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मास्क पहनो इंडिया !!

भारत में कोरोना संक्रमितों की संख्या 24 घंटे में पहली बार 2 लाख के पार और बिहार में पहली बार एक दिन में 10 हजार के पार। तुर्रा तो यह है कि कोरोना तेजी से बढ़ती चली जा रही है। फिर ऐसा लगने लगा है कि सब कुछ बंद होने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। ऐसी परिस्थितियों में चारों ओर से आवाज उठने लगी है- “मास्क पहनो इंडिया !!”

जानिए कि सूबे बिहार में कोरोना वनडे क्रिकेट की तरह तेजी से 10455 संक्रमितों तक पहुंच गया है और 51 लोगों को दुनियावी रंगमंच के बाउंड्री से बाहर ले जाकर दफन भी कर दिया है। सूबे बिहार के लिए ये दोनों आंकड़े अब तक के सर्वाधिक हैं। राज्य में  कोरोना संक्रमण दर लगभग 10% तक पहुंच गई है। रिकवरी रेट घटकर 82.9% तक आ गई है। पहली बार 10 जिलों में 300 से अधिक केस मिले हैं।

चलते-चलते यह भी जानिए कि सूबे के सभी 13 ऑक्सीजन प्लांट पूरी क्षमता से काम करने लगे तो प्रतिदिन 104 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति होगी जिससे राज्य के अस्पतालों के अधिकतम मांग को पूरा किया जा सकेगा। फिर भी जरूरत के अनुसार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र से प्रतिदिन 72 मीट्रिक टन लिक्विड ऑक्सीजन की मांग की है।

मौके पर समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा कि ऐसी परिस्थिति में अंधकार को कोसने से बेहतर है एक दीप जलाना। हम सभी कोविड प्रोटोकॉल के नियमों का सख्ती से पालन करें।  संवेदनशील डीएम श्याम बिहारी मीणा की बातों को मानें- बिना मास्क के घर से नहीं निकलें। डबल मास्क पहनें…. और जोर से बोलें-

   “मास्क पहनो इंडिया !!”

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भारत में पीएम रहे मनमोहन के कोरोना संक्रमित हुए, सुनते ही ब्रिटिश प्रधानमंत्री का भारत दौरा रद्द

आरबीआई के गवर्नर तथा अर्थशास्त्र के ज्ञाता भारत में लंबे अर्से तक प्रधानमंत्री रह चुके मनमोहन सिंह कोरोना की दूसरी लहर के दौरान संक्रमित हो गए हैं। पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को सोमवार को एम्स में भर्ती कराया गया।

बता दें कि 88 वर्षीय श्री सिंह को बेहतर इलाज हेतु एम्स के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। ट्राॅमा सेंटर को “कोविड उपचार केंद्र” के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। आरंभ में उन्हें हल्का बुखार था, बाद में जांच के क्रम में कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि की गई। यह भी कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी कोरोना वायरस से संक्रमित होने की जानकारी दुनिया को दी।

जानिए कि ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन द्वारा अगले सप्ताह भारत की यात्रा पर आने की सहमति दी जा चुकी थी। परंतु, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि ऐसे दिग्गज नेताओं के कोरोना संक्रमित होने के मद्देनजर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन फिलहाल भारत यात्रा पर नहीं आएंगे।

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कोरोना के कारण सूबे बिहार में आज से रात 9:00 बजे से सुबह 5:00 बजे तक लगा रहेगा नाइट कर्फ्यू

कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमितों की संख्या इस कदर तेजी से बढ़ने लगी कि इस बार बिहार के महामहिम राज्यपाल फागू चौहान की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक के सुझावों के साथ-साथ डीएम-एसपी से वस्तु स्थिति की जानकारियां लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में चली 6 घंटे की मैराथन मीटिंग में नाइट कर्फ्यू के अतिरिक्त ये निर्णय लिए गए-

