लिए फायर सेफ्टी मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा | कार्य के भौतिक सत्यापन एवं गुणवत्ता की जांच रिपोर्ट के बाद ही राज्य स्वास्थ्य समिति भुगतान करने की कार्यवाई हेतु निदेश जारी करेगी |

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बीएनएमयू के वीसी डॉ.ए.के.राय ने वो किया जो किसी ने नहीं किया

बी.एन. मंडल विश्वविद्यालय के 23वें कुलपति डॉ.अवध किशोर राय द्वारा विश्वविद्यालय की रजत जयन्ती वर्ष पर…….. स्थापना काल से ही अपनी जवानी के 25 वसंतों को पतझड के हवाले करने वाले वैसे 85-86 कर्मचारियों के घर में खुशी की लहर पैदा कर दी जिसे पूर्व के कुलपतियों द्वारा नहीं किया जा सका | वर्तमान कुलपति डॉ.ए.के.राय ने जहाँ एक ओर ‘कारसेवक’ नाम से प्रसिद्धि प्राप्त इन अस्थाई कर्मियों की विधि संगत नियुक्ति कर मंडल विश्वविद्यालय के इतिहास में अपना नाम स्वर्णाक्षरों में दर्ज कराने की हिम्मत जुटाई वहीं दूसरी ओर 25 वर्षों से रिटायर्ड शिक्षकों व कर्मियों के पेंशन बकाये वेतनादि भुगतान के निमित्त 2 महीने कबल दिन-दिनभर पानी पी-पीकर एफओ, एफए आदि को बैठाकर सारी समस्याओं के निदान हेतु ‘पेंशन अदालत’ लगाते रहे और सभी दु:खी आत्माओं से शुभाशीर्वचन पाते रहे, शुभकामनाएं बटोरते रहे |

Educationist Dr.Bhupendra Madhepuri giving a Bouquet to the Hon'ble V.C. Dr.A.K.Ray for his courageous act in favour of so called "Karsewak" to get them sitted on the permanent post.....!
Educationist Dr.Bhupendra Madhepuri giving a Bouquet to the Hon’ble V.C. Dr.A.K.Ray for his courageous act in favour of so called “Karsewak” to get them sitted on the permanent post…..!

यह भी जानिए कि मंडल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.अवध किशोर राय ने पूरी तन्मयता के साथ उच्च वर्गीय लिपिक, निम्नवर्गीय लिपिक, पुस्तकालय लिपिक, कैटलागर, कंप्यूटर ऑपरेटर सहित चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों के पदों पर 86 लोगों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी करने की स्वीकृति दी | इसी के साथ स्थायीकरण हेतु धरना-प्रदर्शन, आंदोलन पर अब लगा विराम और दूर-दराज से आनेवाले छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों का अब होगा कल्याण……… कुलपति ने अपनी पहली प्राथमिकता को अमलीजामा पहनाने के बाद यही कहा-

पूरी पारदर्शिता के साथ विधि संगत ढंग से नियमानुसार चयन समिति ने अस्थाई कर्मचारियों की नियुक्ति की है | जो बच गये हैं सीट रिक्त होते ही उनकी बहाली भी कर ली जायेगी- जिसकी चर्चा संचिका में कर दी गई है |

यह भी बता दें कि जहाँ एक ओर नियुक्ति की आस में कई एक तो दुनिया से चले गये, कुछ रिटायर हो गए और इसके अलावा भी कई कर्मचारी हैं जिन्हें यह सौभाग्य नहीं प्राप्त हो सका….. वहीं दूसरी ओर इस स्थायीकरण की दौर में पिता-पुत्र और पति-पत्नी ने एक साथ ज्वाइन कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है | कुलसचिव कुमारेश प्रसाद सिंह द्वारा जारी अधिसूचना में जिन 86 कर्मियों की नियुक्ति की गयी है उनमें- दशरथ यादव व पुत्र शंभू यादव, मो.इरशाद व पिता मो.सईद तथा पति गौरीशंकर पोद्दार व पत्नी शांति देवी ने एक साथ चतुर्थवर्गीय कर्मचारी के रूप में योगदान कर विश्वविद्यालय के इतिहास में नया कीर्तिमान कायम किया है जिसकी वजह बने हैं सुलझे सोच के नेक इंसान कुलपति डॉ.ए.के.राय और इसकी जड़ में है- पूर्व में परीक्षा विभाग में कार्यरत कर्मचारी डॉ.राजेश्वर राय जिसकी कर्मठता से प्रभावित होकर तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक एवं विश्वविद्यालय के विभिन्न पदों पर कार्यरत रहे लोहिया-भूपेन्द्र-कर्पूरी के अनुयायी डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी जिन्होंने एक नहीं कई बार उनकी जयंती के अवसर पर विशेषरूप से राजेश्वर राय से यही कहते सुने गये-

