Tag Archives: dr. madhepuri

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर योगमय हुआ मधेपुरा

जहाँ तीसरे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर एक ओर बी.एन.मंडल स्टेडियम मधेपुरा में समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी के साथ-साथ जिला परिषद अध्यक्षा मंजू देवी, पूर्व प्राचार्य डॉ.सुरेश प्रसाद यादव, पूर्व मुखिया जनार्दन प्रसाद यादव, शिक्षक परमेश्वरी प्रसाद यादव, प्रधान डाकपाल राजेश कुमार, योगाचार्य असंग स्वरूप, डॉ.एन.के.निराला, आदित्य, अनुमंडल प्रभारी यदुवंशी, जिलाध्यक्ष डॉ.नंदकिशोर सहित महामंत्री डॉ.देव प्रकाश आदि ने संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया वहीं दूसरी ओर बीएनएमयू के नये कुलपति डॉ.ए.के.राय ने प्रतिकुलपति डॉ.फारुख अली, प्राचार्य डॉ.अशोक कुमार, कर्नल दिनेश तनवर, योगगुरु द्वय राजेश कुमार व डॉ.एन.के.निराला आदि के साथ नैक प्राप्त मधेपुरा कॉलेज मधेपुरा द्वारा आयोजित विशेष योग शिविर का उद्घाटन करते हुए यही घोषणा की-

अब विश्वविद्यालय के सभी कॉलेजों में होगी योग की नियमित कक्षा, क्योंकि योग अब लोगों के जीवन का अहम हिस्सा बन गया है | प्राचीन परंपरा का यह अनमोल उपहार स्वस्थ एवं दीर्घायु रहने के लिए आवश्यक है…….|

From L to R Zila Parishad Adhyaksha Smt.Manju Devi , Aditya , Dr.Bhupendra Madhepuri , Dr.Arun Kumar , Dr.Suresh Pd Yadav and Uttam Prasad Yadav etc attending 3rd International Yoga Shivir at BN Mandal Stadium Madhepura
(From L to R)- Zila Parishad Adhyaksha Smt.Manju Devi , Aditya , Dr.Bhupendra Madhepuri , Dr.Arun Kumar , Dr.Suresh Pd Yadav and Uttam Prasad Yadav etc attending 3rd International Yoga Shivir at BN Mandal Stadium Madhepura

बता दें कि टी.पी.कॉलेज, पार्वती सायंस कॉलेज, केशव कन्या उच्च विद्यालय, एसएनपीएम स्कूल मधेपुरा, रासबिहारी उच्च विद्यालय, बीएल हाई स्कूल मुरलीगंज सहित केपी कॉलेज आदि अनेक शिक्षण संस्थाओं के छात्र व शिक्षकों के साथ-साथ एनसीसी कैडेटों ने भी इस अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रमों में जमकर हिस्सा लिया | सबों ने यही कहा कि स्वस्थ रहने के लिए योग से अच्छा कुछ भी नहीं |

जिले के चौसा, आलम नगर, धैलाढ, शंकरपुर, सिंहेश्वर सहित प्रायः सभी प्रखंडों में बच्चे, बूढ़े और नौजवान के साथ-साथ महिलाएं भी  सवेरे-सवेरे अद्भुत उत्साह के साथ बाबा रामदेव की जयकारा लगाते हुए आजू-बाजू के मैदान की ओर जाते नजर आने लगी | बिहारीगंज के एक योग शिविर का उद्घाटन कर पूर्व मंत्री डॉ.रेणु कुमारी कुशवाहा स्वयं अनुलोम-विलोम करती हुई नजर आई | चारों ओर योग ऋषि बाबा रामदेव की अमृतवाणी- सुखमय जीवन बनाने को नियमित करे योग– दिनभर गूंजती रही |

Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri inaugurating Yoga & Ayurveda Seminar at BN Mandal Stadium Hall along with Ayurvedacharya KD Sharma , JP Yadav , Dr.NK Nirala , SP Yadav , Roopam Kumar and Dr.Nand Kishor.
Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri inaugurating Yoga & Ayurveda Seminar at BN Mandal Stadium Hall along with Ayurvedacharya KD Sharma , JP Yadav , Dr.NK Nirala , SP Yadav , Roopam Kumari and Dr.Nand Kishor.

दूसरे सत्र में अपराह्न 3:00 बजे से बीएन मंडल स्टेडियम हाल में पतंजलि योग समिति द्वारा ‘योग एवं आयुर्वेद’ पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया था | जिसका उद्घाटन समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने किया | अपने संबोधन में डॉ.मधेपुरी ने कहा –

हम योग करके अपने अतीत को याद करते हैं, अपनी संस्कृति को सम्मान देते हैं और अपनी विरासत का अभिनंदन करते हैं, बन्दन करते हैं…….. हम योग से शरीर और मन दोनों को स्वस्थ करते हैं |                       

मौके पर आयुर्वेदाचार्य के.डी.शर्मा ने आयुर्वेद के रहस्य पर विस्तार से चर्चा की | उन्होंने तालियां बजवाकर रोग से मुक्ति पाने के उपायों की विस्तृत चर्चा की और देर तक आयुर्वेद से रोग के इलाज के बारे में लोगों को बताया | प्रभावित होकर प्राय: लोग उनका फोन नंबर नोट करते देखे गये |

यह भी बता दें कि शंभूशरण भारतीय ने अपने संक्षिप्त संबोधन में यही कहा कि योग एवं शारीरिक संरचना में आयुर्वेद का महत्वपूर्ण स्थान है | उन्होंने कहा कि ऐसी कई बीमारियां हैं जिसका इलाज योग एवं आयुर्वेद द्वारा ही संभव है |

Ruby Kumari , Yoga Shikshika from Yoga Center Ram-Janki Thakurbari , Lakshmipur Mohalla , receiving the certificate of excellence from Udghatankarta Dr.Madhepuri in the Seminar organised by Patanjali Zila Yoga Samiti Madhepura
Ruby Kumari , Yoga Shikshika from Yoga Center Ram-Janki Thakurbari , Lakshmipur Mohalla , receiving the certificate of excellence from Udghatankarta Dr.Madhepuri in the Seminar organised by Patanjali Zila Yoga Samiti Madhepura

इस अवसर पर महिला योग प्रकोष्ठ के जिला प्रभारी प्रो.रीता कुमारी, संरक्षक सुरेश प्रसाद यादव, भारत स्वाभिमान के सह जिला प्रभारी डॉ.एन.के. निराला, सहायक प्रभारी पशुपति चौरसिया,  पृथ्वीराज यदुवंशी, किसान सेवा समिति के सुभाष चंद्र, महामंत्री रुपम कुमारी सहित अध्यक्ष नंदकिशोर ने उद्गार व्यक्त करते हुए यही कहा कि अब दुनिया आयुर्वेद के महत्व को पूरी तरह मान ली है |

कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु अंत तक मौजूद रहे- मधेपुरा व्यापार संघ के अध्यक्ष योगेंद्र प्राणसुखका, खुशी प्राणसुखका, पूर्व मुखिया जनार्दन प्रसाद यादव, कुमारी रंजू दीदी, रेखा गांगुली, चंद्रभूषण, रितेश कुमार, गायत्री कुमारी, रुबी कुमारी, साधना कुमारी, कुमारी ललिता |