1. सूबे की सभी दुकानें, प्रतिष्ठान और मंडियां शाम 6:00 बजे तक ही खुली रहेंगी।

2. सभी शिक्षण संस्थान, सिनेमा हॉल, मॉल, पार्क एवं जिम 15 मई तक बंद रहेंगे।

3. सूबे के सभी मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर एवं गुरुद्वारा भी 15 मई तक बंद रहेंगे।

4. सूबे के सभी सरकारी एवं निजी कार्यालय 5:00 बजे शाम तक बंद हो जाएंगे।

5. इस बार शादी या श्राद्ध में 100 लोग शामिल होंगे और दाह संस्कार या दफन के दौरान 25 लोगों तक ही रहेंगे।

6. सूबे के स्कूल-कॉलेजों में परीक्षाएं नहीं होंगी, परंतु बीपीएससी एवं कर्मचारी चयन की परीक्षाएं ली जाएंगी। जानिए कि अप्रैल में होने वाला जीईई मेन परीक्षा भी स्थगित रहेंगी।

7. इस बार माइक्रो की जगह अब पूर्ण कैंटोनमेंट जोन बनेंगे।

8. इस बार अनुमंडल स्तर पर क्वारंटाइन सेंटर बनाए जाएंगे तथा होम आइसोलेशन में रहने वालों की भी होगी निगरानी।

9. सभी सरकारी मेडिकल कॉलेज-अस्पतालों में लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट लगेगा।

10. इस बार भी स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रियता और समर्पण को देखते हुए एक माह का अतिरिक्त वेतन का भुगतान करने का निर्णय लिया गया है।

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5 दिन रोजगार व 2 दिन कोरोना पर हो प्रहार

कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए लाॅकडाउन को लेकर मजदूरी कर परिवार के लिए निवाला जुटाने वाले मजदूरों की फौज की तस्वीर सामने आ जाती है। मजदूरों के समक्ष रोजगार का संकट ना हो इसको लेकर राजनेताओं की सर्वाधिक मान्यताएं यही है- लाॅकडाउन नहीं थोपा जाए।

बता दें कि कोई राजनेता सिर्फ जागरूकता की बात करते तो कोई कहते कि कोरोना प्रसार रोकने हेतु वीकेंड-कर्फ्यू लगे, तो कोई कहते कि किसी कीमत पर लाॅकडाउन नहीं लगे….. वहीं कुछ का कहना है कि जो भी हो वह नियोजित हो…..। महामहिम राज्यपाल फागू चौहान का तो यही कहना है कि जो भी हो…. कोरोना संकट से निपटने के लिए एकजुटता अवश्य हो

अंत में सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बोले कि 17 अप्रैल को राज्यपाल की अध्यक्षता में हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सर्वदलीय बैठक में सभी दलों द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण सुझावों एवं 18 अप्रैल को डीएम-एसपी से वस्तु स्थिति की जानकारियां लेकर आपदा प्रबंधन समूह द्वारा जल्द ही निर्णय ले लिए जाएंगे।

चलते-चलते समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने इस बाबत पूछे जाने पर यही कहा कि मजदूरों को दृष्टिपथ में रखते हुए पांच रोज तक कोरोना प्रोटोकोल के नियमों को सख्ती के साथ पालन करते हुए रोजगार का मौका दिया जाना और सप्ताह के अंत में दो दिनों तक कर्फ्यू के दरमियान प्रशासनिक स्तर जागरूकता लाने हेतु विभिन्न विधियों से प्रचार-प्रसार करना समुचित प्रतीत होता है। कोरोना से जीतने के लिए सबों को एकजुट होकर काम करना ही पड़ेगा….!

