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लालू, राबड़ी, तेजस्वी के खिलाफ समन

चारा घोटाला मामले में पहले से सजा काट रहे आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और भ्रष्टाचार के विभिन्न आरोपों को झेल रहे उनके परिवार की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रहीं। सोमवार को नई दिल्‍ली के पटियाला हाउस कोर्ट में इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (आईआरसीटीसी) घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका पर लालू, उनकी पत्‍नी व पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और छोटे बेटे व पूर्व उपमुख्यमंत्री तथा वर्तमान में नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव सहित 14 आरोपितों की चार्जशीट पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने इस मामले में लालू, राबड़ी व तेजस्‍वी को समन जारी कर उन्‍हें आगामी छह अक्‍टूबर को हाजिर होने का आदेश दिया है।

बता दें कि आईआरसीटीसी होटल आवंटन घोटाला मामले में ईडी ने पटियाला हाउस कोर्ट में लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्‍नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्‍वी यादव सहित कुल 14 लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में चार्जशीट दाखिल किया है। आरोपितों में लालू के बेहद करीबी रहे पूर्व मंत्री प्रेमचंद्र गुप्ता और उनकी पत्नी सरला गुप्ता भी शामिल हैं। सोमवार को इस मामले में कोर्ट ने आरोपितों की हाजिरी सुनिश्चित करने के लिए समन जारी किया।

गौरतलब है कि आईआरसीटीसी होटल घोटाला मामले की जांच सीबीआई भी कर रही है। सीबीआई की ओर से दायर चार्जशीट पर पटियाला हाउस कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए लालू प्रसाद यादव की पत्‍नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्‍वी यादव को बुलाया था। उस मामले में राबड़ी व तेजस्वी को 31 अगस्त को जमानत मिल गई थी। अब इस घोटाला के मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रही ईडी के चार्जशीट पर क्‍या होता है, इस पर सबकी नजरें टिकी होंगी।

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चुनाव की चिन्ता हरगिज न करें कार्यकर्ता: नीतीश कुमार

लोकसभा चुनाव से पूर्व जदयू राज्य कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक 1, अणे मार्ग में सम्पन्न हुई। जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में हुई इस बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष श्री बशिष्ठ नारायण सिंह ने की। जदयू के प्रधान महासचिव केसी त्यागी, राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) व राज्यसभा में दल के नेता आरसीपी सिंह, मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, पूर्व मंत्री नरेन्द्र सिंह समेत सभी राष्ट्रीय पदाधिकारी, जदयू कोटे से मंत्रिमंडल के सभी सदस्य, विधानमंडल दल के सभी सदस्य, प्रदेश कार्यसमिति के सभी सदस्य तथा सभी जिलाध्यक्ष मौजूद रहे। इस मौके पर प्रसिद्ध चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने जदयू की सदस्यता ग्रहण की। राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने उन्हें पार्टी की सदस्यता प्रदान की।

सभा को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि जदयू ‘कास्ट बेस्ड’ नहीं, ‘काम बेस्ड’ पार्टी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि आपको अपनी ताकत का अहसास रहना चाहिए। चुनाव की चिन्ता हरगिज ना करें। उन्होंने पूरे विश्वास के साथ कहा कि हमलोगों की ताकत लोकसभा में तो बढ़ेगी ही, विधानसभा में भी भारी बहुमत से हम वापस आएंगे। नीतीश कुमार ने पंचायत स्तर तक संगठन को मजबूत करने के लिए पदाधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने बूथ लेवल एजेंट की नियुक्ति कर उन्हें प्रशिक्षित करने, प्रकोष्ठों के बीच समन्वय स्थापित करने तथा जिला स्तर पर राजनैतिक सम्मेलन करने पर जोर दिया।

Press Conference after JDU Rajya Karyakarini Meeting.
Press Conference after JDU Rajya Karyakarini Meeting.

