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बिहार के 40वें महामहिम राज्यपाल बने फागू चौहान

चार नये गवर्नर के पदस्थापन और दो के स्थानांतरण की विज्ञप्ति जारी हुई राष्ट्रपति भवन से। जिन चारों राज्यों में नये राज्यपालों की नियुक्तियाँ की गई, वे हैं – बिहार, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और नागालैंड।

बता दें कि जहाँ बिहार के 40वें राज्यपाल बनेंगे पिछड़ों के शीर्ष नेताओं में गिने जाने वाले 71 वर्षीय फागू चौहान, वहीं पश्चिम बंगाल के गवर्नर नियुक्त किये गये हैं हरियाणा के वरिष्ठ नेता और सुप्रीम कोर्ट के जाने-माने वकील 68 वर्षीय जगदीप धनकड़।

यह भी बता दें कि जहाँ त्रिपुरा के राज्यपाल बनाये गये पूर्व केंद्रीय मंत्री रमेश बैस, वहीं नागालैंड का गवर्नर बनाया गया राष्ट्रीय सुरक्षा उप सलाहकार आर.एन.रवि।

यह भी जानिए कि बिहार में बतौर 331 दिन गवर्नर रहकर जिनने कई बड़ी लकीरें खींची उसी लालजी टंडन का स्थानांतरण मध्य प्रदेश किया गया हैं….. जहाँ की राज्यपाल 77 वर्षीय आनंदी बेन पटेल को उत्तर प्रदेश के गवर्नर की जिम्मेदारी दी गई है।

नई पहल जो लालजी टंडन ने अपने सालभर से भी कम कार्यकाल में की , वे हैं- (1) राजभवन में संविधान दिवस का आयोजन (2) शंकराचार्य व मंडन मिश्र की तर्ज पर शास्त्रार्थ का आयोजन (3) राजभवन में उद्यान प्रदर्शनी का आयोजन (4) विश्वविद्यालयों को गाँवों को गोद लेने के लिए प्रेरित करना (5) संगीतज्ञों को सम्मान दिलाने की पहल और (6) चांसलर्स अवार्ड की शुरुआत की पहल….. जो प्रक्रियाधीन है।

अब देखना यह है कि यूपी के मऊ जनपद की घोसी विधान सभा सीट पर विभिन्न पार्टियों से 6 बार विधायक रह चुके तथा राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के चेयरमैन रह चुके फागू चौहान बिहार जैसे पिछड़े परंतु विकासोन्नमुखी राज्य के व्यापक सुधार हेतु क्या-क्या करते हैं……..?

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नहीं रहे रामचंद्र पासवान

लोजपा के वरिष्ठ नेता, समस्तीपुर के सांसद व केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान के सबसे छोटे भाई रामचन्द्र पासवान नहीं रहे। रविवार को दोपहर 1.24 पर उन्होंने नई दिल्ली स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली। अभी कुछ दिन पहले हार्ट अटैक के बाद उन्हें हॉस्पिटल लाया गया था, लेकिन तब शायद कोई नहीं जानता था कि वे अब यहां से कभी नहीं लौटेंगे। अपने पीछे वे पत्नी सुनैयना कुमारी के साथ दो बेटे और एक बेटी को छोड़ गए हैं।

मात्र 57 वर्षीय रामचंद्र पासवान के असामयिक निधन से जैसे शोक की लहर दौड़ गई हो। ऐसा कोई राजनीतिक दल नहीं, जिसने उनके लिए शोक न जताया हो। स्वभाव से बड़े हंसमुख और मिलनसार रामचंद्र पासवान राजनीति के साथ ही सामाजिक कार्यों में भी समान रूप से सक्रिय थे। बड़े भाई रामविलास पासवान द्वारा स्थापित दलित सेना के प्रमुख के रूप में उन्होंने दशकों तक अहम भूमिका निभाई और अपने अग्रज के बेहद मजबूत कांधा के तौर पर रहे। बिहार की राजनीति में रामविलास पासवान, पशुपति कुमार पारस और रामचंद्र पासवान की जैसी तिकड़ी रही और अपनी एकजुटता से इस तिकड़ी ने जैसी सफलता हासिल की, वैसा उदाहरण कोई दूसरा नहीं।

