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आरजेडी ने कहा, कर्नाटक की तर्ज पर बिहार में भी बने सरकार

कर्नाटक की आंच बिहार तक भी आ पहुंची है। बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी आरजेडी के नेता व पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को अपने सहयोगी दलों के नेताओं के साथ राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मिलकर कर्नाटक की तर्ज पर बिहार में भी सबसे बड़ा दल होने के नाते सरकार बनाने का दावा पेश किया। इस दौरान राज्यपाल को 111 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा गया। तेजस्वी के साथ प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष कौकब कादरी एवं प्रेमचंद मिश्रा, हम के दानिश रिजवान एवं आरजेडी के तेजप्रताप यादव, आलोक मेहता एवं शिवचंद्र राम समेत कई विधायक मौजूद थे।

राज्यपाल से मुलाकात के बाद तेजस्वी ने दावा किया कि अगर उन्हें सरकार बनाने का मौका मिलता है तो वह आसानी से फ्लोर टेस्ट पास कर लेंगे। तेजस्वी का दावा है कि उऩके साथ कुल 111 विधायक हैं और कुछ जेडीयू से नाखुश विधायक भी उनके संपर्क में हैं। इसके पहले कर्नाटक मुद्दे पर आरजेडी ने धरना-प्रदर्शन कर विरोध भी जताया। शुक्रवार को भाजपा पर निशाना साधते हुए तेजस्वी ने ट्वीट भी किया और कहा, ‘देश संविधान के आधार पर दिल्ली से चलना चाहिए, न कि संघ के नागपुर मुख्यालय से। चलो लोकतंत्र बचाने के लिए सड़कों पर उतरें।’

वहीं दूसरी ओर जेडीयू ने तेजस्वी पर पलटवार करते हुए उन्हें ‘बबुआगिरी’ छोड़ राज्यपाल की शक्तियों को जानने की सलाह दी है। जेडीयू के प्रवक्ता और विधानपार्षद नीरज कुमार ने तेजस्वी पर पलटवार करते हुए उनके नाम एक खुला पत्र जारी कर उन्हें लोकतंत्र और सरकार बनाने के नियमों का ज्ञान नहीं होने की बात कही। पत्र में कहा गया है कि सरकार बनाने का दावा पेश करने के पूर्व विधानसभा में वर्तमान सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर संख्याबल के द्वारा वर्तमान सरकार गिरानी पड़ती है और इसके बाद नई सरकार बनाने का मार्ग प्रशस्त होता है।

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‘साक्ष्य’ में मधेपुरा के पाँच कलमकारों के आलेख प्रकाशित

बिहार विधान परिषद द्वारा प्रकाशित ‘साक्ष्य’ पत्रिका में इसी वर्ष मार्च 2018 में लोहिया स्मरण से संबंधित लगभग साढे तीन दर्जन आलेख को जगह दी गई है । इस ताजा “लोहिया स्मरण अंक” में प्रधान संरक्षक मो.हारुण रशीद से लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राम मनोहर लोहिया के आलेख से लेकर भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी तक की लेखनी को समाहित किया गया है ।

बता दें कि आज की तारीख में मधेपुरा के भीष्म पितामह कहे जाने वाले विज्ञानवेत्ता डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी जब भी डॉ.लोहिया पर कुछ लिखने हेतु कलम उठाते हैं तो उन्हें अपनी लघुता का अहसास होने लगता है जबकि वह लोहिया के सानिध्य में तब से रहे हैं जब लोहिया अपनी पत्रिका ‘जन’ का प्रधान संपादक हुआ करते और मधेपुरी रासबिहारी उच्च विद्यालय का छात्र । यह बात 1960 की है जब (डॉ.) मधेपुरी ‘जन’ में भी कुछ-कुछ लिखा करते थे जिसके चलते वे मनीषी भूपेंद्र नारायण मंडल के निकटतम होते चले गये ।

यह भी जानिये कि 1964 ई. में उसी रासबिहारी विद्यालय के ऐतिहासिक मैदान में डॉ.लोहिया क्या कहते हैं- ” हे मधेपुरा वासियों ! मैं बार-बार मधेपुरा क्यों आता हूँ  ?क्योंकि, इस समाजवादी धरती ने भूपेंद्र नारायण मंडल जैसे निडर और बहादुर सपूत को पैदा किया है जो बेझिझक एवं निडर होकर भारतीय संसद में महत्वपूर्ण सवाल उठाते रहे हैं और आगे भी उठाते रहेंगे………!”

