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मधेपुरा में 25 दिवसीय योग-सह-शिक्षक प्रशिक्षण शिविर का समापन

जहाँ एक ओर जलमग्न हो गया हो बिहार और 16 जिलों में मचा हो हाहाकार- वहीं स्वर्णिम विश्व बनाने के लिए संकल्पित पतंजलि योग समिति के ऋषिद्वय स्वामी रामदेव एवं आचार्य बालकृष्ण की समर्पित शिष्याओं को 25 दिवसीय योग शिक्षक प्रशिक्षण शिविर का सफल संचालन महिला प्रभारी प्रो.रीता कुमारी द्वारा आखिर पूरा कर ही लिया गया तथा 16 अगस्त को शिविर का भव्य समापन समारोह स्थानीय रासबिहारी उच्च विद्यालय परिसर में समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी द्वारा शानदार रुप से संपन्न करा ही लिया गया |

बता दें कि यह प्रशिक्षण शिविर 21 जुलाई से 14 अगस्त तक निरंतर चलता रहा जिसमें 40 महिलाएं एवं दो पुरुषों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया | प्रशिक्षक के रूप में इन प्रशिक्षुओं का वर्ग संचालन करते रहे- राज्य पतंजलि महिला प्रभारी डॉ.मीणा कुमारी, राज्य पतंजलि युवा प्रभारी श्री प्रकाश, मंडल प्रभारी चन्देश्वरी प्रसाद यादव, पूर्व मंडल प्रभारी डॉ.अमोल राय, भारत स्वाभिमान के संयोजक डॉ.वेद प्रकाश, सह-संयोजक डॉ.एन.के.निराला, किसान पंचायत प्रभारी श्री सुभाष, पतंजलि योग समिति के जिलाध्यक्ष डॉ.नन्दकिशोर, भारत स्वाभिमान की महामंत्री रुपम कुमारी सहित शिविर संचालिका प्रो.रीता कुमारी एवं अन्य |

Samapankarta Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri, State Patanjali Mahila Prabhari Dr.Veena Kumari and Patanjali Mandal Prabhari Chandeshwari Pd.Yadav being honoured by Zila Mihila Prabhari Prof.Reeta Kumari in presence of Ziladhyaksha Dr.Nand Kishor, Sah-Sanyojak Dr.N.K.Nirala, Mahamantri Rupam Kumari & others on the eve of Samapan Samaroh at Rasbihari Vidyalaya , Madhepura .
Samapankarta Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri, State Patanjali Mahila Prabhari Dr.Veena Kumari and Patanjali Mandal Prabhari Chandeshwari Pd.Yadav being honoured by Zila Mahila Prabhari Prof.Reeta Kumari in presence of Ziladhyaksha Dr.Nand Kishor, Sah-Sanyojak Dr.N.K.Nirala, Mahamantri Rupam Kumari & others on the eve of Samapan Samaroh at Rasbihari Vidyalaya , Madhepura .

यह भी जानिए कि ये प्रशिक्षण प्राप्त महिला एवं पुरुष 90 दिनों की योग कक्षाएं चलाने के बाद एवं हरिद्वार में पुनः 5 दिनों का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ही “योग शिक्षक” के रूप में विधिवत प्रमाण-पत्र प्राप्त करेंगे | इस दरमियान उन्हें कई लिखित व मौखिक परीक्षाओं से भी गुजरनी होती है |

इस अवसर पर समापनकर्ता डॉ.मधेपुरी ने महिला प्रशिक्षुओं से यही कहा कि आप अपने अतीत को भूल गई हैं, इसलिए आज नारी सशक्तिकरण की चर्चाएं होने लगी हैं | उन्होंने कहा कि महिलाएं हर मायने में पुरुषों से बहुत आगे थीं, रही हैं और आगे भी रहेंगी | आगे डॉ.मधेपुरी ने कहा-

“सोचिए तो सही ! पुरुष को क्या चाहिए ? कदाचित प्रत्येक को- शक्ति, संपत्ति और विद्वता ! …… शक्ति के लिए उसे माँ भगवती की आराधना करनी पड़ती है, संपत्ति के लिए माता लक्ष्मी की पूजा और विद्या के लिए माँ सरस्वती की अर्चना…….!!”   

डॉ.मधेपुरी ने समापन संबोधन में यही कहा- कि भारतीय ऋषि-मुनियों की योग-परंपरा में डुबकियां लगाने पर यही महसूसता रहा हूं-

“मन के पार चेतना के द्वार जाने की तैयारी का नाम है- योग ! योग से शक्ति और अंदर की ज्योति में वृद्धि होती है और व्याधि व व्यवधान मिटने लगते हैं | अंदर की आंखें खुलने लगती हैं…….. और ऐसा लगता है…….. कि माँ की कोख से बच्चों का पार्थिव जन्म होता है, परंतु योग व प्राणायाम से मनुष्य का आध्यात्मिक जन्म होता है………!”

अंत में महिला प्रशिक्षुओं रेखा गांगुली, माधुरी सिन्हा, किरण कुमारी, माया जायसवाल, मनीषा कुमारी, नीतू कुमारी, नीता कुमारी, एस यदुवंशी आदि से शिविर के फायदे से संबंधित पूछे गये प्रश्नों के जवाब में यही कहा गया कि शिविर में प्रशिक्षण नियमित रूप से एवं विधिपूर्वक दिया गया- योग के पूर्ण पैकेज के साथ बीच-बीच में परीक्षाएं भी ली गई |

समापन संपन्न होने से पूर्व समापनकर्ता डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, राज्य महिला प्रभारी डॉ.वीणा कुमारी एवं मंडल प्रभारी चन्देश्वरी प्रसाद यादव को अंगवस्त्रम आदि से सम्मानित किया शिविर प्रभारी प्रो.रीता कुमारी ने और महामंत्री रुपम कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापन के सिलसिले में सरस शब्दों में कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए तालियों की गड़गड़ाहट के साथ समापन कार्यक्रम में अद्भुत समां बांध दी |