रामचंद्र पसवान मूल रूप से खगड़िया जिला के अलौली प्रखंड अंतर्गत शहरबन्नी गांव के रहने वाले थे। जामुन दास एवं सिया देवी के पुत्र रामचंद्र पासवान ने मैट्रिक तक की शिक्षा ग्रहण की थी। 1999 में रोसड़ा से वे पहली बार संसद के लिए चुने गए थे। इस बार समस्तीपुर से ढाई लाख मतों से अधिक के अंतर से जीतकर वे चौथी बार संसद पहुँचे थे।

रामचंद्र पासवान देश के उन चुनिंदा सांसदों में से रहे हैं, जिनकी औसत उपस्थिति संसद में अस्सी प्रतिशत से अधिक रही है। वे संसद की विभिन्न कमेटियों के सदस्य रहे। लोकसभा सदस्य के रुप में मिलने वाले सांसद निधि का वे शत-प्रतिशत खर्च करते थे। उनके लगभग सभी कार्यकाल में उनके सांसद निधि का खर्च शत-प्रतिशत रहा है। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि वे क्षेत्र के विकास के प्रति कितने तत्पर थे।

बताया जाता है कि इस बार एनडीए के नेताओं के द्वारा रामचंद्र पासवान को अपना क्षेत्र बदलने के लिए दबाव बनाया गया था, लेकिन वे टस से मस नहीं हुए। उनका कहना था कि जीत और हार तो लगी रहती है। यदि हमने काम किया है तो लोग हमें जरूर वोट देंगे। काम नहीं किया गया होगा तो वोट नहीं करेंगे, लेकिन लड़ूंगा समस्तीपुर से ही। इसके बाद वे समस्तीपुर से चुनाव लड़े और भारी अंतर से जीते भी। पर नियति को कुछ और ही मंजूर था। ‘मधेपुरा अबतक’ की ओर से उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।

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मैं भी पिछले जन्म में बिहारी था- ऋतिक रोशन

एक ओर जहाँ सुपर-30 के आनंद कुमार को इस सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने KBC के स्पेशल एपिसोड में बुलाकर 25 लाख जीतने का अवसर प्रदान किया वहीं दूसरी ओर बॉलीवुड के महान नायक ऋतिक रोशन ने गणितज्ञ आनंद कुमार पर सुपर-30 फिल्म बनाकर आनंद के जीवन के एक-एक पल को बखूबी जिया और किरदार भी निभाया। यह सुपर-30 फिल्म ऐसी बनी कि एक साथ दर्जनों जगहों पर चली और पहले ही दिन लगभग 11 करोड़ की कमाई की।

बता दें कि जितने भी लोग फिल्म देखने के बाद आनंद से मिले सबों ने यही कहा कि आनंद सर में और ऋतिक रोशन में कोई अंतर नहीं पाया…. वहीं ऋतिक जब आनंद सर से मिले तो पहले उनका पैर छूकर आशीर्वाद लिया और पुनः ऋतिक ने आनंद सर के भाई प्रणव से यही कहा-

अभी तक मैने वो काम किया है जो आनंद सर करते आ रहे हैं….. अब आनंद सर वो काम करें जो मैं करता आ रहा हूँ- इसी वार्तालाप के साथ दोनों ने “एक पल का जीना” गाने का सिग्नेचर स्टेप डांस शुरू कर दिया।

यह भी कि जहाँ बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने ऋतिक रोशन से मुलाकात के क्रम में फिल्म में जीवंत किरदार निभाने के लिए साधुवाद दिया वहीं ऋतिक ने इस फिल्म को Tax Free घोषित कर छात्रों में फिल्म देखने की ललक बढ़ाने हेतु सीएम नीतीश कुमार को हृदय से बधाई दी।

Anand Kumar is being honoured by Dr.Bhupendra Madhepuri, VC Dr.A.K.Ray, DM Navdeep Shukla at BN Mandal auditorium during his visit.
Anand Kumar is being honoured by Dr.Bhupendra Madhepuri, VC Dr.AK Ray, DM Navdeep Shukla at BN Mandal auditorium during his recent visit.

