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बिहार के मोदी ने कहा, जेल जाएंगे लालू और उनके परिवार के सदस्य

बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने शनिवार को कहा कि आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के सदस्य जेल जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि प्रवर्तन निदेशालय, सीबीआई और आयकर विभाग के पास लालू और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ बेनामी लेन-देन को लेकर ठोस सबूत हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी के खिलाफ न सिर्फ आरोपपत्र दाखिल किये जाएंगे बल्कि ये जेल भी जाएंगे और इनको सजा भी मिलेगी।

बिहार के उपमुख्यमंत्री ने आरजेडी प्रमुख के परिवार के सदस्यों से कथित तौर पर जुडे एक भूखंड को शुक्रवार को ईडी द्वारा जब्त किये जाने का जिक्र किया। करीब 45 करोड़ रुपये मूल्य के इस भूखंड पर कथित तौर मॉल का निर्माण किया जाना था। मोदी ने कहा, ‘ईडी द्वारा पटना में तीन एकड़ भूमि जब्त किए जाने के बाद लालू प्रसाद यादव और उनके बेटे तेजस्वी ने यह सवाल पूछना शुरु कर दिया है कि होटल के लिये भूमि घोटाले में प्राथमिकी दर्ज किए जाने के महीनों बाद भी आरोपपत्र क्यों नहीं दाखिल किया गया है?’ उन्होंने आगे कहा, वास्तव में एजेंसी के पास उनके खिलाफ ठोस सबूत हैं और उनके खिलाफ न सिर्फ आरोपपत्र दाखिल किये जाएंगे बल्कि उनको जेल भेजा जाएगा और सजा भी मिलेगी।

बहरहाल, अभी-अभी संपन्न हुए सुशील कुमार मोदी के बेटे के विवाह-कार्यक्रम में जिस तरह लालू शामिल हुए थे, लग रहा था कि इन दोनों दिग्गज नेताओं के बीच की दूरी और कड़वाहट कुछ कम हुई होगी। पर आज उन्होंने एक बार फिर जिस तरह लालू और उनके परिवार के खिलाफ मोर्चा खोला है, उसे देख तो यही कहा जा सकता है कि ऐसा सोचना बिल्कुल बेमानी है। खैर देखें, आगे होता है क्या?

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 ‘मैं भी हूं नीतीश कुमार’ से गूंज उठा 1 अणे मार्ग

1 अणे मार्ग के नेक संवाद कक्ष में जेडीयू के 22 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के सातवें दिन मधेपुरा, सहरसा, सुपौल और खगड़िया से आए लगभग 1200 कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) एवं राज्यसभा में जेडीयू संसदीय दल के नेता श्री आरसीपी सिंह ने कहा कि हमारे नेता श्री नीतीश कुमार सिर्फ वोट की राजनीति नहीं करते। और अच्छे, और बेहतर बिहार के लिए दिन-रात लगे रहना उन्हें अलग पहचान देता है। श्री सिंह के अलावे राज्यसभा सदस्य श्री हरिवंश, विधानपार्षद प्रो. रामवचन राय, डॉ. अमरदीप, श्री सुनील कुमार, विधानपार्षद प्रो. रणवीर नंदन, विधानपार्षद श्री नीरज कुमार एवं डॉ. सुहेली मेहता ने भी कार्यकर्ताओं से अलग-अलग विषयों पर संवाद किया।

इस मौके पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शराबबंदी, दहेजबंदी, बालविवाह पर रोक जैसे कार्यों का उल्लेख करते हुए श्री आरसीपी सिंह ने कहा कि पार्टी के हर कार्यकर्ता को अपने नेता के इन संकल्पों को घर-घर पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चलना होगा। उन्होंने चारों जिलों से आए कार्यकर्ताओं से कहा कि श्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर 21 जनवरी 2018 को दहेजप्रथा और बालविवाह के विरोध में मानव-श्रृंखला का आह्वान किया है और इस बार पिछले रिकॉर्ड को भी तोड़ देना है।

इस अवसर पर पार्टी की विचारधारा पर बोलते हुए राज्यसभा सदस्य श्री हरिवंश ने कहा कि वर्तमान में जेपी आंदोलन के एकमात्र नैतिक चेहरा श्री नीतीश कुमार हैं। उन्होंने कहा कि जेडीयू में सामान्य आदमी भी उतने ही हिस्सेदार हैं, जितने अन्य लोग। वहीं सामाजिक सद्भाव विषय पर बोलते हुए विधानपार्षद प्रो. रामवचन राय ने कहा कि श्री नीतीश कुमार समाज के सभी समुदायों को साथ लेकर चलने में यकीन करते हैं और यही वो चीज है जो टिकाऊ विकास को सुनिश्चित करती है।