प्रधान महासचिव केसी त्यागी ने कहा कि लोहिया, चौधरी चरण सिंह और कर्पूरी ठाकुर जो चाहते थे, वो सिर्फ नीतीश कुमार के नेतृत्व में और बिहार में हो रहा है। प्रदेश अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देशों का अविलंब पालन होगा। उन्होंने छात्रों, युवाओं और महिलाओं की विशेष सहभागिता पर जोर दिया तथा पार्टी के सभी मंत्रियों से आग्रह किया कि वे अपने प्रभार वाले जिलों के अलावा पास के अन्य जिलों पर भी ध्यान दें। वहीं राष्ट्रीय महासचिव आरसीपी सिंह ने कहा कि हाल के दिनों में रोड शो व अतिपिछड़ा सम्मेलन समेत पार्टी के हर कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं का अभूतपूर्व योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि हमें वोट की चिन्ता किए बिना केवल अपने नेता और अपनी सरकार के कार्यों को जनता के बीच रख देना है।
कार्यकारिणी को मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह तथा पूर्व मंत्री नरेन्द्र सिंह ने भी संबोधित किया। कार्यकारिणी के सदस्यों ने अपना सुझाव शीर्ष नेतृत्व के समक्ष रखा। प्रशांत किशोर का कार्यकारिणी के सभी सदस्यों ने पार्टी में आगमन पर स्वागत किया।
कार्यकारिणी की बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह तथा राष्ट्रीय महासचिव आरसीपी सिंह ने पार्टी मुख्यालय में प्रेस कांफ्रेंस किया। इस दौरान प्रदेश महासचिव व मुख्यालय प्रभारी डॉ. नवीन कुमार आर्य एवं अनिल कुमार, जदयू मीडिया सेल के अध्यक्ष डॉ. अमरदीप, प्रवक्ता अरविन्द निषाद, प्रवक्ता अंजुम आरा, प्रवक्ता डॉ. सुहेली मेहता, प्रवक्ता डॉ. भारती मेहता, तथा प्रवक्ता श्वेता विश्वास मौजूद रहे।

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हिन्दी दिवस को आप कितना जानते हैं ?

आज दुनिया भर में भारत की पहचान जितनी अपनी सांस्कृतिक विविधताओं और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए है, उतना ही इसे हिन्दी के लिए भी पहचाना जाता है। किसी देश के राष्ट्राध्यक्ष भारत आएं और उन्हें भारत से निकटता प्रदर्शित करने के लिए कोई एक शब्द या वाक्य बोलना हो तो वो हिन्दी का होता है और दुनिया की बड़ी से बड़ी कंपनी के लिए भारत के बाजार में अपनी पैठ बनाने के लिए हिन्दी का सहारा लेना अनिवार्य-सा है। कारण स्पष्ट है कि हमारे देश में 77% लोग हिन्दी लिखते, पढ़ते, बोलते और समझते हैं।
भारत की अनेकता में एकता का स्वर हिन्दी के माध्यम से जैसे आज गूंजता है वैसे ही 1947 से पहले भी गूंजा करता था। यही कारण है कि 1946 में स्वतंत्र भारत के संविधान के लिए बनी समिति के सामने जब राष्ट्र की भाषा का सवाल खड़ा हुआ तब संविधान निर्माताओं के लिए हिन्दी ही सबसे बेहतर विकल्प थी। यह अलग बात है कि हिन्दी को सम्पूर्ण राष्ट्र की भाषा बनाए जाने को लेकर कुछ लोग विरोध में भी थे। इसलिए हिन्दी के साथ-साथ अंग्रेजी को भी राजभाषा का दर्जा दे दिया गया। खैर, जिस दिन देश को राजभाषा का दर्जा दिया गया था वो 14 सितंबर 1949 का था और इस दिन को हम आज हिन्दी दिवस के रूप में मनाते हैं।
गौरतलब है कि पहली बार राजभाषा घोषित किए जाने के 4 साल बाद यानि 14 सितंबर 1953 को हिन्दी दिवस मनाया गया था। देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने इस दिन के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए यह फैसला किया था। इस दिन विभिन्न सरकारी संस्थानों में हिन्दी को लेकर विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। लेकिन यहां यह जानना दिलचस्प होगा कि भारत में जहां 14 सितंबर को हिन्दी दिवस मनाया जाता है वहीं दुनिया भर में हिन्दी दिवस मनाने की तारीख अलग है और वो तारीख है 10 जनवरी।
दरअसल, दुनिया भर में हिन्दी के प्रचार-प्रसार के लिए विश्व हिन्दी सम्मेलन का हर साल आयोजन किया जाता है। पहला विश्व हिन्दी सम्मेलन 10 जनवरी 1975 को नागपुर में आयोजित किया गया था जिसमें 30 देशों के 122 प्रतिनिधि शामिल हुए थे। इस दिन के महत्व को ध्यान में रखते हुए 2006 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने दुनिया भर में 10 जनवरी को विश्व हिन्दी दिवस मनाने की घोषणा की थी। इस दिन विदेशों में भारतीय दूतावास विशेष कार्यक्रम आयोजित करते हैं।