आरम्भ में पानी का फुहार अपना काम किया लेकिन बाबा रामदेव व बालकृष्ण के योगियों को संकल्प से डिगा नहीं पाया | प्रसाद के रूप में ढेर सारी सामग्रियां बांटी गई | स्वच्छ जल की भरपूर व्यवस्था देखी गई | बिलंब के लिए टेंट वाले की निष्क्रियता कारण बनी जिसे भविष्य के लिए याद किया जाना ही चाहिए………|

सम्बंधित खबरें


ग्रीष्मावकाश के बाद कुलपति करेंगे सभी कॉलेजों का निरीक्षण

बी.एन.मंडल विश्वविद्यालय के नये कुलपति प्रो. डॉ.अवध किशोर राय ने कहा कि गर्मी छुट्टी के बाद सभी कॉलेजों का जायजा लिया जायेगा | डॉ.राय ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आखिर बिहार में ही सत्र क्यों लेट होता है अन्य राज्यों में ऐसा नहीं होता है  |

बता दें कि कुलपति ने निरीक्षण के दौरान टीपी कॉलेज के बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (BCA) क्लास का भी जायजा लिया | इस दौरान कुलपति ने लैब को अत्याधुनिक तरीके से सुसज्जित करने की बातें कही |

यह भी जानिए कि कुलपति डॉ.ए.के. राय ने प्राचार्य डॉ.एच.एल.एस.जौहरी को इन बिंदुओं पर जल्द कार्य करने हेतु निर्देशित करते हुए यही कहा- (1) कॉलेज में बायोमेट्रिक मशीन शीघ्र लगवाएं (2) छात्रों को ऑनलाइन नामांकन की सुविधा मुहैया कराएं (3) कॉलेज में वाई-फाई की सेवा जल्द शुरू कराएं तथा (4) लाइब्रेरी का ऑटोमेशन कराएं |

साथ ही नये माहौल से सही जानकारियां हासिल कर कुलपति ने क्या खूब बयाँ किया- पिछड़ा इलाका होते हुए भी यहां के बच्चे प्रतिभावान हैं- आईआईटी और आईएएस भी करते हैं | प्रतिभाओं की कमी नहीं; बस उसे निखारने की जरूरत है- छात्रों द्वारा नियमित क्लास आने की और शिक्षकों द्वारा मनोयोग से अंतिम घंटी तक पढ़ाने की विस्तृत चर्चाएं उन्होंने की |

यह भी बता दें कि सीसीडीसी सह डीएसडब्ल्यू डॉ.अनिल कांत मिश्रा को साथ लेकर निरीक्षण के क्रम में कुलपति डॉ.राय द्वारा शिक्षण संस्थाओं के सूनेपन पर अफसोस जाहिर करते हुए यही कहा गया- कॉलेज के शिक्षकों का वेतन डीएम से कम नहीं होता है……… कमिश्नर रैंक का वेतन शिक्षकों को मिल रहा है……… जबकि जिले के विकास के लिए डीएम चौबीसों घंटे चौकन्ना रहते हैं, सजग रहते हैं और ऑन ड्यूटी रहते हैं; वहीं शिक्षकों का दायित्व सिर्फ छात्रों को पढ़ाना है…… उनके दायित्व-निर्वहन के प्रयास से ही शैक्षणिक विकास संभव है |

गिरती हुई शिक्षा व्यवस्था पर बार-बार अफसोस जाहिर करते हुए कुलपति डॉ.ए.के. राय द्वारा यह कहा जाना कि शिक्षक हर हाल में 5 घंटे समय कॉलेज में दें , कॉलेज में उपस्थित रहें……. इतना हैंडसम सैलरी ले रहे हैं तो क्या कॉलेज में उपस्थित रहना भी शिक्षकों का कर्तव्य नहीं है | उन्होंने कहा कि शिक्षा को पटरी पर लाना और सत्र को नियमित करना सबकी जिम्मेदारी है |

टी.पी.कॉलेज के विभागाध्यक्षों की बैठक में इन तमाम बातों की चर्चा एवं दिशा- निर्देश देते हुए कुलपति ने उपस्थित विभागाध्यक्षों सहित डॉ.कपिल देव प्रसाद, डॉ.एमके अरिमर्दन, डॉ.उदय कृष्ण, डॉ.शिवनंदन कुमार, डॉ.दिनेश यादव, डॉ.आर.पी.राजेश एवं अन्य कॉलेज कर्मियों की उपस्थिति में प्रधानाचार्य डॉ.एच.एल.एस. जौहरी से कहा कि नैक की मान्यता से ही मिलेगी कॉलेज को पहचान……..|

सम्बंधित खबरें


वित्तरहित शिक्षक के संरक्षक डॉ.संजीव ने ली शपथ !

कोसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रान्तर्गत ताज़िन्दगी शिक्षकों की सेवा करनेवाले एमएलसी डॉ.शारदा प्रसाद सिंह के नक्शे कदम पर चलते हुए इस बार हैट्रिक लगाने वाले उन्हीं के सुपुत्र डॉ.संजीव कुमार सिंह जद(यू) सहित नवनिर्वाचित अन्य तीन सदस्यों अवधेश नारायण सिंह, संजीव श्याम सिंह एवं वीरेंद्र नारायण यादव को विधान परिषद के उप भवन सभागार में 10 मई को संध्या 4:00 बजे कार्यकारी सभापति मो.हारूण रशीद ने पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई |

यह भी बता दें कि शपथ ग्रहण करने वाले इन चारों नवनिर्वाचित विधान पार्षदों- पूर्व सभापति सह गया स्नातक से विजयी भाजपा नेता अवधेश नारायण सिंह, वहीं के शिक्षक क्षेत्र से विजयी रालोसपा के संजीव श्याम सिंह एवं सारण स्नातक क्षेत्र से विजयश्री प्राप्त वीरेंद्र नारायण यादव सहित डॉ.संजीव कुमार सिंह का कार्यकाल 9 मई 2017 से 8 मई 2023 तक का होगा यानि पूरे 6 वर्षों का कार्यकाल होगा |

यह जानिए कि नवनिर्वाचित सभी सदस्यों को परिषद के नये उपभवन में कार्यकारी सभापति मो.हारुण रशीद द्वारा शपथ दिलाई गई | शपथ ग्रहण के बाद सबों ने मंच पर उपस्थित मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी सहित पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव, स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव, ऊर्जा मंत्री सह मधेपुरा जिला प्रभारी मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, से हाथ मिला-मिलाकर अभिवादन स्वीकार किया गया |

बता दें कि यशस्वी पिता के यश को उर्ध्वगामी बनाये रखनेवाले डॉ.संजीव गठबंधन धर्म निभाते हुए वित्तरहित शिक्षकों के हित में निर्भीकतापूर्वक अपनी बातें रखते रहे हैं और आगे भी रखेंगे | पिताश्री के पद चिन्हों पर चलते हुए इन वित्तरहित शिक्षकों के हित में अहर्निश बौद्धिक सजगता प्रदर्शित करते रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे | इसलिए तो उच्चतम न्यायालय ने भी “समान कार्य के लिए समान वेतन” जैसे संघर्ष को सार्थक साबित करते हुए समर्थन दिया है |

यह भी जानिए कि चन्द रोज कबल यानी 6 मई को डॉ.संजीव ने भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के 8 अरब 52 करोड़ के बजट को अभिषद की बैठक में अपनी स्वीकृति देकर पास किया और अनुकंपाकर्मियों के भुगतान, नवनियुक्त शिक्षकों को कालेज के आंतरिक श्रोत से भुगतान सहित 73 प्रोन्नत शिक्षक-रीडरों को अंडरटेकिंग लेकर भुगतान करने पर मुहर लगा दी |

Newly Elected MLC Dr.Sanjeev Kumar Singh receiving blessings from Dr.Bhupendra Madhepuri at his residence (Vrindavan) Madhepura and discussing the problems of Vittrahit Shikshak .
Newly Elected MLC Dr.Sanjeev Kumar Singh receiving blessings from Dr.Bhupendra Madhepuri at his residence (Vrindavan) Madhepura and discussing the problems of Vittrahit Shikshak .