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डॉ.मधेपुरी ने बाढ़ पीड़ितों के बचाव हेतु ‘स्काउट’ को दिखाई हरी झंडी

मधेपुरा जिले के आलमनगर, चौसा, बिहारीगंज, मुरलीगंज आदि प्रखंडों के बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में बाढ़-पीड़ितों की सेवा व बचाव कार्य हेतु ‘स्काउट एण्ड गाइड’ के प्रशिक्षित छात्र-छात्राओं की विभिन्न टोलियों को समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने  हरी झंडी दिखाकर विदा किया | क्योंकि नदियों में है उफान ! चारों ओर से घिरे हैं और जलमग्न हैं सैकड़ो गाँव !! और हो गया है – कोसी का अंग से संपर्क भंग !!!  जारी है जीवन के लिए जंग…..!!!!

Educationist Bhupendra Narayan Madhepuri addressing the Scout and Guide (Girls & Boys) Trainees with a slogan "Service to Man in Service to God" at Rasbihari High School Ground , Madhepura .
Educationist Bhupendra Narayan Madhepuri addressing the Scout and Guide (Girls & Boys) Trainees with a slogan “Service to Man is Service to God” at Rasbihari High School Ground , Madhepura .

इस प्रलयंकारी बाढ़ के हालात से  निपटने के लिए जहाँ स्काउट एण्ड गाइड के प्रशिक्षण आयुक्त जयकृष्ण प्रसाद यादव द्वारा जिले के विभिन्न विद्यालयों के स्काउट के छात्र-छात्राओं को मानव सेवा हेतु प्रशिक्षण संबंधी कार्य एवं योजनाओं की जानकारियाँ दी गई तथा व्यवहारिक ट्रेनिंग के साथ-साथ हमेशा विकट परिस्थितियों में अपने विवेक से काम लेने की भी बातें कही गई वहीं समाज सेवा में गहरी अभिरुचि रखनेवाले डॉ.मधेपुरी ने बच्चे-बच्चियों से यही कहा –

“दुनिया में जितने भी धर्म हैं उनमें सर्वोत्कृष्ट धर्म है- ‘मानव सेवा’ | मानव सेवा ही सच्ची सेवा है | यूँ तो लोगों को बहुत कुछ की भूख होती है जिनके पीछे इंसान भागता है, परंतु जिसे दुनिया से विदा होते समय वह साथ नहीं ले जाता – उस ‘धन’ को जमा करने के पीछे वह तेजी से भागता है | यदि वह अपने साथ कुछ ले जाता है तो सिर्फ और सिर्फ अच्छे कर्म एवं लोगों की अच्छी सेवा…….!!”

डॉ.मधेपुरी ने प्रशिक्षित स्काउट युवाओं से यह भी कहा “यदि आप सही तरीके से मानव सेवा करो तो आप बहुत आगे बढ़ सकते हो, ऊंचाई को प्राप्त कर सकते हो…..|”

उन्होंने यह भी कहा कि बाहर से आकर मदर टेरेसा ने यहां के कुष्ठ रोगियों एवं अपाहिजों की सेवा की | ‘भारतरत्न’ सरीखे सर्वोच्च सम्मान से वह सम्मानित हुई | साथ ही संसार के सर्वोत्कृष्ट सम्मान ‘नोबेल पुरस्कार’ से भी सम्मानित की गई वह मदर टेरेसा…….. जिनके बीमार होने पर कभी भारतरत्न डॉ.ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने ईश्वर से दुआ मांगी थी- हे ईश्वर ! अभी मदर को यहीं रहने दो……… क्योंकि ‘मदर’ का हृदय उन गरीबों का घर है, जिन्हें धरती पर अपना घर नहीं……….|”

बच्चो ! हम भी ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि हमारे बच्चे बाढ़ पीड़ितों की सेवा एवं बचाव कार्यों को पूरा कर सकुशल वापस आये और अपने-अपने विद्यालयों का नाम रौशन करे !!

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डॉ.मधेपुरी के संग ‘तिरंगा’ हुआ मधेपुरा

भूपेन्द्र चौक पर डॉ.मधेपुरी ने शांति आदर्श स्कूल के बच्चे-बच्चियों एवं गणमान्यों सहित डॉ.आलोक, सतीशचन्द्र, आनंद आदि की उपस्थिति में राष्ट्रीय तिरंगा फहराने के बाद जन-गण-मन……… के धुन के दरमियान तिरंगे को सलामी दिया और उपस्थित जनों से यही कहा-

बच्चों ! यह 71वां स्वतंत्रता दिवस है | 70 बार यह तिरंगा लाल किले के प्राचीर से 15 अगस्त को फहराया गया | मात्र एक बार पंडित नेहरू द्वारा 16 अगस्त को 1947 में इसे लाल किले से फहराया गया था | वह भी बिना राष्ट्रगान का ही | वर्ष 1950 से ध्वजोत्तोलन के बाद राष्ट्रगान गाया जाने लगा है |

डॉ.मधेपुरी ने बच्चों से यह भी कहा कि अपने अंदर की बुराइयों को भगाने में ऊर्जा नहीं लगाना बल्कि अच्छाइयों को अन्दर लाने में  प्रयत्नशील रहोगे तो बुराइयाँ स्वयं बाहर हो जाएंगी | जैसे कमरे में फैले अंधकार को बाहर निकालने में थक जाओगे फिर भी बाहर नहीं होगा अंधेरा | यदि तुम एक दीप उस कमरे के अंदर जला लेते हो तो अंधेरा स्वतः बाहर हो जायेगा……….! याद रखना अंधेरे को कोसने से बेहतर है- एक दीप जलाना |