चलते-चलते बता दें कि गुरु पूर्णिमा के दिन ऋतिक ने आनंद सर के गुरुओं का जमकर सम्मान किया इसलिए कि आनंद ने शिक्षा के क्षेत्र में सपरिवार अपना बहुमूल्य योगदान देकर बिहार को गौरवान्वित किया है। चंद महीने कबल बीएन मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा के ऑडिटोरियम में आनंद कुमार ने छात्रों की भारी भीड़ को संबोधित किया था। उस अवसर पर डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने उन्हें डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम पर लिखी अपनी पुस्तक “छोटा लक्ष्य एक अपराध है” भेंट की थी तथा कुलपति डॉ.एके राय, डीएम नवदीप शुक्ला (आईएएस) एवं डॉ.मधेपुरी  आदि द्वारा “बाबा सिंहेश्वर धाम” का प्रतीक चिन्ह सम्मिलित रूप से ससम्मान हस्तगत कराया गया था।

अंत में यह भी कि किसी व्यक्ति के जीवन काल में ही उसके कृतित्व पर फिल्म बने, लोग देखे और सराहे…. ऐसा बिरले होता है…..। जब ऋतिक ने सुपर-30 के बच्चों में सादगी और इंटेलिजेंस के साथ-साथ पैशन व टैलेंट देखा तो सर्वाधिक भावुक होकर बोले….. मैं भी पिछले जन्म में बिहारी था।

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संसार का पहला तैरता डेयरी फार्म

दुनिया का पहला तैरता दो मंजिला डेयरी फार्म नीदरलैंड के रोटरडम में आरंभ हो गया है। जहाँ गाय के थन से दूध निकालने के लिए रोबोट्स रखे गए हैं।

बता दें कि बंदरगाह पर बने इस डेयरी फार्म में 40 गायों को रखी व पाली जा सकती है, परंतु फिलहाल 35 गायें रखी गई है….. जिनसे लगभग 800 लीटर दूध का उत्पादन किया जा रहा है।

यह भी जानिए कि यह डेयरी फार्म शहर में दूध की आपूर्ति को पूरा करने के लिए बनाया गया है जिसे डच प्रॉपर्टी कंपनी बेलाडोन ने तैयार किया है। बंदरगाह पर डेयरी फार्म होने के कारण दूध के भिन्न-भिन्न प्रोडक्ट्स उपभोक्ताओं तक आसानी से पहुंचाये जा सकते हैं।

यह भी बता दें कि इस डेयरी फार्म के जनरल मैनेजर अल्बर्ट बेरसन ने बताया कि गायों को 80% भोजन रॉटरडम की फूड फैक्ट्रियों से निकलने वाले वेस्ट प्रोडक्ट है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि जहाँ डेयरी फार्म से निकलने वाले गोबर का इस्तेमाल खाद और गैस बनाने में किया जाता है वहीं सोलर पैनल के जरिए फार्म अपनी बिजली खुद बना रहा है।

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‘एमी’ की कहानी

बिना हाथ-पैर की पैदा हुई एमी से उसके माता-पिता ने तुरंत अपना संबंध विच्छेद कर लिया और जिस अस्पताल में एमी जन्म ग्रहण की थी उस अस्पताल के स्टाफ से कहा कि एमी को एक कमरे में बंद कर दें और खाने-पीने के लिए कुछ नहीं दें….. ऐसे भी होते हैं माँ-बाप !