फिर शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने हेतु राजधानी पटना वापस लौटने के क्रम में मधेपुरा के मंडल विश्वविद्यालय में परीक्षा नियंत्रक- विकास पदाधिकारी सहित विभिन्न पदों पर सेवारत रह चुके सेवानिवृत्त फिजिक्स के यूनिवर्सिटी प्रोफेसर एवं वित्तरहित शिक्षकों के प्रति अतिसंवेदनशील डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी का शुभाशीष प्राप्त करने उनके निवास ‘वृंदावन’ गये और चाय पीने के क्रम में 10 मई को होने वाले शपथ ग्रहण की चर्चा हुई तो डॉ.मधेपुरी ने एमएलसी डॉ.संजीव को शुभ आशीर्वचन देते हुए बस इतना ही कहा- शारदा बाबू तो रिजल्ट के दूसरे ही दिन से अगले चुनाव की तैयारी हेतु शिक्षकों के हित में कार्यारम्भ कर देते थे……. आप भी उसी पथ पर चलेंगे…….. चलते ही रहेंगे……. और आगे बढ़ते ही रहेंगे….!!

सम्बंधित खबरें


मधेपुरा जिला स्थापना दिवस को समर्पित गंधर्व संगीत सम्मेलन !

जिला मधेपुरा का 36वाँ स्थापना दिवस समारोह 9 मई को मनाने हेतु 22 अप्रैल 2017 को जिलाधिकारी मो.सोहैल की अध्यक्षता में समाहरणालय के सभा भवन में सभी विभागीय पदाधिकारियों एवं शहर के गणमान्यों के साथ आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया कि स्थापना दिवस समारोह के रूप में सभी प्रखंडों के पंचायत स्तर से जिलास्तर तक धूमधाम से मनाया जाय | साथ ही यह भी कि सवेरे स्कूली बच्चों द्वारा बैण्ड-बाजे के साथ प्रभात फेरी, युवजनों द्वारा बी.एन.मंडल वि.वि. से स्टेडियम तक विकास दौड़, दोपहर में खेलकूद…… शाम में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम…….. दिनभर उत्सवी माहौल……. साफ-सफाई…….. रंग-रोगन… एक साल का प्रगति प्रतिवेदन………. उत्कृष्ट कार्य करने वाले तीन कर्मी का चयन……. आदि आदि को माननीय प्रभारी मंत्री सह ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव के कर कमलों द्वारा पुरस्कृत किया जायगा |

लेकिन जिला स्थापना दिवस की पूर्व अति पूर्व संध्या पर 6 मई (शनिवार) को ही स्थानीय श्रीकृष्ण मंदिर परिसर में संगीत को समर्पित बनारस के मिश्रबंधुओं एवं दिल्ली सहित अन्य कलाकारों द्वारा भव्य गायन-वादन व संगीत सम्मेलन का आयोजन किया गया |

यह भी बता दें कि मधेपुरा जिले के शास्त्रीय संगीत के सर्वमान्य भीष्म पितामह पंडित परिमल यादव एवं महामहिम राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत तबला वादक प्रो.योगेंद्र नारायण यादव के सम्मान में जिला स्थापना को समर्पित ‘गंधर्व संगीत समारोह’ का दीप प्रज्वलित करते हुए समाजसेवी-साहित्यकार शिक्षाविद डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने अवरूद्ध कंठ से बस यही कहा कि न तो मां की ममता की गहराई को और ना ही इन दोनों गीत-संगीत साधकों की साधना की ऊंचाई को मापने की शक्ति है मुझमें !

डॉ.मधेपुरी ने पंडित परिमल के शब्दों ‘संगीत समाज को संस्कारित करता है……’ को उद्धृत करते हुए बस इतना ही कहा- “मैं संगीत जानता नहीं, केवल उसे महसूसता हूँ |” और यह भी अनुभूति होती रहती है कि संगीत केवल मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि

Music is such an art
Killing care grief of heart…….

प्रो.योगेंद्र नारायण यादव, प्रो.श्यामल किशोर यादव, एवं प्रो.रीता ने भी संगीत के महत्व की चर्चा की | कार्यक्रम की शुरुआत में संगीत के भीष्म पितामह पंडित परिमल के शास्त्रीय गायन, तबला पर प्रो.योगेन्द्र नारायण एवं हारमोनियम पर प्रो.संजीव देर तक सजीव श्रोताओं की तालियाँ बटोरते रहे |

P.Mishra at Violin , A.Deep at Pakhavaj , Hardik Verma at Sitar , Atul Shankar at Fluet and Nirmal Yadhuvanshi at Tabla all from Varanasi and Delhi are performing the best at Shri Krishna Mandir , Madhepura.
P.Mishra at Violin , A.Deep at Pakhavaj , Hardik Verma at Sitar , Atul Shankar at Fluet and Nirmal Yadhuvanshi at Tabla all from Varanasi and Delhi are performing the best at Shri Krishna Mandir , Madhepura.

दूसरे सत्र में बनारस एवं दिल्ली से आये कलाकारों के फ्यूज़न कार्यक्रम का श्रोताओं ने जमकर रसास्वादन किया और तालियों के साथ उत्साहवर्धन भी किया | विभिन्न म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स के साथ शास्त्रीय धुनों से मधेपुरा जिला स्थापना दिवस का उत्सवी  माहौल सबके मन-मस्तिष्क पर छाने लगा |

यह भी बता दें कि वायलिन पर पी.मिश्र, सितार पर हार्दिक वर्मा, बांसुरी पर अतुल शंकर और तबले पर निर्मल यदुवंशी के लय-ताल और सुर के साथ पी.यदुवंशी की सुपुत्री समीक्षा यदुवंशी की ऐंकरिंग ने श्रोताओं को देर शाम तक बांधे रखा | अंत में शास्त्रीय गीत के गुरु वरुण मिश्र की साधना जब यह सिद्ध करने लगी कि शास्त्रीय संगीत ही आदि संगीत है…… सभी संगीतों का श्रोत है…… तब भला कौन किसकी सुनता…. तबले की जगह तालियाँ ही बजने लगी…. बजती ही रही |

The best performer of Classical Sangeet Mr.G.Mishra at Shri Krishna Mandir , Madhepura
The best performer of Classical Sangeet Mr.G.Mishra at Shri Krishna Mandir , Madhepura

मौके पर राजकमल सिंह, बाल्मिकी यादव, रोशन कुमार, डॉ.आलोक कुमार, प्रो.सिद्धेश्वर काश्यप, अरुण कुमार झा, संजय कुमार, सनोज कुमार, मनोज कुमार आदि अंत तक मौजूद देखे गये | प्रो.रामस्वरूप ने धन्यवाद ज्ञापित किया | उन्होंने कला संस्कृति संगम एवं विजय मेमोरियल म्यूजिक कॉलेज के संयुक्त आयोजन की जमकर सराहना की |

सम्बंधित खबरें


मधेपुरा के संजय ने विलुप्त हो रही भित्ति चित्रकला को किया जीवन्त !

