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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर योगमय हुआ मधेपुरा

जहाँ तीसरे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर एक ओर बी.एन.मंडल स्टेडियम मधेपुरा में समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी के साथ-साथ जिला परिषद अध्यक्षा मंजू देवी, पूर्व प्राचार्य डॉ.सुरेश प्रसाद यादव, पूर्व मुखिया जनार्दन प्रसाद यादव, शिक्षक परमेश्वरी प्रसाद यादव, प्रधान डाकपाल राजेश कुमार, योगाचार्य असंग स्वरूप, डॉ.एन.के.निराला, आदित्य, अनुमंडल प्रभारी यदुवंशी, जिलाध्यक्ष डॉ.नंदकिशोर सहित महामंत्री डॉ.देव प्रकाश आदि ने संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया वहीं दूसरी ओर बीएनएमयू के नये कुलपति डॉ.ए.के.राय ने प्रतिकुलपति डॉ.फारुख अली, प्राचार्य डॉ.अशोक कुमार, कर्नल दिनेश तनवर, योगगुरु द्वय राजेश कुमार व डॉ.एन.के.निराला आदि के साथ नैक प्राप्त मधेपुरा कॉलेज मधेपुरा द्वारा आयोजित विशेष योग शिविर का उद्घाटन करते हुए यही घोषणा की-

अब विश्वविद्यालय के सभी कॉलेजों में होगी योग की नियमित कक्षा, क्योंकि योग अब लोगों के जीवन का अहम हिस्सा बन गया है | प्राचीन परंपरा का यह अनमोल उपहार स्वस्थ एवं दीर्घायु रहने के लिए आवश्यक है…….|

From L to R Zila Parishad Adhyaksha Smt.Manju Devi , Aditya , Dr.Bhupendra Madhepuri , Dr.Arun Kumar , Dr.Suresh Pd Yadav and Uttam Prasad Yadav etc attending 3rd International Yoga Shivir at BN Mandal Stadium Madhepura
(From L to R)- Zila Parishad Adhyaksha Smt.Manju Devi , Aditya , Dr.Bhupendra Madhepuri , Dr.Arun Kumar , Dr.Suresh Pd Yadav and Uttam Prasad Yadav etc attending 3rd International Yoga Shivir at BN Mandal Stadium Madhepura

बता दें कि टी.पी.कॉलेज, पार्वती सायंस कॉलेज, केशव कन्या उच्च विद्यालय, एसएनपीएम स्कूल मधेपुरा, रासबिहारी उच्च विद्यालय, बीएल हाई स्कूल मुरलीगंज सहित केपी कॉलेज आदि अनेक शिक्षण संस्थाओं के छात्र व शिक्षकों के साथ-साथ एनसीसी कैडेटों ने भी इस अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रमों में जमकर हिस्सा लिया | सबों ने यही कहा कि स्वस्थ रहने के लिए योग से अच्छा कुछ भी नहीं |

जिले के चौसा, आलम नगर, धैलाढ, शंकरपुर, सिंहेश्वर सहित प्रायः सभी प्रखंडों में बच्चे, बूढ़े और नौजवान के साथ-साथ महिलाएं भी  सवेरे-सवेरे अद्भुत उत्साह के साथ बाबा रामदेव की जयकारा लगाते हुए आजू-बाजू के मैदान की ओर जाते नजर आने लगी | बिहारीगंज के एक योग शिविर का उद्घाटन कर पूर्व मंत्री डॉ.रेणु कुमारी कुशवाहा स्वयं अनुलोम-विलोम करती हुई नजर आई | चारों ओर योग ऋषि बाबा रामदेव की अमृतवाणी- सुखमय जीवन बनाने को नियमित करे योग– दिनभर गूंजती रही |

Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri inaugurating Yoga & Ayurveda Seminar at BN Mandal Stadium Hall along with Ayurvedacharya KD Sharma , JP Yadav , Dr.NK Nirala , SP Yadav , Roopam Kumar and Dr.Nand Kishor.
Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri inaugurating Yoga & Ayurveda Seminar at BN Mandal Stadium Hall along with Ayurvedacharya KD Sharma , JP Yadav , Dr.NK Nirala , SP Yadav , Roopam Kumari and Dr.Nand Kishor.

दूसरे सत्र में अपराह्न 3:00 बजे से बीएन मंडल स्टेडियम हाल में पतंजलि योग समिति द्वारा ‘योग एवं आयुर्वेद’ पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया था | जिसका उद्घाटन समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने किया | अपने संबोधन में डॉ.मधेपुरी ने कहा –

हम योग करके अपने अतीत को याद करते हैं, अपनी संस्कृति को सम्मान देते हैं और अपनी विरासत का अभिनंदन करते हैं, बन्दन करते हैं…….. हम योग से शरीर और मन दोनों को स्वस्थ करते हैं |                       

मौके पर आयुर्वेदाचार्य के.डी.शर्मा ने आयुर्वेद के रहस्य पर विस्तार से चर्चा की | उन्होंने तालियां बजवाकर रोग से मुक्ति पाने के उपायों की विस्तृत चर्चा की और देर तक आयुर्वेद से रोग के इलाज के बारे में लोगों को बताया | प्रभावित होकर प्राय: लोग उनका फोन नंबर नोट करते देखे गये |