कार्यकर्ताओं के आधुनिक संचार माध्यमों से लैस होने की जरूरत पर बल देते हुए डॉ. अमरदीप ने कहा कि पार्टी इस दिशा में दिन-रात काम कर रही है और नए साल में पार्टी का अत्याधुनिक वेब पोर्टल लॉन्च हो रहा है, जिस पर अन्य सुविधाओं के साथ पार्टी की वेब मैगजीन भी उपलब्ध होगी। डॉ. अमरदीप ने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दो उद्देश्य हैं – पहला, पार्टी के विचारों और नीतियों से स्वयं को तराशना और दूसरा स्वयं में श्री नीतीश कुमार को तलाशना। बता दें कि इस अवसर पर सुनाई गई उनकी कविता ‘मैं भी हूं नीतीश कुमार’ सुनकर पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा। कार्यकर्ताओं की मांग पर उन्हें अपनी ये कविता कई बार सुनानी पड़ी। ज्यादातर कार्यकर्ता उनकी कविता नोट करते देखे गए। यहीं नहीं लोगों ने उनके साथ ‘मैं भी हूं नीतीश कुमार’ का नारा भी बुलन्द किया।

कार्यक्रम में मौजूद अन्य विशिष्ट लोगों में विधानपार्षद श्री संजय कुमार सिंह (गांधीजी), विधानपार्षद श्री ललन सर्राफ, विधायक श्री निरंजन कुमार मेहता, पूर्व मंत्री श्री करुणेश्वर सिंह, पार्टी के मुख्यालय प्रभारी व महासचिव डॉ. नवीन कुमार आर्य, श्री अनिल कुमार, पार्टी प्रवक्ता श्री राजीव रंजन प्रसाद, श्री निखिल मंडल, श्री अरविन्द निषाद, पंचायती राज प्रकोष्ठ की अध्यक्ष श्रीमती श्वेता विश्वास एवं विधि प्रकोष्ठ की प्रधान महासचिव सुश्री अंजुम आरा प्रमुख हैं। चारों जिलों के अध्यक्ष भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

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जब लालू सुशील मोदी के बेटे की शादी में पहुंचे

मौसम शादियों का है, लेकिन रविवार को सबका ध्यान लगा था बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के बेटे उत्कर्ष की शादी पर। इस विवाह में शामिल लगभग 1500 मेहमानों का ही नहीं, टीवी पर इस समारोह की झलकियां देख रहे लोगों का ध्यान भी इस बात पर था कि तेजप्रताप द्वारा सुशील मोदी को घर में घुसकर मारने की धमकी के बाद इस समारोह में आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव शामिल होंगे कि नहीं और अगर शामिल होंगे तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनकी बातचीत होगी कि नहीं।

बहरहाल, उस समय सब चौंक गए जब तमाम कयासों के विपरीत लालू प्रसाद यादव इस विवाह में शामिल होने पहुंचे। सबका चौंकना लाजिमी भी था। ना केवल तेजप्रताप प्रकरण के कारण बल्कि इस कारण भी कि वो सुशील मोदी ही थे जिन्होंने हाल के दिनों में एक के बाद एक कई आरोप लालू और उनके परिवार पर लगाए हैं। बावजूद इसके लालू इस विवाह समारोह में पहुंचे। उनकी अगवानी शहनवाज हुसैन ने की और उन्हीं की बगल में वे बैठे भी। सुशील मोदी ने भी हंसकर उनका स्वागत किया। लालू वर-वधू से भी मिले। दोनों ने उनके पैर छुए। लालू ने उन्हें आशीर्वाद दिया। पर उसी पंक्ति में बैठे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनकी कोई बातचीत नहीं हुई। दोनों दिग्गज एक-दूसरे से दूर-दूर ही दिखे। महागठबंधन टूटने के बाद यह पहला मौका था जब दोनों नेता एक साथ किसी आयोजन में गए हों।

चलते-चलते बता दें कि इस शादी की चर्चा और भी कारणों से रही। बिना दहेज के हुई इस शादी में ना तो बैंड-बाजे की आवाज थी, ना ही बारातियों के स्वागत का कोई तामझाम। और तो और इस शादी में मेहमानों को नाश्ते और खाने की जगह भगवान का भोग लगाया हुआ प्रसाद दिया गया। इस खास शादी में राज्य और देश के कई दिग्गज नेताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