गिरो उठो फिर चलना सीखो |

हक की खातिर लड़ना सीखो ||

और श्रीराय ने बहाली को लेकर कोर्ट में लंबी लड़ाई लड़ी और कभी डिगे नहीं, बल्कि सदा यही गुनगुनाते देखे जाते रहे-

भय जिसे शूल चुभ जाने का, वह फूल भला कब पाता है |

जो ज्वार देख घबड़ाता है, वह इसी पार रह जाता हैं ||

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मधेपुरा की छवि बनने लगी है देश व दुनिया में बेहतर

जहाँ एक ओर मधेपुरा के बी.एन.मंडल विश्वविद्यालय में ‘हिन्दी-उर्दू एक विरासत’ पर कुलपति डॉ.ए.के. राय के नेतृत्व में राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया जा रहा हो एवं राज्य स्तर पर संचालित ‘कौशल विकास कार्यक्रम’ में बेहतर प्रदर्शन के लिए मधेपुरा के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल (भा.प्र.से.) को सीएम नीतीश कुमार द्वारा सम्मानित किया जा रहा हो और मधेपुरा में भारत का सबसे बड़ा विदेशी निवेश वाला विद्युत रेल इंजन फैक्ट्री का निर्माण निर्धारित समय से छह माह पूर्व ही पूरा कर लिया गया हो……… तो बेशक, मधेपुरा की छवि देश में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में तेजी से बेहतर होती चली जा रही है और आगे भी होती चली जायेगी……|

जानिये कि फिलहाल मधेपुरा के ग्रीन फील्ड रेल इंजन फैक्ट्री में मात्र 70 पदाधिकारी एवं कर्मचारी कार्यरत हैं जिनके रहने के लिए कारखाना कैंपस में ही ‘ब्लॉक हॉस्टल भवन(वन)’ का उद्घाटन 1 दिन पूर्व किया गया है | कारखाने में इंजन निर्माण की गति बढ़ने के साथ ही कर्मचारी-पदाधिकारी की संख्या 500 तक पहुंच जायेगी | जहाँ तक स्थानीय लोगों के रोजगार का सवाल है तो जानिए कि कारखाना निर्माण के दौरान प्रतिदिन 1500 लोग यहाँ कार्यरत रहे हैं |

Block Hostel Building (One) ready for officers & other employees inside the campus of Green Field Electric Engine Factory Madhepura.
Block Hostel Building (One) ready for officers & other employees inside the campus of Green Field Electric Engine Factory Madhepura.

बता दें कि एल्सटॉम द्वारा अपने स्प्लायर को सप्लाई चेन बरक़रार रखने की दिशा में तेज कदम उठाने के लिए यह कहा जा रहा है कि सभी सप्लायर इसी कारखाने के आस-पास अपना-अपना कारखाना लगायें ताकि यहाँ के लोगों को और अधिक रोजगार मिलता रहे |

यह भी जानिये कि मधेपुरा का नाम इतनी तेजी से देश और दुनिया के रंगमंच पर इसलिए रोशन होने लगा है कि मधेपुरा और छपरा दोनों जगहों पर रेल कारखाना के लिए लगभग एक साथ एग्रीमेंट हुआ था | परंतु, जहाँ छपरा में रेल कारखाना आज तक आकार भी ग्रहण नहीं किया है वहीं मधेपुरा का रेल कारखाना जिला प्रशासन से सहयोग प्राप्त कर समय से 6 माह पूर्व ही तैयार हो गया तथा फरवरी 2018 के अंतिम सप्ताह में पहला इंजन बनकर तैयार होने जा रहा है- जिसे राष्ट्र को समर्पित करने के लिए ‘मेक इन इंडिया’ के स्वप्नदृष्टा पीएम नरेन्द्र मोदी के आगमन का इंतजार है |

Honourable Member of Railway Board Mr.Ghanshyam Singh and The Authority of Alstom Company Mr.B.Salhotra jointly inaugurating Block Hostel Building (One) along with DRM Mr.R.K.Jain, Senior DEN Mr.Sanjay Kumar , D.O.M. Mr.Parmodh Kumar D.S.T.E. Saurabh Kumar, T.E. Mr.Kunwar Jha, P.W.I. Mr.Sunil Kumar & others in the campus of Rail Engine Factory at Madhepura.
Honourable Member of Railway Board Mr.Ghanshyam Singh and The Authority of Alstom Company Mr.B.Salhotra jointly inaugurating Block Hostel Building (One) along with DRM Mr.R.K.Jain, Senior DEN Mr.Sanjay Kumar , D.O.M. Mr.Parmodh Kumar D.S.T.E. Saurabh Kumar, T.E. Mr.Kunwar Jha, P.W.I. Mr.Sunil Kumar & others in the campus of Rail Engine Factory at Madhepura.