यह भी बता दें कि शंभूशरण भारतीय ने अपने संक्षिप्त संबोधन में यही कहा कि योग एवं शारीरिक संरचना में आयुर्वेद का महत्वपूर्ण स्थान है | उन्होंने कहा कि ऐसी कई बीमारियां हैं जिसका इलाज योग एवं आयुर्वेद द्वारा ही संभव है |

Ruby Kumari , Yoga Shikshika from Yoga Center Ram-Janki Thakurbari , Lakshmipur Mohalla , receiving the certificate of excellence from Udghatankarta Dr.Madhepuri in the Seminar organised by Patanjali Zila Yoga Samiti Madhepura
Ruby Kumari , Yoga Shikshika from Yoga Center Ram-Janki Thakurbari , Lakshmipur Mohalla , receiving the certificate of excellence from Udghatankarta Dr.Madhepuri in the Seminar organised by Patanjali Zila Yoga Samiti Madhepura

इस अवसर पर महिला योग प्रकोष्ठ के जिला प्रभारी प्रो.रीता कुमारी, संरक्षक सुरेश प्रसाद यादव, भारत स्वाभिमान के सह जिला प्रभारी डॉ.एन.के. निराला, सहायक प्रभारी पशुपति चौरसिया,  पृथ्वीराज यदुवंशी, किसान सेवा समिति के सुभाष चंद्र, महामंत्री रुपम कुमारी सहित अध्यक्ष नंदकिशोर ने उद्गार व्यक्त करते हुए यही कहा कि अब दुनिया आयुर्वेद के महत्व को पूरी तरह मान ली है |

कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु अंत तक मौजूद रहे- मधेपुरा व्यापार संघ के अध्यक्ष योगेंद्र प्राणसुखका, खुशी प्राणसुखका, पूर्व मुखिया जनार्दन प्रसाद यादव, कुमारी रंजू दीदी, रेखा गांगुली, चंद्रभूषण, रितेश कुमार, गायत्री कुमारी, रुबी कुमारी, साधना कुमारी, कुमारी ललिता |

आरम्भ में पानी का फुहार अपना काम किया लेकिन बाबा रामदेव व बालकृष्ण के योगियों को संकल्प से डिगा नहीं पाया | प्रसाद के रूप में ढेर सारी सामग्रियां बांटी गई | स्वच्छ जल की भरपूर व्यवस्था देखी गई | बिलंब के लिए टेंट वाले की निष्क्रियता कारण बनी जिसे भविष्य के लिए याद किया जाना ही चाहिए………|

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मदर्स डे का पूरक है फादर्स डे

पिता यानि हमारे सर्जक, हमारे निर्माता, हमारे ब्रह्मा… जिनकी ऊंगलियों के इशारे से हमारी दुनिया आकार लेती है, जिनके दिए संस्कार से हमारे विचार व्यवहार में ढलते हैं, जिनकी तपस्या से हम सम्पूर्ण मनुष्य बनते हैं… और दुनिया का क्रम चलता रहता है। जिस तरह मां के लिए कहा जाता है कि ईश्वर स्वयं हर जगह नहीं हो सकते, इसीलिए उन्होंने मां को बनाया, उसी तरह पिता के लिए कहना गलत न होगा कि मां के रूप में हर जगह होकर भी ईश्वर के लिए संसार चलाना संभव न था, इसीलिए उन्होंने अपनी पूर्णता के लिए अपनी ही असंख्य प्रतिकृतियां बनाईं और उन्हें पिता का नाम दे दिया। इन्हीं पिता को समर्पित दिन है – फादर्स डे। संतान के लिए पिता के अवदान के प्रति, उनके प्रेम, संघर्ष और त्याग के प्रति श्रद्धा से सिर झुकाने का दिन। दूसरे शब्दों में मदर्स डे का पूरक दिन।

फादर्स डे की मूल परिकल्पना अमेरिका की है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक फादर्स डे सर्वप्रथम 19 जून 1909 को मनाया गया था। वाशिंगटन के स्पोकेन शहर में सोनोरा डॉड ने अपने पिता की स्मृति में इस दिन की शुरुआत की थी। इसकी प्रेरणा उन्हें मदर्स डे से मिली थी।

आगे चलकर 1916 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति वुडरो विल्सन ने इस दिन को मनाने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी। धीरे-धीरे इस दिन को मनाने का चलन बढ़ता गया और 1924 में राष्ट्रपति कैल्विन कुलिज ने इसे राष्ट्रीय आयोजन घोषित किया। इसके उपरान्त 1966 में राष्ट्रपति लिंडन जॉनसन ने इसे जून के तीसरे रविवार को मनाने का फैसला किया और 1972 में राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने इस दिन को नियमित अवकाश के रूप में घोषित किया।