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पटना पुस्तक मेला के 24वें संस्करण का भव्य आगाज

2 दिसंबर को पटना में पुस्तकों के कुंभ पुस्तक मेला के 24वें संस्करण का भव्य आगाज हुआ। बिहार के कला संस्कृति एवं युवा विभाग और सेंटर फॉर रीडरशिप डेवलपमेंट द्वारा सम्राट अशोक कन्वेंशन केन्द्र स्थित ज्ञान भवन में आयोजित इस पुस्तक मेले का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि पिछली बार मेले में राज्य सरकार के सात निश्चय को बेहतर तरीके से लोगों के सामने रखा गया और इस बार जो नशामुक्ति के साथ-साथ दहेज प्रथा और बाल विवाह के खिलाफ जो अभियान छेड़ा गया है, उसके प्रति भी लोगों को इस मेले में अनेक माध्यमों से प्रेरित किया जाए ताकि बिहार से इन सामाजिक कुरीतियों को खत्म किया जा सके।

जैसा कि सभी जानते हैं, एकाध मौकों को छोड़कर पुस्तक मेले का आयोजन आमतौर पर ऐतिहासिक गांधी मैदान में होता रहा है। यह पहला मौका है, जब इसका आयोजन किसी चहारदिवारी में हो रहा है। हालांकि इससे इसकी भव्यता पर कोई असर नहीं पड़ा है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस बार मेले में कुल 210 स्टॉल लगाए गए हैं और बिहार व देश के 112 प्रकाशक इसमें हिस्सा ले रहे हैं। तभी तो बिहार के मुख्यमंत्री इस मौके पर यह कहना नहीं भूले कि पटना पुस्तक मेला दुनिया के 10 शीर्ष पुस्तक मेलों में शामिल है, जबकि देश में दिल्ली और कोलकाता के बाद इसका स्थान आता है।

नीतीश कुमार ने इस अवसर पर यह भी कहा कि पटना पुस्तक मेला सिर्फ पुस्तकों की प्रदर्शनी और बिक्री के लिए नहीं है बल्कि इसका व्यापक उद्देश्य है। उन्होंने पुस्तक मेला के आयोजकों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पुस्तक मेला का आयोजन कराने की बात भी कही।

चलते-चलते बता दें कि पटना पुस्तक मेले के 24वें संस्करण का विषय लड़कियों और महिलाओं को समर्पित है। इस बार का विषय ‘लड़की को सामर्थ्य दो, दुनिया बदलेगी’ है। पुस्तक मेले की थीम को भी विषय के अनुरूप ‘पिंक’ कलर में रखा गया है।

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बिहार में ट्विटर वार

बिहार में ट्विटर वार छिड़ा है। एक ओर हैं आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव तो दूसरी ओर हैं आमतौर पर सोशल मीडिया से दूर रहने वाले जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार। हां, इन दोनों योद्धाओं में मर्यादा का फर्क स्पष्ट तौर पर कहा जा सकता है। नीतीश ने जहां अपने ट्वीट में बड़ी संजीदगी से लालू पर निशाना साधा था, वहीं लालू ने अपने ट्वीट में बिना नाम लिए नीतीश को ‘मेंडेट रेपिस्ट’ और ‘जनादेश का हत्यारा’ तक कह डाला।

बुधवार को अपने पहले ट्वीट में लालू ने लिखा, क्या आप दिन-दहाड़े जनादेश का निर्मम बलात्कार करने वाले मैंडेट रेपिस्ट का मानसिक उपचार करने वाले किसी देशभक्त मनोचिकित्सक को जानते हैं? इसके बाद लालू ने फिर ट्वीट किया और लिखा, ‘क्या आप ‘पेट के दांत’ ठीक करने वाले किसी डेंटिस्ट को जानते हैं? बिहार में जनादेश का एक मर्डरर है, जिसके पेट में दांत है। उसने सभी नेताओं और पार्टियों को ही नहीं बल्कि करोड़ों गरीब-गुरबों को भी अपने विषदंत से काटा है।’

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में लगातार जेडीयू और आरजेडी की तरफ से एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। बता दें कि इससे पहले बुधवार को ही नीतीश कुमार ने भी ट्वीट के जरिए लालू प्रसाद यादव को उनकी बेनामी संपत्ति मामले में घेरने की कोशिश की थी। नीतीश ने बिना किसी का नाम लिए ट्वीट में लिखा था, ‘जान की चिंता, माल की चिंता सबसे बड़ी देशभक्ति है!’