आपने यह जरूर सुना होगा- मानव जब जोर लगाता है, पत्थर पानी बन जाता है ! कभी दैनिक अखबारों के लिए कार्टून बनाकर जीवन जीने वाला संजय कुमार इधर वर्षों से आदिवासी भित्ति चित्रकला को समर्पित दिखने लगा है | तभी तो रेखा टूडू, सुनिता मरांडी, सुचिता हांसदा, सुखयमुनि सोरेन, अनीता मुर्मू, चांदमुनि मुर्मू, सुनिता बास्की और सुनिता हांसदा जैसे ढेर कलाकारों के अंदर की सोयी कला चेतना को जगा-जगाकर संजय कुमार ने जिले के आदिवासी क्षेत्रों में एक अभियान खड़ा कर दिया है |

Secretary Kisan Sansad Shambhu Sharan Bhartiya addressing Aadivasi Bhitti Kala Pradarshani in presence of the Persons on the chairs - (L to R) Prof. S.K. Yadav, DDC Mithilesh Kumar, Dr.Bhupendra Narayan Madhepuri and Dr.Sita Ram Yadav at Bhupendra Kala Bhawan Madhepura.
Secretary Kisan Sansad Shambhu Sharan Bhartiya addressing Aadivasi Bhitti Kala Pradarshani in presence of the Persons on the chairs – (L to R) Prof. S.K. Yadav, DDC Mithilesh Kumar, Dr.Bhupendra Narayan Madhepuri and Dr.Sita Ram Yadav at Bhupendra Kala Bhawan Madhepura.

बता दें कि जो भित्ति चित्रकला आदिवासियों के गांव में ही विलुप्त हो रही थी उसे संजय कुमार ने ग्लोबल चित्रकारी-कलाकारी की चौखट तक ले जाकर जोरदार धमाका देने की तैयारी में लगा है | उसी संजय कुमार के शिक्षक रह चुके डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने आशीर्वचन देते हुए बार-बार यही कहा कि आज जो संजय कुमार सूरज की तरह जल रहा है, वही कल सूरज की तरह चमकेगा और निश्चय ही पद्मश्री पुरस्कार का हकदार भी बनेगा…….. और ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा |

Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri and DDC Mithilesh Kumar encouraging Vhitti Chitra Kalakar Rekha Tudu at Bhupendra Kala Bhawan , Madhepura.
Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri and DDC Mithilesh Kumar encouraging Vhitti Chitra Kalakar Rekha Tudu at Bhupendra Kala Bhawan , Madhepura.

यह भी जानिए कि आदिवासी कला केन्द्र ग्वालपाड़ा के सौजन्य से भूपेन्द्र कला भवन मधेपुरा में रविवार को आयोजित कला-प्रदर्शनी का शुभारंभ करते हुए डीडीसी मिथिलेश कुमार, समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ.सीताराम यादव एवं प्रो.श्यामल किशोर यादव सहित किसान संसद के अध्यक्ष आद्यानंद , सचिव शंभू शरण भारतीय व रामदेव-आनंद आदि ने कलाकारों की कला को एक स्वर से प्रोत्साहित किया और भित्ति-चित्रकला की समृद्ध संस्कृति को रंगों से उकेरकर संजय कुमार द्वारा सहेजने के अथक प्रयास की भूरि-भूरि सराहना की |

Dr.Bhupendra Madhepuri discussing with Rekha Tudu regarding Vhitti kalachitra painting at Kala Bhawan Madhepura .
Dr.Bhupendra Madhepuri discussing with Rekha Tudu regarding Vhitti kalachitra painting at Kala Bhawan Madhepura .

जहाँ एक ओर डीडीसी मिथिलेश कुमार ने इस भित्ति चित्रकला केंद्र के लिए अलग से वेबसाइट तैयार कर मार्केटिंग को बढ़ावा देने की बात करते हुए यही कहा कि मिथिला, मधुबनी, वारली और मंजूषा आदि तमाम लोक कलाओं का जन्म भित्ति चित्रकला से हुआ है वहीँ शिक्षाविद समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने सदियों से चली आ रही भित्तिचित्र के बाबत यही कहा कि यह कला आत्मा से निकली सहज, सरल और सुंदर अभिव्यक्ति का प्रतीक है जिसके लिए अधिक साधन मुहैया कराने की जरूरत नहीं होती, लेकिन हाँ ! कला के संरक्षण के लिए सरकारी स्तर पर प्रोत्साहन और सामाजिक स्तर पर उत्साहवर्धन तो चाहिए ही चाहिए जिसकी घोर कमी नजर आती है |

जहाँ एक ओर प्रसिद्धि प्राप्त चिकित्सक डॉ.सीताराम यादव व प्राचार्य प्रो.श्यामल किशोर यादव ने भित्तिचित्र के जरिये ग्राम्य जीवन के रहन-सहन के चित्रों की सराहना की वहीं किसान संसद के आद्यानंद व एस.एस. भारतीय आदि ने इस बात पर खुशी व्यक्त की कि यह कला ग्रामीण इलाकों से निकलकर देश की सीमा लांघते हुए अंतरराष्ट्रीय क्षितिज की ओर कदम बढ़ाने के लिए चल पड़ी है |

हाँ ! इस कला प्रदर्शनी के उद्घाटन कार्यक्रमों में आनेवाले डायनेमिक डीएम मो.सोहैल (भा.प्र.से.) एवं एसपी विकास कुमार (भा.पु.से.) अपरिहार्य कारणवश नहीं आ पाये | वहीं मौके पर प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन के सचिव चंद्रिका यादव, कामरेड रामचंद्र दास, सुजीत कुमार सिंह के अतिरिक्त प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के सदस्यगण अंत तक मौजूद रहे | काफी संख्या में पेंटिंग की बिक्री हुई | शेष सभी किसान संसद द्वारा क्रयकर ली गई | अंत में, सर्वश्रेष्ठ कलाकार रेखा टूडू की पेंटिंग की सराहना डॉ.मधेपुरी सहित डीडीसी मिथिलेश कुमार ने जमकर की |

सम्बंधित खबरें


हे देव बहा दो अहंकार, मेरे ही आंसू जल में…………..!

