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रजनीकांत को मिला दादा साहब फाल्के पुरस्कार और कंगना सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री

दिल्ली के विज्ञान भवन में सोमवार को 67वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन किया गया। सुपरस्टार रजनीकांत को फिल्म जगत के सर्वोच्च सम्मान 51वां दादा साहब फाल्के पुरस्कार भारत के उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने सम्मानित किया। रजनीकांत ने यह पुरस्कार अपने गुरु व मार्गदर्शक के बालचंद्र को समर्पित किया। उन्होंने इस सम्मान के लिए अपने प्रिय दर्शकों के अलावे पिता तुल्य बड़े भाई सत्य नारायण राव एवं परिवहन विभाग के सहकर्मी राजबहादुर के प्रति आभार जताया है।

बता दें कि अभिनेत्री कंगना रनौत को फिल्म मणिकर्णिका, झांसी की रानी एवं पंगा में उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उपराष्ट्रपति ने सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार दिया। उन्होंने तमिल फिल्म असुरन के लिए भी सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार अभिनेता धनुष को दिया।

चलते-चलते यह भी कि तमिलनाडु के राज्यपाल आर्यन रवि ने भारतीय सिनेमा में रजनीकांत के शानदार योगदान की सराहना की और इस सर्वश्रेष्ठ सम्मान के लिए भारत के नागरिकों को अपनी ओर से बधाई भी दी। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने रजनीकांत को तमिल फिल्म उद्योग का सूरज कहा है। मौके पर रजनीकांत को फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किए जाने पर समाजसेवी-शिक्षाविद डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने उनके अनुकरणीय व्यवहारों एवं देश के युवाओं को प्रेरित करने वाले जज्बे को सलाम किया है।

 

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प्लास्टिक व थर्मोकोल के उपयोग पर 15 दिसंबर से रोक, पकड़े जाने वालों को एक लाख तक जुर्माना…

पिछले दिनों प्लास्टिक पर रोक को लेकर बाजार में धड़-पकड़ और आर्थिक दंड की वसूली जारी रही। लोगों में दहशत इस कदर व्याप्त हुआ कि लोग हाथों में झोला लेकर सब्जी मार्केट में जाते हुए दिखने लगे, परंतु कुछ ही दिनों के बाद पुनः प्लास्टिक पूर्व की स्थिति में आ गया। थर्मोकोल का उपयोग भी बेरोक-टोक चल रहा है जिसके उपयोग से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी को उत्पन्न होती है।

बता दें कि सिंगल यूज प्लास्टिक एवं थर्मोकोल के उपयोग को बड़े-बड़े डॉक्टर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताए हैं। उनके उपयोग को जानलेवा बताए हैं। थर्मोकोल में गर्म खाना रखते ही थर्मोकोल के केमिकल पेट में जाकर कैंसर जैसी बीमारी जन्म देता है।

जानिए कि प्लास्टिक और थर्मोकोल पर प्रतिबंध को लेकर कई विभागों द्वारा जागरूकता रैलियां निकाली जा रही हैं। आगे 14 दिसंबर 2021 तक प्लास्टिक एवं थर्मोकोल से बनी सामग्रियों का निर्माण एवं भंडारण खत्म करने की सरकारी घोषणा कर दी गई है।

याद कर लें- 15 दिसंबर से सिंगल यूज प्लास्टिक एवं थर्मोकोल पर लगाए गए प्रतिबंधों को नहीं मानने वाले नर-नारियों से 1 लाख तक का जुर्माना या 5 साल की सजा या फिर दोनों दंड एक साथ दिए जाएंगे।

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बोले सीएम नीतीश- दिवाली और छठ के दौरान कोरोना को लेकर रहें सतर्क सभी