इससे पहले मंगलवार को भी नीतीश ने लालू की सुरक्षा में कटौती को लेकर उपजे विवाद पर ट्वीट किया था। उन्होंने लिखा था, ‘राज्य सरकार द्वारा ‘Z’ Plus और SSG की मिली हुई सुरक्षा के बावजूद केंद्र सरकार से NSG और CRPF के सैकड़ों सुरक्षा कर्मियों की उपलब्धता के जरिए लोगों पर रौब गांठने की मानसिकता, साहसी व्यक्तित्व का परिचायक है!’

स्वयं मुख्यमंत्री व केन्द्रीय मंत्री रह चुके लालू प्रसाद यादव को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ट्वीट का जवाब देने का पूरा हक था, उन्हें तंज ही कसना था तो भी कोई बात ना थी, लेकिन मर्यादा की सीमा का जिस तरह उन्होंने अतिक्रमण किया, वो किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं। सोचने की बात तो यह कि स्वयं ऐसी भाषा का प्रयोग करने वाला पिता आखिर अपने उस बेटे को क्या और कैसे समझा पाता होगा जो स्वास्थ्य मंत्री जैसे पद पर रहे होने के बावजूद अपने राज्य के उपमुख्यमंत्री को घर में घुसकर मारने और अपने देश के प्रधानमंत्री को खाल उघाड़ लेने की धमकी देता चलता है?

‘मधेपुरा अबतक’ के लिए डॉ. ए दीप

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बिहार में भी नहीं दिखेगी ‘पद्मावती’

गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और अब बिहार। जी हां, ‘पद्मावती’ अब बिहार में भी रिलीज नहीं की जा सकेगी। विवादों से घिरी इस फिल्म पर इस बार बिहार के संजीदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी राय रखी है। फिल्म पर देश भर में जारी घमासान के बीच नीतीश ने कहा है कि निर्देशक संजय लीला भंसाली इस पर अपना रुख साफ करें। ऐसा होने तक राज्य में फिल्म को रिलीज नहीं होने दिया जाएगा।

गौरतलब है कि जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार देश के पांचवें मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने पद्मावती-प्रकरण पर मुखर होकर अपनी बात रखी है। उनसे पहले गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुलकर अपनी राय रख चुके हैं। इन राज्यों ने यह कहते हुए फिल्म पर प्रतिबंध लगाया है कि इसमें इतिहास से छेड़छाड़ की गई है।

बहरहाल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस फिल्म की बाबत कहा कि “’पद्मावती’ पर कई लोग लगातार सवाल उठा रहे हैं। फिल्म के निर्दशक को इस पर अपना रुख साफ करना चाहिए। तब तक के लिए फिल्म बिहार में नहीं दिखाई जाएगी।” नीतीश ने इस संदर्भ में सभी पार्टियों के एक निष्कर्ष पर पहुंचने के बाद निर्णय लेने की बात कही और साथ में यह भी जोड़ा कि “रानी पद्मावती को इसमें नाचते हुए नहीं दिखाया जाना चाहिए था।” बिहार के कला, संस्कृति, खेल और युवा मामलों के मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि ने भी अपने मुख्यमंत्री के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि फिल्म से जब तक विवादित दृश्य निकाले नहीं जाते, तब तक फिल्म राज्य में रिलीज होने नहीं दी जाएगी।

‘पद्मावती’ को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री का यह फैसला ऐसे वक्त आया है जब एक दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों के मुख्यमंत्री से फिल्म के खिलाफ माहौल नहीं बनाने को कहा था। गौरतलब है कि ‘पद्मावती’ की रिलीज के लिए पहले एक दिसंबर की तारीख तय की गई थी, जो फिलहाल अनिश्चित काल के लिए स्थगित होती दिख रही है। 190 करोड़ की लागत से बनी संजय लीला भंसाली की इस फिल्म में दीपिका पादुकोण ने रानी पद्मावती की भूमिका निभाई है, जबकि शाहिद कपूर महारावल रतन सिंह और रणवीर सिंह अलाउद्दीन खिलजी की भूमिका में हैं।

 

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नशा मुक्ति दिवस पर जाग उठा जज्बाती जिला मधेपुरा !