माता-पिता इस धरती के साक्षात ईश्वर हैं। उन्हें सम्मान हम चाहे जिस बहाने से दें वो गलत नहीं, लेकिन अगर सम्मान केवल दिनविशेष में सिमट कर रह जाए तो ये अनैतिकता की पराकाष्ठा होगी। पर आज हो कुछ ऐसा ही रहा है। समय बीतने के साथ मदर्स डे और फादर्स डे का व्यवसायीकरण होता गया। ग्रीटिंग कार्ड और उपहार तो हमें याद रहे लेकिन इन दिनों के सार, संदर्भ और संदेश को हम भुला बैठे। आज दुनिया के लगभग हर हिस्से में ये दिन मनाए जाते हैं और विरोधाभास देखिए कि दुनिया के हर हिस्से में ओल्ड एज होम भी बढ़ रहे हैं। आज हमारे पास अपने माता-पिता के लिए वक्त नहीं, लेकिन फेसबुक और व्हाट्स एप पर ये जताने में हम सबसे आगे होते हैं कि हम उन्हें कितना चाहते हैं, हमें उनकी कितनी फिक्र है और वो हमारे लिए क्या मायने रखते हैं। आईये, इस विरोधाभास को दूर करें। माता-पिता के लिए अपने सम्मान को केवल औपचारिकता न बन जानें दें।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

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ग्रीष्मावकाश के बाद कुलपति करेंगे सभी कॉलेजों का निरीक्षण

बी.एन.मंडल विश्वविद्यालय के नये कुलपति प्रो. डॉ.अवध किशोर राय ने कहा कि गर्मी छुट्टी के बाद सभी कॉलेजों का जायजा लिया जायेगा | डॉ.राय ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आखिर बिहार में ही सत्र क्यों लेट होता है अन्य राज्यों में ऐसा नहीं होता है  |

बता दें कि कुलपति ने निरीक्षण के दौरान टीपी कॉलेज के बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (BCA) क्लास का भी जायजा लिया | इस दौरान कुलपति ने लैब को अत्याधुनिक तरीके से सुसज्जित करने की बातें कही |

यह भी जानिए कि कुलपति डॉ.ए.के. राय ने प्राचार्य डॉ.एच.एल.एस.जौहरी को इन बिंदुओं पर जल्द कार्य करने हेतु निर्देशित करते हुए यही कहा- (1) कॉलेज में बायोमेट्रिक मशीन शीघ्र लगवाएं (2) छात्रों को ऑनलाइन नामांकन की सुविधा मुहैया कराएं (3) कॉलेज में वाई-फाई की सेवा जल्द शुरू कराएं तथा (4) लाइब्रेरी का ऑटोमेशन कराएं |

साथ ही नये माहौल से सही जानकारियां हासिल कर कुलपति ने क्या खूब बयाँ किया- पिछड़ा इलाका होते हुए भी यहां के बच्चे प्रतिभावान हैं- आईआईटी और आईएएस भी करते हैं | प्रतिभाओं की कमी नहीं; बस उसे निखारने की जरूरत है- छात्रों द्वारा नियमित क्लास आने की और शिक्षकों द्वारा मनोयोग से अंतिम घंटी तक पढ़ाने की विस्तृत चर्चाएं उन्होंने की |

यह भी बता दें कि सीसीडीसी सह डीएसडब्ल्यू डॉ.अनिल कांत मिश्रा को साथ लेकर निरीक्षण के क्रम में कुलपति डॉ.राय द्वारा शिक्षण संस्थाओं के सूनेपन पर अफसोस जाहिर करते हुए यही कहा गया- कॉलेज के शिक्षकों का वेतन डीएम से कम नहीं होता है……… कमिश्नर रैंक का वेतन शिक्षकों को मिल रहा है……… जबकि जिले के विकास के लिए डीएम चौबीसों घंटे चौकन्ना रहते हैं, सजग रहते हैं और ऑन ड्यूटी रहते हैं; वहीं शिक्षकों का दायित्व सिर्फ छात्रों को पढ़ाना है…… उनके दायित्व-निर्वहन के प्रयास से ही शैक्षणिक विकास संभव है |

गिरती हुई शिक्षा व्यवस्था पर बार-बार अफसोस जाहिर करते हुए कुलपति डॉ.ए.के. राय द्वारा यह कहा जाना कि शिक्षक हर हाल में 5 घंटे समय कॉलेज में दें , कॉलेज में उपस्थित रहें……. इतना हैंडसम सैलरी ले रहे हैं तो क्या कॉलेज में उपस्थित रहना भी शिक्षकों का कर्तव्य नहीं है | उन्होंने कहा कि शिक्षा को पटरी पर लाना और सत्र को नियमित करना सबकी जिम्मेदारी है |

टी.पी.कॉलेज के विभागाध्यक्षों की बैठक में इन तमाम बातों की चर्चा एवं दिशा- निर्देश देते हुए कुलपति ने उपस्थित विभागाध्यक्षों सहित डॉ.कपिल देव प्रसाद, डॉ.एमके अरिमर्दन, डॉ.उदय कृष्ण, डॉ.शिवनंदन कुमार, डॉ.दिनेश यादव, डॉ.आर.पी.राजेश एवं अन्य कॉलेज कर्मियों की उपस्थिति में प्रधानाचार्य डॉ.एच.एल.एस. जौहरी से कहा कि नैक की मान्यता से ही मिलेगी कॉलेज को पहचान……..|

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बिहार मॉडल अपना कर चीन से आगे बढ़ेगा भारत : नीतीश

कई सौगातों के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज सुपौल में हैं। यहां कोसी क्लब स्थित सभा स्थल से उन्होंने रिमोट द्वारा 44 योजनाओं का उद्घाटन एवं 88 नई योजनाओं का शिलान्यास किया। इसके उपरान्त विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार का विकास मॉडल पूरे देश में अपनाया जाना चाहिए। बिहार मॉडल अपनाने से देश चीन से भी आगे बढ़ेगा।