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16 सितंबर को जदयू राज्य कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक

जदयू के प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सदस्य श्री बशिष्ठ नारायण सिंह ने 16 सितंबर को जदयू राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक बुलाई है, जिसमें मुख्यमंत्री व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नीतीश कुमार भी मौजूद रहेंगे। पार्टी की यह महत्वपूर्ण बैठक सुबह 11 बजे से मुख्यमंत्री आवास, 1, अणे मार्ग में होगी। प्रदेश अध्यक्ष श्री बशिष्ठ नारायण सिंह की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नीतीश कुमार, प्रधान महासचिव श्री केसी त्यागी, राष्ट्रीय महासचिव व राज्यसभा में संसदीय दल के नेता श्री आरसीपी सिंह समेत बिहार के सभी राष्ट्रीय पदाधिकारी, प्रदेश के सभी पदाधिकारी, राज्य कार्यकारिणी के सभी सदस्य, विधानमंडल दल के सभी सदस्य तथा पार्टी के सभी जिलाध्यक्ष उपस्थित रहेंगे।

जदयू के सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में विशेष रूप से संगठन को मजबूती देने, पंचायत स्तर तक पार्टी को सुदृढ़ करने, सरकार द्वारा चलाए जा रहे सात निश्चय समेत अन्य विकास कार्यों का प्रचार-प्रसार करने तथा सामाजिक सरोकार से जुड़े अभियानों – शराबबंदी, दहेजबंदी, बालविवाह पर रोक एवं कन्या-सुरक्षा – की सफलता सुनिश्चित करने पर विचार किया जाएगा।

बता दें कि 16 सितंबर की बैठक से पूर्व 15 सितंबर को दिन के 3 बजे प्रदेश अध्यक्ष के आवास पर सभी प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक होगी, जिसमें 16 तारीख की बैठक के बाकी एजेंडों पर विचार किया जाएगा। लोकसभा चुनाव में शीट शेयरिंग का मामला भी इनमें एक हो सकता है।

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बिहार भाजपा ने कहा, लोकसभा की सभी 40 सीटें जीतेगा एनडीए

मंगलवार को भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक बोघगया में शुरू हुई। प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय की अध्यक्षता में हो रही इस बैठक में जहां एक ओर 2022 में आजादी के 75 वर्ष पूरे होने तक भय, भूख और बेरोजगारी से मुक्त एक नए भारत के निर्माण का संकल्प पार्टी ने लिया, वहीं दूसरी ओर एनडीए के सहयोगियों के साथ अगला लोकसभा चुनाव पहले से भी अधिक अंतर के साथ जीतने का लक्ष्य निर्धारित किया। इस महत्वपूर्ण बैठक में उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, केन्द्रीय मंत्री अश्विनी चौबे, राज्य सरकार में मंत्री नन्दकिशोर यादव, मंगल पांडेय, वरिष्ठ नेता शाहनवाज हुसैन समेत लगभग सभी मंत्री, सांसद, विधायक, विधानपार्षद व प्रवेश पदाधिकारियों ने उपस्थिति दर्ज कराई।

