पृष्ठ : बिहार अबतक

सीएम नीतीश कुमार जनता दरबार में बिजली बिलिंग में गड़बड़ी की शिकायत पर हुए नाराज, ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र हुए सख्त

बिजली बिल से संबंधित सूबे के लोगों की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने ज्योंही नाराजगी व्यक्त की कि सूबे के कर्मठ ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव शीघ्र ही वरीय अधिकारियों के साथ बैठक बुलाने की घोषणा कर दी। बिजली मंत्री द्वारा संबंधित अधिकारियों एवं इंजीनियरों पर कड़ी कार्रवाई करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि बिजली बिल की गड़बड़ी के मामले किसी सूरत में स्वीकार नहीं होंगे। ऊर्जा मंत्री ने यह भी कहा कि लोगों की शिकायतें इस प्रकार सुनी गई हैं-

1. मीटर रीडर बिना मीटर देखे ही औसत के अंदाज में बिजली बिल भेज देता है जिससे बकाया बढ़कर अंत में हजारों में पहुंच जाता है।

2. मीटर खराब होने पर भी औसत बिल भेजा जाता है, मीटर बदला नहीं जाता। अंत में भारी बिल चुकाना पड़ता है।

3. मीटर सामान्य से तेज चलने की शिकायत करने पर भी त्वरित कार्रवाई नहीं की जाती है।

4. स्मार्ट मीटर में बिजली की खपत अधिक होने की शिकायतें भी लगातार बढ़ती जा रही है।

सम्बंधित खबरें


सीएम नीतीश के संकल्प “न शराब आने देंगे, न किसी को पीने देंगे” को पूरा करेंगे के.के.पाठक

पूर्ण शराब बंदी पर 7 घंटे कैबिनेट की बैठक हुई और सख्ती के लिए एक्शन प्लान भी बना। केके पाठक को फिर दिल्ली से लाकर उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की कमान सौंपी गई।

बता दें कि 1990 बैच के आईएएस अधिकारी केके पाठक को बिहार लौटने के बाद नीतीश सरकार ने उन्हें फिर से शराब बंदी कानून को मुस्तैदी से लागू करने की जवाबदेही सौंपी है।

जानिए कि 5 अप्रैल 2016 को जब बिहार में नीतीश सरकार ने पूर्ण शराब बंदी लागू की थी, तब केके पाठक ही इस विभाग के प्रधान सचिव थे और शराबबंदी को सख्ती से लागू करवाया था। इस बार तो केके पाठक इस विभाग के अपर मुख्य सचिव हैं। उनके आने की धमक मिलते ही पुलिस मुख्यालय ने सभी थानों को निर्देश दिया कि शराब से जुड़े सभी स्पाॅट की पहचान कर कठोर कार्रवाई करें। अब राज्य भर में चलेगा शराब के खिलाफ अभियान।

चलते-चलते यह भी कि सीमावर्ती इलाकों में मौजूद 127 थानों को विशेष रूप से निर्देश दिया गया है कि अपने क्षेत्र के पूरे रूट को आईडेंटिफाइ कर सख्त कार्रवाई तुरंत शुरू करें। सभी जिलों के पुलिस कप्तानों को समुचित मॉनिटरिंग करने का सख्त निर्देश दिया गया है। मुख्यमंत्री ने यहां तक कह डाला है कि जिस क्षेत्र में शराब मिलेगी उसके थानेदार तुरंत सस्पेंड होंगे और एसपी से पूछा जाएगा शोकाॅज। अब सीएम नीतीश कुमार विरोधियों की बोलती बंद करने की ठान ली है जिसे पूरा करने के लिए केके पाठक को लाया गया है।

सम्बंधित खबरें


देश में पूर्ण टीकाकरण वाले घरों पर कोरोना स्टीकर लगेगा

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार जिस घर में लोगों को कोरोना प्रोटोकॉल के नियमों के तहत दोनों डोज लग चुके हैं उस घर पर पूर्ण टीकाकरण वाला कोरोना स्टीकर साटा जाएगा। क्योंकि भारत सरकार सुनिश्चित करना चाहती है कि देश के हर व्यक्ति का पूर्ण टीकाकरण हो।

बता दें कि अब तक सिंगल या डबल डोज मिलाकर देश ने तेजी से 100 करोड़ कोरोना टीकाकरण का लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। परंतु, कोरोना अभी भी समाप्त नहीं हुआ है।