यह भी बता दें कि साक्ष्य में मधेपुरा के जिन पाँच कलमकारों की रचना को शामिल किया गया है उन में सर्वश्रेष्ठ व वरिष्ठ साहित्यकार एवं इतिहासकार श्री हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ हैं जिन्हें छात्र जीवन में डॉ.लोहिया और अच्युत पटवर्धन के साथ बैलगाड़ी से मधेपुरा से नेपाल बकरो के टापू तक जाने का अवसर मिला था….I

यह भी बता दें कि जहाँ शिक्षा और सामाजिक न्याय की लोहिया-दृष्टि के मर्मज्ञ एवं ख्याति प्राप्त विज्ञान वेत्ता डॉ.अवध किशोर राय (कुलपति बी.एन.एम.यू.) के शीलसंपन्न आलेख को साक्ष्य में सम्मानपूर्वक जगह दी गई वहीं डॉ.लोहिया को ताजिंदगी मार्गदर्शक के रुप में जीने वाले विधायक रह चुके राधाकांत यादव के लगभग डेढ़ दर्जन पृष्ठों वाले भीमकाय आलेख को भी साक्ष्य में शामिल किया गया है I  इसके अलावे डॉ.मधेपुरी सहित समकालीन कवि डॉ.अरविंद श्रीवास्तव को भी साक्ष्य में प्रमुखता से स्थान दिया गया है I

चलते-चलते यह भी जानिए कि कोशी क्षेत्र में डॉ.लोहिया के प्रति समर्पित क्रांतिवीरों की कमी नहीं रही, जिनमें प्रमुख रहे हैं- शिवनंदन प्रसाद मंडल, भूपेन्द्र नारायण मंडल, कार्तिक प्रसाद सिंह, चुल्हाय यादव, कमलेश्वरी प्रसाद मंडल, राम बहादुर सिंह, चित्र नारायण शर्मा, महताप लाल यादव, कुदरत उल्लाह, बैधनाथधर मजुमदार, गुणानंद झा, छेदी झा  द्विजवर, बुलाकी सुनार, ईश्वरी सिंह, भगवान चन्द्र विनोद आदि I

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प्रोविजनल बेल पर 42 दिनों के लिए बाहर आए लालू

चारा घोटाला मामले में सजा काट रहे आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव बुधवार को छह हफ्ते की औपबंधिक जमानत (प्रोविजनल बेल) पर रांची की होटवार जेल से बाहर आ गए। देर शाम उन्हें सेवा विमान से पटना लाया गया। पटना हवाई अड्डे से उन्हें व्हील चेयर पर बाहर निकाला गया। अब इलाज के लिए उन्हें मुंबई हार्ट हास्पिटल ले जाने की तैयारी की जाएगी। इससे पहले रांची जेल में उनकी जमानत की सारी जरूरी प्रक्रिया पूरी की गई। जमानत की अवधि गुरुवार से गिनी जाएगी।

गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने लालू प्रसाद को मेडिकल ग्राउंड पर छह हफ्तों की सशर्त जमानत दी है। इसके तहत लालू को जमानत अवधि के दौरान कोई राजनीतिक रैली नहीं करनी है। मीडिया से बात नहीं करनी है। साथ ही इलाज कहां-कहां कराएंगे, इसकी जानकारी अदालत को देने को कहा गया है। जमानत के दौरान उन्हें विदेश जाने की अनुमति नहीं रहेगी।