बैठक का उद्घाटन करते हुए नित्यानंद राय ने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव में सहयोगियों के साथ मिलकर हमने प्रदेश की 31 सीटें जीती थी। इस बार एनडीए बिहार की 40 की 40 सीटें जीतेगा। कांग्रेस और राजद पर सामाजिक एकता को विखंडित करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश पर पचास साल तक राज किया और उसका शायद ही ऐसा कोई प्रधानमंत्री हुआ हो, जिसके राज में कोई न कोई घोटाला नहीं हुआ हो, जबकि भाजपा ने देश में अटल बिहार वाजपेयी के कार्यकाल को लेकर दस साल शासन किया और उसके शासन में एक भी घोटाला नहीं हुआ।

पार्टी ने अपने राजनीतिक प्रस्ताव में कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की सरकार की चार साल की शानदार उपलब्धियों और बिहार में एनडीए सरकार ने एक साल में गरीबों के हित में कई बड़े फैसले किए हैं। सबका साथ सबका विकास तथा न्याय के साथ विकास के आदर्श पर ये सरकारें काम कर रही है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, सौभाग्य योजना, जन-धन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, उजाला योजना, स्टार्टअप योजना, मिशन इंद्रधनुष, मुद्रा योजना और आयुष्मान योजना गरीबों के उत्थान का सशक्त माध्यम बन रहे हैं। जनहित में लिए गए इन तमाम निर्णयों और उसकी उपलब्धियों को देखते हुए प्रदेश भाजपा ने राज्य की जनता से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को एक बार पुन: मौका देने का राजनीतिक प्रस्ताव पारित किया।

कार्यसमिति की बैठक बुधवार को भी जारी रहेगी। बैठक में मिशन 2019 को लेकर गंभीर चर्चा होगी और रणनीति को अमली जामा पहनाने के लिए योजना बनाई जाएगी। इसके साथ ही प्रदेश के राजनीतिक हालात को लेकर कार्यकर्ताओं से ‘फीडबैक’ लिया जाएगा और पार्टी के बड़े नेताओं के लिए ‘टास्क’ भी निर्धारित किए जाएंगे।

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‘सवर्ण सेना’ का भारत बंद और कुछ जरूरी सवाल

एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध और गरीब सवर्णों को आरक्षण देने की मांग को लेकर गुरुवार को आहूत भारत बंद का असर बिहार समेत कई राज्यों में देखा गया। क्या आपने सोचा कि बिना किसी राजनीतिक समर्थन या प्रचार के बंद का इतना व्यापक असर कैसे हुआ? इसका आह्वान करने वाला संगठन ‘सवर्ण सेना’ असल में क्‍या है, उसका नेटवर्क कितना बड़ा है और वह कैसे काम करता है?
सबसे पहले तो यह जानें कि तथाकथित तौर पर सवर्ण हितों की रक्षा के लिए गठित ‘सवर्ण सेना’ का सीधा कनेक्शन बिहार से है। जी हाँ, इसका गठन बिहार के जहानाबाद के रहने वाले भागवत शर्मा ने किया है। भागवत फिलहाल अरुणाचल प्रदेश के सेंट्रल यूनिवर्सिटी में रिसर्च स्कॉलर हैं और गरीब सवर्णों के लिए आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि एससी-एसटी एक्ट में सुधार हो क्योंकि इस कानून के तहत बड़े पैमाने पर फर्जी मुकदमे होते हैं।
बकौल भागवत शर्मा उन्‍होंने सवर्णों के मुद्दों को उठाने के लिए 2017 में सवर्ण सेना बनाई। उनके दावे के मुताबिक आज दो साल बाद इस सेना में 50 हजार से अधिक सदस्य हैं। महज दो सालों में यह संगठन देश भर में फैल गया है और बड़ी बात यह कि इसका प्रचार-प्रसार केवल सोशल मीडिया के माध्‍यम से हो रहा है। भारत बंद का प्रचार भी सवर्ण सेना ने सोशल मीडिया पर ही किया। भागवत शर्मा कहते हैं कि आज के युग में वॉट्सएप और फेसबुक के माध्‍यम से कम समय में अधिक लोगों तक पहुंचना संभव है। साथ में यह भी कि आगे वे देश व समाज से जुड़े अन्‍य मुद्दे भी उठाएंगे।
बहरहाल, आगे वास्तव में क्या होगा यह तो समय बताएगा, फिलहाल यह प्रश्न विचारणीय जरूर है कि कल जो कुछ हुआ वो सोशल मीडिया की सफलता है या सूचना के नए माध्यमों की बेहिसाब बढ़ती ताकत का संकेत, जिसके अनियंत्रित होने से देश और समाज का बड़ा नुकसान संभव है? एक बात और, एक ‘व्यक्ति’ के विचार अगर व्यापक हित में हों तब भी क्या ‘संस्था’ के अभाव में उन विचारों को सही स्वरूप और सार्थक परिणति देना क्या संभव है?