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अंबेडकर की 131वीं जयंती पर बोले डॉ.मधेपुरी- अपने बच्चों को शिक्षा, संस्कार और संघर्ष की ताकत दें

नौ भाषाओं के ज्ञाता और भारतीय संविधान के निर्माता डॉ.भीमराव अंबेडकर की 131वी जयंती समाजसेवी-शिक्षाविद् प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के कारण अपने वृंदावन निवास पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मनाई। डॉ.मधेपुरी ने ऑनलाइन जयंती का आयोजन कर कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर ने बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ एकजुटता एवं संघर्ष का मंत्र दिया था। उन्होंने कहा कि सभी अपने बच्चों को शिक्षा, संस्कार और संघर्ष करने की ताकत दें।

बता दें कि जिले के विभिन्न स्थानों पर भिन्न-भिन्न संस्थानों में विविध प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन कर लोगों ने डॉ.भीमराव अंबेडकर को याद किया और श्रद्धा सुमन अर्पित किया। किसी ने कहा कि डॉ.अंबेडकर ने सदा हक के लिए आवाज उठाई तो किसी ने उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने की बात कही।

चलते-चलते यह भी कि विभिन्न राजनीतिक युवा संगठनों ने जहां अंबेडकर के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया, वहीं कुछ संगठनों द्वारा बाबासाहेब को मानवतावाद का पुजारी कहां गया। पंचायत-प्रखंड से लेकर जिला और प्रांतीय एवं राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर तक बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को लोगों ने याद किया।

 

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रमजान है इस्लामिक कैलेंडर का नौवां महीना

चांद का हुआ दीदार, पहला रोजा आज। 14 अप्रैल से शुरू हुआ रोजा। इस पर्व में इबादत से राजी होकर खुदा बेपनाह रहमते बरसाता है। यह पर्व मुस्लिम समुदाय के लिए अहम माना जाता है। इसे उपवास और इबादत करने का एक पवित्र महीना माना जाता है।

बता दें कि रमजान को माह-ए-रमजान भी कहा जाता है। इस पूरे महीने अल्लाह की सच्चे मन से इबादत की जाती है। इस महीने में रोजे रखने के अलावा रात में तरावीह की नमाज पढ़ी जाती है। सुबह सेहरी करके रोजा शुरू किया जाता है तथा शाम को इफ्तार के साथ रोजा खोला जाता है। जानिए कि सेहरी और इफ्तार का समय निश्चित होता है।

चलते-चलते यह भी जानिए कि रमजान के महीने को तीन भागों में बांटा गया है। प्रथम 10 रोजों में रहमतों का दौर होता है और दूसरे 10 रोजों में माफी का एवं अंतिम 10 रोजे जहन्नुम की आग से बचाने के लिए होता है। परंतु, इस बार कोरोना की नई लहर के कारण सामूहिक नमाज- इफ्तार से सभी परहेज कर रहे हैं…. क्योंकि कुरान-ए-पाक में वतन से मोहब्बत करने का हुक्म है।

 

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रूसी कोरोना वैक्सीन स्पूतनिक-बी के इस्तेमाल हेतु भारतीय विशेषज्ञों ने दी मंजूरी

भारत में कुछ दिनों से भारतीय सिरम इंस्टीट्यूट की “कोविशिल्ड” एवं भारत बायोटेक की “कोवैक्सीन” का इस्तेमाल कोरोना टीकाकरण के रूप में किया जा रहा है।

हाल-फिलहाल रूसी कोरोना वैक्सीन स्पूतनिक-बी के आपातकालीन इस्तेमाल को भारतीय ड्रग कंट्रोलर जनरल की विषय विशेषज्ञ समिति ने मंजूरी दे दी है। जब फार्मास्यूटिकल कंपनी डॉ.रेड्डीज लैबोरेट्रीज ने सात दिन कबल रूसी कोरोना स्पूतनिक-बी के भारत में इस्तेमाल की लिखित मंजूरी हेतु आवेदन दिया तो विषय विशेषज्ञ समिति ने स्वीकार कर लिया।