राजद के राष्ट्रीय महासचिव एवं लालू के बेहद करीबी विधायक भोला यादव के मुताबिक राजद प्रमुख को 16 तरह की बीमारियां हैं। उनका किडनी 40 प्रतिशत ही काम कर रहा है। हार्ट, शुगर, बैक पेन, चक्कर आना जैसी अन्य बीमारियां भी हैं। यह दिल्‍ली एम्स की रिपोर्ट है। सभी बीमारियों का इलाज बारी-बारी से होगा। पटना में लालू का तबतक इलाज होगा, जबतक कि बाहर के डॉक्टर का अप्वाइंटमेंट नहीं मिल जाता। एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट मुंबई के विशेषज्ञ डॉ. पांडा से समय लेकर उनसे जांच कराई जाएगी। बताया जा रहा है कि तीन मेडिकल इंस्टीट्यूट में इलाज की जरूरत महसूस की गई है। अन्य जगह ले जाने की जरूरत पड़ी तो अदालत से अनुरोध किया जाएगा।

चलते-चलते बता दें कि रांची में लालू के इंतजार में बड़ी संख्या में समर्थक व मीडियाकर्मी खड़े थे, लेकिन इनसे बचते हुए लालू को निकाला गया। कड़ी सुरक्षा के घेरे में उन्हें एयरपोर्ट ले जाया गया। जेल गेट के बाद बड़ी संख्या में समर्थक जश्न की तैयारी में थे लेकिन किसी को इसका मौका ही नहीं मिला। पटना में भी इस तरह के किसी भी प्रदर्शन से बचने की कोशिश की गई।

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मदर्स डे: कुछ अनुभूतियां

मां से छोटा
और ताकतवर
शब्द कोई और हो… तो बताना..!

गम को छिपाकर
वो कहां रखती है
गर तुम्हें मालूम हो… तो दिखाना..!

मौत के रास्ते हैं बहुत
ये मैंने, तुमने, सबने जाना
पर बात जब सृजन की हो
मां की कोख में ही होता है आना..!

मां अनपढ़ हो तब भी
गणित में बड़ी दिलदार होती है
दो रोटी मांग कर देखो
वो हरदम चार देती है..!

साल में एक दिन
मदर्स डे आता है
सब कहते हैं आज
मां का दिन है
कोई तो बतलाए
दिन कौन-सा मां के बिन है..!

ईश्वर ने सृष्टि को रचकर
उसे करीने से सजाया
पर हर बच्चे को पालने में
स्वयं को सक्षम नहीं पाया
तब हारकर उसने मां को बनाया..!

मां वो है
जो बच्चों के पथ में फूल बिछा
स्वयं कांटों पर चल लेती है
मां वो है
जो बच्चों के आज की खातिर
अपना सारा कल देती है..!

सोचो किस कदर वही मां
खून के आंसू रोती होगी
जब घर के बंटवारे में
छाती के टुकड़े ढोती होगी..!

धरा-आसमां बंट जाए सब
मां कब-कहां बंटती है
गोद इतनी विशाल उसकी
पूरी कायनात उसमें अंटती है..!

[डॉ. मधेपुरी की कविता]

 

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बेटे की शादी पर मिले और खूब मिले लालू-नीतीश

आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप और पूर्व मंत्री चंद्रिका राय की बेटी ऐश्वर्या की शादी ने यह बात एक बार फिर स्पष्ट कर दी कि सियासत अपनी जगह है और व्यक्तिगत संबंध और भारतीय संस्कार अपनी जगह। यह बात खासकर यहां लालू और नीतीश के संदर्भ में है। इस हाई प्रोफाईल शादी में जुटे तो देश भर के कई दिग्गज थे लेकिन सबकी निगाहें टिकी थीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर। महागठबंधन टूटने के बाद पहली बार उन्हें और लालू प्रसाद यादव को एक साथ किसी मंच पर होना था। इस बीच इनके संबंधों में जिस तरह की कड़वाहट देखने को मिली थी और खासकर महागठबंधन सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे तेजस्वी जिस तरह सोशल मीडिया पर हमलावर थे, उससे उत्सुकता और बढ़ गई थी। पर हुआ वही जो असल में होना चाहिए था।