जानिए कि बीते चौबीस घंटों में कोरोना वायरस ने देश में 197 लोगों की जान ले ली है जिसमें 127 मौतें केवल केरल राज्य में दर्ज की गई है। चतुर्दिक चर्चा हो रही है कि हर व्यक्ति के पूर्ण टीकाकरण के लिए जन भागीदारी आवश्यक है।

चलते-चलते यह भी कि भारत सरकार ने घोषणा की है कि दोनों खुराक 100% लोगों को देना कोविड-19 टीकाकरण अभियान को पूरा करने और भारत में वैश्विक महामारी समाप्त करने के लिए जरूरी है। मौके पर समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने कहा कि इस व्यापक अभियान को हम सभी भारतीय का समर्थन मिले तभी सरकार का “हर घर दस्तक” अभियान सफल हो पाएगा और हर घर पर पूर्ण टीकाकरण वाला कोरोना स्टीकर दूर से ही अपनी चमक बिखेड़ता हुआ दिखेगा।

सम्बंधित खबरें


उपन्यासकार मन्नू भंडारी के निधन से साहित्य जगत मर्माहत

प्रख्यात उपन्यासकार मन्नू भंडारी के निधन का समाचार सुनते ही संपूर्ण साहित्य जगत मर्माहत हो गया। चारों ओर शोक की लहर दौड़ गई।

बता दें कि मध्य प्रदेश में जन्मी लेखिका मन्नू भंडारी ने साहित्य के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई थी। अपने कालजई रचनाओं “आपका बंटी”, “महाभोज” आदि के लिए मशहूर मन्नू भंडारी का सोमवार को गुरुग्राम के एक अस्पताल में निधन हो गया।

जानिए कि मन्नू भंडारी को हिन्दी में उनकी उत्कृष्ट साहित्यिक उपलब्धियों के लिए “दिल्ली शिखर सम्मान” एवं केके बिरला फाउंडेशन के “व्यास सम्मान” सहित कई अन्य पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था। उनके प्रसिद्ध उपन्यास “यही सच है” को 1974 में ‘रजनीगंधा’ नाम से फिल्माया गया था। यह फिल्म एक साल बाद कई फिल्म फेयर पुरस्कार भी जीते।

मौके पर समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने कहा कि साहित्य को समृद्ध करने वाली मन्नू भंडारी द्वारा महिलाओं के अलावा कई विषयों पर लेखन की जा चुकी है। 90 की उम्र तक बदलते सामाजिक यथार्थ की कहानीकार बनी रही मन्नू भंडारी…… ताजिंदगी हिन्दी की अग्रणी लेखिका बनी रही। तभी तो मन्नू जी का लिखा आज भी समस्त साहित्यानुरागियों की नसें चटका देता है। उनकी कहानी कभी पुरानी नहीं पड़ सकती…।

सम्बंधित खबरें


मधेपुरा से मंगल सानिध्य रखने वाले गणितज्ञ डॉ.वशिष्ठ नारायण सिंह को मरणोपरांत मिला पद्मश्री सम्मान

गणितज्ञ प्रो.(डॉ.)वशिष्ठ नारायण सिंह का मंगल सानिध्य मधेपुरा से रहा है। जहां उन्होंने मधेपुरा के भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय में विजिटिंग प्रोफेसर के रूप में योगदान दिया था, वहीं पटना के साइंस कॉलेज में मधेपुरा निवासी समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी से एक क्लास आगे पढ़ते थे।

जानिए कि वर्ष 1962 में जब डॉ.वशिष्ठ नारायण नेतरहाट से हायर सेकेंडरी उत्तीर्ण होकर बी.एस-सी पार्ट वन के छात्र हुआ करते थे तब डॉ.मधेपुरी पटना साइंस कॉलेज में प्री-साइंस के छात्र हुआ करते थे।

बता दें कि गणितज्ञ रामानुजन कहलाने वाले एकमात्र छात्र वशिष्ठ के लिए कुलपति डॉ.जॉर्ज जैकब एवं पटना साइंस कॉलेज के प्राचार्य डॉ.नासु नागेंद्र नाथ ने बी.एस-सी गणित की परीक्षा लेकर उन्हें कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी भेज दिया, जहां उन्होंने गणितज्ञ डॉ.केली के सानिध्य में रहकर काम किया।

