मधेपुरा जिले के चारो विधानसभा सीटों के रिजल्ट चौंकाने वाले होंगे

मधेपुरा जिले के बहुत से लोग दूर-दराज रहते हैं तथा वे बाहर काम कर रहे हैं। सेना में या अन्यत्र कहीं विदेशों में भी काम कर रहे हैं। उनमें से अनेक मतदाताओं ने पोस्टल बैलेट से भी मतदान किया है। परंतु, उनके मन में ये बातें तो कभी ना कभी जरूर गूंज उठती होगी कि जिले के चारो विधानसभा क्षेत्रों में कौन-कौन पूर्व विधायक प्रत्याशी हैं और कौन किस अंदरूनी खटास के कारण चुनावी माहौल में पीछे हो रहे हैं या आगे बढ़त बना लिए हैं। सेना में कार्यरत सैनिकों को लग रहा होगा कि हमारे जिले के यूथ की भूमिका इस चुनाव में क्या रही है… बदलाव की बयार का लाभ किसे मिल रहा है… आदि-आदि।

बता दें कि इस जिले में मधेपुरा, सिंहेश्वर, बिहारीगंज और आलमनगर 4 विधानसभा क्षेत्र हैं, जहां औसत मतदान 55.56%  हुआ है और सभी क्षेत्र मिलाकर कुल मतदाता 12 लाख 94 हजार 647 है। मधेपुरा में जदयू से पार्टी प्रवक्ता, पूर्व विधायक-पुत्र व मुख्यमंत्री-पौत्र निखिल मंडल है। राजद से प्रो.चंद्रशेखर जो दो बार से लगातार विधायक व मंत्री रहे हैं और बदलाव की बयार के सशक्त दावेदार भी हैं। इनकी दावेदारी में जाप सुप्रीमो पप्पू यादव एवं लोजपा उम्मीदवार साकार यादव अवरोधक बने बताए जाते हैं। मतगणना ही जदयू या राजद कार्यकर्ताओं को दिवाली में दीप जलाकर उत्सव मनाने की घोषणा करेगा। रही बात सिंहेश्वर विधानसभा क्षेत्र की जहां जदयू से डॉ. रमेश ऋषिदेव मंत्री को टक्कर दे रहे हैं राजद के चंद्रहास चौपाल।

यह भी जानिए कि जहां बिहारीगंज से जदयू विधायक निरंजन मेहता को कड़ी टक्कर दे रही हैं कांग्रेस प्रत्याशी सुभाषिनी बुंदेला। श्रीमती बुंदेला के बदलाव की दावेदारी में लोजपा के विजय कुशवाहा और जाप से इंजीनियर प्रभाष चंद्र अवरोध बने बताए जाते हैं, वहीं आलमनगर से लगातार विधायक व विभिन्न विभागों के मंत्री रहे एवं क्षेत्र के अजातशत्रु कहे जाने वाले नरेंद्र नारायण यादव को आरजेडी उम्मीदवार नवीन निषाद से टक्कर है। जाप से खड़े सर्वेश्वर सिंह के चलते जीत का माला किस गले की शोभा बढ़ाएगा यह मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा, परंतु जिले के सभी वर्गों के बड़े-बुजुर्ग मंत्री जी की जनसेवा की चर्चा करते नहीं अघाते हैं। कुल  मिलाकर जिले के चारो सीटों का रिजल्ट चौकाने वाला होगा, थोड़ा इंतजार और …..!!

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