यह भी बता दें कि सबेरे से स्कूली बच्चों द्वारा मुख्य सड़कों से लेकर शहर की गलियों में भी तिरंगा लिए गोखले-तिलक-गांधी-सुभाष से लेकर नेहरू-लोहिया-हामीद-जयप्रकाश……. के साथ-साथ भूपेन्द्र-भीम-कर्पूरी सरीखे स्वतंत्रता सेनानियों की जयकारा लगाते देखे गये |

Dynamic DM Md.Sohail (IAS), SP Vikas Kumar (IPS), ASP Rajesh Kumar , Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri and other officers along with girl students uniformed as Bharat Mata celebrating 71st Independence Day on 15th August , 2017 at BN Mandal Stadium , Madhepura .
Dynamic DM Md.Sohail (IAS), SP Vikas Kumar (IPS), ASP Rajesh Kumar , Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri and other officers along with girl students uniformed as Bharat Mata celebrating 71st Independence Day on 15th August , 2017 at BN Mandal Stadium , Madhepura .

इस अवसर पर बी.एन.मंडल स्टेडियम में समाजसेवी डॉ.मधेपुरी, स्वतंत्रता सेनानी श्री कृष्णान्द यादव सहित शहर के गणमान्यों एवं स्कूली बच्चों के बीच जिले के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल (I.A.S.), एसपी विकास कुमार (IPS) ने तिरंगे को सलामी दी और जिले के विकास हेतु रेल फैक्ट्री……. मेडिकल – इंजीनियरिंग कॉलेज…….. आदि पर विस्तार से चर्चा करते हुए युवाओं को जगाने हेतु संदेश दिया |

भू.ना.मंडल विश्वविद्यालय के नये परिसर में एक जगह तिरंगा लहराया प्रतिकुलपति ने और पुराने परिसर में कुलपति डॉ.ए.के.राय ने तथा शिक्षक संघ के महासचिव डॉ.अशोक कुमार ने, अवकाश प्राप्त शिक्षक कल्याण संघ के महासचिव डॉ.एस.एन.यादव ने………| नगर परिषद की अध्यक्षा श्रीमती सुधा यादव और जिला परिषद की अध्यक्षा श्रीमती मंजू देवी ने तिरंगे को सलामी दी |

चारो ओर बच्चों एवं बच्चियों ने आजादी की झाँकियाँ, गीत, नाटक एवं जन्माष्टमी के अवसर पर कृष्ण लीला भी करते देखे गये | सांस्कृतिक कार्यक्रम करना तो हमारी संस्कृति का अंग बन गया है |

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इतिहास का स्मरण हमें ताकत देता है !

मधेपुरा में जिला से लेकर प्रखंड स्तर तक ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के 75वें वर्षगांठ को उत्साहपूर्वक मनाया गया | सबेरे प्रभात फेरी निकाली गई जिसमें स्कूली बच्चों ने जमकर भाग लिया | दिन के 10:00 बजे से स्थानीय भूपेन्द्र कला भवन में चित्रकला प्रदर्शनी का वृहत आयोजन किया गया | अपराह्न 1:00 बजे से “भारत छोड़ो आंदोलन” पर स्कूली बच्चों द्वारा व्याख्यान एवं निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई | शाम में वहीं पर विभिन्न संगीत विद्यालयों एवं स्थानीय कलाकारों द्वारा देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का एक-से-एक बेहतरीन प्रदर्शन किया जाता रहा | अंत में कार्यक्रमों में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को- डीडीसी मिथिलेश कुमार की अध्यक्षता में तैयार किये गये प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी,  एस.डी.एम.संजय कुमार निराला, बीडीओ  दिवाकर कुमार आदि द्वारा पुरस्कृत किया गया |

बता दें कि इस अवसर पर स्वच्छता अभियान के तहत जिला मुख्यालय, अनुमंडल मुख्यालय सहित प्रखंड मुख्यालय के कार्यालय परिसरों की जमकर सफाई की गई |

Educationist Dr.Bhupendra Madhepuri, SDM SANJAY KUMAR Nirala, DDC Mithilesh Kumar and Students Celebrating 75th anniversary of Quit India Movement at Bhupendra Kala Bhawan, Madhepura.
Educationist Dr.Bhupendra Madhepuri, SDM Sanjay Kumar Nirala, DDC Mithilesh Kumar and Students Celebrating 75th anniversary of Quit India Movement at Bhupendra Kala Bhawan, Madhepura.

यह भी बता दें कि मध्यान काल में अगस्त क्रांति दिवस (9 अगस्त) मनाने हेतु अनुमंडल कार्यालय परिसर में जिले के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल का आगमन हुआ- जहां पर डीडीसी, एस.डी.एम. संजय कुमार निराला, एलआरडीसी रवि शंकर शर्मा, बीडीओ  दिवाकर कुमार सहित समाजसेवी-साहित्यकार भूपेन्द्र मधेपुरी ने इस अवसर पर आयोजित विचार गोष्ठी में डीएम मो.सोहैल का स्वागत किया |

आरम्भ में डीएम, डीडीसी, एसडीएम, एलआरडीसी, बीडीओ, सहित डॉ.मधेपुरी एवं गणमान्यों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, भगत सिंह, चन्द्रशेखर आजाद, लाल बहादुर शास्त्री आदि के तस्वीरों पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि किया |

School Kids celebrating ' Bharat Chhoro Aandolan' on 9th. August at Bhupendra Kala Bhawan,Madhepura.
School Kids celebrating ‘ Bharat Chhoro Aandolan’ on 9th. August at Bhupendra Kala Bhawan, Madhepura .