अतः भारत में कोरोना की बढ़ रही दूसरी लहर से मुकाबला करने के लिए भारत में अब तीन प्रकार के वैक्सीन उपलब्ध हैं। समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र  मधेपुरी ने भारत वासियों से अनुरोध किया है कि वैक्सीन अवश्य लें, परंतु मास्क भी पहने और दूरी बना कर रहें तथा साबुन से हाथ धोते रहें।

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कोरोना के चलते सूबे की सारी दुकानें शाम 7:00 बजे तक हो जाएंगी बंद

बिहार की नीतीश सरकार ने कोरोना की दूसरी लहर से लड़ाई जीतने के लिए उच्च स्तरीय बैठक की। इसके बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर आपदा समूह की हुई बैठक में ये फैसले लिए गए- (1.) 30 अप्रैल तक राज्य की सारी दुकानें शाम 7:00 बजे तक ही खुली रहेंगी। (2.) सरकारी व निजी दफ्तरों में 33% कर्मी ही रोज आएंगे। (3.) मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और गिरजाघर बंद रहेंगे। (4.) पब्लिक ट्रांसपोर्ट व सिनेमा हॉल 50% क्षमता से चलेंगे। (5.) फिलहाल राज्य के सारे स्कूल-कॉलेज व कोचिंग संस्थान 18 अप्रैल तक बंद रहेंगे।

बता दें कि आपदा समूह द्वारा यह भी निर्णय लिया गया कि इस दौरान पूर्व से निर्धारित परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी, परंतु इन परीक्षाओं में भी कोरोना बचाव के प्रोटोकॉल का अनुपालन सबों के लिए अनिवार्य होगा।

यह भी जानिए कि बकौल सीएम इस बार अनुमंडल स्तर पर ही बनेंगे क्वॉरेंटाइन सेंटर। उन्होंने कहा कि ट्रेन से बिहार आने वालों की रेलवे स्टेशनों पर ही जांच होगी। एयरपोर्ट पर भी कोरोना जांच की व्यवस्था की गई है।

चलते-चलते यह भी कि समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र  मधेपुरी ने कोरोना की दूसरी लहर की दोगुनी तेज रफ्तार पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पहली लहर में जहां 100 दिन लगे थे 10 लाख  संक्रमितों की संख्या पहुंचने में, वहीं इस बार दूसरी लहर में मात्र 50 से 55 दिनों में ही यह  आंकड़ा पार हो गया है।  महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में तो बेड की कमी सामने आने लगी है, जबकि कोरोना वायरस अब तक विश्व के 29 लाख से ज्यादा लोगों की जान ले भी लिया है। इस दूसरी लहर में कोरोना वायरस से ठीक होने वालों की दर में गिरावट आई है जो 97 फ़ीसदी से घटकर 91 फ़ीसदी तक आ गई है। डॉ.मधेपुरी ने विनीत अनुरोध किया है कि इस परिस्थिति में सभी भारतवासी मास्क पहने, सोशल डिस्टेंस मेंटेन करें तथा साबुन से समय-समय पर हाथ धोने में कभी भी लापरवाही ना करें। घर में रहें….. सुरक्षित रहें।

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महापंडित राहुल सांकृत्यायन की 128वीं जयंती मनी मधेपुरा में

प्रतिष्ठित बहुभाषाविद् एवं महापंडित राहुल सांकृत्यायन की 128वीं जयंती कोरोना के कारण ऑनलाइन मनाया कौशकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन संस्थान के सचिव डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने। अपने वृंदावन निवास पर बच्चों को संबोधित करते हुए डॉ.मधेपुरी ने कहा कि यात्रा साहित्य के पितामह कहे जाने वाले राहुल सांकृत्यायन का जन्म 1893 ईस्वी के 9 अप्रैल को यूपी के आजमगढ़ में हुआ था और 14 अप्रैल 1963 को दार्जिलिंग में उन्होंने अंतिम सांस ली थी।