मधेपुरा जिला मुख्यालय सहित सभी सदर प्रखंडो एवं उदाकिसुनगंज अनुमंडल के आलमनगर, चौसा, पुरैनी, बिहारीगंज, ग्वालपाड़ा व अन्य प्रखंडों में नशामुक्ति दिवस (26 नवंबर) सर्वाधिक उत्साह एवं संकल्प के साथ सवेरे से देर शाम तक यानि दिनभर संकल्पित भाव के साथ मनाया गया |

शहर के उर्दू मध्य विद्यालय, कन्या मध्य विद्यालय से लेकर टी.पी.कॉलेजिएट, SNPM, रास बिहारी, केशव कन्या उच्च माध्यमिक +2 विद्यालयों सहित अन्य सरकारी व प्राइवेट विद्यालयों- कौनवेटों के छात्र-छात्राओं द्वारा बी.एन.मंडल स्टेडियम से रंगारंग ‘नशा मुक्ति दिवस’ के बैनरों एवं नारों के साथ प्रभात फेरी निकाली गई | स्कूली बच्चों ने ‘नशा मुक्ति अभियान’ में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया तथा शहर के बी.पी.मंडल चौक, भूपेन्द्र चौक, मस्जिद चौक, थाना चौक, शिवनंदन चौक, सुभाष चौक, कर्पूरी चौक का भ्रमण करते हुए नशा के खिलाफ नारे लगा-लगाकर लोगों को जागरुक किया |

बता दें कि समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी सहित पदाधिकारियों एएसपी राजेश कुमार, एसडीएम संजय कुमार निराला, डीएसपी रहमत अली, शौकत अली, नरेश पासवान, अशोक चौधरी आदि की उपस्थिति में जिले के उच्चाधिकारी द्वय डीएम मो.सोहैल एवं एसपी विकास कुमार ने संयुक्त रुप से हरी झंडी दिखाकर स्कूली बच्चों की प्रभात फेरी को रवाना किया |

DM Md.Sohail showing green flag to the students at B.N. Mandal Stadium Madhepura.
DM Md.Sohail showing green flag to the students at B.N. Mandal Stadium Madhepura.

फिर दिन में जिला उत्पाद विभाग के अधीक्षक शैलेन्द्र मिश्रा एवं उत्पाद निरीक्षक राजू मिश्रा की देख-रेख में स्थानीय भूपेन्द्र कला भवन में ‘नशामुक्ति से संबंधित विषयों’ पर आधारित निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम-द्वितीय एवं तृतीय आये प्रतियोगियों क्रमशः निशा कुमारी- आनंद कुमार- कुशल आनंद एवं रूमा कुमारी- आनंद कुमार- मो.मौशिम जिया को डीएम मो.सोहैल एवं एसपी विकास कुमार ने पुरस्कृत किया |

यह भी जानिये कि कार्यक्रम के दौरान टीवी के जरिये जिले के वरीय पदाधिकारियों सहित शहर के गणमान्यों ने सीएम, डिप्टी सीएम एवं मुख्यसचिव आदि के सारगर्भित भाषणों को सुना और बाद में मधेपुरा के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल (भा.प्र.से.) ने अपने संबोधन में यही कहा-

‘नशामुक्ति से समाज में अमन शांति व स्थिरता कायम होने के साथ-साथ विकास का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है | नशा मुक्ति से बहुत बड़े पैमाने पर सामाजिक बदलाव हुए हैं- शराब में खर्च होने वाली राशि अब घर-परिवार संभालने में और बच्चे-बच्चियों की शिक्षा पर खर्च होने लगे हैं, जो सूबे के लिए सुखद संकेत है…….!’

इसके अलावे एसपी विकास कुमार ने जहां यह कहा कि शराबबंदी सहित अन्य नशा पर अंकुश लगने से अब रोड दुर्घटनाओं के साथ-साथ अपराधों की दर में कमी आई है वहीं एसडीएम संजय कुमार निराला ने अपने संबोधन में यही कहा कि नशामुक्त समाज बनाने में सरकार ही नहीं आम लोगों का सहयोग भी जरूरी है | इस अवसर पर डीडीसी, एएसपी, उत्पाद अधीक्षक, डीपीआरओ सहित अन्य समाजसेवियों ने भी अपने-अपने विचार रखे |