मधेपुरा ; चंपारण सत्याग्रह शताब्दी समारोह को समर्पित मधेपुरा का प्रथम आईएसओ प्रमाणित किरण पब्लिक स्कूल ने अपना ग्यारहवाँ स्थापना दिवस समारोह’ मनाने के लिए स्थानीय शहीद चुल्हाय मार्ग स्थित बी.पी.मंडल नगर भवन का चयन तो किया जरूर, लेकिन मात्र छात्रों एवं अभिभावकों को एंट्री देने के बावजूद भी जगह छोटी पड़ गई | फलस्वरूप, टाउन हॉल के बाहर बैठने की व्यवस्था के साथ दो पर्दों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों को प्रोजेक्टर के माध्यम से देर रात तक दिखाया जाता रहा और कार्यक्रम के अंत तक लोग टस-से-मस नहीं हुए |

The Massive presence of students, guardians and educated citizen enjoying the 11th Foundation Day celebration program of Kiran Public School Madhepura at BP Mandal Nagar Bhawan, Shaheed Chulahay Marg Madhepura
The Massive presence of students, guardians and educated citizen enjoying the 11th Foundation Day Celebration programme of Kiran Public School Madhepura at BP Mandal Nagar Bhawan, Shaheed Chulahay Marg Madhepura

जहाँ एक ओर स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत किये जा रहे तरह-तरह के मनमोहक कार्यक्रमों पर तालियां बजती रहीं वहीं दूसरी ओर स्कूल के प्राचार्य किशोर कुमार ठाकुर की नपी-तुली गायकी “किशोर दा” की यादें तरोताजा करती रहीं | बीच-बीच में मो.रफी की याद ताजा करने के लिए रोशन कुमार और शिक्षा में गिरावट को दर्शाने वाले ‘नाटक’ के निर्देशक के रूप में अमित कुमार अंशु की उपस्थिति देखी जाती रही |

कार्यक्रम का उद्घाटन डीईओ शिवशंकर राय एवं मुख्य अतिथि के रुप में शिक्षाविद डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी द्वारा संयुक्तरुप से, प्रबंध निदेशिका किरण प्रकाश, निदेशक अमन प्रकाश एवं प्राचार्य किशोर कुमार ठाकुर आदि की उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया | लगे हाथ प्रबंध निदेशिका श्रीमती किरण प्रकाश द्वारा स्कूल के संस्थापक जय प्रकाश बाबू का स्मरण करते हुए एवं उनके अधूरे कार्यों को पूरा करने का संकल्प लेते हुए उद्घाटनकर्ता और मुख्य अतिथि को मोमेंटो एवं पुष्प-गुच्छ  सहित सुमधुर गीत से स्वागत किया गया | साथ ही निदेशक अमन प्रकाश द्वारा वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया |

Chief Guest Dr.Bhupendra Narayan Madhepuri along with Managing Director Mrs.Kiran Prakash , Director Aman Prakash , Principal K.K.Thakur and CS Pandey and others congratulating the audience for enjoying the programme peacefully.
Chief Guest Dr.Bhupendra Narayan Madhepuri along with Managing Director Mrs.Kiran Prakash , Director Aman Prakash , Principal K.K.Thakur and CS Pandey and others congratulating the audience for enjoying the programme peacefully.

बता दें कि उद्घाटनकर्ता डीईओ श्री एस.एस.राय ने अपने व्यस्त कार्यक्रमों में से कुछ समय निकालकर अपने संक्षिप्त संबोधन में शिक्षक समाज से यही कहा कि आज गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में कमी होती जा रही है जिसे रोकने हेतु सजग रहने की जरूरत है |

मुख्य अतिथि डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने “चंपारण सत्याग्रह शताब्दी को समर्पित केपीएस का ग्यारहवा दिवस” पर छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों की महती भीड़ को संबोधित करते हुए यही कहा कि बिहार ने ही मोहनदास………. को महात्मा बना दिया | महात्मा गांधी के जीवन में आये तीन बंदर, तीन औरत और तीन ‘झ’ (झंडा-झाड़ू-झोला) के अंदर की कहानियों के बारे में विस्तार से बताते हुए यही कहा-

“गांधी कुछ-न-कुछ हमेशा सीखते रहना चाहते थे | उनके अनुसार, सीखने की यात्रा अनंत होने के कारण ताजिंदगी चलती ही  रहती है और मंजिल हमें तब मिलती है जब हम ‘अहंकार शून्य’ हो जाते हैं…….!”

बता दें कि ऋषियों की तरह जीवन जीने वाले रवीन्द्रनाथ टैगोर ने गीतांजलि के प्रथम गीत की पहली पंक्ति में ही लिखा है-

 हे देव बहा दो अहंकार, मेरे ही आंसू जल में

समाजसेवी डॉ.मधेपुरी ने बच्चों से कहा कि तुम भी गाँधी बन सकते हो | गाँधी देशरत्न राजेंद्र प्रसाद जैसे प्रतिभावान नहीं थे | 50 छात्रों वाले वर्ग में 40वाँ स्थान प्राप्त करते थे | हाँ, वे संकल्प के धनी ही नहीं बल्कि महाधनी कुबेर थे | उन्होंने आजीवन ‘सत्य अहिंसा’ के व्रती होने का संकल्प लिया और पालन किया जिसके चलते उन्होंने ब्रिटिश शासन की जड़ें हिला दी………| डॉ.मधेपुरी ने बच्चों से कहा कि तुम डॉ.कलाम की तरह बड़े-बड़े सपने देखो और गांधी के ‘करो या मरो’ की तरह उसे पूरा करो |

अंत में समापन करते हुए डॉ.मधेपुरी ने दर्शकों का ध्यान आकृष्ट करते हुए मधेपुरा के पूर्व डीएम गोपाल मीणा (भा.प्र.से.) से हाल में मोबाइल पर हुई (मौन) बातचीत की चर्चा करते हुए यही कहा-

“शक्तिशाली बम या लंबी रेंजवाले मिसाइल के बिना ही किसी भी देश को धूल में मिलाया जा सकता है बशर्ते कि वहां की शिक्षा में लगातार गिरावट और परीक्षा में खुलेआम चीटिंग की मिलावट होती रहे |”                       

अंत में प्राचार्य किशोर कुमार ठाकुर ने स्कूल के टीचर सीएस पाण्डेय, विनोद कुमार, पवन कुमार, सुधीर कुमार, श्रीमती धर्मावती पाण्डेय, गोपाल कृष्णा, डॉ.सीमा श्रीवास्तव, संतोष कुमार आदि सहित मीडिया के संजय परमार, सुकेश राणा व अन्य उपस्थित सभी जनों को समारोह की संपूर्ण सफलता के लिए साधुवाद देते हुए कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की |

सम्बंधित खबरें


चल पड़े कोटि पग उसी ओर…………

मधेपुरा ; सौ साल पहले चम्पारण (बिहार) की धरती पर मोहनदास…… अकेले आये थे…….. लेकिन चम्पारण ने जब उस मोहन को ‘महात्मा’ बना दिया तो देशवासियों ने महात्मा को हृदय में समा लिया…… और फिर उसी महात्मा गांधी के सत्य-अहिंसा के सम्बल के साथ ‘आजादी’ की खातिर…… चल पड़े कोटि पग उसी ओर……..!