इस अवसर पर सम्मेलन के अध्यक्ष व वरिष्ठ साहित्यकार हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ ने अपने ऑनलाइन संबोधन में यही कहा कि राहुल सांकृत्यायन का बचपन का नाम केदारनाथ पांडेय था, जिन्होंने अपने जीवन का 45 वसंत और पतझर देश-दुनिया की यात्राओं में बिताया। वे भारतीय मनीषा के अग्रणी विचारक, साम्यवादी चिंतक, सामाजिक क्रांति के अग्रदूत, सार्वजनिक दृष्टि एवं घुमक्कड़ प्रवृत्ति के महान पुरुष थे।

सम्मेलन के संरक्षक व पूर्व सांसद डॉ.आरके यादव रवि ने शुभाशीष देते हुए बच्चों से इतना ही कहा कि उनकी प्रसिद्ध पुस्तक “मेरी लद्दाख यात्रा” में सभी धार्मिक, ऐतिहासिक व पारंपरिक जगह और रिवाजों का विस्तृत विश्लेषण है। उन्होंने हिन्दी, संस्कृत, पाली, भोजपुरी, उर्दू, फारसी, अरबी, तमिल, कन्नड़, तिब्बती, फ्रेंच एवं रूसी भाषाओं में भी पुस्तकें लिखी हैं।

अंत में डॉ.अरविंद श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए यही कहा कि बाद में वे बौद्ध भिक्षु भी बन गए थे। मृत्यु के कुछ दिन पूर्व उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।

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पटना में कोरोना ने रिकॉर्ड तोड़ा, वहीं तेजी से टीकाकरण करने वाला देश भारत बना

पटना में गुरुवार को कोरोना 746 संक्रमितों के साथ पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। 5 लोगों की मौत भी हो गई। 3 की मौत एम्स में जबकि 2 की मौत पीएमसीएच में हुई। पिछले साल सर्वाधिक संक्रमित मिले थे….. 616.

पटना हाई कोर्ट में विगत सप्ताह में 35 कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद चारों ओर दहशत फैल गई है। अब तो हाईकोर्ट में भी कोरोना जांच की व्यवस्था शुरू हो गई है, जहां पर कर्मी रोजाना जांच करा रहे हैं। पटना के नए इलाकों में भी तेजी से फैल रहा है कोरोना।

बावजूद इसके भारत पूरे विश्व में सबसे तेजी से टीकाकरण करने वाला देश बन गया है। भारत में कोरोना महामारी को मात देने के लिए जो कदम उठाए हैं उसकी प्रशंसा पूरे विश्व में हो रही है। देश ने इस संकट में जिस संयम और साहस का परिचय दिया है- वह अतुलनीय है, सराहनीय है।

केंद्र एवं प्रदेश सरकार की सजगता का सम्मान करते हुए हमें भी टीकाकरण की बारी आने पर टीका अवश्य लेना चाहिए। मास्क पहनना, सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन करना और बार-बार साबुन से हाथ धोकर सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना कभी भूलना नहीं चाहिए। अप्रैल की 11 तारीख से सरकारी एवं निजी दफ्तरों में भी शुरू की जाएगी टीकाकरण की व्यवस्था। 100 सुयोग्य लाभार्थियों वाले जगहों पर भी टीकाकरण की व्यवस्था आरंभ होगी।

चलते-चलते समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने सबों से विनीत अनुरोध किया है कि सभी मिलकर कोरोना को भगाने में मदद करें वरना गरीब-मजदूर को लॉकडाउन लगने की आशंका को लेकर अभी से ही रोजी-रोटी की चिंता सताने लगी है। डॉ मधेपुरी ने कहा कि ऐसी बात नहीं कि उन्हें कोरोना का खौफ नहीं…. दरअसल कोरोना से अधिक उन्हें अपने कुनवे के निवाले की चिंता है।

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