नीतीश कुमार ना केवल तेजप्रताप की शादी में शामिल हुए, बल्कि पूरी आत्मीयता और सहजता के साथ वरमाला की पूरी रस्म के दौरान मंच पर ही मौजूद रहे। लालू ने भी गर्मजोशी दिखाने में कोई कसर ना छोड़ी। उन्होंने उठकर नीतीश का स्वागत किया और देर तक उनसे हाथ मिलाए रहे। यही नहीं, उनके सभी बच्चे बारी-बारी से चाचा नीतीश से मिले। जो नहीं मिले थे उन्हें राबड़ी ने बुला-बुला कर मिलाया। नीतीश और राबड़ी एक साथ एक सोफे पर बैठे थे, बिल्कुल देवर-भाभी की तरह। मीसा से लेकर तेजस्वी तक आए और मां और चाचा नीतीश के बीच बैठ कर तस्वीर खिंचवाई। बगल के सोफे पर लालू राज्यपाल सत्यपाल मलिक के साथ बैठे थे। अद्भुत दृश्य था ये।

बहरहाल, तेजप्रताप की शादी में देश के कई दलों के दिग्गज शामिल हुए। इन नेताओं में फारूक अब्दुल्लाह, अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिंपल यादव, अजीत सिंह, शरद यादव, प्रफुल्ल पटेल, शत्रुघ्न सिन्हा, दिग्विजय सिंह, हेमंत सोरेन, सीताराम येचुरी एवं डी. राजा प्रमुख थे। इन नेताओं ने भले ही कोई सियासी बयान नहीं दिया, मगर समारोह में एकसाथ इनकी मौजूदगी बहुत कुछ कह गई।

इस बेहद खास शादी में बाबा रामदेव और रामजेठ मलानी ने भी उपस्थिति दर्ज की। बिहार के सभी प्रमुख नेता – रामविलास पासवान, जीतनराम मांझी, उपेन्द्र कुशवाहा आदि – मौजूद रहे। उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी पोलैंड अपनी यात्रा के कारण समारोह में नहीं आ सके।

कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ आईं उनकी पत्नी डिंपल यादव ने इस मौके पर बड़ी अच्छी बात कही कि “दुख और सुख जीवन का हिस्सा हैं। आते-जाते रहेंगे। हम लालू परिवार की खुशियों में शामिल होने आए हैं।” देश भर के दिग्गजों और राज्य के कोने-कोने से आए बीस हजार से ज्यादा मेहमानों की मौजूदगी यही तो बता और जता रही थी।

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सचमुच लकी हैं लालू की बहू

आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की होने वाली बहू उनके और उनके परिवार के लिए भाग्यशाली साबित हुई हैं। जी हाँ, तीन दिन के पैरोल पर बेटे तेजप्रताप की शादी में शामिल होने पटना आए आरजेडी सुप्रीमो को आज मेडिकल ग्राउंड पर झारखंड हाईकोर्ट से छह हफ्ते की जमानत भी मिल गई है। इससे उनके घर में होने जा रही शादी की खुशी में जैसे चार चांद लग गए हों। बता दें कि हाईकोर्ट ने यह जमानत उनके बेहतर इलाज के लिए दी है। अब वे जहां चाहें अपना इलाज करा सकेंगे। निश्चित तौर इससे ना केवल उनका परिवार बल्कि उनके तमाम चाहने वाले बेहद सुकून की सांस ले रहे होंगे।

