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मधेपुरा में 2 महीने एवं पटना में 4 अगस्त तक बंद रहेगा भोलेनाथ का मंदिर

बिहार सरकार ने सूबे की राजधानी में अवस्थित भोलेनाथ शिव के मंदिर को कोरोना के कोहराम एवं संक्रमण के तेजी से बढ़ते कदम और श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते 4 अगस्त तक के लिए बंद रखने का आदेश जारी किया है।

बता दें कि आषाढ़ के गुरु पूर्णिमा के बाद से यानि 6 जुलाई से प्रारंभ हो रहे सावन को ध्यान में रखकर सूबे की सरकार द्वारा यह आदेश दिया गया है। तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को लेकर एहतियाती कदम उठाया गया है। यह भी जानिए कि मंदिर के बाहर सुरक्षा को लेकर पुलिस बल भी तैनात रहने की व्यवस्था की गई है।

यह भी बता दें कि कोरोना संक्रमण के चलते सिंहेश्वर के शिव मंदिर को एक बार फिर से जुलाई एवं अगस्त यानि 2 माह के लिए बंद कर दिया गया है। श्रावणी मेला के कारण डीएम नवदीप शुक्ला ने न्यास के सदस्यों एवं विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों के साथ न्यास समिति के सभाकक्ष में बैठक की। अपार भीड़ को सोशल डिस्टेंसिंग के नियमानुसार चलाना अत्यंत दुरुह कार्य मानकर मंदिर परिसर को बंद किए जाने का फैसला लिया गया। डीएम की सहमति के साथ 2 महीने के लिए मंदिर बंद किया गया और सुरक्षा को लेकर स्थानीय थाना को जिम्मेवारी दी गई।

 

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बढ़ते अनलॉक के साथ कोरोना ने भारत की टेंशन बढ़ा दी

जानलेवा कोरोना वायरस के चलते भारत में पिछले 24 घंटे में 19 हजार 1 सौ 48 संक्रमित नए केस मिले जबकि 435 लोगों की मौत हो गई। सरकारी आंकड़े के अनुसार देश में अब तक कोरोना मरीजों की कुल संख्या 5 लाख 66 हजार 840 पार करने वाली है तथा अब तक इस कोरोना वायरस ने कुल 17 हजार से ज्यादा लोगों की जान ले ली है।

यह भी बता दें कि देश में जहां 2 लाख 26 हजार 947 केस एक्टिव है वहीं ठीक होने वाले मरीजों की कुल संख्या 3.5लाख है। आगे 1 जुलाई से शुरू होने वाले अनलॉक-2 के बाद कोरोना विशेषज्ञों की मानें तो कोविड-19 के मामले बढ़ने की आशंका है।

जानिए कि चीन के वुहान शहर से 6  महीना पहले निकलकर सारी दुनिया में आतंक मचा दिया है और दुनिया के लगभग सभी देशों की एक करोड़ से ज्यादा लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है। अब तो सावधानियों को नकारने के चलते प्रतिदिन लगभग एक लाख 150,000 यानि डेढ़ लाख लोग इसकी चपेट में आते जा रहे हैं।

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मधेपुरा जिला में शनिवार को एक साथ 22 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले, बना दहशत का माहौल

बता दें कि जिले में शनिवार को बारिश की तरह कोरोना ने कोहराम मचा दिया जहां एक साथ 22 कोरोना पॉजिटिव मरीज निकले। इस 22 कोरोना पॉजिटिवों में 13 चौसा एवं 2 आलमनगर प्रखंड से जबकि 3 गम्हरिया प्रखंड से है। गम्हरिया के तीनों मरीज नोएडा से आए थे।

यह भी जानिए कि अब तक मधेपुरा जिला में कोरोना मरीज की कुल संख्या 200 हो गई है जिसमें 160 मरीज इलाज के बाद कोरोना मुक्त होकर घर जा चुके हैं। जिले में कोरोना मरीज के एक्टिव मामले फिलहाल मात्र 40 हैं।

बकौल डॉ.फूल कुमार बाहर से यात्रा करने वाले कोरोना पॉजिटिव लोगों के साथ रहने पर उन्हें बुखार, सूखी खांसी एवं सांस में तकलीफ जैसे दिखे तो वैसे मरीजों का स्कैनिंग कराया जाता है। यदि स्कैनिंग के दौरान कोई संदिग्ध मरीज पाया जाता है तो उन्हें आइसोलेशन वार्ड में कुछ दिनों के लिए रखा जाता है। जब उसकी तबीयत में सुधार नहीं आती है तब उसे जननायक कर्पुरी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है।