बता दें कि आज की तारीख में एमी 37 वर्ष की है। वह जीवन से निराश सभी हाथ-पैर वालों के बीच जाकर…… मोटिवेशनल स्पीकर बन…. लोगों को हमेशा प्रेरित करती है। एमी क्या नहीं करती है….. ये वो सब कर लेती है जिसे सेल्फ-डिपेंडेंट कहा जाता है।

जानिए कि जब एमी को उसके अपने माता-पिता ने छोड़ दिया था तब किसी संवेदनशील परिवार ने उसे गोद ले लिया। एमी बड़ी होने पर अपनी शारीरिक कमजोरी को ही अपनी ताकत बना लिया और आज वह अपना यूट्यूब चैनल “हाउ इज शी डू इट” भी चलाती है।

यह भी बता दें कि एमी कुकिंग से लेकर सिलाई तथा फोटोग्राफी से लेकर डिजाइनिंग तक कर रही है। वह अपने मुंह, ठोढ़ी और कंधे की मदद से तस्वीरें भी खींचती है। एमी खुद की वीडियो भी बनाती है जिस पर लोग हर तरह के कमेंट करते हैं। परंतु, वह सिर्फ पॉजिटिव कमेंटस पर ही ध्यान देती है। नेगेटिव कमेंट पर ध्यान देने को एमी समय की बर्बादी मानती है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि एमी सिलाई सीखने को अपने सबसे बड़ी उपलब्धि मानती है। एमी हैंडबैग बनाकर ऑनलाइन बेचती है। वह अपने वर्तमान पेरेंट्स को गॉडफादर मानती है जो उसे कभी एहसास तक नहीं होने दिया की वह किसी से कम है।

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अपने कार्यों से बड़ी लकीर खींच रहा जदयू मीडिया सेल: बशिष्ठ

सोमवार, 15 जुलाई 2019 को बिहार प्रदेश जदयू मुख्यालय में जदयू मीडिया सेल द्वारा सदस्यता महाभियान सह प्रदेश कार्यकारिणी बैठक एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया जिसका उद्घाटन बिहार प्रदेश जदयू के अध्यक्ष व राज्यसभा सदस्य बशिष्ठ नारायण सिंह ने किया। जदयू मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में विधानपार्षद व प्रदेश जदयू के कोषाध्यक्ष ललन सर्राफ, राष्ट्रीय सचिव व सदस्यता अभियान के प्रभारी रविन्द्र सिंह, प्रदेश प्रवक्ता राजीव रंजन, जदयू के प्रदेश महासचिव व मुख्यालय प्रभारीद्वय डॉ. नवीन कुमार आर्य एवं अनिल कुमार की विशिष्ट उपस्थिति रही। मीडिया सेल के संगठन प्रभारी प्रभात रंजन झा ने बैठक के उद्देश्य से उपस्थित लोगों को अवगत कराया, जबकि संचालन मीडिया सेल के मुख्यालय प्रभारी धनंजय शर्मा ने की।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि बदलते समय की नब्ज को पहचानना हो तो हमें आधुनिक संचार माध्यमों को समझना और अपनाना होगा। जदयू मीडिया सेल ने पार्टी को मजबूती और विस्तार देने के लिए इस दायित्व को बखूबी निभाया है। मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप और उनकी टीम को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि मीडिया सेल अपने कार्यों से बड़ी लकीर खींच रहा है। यह लकीर और बड़ी हो और समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सके, मीडिया सेल को इस पर काम करना है। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को दल से जोड़ने में ऑनलाइन सदस्यता अभियान की जरूरत थी, जिसे मीडिया सेल के साथी हर बूथ तक पहुँचाने का सराहनीय कार्य कर रहे हैं।
विधानपार्षद ललन सर्राफ ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यों को जन-जन तक पहुँचाने में जदयू मीडिया सेल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वहीं, प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि मुद्दों को समझने और उस पर जनमानस तैयार करने में मीडिया सेल ने सचमुच प्रशंसनीय कार्य किया है।
राष्ट्रीय सचिव व सदस्यता अभियान के प्रभारी रविन्द्र सिंह ने सदस्यता अभियान को लेकर विस्तार से अपनी बातें रखीं और कहा कि शहरों, कस्बों, गांवों से लेकर गली-मुहलों तक में कैंप लगाकर लोगों को ऑनलाइन सदस्यता दिलाने के लिए मीडिया सेल के साथियों को काम करना है। प्रदेश महासचिव व मुख्यालय प्रभारी डॉ. नवीन कुमार आर्य ने कहा कि सदस्यता अभियान को लेकर किसी भी तरह की कठिनाई होने पर पार्टी मुख्यालय पूरी तत्परता से सहयोग करेगा।
जदयू मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप ने बैठक के दौरान सर्वप्रथम मीडिया सेल की अद्यतन रिपोर्ट पेश की। इसके उपरान्त ऑनलाइन सदस्यता अभियान को लेकर मीडिया सेल की तैयारियों की चर्चा करते हुए शीर्ष नेतृत्व को विश्वास दिलाया कि सदस्यता अभियान की ऐतिहासिक सफलता के लिए मीडिया सेल कोई कसर नहीं छोड़ेगा।
बैठक में मीडिया सेल प्रदेश कार्यसमिति के सदस्यों, सभी प्रभारियों तथा जिला मीडिया संयोजकों को सम्मानित भी किया गया। विगत एक वर्ष के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने के लिए रोशन अग्रवाल (कटिहार), रवि कुमार (नवगछिया) एवं ललन कुमार दास को सर्वश्रेष्ठ संयोजक चुना गया। बैठक में कार्यक्रम प्रभारी राजीव रंजन पटेल, जनसंपर्क प्रभारी यादव उमेश कुमार, संवाद प्रभारी डॉ. धीरज सिन्हा, विधि प्रभारी प्रवीण तिवारी, सूचना प्रभारी विनीता स्टेफी पासवान, सोशल नेटवर्क प्रभारी संतोष अशर, पिंकी भारती, समन्वय प्रभारी डॉ. सुभाष चन्द्रशेखर, प्रभात कुमार आर्य, प्रमंडल प्रभारी सैयद नजम, अभय विश्वास भट्ट, अनितेश कुमार, अनुपम कुमार, नबीस कुमार नवेन्दु, मिथिलेश निराला समेत मीडिया सेल के तमाम वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।