अंत में शाम 5:00 बजे से भूपेन्द्र कला भवन मंच से कला जत्था एवं स्थानीय कलाकारों सहित नवाचार रंगमंडल के अमित अंशु, सुनीत साना सहित सभी कलाकारों द्वारा ‘बदल रहा है बिहार’ पर दी गई प्रस्तुति आरंभ से समापन तक तालियाँ बटोरती रही और डीएम, एसपी सहित सभी उच्चाधिकारियों व गणमान्यों द्वारा अंत तक कलाकारों का उत्साहवर्धन किया जाता रहा |

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सभी लोकसभा और विधानसभा में संगठन को करें मजबूत: नीतीश

रविवार को जेडीयू राज्य कार्यकारिणी की बैठक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास, 1 अणे मार्ग, पटना में प्रदेश अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई, जिसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार, राष्ट्रीय महासचिव सह राज्यसभा सदस्य आरसीपी सिंह समेत पार्टी के अधिकांश पदाधिकारी, मंत्री, विधायक, विधानपार्षद, जिलाध्यक्ष, विभिन्न प्रकोष्ठों के अध्यक्ष एवं कार्यकारिणी के सभी सदस्य सम्मिलित हुए।

बैठक को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने संगठन की मजबूती पर बल देते हुए कहा कि हमें सभी 40 लोकसभा और 243 विधानसभा में अपने संगठन को मजबूत बनाना है। इसमें कोई दुविधा नहीं होनी चाहिए। हम मजबूत रहेंगे तभी अपने साथी दल का भी सहयोग कर सकते हैं। नीतीश ने सक्रिय रहने के लिए निरंतर बैठक व संवाद को जरूरी बताया और जोर देकर कहा कि जमीनी हकीकत को जाने बिना कुछ नहीं किया जा सकता। पार्टी के स्वाभाव व संरचना को समझकर ही अपनी कारगर भूमिका निभाई जा सकती है। अपने अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि शराबबंदी, दहेजबंदी, 18 वर्ष से कम के दिव्यांगो को पेंशन जैसे कार्य के विचार उनके मन में लोगों के बीच लगातार रहते हुए ही आए।

नीतीश कुमार ने कहा कि हमारा रास्ता औरों से अलग है, वो समाज-सुधार का रास्ता है, इसलिए कठिन है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी के विरुद्ध मानव-श्रृंखला में जो हमारे साथ खड़े थे, आज वो भी इसकी आलोचना कर रहे हैं। लेकिन चाहे जिस भी गठबंधन में क्यों ना रहे हों, हमने अपने विचारों से अब तक ना समझौता किया है, ना आगे करेंगे। दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपने संबोधन में पार्टी चुनाव चिह्न को लेकर हुए विवाद को अनावश्यक बताते हुए कहा कि पार्टी मूल रूप से एकजुट है।

सात निश्चय कार्यक्रम की चर्चा करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि इसे केन्द्र ने भी एडॉप्ट किया है। उन्होंने विश्वास के साथ कहा कि ऐसी कितनी ही चीजें हैं जो आगे भी एडॉप्ट की जाएंगी। नीतीश ने दहेजप्रथा एवं बालविवाह के विरोध में आगामी 21 जनवरी को प्रस्तावित मानव-श्रृंखला की सफलता के लिए सबका आह्वान भी किया।

बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुआई में सरकारी स्तर पर शराबबंदी, दहेजबंदी, बाल विवाह का विरोध जैसे जो कार्यक्रम किए जा रहे हैं, पार्टी ने ना केवल उसका पूर्ण अनुसरण किया है, बल्कि हर स्तर के पार्टी कार्यकर्ताओं व आमलोगों तक विचारों के इस अमृत को पहुंचाने का काम भी किया है। हाल में सम्पन्न हुए जिला सम्मेलन में महिलाओं की अच्छी उपस्थिति की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार की पहल रंग ला रही है। महिलाएं, जो कल तक खिड़कियों से झांका करती थीं, हमारे नेता ने उनके लिए दरवाजा खोलने का काम किया है। जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष ने विपक्षी दलों की भूमिका पर प्रश्न उठाते हुए कहा कि वे वैचारिक दिवालियापन के शिकार हैं। जल्द ही वो समय आएगा जब जेडीयू द्वारा उठाए गए मुद्दे राष्ट्रीय राजनीति के केन्द्र में होंगे।