जहाँ गोष्ठी को संबोधित करते हुए डायनेमिक डीएम ने जीर्ण-शीर्ण ट्रेजरी भवन को सुन्दर संग्रहालय बनाने की बात कही वहीँ डीडीसी मिथिलेश कुमार ने एसडीएम संजय कुमार निराला से उसे जिला परिषद को ट्रांसफर करने की चर्चा भी की तथा स्वच्छता के बाबत संकल्प का पाठ भी किया और लोगों ने उसे दोहराया भी |

बीच में गोष्ठी को संबोधित करते हुए समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.मधेपुरी ने अपने संबोधन में 1942 की अगस्त क्रान्ति की चर्चा करते हुए यही कहा-

“जब 8 अगस्त, 1942 की रात को बम्बई में आयोजित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सम्मेलन में ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ का प्रस्ताव पास करने के बाद ‘करो या मरो’ का नारा बुलंद किया गया, तब कुछ ही घंटे बाद नेताओं की धर-पकड़ शुरू हो गयी | वह व्यक्तिगत आंदोलन था | महात्मा गांधी ने उद्घोष किया था कि हर कोई स्वयं सेना भी है और सेनापति भी | तभी तो सरकारी आंकड़े के अनुसार 60 बार सेना को बुलाना पड़ा था ; 60000 आंदोलनकारी गिरफ्तार हुए थे और भारत में 940 लोग गोलियों के शिकार हुए थे…….. सच्चाई कई गुणा ज्यादा थी……… तत्कालीन वायसराय लिनलिथगो ने चर्चिल को लिखा भी था……. 1857 की क्रान्ति थी और यह 1942 की जनक्रांति है |”     

अंत में डायनेमिक डीएम मो.सोहैल (IAS)  ने जोरदार शब्दों में उपस्थित जनों से यही कहा- “हम सब मिलकर संकल्प लें- भ्रष्टाचार मुक्त भारत का स्वच्छ भारत का, गरीबी मुक्त भारत का, जातिमुक्त भारत का, संप्रदायवाद मुक्त भारत का……… और नए भारत के निर्माण के अपने इन संकल्पों की सिद्धि के लिए हम सब मन, वचन और कर्म से सदा जुटे रहेंगे तब तक जब तक बिहार और हमारा राष्ट्र विकसित नहीं हो जाय |”

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मधेपुरा में ब्रह्माकुमारी रंजू दीदी ने सैनिकों की कलाई पर बाँधी राखी

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की मधेपुरा सहित विभिन्न केंद्रों पर अलौकिक रक्षाबंधन कार्यक्रम का आयोजन भाई-बहन के अटूट प्रेम, श्रद्धा एवं विश्वास के पर्व के रूप में किया गया । जबकि कलियुग के इस दौर में पत्थर बनते जा रहे अधिकांश इंसानों का ‘दिल’ अब रिश्तों के लिए धड़कना छोड़ता जा रहा है….।

फिर भी….. धरती पर आज भी भाई-बहन के बीच का अलौकिक रिश्ता जिन्दा है । तभी तो ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय मधेपुरा शाखा की लोकप्रिय ब्रह्माकुमारी राजयोगिनी रंजू दीदी  ने राष्ट्र की सुरक्षा में लगे सैनिक भाइयों या फिर समाज की रक्षा करने वाले समाजसेवियों को रक्षासूत्र (राखी) बांधने के बाद यही कहा-

‘भारत की संस्कृति व मानवीय मूल्यों को प्रत्यक्ष करनेवाला, अनेक आध्यात्मिक रहस्यों को प्रकाशित करने वाला एवं भाई-बहन के वैश्विक रिश्तों को याद दिलाने वाला परमात्मा का अमूल्य उपहार है- यह रक्षाबंधन….!’  

रंजू दीदी ने इस अवसर पर सैनिकों-समाजसेवियों को रक्षा सूत्र बांधने से पूर्व यही कहा कि सर्वप्रथम बहन भाई के मस्तिष्क पर तिलक लगाती है- जो शुद्ध, शीतल एवं सुगन्धित जीवन जीने की प्रेरणा देती है ।

Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri is being tied Rakhi by Rajyogini Ranju Didi & others at Prajapita Brahmakumari Vishwavidyalaya Branch at Madhepura .
Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri is being tied Rakhi by Rajyogini Ranju Didi & others at Prajapita Brahmakumari Vishwavidyalaya Branch at Madhepura .

आगे ब्रह्माकुमारी रंजू दीदी ने यह भी कहा कि भाई को मिठाई खिलाने के पीछे यह राज भरा है कि निरन्तर मन और सम्बन्धों का मिठास मिलता रहे….!

इस अवसर पर समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा- इस बार का यह ‘रक्षाबंधन’ पावन सावन के पाँचवें सोमवार को पड़ने के कारण यह मास और यह दिन भी आशुतोष भगवान शिव को सर्वाधिक प्रिय है । साथ ही डॉ.मधेपुरी ने यह भी कहा कि देवाधिदेव महादेव शिव की प्रतिमा पर महामृत्युंजय मंत्र के साथ अर्पित किये गये ये रक्षासूत्र सैनिकों, समाजसेवियों एवं गणमान्यों की कलाइयों पर बांधती हुई ब्रह्माकुमारी रंजू दीदी अंतर्मन से सदैव यही गुनगुनाती रही-

मेरी राखी की डोर, कभी हो ना कमजोर !
भैया ! दे दो……  कलाई बहन आई  है !!