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शिक्षा सामाजिक उन्नयन को गति प्रदान करती है- वीसी

शिक्षा से समृद्धि….. समृद्धि से संस्कार और संस्कार से मिलती है शांति। यही शांति हमें विकास के रास्ते पर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करती है। यही कारण है कि जहाँ शिक्षा है वहाँ का समाज उन्नति के शिखर तक पहुंच गया है। शिक्षा से ही सुधरती है समाज की दशा। शिक्षा सदैव सामाजिक उन्नयन को गति प्रदान करती है- ये बातें भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.अवध किशोर राय ने ओपन विंग फाउंडेशन द्वारा आयोजित शिक्षक मुरलीधर की 70 वीं जयंती के अवसर पर कही।

इस अवसर पर कुलपति डॉ.ए.के.राय, समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, लोकप्रिय चिकित्सक डॉ अरुण कुमार मंडल, डॉ.अमोल राय, डॉ.शांति यादव, डॉ.विनय कुमार चौधरी , डॉ.सिद्धेश्वर कश्यप, डॉ.निशांत आदि द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया | तुरंत बाद अतिथियों का स्वागत, शिक्षक मुरली बाबू की तस्वीर पर पुष्पांजलि और संक्षिप्त जीवन वृत्त के साथ डॉ.शांति यादव की रचना काव्य-संग्रह “जनसेवा एक्सप्रेस” का लोकार्पण भी संयुक्त रूप से किया गया।