दल के राष्ट्रीय महासचिव व राज्यसभा सदस्य आरसीपी सिंह ने आगामी कार्यक्रमों के लिए पार्टी का रोडमैप और कैलेंडर प्रस्तुत किया और संगठन द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षात्मक चर्चा की। उन्होंने जानकारी दी कि पार्टी ने दो लाख सक्रिय सदस्य बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया था, जिसमें डेढ़ लाख सक्रिय सदस्य बनाए जा चुके हैं। राज्य, जिला, प्रखंड एवं बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं के सशक्तिकरण की बात करते हुए उन्होंने कहा कि गांधी, लोहिया, जेपी जैसे हमारे नायकों ने जो सपना देखा था उसे हमारे नेता नीतीश कुमार पूरा कर रहे हैं। लोकशाही को मजबूत करने के लिए उन्होंने कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। चाहे जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम हो, चाहे राइट टू पब्लिक ग्रीवांस रिड्रेसल एक्ट हो, चाहे सात निश्चय कार्यक्रम, उन्होंने कई प्रतिमान स्थापित किए हैं, जिनसे हमारे हर स्तर के कार्यकर्ताओं को ना केवल वाकिफ होना चाहिए बल्कि आमलोगों को भी इससे अवगत कराना चाहिए।

बैठक में 1 दिसंबर से पार्टी के प्रशिक्षण कार्यक्रम की भी घोषणा की गई जिसके तहत दस हजार मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे, जिनका कार्य पार्टी को ग्रासरूट स्तर के कार्यकर्ताओं को जागरुक कर सशक्त करना होगा। राज्य कार्यकारिणी की इस बैठक में विभिन्न जिलों व  प्रकोष्ठों के अध्यक्ष व कार्यकारिणी के अन्य सदस्यों ने भी अपनी बातें रखीं और नेतृत्व ने उनके सुझावों को अत्यंत गंभीरता से सुना।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

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यूं उड़ाया ‘शत्रु’ ने मोदी के मंत्रियों का मजाक

भाजपा नेता और बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा अपनी पार्टी के लिए बीते दिनों की बात होते जा रहे हैं। इधर पार्टी के किसी कार्यक्रम, किसी अभियान में न तो वे शिरकत करते हैं और न ही पार्टी फोरम पर उनकी जरूरत ही महसूस की जाती है। लेकिन वे ठहरे ‘शॉटगन’। अपनी ओर लोगों का ध्यान खींचना उन्हें खूब आता है। ‘खामोश’ उनका प्रिय डायलॉग जरूर है, लेकिन खामोश रहना उनकी फितरत में नहीं। जब भी उन्हें मौका मिलता है, अपनी पार्टी का मजाक तक उड़ाने से वे बाज नहीं आते। पर इस बार तो उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पूरी कैबिनेट को ही निशाने पर ले लिया है। जी हां, गुरुवार को मोदी के मंत्रियों का मजाक उड़ाते हुए उन्होंने कहा, “कैबिनेट के 90 प्रतिशत मंत्रियों को कोई नहीं जानता, जबकि बचे हुए 10 प्रतिशत मंत्रियों की कोई इज्जत नहीं करता”।

बता दें कि शत्रुघ्न ने अभी दो दिन पहले ‘पद्मावती’ फिल्म के मुद्दे पर बॉलीवुड की नामी हस्तियों को  कठघरे में खड़ा करते हुए सूचना प्रसारण मंत्री और प्रधानमंत्री को लेकर भी सवाल उठाए थे। मंगलवार को उन्होंने कहा था कि अमिताभ बच्चन, आमिर खान, शाहरुख खान, सूचना और प्रसारण मंत्री के साथ इस पर हमारे सबसे लोकप्रिय पीएम चुप किसलिए हैं? उन्होंने ट्वीट किया, “जैसा कि ‘पद्मावती’ ज्वलंत मुद्दा बन गई है। लोग पूछ रहे हैं कि महानायक अमिताभ बच्चन, बेहद बहुमुखी आमिर खान और सबसे मशहूर शाहरुख खान के पास बोलने के लिए इस पर कुछ नहीं है। कैसे हमारी सूचना और प्रसारण मंत्री या फिर सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री (अमेरिकन थिंक टैंक पोल पीईडब्ल्यू के मुताबिक) इस पर मौन क्यों धारण किए हुए हैं। हाई टाइम!”