सूबे के सीएम नीतीश कुमार ने अपने अधिकारियों को कोरोना को लेकर दीपावली और छठ महापर्व के दौरान सतर्क रहने को कहा है। सीएम ने 28 अक्टूबर और 7 नवंबर को कोरोना टीकाकरण को लेकर सूबे बिहार में विशेष अभियान की संपूर्ण तैयारी रखने के निर्देश दिए।

बता दें कि मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इन पर्वों में देश के अन्य राज्यों में रह रहे बिहार वासी बड़ी संख्या में घर आते हैं, उनकी कोरोना जाँच अवश्य कराएं। यदि उनका टीकाकरण नहीं हो सका है तो उन्हें टीका दिलाएं। सीएम ने हिदायत दी की रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड एवं चेकप्वाइंट पर बाहर से आने वालों पर विशेष नजर रखें तथा इन जगहों पर कोरोना जाँच एवं टीकाकरण की व्यवस्था रखें। सभी लोगों को जब कोरोना का टीका लग जाएगा तो यह राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि होगी।

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अब चांद पर दौड़ेगी इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल

चंद्रमा पर सर्वप्रथम कदम रखने वाला पहला व्यक्ति था आर्मस्ट्रांग। अपोलो-11 ही वह अभियान था जो वर्ष 1969 के 20 जुलाई को पहली बार चंद्रमा पर तीन मानव (आर्मस्ट्रांग, एलड्रीन एवं कॉलिन्स) के साथ उतरा था। टीम कमांडर नील आर्मस्ट्रांग थे जिन्होंने सर्वप्रथम चांद पर पैर रखा था। दूसरे व्यक्ति बने एलड्रीन जो चांद पर कदम रखे। तीसरे कॉलिन्स तो मुख्य यान में बैठे-बैठे चांद के चक्कर ही लगाते रहे। जानिए कि आर्मस्ट्रांग के अलावा 11 एस्ट्रोनॉट हैं जिन्होंने चांद की जमीन को छुआ है। वर्ष 1984 में मात्र 2 भारतीय अंतरिक्ष यात्री बने- राकेश शर्मा और कल्पना चावला। चांद पर अब तक किसी भारतीय ने कदम नहीं रखा है।

अब चांद पर जर्मनी की बनी हुई इलेक्ट्रिक मोटर साइकिल दौड़ेगी। जानिए कि जर्मनी की ऑटो डिजाइन कंपनी हूकी के निकोवोन हूकी ने ऐसी इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल डिजाइन भी की है, जिसे चांद की सतह पर अंतरिक्ष यात्री चला सकेंगे। अंतरिक्ष यात्री इस टर्डी ग्रेड की बाइक से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चांद पर यात्रा कर सकेंगे।

चलते-चलते यह भी कि 50 साल पहले अमेरिका में नील आर्मस्ट्रांग ने चांद पर कदम रख कर इतिहास रचा था और अब जर्मनी के निकोवोन हूकी की मोटरसाइकिल चांद पर चलकर मील का पत्थर साबित होगा।

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बिहार 2047 तक अग्रणी राज्य बनेगा- राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद

महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बिहार विधानसभा भवन के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि देश की आजादी के शताब्दी वर्ष 2047 तक बिहार ह्यूमन डेवलपमेंट के पैमाने पर एक अग्रणी राज्य बनेगा। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि विधायकगण बिहार को सुसंस्कारित, सुशिक्षित और सुरक्षित प्रदेश बनाएं।

बता दें कि इस अवसर पर गुरुवार को बिहार विधानसभा परिसर में शताब्दी स्मृति स्तंभ का शिलान्यास किया महामहिम ने। साथ ही उन्होंने उसी परिसर में बौधि वृक्ष के शिशु पौध भी लगाए। प्रसन्नता व्यक्त करते हुए महामहिम राष्ट्रपति ने कहा कि बिहार विधानसभा के शताब्दी वर्ष का यह समारोह लोकतंत्र का उत्सव है। साथ ही यह भी कहा कि बिहार की मृदुता ही भारत की मूल भावना है। महामहिम यह भी बोले कि बिहार में सुशासन है और बार-बार बिहार आना मेरा सौभाग्य !

