All posts by Admin

गुरु पूर्णिमा आषाढ़ की पूर्णिमा को कही जाती है

गुरु पूर्णिमा आषाढ़ मास की पूर्णिमा को कही जाती है। गुरु पूर्णिमा वर्षा ऋतु के आरंभ में आती है। गुरु पूर्णिमा के दिन से 4 महीने तक साधु संत एक ही स्थान पर रहकर ज्ञान की गंगा बहाते हैं। इस बार 5 जुलाई को गुरु पूर्णिमा हो रही है।

बता दें कि इस बार समाज के अलग-अलग क्षेत्रों में सफलता के शीर्ष पर बैठे लोग अलग-अलग तरीके से अपने-अपने गुरु को याद कर रहे हैं। कोरोना संक्रमण के कारण गुरुओं की वंदना भी ऑनलाइन होने लगी है। यह भी जानिए कि आज के दिन ही चारों वेद व महाभारत के रचयिता कृष्ण द्वैपायन व्यास का जन्म हुआ था। वेदों की रचना करने के कारण इन्हें वेदव्यास भी कहा जाता है। वेदव्यास के सम्मान में ही आषाढ़ पूर्णिमा गुरु पूर्णिमा कही जाती है।

चलते-चलते बता दें कि प्रत्येक वर्ष गुरु पूर्णिमा के दिन मंदिरों में भारी भीड़ होती थी, परंतु इस बार तो कोरोना के कारण मंदिरों में खासकर बड़े-बड़े मंदिरों में तो ताला लटका हुआ है। जो भी हो, जीवन में हम जो कुछ भी प्राप्त करते हैं कहीं ना कहीं गुरु की कृपा का ही फल है। यूं तो गुरु कोई भी हो सकता है माता-पिता, भाई-दोस्त आदि जिनका नाम सुनते ही हृदय में सम्मान का भाव जग जाए। सम्मान का भाव प्रकट करने के लिए गुरु पूर्णिमा का दिन ही गुरु के लिए नहीं है बल्कि वर्ष के 365 दिनों में से प्रत्येक दिन गुरु हमारे लिए वंदनीय होते हैं।

सम्बंधित खबरें


मधेपुरा में 2 महीने एवं पटना में 4 अगस्त तक बंद रहेगा भोलेनाथ का मंदिर

बिहार सरकार ने सूबे की राजधानी में अवस्थित भोलेनाथ शिव के मंदिर को कोरोना के कोहराम एवं संक्रमण के तेजी से बढ़ते कदम और श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते 4 अगस्त तक के लिए बंद रखने का आदेश जारी किया है।

बता दें कि आषाढ़ के गुरु पूर्णिमा के बाद से यानि 6 जुलाई से प्रारंभ हो रहे सावन को ध्यान में रखकर सूबे की सरकार द्वारा यह आदेश दिया गया है। तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को लेकर एहतियाती कदम उठाया गया है। यह भी जानिए कि मंदिर के बाहर सुरक्षा को लेकर पुलिस बल भी तैनात रहने की व्यवस्था की गई है।

यह भी बता दें कि कोरोना संक्रमण के चलते सिंहेश्वर के शिव मंदिर को एक बार फिर से जुलाई एवं अगस्त यानि 2 माह के लिए बंद कर दिया गया है। श्रावणी मेला के कारण डीएम नवदीप शुक्ला ने न्यास के सदस्यों एवं विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों के साथ न्यास समिति के सभाकक्ष में बैठक की। अपार भीड़ को सोशल डिस्टेंसिंग के नियमानुसार चलाना अत्यंत दुरुह कार्य मानकर मंदिर परिसर को बंद किए जाने का फैसला लिया गया। डीएम की सहमति के साथ 2 महीने के लिए मंदिर बंद किया गया और सुरक्षा को लेकर स्थानीय थाना को जिम्मेवारी दी गई।

 