यह भी बता दें कि जहाँ उसी महात्मा के कारण समस्त भारत के स्वतंत्रता सेनानियों के साथ महामहिम राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने पटना के एस.के.मेमोरियल हॉल में आकर यह उद्घोष किया कि- “भारत के युवजनों ! भारतीय होने पर गर्व करें !” वहीं आजादी के बाद ऐसा आयोजन पहली बार करके बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक स्वर्णिम इतिहास रचकर सम्पूर्ण विश्व को यह संदेश दिया कि- “विविधता में एकता ही भारत की पहचान है |”

The Gandhi and Kasturba attired kids of different school ready to attend "Gandhi Yatra" starting from BN Mandal Stadium to Samaharnalaya Gandhi Park via BP Mandal Chowk , Bhupendra Chowk and Thana Chowk etc. under the leadership of DM Md.Sohail and SP Vikas Kumar and others.
The Gandhi and Kasturba attired kids of different school ready to attend “Gandhi Yatra” starting from BN Mandal Stadium to Samaharnalaya Gandhi Park via BP Mandal Chowk , Bhupendra Chowk and Thana Chowk etc. under the leadership of DM Md.Sohail and SP Vikas Kumar and others.

मधेपुरा में तो कई दिनों से बी.एन.मंडल स्टेडियम और भूपेन्द्र कलाभवन दोनों चम्पारण सत्याग्रह की उत्सवधर्मिता में डूबा हुआ है | स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान को अपना सौभाग्य मानने वाले डायनेमिक डीएम मो.सोहैल एवं एसपी विकास कुमार अपनी पूरी टीम सहित गणमान्यों, शिक्षाविदों एवं समाजसेवियों के सहयोग से पूरे जिले को गांधीमय बनाने में लगे हैं | कहीं डीएम, एसपी, एएसपी, एसडीएम, डीपीआरओ, डीईओ…….. सहित गणमान्यों के नेतृत्व में “गांधीयात्रा” निकाली जा रही है तो कहीं स्कूली बच्चों द्वारा गांधी-कस्तूरबा की झांकी निकाली जा रही है | कहीं सर्वधर्म प्रार्थना हो रही है तो कहीं जमीन पर बैठकर गांधी व्याख्यानमाला में शहर के शिक्षाविदों की भागीदारी हो रही है |

बता दें कि जहाँ कला भवन में प्रो. श्यामल किशोर यादव एवं डॉ.मधेपुरी के नेतृत्व में गाँधी व्याख्यान माला में उद्गार व्यक्त करने वाले शिक्षाविदों में होते हैं- प्राचार्य डॉ.एच.एल.एस. जौहरी , प्रो.प्रज्ञा प्रसाद, डॉ.अमोल राय, प्राचार्य डॉ.विश्वनाथ विवेका, प्राथमिक शिक्षक संघ के सचिव वीरेंद्र प्रसाद यादव, डॉ.विनय कुमार चौधरी एवं डॉ.आलोक कुमार वहीं पटना नहीं जा सकने वाले स्वतंत्रता सेनानियों एवं दिवंगत सेनानियों की धर्मपत्नियों को संवेदनशील डीएम मो.सोहैल के नेतृत्व में एसडीएम संजय कुमार निराला की टीम द्वारा माला पहनाकर अंगवस्त्रम व प्रतीक सहित सम्मान किया जाता है | जिला अतिथिगृह में उन्हें भोजनादि कराकर ससम्मान आवश्यकतानुसार सरकारी वाहन से गंतव्य तक पहुंचा दिया जाता है |

फिर बीएन मंडल स्टेडियम में “एक शाम बापू के नाम” सांस्कृतिक कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर डीएम मो.सोहैल, डी.डी.सी.मिथिलेश कुमार, एसडीएम संजय कुमार निराला, प्रो.रवि रंजन,  मो.शौकत अली, एनडीसी मुकेश कुमार आदि ने संयुक्त रुप से किया जिसमें नवाचार मंडल इप्टा जूनियर टीम , हॉली क्रॉस स्कूल, डी.पी.एस., माया विद्या निकेतन के बच्चे-बच्चियों सहित सभी स्थापित कलाकार शशि प्रभा, पुष्पलता, रौशन कुमार आदि ने उत्कृष्ट प्रदर्शनों से मधेपुरा को गाँधीमय बना दिया |

लेकिन गाँधी की तेज चाल भला इतनी जल्दी कैसे रुकेगी- मधेपुरा सदर प्रखंड में मंगलवार को निर्धारित कार्यक्रमानुसार प्रखंड उपप्रमुख जयकांत यादव की अध्यक्षता में शिक्षाविदों की टीम के सदस्यों प्रो.श्यामल किशोर यादव, डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, डॉ.एच.एल.एस. जौहरी, डॉ.विश्वनाथ विवेका, प्रो.प्रज्ञा प्रसाद, डॉ.विनय कुमार चौधरी एवं डॉ.आलोक कुमार आदि ने विस्तार से विचार व्यक्त करते हुए प्रायः यही कहा कि धार्मिक टकराहट भ्रष्टाचार से उत्पन्न जितनी भी समस्याएं हैं इन तमाम समस्याओं का निदान गाँधी के विचारों में छुपा हुआ है | इसे विस्तार देते हुए डॉ.मधेपुरी ने गांधीवादी विचारधारा के पोषक क्रांतिवीर शिवनंदन प्रसाद मंडल की 126वीं जयंती की चर्चा के साथ श्रद्धांजलि स्वरुप 1934 के भूकंप में क्षत-विछत हुई मानवता की सुधि लेने आये महात्मा गांधी और शिवनंदन बाबू की मुलाकात की भी चर्चा की और कहा कि जाते समय बापू ने सेंट्रल रिलीफ टीम के सभी सदस्यों से इतना ही कहा-

“इसे तुम समाज में व्याप्त छुआछूत जैसे अंधविश्वास एवं पाप का ईश्वरीय दंड ही समझना |”                      

अंत में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रभारी बीडीओ अजीत कुमार, सीओ मिथिलेश कुमार के विमर्शोपरान्त कार्यक्रम पदाधिकारी प्रमोद प्रियदर्शी ने धन्यवाद ज्ञापित किया |

सम्बंधित खबरें


दोनों प्रथम विधि मंत्री बने, एक से बढ़कर एक…………..!!

मधेपुरा ; जरा ध्यान से देखिए कैसा सजीव संयोग है- बाबा साहब भीमराव अंबेडकर और शिवनंदन प्रसाद मंडल के बीच | दोनों प्रखर विधिवेत्ता और दोनों उच्चकोटि के विद्वान | दोनों की 126वीं जयंती | एक की 14 अप्रैल को धूमधाम से मनी और दूसरे की आज (18 अप्रैल को) है |

यह भी जानिए कि दोनों क्रान्तिवीरों के जन्मदिन में मात्र 5 दिनों का अंतर, परंतु दोनों 5 साल के अंतराल में प्रथम विधि मंत्री बने- अंबेडकर भारत सरकार में प्रथम लॉ मिनिस्टर (1947 में) बने और शिवनंदन बिहार सरकार के प्रथम लॉ मिनिस्टर (1952 में) बने |

हां ! यह भी याद कर लीजिए कि बाबा साहब का जन्मदिन है- 14 अप्रैल, 1891 तो वही शिवनंदन बाबू का 18 अप्रैल, 1891………| है न 5 दिनों का अंतर !