बहरहाल, गौरतलब है कि शनिवार 12 मई को लालू के बड़े बेटे व पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव की शादी पूर्व मुख्यमंत्री स्व. दारोगा राय की पोती व पूर्व मंत्री श्री चंद्रिका राय की बेटी ऐश्वर्या से होने जा रही है। शादी समारोह में शामिल होने को लेकर इससे पहले पूरा लालू परिवार उन्हें मिले महज तीन दिन के पैरोल से ही संतोष कर रहा था, ऐसे में छह हफ्ते की जमानत से होने वाली खुशी का अंदाजा लगाया जा सकता है। स्वाभाविक तौर पर इसे बहू के पैर पड़ने से पहले ही उसके शुभ लक्षण के तौर पर देखा जा रहा है।

वैसे बहू के पैर के लक्षण की बात करें तो इसे लोग घर के अन्य सदस्यों से जोड़ कर भी देख रहे हैं। ऐश्वर्या के आने से पहले घर के अन्य सदस्यों के मामले में खुशी ने दस्तक दी है। उदाहरण के तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री व लालू के छोटे बेटे तेजस्वी यादव को ही लें। अपने पिता की तरह तेजस्वी को भी कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। झारखंड हाईकोर्ट ने तेजस्वी यादव सहित चार नेताओं को जारी सीबीआई कोर्ट के नोटिस को खारिज कर दिया है। यह नोटिस बेतुका बयान के लिए जारी किया गया था, जिसके बाद सीबीआई कोर्ट के खिलाफ झारखंड हाईकोर्ट में याचिका डाली गई थी।

खुशियों का सिलसिला यहीं नहीं रुकता। यहां यह भी स्मरणीय है कि इससे पहले लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती और उनके पति को दिल्ली की सीबीआई कोर्ट से जमानत मिल गई थी। कोर्ट ने उन्हें बिना इजाजत के विदेश ना जाने की शर्त पर जमानत दी थी।

चलते-चलते बता दें कि योगगुरु बाबा रामदेव ने भी ऐश्वर्या को भाग्यशाली बताया है। उन्होंने तेजप्रताप की दुल्हन और उसके परिवारवालों से मुलाकात की थी और कहा था कि वो लालू परिवार के लिए लकी साबित होंगी।

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शरद यादव की राज्यसभा सीट पर शीघ्र होगा चुनाव !

जदयू के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को चुनाव आयोग से मिलकर शरद यादव की राज्यसभा सीट पर जल्द चुनाव कराने की अपील की। प्रतिनिधिमंडल में जदयू नेता केसी त्यागी, आरसीपी सिंह, ललन सिंह और संजय झा शामिल थे। माना जा रहा है कि शरद यादव की राज्यसभा सीट पर चुनाव आयोग शीघ्र चुनाव कराने का निर्णय ले सकता है।

जदयू नेता केसी त्यागी ने इस संदर्भ में कहा कि संविधान के मुताबिक छह महीने के भीतर रिक्त सीट पर चुनाव कराना जरूरी है और राज्यसभा के सभापति के फैसले के मद्देनजर शरद यादव की सीट को छह जून तक भरना जरूरी है। जदयू का तर्क है कि कोर्ट ने राज्यसभा के सभापति के फैसले को कोई स्थगन आदेश जारी नहीं किया है बल्कि राज्यसभा सदस्य के रुप में उन्हें दी जाने वाली सुविधाओं को बरकरार रखने की बात कही है।

वहीं, जदयू नेताओं की चुनाव आयोग से मुलाकात पर शरद यादव ने कहा कि कोर्ट-मुकदमों में हमारा दिमाग नहीं चलता है। यह कोर्ट को तय करना है कि राज्यसभा के सभापति का फैसला कितना जायज और नाजायज है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा में मजा नहीं आता है। मैं पहले भी लोकसभा का चुनाव लड़ चुका हूं और फिर चुनाव लडूंगा। देशभर में विपक्ष को एक प्लेटफॉर्म पर लाने की कोशिश भी जारी है।