शत्रुघ्न यहीं नहीं रुके। उन्होंने आगे कहा कि जहां तक उनकी बात है, तो वे इस मसले पर महान फिल्मकार और प्रोड्यूसर संजय लीला भंसाली के चुप्पी तोड़ने के बाद बोलेंगे। वे सिर्फ तब बोलेंगे, जब उन्हें बोलना होगा और वे फिल्मकार की अभिरुचियों के साथ मामले की संवेदनशीलता, राजपूतों की वीरता और निष्ठा को ध्यान में रखकर बोलेंगे।”

बहरहाल, जैसे ही सोशल मीडिया पर मोदी के मंत्रियों को लेकर शत्रुघ्न की तल्ख टिप्पणी आई, लोगों ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं देना शुरू कर दिया। कई टि्वटर यूजर्स इस पर उल्टा उन्हीं का मजाक उड़ाते दिखे। उनमें से एक ने कहा, “आपने कितनी इज्जत दी। जिस पार्टी ने बढ़ाया, उसी को अपशब्द कहे।” तो दूसरे ने उनकी टिप्पणी का कारण उनकी कुंठा को बताया। कहा, “शुक्र है कि वह मंत्री नहीं हैं, वरना वे कहां फिट होते? कुंठा में।” वहीं, एक यूजर ने पूछा कि वे भाजपा छोड़ क्यों नहीं देते? तो किसी ने उनके लिए सिर्फ ‘खामोश’ शब्द का इस्तेमाल किया। पर शत्रु तो ‘शत्रु’ ठहरे, वे भला क्यों किसी से कुछ सुनें? क्यों खामोश रहें??

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तो उपमुख्यमंत्री को घर में घुसकर मारेंगे तेज प्रताप !

आज की राजनीति का स्तर गिर गया है, यह कहने में कोई नई बात नहीं। लेकिन एक युवा नेता अपने पिता की उम्र के नेता के लिए, जो पद और अनुभव में भी अत्यंत वरिष्ठ हों, अपशब्दों का प्रयोग करते हुए उन्हें घर में घुसकर मारने की बात करें तो क्या कहेंगे आप? क्या शर्म से सिर झुक नहीं जाएगा आपका? क्या राजनीतिक विरोध की ऐसी अभिव्यक्ति सभ्य समाज में किसी भी तरह स्वीकार्य हो सकती है? नहीं ना? लेकिन, बिहार की राजनीति में हो कुछ ऐसा ही रहा है।

जी हां, आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव ने उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी को लेकर अत्यंत आपत्तिजनक बयान दिया है। औरंगाबाद में एक सभा में बोलते हुए तेज प्रताप ने कहा है कि वे सुशील मोदी के घर में घुसकर उन्हें मारेंगे। उन्होंने कहा कि वे अगर सुशील मोदी के बेटे की शादी में जाते हैं तो वहां उनकी पोल खोल देंगे।

जनसभा में तेज प्रताप ने कहा कि सुशील मोदी ने फोन पर बेटे की शादी का निमंत्रण दिया है। बकौल  तेज यह निमंत्रण उऩके परिवार को शादी में बुलाकर बेइज्जत करने के लिए है। उन्होंने आगे कहा कि “हम डरते नहीं हैं। हम वहीं सभा करेंगे और शादी में तोड़फोड़ करेंगे। घर में घुसकर मारेंगे।”

तेज के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सुशील मोदी ने उन्हें कुंठित करार दिया। सुशील मोदी ने कहा, ‘तेज प्रताप कुंठित हैं। वे मेरे बेटे की शादी में बाधा डालना चाहते हैं। मुझे समझ नहीं आ रहा कि इस मामले में वे राजनीति क्यों कर रहे हैं। मैं तो लालू प्रसाद यादव के बच्चों की शादी में सम्मानपूर्वक जाता रहा हूं। मुझे उम्मीद है कि लालू यादव इस मामले में तेज से जरूर बात करेंगे।’

गौरतलब है कि उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के बेटे उत्कर्ष मोदी की शादी तीन दिसंबर को है। मोदी ने बेटे की शादी में कोई भी तामझाम नहीं करने का ऐलान किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस शादी में ना तो बैंड बजेगा और ना ही मेहमानों और बारातियों का स्वागत किया जाएगा। यही नहीं, खाने और नाश्ते की बजाय भगवान का भोग लगाया हुआ ‘प्रसाद’ दिया जाएगा। विवाह आदि आयोजनों में विरल हो चुकी ऐसी सादगी की घोषणा से यह शादी स्वाभाविक तौर पर पहले से चर्चा में थी। अब अपने विवादित बयान से तेज ने इस आयोजन को और चर्चा में ला दिया है।

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