सम्बंधित खबरें


इतिहास पुरुष शिवनंदन की जेल यात्रा पर डॉ.मधेपुरी का रोचक व्याख्यान

भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के यूट्यूब चैनल बीएनएमयू के 7वें  संवाद पर शुक्रवार को इतिहास पुरुष शिवनंदन प्रसाद मंडल- साधना और संघर्ष के अंतर्गत उनकी जेल-यात्रा पर व्याख्यान का आयोजन पीआरओ डॉ.सुधांशु शेखर द्वारा आयोजित किया गया। समाजसेवी साहित्यकार व इतिहासविद् प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने जेल और थाना के बीच अंतर बताते हुए कहा कि जेल न्यायालय द्वारा संचालित होता है जिसके प्रति आम जनों के अंतर्मन में ब्रिटिश हुकूमत से लेकर आज तक विश्वास कायम है।

डाॅ.मधेपुरी ने कहा कि आम जनों के मन में उस क्रांतिवीर शिवनंदन प्रसाद मंडल के प्रति यही धारणा बन गई थी कि कारागृह उनके लिए पूजा गृह ही था। क्योंकि किसी के यह पूछने पर कि क्रांतिवीर शिवनंदन कहां है, के जवाब में आवाज आती कि अभी तो घर में पूजा कर रहे थे कि पुलिस आई और कारागृह लेकर चली गई। बकौल डॉ.मधेपुरी उस क्रांतिवीर शिव के लिए पूजा गृह और कारागृह में कोई अंतर नहीं। उनके लिए जेल यात्रा और तीर्थ यात्रा में कोई फर्क नहीं, बिल्कुल एक जैसी थी।

देश के प्रति समर्पण के मामले में साहित्यकार डॉ.मधेपुरी ने क्रांतिवीर शिवनंदन की तुलना नेल्सन मंडेला और मार्टिन लूथर किंग से करते हुए कहा कि मंडेला और मार्टिन की तरह क्रांतिवीर शिवनंदन को भी गांधी में अटूट आस्था और विश्वास था। डॉ.मधेपुरी द्वारा उनकी 4 जेल यात्राओं का विस्तार से वर्णन किया गया और यही कहा गया कि इनमें नमक सत्याग्रह, विदेशी वस्तु दहन, व्यक्तिगत सत्याग्रह और नेपाल के जंगल से दरभंगा की लंबी जेल यात्राएं भी शामिल हैं। अंत में डॉ मधेपुरी ने लोगों को  कोरोना के कहर से बचने के लिए जागरुक करते हुए कहा कि सरकारी निर्देशों का पालन मुस्तैदी से करें।

सम्बंधित खबरें


बढ़ते अनलॉक के साथ कोरोना ने भारत की टेंशन बढ़ा दी

जानलेवा कोरोना वायरस के चलते भारत में पिछले 24 घंटे में 19 हजार 1 सौ 48 संक्रमित नए केस मिले जबकि 435 लोगों की मौत हो गई। सरकारी आंकड़े के अनुसार देश में अब तक कोरोना मरीजों की कुल संख्या 5 लाख 66 हजार 840 पार करने वाली है तथा अब तक इस कोरोना वायरस ने कुल 17 हजार से ज्यादा लोगों की जान ले ली है।

यह भी बता दें कि देश में जहां 2 लाख 26 हजार 947 केस एक्टिव है वहीं ठीक होने वाले मरीजों की कुल संख्या 3.5लाख है। आगे 1 जुलाई से शुरू होने वाले अनलॉक-2 के बाद कोरोना विशेषज्ञों की मानें तो कोविड-19 के मामले बढ़ने की आशंका है।

जानिए कि चीन के वुहान शहर से 6  महीना पहले निकलकर सारी दुनिया में आतंक मचा दिया है और दुनिया के लगभग सभी देशों की एक करोड़ से ज्यादा लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है। अब तो सावधानियों को नकारने के चलते प्रतिदिन लगभग एक लाख 150,000 यानि डेढ़ लाख लोग इसकी चपेट में आते जा रहे हैं।