बता दें कि “मधेपुरा कल आज और कल” पर आधारित संगोष्ठी में विषय प्रवेश किया डॉ.अमोल राय ने। इस विषय पर विस्तार से विचार रखा डॉ.विनय कुमार चौधरी, डॉ.सिद्धेश्वर कश्यप, डॉ.आलोक कुमार, प्रो.शचीन्द्र, डॉ.प्रज्ञा प्रसाद, डॉ.वंदना कुमारी, डॉ.चंद्रिका यादव, डॉ.रंजना कुमारी, डॉ.विश्वनाथ विवेका आदि ने।

इस अवसर पर डॉ.मधेपुरी ने रास बिहारी लाल मंडल, शिवनंदन प्रसाद मंडल, भूपेन्द्र नारायण मंडल, बीपी मंडल , जस्टिस एस.सी.मुखर्जी, जस्टिस आर.पी.मंडल आदि को संदर्भित करते हुए शिक्षा के प्रति उनके समर्पण की भरपूर चर्चा की और आज की तारीख में बेपटरी हो रही शिक्षा के बाबत यही कहा कि यदि कुलपति डॉ.एके राय को स्थानीय शिक्षाविदों का भरपूर सहयोग मिले तो आगे आने वाले दिनों में मधेपुरा पुनः अपनी खोई हुई गरिमा को प्राप्त करेगा और शिक्षा तेज गति से पटरी पर दौड़ने लगेगी।

जानिए कि समारोह की अध्यक्षता करते हुए फाउंडेशन की संरक्षक डॉ.शांति यादव ने कविता संग्रह की उपादेयता पर प्रकाश डाला। पाँच प्रतिभा संपन्न मेधावी छात्र-छात्रा रिशु कुमारी, केशव वासुदेव, संजय कुमार, सुरभि भगत सहित संगीत के शिखर पर विराजमान रोशन कुमार को डॉ.मुरलीधर मेमोरियल सम्मान से सम्मानित किया कुलपति डॉ.एके राय ने। अंत में फाउंडेशन के सचिव डॉ.नीरव निशांत ने शिक्षा सहित अन्य क्षेत्रों में बेटियों के योगदान की चर्चा करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया।

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नेपाल में मानसून की सक्रियता के चलते बिहार में बाढ़ का कहर

बिहार राज्य की सीमा नेपाल से सटे होने के कारण बिहार का बाढ़ प्रभावित होना स्वाभाविक है | नेपाल में 24 घंटे में 311 मि.मी. बारिश हुई है तभी तो कोसी हुई विकराल….. सीमांचल के ढेर सारे गाँव हुए जलमग्न और पलायन शुरू |

बता दें कि बिहार के 9 जिले…..(शिवहर, सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, अररिया, किशनगंज, सुपौल, दरभंगा और मुजफ्फरपुर ) के लगभग 20 लाख लोग बाढ़ की चपेट में है | उत्तर बिहार की नदियों में जबरदस्त उफान आ गया है | कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है |

यह भी बता दें कि दरभंगा में कमला बलान तथा शिवहर में बागमती नदी का तटबंध कई स्थानों पर टूट गया है | लोगों के साथ-साथ जानवरों को भी भारी तबाही हो रही है | कोसी के जलस्तर में सर्वाधिक वृद्धि होने से अररिया के पांच प्रखंडों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट चुका है | अबतक बिहार में दर्जनों लोगों की जानें जा चुकी हैं |

यह भी जानिए कि इस भयावह स्थिति को कंट्रोल करने के लिए कदाचित पहली बार छप्पनों (56) फाटक (शनिवार रात 10:30 बजे से रविवार सुबह 6:00 बजे तक) खोल दिये गये | इसके बाद धीरे-धीरे 26 फाटकों को बन्द कर दिया गया….. बैरेज के 30 फाटक अभी भी खुले हैं |

सूबे बिहार के अति संवेदनशील सीएम नीतीश कुमार ने बाढ़ के मसलों पर एक हाई लेवल मीटिंग की और तुरंत हेलीकॉप्टर से दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी व मोतिहारी में बाढ़ से संघर्ष कर रहे लोगों की स्थिति का जायजा लेने हेतु हवाई सर्वेक्षण किया | बाढ़ की विभीषिका को देखकर मुख्यमंत्री ने बाढ़ पीड़ित क्षेत्रों में राहत व बचाव कार्य तेज करने, राहत कैंप लगाने तथा कम्युनिटी किचेन की व्यवस्था करने को कहा |