चूँकि आज शिवनंदन बाबू का जन्मदिन है | उनके व्यक्तित्व व कृतित्व को जानने का दिन है | अतः उनकी 2-4 बातें आने वाली पीढ़ी के लिए- शिवनंदन प्रसाद मंडल प्रखर स्वतंत्रता सेनानी रहे | स्वतंत्रता संग्राम के दरमियान चार बार जेल गये | वर्षों इन्होंने जेल की यातनाएं सही | कहने को तो बहुत कुछ है बस एक वाकया सुन लीजिए-

वर्ष 1943, स्थान नेपाल का सघन जंगल- “बोकरो का टापू” जहाँ जयप्रकाश नारायण आजाद दस्ते के लगभग 500 आन्दोलनकारियों को ट्रेनिंग दे रहे होते हैं और डॉ.राम मनोहर लोहिया ट्रान्समीटर ऑपरेटर बनकर आंदोलनकारियों को आवश्यक संदेश भेजा करते………| संयोगवश कुछ विशेष बातों को लेकर शिवनंदन बाबू ट्रेनिंग समापन के दिन ही वहां पहुंचते हैं और उनकी ही अध्यक्षता में समापन समारोह का आयोजन होता है……… जिसमें लोहिया-जेपी की उपस्थिति में समापन भाषण के अंत में यह शपथ दिलाई जाती है-

“जब तक जीवित रहूंगा आर्यावर्त के कल्याण में लगा रहूंगा | भारत की  बेबस जनता, जो नाना प्रकार के कष्ट भोग रही है उसका उद्धार करूंगा…….. और आजादी के लिए यदि प्राण न्योछावर करने की जरूरत पड़ेगी तो पैर पीछे नहीं हटाऊंगा |”    

Dr.Jagannath Mishra (Ex. CM , Bihar And Ex. Central Minister ) in a cheerful mood having seen the book "Itihas Purush Sheonandan Prasad Mandal" written by Dr.Bhupendra Madhepuri and his Patna residence .
Dr.Jagannath Mishra (Ex. CM , Bihar And Ex. Central Minister ) in a cheerful mood having seen the book “Itihas Purush Sheonandan Prasad Mandal” written by Dr.Bhupendra Madhepuri at his Patna residence .

इन्ही पंक्तियों को भावी पीढ़ी के लिए बचाकर रखने हेतु- “इतिहास पुरुष शिवनंदन प्रसाद मंडल…….” की रचना डॉ.मधेपुरी ने की | विगत वर्षों में उन्हीं के नामवाले शिवनंदन प्रसाद मंडल उच्च माध्यमिक विद्यालय मधेपुरा के तत्कालीन प्राचार्या डॉ.शान्ति यादव द्वारा आयोजित मंडल जयंती के अवसर पर इस पुस्तक का लोकार्पण बीएनएमयू के संस्थापक कुलपति डॉ.रमेन्द्र कुमार यादव रवि एवं तत्कालीन वर्तमान कुलपति डॉ.अनंत कुमार द्वारा विश्व विद्यालय सिंडिकेट सदस्य विद्यानंद यादव, साहित्यकार हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ एवं लेखक डॉ.मधेपुरी की गरिमामयी उपस्थिति में की जा चुकी है |

यह भी जानिए कि आधुनिक बिहार के निर्माताओं में अव्वल स्थान हासिल करने वाले क्रांतिवीर शिवनंदन……. की जीवनी- “इतिहासपुरुष शिवनंदन प्रसाद मंडल…..” लिखी है डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने | पुराने स्नेहिल संबंध रखनेवाले बिहार के मुख्यमंत्री व पूर्व केंद्रीय मंत्री रह चुके डॉ.जगन्नाथ मिश्र को इस पुस्तक की एक प्रति जब डॉ.मधेपुरी ने हस्तगत कराई तो डॉ.मिश्र ने डॉ.मधेपुरी की इस कृति पर चन्द शब्दों में यही कहा-

“…………….शिवनंदन बाबू पर लिखी गई इस पुस्तक में शोध और संवेदना का दुर्लभ संगम है | इस पुस्तक का पारायण करते हुए कभी मैं सुखद विस्मय से भर उठता तो कभी गौरव की अनुभूति आंखों से छलक पड़ती | सोचता हूं,  डॉ.मधेपुरी ने अगर यह पुस्तक नहीं लिखी होती तो बिहार की आने वाली पीढ़ी अपने इतिहास के इतने गौरवशाली अध्याय से कैसे अवगत हो पाती………………..”

अंत में डॉ.मिश्र ने इस पुस्तक के बारे में यहां तक लिख डाला है कि यह विचार का ऐसा पुंज है जो कितने भटके हुए को राह दिखायेगी……….|

सम्बंधित खबरें


बिहार दिवस मनाया मधेपुरा जिला प्रशासन ने

22 मार्च 1912 के दिन ‘बिहार’ को तत्कालीन ‘बंगाल प्रेसिडेंसी ऑफ फोर्ट विलियम’ से अलग स्वतंत्र अस्तित्व प्राप्त हुआ जिसे आज 104 वर्ष हो गये | बिहार दिवस के अवसर पर जिले के डायनेमिक डी.एम. मो.सोहैल एवं अनुभवी आरक्षी अधीक्षक विकास कुमार सहित अन्य पदाधिकारीगण इसकी सफलता के लिए तत्पर देखे गये | जिला मुख्यालय से लेकर प्रखंड स्तर तक बिहार दिवस की धूम रही | यहाँ तक कि पंचायत स्तर के सरकारी भवनों को भी आकर्षक तरीके से सजाया गया |

सुबह में स्कूली बच्चों द्वारा प्रभातफेरी निकाला गया | बिहार गौरव गाथा से सम्बन्धित भाषण प्रतियोगिता, गीत-संगीत प्रतियोगिता तथा क्वीज का भी आयोजन किया गया था | इसके साथ ही साफ़-सफाई, रोशनी एवं खेल-कूद की पूरी व्यवस्था की गयी थी | शाम में बी.एन.मंडल स्टेडियम में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिसमें स्थानीय स्कूली बच्चों के साथ-साथ पटना से आये सतीश पप्पू आर्केस्ट्रा टीम ने भाग लिया |

कार्यक्रम का श्रीगणेश हर ओर नजर रखनेवाले डायनेमिक डी.एम. मो.सोहैल, समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, आरक्षी अधीक्षक विकास कुमार सहित ए.डी.एम. अबरार अहमद कमर, डी.डी.सी. मिथिलेश कुमार, समाजसेवी शौकत अली, वार्ड पार्षद ध्यानी यादव, माया विद्या निकेतन की प्राचार्या चन्द्रिका यादव आदि ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर बिहार दिवस का उद्घाटन किया |

डी.एम. मो.सोहैल ने अपने संक्षिप्त भाषण में कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के सप्त संकल्पों को अमलीजामा पहनाने के लिए जिला प्रशासन के सभी पदाधिकारीगण व कर्मचारीगण तत्पर रहेंगे |

देर रात तक चले सांस्कृतिक कार्यक्रम में शहर के हाली क्रास, माया विद्या निकेतन, केशव कन्या, जगजीवन आश्रम स्कूल, स्वर शोभिता, इप्टा कलाकारों सहित अन्य कई स्कूलों के बच्चे-बच्चियों ने भी बेहतर प्रदर्शन किया | सतीश पप्पू आर्केस्ट्रा टीम तो होली के कुछ गानों पर युवाओं को थिरकने के लिए विवश कर दिया और खूब तालियाँ बटोरी |