सम्बंधित खबरें


ईमानदारी के प्रति इतिहास पुरुष शिवनंदन प्रसाद मंडल का दृष्टिकोण

भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के बीएनएमयू- संवाद पर पीआरओ डॉ.सुधांशु शेखर के माध्यम से लगातार व्याख्यान का आयोजन किया जा रहा है। शिवनंदन प्रसाद मंडल- साधना और संघर्ष के छठे संवाद में सुप्रसिद्ध साहित्यकार व शिक्षाविद् डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने इतिहास पुरुष शिवनंदन की ईमानदारी के प्रति दृष्टिकोण को संदर्भित करते हुए कहा कि ईमानदारी एक ऐसी महाशक्ति है जो बड़े-से-बड़े तूफानों का भी मुकाबला कर लेती है और बड़ी-से-बड़ी भ्रष्ट अट्टालिकाओं को भी उखाड़कर फेंक देती है। डॉ.मधेपुरी ने कहा कि ब्रिटिश हुकूमत की विकट परिस्थितियों में इतिहास पुरुष शिवनंदन आंधी व तूफानों से ईमानदार मुकाबला करते हुए आजादी मिलने तक संघर्ष करते रहे और युवाओं से कहते रहे- जब तक जीवित रहूंगा आर्यावर्त के कल्याण में लगा रहूंगा, भारत की बेबस जनता जो नाना प्रकार के कष्ट भोग रही है उसका उद्धार करूंगा और आजादी के लिए प्राण न्योछावर करने की जरूरत पड़ेगी तो पैर पीछे नहीं हटाऊँगा।

संवाद के अंत में डॉ.मधेपुरी ने इतिहास पुरुष शिवनंदन और उनके पुत्रवत् खोखा बाबू के बीच हुए संवाद को उद्धृत करते हुए कहा- “बाबूजी, आप दो बार ब्रिटिश शासन काल में एमएलए बने व मंत्री रहे और फिर दो बार स्वतंत्र भारत में भी एमएलए बने व मंत्री रहे फिर भी हमें एक कोठरी पक्का मकान नहीं हुआ तो क्या हुआ, आपने ईमानदारी का जो दीया जला कर दिया है वही इस परिवार का पथ प्रदर्शक बनेगा। बाबूजी ! सरदार पटेल के पास भी एक कोठरी पक्का मकान नहीं था और उनके निधन के बाद पटेल साहब के खाते में कुल 268 रुपए थे। लोग आपकी तुलना लौह पुरुष सरदार पटेल से ही तो करेंगे।”

सम्बंधित खबरें


मधेपुरा जिला में शनिवार को एक साथ 22 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले, बना दहशत का माहौल

बता दें कि जिले में शनिवार को बारिश की तरह कोरोना ने कोहराम मचा दिया जहां एक साथ 22 कोरोना पॉजिटिव मरीज निकले। इस 22 कोरोना पॉजिटिवों में 13 चौसा एवं 2 आलमनगर प्रखंड से जबकि 3 गम्हरिया प्रखंड से है। गम्हरिया के तीनों मरीज नोएडा से आए थे।

यह भी जानिए कि अब तक मधेपुरा जिला में कोरोना मरीज की कुल संख्या 200 हो गई है जिसमें 160 मरीज इलाज के बाद कोरोना मुक्त होकर घर जा चुके हैं। जिले में कोरोना मरीज के एक्टिव मामले फिलहाल मात्र 40 हैं।

बकौल डॉ.फूल कुमार बाहर से यात्रा करने वाले कोरोना पॉजिटिव लोगों के साथ रहने पर उन्हें बुखार, सूखी खांसी एवं सांस में तकलीफ जैसे दिखे तो वैसे मरीजों का स्कैनिंग कराया जाता है। यदि स्कैनिंग के दौरान कोई संदिग्ध मरीज पाया जाता है तो उन्हें आइसोलेशन वार्ड में कुछ दिनों के लिए रखा जाता है। जब उसकी तबीयत में सुधार नहीं आती है तब उसे जननायक कर्पुरी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है।