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मधेपुरा में ‘जड़ी-बूटी दिवस’ समारोह का उद्घाटन किया डॉ.मधेपुरी ने

आज 4 अगस्त है और ‘जड़ी-बूटी दिवस’ है | सुखद संयोग भी कि आयुर्वेद के महान ऋषि आचार्यश्री बालकृष्ण का जन्मदिन भी | वर्तमान समय में स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण धरती पर ईश्वरीय वरदान हैं और रोगियों के लिए भगवान हैं तथा ऋषियों में महान हैं |

बता दें कि आचार्य बालकृष्ण के जन्मदिवस पर देश भर में पतंजलि से जुड़े लाखों-करोड़ों भाई-बहन जड़ी-बूटी व छोटे-बड़े पौधों के औषधीय गुणों की चर्चा करके तथा उन्हें अपने घर-आंगन में लगा-लगाकर श्रद्धेय आचार्य जी को कोटि-कोटि शुभकामनाएं दे रहे हैं |

इस अवसर पर स्थानीय रासबिहारी उच्च विद्यालय मधेपुरा के परिसर में पतंजलि योग समिति के जिलाध्यक्ष प्रो.नन्दकिशोर एवं महिला पतंजलि प्रभारी प्रो.रीता कुमारी सहित अन्य सभी संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित जड़ी-बूटी दिवस का उद्घाटन समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने किया |

कार्यक्रम का श्रीगणेश संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलित करते हुए उद्घाटनकर्ता समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, मुख्य अतिथि प्रो.शंभूशरण भारतीय, जिलाध्यक्ष प्रो.नन्दकिशोर, महिला प्रभारी प्रो.रीता कुमारी, प्रधान डाक अध्यक्ष राजेश कुमार, दीपक कुमार, अनुमंडल प्रभारी पी.यदुवंशी, महासचिव डॉ.एन.के.निराला, पशुपति चौरासिया व अन्य ने किया |

सर्वप्रथम डॉ.मधेपुरी ने अपने उद्घाटन भाषण देते हुए यही कहा कि यदि संसार के 200 से अधिक देश जो विश्व योग दिवस के सहयोगी रहे हैं- वहाँ के सभी नर-नारी एक आँख से स्वामी रामदेव के योग और दूसरी आँख से आचार्य बालकृष्ण द्वारा बताए गये पेड़-पौधों के दिव्य औषधीय गुणों को देखने लगे तो संसार की सारी समस्याओं का समाधान संभव होने लगेगा | डॉ.मधेपुरी ने कहा कि मन की विकृतियों से उत्पन्न रोग का इलाज योग से होगा और आयुर्वेद की जीवन दायिनी जड़ी-बुटियों से शारीरिक रोगों का इलाज होगा |

अपने संबोधन में मुख्य अतिथि प्रो.शंभूशरण भारतीय ने कहा कि आचार्य बालकृष्ण से कई अवसर पर उनकी मुलाकात हुई है और उनकी कठोर साधना एवं संघर्ष द्वारा प्राप्त औषधीय ज्ञान का लाभ भी मिला है | प्रो.भारतीय भिन्न-भिन्न औषधीय पौधों की विस्तृत चर्चा से उपस्थित योग बंधुओं एवं योग दीदियों को देर तक बांधे रखा और तालियाँ भी बटोरता रहा |

अंत में डॉ.नंदकिशोर एवं डॉ.एन.के.निराला ने उद्घाटनकर्ता डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी एवं मुख्य अतिथि प्रो.शंभू शरण भारतीय को अंगवस्त्रम आदि के साथ सम्मानित किया | औषधीय पौधों के वितरण के साथ डॉ.निराला ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की |

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झारखंड के सरकारी पाठ्यक्रम में शामिल की गई डॉ.मधेपुरी की पुस्तक……

झारखंड सरकार ने मधेपुरा के लेखक डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी की पुस्तक “छोटा लक्ष्य एक अपराध है” के सर्वाधिक अंश को सरकारी स्कूलों के लिए तैयार किये गये छठी कक्षा की हिन्दी किताब में डॉ.कलाम से संबंधित आलेख “प्रेरणा के बीज” के लिए चयनित किया है | इस कृत्य से डॉ.मधेपुरी सहित मधेपुरा और बिहार के समस्त साहित्कार समुदाय भी गौरवान्वित हुए हैं |

बता दें कि मधेपुरा के समाजसेवी-साहित्यकार एवं भौतिकी के विद्वान डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने तत्कालीन महामहिम राष्ट्रपति भारतरत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के संग बिताये गये सर्वाधिक प्रेरक क्षणों की उपलब्धियों को राष्ट्र निर्माण करनेवाले नौनिहालों के निमित्त “छोटा लक्ष्य एक अपराध है” पुस्तक में पिरोने का काम किया तो सरकारी स्तर पर सबसे पहले झारखंड सरकार ने इस पुस्तक के सर्वाधिक अंशो को छठी कक्षा के बच्चों के लिए पाठ्यक्रम में डालकर पढ़ाना भी शुरू कर दिया | जानिये कि डॉ.मधेपुरी द्वारा इस प्रेरक पुस्तक सहित आधे दर्जन पुस्तकों की रचना हिन्दी में की गई है |

यह भी जानिये कि भारत के विभिन्न क्षेत्रों के बच्चों द्वारा चाचा कलाम से पूछे गये सवाल और भारतरत्न डॉ.कलाम द्वारा दिये गये जवाब का सारगर्भित संकलन है- यह पुस्तक “छोटा लक्ष्य एक अपराध है” | इस पुस्तक के अब तक सात संस्करण प्रकाशित हो चुके हैं |

बता दें कि लगभग एक दशक से भारत के सभी राज्यों के बड़े-बड़े स्टेशनों पर अवस्थित ए.एच.व्हीलर की दुकानों में यह पुस्तक निरंतर बिकती रही है और देती रही है डॉ.मधेपुरी को शोहरत के साथ-साथ उच्च कोटि की साहित्यिक पहचान भी | क्योंकि, प्रभात खबर अखबार को डॉ.मधेपुरी ने बताया कि इस पुस्तक के माध्यम से वे देश के विभिन्न हिस्सों के बुद्धिजीवियों एवं साहित्यकारों से वर्षों से जुड़े हैं जो प्रतिवर्ष उनके जन्मदिन पर बधाई देना प्रायः नहीं भूलते !