शराबबंदी की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम समाज बदलने के संकल्प के साथ काम करते हैं। शराबबंदी पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा और साथ ही शराबबंदी के बाद ऐसा ही सशक्त अभियान चलाकर समाज से बालविवाह और दहेजप्रथा को भी खत्म किया जाएगा।

कार्यक्रम में मौजूद बिहार सरकार के मंत्री जय कुमार सिंह ने सही ही कहा कि मुख्यमंत्री अभी सोशल रिफॉर्मर की भूमिका में हैं। वहीं, मंत्री अब्दुल गफूर ने कहा कि मुख्यमंत्री के विजन पर तेजी से काम हो रहा है और राज्य में विकास की कई योजनाएं चल रही हैं। कार्यक्रम में उपस्थित बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री ने आज जिन योजनाओं का उद्घाटन किया है वे मील का पत्थर साबित होंगी। जबकि जलसंसाधन मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने कहा कि बाढ़ के पूर्वानुमान का मुख्य कार्यालय कौशिकी भवन में बनाया जाएगा। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने आज ही वीरपुर में 54 करोड़ की लागत से नवनिर्मित कौशिकी भवन का उद्घाटन किया है।

बता दें कि उपरोक्त कार्यक्रम की अध्यक्षता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने की, जबकि मुख्य अतिथि थे बिजेन्द्र प्रसाद यादव। वहीं विशिष्ट अतिथि थे बिहार विधान परिषद के कार्यकारी सभापति मो. हारुन एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री डॉ. अब्दुल गफूर। कार्यक्रम में आमंत्रित अन्य महत्वपूर्ण लोगों में सुपौल की सांसद रंजीत रंजन, छातापुर के विधायक नीरज कुमार सिंह, पिपरा के विधायक यदुवंश कुमार यादव, निर्मली के विधायक अनिरुद्ध प्रसाद यादव, त्रिवेणीगंज की विधायक वीणा भारती तथा सदस्य विधान परिषद नूतन सिंह, संजीव कुमार सिंह एवं डॉ. एनके यादव सहित कई गणमान्य जनप्रतिनिधि शामिल हैं। इनमें से अधिकांश की उपस्थिति कार्यक्रम में देखी गई। विभिन्न महकमों के तमाम वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी तो थी ही।

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राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान होगा 17 जुलाई को !

भारतीय गणतंत्र के राष्ट्रपति-चुनाव हेतु चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने निर्वाचन कार्यक्रमों का एलान करते हुए आज 14 जून को नोटिफिकेशन जारी कर दिया है |

बता दें कि नोटिफिकेशन में नसीम जैदी ने घोषणा की कि नामांकन की अंतिम तारीख 28 जून होगी और स्क्रूटनी 29 जून को | नाम वापसी की अंतिम तिथि 01 जुलाई तय की गयी है | जुलाई महीने के 17 तारीख को पूरे देश के 32 मतदान केंद्रों पर 4120 विधायकों एवं 776 सांसदों द्वारा वोट डाले जायेंगे तथा मतों की गिनती 20 जुलाई को राजधानी दिल्ली में होगी | विजयी घोषित प्रत्याशी को उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति द्वारा पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई जायेगी- 25 जुलाई को क्योंकि महामहिम राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो रहा है |

यह भी बता दें कि मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने उद्घोषणा की कि राजनीतिक दल अपने विधायकों एवं सांसदों को राष्ट्रपति चुनाव के बाबत व्हिप जारी नहीं कर सकता है | मतदान 29 राज्यों के विधानसभाओं, दो केंद्र शासित राज्यों (पांडिचेरी और दिल्ली) एवं एक संसद भवन यानि कुल 32 मतदान केंद्रों पर होगा- जहाँ सीक्रेट बैलेट एवं चुनाव के लिए खास निर्वाचक पेन का इस्तेमाल किया जायेगा अन्यथा वैसे वोट को अवैध माना जायेगा |

माननीय विधायकगण एवं लोकसभा-राज्यसभा के सांसदगण याद कर लेंगे कि आयोग द्वारा 17 जुलाई को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक ही वोट डालने का समय निर्धारित किया गया है | साथ ही यह भी कि कोई भी विधायक जरूरत पड़ने पर संसद भवन के मतदान केंद्र पर या संसद सदस्य किसी भी राज्य के विधानसभा परिसर स्थित मतदान केंद्र पर अपना वोट डाल सकेंगे बशर्ते उन्हें चुनाव आयोग को 10 दिन पहले इस बाबत सूचित करना होगा |

ध्यातव्य है कि राष्ट्रपति पद के लिए खड़े होने वाले प्रत्येक प्रत्याशी को 50 प्रस्तावको एवं 50 अनुमोदकों के हस्ताक्षर युक्त नामांकन पत्र जमा करने होंगे | कोई भी प्रस्तावक या अनुमोदक किसी एक ही उम्मीदवार के नामांकन पत्र पर हस्ताक्षर कर सकेगा |

मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने एलान किया है कि किसी को भी अपना बैलेट पेपर दिखाकर वोट डालने का अधिकार नहीं होगा | ऐसा करने पर वोट रद्द भी हो सकता है |