चलते-चलते यह भी जानिए कि गुरुवार को जीवछपुर से कुल 50 व्यक्ति का सैंपल लिया गया था जिसमें मात्र तीन कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। सूबे बिहार के 28 जिलों में शनिवार को 180 कोरोना  संक्रमितों की पहचान की गई जिसके साथ राज्य में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 8858 हो गई। जबकि मृतकों की संख्या बढ़कर अब 58 हो गई है। कोरोना मुक्त होने वाले मरीजों की संख्या 6930 हो चुकी है।

सम्बंधित खबरें


बिहार में ठनके से 102 लोगों की मौत, 28 जून तक वज्रपात का खतरा

सूबे बिहार के 25 जिलों में गुरुवार को बारिश के दौरान ठनका गिरने से 102 लोगों की जहां मौत हो गई वहीं 3 दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं जिसमें खेती किसानी से जुड़े ज्यादातर लोग शामिल हैं। इस प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे परिवार के परिजनों के प्रति सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शोक जताया है। सीएम ने सभी मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये किए गए वादानुसार देने का निर्देश दिया है।

बता दें कि गोपालगंज से लेकर अररिया तक कुल 25 जिलों में कहां कितने लोगों की मौत हुई उसकी विस्तृत जानकारी अखबारों के माध्यम से भी लोगों तक पहुंच चुकी है।

यह भी जानिए कि अगले 3 दिनों के लिए मौसम विभाग ने बिहार, उत्तर प्रदेश, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम के कुछ इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी कर दी है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि केवल बिहार के दो दर्जन जिलों में भारी बारिश के साथ ठनका गिरने से 50 से अधिक लोग झुलसकर घायल भी हुए हैं जिसमें कई लोगों की हालत गंभीर है। सबसे अधिक लोगों की जान गोपालगंज जिले में गई है जहां ठनका गिरने से एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो गई है। मुख्यमंत्री ने बार-बार यही कहा कि विपदा की घड़ी में मैं प्रभावित परिवारों के साथ हूं। सभी सतर्क रहें सुरक्षित रहें।

सम्बंधित खबरें


मधेपुरा सांसद श्री दिनेश चंद्र यादव का जिले के अतिथिशाला में कार्यकर्ताओं से वर्चुअल संवाद

बता दें कि जदयू सांसद श्री दिनेश चंद्र यादव द्वारा जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष व बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कोरोना काल में किए गए कार्यों का अनलॉक- 01 के दरमियान आज दिनांक 25 जून (गुरुवार) को दोपहर 12:00 बजे से अपराहन 1:00 बजे तक जिले के कार्यकर्ताओं के साथ वर्चुअल संवाद किया गया।

जानिए कि सांसद श्री यादव के मधेपुरा जिला अतिथिशाला में आगमन की जानकारी मिलते ही जदयू के वरिष्ठ नेता एवं समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, जेपी सेनानी इंद्र नारायण प्रधान, प्राचार्य सत्यजीत, बीबी प्रभाकर, योगेंद्र महतो, जिला अध्यक्ष प्रो.विजेंद्र नारायण यादव, अशोक चौधरी, संजय भगत, गुड्डी देवी, मंजू देवी….. चंद्रशेखर… आदि उपस्थित हुए। बिहारीगंज के विधायक श्री निरंजन मेहता एवं पूर्व विधायक डॉ.अरुण कुमार कुछ विलंब से पहुंचे।

सांसद दिनेश चंद्र यादव ने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का उपयोग कर सभी ग्रामीण कार्यकर्ताओं से संपर्क किया, उनका अभिवादन किया तथा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा कोरोना काल में राज्य से बाहर 21 लाख कामगारों के खाते में ₹1000 दिए जाने की चर्चा की। कोरोना काल में 1 करोड़ 54 लाख राशन कार्डधारी के खाते में ₹1000 ट्रांसफर किए गए तथा 21 लाख राशनकार्डधारियों को नए राशन कार्ड वितरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को 125 दिनों तक 25 तरह की योजनाओं से लाभ मिलेगा। सांसद महोदय ने प्रेस प्रतिनिधियों को विस्तार से रोड निर्माण, बिजली, नल-जल योजना सहित शहीदों के परिवार के लिए विशेष पैकेज की जानकारियां दी।