यूँ तो इस पुस्तक में एक से एक उमदा प्रश्न पूछे गये हैं और डॉ.कलाम द्वारा दिया गया जवाब भी हृदय को छू लेने वाला है | कोई एक प्रश्न, यह कि- आपको जिंदगी में सबसे अधिक दुख किस बात की है ? के जवाब में डॉ.कलाम ने यही कहा कि- जिस समय मुझे भारतरत्न जैसे सर्वोच्च सम्मान महामहिम राष्ट्रपति डॉ.के.आर.नारायणन द्वारा दिया जा रहा था उस समय मेरे माता, पिता और गुरुओं में से कोई नहीं थे…….| दूसरा एक प्रश्न- यह कि यदि ईश्वर आपको एक वरदान देना चाहें तो आप क्या मांगेंगे- का जवाब उन्होंने दिया- हे ईश्वर ! भारत को विकसित राष्ट्र बना दो……..!

साभार – प्रभात खबर

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर योगमय हुआ मधेपुरा

जहाँ तीसरे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर एक ओर बी.एन.मंडल स्टेडियम मधेपुरा में समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी के साथ-साथ जिला परिषद अध्यक्षा मंजू देवी, पूर्व प्राचार्य डॉ.सुरेश प्रसाद यादव, पूर्व मुखिया जनार्दन प्रसाद यादव, शिक्षक परमेश्वरी प्रसाद यादव, प्रधान डाकपाल राजेश कुमार, योगाचार्य असंग स्वरूप, डॉ.एन.के.निराला, आदित्य, अनुमंडल प्रभारी यदुवंशी, जिलाध्यक्ष डॉ.नंदकिशोर सहित महामंत्री डॉ.देव प्रकाश आदि ने संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया वहीं दूसरी ओर बीएनएमयू के नये कुलपति डॉ.ए.के.राय ने प्रतिकुलपति डॉ.फारुख अली, प्राचार्य डॉ.अशोक कुमार, कर्नल दिनेश तनवर, योगगुरु द्वय राजेश कुमार व डॉ.एन.के.निराला आदि के साथ नैक प्राप्त मधेपुरा कॉलेज मधेपुरा द्वारा आयोजित विशेष योग शिविर का उद्घाटन करते हुए यही घोषणा की-

अब विश्वविद्यालय के सभी कॉलेजों में होगी योग की नियमित कक्षा, क्योंकि योग अब लोगों के जीवन का अहम हिस्सा बन गया है | प्राचीन परंपरा का यह अनमोल उपहार स्वस्थ एवं दीर्घायु रहने के लिए आवश्यक है…….|

From L to R Zila Parishad Adhyaksha Smt.Manju Devi , Aditya , Dr.Bhupendra Madhepuri , Dr.Arun Kumar , Dr.Suresh Pd Yadav and Uttam Prasad Yadav etc attending 3rd International Yoga Shivir at BN Mandal Stadium Madhepura
(From L to R)- Zila Parishad Adhyaksha Smt.Manju Devi , Aditya , Dr.Bhupendra Madhepuri , Dr.Arun Kumar , Dr.Suresh Pd Yadav and Uttam Prasad Yadav etc attending 3rd International Yoga Shivir at BN Mandal Stadium Madhepura

बता दें कि टी.पी.कॉलेज, पार्वती सायंस कॉलेज, केशव कन्या उच्च विद्यालय, एसएनपीएम स्कूल मधेपुरा, रासबिहारी उच्च विद्यालय, बीएल हाई स्कूल मुरलीगंज सहित केपी कॉलेज आदि अनेक शिक्षण संस्थाओं के छात्र व शिक्षकों के साथ-साथ एनसीसी कैडेटों ने भी इस अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रमों में जमकर हिस्सा लिया | सबों ने यही कहा कि स्वस्थ रहने के लिए योग से अच्छा कुछ भी नहीं |

जिले के चौसा, आलम नगर, धैलाढ, शंकरपुर, सिंहेश्वर सहित प्रायः सभी प्रखंडों में बच्चे, बूढ़े और नौजवान के साथ-साथ महिलाएं भी  सवेरे-सवेरे अद्भुत उत्साह के साथ बाबा रामदेव की जयकारा लगाते हुए आजू-बाजू के मैदान की ओर जाते नजर आने लगी | बिहारीगंज के एक योग शिविर का उद्घाटन कर पूर्व मंत्री डॉ.रेणु कुमारी कुशवाहा स्वयं अनुलोम-विलोम करती हुई नजर आई | चारों ओर योग ऋषि बाबा रामदेव की अमृतवाणी- सुखमय जीवन बनाने को नियमित करे योग– दिनभर गूंजती रही |

Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri inaugurating Yoga & Ayurveda Seminar at BN Mandal Stadium Hall along with Ayurvedacharya KD Sharma , JP Yadav , Dr.NK Nirala , SP Yadav , Roopam Kumar and Dr.Nand Kishor.
Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri inaugurating Yoga & Ayurveda Seminar at BN Mandal Stadium Hall along with Ayurvedacharya KD Sharma , JP Yadav , Dr.NK Nirala , SP Yadav , Roopam Kumari and Dr.Nand Kishor.