फिलहाल राष्ट्रपति चुनाव के बाबत नोटिफिकेशन जारी होने के बाद सियासी सरगर्मी बढ़ गई है | जहाँ एक ओर भाकपा-माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने राष्ट्रपति प्रत्याशी के लिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पौत्र गोपालकृष्ण गांधी के नाम का प्रस्ताव किया है वहीं दूसरी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि सर्वानुमति के लिए पहले केंद्र सरकार पहल करे- विपक्ष की तरफ से उम्मीदवार की बात तब आयेगी जब सत्ता पक्ष सर्वानुमति नहीं बना पाता है |

और केंद्र की सत्ता संभाल रही भाजपा सरकार द्वारा एक त्रि-सदस्यीय समिति गठित कर दी गई है जो अन्य दलों से बातचीत कर उम्मीदवार के नाम पर आम सहमति बनाने की हर संभव कोशिश करेगी | समिति में गृहमंत्री राजनाथ सिंह, वित्त एवं रक्षा मंत्री अरुण जेटली एवं शहरी विकास मंत्री एम वेंकैया नायडू सरीखे वरिष्ठ एवं अनुभवी नेता शामिल हैं |

यूँ तो इस बाबत सोनिया गांधी, नीतीश कुमार एवं लालू प्रसाद में बातें भी हुई हैं | विपक्षी दलों की बैठकें  भी बुलाई गई है | नीतीश द्वारा वर्तमान राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को ही विपक्ष की ओर से दोबारा प्रत्याशी बनाने की मंशा भी व्यक्त की जा चुकी है | अटकलों के बाजार में पक्ष-विपक्ष के बीच आम सहमति को लेकर बिहार फ्रंटफुट पर खड़ा दिख रहा है | तभी तो जदयू के राष्ट्रीय नेता शरद यादव को भाजपा की ओर से धर्मनिरपेक्ष छवि के प्रत्याशी दिये जाने पर किसी तरह की आपत्ति नहीं होगी- ऐसा माना जा रहा है |

बहरहाल इन तीनों नामों- प्रणब मुखर्जी, गोपाल कृष्ण गांधी और शरद यादव की चर्चाएं अटकलों के बाजार में तेजी पर है जबकि नामांकन के लिए अभी 14 दिन शेष हैं तथा सत्ता पक्ष की त्रि-सदस्यीय समिति की कोशिश अभी बाकी है……….. देखिए आगे-आगे होता है क्या ?

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अब मधेपुरा तक दौड़ेगी बिजली से चलनेवाली ट्रेन !

मधेपुरा के ग्रीन फील्ड रेल इंजन फैक्ट्री से 28 करोड़ रु. लागत  की 12 हजार एच.पी. वाला विद्युत रेल इंजन बनकर जबतक निकलेगा तब तक में मधेपुरा से मानसी भाया सहरसा रेल विद्युतीकरण कार्य भी पूरा कर लिया जायेगा- और उसी दिन से दौड़ने लगेंगी मानसी से मधेपुरा तक बिजली से चलनेवाली अनेक रेलगाड़ियाँ |

बता दें कि समय सीमा के अंदर सारे कार्यों को पूरा किये जाने के लिए समस्तीपुर रेल मंडल के सीनियर डीएसटीई अभिषेक कुमार अपने  पावर ग्रिड अधिकारियों के साथ निरीक्षोपरान्त कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए एक्शन प्लान तैयार करने में लग गये | फलस्वरूप इस रूट के सभी स्टेशनों और खण्डों का ज्वांइट सर्वे कार्य तेजी से पूरा करने का निदेश जारी कर दिया गया |

यह भी जानिए कि सीनियर डीएसटीई अभिषेक कुमार ने मधेपुरा अबतक से कहा कि मानसी यार्ड का विद्युतीकरण कार्य वर्षों पूर्व से ही क्रियाशील है | केवल मानसी-सहरसा-मधेपुरा विद्युतीकरण जोड़ने का कार्य तेजी से शुरू किया जायेगा | उन्होंने यह भी कहा कि ट्रैक लिंकिंग के बाद सिग्नलिंग का कार्य शुरु कर दिया जायेगा जबकि सिग्नल विभाग ने सारी तैयारियाँ पूरी कर ली है |

अंत में सीनियर डीएसटीई अभिषेक कुमार ने मधेपुरा अबतक से यह भी कहा कि इसी वित्तीय वर्ष में सहरसा स्टेशन वाईफाई से जोड़ दिया जायेगा | उन्होंने यह भी कहा कि वाईफाई लगाने के लिए रेल टेल से समझौता भी हो चुका है |

निरीक्षण के दौरान सीनियर डीएसटीई अभिषेक कुमार के साथ विवेक सौरभ (डीएसटीई), शशिभूषण ( वरिष्ठ प्रबंधक- एस एंड टी),  आलोक श्रीवास्तव (एडवाइजर डिजाइन, के.पी.टी.एल.),  नसीम ईकबाल (डीजीपीएम) और सीनियर टेलीकॉम इंस्पेक्टर अमित कुमार ‘सुमन’ मौजूद थे | तभी तो सहरसा के रिले रूम के मॉडिफिकेशन का कार्य भी शीघ्रातिशीघ्र शुरू कर दिया जायेगा तथा 12 महीने लगते-लगते मानसी-सहरसा-मधेपुरा रेल रूट पर कोसी अंचल के लोग बिजली से चलने वाली ट्रेनों की सवारी करने लगेंगे |

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मधेपुरा नगर परिषद की मुख्य पार्षद बनी श्रीमती सुधा कुमारी !