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भारत के आई.पी.पी. बैंक का कारबार अहर्निश होगा आपके द्वार

मधेपुरा में भी आई.पी.पी बैंक (इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक) का शुभारंभ हो गया जिसका उद्घाटन 1 सितंबर को राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में किया और सारे देशवासियों ने टीवी पर उसका सीधा प्रसारण भी देखा।

मधेपुरा मुख्य डाकघर के डाकपाल राजेश कुमार ने मधेपुरा अबतक को बताया कि शहीद चुल्हाय मार्ग स्थित बी.पी.मंडल नगर भवन में IPPB (India Post Payment Bank) के पाँच ब्रांच का शुभारंभ बिहार सरकार के कला संस्कृति मंत्री श्री कृष्ण कुमार ऋषि, एससी-एसटी मंत्री डॉ.रमेश ऋषि देव, समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, डीडीसी मुकेश कुमार सहित जेडीयू के जिलाध्यक्ष प्रो.विजेंद्र नारायण यादव, भाजपा के स्वदेश कुमार, डॉ.अमोल राय, ध्यानी यादव आदि की गरिमामय उपस्थिति में संपन्न हुई।

बता दें कि डाक सेवा के पदाधिकारीगण सर्वश्री शिवलेश सिंह, राजेश कुमार, जगदेव मंडल, संतोष कुमार चौधरी, विवेक कुमार एवं चंचल यादव आदि ने विभिन्न प्रकार की जानकारियाँ देने हेतु शुक्रवार को जागरूकता रैली निकालकर लोगों को बताया कि 31 दिसंबर तक जिले में आईपीपी बैंक की 204 शाखाएं शुरू करने की योजनाएं हैं।

ब्रांच मैनेजर शिवलेश सिंह ने कहा कि देश का सबसे बड़ा नेटवर्क होगा आईपीपी बैंक जिसका मुख्य लक्ष्य गांव के वंचितों एवं हासिये पर के लोगों को वित्तीय सुविधा से जोड़ना है। जिले में फिलहाल 500 खाते खोले जा चुके हैं जिसमें कुछ बचत खातेे हैं और कुछ चालूू खाता है।

समारोह को सर्वप्रथम मधेपुरा के भीष्म पितामह डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने संबोधित करते हुए यही कहा-

एक टाॅल फ्री फोन करने पर पोस्टमैन आपके द्वार पर दस्तक देगा। वह साथ में एक मशीन भी लाएगा जिससे वह किसी भी तरह की जमा या निकासी के लिए आपकी मदद करेगा। बिजली, गैस या पानी के बिल भुगतान करने के अलावे आप घर बैठे दूसरों के खाते में मनी ट्रांसफर भी कर सकते हैं। जीवन बीमा किस्त आदि का भी भुगतान कर सकते हैं।

जहां इस अवसर पर बिहार के कला एवं संस्कृति मंत्री श्री कृष्ण कुमार ऋषि ने प्रधानमंत्री के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में अब एक नई क्रांति का संचार होगा तथा यह मील का पत्थर साबित होगा वहीं एससी-एसटी मंत्री डॉ.रमेश ऋषिदेव ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से शुभारम्भ हो रही इस योजना से ग्रामीण क्षेत्र के अंतिम व्यक्ति भी डिजिटल मेनस्ट्रीम का हिस्सा बनेगा ही बनेगा। अनपढ़ व्यक्ति भी इस प्रणाली का उपयोग कर सकता है क्योंकि उसे खाता अथवा पिन नंबर भी याद रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