चलते-चलते यह भी बता दें कि सीएम ने उच्चाधिकारियों से आदमी व पशुओं की दवा से लेकर पर्याप्त मात्रा में चारा का भी इंतजाम करने को कहा | साथ ही कम्युनिटी कैंप के भोजन की गुणवत्ता के साथ-साथ साफ-सफाई पर भी ध्यान दिये जाने की बात कही | सीएम ने राहत व बचाव हेतु एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की टीम तैनात रखने को कहा जो अपनी ड्यूटी के प्रति हमेशा चौकन्ना रहे |

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सिंहेश्वर की समस्याओं को लेकर चतुर्दिक उठ रही असंतोष की गुड़गुड़ी

जहाँ एक ओर देवाधिदेव महादेव की नगरी सिंहेश्वर स्थान में बायपास रोड की कमी है वहीं दूसरी ओर मुख्य मार्ग हल्की बारिश में ही कीचड़ युक्त पोखर में तब्दील हो जाता है | धार्मिक नगरी सिंहेश्वर में श्रद्धालुओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है |

बता दें कि सिंहेश्वर की तमाम बुनियादि सुविधाओं पर ग्रहण लगता दिखाई दे रहा है | जर्जर सड़क के कारण आवागमन में हो रही परेशानियों एवं तदनुरूप प्रतिदिन व्यवसायियों के सामान की बिक्री में हो रही गिरावट के कारण स्थानीय युवाओं ने एकजुटता के साथ राम जानकी ठाकुरबाड़ी परिसर में शनिवार को बैठक की और विगत कई वर्षों से जल निकासी की समस्या को लेकर वरीय अधिकारियों एवं प्रशासनिक पदाधिकारियों को जानकारियाँ दी गई | यह भी कहा गया कि यदि समस्याओं का निदान नहीं हुआ तो प्रखंड के सभी लोगों के द्वारा जन आंदोलन किया जायेगा |

मौके पर मुखिया किशोरी प्रसाद सिंह, सरपंच राजीव कुमार बबलू, पूर्व उपप्रमुख राजेश रंजन उर्फ पप्पू झा सहित प्रतीक टेकरीवाल, चेतन गुप्ता, सुदेश शर्मा, कुंदन भगत, सुमित वर्मा आदि उपस्थित लोगों ने कहा कि 24 घंटे के अंदर कार्य में गति नहीं आया तो आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे |

वहीं शनिवार को ही मंदिर न्यास समिति की बैठक न्यास कार्यालय में न्यास सचिव सह कार्यकारी अध्यक्ष एसडीएम वृंदालाल की अध्यक्षता में हुई जिसमें वरीय सदस्य डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, सरोज कुमार सिंह, उपेन्द्र प्रसाद रजक, कन्हैया ठाकुर, मुन्ना ठाकुर की उपस्थिति देखी गई | वहाँ भी एक दर्जन न्यास कर्मियों को 10 महीने से कार्यरत रहने के बावजूद वेतन/मानदेय का भुगतान नहीं किया जा रहा है जिसके चलते असंतोष की गुड़गुड़ी उठने लगी है | वरीय सदस्य डॉ.मधेपुरी द्वारा कार्यरत एक दर्जन कर्मियों के विगत 10 महीनों का भुगतान करने हेतु पुरजोर कोशिश की गई जिसमें सदस्य सरोज सिंह व उपेन्द्र रजक की सहमति भी देखी गई ….. तब जाकर अध्यक्ष सह सचिव एसडीएम वृंदालाल ने नाजिर मनोज ठाकुर को इस भुगतान के बाबत संचिका में सारी बातें व तथ्यों को अंकित करते हुए उपस्थित करने का आदेश दिया |