मधेपुरा नगर परिषद के नव निर्वाचित 26 पार्षदों का शपथ ग्रहण जहाँ राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार नगर परिषद के हॉल में एडीएम मो.मुर्शीद आलम ने निर्वाची पदाधिकारी के रूप में कराया वहीं मधेपुरा के एलआरडीसी रविशंकर शर्मा को मुरलीगंज नगर पंचायत के हॉल में 15 नव निर्वाचित पार्षदों को शपथ दिलाने के लिए आयोग ने निर्वाची पदाधिकारी नियुक्त किया |

बता दें कि आज 11:00 बजे दिन से मुख्य एवं उप-मुख्य पार्षद के चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी- एक साथ मधेपुरा नगर परिषद एवं मुरलीगंज नगर पंचायत में | दोनों जगह की सुरक्षा व्यवस्था पर डीएम मो.सोहैल की नजर टिकी रही |

आयोग द्वारा दोनों जगहों की चुनाव प्रक्रिया सही सलामत संपन्न कराने हेतु दो पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई | जहाँ नगर परिषद मधेपुरा के लिए सुपौल जिले के डिस्ट्रीक्ट ट्रांसपोर्ट ऑफिसर अरुण कुमार सिंह की नियुक्ति की गई थी वहीं मुरलीगंज नगर पंचायत के लिए त्रिवेणीगंज अनुमंडल के एलआरडीसी गोपाल कुमार की | साथ ही जहां दोनों पर्यवेक्षकों को आयोग ने यह हिदायत दी थी कि शपथ ग्रहण एवं निर्वाचन की प्रक्रिया में शामिल होने हेतु नवनिर्वाचित पार्षदों को दिन के 11:00 बजे से 12:00 बजे तक का ही समय दिया गया है- अस्तु उसके बाद किसी भी पार्षद को निर्वाचित प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जायेगी वहीं जिला प्रशासन द्वारा निर्देश जारी किया गया कि सभी निर्वाचित पार्षदों को निर्वाचन प्रमाण-पत्र और फोटो युक्त पहचान-पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा और निरक्षर निर्वाचित पार्षद के अतिरिक्त किसी अन्य को अपने साथ सहायतार्थ एक व्यस्क को लाने की अनुमति नहीं दी जायेगी |

Swet Kamal aka Bauwa Jee - The Newly Elected Chairman of Nagar Panchayat , Murliganj , Madhepura .
Swet Kamal aka Bauwa Jee – The Newly Elected Chairman of Nagar Panchayat , Murliganj , Madhepura .

यह भी बता दें कि पूरी निर्वाचन प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गयी, आस-पास की दुकानें बन्द रखी गई और विजयी मुख्य-पार्षद एवं उप-मुख्य पार्षद को जुलूस निकालने की अनुमति नहीं दी गई- हाँ! खुशी का इजहार तो हर कोई कर ही सकता है |

इसबार के चुनाव में जल्द ही परिणाम घोषित कर दिया गया | वार्ड नंबर- 16 की वार्ड पार्षद श्रीमती सुधा कुमारी को अध्यक्ष पद के लिए 17 मत प्राप्त हुए और प्रतिद्वंदी वार्ड नंबर- 6 की श्रीमती निर्मला देवी को मात्र 9 मत | उपाध्यक्ष पद पर वार्ड नंबर- 24 के वार्ड पार्षद अशोक कुमार यादव यदुवंशी को 16 मत मिले |

यह भी बता दें कि मुरलीगंज वार्ड न.- 3 के पार्षद श्वेतकमल उर्फ बौआ जी 15 में से 8 वोट पाकर अध्यक्ष बने और वार्ड न.- 13 के जगदीश साह उपाध्यक्ष बने | अब मधेपुरा और मुरलीगंज की जनता आशा लगाये बैठी है कि नये अध्यक्ष-उपाध्यक्ष आनेवाली बरसात में नाले की सफाई कर जल निकासी में किस हद तक सफल होते हैं यह तो समय ही बताएगा |

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रमजान में खुल जाते हैं जन्नत के सारे दरवाजे !

रमजान का महीना इस्लाम धर्माबलम्बियों के लिए मुबारक माना जाता रहा है | केवल इसीलिए कि इसी महीने में अल्लाह ने इंसानी रहनुमाई के वास्ते ‘कुरआन-ए-मजिद’ को नाजिल किया था जिसमें रोजा रखना हर मुसलमान पर फर्ज करार दिया गया |

इस पर्व में क्या गरीब, क्या अमीर सभी पाक-साफ हो मस्जिद में जाकर इबादत करते हैं | जुमा के दिन मस्जिद में सर्वाधिक भीड़ होती है जिसमें बच्चों की संख्या सर्वाधिक होती है | यूं तो नन्हें रोजेदार से लेकर बड़े रोजेदारों द्वारा सभी मस्जिदों में बड़े ही धूमधाम से जुमे की नमाज अदा की गयी है जिसके बारे में जिले के हर कोने से समाचार आ रहा है |