चलते-चलते बता दें कि पीएम नरेन्द्र मोदी द्वारा उद्घाटन करने हेतु मधेपुरा आगमन से पूर्व सारी तैयारियां पूरी करने के लिए पदाधिकारियों की एक टीम 2 दिन  कबल यहां पधार चुकी है जिनमें रेलवे (ट्रैक्शन) बोर्ड के सदस्य श्री घनश्याम सिंह और एल्सटॉम कंपनी के अधिकारी श्री भारत सल्होत्रा ने कारखाने के अंदर स्थापित ‘पावर ग्रिड’ एवं ‘हॉस्टल ब्लॉक भवन(वन)’ का उद्घाटन भी किया | दोनों अधिकारियों ने कार्य की प्रगति पर संतोष जताते हुए निम्नांकित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर निर्देश भी दिये- पहला यह कि मानसी-सहरसा-मधेपुरा-पूर्णिया रेल लाइन विद्युतीकरण में तेजी लायें और दूसरा यही कि देश का सर्वश्रेष्ठ हाई स्पीड लोकोमोटिव इलेक्ट्रिक इंजन निर्धारित समय से पूर्व बना लेने का लक्ष्य तय करें- क्योंकि मधेपुरा का विद्युत रेल इंजन कारखाना भारत का सबसे बड़ा विदेशी निवेश है |

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बीएनएमयू में हिन्दी-उर्दू एक विरासत पर हुआ राष्ट्रीय सेमिनार

मधेपुरा के बी.एन. मंडल विश्वविद्यालय स्नातकोत्तर उर्दू विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार के ‘हिन्दी-उर्दू एक विरासत’ विषय का उद्घाटन करते हुए माननीय कुलपति डॉ.अवध किशोर राय ने कहा कि हमारी सभी भाषाएं साझी संस्कृति का वाहक है तथा भारत की साझी संस्कृति अत्यन्त प्राचीन और समृद्ध है | सभी भाषाएं सगी बहनें जैसी हैं और एक दूसरे की पूरक भी हैं | डॉ.राय ने अपने संबोधन में बड़ी ही पवित्र बातें कहीं, वह यह कि जैसे कई नदियाँ मिलकर गंगा को समृद्ध करती हैं, वैसे ही सभी भारतीय भाषाएं मिलकर हिन्दी को समृद्ध करती हैं | उन्हें एक-दूसरे से अलग नहीं किया जा सकता है | सभी मिलकर हिन्दी को पूर्ण बनाती है, सभी भाषाएं हमारी साझी विरासत है | किसी भी भाषा का किसी से कोई बैर नहीं है बल्कि हरेक के बीच सुमधुर समन्वय है |

Vice-Chancellor Dr.AK Ray inaugurating seminar along with other officers at B.N. Mandal Auditorium Madhepura.
Vice-Chancellor Dr.A.K. Ray inaugurating Seminar along with other officers at B.N. Mandal Auditorium Madhepura.

इस अवसर पर प्रतिकुलपति डॉ.फारुख अली ने कहा कि आजादी की लड़ाई में हिन्दी और उर्दू दोनों ने कंधे से कंधा मिलाकर काम किया | उन्होंने कहा कि हिन्दी और उर्दू जहाँ एक ओर भारत माता की दो खूबसूरत आंखें हैं वहीं दूसरी ओर सभी भाषाओं के चेहरे भले ही अलग-अलग हों लेकिन दिल एक है | मुख्य अतिथि मो.अली जौहर ने उर्दू को उपेक्षित बताते हुए सम्मान दिलाने की चर्चा की |

ज्ञातव्य हो कि वहीं बिहार सरकार उर्दू निदेशालय की ओर से जिले में उर्दू को बढ़ावा देने के लिए विविध प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है | सभी प्रारंभिक विद्यालयों का नाम हिन्दी एवं उर्दू में लिखने का आदेश सभी प्रधानों एवं पदाधिकारियों को दिया जा रहा है |