इस अवसर पर बिहार के राज्यपाल फागू चौहान ने कहा कि सदन में विमर्श को सार्थक बनाने पर सदैव विचार किया जाना चाहिए। बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम से लोकतंत्र की जड़ें और अधिक मजबूत होंगी। बेहतर बिहार बनाने वाले संकल्पी एवं विकासप्रिय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित मंचासीन अन्य माननीय ने बिहार की स्मिता की लड़ाई लड़ने वाले डॉ.सच्चिदानंद सिन्हा, डॉ.राजेंद्र प्रसाद, मजहरूल हक, लोकनायक जेपी….. श्री बाबू, अनुग्रह बाबू, कर्पूरी ठाकुर आदि का स्मरण करते हुए महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के बेहतरीन संबोधन की भरपूर सराहना की। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विधानसभा शताब्दी स्तंभ और बौधि वृक्ष आनेवाली पीढ़ियों को इतिहास से रू-ब-रू कराएगी जो हमारे गौरवशाली अतीत का प्रतीक बनेगा।

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पटना हाई कोर्ट में चीफ जस्टिस संजय करोल ने सात नए जजों को दिलाई शपथ

सुप्रीम कोर्ट की अनुशंसा पर नियुक्त 7 नए जजों ने बुधवार को शपथ ली। जिसमें अधिवक्ता कोटे से चार जज एवं अन्य राज्यों से स्थानांतरित 3 जज शामिल हैं। इसी के साथ अब पटना हाईकोर्ट में जजों की संख्या 26 हो गई, जबकि हाईकोर्ट में जजों के स्वीकृत पद 53 हैं। अभी भी पटना हाईकोर्ट में आधा से अधिक पद यानि 27 पद खाली है।

बता दें कि शताब्दी भवन की लॉबी में चीफ जस्टिस संजय करोल ने सर्वप्रथम सुप्रीम कोर्ट एवं केंद्र सरकार की अनुशंसानुरूप पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की जस्टिस राजन गुप्ता, कर्नाटक हाई कोर्ट के जस्टिस पीबी बजन्थरी एवं केरल हाईकोर्ट के जस्टिस एएम बदर को शपथ दिलाई। बाद में पटना हाई कोर्ट के वकील कोटे से नियुक्त 4 जजों संदीप कुमार, पूर्णेन्दु सिंह, सत्यव्रत वर्मा एवं राजेश कुमार वर्मा को शपथ दिलाई गई।

जानिए कि शपथ ग्रहण समारोह में कोरोना के मद्देनजर कोविड-19 गाइड लाइंस का पूरी तरह से पालन किया गया। साथ ही सीमित संख्या में माननीयों को समारोह में आमंत्रित किया गया। कुल मिलाकर शपथ ग्रहण सादे समारोह के रूप में आयोजित किया गया।

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कश्मीर में बिहारियों की हो होगी सुरक्षा और मृतकों के परिजनों को मिलेगा प्रवासी दुर्घटना का लाभ- सीएम नीतीश कुमार

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर बिहार के डीजीपी ने जम्मू कश्मीर के मुख्य सचिव एवं डीजीपी से फोन पर बातें की और बिहारियों की सुरक्षा के लिए पुलिस बल की तैनाती व गस्त की व्यवस्था करने का अनुरोध भी किया। बिहार सरकार ने हत्या में शामिल आतंकियों को पकड़ने के लिए विशेष टीम बनाने का भी अनुरोध किया है।