बता दें कि बढ़ती गर्मी के बीच रोजा रखना रोजेदारों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं और खासकर नन्हें रोजेदारों के लिए तो और मुश्किलें पैदा हो जाती हैं | भला क्यों नहीं, रोजे का समय लगभग 15 घंटे का जो हो रहा है | यूँ जून 21 को सबसे बड़ा दिन होने की वजह से रोजेदारों को लंबा रोजा रखना पड़ेगा |

यह भी बता दें कि इस पाक रमजान में रोजे के साथ-साथ तरावीह की नमाज का खास महत्व होता है जो रात के 8:30 बजे लगभग में शुरू हो जाती है | इस पूरे महीने में रोजेदार इबादत में डूब जाते हैं | मान्यता है कि जहां इस रमजान के पाक महीने में अल्लाह पाक हर नेकी का सवाब 70 गुना बढाकर देता है वहीं अकीदतमंदों द्वारा एक दूसरे की मदद करते हुए नमाज की जगह देकर सामाजिक सौहार्द का परिचय दिया जाता है | जुमे की नमाज को बहुत महत्वपूर्ण नमाज माना जाता है | रमजान में जुमे का महत्व बढ़ता चला जाता है |

चलते-चलते यह भी बता दें कि मदीने से आये अजूबा खजूर और भिन्न-भिन्न प्रकार के सेवइयों से बाजार सजने लगा है | बाजार में खरीदारों की भीड़ दिखने लगी है | रोजेदारों की सुविधा का ख्याल रखते हुए हर चीज समय से उपलब्ध करायी जा रही है | ड्रायफ्रूट्स के पैकेट की बिक्री भी बढ़ी है |

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हरियाणा की टॉपर बनी, मधेपुरा की बेटी खुशी प्राणसुखका !

आज भी जहाँ बेटी के जन्म लेने पर प्राय: परिवार में उल्लासपूर्ण चहल-पहल एवं ठाठ-बाट के साथ छठी नहीं मनाई जाती है वहीं मधेपुरा के कपड़ा-व्यवसायी-दम्पत्ति आनंद एवं रीता प्राणसुखका की सुपुत्री एवं मधेपुरा की बेटी खुशी प्राणसुखका के CBSE 10th बोर्ड की परीक्षा में हरियाणा प्रदेश की टॉपर बनने की खबर सुनकर धर्मपरायण व मानस मर्मज्ञ दादाश्री योगेन्द्र प्रसाद प्राणसुखका (अध्यक्ष, मधेपुरा जिला व्यापार संघ) द्वारा मिठाइयाँ तो बाँटी ही जा रही है, साथ ही सभी सदस्यों एवं परिजनों द्वारा चारो ओर खुशियाँ भी लुटाई जा रही हैं | ऐसे परिवार हैं जहाँ बेटी के जन्म पर आज भी बहुत सी चीजें लुटाई जाती है ; दान दी जाती है |

Madhepura (Bihar) Ki Beti Khushi Pranshukhka became the topper in CBSE 10th Board Exam- 2017 from the State of Haryana .
Madhepura (Bihar) Ki Beti Khushi Pranshukhka became the topper in CBSE 10th Board Exam- 2017 from the State of Haryana .

बता दें कि मधेपुरा के श्रीकृष्ण गोशाला को अध्यक्ष जी के दादाश्री रामेश्वर प्राणसुखका, सागरमल प्राणसुखका एवं जीवन सर्राफ आदि जैसे दानवीरों ने लगभग तीन सौ बीघे जमीन दान में दी थी | आज मधेपुरा के इस धर्मपरायण- दानवीर प्राणसुखका परिवार के साथ सम्पूर्ण मधेपुरा अपनी इस बेटी खुशी प्राणसुखका की उपलब्धि पर गौरवान्वित हो रहा है…………!

Haryana CBSE 10th Board - 2017 Topper Khushi alongwith her Parents Mr.Anand & Reeta Pranshukhka at Delhi Airport .
Haryana CBSE 10th Board – 2017 Topper Khushi alongwith her Parents Mr.Anand & Reeta Pranshukhka at Delhi Airport .

यह भी बता दें कि CBSE 10th बोर्ड की परीक्षा में 98.5% अंक प्राप्त कर हरियाणा प्रदेश की टॉपर बननेवाली बिहार की बेटी ‘खुशी’ वहीं के हिसार जिले के “विद्या देवी जींदल स्कूल” से अपनी पढ़ाई पूरी कर CBSE की 10th बोर्ड की परीक्षा में शामिल हुई थी |

मधेपुरा अबतक द्वारा खुशी प्राणसुखका से यह पूछे जाने पर कि अपनी इस उपलब्धि का श्रेय आप किन्हें देना चाहती हैं- के जवाब में खुशी ने यही कहा कि माता-पिता एवं गुरुओं द्वारा दिये गये ज्ञान के अतिरिक्त मधेपुरा के सभी बुद्धिजीवी दादाओं के आशीर्वचनों का ही फल है- यह गौरवोज्ज्वल उपलब्धि !