बता दें कि इस आयोजन की अध्यक्षता डॉ.फसीह उद्दीन अहमद ने की और कार्यक्रम का संचालन विश्वविद्यालय ऑडिटोरियम में डॉ.अबुल फजल द्वारा शानदार तरीके से संपन्न किया गया | भारी संख्या में छात्र-शिक्षक एवं बुद्धिजीवियों की उपस्थिति अन्त तक बनी रही |

यह भी जानिये कि सेमिनार के दूसरे दिन विश्वविद्यालय के पी.जी. उर्दू विभाग एवं बिहार उर्दू अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में तकनीकी सत्र के दरमियान अध्यक्षता करते हुए डॉ.एहसान ने जहाँ कहा कि उर्दू का भविष्य उज्जवल है, वहीं जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली के डॉ.सैफुल्लाह सैफी ने कहा कि उर्दू सद्भावना की भाषा है |
सेमिनार में डॉ.प्रज्ञा प्रसाद, डॉ.अबुल फजल, सहनवाज आलम, मो.अशरफ, साहिल कौशर डॉ.के.सुल्ताना आदि ने अपने-अपने विचार व्यक्त किये |

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कोसी की बेटी कोमल चली…… कलाम की राह

कुछ करने का संकल्प और अंतर्मन में आत्मविश्वास- ये दोनों जीवन में अद्भुत चमत्कार ला सकता है | जैसा कि भारती-मंडन की ज्ञान भूमि महिषी की बेटी कोमल ने एक बार फिर खुद को प्रमाणित कर दिखा दिया | भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) में बतौर वैज्ञानिक बनकर कोमल ने डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के ‘समृद्ध विचार’ को पंख लगाने में अद्भुत सफलता पाई है-

भारत के कई कोटि युवजनों को कभी छोटा या

असहाय महसूस नहीं करना चाहिए | हम सब अपने

भीतर दैवीय शक्ति लेकर जन्मे हैं | हम सबके

भीतर ईश्वर का तेज छिपा है | हमारी कोशिश

हो इस तेजपुंज को पंख देते रहने की, जिससे यह

चारों ओर अच्छाइयों का प्रकाश फैला सके…!

बता दें कि मंडन-भारती की ज्ञानभूमि महिषी से लेकर सुबे बिहार के गौरव में चार चांद लगाने वाली कोमल इसरो केंद्रीयकृत भर्ती बोर्ड द्वारा आयोजित वैज्ञानिक CS अभियंता की वार्षिक परीक्षा में हाल ही में शामिल हुई | सम्मिलित होने वाले लगभग 50 हजार परीक्षार्थियों को कठिन जांच परीक्षण की दौर से गुजरना पड़ा | 13वें नंबर पर अंतिम रुप से मुहर लगवा ली |

यह भी जानिये कि बतौर वैज्ञानिक इसरो में कोमल को इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्युनिकेशन सेक्शन मिला है जहाँ बनने वाले सेटेलाइट एंड रॉकेट के निर्माण में कोमल भी कलाम की तरह ही अपना योगदान देती रहेगी | कोमल निरंतर एक से बढ़कर एक परिणाम लाती रहेगी और माताश्री पूनम को पूनम की चाँद बनकर तथा पिताश्री मनोरंजन को नई-नई उपलब्धियों के साथ भरपूर मनोरंजन करती रहेगी | तभी तो दिल्ली आईआईटी से एमटेक कर रही कोमल कहती है कि ISRO राष्ट्रसेवा करने का बहुत बड़ा जरिया है | इससे जुड़ना ही अपने आप में गौरव की बात है |

जहाँ एक ओर देवघर में सरकारी कार्यालयों में कार्यरत कोमल के माता-पिता अपनी बेटी की सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए इसे बाबा वैद्नाथ बासुकीनाथ का आशीर्वाद एवं कोमल के गहरे अध्ययन व लगन का फल मानते हैं वहीं सहरसा आर.झा महिला कॉलेज की डॉ.रेणु सिंह, आर.एम.कॉलेज के समाजशास्त्री डॉ.विनय कुमार चौधरी, सुपौल के बुद्धिजीवी विश्वकर्मा जी एवं मधेपुरा के डॉ.कलाम कहे जानेवाले डॉ.मधेपुरी ने कोमल की इस कामयाबी को राष्ट्रीय स्तर पर कोसी कमिश्नरी को पहचान दिलाने की संज्ञा दी है |

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