यह भी कि जब 1973 में वैवाहिक बंधन में बंधे तो अचानक दुनिया भैंचक हो गई यह जानकर कि गणितज्ञ वशिष्ठ रांची मेंटल हॉस्पिटल में इलाजरत हैं। जब गणित की दुनिया का वह चमकता सितारा गुमनामी की जिंदगी जीने को विवश हो गया तब मधेपुरा वकालत खाना में डॉ.मधेपुरी ने लोक अभियोजक शिवनेश्वरी प्रसाद की अध्यक्षता में एक बैठक बुलाकर उस महान गणितज्ञ को आर्थिक मदद करने का निर्णय लिया। परंतु, एक दिन बाद कर्पूरी सरकार ने घोषणा कर दी कि डाॅ.वशिष्ठ नारायण का सारा खर्च सरकार वहन करेगी।

सम्बंधित खबरें


बिहार के प्रमोद को ‘खेलरत्न’ से सम्मानित किया राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने

महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने खेल जगत में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को राष्ट्रपति भवन के ‘दरबार हाल’ में समारोह पूर्वक सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में टोक्यो पैरालंपिक में बिहार के वैशाली निवासी प्रमोद भगत को भी बैडमिंटन के स्वर्ण पदक विजेता होने पर मेजर ध्यान चंद खेल रत्न पुरस्कार से नवाजा गया। राष्ट्रपति द्वारा जैवलिन थ्रो के विश्व चैंपियन नीरज चोपड़ा सहित भारत 12 खिलाड़ियों को मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

बता दें कि इसी कार्यक्रम में पैरालंपिक के ऊंची कूद में टोक्यो ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी शरद कुमार सहित 35 खिलाड़ियों को राष्ट्रपति द्वारा ‘अर्जुन पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।

चलते-चलते यह भी बता दें कि जहां खेलरत्न पुरस्कार में पुरस्कार राशि 25 लाख दी गई… वहीं अर्जुन पुरस्कार में 15 लाख रूपये की पुरस्कार राशि दी गई है। इसके अलावे सम्मान पत्र आदि देकर भी सम्मानित किया गया। यूं तो यह सम्मान हर साल 29 अगस्त को मेजर ध्यानचंद के जन्मदिन पर आयोजित किया जाता है, परंतु उस समय टोक्यो ओलंपिक एवं पैरालंपिक खेल होने के कारण यह समारोह विलंब से आयोजित किया गया।

सम्बंधित खबरें


बाल्मीकि नगर जंगल में मंगल मनाएंगे पर्यटक और गुजारेंगे रात थ्री स्टार होटल में

सूबे की नीतीश सरकार ने दिशा निर्देश पर पर्यटन विभाग ने 3 माह के अंदर बाल्मीकि नगर के टाइगर रिजर्व एरिया में टेंट सिटी लगाने का निर्णय लिया है। टेंट सिटी निर्माण में लगभग ₹10 करोड़ का खर्च आएगा।

बता दें कि 10 करोड़ में तैयार की जाएगी 50 स्वीट, जिनमें 3 स्टार होटल जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। चर्चा इस बात पर भी हो रही है कि इसके तैयार होने पर सर्वप्रथम बिहार के कैबिनेट की एक बैठक वहां आयोजित की जाएगी, फिर पर्यटकों के लिए लोक अर्पित कर दिए जाएंगे। साथ ही वहां रहने के लिए नियम एवं शुल्क की राशि दोनों वेबसाइट पर डाल दी जाएंगी। राशि में भाड़े के अतिरिक्त भोजन आदि की सभी सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी। आस-पास घूमने जाने वाले पर्यटकों के लिए गाड़ी की व्यवस्था भी रहेगी।

चलते-चलते यह भी कि वैसे निवेशक भी यहां आ सकते हैं, जो पर्यटन क्षेत्र में निवेश करना चाहते हैं। बिहार के पर्यटकों के लिए क्या-क्या सुविधाएं दी जा सकती हैं इस पर भी चर्चाएं की जाएंगी।

 