कार्यक्रम का श्रीगणेश अतिथियों को बुके देकर किया गया तथा मंत्रीद्वय ने दीप प्रज्वलित कर सम्मिलित रूप से उद्घाटन किया। आरंभ से अंत तक कार्यक्रम का सफल संचालन अंतर्राष्ट्रीय उद्घोषक पृथ्वीराज यदुवंशी ने किया तथा ब्रांच मैनेजर शिवलेश सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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करुणानिधि की घोषणा को परिणति दें स्टालिन: नीतीश कुमार

गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चेन्नई में स्व. एम करुणानिधि की स्मृति में आयोजित सभा में शामिल हुए। इस मौके पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि स्व. करुणानिधि ने कहा था कि अगर डीएमके सत्ता में वापस आई तो लोकहित में शराबबंदी को पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। उनके उत्तराधिकारी के रूप में अब एमके स्टालिन का यह दायित्व बनता है कि वह करुणानिधि की घोषणा को तार्किक परिणति तक पहुंचाएं।

गौरतलब है कि डीएमके ने वर्ष 2016 के विधानसभा चुनाव के घोषणापत्र में शराबबंदी को प्रमुखता दी थी। बिहार में लागू शराबबंदी की प्रतिध्वनि उनकी घोषणा में परिलक्षित हुई थी। अपने एक इंटरव्यू में करुणानिधि ने कहा था कि जब बिहार में शराबबंदी हो सकती है तो फिर तमिलनाडु में क्यों नहीं? इस ओर इंगित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि देश महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती मनाने जा रहा है। राष्ट्रपिता के प्रति सबसे बड़ा सम्मान यह होगा कि इस मौके पर पूरे देश में शराबबंदी लागू की जाए। उन्होंने कहा कि बिहार में लागू पूर्ण शराबबंदी बापू के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि है।

तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. करुणानिधि को याद करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि वे सामाजिक न्याय एवं समानता के लिए हमेशा प्रयत्नशील रहे। उन्होंने जीवन भर गरीब एवं पिछड़ों के हक की लड़ाई लड़ी। सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए मंडल कमीशन की रिपोर्ट के अनुरूप आरक्षण नीति को लागू करने में उनकी अहम भूमिका रही। केन्द्र में सरकार के गठन में भी स्व. करुणानिधि ने कई बार महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और अपनी राजनीतिक कुशलता का परिचय दिया। उनके नहीं रहने से तमिलनाडु के राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में एक युग का अंत हो गया है।

बता दें कि स्मृति-सभा में भाजपा की ओर से केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भाग लिया, जबकि विपक्षी दलों में कांग्रेस की ओर से गुलाम नबी आजाद, सीपीएम की ओर से सीतारीम येचुरी, नेशनल कांफ्रेंस की ओर से फारूक अब्दुल्ला, टीएमसी की ओर से डेरेक ओ ब्रायन आदि नेताओं ने हिस्सा लिया।

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चलो, कुछ यूँ मनाएं रक्षाबंधन

नेता और स्टेट्समैन में क्या फर्क होता है, ये जानना हो तो तो कोई नीतीश कुमार के कार्यों को देखे। एक अच्छा नेता वर्तमान को संवार सकता है, लेकिन एक स्टेट्समैन आने वाली पीढ़ियों के लिए सोचता है। विज़न दोनों के पास होता है, लेकिन दोनों के फैलाव और प्रभाव में बहुत फर्क होता है। अब रक्षाबंधन को ही लें। इस दिन अपनी बहनों के अलावे अपने जिले या राज्य की अन्य बच्चियों या महिलाओं से राखी बंधवाते कई नेता देखे जा सकते हैं, लेकिन पिछले छह वर्षों से इस दिन पेड़ों को राखी बांधते किसी राज्य का मुखिया देखा जाता है तो वह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हैं।