बता दें कि पार्टी लाइन से अलग कार्य करने व पार्टी विरोधी बयान देने के मुद्दे पर जदयू ने राज्यसभा के सभापति से शरद यादव की सदस्यता खत्म करने की अपील की थी और बाद में दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद शरद यादव की सदस्यता खत्म कर दी गई थी। उनकी सदस्यता खत्म होने के अब छह महीने पूरे होने वाले हैं, लिहाजा खाली सीट शीघ्र चुनाव हो जाना चाहिए। वैसे बताते चलें कि शरद यादव की सदस्यता मामले में 23 मई को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई होने वाली है।

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जदयू ने लॉन्च किया अपना आधिकारिक वेब पोर्टल

जदयू संसदीय दल के नेता व राष्ट्रीय महासचिव श्री आरसीपी सिंह ने आज पार्टी मुख्यालय में जदयू के आधिकारिक वेब पोर्टल (www.janatadalunited.online) और वेब पत्रिका ‘जदयू संदेश’ का लोकार्पण किया। जदयू मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में विधानपार्षद प्रो. रामवचन राय, मुख्य प्रवक्ता श्री संजय सिंह, विधानपार्षद श्री नीरज कुमार, विधानपार्षद श्री संजय कुमार सिंह (गांधीजी), विधानपार्षद श्री रामेश्वर महतो, प्रदेश महासचिव व मुख्यालय प्रभारीद्वय डॉ. नवीन कुमार आर्य एवं श्री अनिल कुमार, प्रवक्ता डॉ. सुहेली मेहता, डॉ. भारती मेहता, श्री निखिल मंडल, श्री अरविन्द निषाद, श्रीमति श्वेता विश्वास, प्रशिक्षण प्रकोष्ठ के अध्यक्ष श्री सुनील कुमार, महादलित प्रकोष्ठ के अध्यक्ष श्री हुलेस मांझी, राष्ट्रीय कार्यालय सचिव श्री मिथिलेश प्रसाद सहित मीडिया सेल की पूरी टीम मौजूद रही।

JDU Media Cell President Dr.Amardeep demonstrating ( www.janatadalunited.online ) on the occasion of Launching of JDU Web Portal.
JDU Media Cell President Dr.Amardeep demonstrating ( www.janatadalunited.online ) on the occasion of Launching of JDU Web Portal.

लोकार्पण के उपरान्त अपने संबोधन में श्री आरसीपी सिंह ने इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए जदयू मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप और उनकी टीम को बधाई देते हुए कहा कि नेता, नीति, विचार और कार्यक्रम हर मामले में हमारी पार्टी बेजोड़ है और अब हम तकनीक में भी सबसे आगे होंगे। उन्होंने कहा कि ये समय आधुनिक संचार माध्यमों का है और उन्हें पूर्ण विश्वास है कि पार्टी के मीडिया सेल की मेहनत और मुस्तैदी से अब मीडिया के हर फॉर्मेट पर जदयू की शानदार उपस्थिति रहेगी।
लोकार्पण से पूर्व जदयू मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप ने विस्तार से वेब पोर्टल और वेब पत्रिका की जानकारी दी और उपस्थित लोगों को इनकी खूबियों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि आज से हमारी पार्टी एक नए युग में प्रवेश कर रही है। पार्टी के विचार और संस्कार को अब तकनीक की ताकत मिल गई है। मधेपुरा अबतक के पाठकों के लिए यहां ध्यातव्य है कि जदयू के लिए इस अत्यन्त महत्वपूर्ण कार्य को अंजाम देने वाले डॉ. अमरदीप मधेपुरा से ताल्लुक रखते हैं।
बहरहाल, कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानपार्षद प्रो. रामवचन राय ने कहा कि डॉ. अमरदीप के नेतृत्व में जदयू मीडिया सेल ने पार्टी हित में तकनीक का बेहतरीन उपयोग किया है। ये बदलते समय की मांग थी, जिसे जदयू मीडिया सेल ने अपने गठन के कुछ दिनों के अन्दर पूरा किया है। मुख्य प्रवक्ता श्री संजय कुमार सिंह ने कहा कि हमारी पार्टी ने जनहित के कई ऐतिहासिक कार्य किए हैं लेकिन प्रचार में हमलोग पीछे रह जाते थे। ये कमी अब दूर हो जाएगी। विधानपार्षद व प्रवक्ता श्री नीरज कुमार ने कहा कि पार्टी का वेब पोर्टल और वेब पत्रिका ये सिद्ध करने में सहायक होंगे कि हमलोग पॉलिटिक्स विद डिफरेंस करते हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत में पार्टी के मुख्यालय प्रभारी डॉ. नवीन कुमार आर्य एवं श्री अनिल कुमार ने श्री आरसीपी सिंह सिंह सहित सभी अतिथियों को पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया। इस मौके पर मीडिया सेल की ओर से श्री राहुल सिन्हा, श्रीमति राधा रानी, श्री आशुतोष सिंह राठौड़, श्री रविन्द्र नाथ मिश्रा, श्री राजेश कुमार, श्री विकास कुमार सिंह, श्री जीतेन्द्र यादव, श्री सुनील कुमार आदि मौजूद रहे।