सम्बंधित खबरें


नीतीश सरकार ने साढ़े तीन लाख नियोजित शिक्षकों के मूल वेतन में 15% की बढ़ोतरी की

सूबे बिहार की नीतीश सरकार ने राज्य के साढ़े तीन लाख नियोजित शिक्षकों को 1 अप्रैल 2021 से ही उनके मूल वेतन में 15% की बढ़ोतरी करने का आदेश जारी कर दिया है। बढ़ोतरी का यह आदेश प्रदेश के प्राइमरी स्कूल से लेकर उच्च माध्यमिक विद्यालय के नियोजित शिक्षकों व पुस्तकालयाध्यक्षों के लिए शुक्रवार को जारी किया गया है। इसके लिए शिक्षा विभाग एक ऑनलाइन कैलकुलेटर तैयार कर रहा है। इसके तैयार होते ही नियोजित शिक्षकों सहित पुस्तकालयाध्यक्षों का भी वेतन निर्धारित कर दिया जाएगा। यह वित्तीय लाभ 1 अप्रैल 2021 से दिया जाएगा।

बता दें कि अखबारों में छपे निर्धारित पे मैट्रिक्स के आधार पर नियोजित शिक्षक अपनी बढ़ोतरी का सही आकलन कर सकते हैं। शिक्षा विभाग द्वारा इसे जल्द ही ऑनलाइन अपलोड भी किया जाएगा।

यह भी कि नियोजित शिक्षकों एवं पुस्तकालयाध्यक्षों की मूल वेतन वृद्धि (15%) जनवरी 2022 से भुगतान की जाएगी। जान लें कि यदि किसी नियोजित शिक्षक व पुस्तकालयाध्यक्ष का मूल वेतन अपने कनिय से कम हो गया तो उनका मूल वेतन कनिय के मूल वेतन के अनुरूप निर्धारित किया जाएगा।

चलते-चलते यह भी जानिए कि समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने सरकार से पूर्व में भी कई अवसरों पर यह मांग की है कि नियोजित शिक्षकों को वो सारी सुविधाएं दी जाएं जो एक नियमित शिक्षक को दी जा रही हैं। डॉ.मधेपुरी आरंभ से ही समान काम समान वेतन के पक्षधर रहे हैं।

सम्बंधित खबरें


अब शरीर के किसी भाग पर मौजूद हुआ कोरोना वायरस तो नैनो तकनीक वाले रिस्ट बैंड का बजने लगेगा अलार्म

कोरोना की तीसरी लहर की आशंका से भयभीत भारतीय युवा विज्ञानी डॉ.रेनु चोइथरानी का दावा है कि देश में इस तरह का पहला नम्नोमेष है जिसे भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय ने प्रमाणित किया है। इस बैंड को तैयार करने में करीब डेढ़ वर्ष का समय और लगभग ढाई हजार रुपये का खर्च आया है।

बता दें कि इस रिस्ट बैंड में बायो सेंसर लगे हैं, जो कि कोरोना वायरस के सभी वेरिएंट की पहचान कर लेते हैं। बैंड में लगी लाल एलईडी जलने के साथ-साथ अलार्म भी बजने लगता है।

चलते-चलते यह भी जान लीजिए कि शरीर का तापमान मापने हेतु इस बैंड में थर्मल सेंसर भी लगाए गए हैं, जिसे जिसमें मोबाइल नंबर फिट करने पर शरीर का तापमान सामान्य से अधिक होते ही आपातकालीन नंबर पर मैसेज आ जाता है।

 

सम्बंधित खबरें


योग पर जारी हुए कई डाक टिकटें

प्रत्येक व्यक्ति ब्रह्मांड का अंश है। वह योग और प्राणायाम को अपनाकर निरोगी जीवन जी सकता है। स्वास्थ्य के लिए योग आवश्यक है। व्यक्ति को प्रत्येक दिवस का शुभारंभ योग से करना चाहिए। प्रत्येक दिवस को विश्व योग दिवस मानकर योग करने वाला ही स्वस्थ रह सकता है।

बता दें कि 2015 में प्रथम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर एक शीट जारी हुई थी जिसमें प्रतीकात्मक रूप से योग व प्राणायाम करते दर्शाया गया था। फिर 2016 में द्वितीय योग दिवस पर सूर्य नमस्कार करते हुए 12 डाक टिकटों की एक लघु शीट जारी की गई थी जिसके जरिए यह दर्शाया गया था कि योग व प्राणायाम शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है।

चलते-चलते यह भी जानिए कि प्रत्येक वर्ष योग दिवस की थीम अलग-अलग होती है। साथ ही नयापन बनाए रखने के लिए कुछ ना कुछ नया करने मोहर लगाया जाता है।

 

सम्बंधित खबरें