सम्बंधित खबरें


बिहार सरकार ने मधेपुरा सहित एक दर्जन जिले को 24 से 29 जून तक भारी वर्षा-पात को लेकर अलर्ट रहने को कहा

बता दें कि भारत मौसम विज्ञान विभाग के द्वारा भारी वर्षापात के पुर्वानुमान से संबंधित Special Weather Bulletin जारी की गई है। बुलेटिन के अनुसार दिनांक 24 से 29 जून तक मधेपुरा सहित सहरसा, सुपौल, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार, अररिया, दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, सीतामढ़ी, गोपालगंज, सीवान और मुजफ्फरपुर जिले के कुछ इलाकों में सामान्य से भारी वर्षापात यानि अतिवृष्टि की संभावना व्यक्त की गई है।

जानिए कि जिले के आलाधिकारियों को बिहार सरकार ने बाढ़ की संभावना के मद्देनजर इन निर्देशों का अनुपालन करने हेतु चेतावनी दी है कि सभी संबंधित आवश्यक तैयारियां समय से पूर्व सुनिश्चित की जाए।

यह कि जिले के प्रतिनियुक्त NDRF/SDRF की टीमों का आवासन जिलान्तर्गत सर्वाधिक प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में ही रखें। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आम लोगों को इन तथ्यों की जानकारी हो इसके लिए जिला जनसंपर्क पदाधिकारी के माध्यम से सभी स्थानीय समाचार पत्रों तथा सोशल मीडिया पर जानकारियां दिए जाने का आदेश दिया है ताकि सभी लोग सजग रहें।

चलते-चलते यह भी कि प्रधान सचिव ने स्थिति से निपटने के लिए नावों, मोटर वोटों को पर्याप्त संख्या में डिप्लाॅय करने की बात कही। यह भी सुनिश्चित करने हेतु निर्देश दिया गया कि वृद्धजन, दिव्यांगजन, बच्चे, गर्भवती महिलाओं को निष्क्रमण में प्राथमिकता दी जाए। संबंधित सभी विभागों के कर्मियों को अलर्ट रहने हेतु WhatsApp के माध्यम से जानकारी प्रेषित करने को कहा गया है।

सम्बंधित खबरें


राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष (पूर्व केंद्रीय मंत्री) डॉ.रघुवंश प्रसाद सिंह ने नाराज होकर उपाध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा

आज राष्ट्रीय जनता दल की धरती पर दो बार झटका महसूसा लोगों ने। पहली बार तब जब राजद के पांच विधान परिषद सदस्य पार्टी छोड़कर जदयू में शामिल हो गए। दूसरा बड़ा झटका राजद को पुनः तब लगा जब कोरोना से संक्रमित रघुवंश प्रसाद सिंह (पूर्व केंद्रीय मंत्री) ने राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

बता दें, ऐसा माना जाता है कि वैशाली के पूर्व सांसद रमा सिंह को राजद में शामिल किए जाने के विरोध में रघुवंश प्रसाद सिंह ने यह कदम उठाया है।

जानिए कि राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद से त्यागपत्र देने के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह, जो फिलहाल पटना एम्स में कोरोना से युद्ध कर रहे हैं, ने राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव से दो-दो हाथ करने को कदम बढ़ा चुके हैं।

कोरोना पॉजिटिव पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह द्वारा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद जो कुछ बयान दिया गया… उस बयान ने कोरोना की तरह पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं में दहशत पैदा कर दिया है-

“हर संकट में लालू प्रसाद का साथ दिया और वह पार्टी को नर्क बना दिया… पैसे लेकर टिकट बेचना अब बर्दाश्त नहीं…. पार्टी के लिए समर्पित कार्यकर्ताओं की उपेक्षा अब सहन नहीं की जा सकती…. कहने को तो और बहुत कुछ है…. फिलहाल स्वस्थ तो होने दीजिए।”

सम्बंधित खबरें