दूसरे सत्र में अपराह्न 3:00 बजे से बीएन मंडल स्टेडियम हाल में पतंजलि योग समिति द्वारा ‘योग एवं आयुर्वेद’ पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया था | जिसका उद्घाटन समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने किया | अपने संबोधन में डॉ.मधेपुरी ने कहा –

हम योग करके अपने अतीत को याद करते हैं, अपनी संस्कृति को सम्मान देते हैं और अपनी विरासत का अभिनंदन करते हैं, बन्दन करते हैं…….. हम योग से शरीर और मन दोनों को स्वस्थ करते हैं |                       

मौके पर आयुर्वेदाचार्य के.डी.शर्मा ने आयुर्वेद के रहस्य पर विस्तार से चर्चा की | उन्होंने तालियां बजवाकर रोग से मुक्ति पाने के उपायों की विस्तृत चर्चा की और देर तक आयुर्वेद से रोग के इलाज के बारे में लोगों को बताया | प्रभावित होकर प्राय: लोग उनका फोन नंबर नोट करते देखे गये |

यह भी बता दें कि शंभूशरण भारतीय ने अपने संक्षिप्त संबोधन में यही कहा कि योग एवं शारीरिक संरचना में आयुर्वेद का महत्वपूर्ण स्थान है | उन्होंने कहा कि ऐसी कई बीमारियां हैं जिसका इलाज योग एवं आयुर्वेद द्वारा ही संभव है |

Ruby Kumari , Yoga Shikshika from Yoga Center Ram-Janki Thakurbari , Lakshmipur Mohalla , receiving the certificate of excellence from Udghatankarta Dr.Madhepuri in the Seminar organised by Patanjali Zila Yoga Samiti Madhepura
Ruby Kumari , Yoga Shikshika from Yoga Center Ram-Janki Thakurbari , Lakshmipur Mohalla , receiving the certificate of excellence from Udghatankarta Dr.Madhepuri in the Seminar organised by Patanjali Zila Yoga Samiti Madhepura

इस अवसर पर महिला योग प्रकोष्ठ के जिला प्रभारी प्रो.रीता कुमारी, संरक्षक सुरेश प्रसाद यादव, भारत स्वाभिमान के सह जिला प्रभारी डॉ.एन.के. निराला, सहायक प्रभारी पशुपति चौरसिया,  पृथ्वीराज यदुवंशी, किसान सेवा समिति के सुभाष चंद्र, महामंत्री रुपम कुमारी सहित अध्यक्ष नंदकिशोर ने उद्गार व्यक्त करते हुए यही कहा कि अब दुनिया आयुर्वेद के महत्व को पूरी तरह मान ली है |

कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु अंत तक मौजूद रहे- मधेपुरा व्यापार संघ के अध्यक्ष योगेंद्र प्राणसुखका, खुशी प्राणसुखका, पूर्व मुखिया जनार्दन प्रसाद यादव, कुमारी रंजू दीदी, रेखा गांगुली, चंद्रभूषण, रितेश कुमार, गायत्री कुमारी, रुबी कुमारी, साधना कुमारी, कुमारी ललिता |

आरम्भ में पानी का फुहार अपना काम किया लेकिन बाबा रामदेव व बालकृष्ण के योगियों को संकल्प से डिगा नहीं पाया | प्रसाद के रूप में ढेर सारी सामग्रियां बांटी गई | स्वच्छ जल की भरपूर व्यवस्था देखी गई | बिलंब के लिए टेंट वाले की निष्क्रियता कारण बनी जिसे भविष्य के लिए याद किया जाना ही चाहिए………|

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कवयित्री अलका वर्मा को मिला कौशिकी साहित्य रत्न !

कौशिकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन संस्थान के अंबिका सभागार में कोसी की चर्चित कवयित्री (सम्प्रति प्राचार्या रामकृष्ण भुवनेश्वरी आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय त्रिवेणीगंज, सुपौल) श्रीमती अलका वर्मा के एकल काव्य पाठ का आयोजन 4 जून, 2017 (रविवार) को समारोहपूर्वक किया गया- जिसकी अध्यक्षता कोसी के वरिष्ठ साहित्यकार-इतिहासकार हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ ने की |

जहाँ मधेपुरा के सांसद रह चुके व मंडल विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति एवं कोसी के चर्चित साहित्यकार सह सम्मेलन के संरक्षक डॉ.रमेंद्र कुमार यादव रवि ने कवयित्री अलका वर्मा को अंग-वस्त्रम व प्रशस्ति पत्र प्रदानकर “कौशिकी साहित्य रत्न” से सम्मानित किया, वहीं इससे पूर्व सम्मेलन के यशस्वी सचिव डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी द्वारा कवयित्री श्रीमती वर्मा की संपूर्ण काव्य-यात्रा को संक्षेप में प्रस्तुत करते हुए इस प्रकार उद्घोषणा की गयी-

विभिन्न प्रकार की सामाजिक, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक संस्थाओं से संबद्ध एवं क्रियाशील रहनेवाली, महिला सशक्तिकरण हेतु गृह जिला सुपौल द्वारा सम्मानित होनेवाली तथा “मुझे मेरे नाम से पुकारो” काव्य संग्रह के अलावे ‘कही अनकही’ एवं “गुलमोहर” कथा-संग्रह द्वय में जीवन के खट्टे-मीठे अनुभवों को करीने से उकेरनेवाली और साहित्यिक पत्र-पत्रिकाओं में निरंतर छपते रहनेवाली श्रीमती अलका वर्मा को इस संस्थान के संरक्षक डॉ.रवि द्वारा सारस्वत सम्मान यानि “कौशिकी साहित्यरत्न” से सम्मानित किया जायेगा |

जहां एक ओर कवयित्री सह प्राचार्या श्रीमती अलका वर्मा द्वारा अपने एकल काव्यपाठ में दर्जनों कविताओं के पाठोपरांत श्रोताओं द्वारा खूब तालियां बटोरी गयी वहीं अपने समीक्षात्मक आशीर्वचन में वरिष्ठ साहित्यकार श्री शलभ और संस्थापक कुलपति डॉ.रवि ने विचार व्यक्त करते हुए यही कहा कि इनकी कविताएं अतुकांत होते हुए भी सरल है, सहज है और अंतरात्मा से निःसृत एवं गीत्यात्मक माधुर्य से  उतप्लावित है जो जीवन के यथार्थ से हमें साक्षात्कार कराती है | साहित्यकार द्वय ने नारी सशक्तिकरण में श्रीमती वर्मा के योगदान को रेखांकित करते हुए जमकर सराहना की |