बता दें कि कश्मीर की घाटी में मजदूरों- वीरेंद्र पासवान, अरविंद कुमार साह, राजा ऋषिदेव एवं योगेंद्र ऋषिदेव की मौत हो गई जबकि चुनचुन ऋषिदेव जख्मी हो गए। इन लोगों को बिहार राज्य प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना के तहत सीएम नीतीश के निर्देश पर श्रम संसाधन विभाग द्वारा इस दिशा में कार्यवाही भी शुरू कर दी गई है। तत्काल सहायता के तौर पर विभाग की ओर से मृतक के परिजनों को ₹1 लाख दिए जाएंगे।

जानिए कि इस सेवा को अब निदेशानुसार लोकसेवा अधिकार अधिनियम में शामिल किया जा चुका है। अतः मृतक के परिजनों को किसी तरह की परेशानी भी नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की है कि बिहार आने वालों को हुनर के अनुसार यहां देंगे रोजगार।

 

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अब सभी जिलों में जमीन मापी की दर एक समान होगी- सीएम नीतीश कुमार

बता दें कि सूबे के अलग-अलग जिले में भूमि मापने के अलग-अलग दर लिए जाने की शिकायत मिलने पर संवेदनशील मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने निष्पक्षता का ख्याल रखने हेतु राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री को निर्देश दिया है।

जानिए कि विभागीय मंत्री रामसूरत राय ने अधिकारियों के साथ मंथन शुरू कर दिया है। विभाग द्वारा दो तरह से भूमि मापी दर पर विचार किया जा रहा है-

1. पहला फार्मूला- इसे संविदा अमीन के वेतन को आधार मानते हुए बनाया गया है। नापी में जितने दिन लगेंगे, भूस्वामी से उतने ही दिन के संविदा अमीन के वेतन के बराबर शुल्क लिए जाएंगे।

2. दूसरा फार्मूला- इसे विभाग प्रति कट्ठा, प्रति डिसमिल अथवा प्रति एकड़ की दर पर लागू करने पर विचार कर रहा है। ऐसा होने से अमीन के वेतन बढ़ने या घटने से भी मापी शुल्क पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा, बल्कि तब राज्य भर में एक समान मापी दर तय होगी।

किस फार्मूले को मंजूरी मिलेगी, इस पर अभी मंथन चल रहा है। फिलहाल अलग-अलग अंचल में भूमि मापी शुल्क अलग-अलग है, क्योंकि अमीनों के वेतन में भिन्नता है। स्थायी अमीन के वेतन और संविदा अमीन के वेतन में काफी भिन्नता है। स्थायी अमीन वाले अंचल में जहां एक दिन की मापी हेतु ₹3000 देने पड़ते हैं, वही संविदा पर नियुक्त अमीन वाले अंचल में एक दिन की मापी हेतु ₹1000 देने पड़ते हैं। समानता के लिए सीएम ने निर्देश दिया है जिसकी सराहना समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने भी की है।

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जदयू कार्यकर्ता सीएम के विकास कार्यों की चर्चा गांवों-कस्बों तक ले जाएं- गुड्डी देवी

जदयू जिला कार्यकारिणी की बैठक 17 अक्टूबर को जिला अध्यक्ष मंजू देवी उर्फ गुड्डी देवी की अध्यक्षता में हुई। जिसमें बिहार सरकार के पूर्व मंत्री एवं आलमनगर के लोकप्रिय विधायक नरेंद्र नारायण यादव, समाजसेवी-साहित्यकार व जदयू के वरिष्ठ मार्गदर्शक प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, प्रदेश प्रवक्ता निखिल मंडल, प्रदेश महासचिव सह जिला प्रभारी शिव कुमार यादव, प्रदेश सचिव संगठन प्रभारी इंजीनियर उमेश मंडल, डॉ.रतनदीप, डॉ.नीरज कुमार, किशोर सिंह, लोकसभा प्रभारी भगवान बाबू, जनार्दन राय, सीताराम पंडित, गोवर्धन मेहता, राजेश्वर राय, सुरेंद्र यादव सहित दूर-दूर से आए प्रखंड अध्यक्षों एवं कार्यकर्ताओं ने उद्गार व्यक्त करते हुए यही कहा कि सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विकास कार्यों की चर्चा गांव के जन-जन तक पहुंचाकर हम संगठन को मजबूत करेंगे और अगले चुनाव में सेंचुरी के पार विधायक बनाने में कामयाब होंगे।