चलते-चलते यह भी जानिए कि गुरुवार को जीवछपुर से कुल 50 व्यक्ति का सैंपल लिया गया था जिसमें मात्र तीन कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। सूबे बिहार के 28 जिलों में शनिवार को 180 कोरोना  संक्रमितों की पहचान की गई जिसके साथ राज्य में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 8858 हो गई। जबकि मृतकों की संख्या बढ़कर अब 58 हो गई है। कोरोना मुक्त होने वाले मरीजों की संख्या 6930 हो चुकी है।

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बिहार में ठनके से 102 लोगों की मौत, 28 जून तक वज्रपात का खतरा

सूबे बिहार के 25 जिलों में गुरुवार को बारिश के दौरान ठनका गिरने से 102 लोगों की जहां मौत हो गई वहीं 3 दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं जिसमें खेती किसानी से जुड़े ज्यादातर लोग शामिल हैं। इस प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे परिवार के परिजनों के प्रति सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शोक जताया है। सीएम ने सभी मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये किए गए वादानुसार देने का निर्देश दिया है।

बता दें कि गोपालगंज से लेकर अररिया तक कुल 25 जिलों में कहां कितने लोगों की मौत हुई उसकी विस्तृत जानकारी अखबारों के माध्यम से भी लोगों तक पहुंच चुकी है।

यह भी जानिए कि अगले 3 दिनों के लिए मौसम विभाग ने बिहार, उत्तर प्रदेश, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम के कुछ इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी कर दी है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि केवल बिहार के दो दर्जन जिलों में भारी बारिश के साथ ठनका गिरने से 50 से अधिक लोग झुलसकर घायल भी हुए हैं जिसमें कई लोगों की हालत गंभीर है। सबसे अधिक लोगों की जान गोपालगंज जिले में गई है जहां ठनका गिरने से एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो गई है। मुख्यमंत्री ने बार-बार यही कहा कि विपदा की घड़ी में मैं प्रभावित परिवारों के साथ हूं। सभी सतर्क रहें सुरक्षित रहें।

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बिहार सरकार ने मधेपुरा सहित एक दर्जन जिले को 24 से 29 जून तक भारी वर्षा-पात को लेकर अलर्ट रहने को कहा

बता दें कि भारत मौसम विज्ञान विभाग के द्वारा भारी वर्षापात के पुर्वानुमान से संबंधित Special Weather Bulletin जारी की गई है। बुलेटिन के अनुसार दिनांक 24 से 29 जून तक मधेपुरा सहित सहरसा, सुपौल, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार, अररिया, दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, सीतामढ़ी, गोपालगंज, सीवान और मुजफ्फरपुर जिले के कुछ इलाकों में सामान्य से भारी वर्षापात यानि अतिवृष्टि की संभावना व्यक्त की गई है।

जानिए कि जिले के आलाधिकारियों को बिहार सरकार ने बाढ़ की संभावना के मद्देनजर इन निर्देशों का अनुपालन करने हेतु चेतावनी दी है कि सभी संबंधित आवश्यक तैयारियां समय से पूर्व सुनिश्चित की जाए।

यह कि जिले के प्रतिनियुक्त NDRF/SDRF की टीमों का आवासन जिलान्तर्गत सर्वाधिक प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में ही रखें। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आम लोगों को इन तथ्यों की जानकारी हो इसके लिए जिला जनसंपर्क पदाधिकारी के माध्यम से सभी स्थानीय समाचार पत्रों तथा सोशल मीडिया पर जानकारियां दिए जाने का आदेश दिया है ताकि सभी लोग सजग रहें।

चलते-चलते यह भी कि प्रधान सचिव ने स्थिति से निपटने के लिए नावों, मोटर वोटों को पर्याप्त संख्या में डिप्लाॅय करने की बात कही। यह भी सुनिश्चित करने हेतु निर्देश दिया गया कि वृद्धजन, दिव्यांगजन, बच्चे, गर्भवती महिलाओं को निष्क्रमण में प्राथमिकता दी जाए। संबंधित सभी विभागों के कर्मियों को अलर्ट रहने हेतु WhatsApp के माध्यम से जानकारी प्रेषित करने को कहा गया है।

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राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष (पूर्व केंद्रीय मंत्री) डॉ.रघुवंश प्रसाद सिंह ने नाराज होकर उपाध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा

आज राष्ट्रीय जनता दल की धरती पर दो बार झटका महसूसा लोगों ने। पहली बार तब जब राजद के पांच विधान परिषद सदस्य पार्टी छोड़कर जदयू में शामिल हो गए। दूसरा बड़ा झटका राजद को पुनः तब लगा जब कोरोना से संक्रमित रघुवंश प्रसाद सिंह (पूर्व केंद्रीय मंत्री) ने राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

बता दें, ऐसा माना जाता है कि वैशाली के पूर्व सांसद रमा सिंह को राजद में शामिल किए जाने के विरोध में रघुवंश प्रसाद सिंह ने यह कदम उठाया है।

जानिए कि राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद से त्यागपत्र देने के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह, जो फिलहाल पटना एम्स में कोरोना से युद्ध कर रहे हैं, ने राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव से दो-दो हाथ करने को कदम बढ़ा चुके हैं।

कोरोना पॉजिटिव पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह द्वारा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद जो कुछ बयान दिया गया… उस बयान ने कोरोना की तरह पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं में दहशत पैदा कर दिया है-

“हर संकट में लालू प्रसाद का साथ दिया और वह पार्टी को नर्क बना दिया… पैसे लेकर टिकट बेचना अब बर्दाश्त नहीं…. पार्टी के लिए समर्पित कार्यकर्ताओं की उपेक्षा अब सहन नहीं की जा सकती…. कहने को तो और बहुत कुछ है…. फिलहाल स्वस्थ तो होने दीजिए।”

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मधेपुरा से पटना… कैसे हो कोरोना ?

पहले पटना से ही कोरोना… और कोरोना संक्रमित मरीजों की स्थिति की जानकारी से अवगत होवें आप। पटना के एम्स में एक 38 वर्षीय दिल्ली में कार्यरत रेलकर्मी शम्स तबरेज (खगोल निवासी) नामक युवक जो कोरोना पॉजिटिव था…. इलाज हेतु भर्ती हुआ। परंतु, वह कोरोना सुनकर ही दहशत में आ गया था। इलाज के क्रम में ही वह मरीज युवक एम्स के अंदर ही आत्महत्या कर लिया। परंतु, उसकी मौत के कुछ घंटे बाद ही उसका कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आ गया। हमेशा तनाव में रह रहा उस मरीज का पटना एम्स के आइसोलेशन वार्ड में इलाज चल रहा था।

यह भी जानिए कि कोरोना पॉजिटिव राजद नेता रघुवंश प्रसाद सिंह (पूर्व केंद्रीय मंत्री) अभी भी एम्स पटना में सांस लेने की तकलीफ से जूझ रहे हैं जिन्हें बीच-बीच में ऑक्सीजन भी दिया जा रहा है। यूँ राजद नेता रघुवंश बाबू की हालत में सुधार होने की खबर मिल रही है।

सूबे बिहार के मुखिया नीतीश कुमार ने आलाधिकारियों से कहा कि कोरोना के साथ ही संभावित बाढ़ से भी जूझना पड़ सकता है… अतः दोनों चुनौतियों से एक साथ निपटने की तैयारी की जाए।

चलते-चलते यह भी जानिए कि जहां बिहार में एक साथ 85 कोरोना संक्रमित मिले जिससे कुल मरीजों की संख्या 7893 हो गई वहीं मधेपुरा में फिर 4 नए मामले की कोरोना पुष्टि से लोग दहशत में आ गए हैं जिसमें तीन शंकरपुर और एक बिहारीगंज प्रखंड का बताया गया है।

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संसार के सभी देशों ने मनाया आज 6वाँ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

2020 में कोविड-19 के चलते अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम डिसाइड की गई है- “Yoga For Health…. Yoga From Home.”

तभी तो पीएम ने अपने संदेश में कहा कि “योगा विद फैमिली एंड योगा एट होम” को सभी भारतीय ही नहीं, समस्त संसार अपनाएं। पीएम मोदी ने गीता को उद्धृत करते हुए कहा कि कर्म की कुशलता ही योग का मंत्र है। योग के द्वारा हम सर्वाधिक कर्मयोगी बन सकते हैं तथा विपरीत परिस्थितियों में भी पॉजिटिव सोच रख सकते हैं।

बता दें कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने की पहल की थी। तब से भारत समेत दुनिया के सभी देश 21 जून 2015 से यह अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मना रहा है। इस बार सारा विश्व 6वाँ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कोरोना के कारण घर के अंदर अपने फैमिली केेेे साथ मना रहा है।