मंडल विश्वविद्यालय के पूर्व हिन्दी विभागाध्यक्ष एवं डि.लिट. प्राप्त समीक्षक डॉ.विनय कुमार चौधरी ने कवयित्री श्रीमती वर्मा के काव्य संग्रह ‘मुझे मेरे नाम से पुकारो’ की विस्तृत समीक्षा की और दर्शकों का ध्यान आकृष्ट किया |

भागलपुर विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति  रहे डॉ.के.के.मंडल, क्षणदा के संपादक सुबोध कुमार सुधाकर, मंडल विश्वविद्यालय के कुलसचिव रहे प्रो.शचीन्द्र, पूर्व प्राचार्य प्रो.श्यामल किशोर यादव आदि ने कवियत्री के कार्य की प्रशंसा करते हुए इनके उज्जवल भविष्य की कामनाऍ की |

दूसरे सत्र में स्थानीय कवि व साहित्यकारों प्रेम जी, सत्य जी एवं विनोद जी को स्मरण करते हुए आयोजित काव्य-गोष्ठी का संचालन डॉ.विनय कुमार चौधरी एवं डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने संयुक्तरुप से किया |

जिन कवियों ने अपनी-अपनी कविताओं का पाठ किया, वे हैं- प्रेम और विरह के गीतकार सुबोध कुमार सुधाकर, प्रधानाचार्य  डॉ.विश्वनाथ विवेका, डॉ.विश्वनाथ सर्राफ, शंभू नाथ अरुणाभ, सुरेन्द्र भारती, उल्लास मुखर्जी, राजू भैया, डॉ.अरुण कुमार (फर्जी कवि), डॉ.विनय कुमार चौधरी एवं डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी | आयोजन में प्रमुख रुप से उपस्थित रहे- रघुनाथ प्रसाद यादव, अनिकेत श्रीवास्तव, प्राण मोहन यादव, डॉ.हरिनंदन यादव, श्यामल कुमार सुमित्र, डॉ.अरविन्द श्रीवास्तव आदि |

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बीएन मंडल विश्वविद्यालय में नये वीसी बने डॉ.ए.के.राय

मधेपुरा के लिए यह एक सुखद संयोग है कि जहाँ एक ओर 29 मई को ‘भूपेन्द्र चौक’ पर समाजवादी चिंतक भूपेन्द्र नारायण मंडल की पुण्यतिथि पर प्रातः 7:30 बजे से उनकी प्रतिमा पर शहर के गणमान्यों द्वारा माल्यार्पण किया जा रहा है तो दूसरी ओर 3:30 बजे से संत अवध बिहारी कीर्ति नारायण देवकृष्ण महाविद्यालय परिसर में उनकी पुण्यतिथि पर ‘श्रद्धांजलि सभा’ की जा रही है |

Educationist Dr.Bhupendra Madhepuri , Dr.Alok Kumar , Prof.Shyamal Kishor Yadav , Prof.Sachchidanand , Vishnudeo Vikram , Dr.Arjun , Anand , Vikash , Sant Kumar , Munna Jee and others attending Punaya Tithi Pushpanjali Samaroh of BN Mandal at Bhupendra Chowk , Madhepura .
Educationist Dr.Bhupendra Madhepuri , Dr.Alok Kumar , Prof.Shyamal Kishor Yadav , Prof.Sachchidanand , Vishnudeo Vikram , Dr.Arjun , Anand , Vikash , Sant Kumar , Munna Jee and others attending Punaya Tithi Pushpanjali Samaroh of Great Socialist  B.N. Mandal at Bhupendra Chowk , Madhepura .

और इन दोनों के बीच अवस्थित उन्हीं के नाम वाले भू.ना.मंडल विश्वविद्यालय में 23 वाँ कुलपति के रूप में डॉ.ए.के.राय द्वारा पदभार ग्रहण किया जा रहा है- 2:00 बजे अपराह्न में | नवनियुक्त कुलपति डॉ.अवध किशोर राय द्वारा- ‘आराम हराम है’ को गले लगाते हुए जिस तरह राष्ट्रपति डॉ.कलाम पदभार ग्रहण करते ही सांसदों के बीच बस यही उद्घोष किया था- “कल करो सो आज कर”……. उसी तरह सभी स्नातकोत्तर विभागों के विभागाध्यक्षों को विश्वविद्यालय पुस्तकालय में बिठाकर नये कुलपति ने बस इतना ही कहा-

‘बेपटरी हुए पठन-पाठन को सुव्यवस्थित करने  के साथ-साथ अनियमित हुए शैक्षणिक-सत्रों के नियमितीकरण के लिए हम सब मिलकर पुरजोर कोशिश करेंगे………. तभी NACC के लिए हमारे कदम आगे बढ़ सकेंगे |’

मधेपुरा अबतक द्वारा जब समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी से इस बाबत टिप्पणी करने को कहा गया तो डॉ.मधेपुरी ने बस यही कहा कि सदा पटरी पर दौड़नेवाले टी.एम  भागलपुर विश्वविद्यालय का छात्र मैं भी रहा हूं | उसी विश्वविद्यालय में पढ़े, बढ़े और शिक्षक रहकर प्रतिकुलपति बने डॉ.राय के अनुभव का फायदा इस विश्वविद्यालय को तो मिलेगा ही मिलेगा , साथ ही वहीँ से आ रहे प्रतिकुलपति डॉ.फारुख अली के सुर-में-सुर मिले होने के फलस्वरूप हर काम को तेजी से अंजाम तक पहुंचाया जा सकेगा |

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