बता दें कि पार्टी को मजबूती देने वाले विधायक नरेंद्र नारायण यादव ने कहा कि संगठन को मजबूत कर जिले के चारो सीट जदयू को दिलाना हमारा संकल्प हो। पंचायत चुनाव के बाद सभी प्रखंडों में कार्यक्रम रखने का निर्णय भी लिया गया। सदर अनुमंडल में 15 नवंबर के बाद से एवं उदाकिशुनगंज अनुमंडल में 15 दिसंबर के बाद से ही प्रखंड स्तरीय बैठक बुलाने पर सहमति बनी। डॉ.शिव कुमार एवं इंजीनियर उमेश ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की विस्तार से चर्चा की।

शिक्षाविद् डॉ.मधेपुरी ने समाजवादी चिंतक भूपेद्र नारायण मंडल एवं सामाजिक न्याय के पुरोधा बीपी मंडल को संदर्भित करते हुए कहा कि नेता के दिल में कार्यकर्ताओं के लिए जगह होने से संगठन पहाड़ की तरह अडिग रहता है, मजबूत रहता है। प्रदेश प्रवक्ता निखिल मंडल एवं डॉ. रतन दीप ने भी पार्टी की मजबूती पर बल दिया।

प्रखंड अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार, जनार्दन राय, लाल बहादुर, प्रभु नारायण मेहता, रतन यादव, राजीव कुमार एवं देव नारायण यादव ने संगठन के प्रति विचार व्यक्त करते किया। कमल मुखी देवी, हरिमोहन विश्वास, आशीष यादव, कार्तिक कुमार राजनीति साह सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे। मंच संचालन वरीय कार्यकर्ता युगल पटेल ने किया और दलित प्रकोष्ठ के अध्यक्ष नरेश पासवान ने कार्यक्रम की सफलता हेतु शुरू से अंत तक सहयोग करते देखे गए।

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कोरोना में माता-पिता खोने वाले छात्र-छात्राएं 31 दिसंबर तक करें आवेदन, मिलेंगे 10 लाख रुपए और…

आयुष्मान भारत योजना (पीएम-जेएवाई) के तहत 18 वर्ष से कम उम्र के उन्हीं बच्चों को लाभ मिलेगा जो 31 दिसंबर 2021 तक आवेदन कर सकेंगे। आवेदन करने वाले वैसे बच्चे होंगे जिनके माता-पिता दोनों या लीगल गार्जियन कोविड के कारण उन्हें अनाथ छोड़ गए हों।

बता दें कि इस योजना का लाभ 18 साल से कम उम्र के केवल उन्हीं बच्चों/छात्रों को मिलेगा जिन्होंने 11 मार्च 2020 से लेकर 31 दिसंबर 2021 के बीच अपने पेरेंट्स को खोया है। पेरेंट्स की मौत के दिन आवेदक की उम्र 18 वर्ष से कम होनी चाहिए।

कुल मिलाकर वैसे बेसहारा बच्चों को स्वास्थ्य बीमा के माध्यम से उनके कल्याणार्थ और मदद करना, उन्हें शिक्षा के माध्यम से सशक्त करना तथा 23 वर्ष की आयु होने पर वित्तीय सहायता के रूप में 10 लाख रुपए देकर उन्हें एक आत्मनिर्भर अस्तित्व के लिए तैयार करना है।

चलते-चलते यह भी जान लें कि 4 से 10 वर्ष के बच्चों की देखभाल के अलग गाइडलाइंस जारी की गई है, जबकि 11 से 18 साल के किशोरों के लिए अलग गाइडलाइन बनी है।

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