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बहुत खास होगा दिल्ली का बिहार सदन

बुधवार, 2 मई को मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को दिल्ली के द्वारका सेक्टर-19 में नए बिहार राज्य अतिथि गृह ‘बिहार सदन‘ का शिलान्यास किया। शिलान्यास का कार्यक्रम वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच भारतीय परम्परा के अनुसार नारियल फोडकर व शिलापट्ट का अनावरण कर हुआ। दो एकड़ में बनने जा रहा यह भव्य भवन दिल्ली में ‘बिहार भवन‘ एवं ‘बिहार निवास‘ के बाद बिहार राज्य का तीसरा गेस्ट हाउस होगा। शिलान्यास के उपरान्त मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सदन आधुनिक एवं प्रगतिशील बिहार की छवि प्रस्तुत करेगा। इस भवन के निर्माण से दिल्ली में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं बिहार के निवासियों को काफी सुविधा मिलेगी।

Shilayanash of Bihar Sadan by CM Nitish Kumar in Delhi.
Shilayanash of Bihar Sadan by CM Nitish Kumar in Delhi.

गौरतलब है कि बिहार सदन बेसमेंट एवं भूतल के अलावा 10 (दस) फ्लोर का होगा। इसमें कुल 118 कमरे होंगे। इसके अलावा 200 लोगों के लिए कान्फ्रेंस रूम, 180 लोगों की क्षमता वाला कैफेटेरिया तथा 200 लोगों के लिए एक्जीविशन क्षेत्र रहेगा। ऊर्जा संरक्षण के उद्देश्य से सौर पैनल का लगाए जाएंगे और यह भव्य भवन पूरी तरह से भूकंपरोधी होगा। बता दें कि बिहार सदन का कुर्सी क्षेत्रफल 14771.30 वर्गमीटर होगा तथा राज्य योजना मद से इसके निर्माण के लिए वित्तीय वर्ष 2017-18 में 10 करोड़ तथा वित्तीय वर्ष 2018-19 में 68.17 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

बहरहाल, इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि हमारे सारे अधिकारी एवं अभियंता इस भवन के निर्माण कार्य में तत्परता के साथ लगे हुए है। भवन निर्माण विभाग का कहना है कि एक साल छह महीने के अंदर यह भवन बनकर तैयार हो जाएगा। इस लक्ष्य के अनुसार अगर 02 अक्टूबर 2019 को इस भवन का उदघाटन हो जाए तो यह महात्मा गाँधी की 150वीं जन्मशती के उपलक्ष्य में अत्यंत हर्ष का विषय होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में हाल के वर्षो में आधुनिकतम तकनीकों पर आधारित भवनों का निर्माण किया गया है जिसकी चर्चा अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर हो रही है। बिहार म्यूजियम का निर्माण जवाहरलाल नेहरू पथ, जिसे आमतौर पर बेली रोड़ कहा जाता है, में किया गया है। यह पूरी दुनिया के लिए आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। इसके अतिरिक्त सम्राट अशोक कन्वेंशन सेन्टर, ज्ञान भवन तथा बापू सभागार का निर्माण भी उत्कृष्ट कोटि का हुआ है। साथ ही उन्होंने बताया कि पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर ‘साइंस सिटी’ का निर्माण किया जा रहा है। इन सभी भवनों का निर्माण नवीनतम तकनीक पर आधारित है।