जी हाँ, यह बिहार के इस अनोखे रक्षाबंधन का सिलसिला आज से छह साल पहले शुरू हुआ। वर्ष 2012 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रक्षाबंधन पर राजधानी वाटिका में वृक्षों को रक्षा-सूत्र से बांधकर इनकी हिफाजत करने तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया था। आज भी रक्षाबंधन के मौके पर नीतीश कुमार ने राजधानी वाटिका स्थित अपने लगाए हुए पाटलि के वृक्षों को राखी बांधी। इस मौके पर भव्य समारोह आयोजित हुआ जिसमें उपमुख्यमंत्री एवं वन व पर्यावरण मंत्री सुशील कुमार मोदी, ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, शिक्षा मंत्री कृष्ण नंदन प्रसाद वर्मा, पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव, मुख्य वन संरक्षक डीके शुक्ला सहित कई गणमान्य ने वृक्षों को रक्षा-सूत्र से बांधा।

इस बेहद खास मौके पर मुख्यमंत्री ने वृक्षारोपण भी किया। उन्होंने आह्वान किया कि रक्षाबंधन के दिन सभी लोग वृक्ष को रक्षा सूत्र से बांधें। बिहार में यह एक नई परम्परा शुरू हुई है जिसे आप सब आगे बढ़ाएं। मुख्यमंत्री के आह्वान पर लोगों ने इको पार्क के वृक्षों को राखी बांधी। विभिन्न स्कूलों की बच्चियों का उत्साह इस अवसर पर देखने लायक था। क्या हम यह संकल्प नहीं ले सकते कि पहले बिहार का, फिर देश का हर व्यक्ति इस दिन एक पेड़ को जरूर राखी बांधे? नीतीश कुमार के विज़न को सही विस्तार मिले, इसके लिए क्या इतनी-सी जहमत नहीं उठा सकते हमलोग?

‘मधेपुरा अबतक’ के लिए डॉ. ए. दीप’

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सीएम नीतीश कुमार के आगमन से मंडलमय हुआ मुरहो

आज 25 अगस्त 2018 का दिन जहाँ सामाजिक न्याय के पुरोधा बी.पी.मंडल के शताब्दी जन्म जयंती राजकीय समारोह के रूप में मधेपुरा-मुरहो में शानदार तरीके से मनाया गया वहीं बिहार के जानदार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं केबिनेट मंत्री मंगल पाण्डेय, डॉ.रमेश ऋषिदेव तथा मंत्रीमंडल की रीढ़ मानेजाने वाले ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव का आगमन इस समारोह को ऊँचाई दे गया। माननीय मुख्यमंत्री की टीम द्वारा मंडल की समाधी पर पुष्पांजलि की गई एवं सर्वधर्म प्रार्थना सभा में सम्मिलित होने के बाद मंडल साहब की जीवनी पर आधारित “कॉफी टेबल बुक” का लोकार्पण भी किया गया। लोकार्पण कार्यक्रम में सांसद राजेश रंजन उर्फ़ पप्पु यादव, विधायक निरंजन मेहता, विधान पार्षद ललन सर्राफ , समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, पूर्व विधायक मनिन्द्र कुमार मंडल एवं पूर्व मंत्री नरेन्द्र नारायण यादव आदि सम्मिलित हुए।

बता दें कि माननीय मुख्यमंत्री की कार्यव्यस्ता के चलते आसपास से आये नर-नारियों एवं पूरे जिले के कार्यकर्ताओं-नेताओं की भीड़ चाहकर भी कुछ सुन नहीं सकी…… परन्तु मुरहो छोड़ने से पूर्व ही समस्त सुधि जनों के बीच समाजसेवी-साहित्यकार एवं मधेपुरा के डॉ.कलाम कहलाने वाले डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने समस्त उपस्थित जनों का प्रतिनिधित्व करते हुए सूबे के मुखिया नीतीश कुमार से बस यही कहा-

मान्यवर ! मै डॉ.मधेपुरी आपको सुनने आये समस्त लोगों की भावनाओं का कद्र करते हुए उनकी ओर से यही अनुरोध करता हूँ कि बी.पी.मंडल जैसे उदार एवं विशाल ह्रदय वाले मंडल कमीशन के अध्यक्ष के लिए श्रीमान द्वारा सर्वोच्च नागरिक सम्मान “भारतरत्न” देने हेतु अनुशंसा करने की महती कृपा की जाय।

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