चलते-चलते यह भी बता दें कि सिंहेश्वर स्थान में  एक महीना चलने वाले श्रावणी मेला (जिसे 2 वर्ष कबल तत्कालीन जिला पदाधिकारी मो.सोहैल (IAS) द्वारा आरंभ कराया गया था) में श्रद्धालुओं को दी जाने वाली सुविधाएं हेतु एनएच के कार्यपालक अभियंता सहित कई विभागों के पदाधिकारियों के साथ ट्रस्ट के सचिव सह एसडीएम वृंदालाल ने पुनः ट्रस्ट ऑफिस में ही रात्रि के 8:00 बजे बैठक की ताकि अगले दिन सोमवार को डीएम नवदीप शुक्ला (IAS) एवं एसपी संजय कुमार (IPS) के नेतृत्व में मंदिर परिसर में पूर्वाभ्यास का आयोजन सफलतापूर्वक किया जाएगा | पूर्वाभ्यास को सफल बनाने हेतु एसडीएम वृंदालाल ने सिंहेश्वर, घैलाध, गम्हरिया,शंकरपुर, मधेपुरा आदि के प्रखंड एवं थाना प्रभारियों को इस कार्यक्रम में आने की सूचना भेजी है |

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नीतीश सरकार द्वारा किसानों को दी जाएगी मौसम के अनुरूप खेती की ट्रेनिंग

सूबे बिहार के 10 हज़ार किसानों को प्रथम चरण में किया जाएगा प्रशिक्षित | बतौर पायलट प्रोजेक्ट अभी फिलहाल राज्य के आठ जिलों के 100 गाँवों से चयनित कर 10 हज़ार किसानों को मौसम के अनुरूप खेती की ट्रेनिंग दी जाएगी |

बता दें कि जलवायु परिवर्तन के इस दौर के लिए जहाँ राज्य के किसान भी अब तैयार हो रहे हैं वहीं कृषि मंत्री डॉ.प्रेम कुमार के अनुसार अब जलवायु परिवर्तन के अनुकूल ही किसानों को खेती करना आवश्यक हो गया है | कृषि मंत्री बिहार डॉ.कुमार ने कहा कि बाढ़-सुखाड़, तूफान-ओलावृष्टि पर सम्यक विचार करते हुए चार एजेंसियाँ इस योजना को मूल रूप देगी |

यह भी जानिए कि इन चयनित गाँवों को “क्लाइमेट स्मार्ट गाँव” नाम दिया गया है | इन क्लाइमेट स्मार्ट गाँवों के 10 हज़ार किसानों को मौसम अनुरूप खेती की ट्रेनिंग दिये जाने वाली योजना पर फिलहाल 23 करोड़ से अधिक रुपये खर्च करने का मन बना लिया है बिहार सरकार ने | यदि यह प्रयोग सफल हुआ तो आगे इस योजना को पूरे राज्य में लागू किया जाएगा |

यह भी बता दें कि इस योजना के कार्यान्वयन के लिए हाईवे नाम देकर पूरे बिहार में चार कॉरिडोर बनाया गया है | ये हाईवे कोरिडोर हैं – (1) पटना-नालंदा हाईवे (2) भागलपुर-मुंगेर हाईवे (3) पूर्णिया-कटिहार हाईवे और (4) दरभंगा-समस्तीपुर हाईवे |

प्रथम चरण में उपर्युक्त इन चारों कोरिडोर के आठों जिलों से 100 गाँवों का चयन किया गया है | साथ ही प्रत्येक गाँवों से सौ-सौ किसानों यानि 10 हज़ार किसानों को प्रथम चरण में प्रशिक्षित किया जाएगा | प्रथम किस्त में इन किसानों को मौसम के अनुरूप धान, गेहूं, मक्का, अरहर, मसूर आदि की खेती कैसे की जाएगी….. उसकी ट्रेनिंग दी जाएगी | फिलहाल ये भी याद कर लें कि यह योजना तत्काल 3 साल के लिए चलेगी |

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