अंत में खुशी ने मधेपुरा अबतक से यही कहा कि इसी प्रकार श्रेष्ठजनों के आशीर्वचनों को ऊँचाई तक ले जाने वाले रास्ते का सम्बल बनाकर कड़ी मिहनत करती रहूंगी और मधेपुरा की बेटी बनकर बिहार का भी नाम देश और दुनिया में चमकाती रहूँगी………!

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कवयित्री अलका वर्मा को मिला कौशिकी साहित्य रत्न !

कौशिकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन संस्थान के अंबिका सभागार में कोसी की चर्चित कवयित्री (सम्प्रति प्राचार्या रामकृष्ण भुवनेश्वरी आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय त्रिवेणीगंज, सुपौल) श्रीमती अलका वर्मा के एकल काव्य पाठ का आयोजन 4 जून, 2017 (रविवार) को समारोहपूर्वक किया गया- जिसकी अध्यक्षता कोसी के वरिष्ठ साहित्यकार-इतिहासकार हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ ने की |

जहाँ मधेपुरा के सांसद रह चुके व मंडल विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति एवं कोसी के चर्चित साहित्यकार सह सम्मेलन के संरक्षक डॉ.रमेंद्र कुमार यादव रवि ने कवयित्री अलका वर्मा को अंग-वस्त्रम व प्रशस्ति पत्र प्रदानकर “कौशिकी साहित्य रत्न” से सम्मानित किया, वहीं इससे पूर्व सम्मेलन के यशस्वी सचिव डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी द्वारा कवयित्री श्रीमती वर्मा की संपूर्ण काव्य-यात्रा को संक्षेप में प्रस्तुत करते हुए इस प्रकार उद्घोषणा की गयी-

विभिन्न प्रकार की सामाजिक, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक संस्थाओं से संबद्ध एवं क्रियाशील रहनेवाली, महिला सशक्तिकरण हेतु गृह जिला सुपौल द्वारा सम्मानित होनेवाली तथा “मुझे मेरे नाम से पुकारो” काव्य संग्रह के अलावे ‘कही अनकही’ एवं “गुलमोहर” कथा-संग्रह द्वय में जीवन के खट्टे-मीठे अनुभवों को करीने से उकेरनेवाली और साहित्यिक पत्र-पत्रिकाओं में निरंतर छपते रहनेवाली श्रीमती अलका वर्मा को इस संस्थान के संरक्षक डॉ.रवि द्वारा सारस्वत सम्मान यानि “कौशिकी साहित्यरत्न” से सम्मानित किया जायेगा |

जहां एक ओर कवयित्री सह प्राचार्या श्रीमती अलका वर्मा द्वारा अपने एकल काव्यपाठ में दर्जनों कविताओं के पाठोपरांत श्रोताओं द्वारा खूब तालियां बटोरी गयी वहीं अपने समीक्षात्मक आशीर्वचन में वरिष्ठ साहित्यकार श्री शलभ और संस्थापक कुलपति डॉ.रवि ने विचार व्यक्त करते हुए यही कहा कि इनकी कविताएं अतुकांत होते हुए भी सरल है, सहज है और अंतरात्मा से निःसृत एवं गीत्यात्मक माधुर्य से  उतप्लावित है जो जीवन के यथार्थ से हमें साक्षात्कार कराती है | साहित्यकार द्वय ने नारी सशक्तिकरण में श्रीमती वर्मा के योगदान को रेखांकित करते हुए जमकर सराहना की |

मंडल विश्वविद्यालय के पूर्व हिन्दी विभागाध्यक्ष एवं डि.लिट. प्राप्त समीक्षक डॉ.विनय कुमार चौधरी ने कवयित्री श्रीमती वर्मा के काव्य संग्रह ‘मुझे मेरे नाम से पुकारो’ की विस्तृत समीक्षा की और दर्शकों का ध्यान आकृष्ट किया |

भागलपुर विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति  रहे डॉ.के.के.मंडल, क्षणदा के संपादक सुबोध कुमार सुधाकर, मंडल विश्वविद्यालय के कुलसचिव रहे प्रो.शचीन्द्र, पूर्व प्राचार्य प्रो.श्यामल किशोर यादव आदि ने कवियत्री के कार्य की प्रशंसा करते हुए इनके उज्जवल भविष्य की कामनाऍ की |

दूसरे सत्र में स्थानीय कवि व साहित्यकारों प्रेम जी, सत्य जी एवं विनोद जी को स्मरण करते हुए आयोजित काव्य-गोष्ठी का संचालन डॉ.विनय कुमार चौधरी एवं डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने संयुक्तरुप से किया |

जिन कवियों ने अपनी-अपनी कविताओं का पाठ किया, वे हैं- प्रेम और विरह के गीतकार सुबोध कुमार सुधाकर, प्रधानाचार्य  डॉ.विश्वनाथ विवेका, डॉ.विश्वनाथ सर्राफ, शंभू नाथ अरुणाभ, सुरेन्द्र भारती, उल्लास मुखर्जी, राजू भैया, डॉ.अरुण कुमार (फर्जी कवि), डॉ.विनय कुमार चौधरी एवं डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी | आयोजन में प्रमुख रुप से उपस्थित रहे- रघुनाथ प्रसाद यादव, अनिकेत श्रीवास्तव, प्राण मोहन यादव, डॉ.हरिनंदन यादव, श्यामल कुमार सुमित्र, डॉ.अरविन्द श्रीवास्तव आदि |

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