यह भी जानिए कि योग को घर-घर तक पहुंचाने वाले योग ऋषि स्वामी रामदेेेेव इस अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर हमें क्या संदेश देते हैं-

योग के द्वारा जीवन का रूपांतरण होता है। योग से चेतना जागृत होती है। योग को जीवन की दिनचर्या में डालने के पश्चात सभी बच्चे जब शरीर से बलवान, मस्तिष्क से प्रज्ञावान बनेंगे तभी भारत महान बनेगा। योग सदा जोड़ता है- इंसान को इंसान से। मन की एकाग्रता के लिए योग जरूरी है। योग से संतुलन बना रहता है- शरीर का संतुलन, मन का संतुलन और संपूर्ण जीवन का संतुलन। संतुलन ही योग है और यह बिगड़ जाए तो खड़ा सामने रोग है।

 

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पीएम द्वारा बिहार के तेलिहार गांव से प्रवासी मजदूरों के लिए 20 जून को शुरू किया गया- गरीब कल्याण रोजगार मिशन

कोरोना के चलते लॉकडाउन के कारण प्रवासी मजदूर विभिन्न शहरों से अपने-अपने घर लौटे हैं। केंद्र सरकार इन्हें रोजगार मुहैया कराने के लिए बिहार के खगड़िया जिले के बेलदौर प्रखंड के तेलिहार गांव से 20 जून को “गरीब कल्याण रोजगार मिशन” का श्रीगणेश किया।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार एवं डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी की मौजूदगी में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए इस अभियान की शुरुआत की। बाद में पांच अन्य राज्यों के सीएम एवं संबंधित मंत्रालयों के केंद्रीय मंत्री भी इस वर्चुअल लांच में शिरकत करेंगे।

यह भी जानिए कि इस अभियान में बिहार के 32, यूपी के 31, एमपी के 24, राजस्थान के 22, उड़ीसा के 4 तथा झारखंड के 3 जिलों के प्रवासी मजदूरों को रोजगार मिलेगा। इन प्रवासी श्रमिकों को रोजगार देने के लिए विभिन्न प्रकार के 25 कार्यों को तेजी से कराया जाएगा। यह अभियान 12 विभिन्न मंत्रालयों का एक समन्वित प्रयास होगा।

चलते-चलते यह भी बता दें कि इस बाबत केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत सरकार के 25 योजनाओं में 50 हजार करोड़ रुपए के काम होंगे। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत प्रवासी श्रमिकों को उनके कौशल के अनुसार काम दिया जाएगा, जिससे उन मजदूरों की रोजी-रोटी की व्यवस्था होगी। वित्त मंत्री ने बताया कि जिन छह राज्यों के 116 जिलों में बड़ी संख्या में श्रमिकों की वापसी हुई है तथा जिन लोगों के कौशल की सरकार ने मैपिंग कराई है…. उन्हें ही सर्वप्रथम इस मिशन से जोड़ा जाएगा।

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Indo-Chinese हिंसक झड़प के बाद भारतीय तीनों सेनाएं अलर्ट पर

भारत-चीन सीमा के बीच हुई हिंसक झड़प में भारतीय 20 जवानों के शहीद होते ही तीनों सेनाओं  (जल-थल-नभ) को अलर्ट पर रहने के लिए भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, चीफ आफ आर्मी डिफेंस जनरल बिपिन रावत एवं तीनों सेनाओं के प्रमुखों की हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया।

बता दें कि 3500 किलोमीटर की चीन सीमा पर भारतीय सेना की नजर है जिस पर तीनों सेनाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया है। चीन की नौसेना को कड़ा जवाब देने के लिए हिंद महासागर में भारतीय नौसेना भी अपनी तैनाती बढ़ाने में लगी है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि भारतीय एक-एक जवान की शहादत चीन पर भारी पड़ेगा। अरुणाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख में लाइन आफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) के साथ जहां अपने सभी प्रमुख फ्रंट-लाइन ठिकानों पर अतिरिक्त जवानों को अधिकारियों ने रवाना कर दिया है वहीं वायुसेना ने एलएसी और बॉर्डर एरिया पर नजर रखने के लिए पहले से ही अलर्ट बढ़ा दिया है। सारे सैनिकों की छुट्टियां कैंसिल कर दी गई है। देमचौक एवं पेंगोंग लेक के आसपास के गांवों को खाली कराया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 जून को सर्वदलीय बैठक बुलाया है। मोदी सरकार एक्शन में आ गई है।

 

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