कार्यक्रम का आरम्भ श्रीमती रेखा यादव के स्वागतगान से हुआ तथा मंच संचालन किया स्काउट गाइड के आयुक्त जयकृष्ण यादव ने | दस बजे रात्रि में कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा कर दी गई |

सम्बंधित खबरें


सिंहेश्वर स्थान में अखिल भारतीय त्रि-दिवसीय सर्वधर्म महासम्मेलन सम्पन्न

ऋष्य श्रृंग की पावन धरती सिंहेश्वर स्थान के मवेशी हाट मैदान में त्रिदिवसीय सर्वधर्म महासम्मेलन का शुभारम्भ शुक्रवार के दिन दीप-प्रज्जवलित कर भू.ना.मंडल वि.वि. के प्रतिकुलपति डॉ.जे.पी.एन.झा, समाजसेवी डॉ. भूपेन्द्र मधेपुरी, डॉ.रामचन्द्र मंडल, डॉ.के.एन.ठाकुर, डॉ.बी.एन.विवेका, प्रो.श्यामल किशोर यादव, प्रो.शचीन्द्र एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ.अनिल कुमार सहित प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी के रामनाथ भाई, जैन धर्म के विवेक मुनि, इस्लाम धर्म के मिर्जा दिलदार हुसैन वेग, सिक्ख धर्म गुरु कुलमोहन सिंह, आनंद मार्ग के प्रवक्ता एवं महर्षि मेंहीं के स्थानीय संस्थापक स्वामी विमलानंद महाराज, ईसाई धर्म के फिलिप्स क्राइस्ट, कबीर पंथ के उमा साहब आदि सभी ने सम्मिलित रूप से किया |

BK Ranju Addressing Sarv Dharma Maha Sammelan at Singheshwar Madhepura.
BK Ranju Addressing Sarv Dharma Maha Sammelan at Singheshwar Madhepura.

इस अवसर पर समाज एवं दूसरों की भलाई करने वाले संत-मुनियों की उपस्थिति सर्वाधिक देखी गयी | वैसे खुदा के बंदे तथा ईश्वर के बच्चों के रूप में मधुर वाणी से लैस प्रमुख आत्माएँ जो सदा मंच पर विराजमान रहीं- जैनधर्म अशोक भंत जी, फादर ऑफ़ सैंट, राम सिंह भाईजी, कोडिनेटर हरीश भाईजी, सुमन बहनजी, भाई जगदीश जी, सृजना दीदी, नीरा दीदी, दीदी मंगलवा, भगवती दीदी सहित मधेपुरा की ब्रह्मा कुमारी रंजू दीदी आदि |

Devoted Audience in Lacks from different Districts & States too.
Devoted Audience in Lacks from different Districts & States too.

समाज में सदभाव बनाने हेतु आयोजित इस त्रि-दिवसीय सर्वधर्म महासम्मेलन का आयोजन सिंहेश्वर मेंही आश्रम के संस्थापक स्वामी विमलानन्द महराज, संचालन राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ.अनिल कुमार व छात्र नेता राहुल कुमार ने किया | सम्मेलन में नेपाल सहित कोसी प्रमंडल के अररिया, पूर्णिया एवं सहरसा, मधेपुरा, सुपौल सहित अन्य जिले के लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी थी | इस धर्म सम्मेलन में स्वास्थ शिविर, नि:शुल्क जांच शिविर सहित धार्मिक पुस्तकों का स्टाल भी लगाया गया है |

उद्घाटन भाषण में प्रतिकुलपति डॉ. झा ने कहा कि गीता के दर्शन के सामने विश्व सिर झुकाता है | गीता ज्ञान से भरा विश्व का प्रथम धर्मग्रन्थ माना जाता है | ज्ञान सर्वाधिक पवित्र विद्या है जो हमारे हृदय को विशालता से भर देता है | उन्होंने कहा कि जब सभी धर्मों का मत एक है तो विभेद कैसा ?

अन्य सभी विद्वान वक्ताओं ने अपने उदगार में ज्ञान प्राप्ति से आत्म तत्व के बोध होने की बातें कहीं तथा शांति एवं संतोष को सर्वश्रेष्ठ मानव धन बताते हुए मानव को मानव होने पर बल दिया | राष्ट्रीय मुस्लिम एकता मंच के मिर्जा बेग ने मुस्लिम धर्म सहित किसी भी धर्म में हिंसा (गो-हत्या) को जायज नहीं कहा | उन्होंने पैगम्बर साहब को उद्धृत करते हुए वृक्ष नहीं काटने की बात कही |

Dr.Bhupendra Madhepuri Addressing Sarv Dharma Sammelan and Sneh Milan Samaroh at Singheshwar, Madhepura
Dr.Bhupendra Madhepuri Addressing Sarv Dharma Sammelan and Sneh Milan Samaroh at Singheshwar, Madhepura

उसी कड़ी में डॉ.मधेपुरी ने राम-रावण संवाद को परोसते हुए श्रद्धालुओं से यूँ कहा कि रावण सबकुछ में राम से श्रेष्ठ होने के बावजूद युद्ध में इसलिए हार गया कि राम का भाई राम का साथ दिया और रावण का भाई उससे अलग रहा | डॉ.मधेपुरी ने खुशियों का इजहार करते हुए कहा कि आज जब सभी धर्मों के लोग एक साथ, एक मंच पर हैं तो हम आतंकवादियों-देश द्रोहियों को सबक सिखाने एवं भारत को विश्व गुरु बनाने में सक्षम सिद्ध होंगे | लम्बे तकरीर के अंत में उन्होंने सर्वधर्म सम्मेलन के जयकारा के साथ लाखों लाख श्रद्धालुओं को अपनी चार पंक्तियाँ भेंट की-

धन आदमी की नींद को हरपल हराम करता ,
जो बांटता दिल खोल उसे युग सलाम करता |
मरने के बाद मसीहा बनता वही मधेपुरी,
जो जिंदगी में अपना सबकुछ नीलाम करता ||

उद्घाटन सत्र के अंत में सभी शिक्षकों एवं संतों के साथ ‘धर्मामृत’ स्मारिका का लोकार्पण किया गया और प्रतिकुलपति डॉ.झा ने कहा कि पुस्तक से बड़ा मित्र संसार में कोई नहीं होता | सम्पादक डॉ.अनिल कुमार ने कहा कि स्मारिका को पढ़ने पर ज्ञान के कपाट खुल जायेंगे |

SP Vikas Kumar giving directions to Police persons from Vihar Hotel Singheshwar sitting with Pro. VC Dr. J.P.N. Jha, Sinior Professor Dr. K.N Thakur & Samaaj Sevi Dr. Madhepuri and others.
SP Vikas Kumar giving directions to Police persons from Vihar Hotel Singheshwar sitting with Pro. VC Dr. J.P.N. Jha, Sinior Professor Dr. K.N Thakur & Samaaj Sevi Dr. Madhepuri .

कार्यक्रम स्थल पर पेयजल, स्वास्थ्य एवं पुलिस शिविर के साथ एस.पी. विकास कुमार को भी क्रियाशील देखा गया | विभिन्न धर्मों के बुक स्टाल पर भीड़ देखी गयी | विभिन्न प्रदेशों के श्रद्धालु भी सम्मेलन में शामिल हुए | सबों को आयोजकों की ओर से डॉ.अनिल ने धन्यवाद ज्ञापित किया |

सम्बंधित खबरें