चलते-चलते बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सबसे पहले साठ के दशक में ‘बिहार भवन’ का निर्माण कराया गया था। उसके बाद राज्य के निवासियों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का दिल्ली में प्रवास बढ़ने पर अस्सी के दशक में ‘बिहार निवास’ का निर्माण कराया गया और अब ‘बिहार सदन’ अस्तित्व में आने जा रहा है। इसे बढ़ते बिहार की बड़ी बानगी कहें तो गलत ना होगा।

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बेटियों के जन्म पर राज्य सरकार करेगी ढाई हजार करोड़ की बारिश

सूबे की नीतीश सरकार ने बाल विवाह पर लगाम लगाने के लिए बड़ा फैसला लिया है | अब डेढ़ करोड़ बच्चियों पर प्रतिवर्ष लगभग ढाई हजार करोड़ रुपयों की बारिश करेगी राज्य सरकार | कैबिनेट की विशेष बैठक में “मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना” को मंजूरी दे दी गई है | बच्चियों के जन्म से लेकर इंटर और ग्रेजुएशन करने की शर्तों के साथ सारी नई योजनाएं इसी माह से लागू कर दी जायेंगी | हाँ ! सारे माता-पिता यह याद रखें इस योजना का लाभ परिवार के दो बच्चों तक ही सीमित रहेगा |

बता दें कि घर में बेटी के जन्म लेते ही राज्य सरकार की ओर से माता-पिता के बैंक खाते में 2000 रु जमा दिये जायेंगे | आगे 1 वर्ष की उम्र में उसका आधार लिंक होने के साथ-साथ टीकाकरण पूरा हो जाने पर (1000 + 2000) कुल 3000 रु जमा दिये जायेंगे यानी बेटी की उम्र 1 वर्ष होते ही माता-पिता के बैंक खातों में लगभग 5000रु मुख्य सचिव द्वारा जमा दिये जायेंगे |

यह भी जानिए कि लड़की के अविवाहित होने की शर्त के साथ ही इंटर पास करने पर राज्य सरकार उसे 10,000 रु देगी | इसके अलावे लड़की के ग्रेजुएशन करने पर 25,000 रु दिये जायेंगे जबकि ग्रेजुएशन में लड़की के विवाहित या अविवाहित होने की शर्त नहीं रखी गई है |

यह भी बता दें कि फिलहाल लड़कियों से जुड़ी योजनाओं पर 840 करोड रुपये सालाना खर्च होते हैं | नई योजनाओं के लागू होने पर यह रकम बढ़कर 2221 करोड़ यानी लगभग ढाई हजार करोड़ रुपये हो जायेगी | यह भी जान लीजिए कि पूर्व में बच्चियों को सैनेटरी नैपकिन के लिए 150 रूपये दिये जाते थे जिसे अब 300रु कर दिये जायेंगे | इस तरह प्रत्येक बच्ची को जन्म से लेकर (ग्रेजुएशन करने तक राज्य सरकार द्वारा कुल 54,100 रुपए दिये जायेंगे |

फिलहाल शिक्षा के क्षेत्र में बालिकाओं के लिए पोशाक योजना, साइकिल योजना, छात्रवृत्ति योजना और मेधावृत्ति योजना से कक्षाओं में लड़के एवं लड़कियों का अनुपात लगभग बराबर हो गया है और आगे मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना लागू होने पर महिलाओं के सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक सशक्तिकरण और उनके समानता के अधिकार को सुदृढ़ होने का अवसर प्राप्त होता रहेगा…….|

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