ट्विटर पर प्रकट हुए तेजस्वी

पिछले कई दिनों से बिहार के राजनीतिक गलियारे में ये कौतूहल का विषय था कि पूर्व उपमुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव कहाँ लापता हो गए? इस दौरान आश्चर्यजनक रूप से न तो उनका कोई बयान आ रहा था और न ही सोशल मीडिया पर ही उनकी कोई जानकारी मिल पा रही थी। यहां तक कि आरजेडी के नेताओं को भी पता नहीं था कि वो कहां हैं? इसे लेकर पक्ष और विपक्ष दोनों ओर से कई तरह की बयानबाजी हो रही थी। इन सबके बीच तेजस्वी ने ट्वीट कर जानकारी दी कि वो अपनी पुरानी बीमारी का इलाज करा रहे थे, कहीं भागे नहीं थे और वो जल्द बिहार लौट रहे हैं।

तेजस्वी ने अपने ट्वीट में लिखा कि दोस्तों! पिछले कुछ हफ्तों से मैं अपनी लिगामेंट और एसीएल की चोट से परेशान था और उसी के इलाज में व्यस्त था। हालांकि, मैं राजनीतिक विरोधियों के साथ-साथ मसालेदार कहानियों को पकाने वाले मीडिया की कहानियों को सुनने के लिए जानने के लिए उत्सुक हूं और जल्द ही आ रहा हूं।

इसके साथ ही तेजस्वी ने एक के बाद एक कई ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि लोकसभा में मिली हार से हमने सीख ली है और अब हम नए सिरे से अपनी शुरुआत करेंगे। आगे उन्होंने लिखा लिखा कि एईएस से सौ से अधिक गरीब बच्चों की मौत हो गई है और इस घटना ने मुझे बहुत तकलीफ पहुंचाई है।

बता दें कि लोकसभा चुनाव के परिणाम के बाद से तेजस्वी अचानक लापता हो गए थे, वो कहां हैं? इसकी जानकारी किसी को नहीं थी। आरजेडी का कोई नेता कह रहा था कि वो क्रिकेट वर्ल्ड कप देखने गए हैं तो कोई कह रहा था कि वो दिल्ली में हैं। इसके साथ ही सत्ता पक्ष को भी मुद्दा मिल गया था और वो इसे लेकर लगातार हमलावर था।

गौरतलब है कि शुक्रवार से बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र शुरू हो चुका है और उस दिन भी सदन में तेजस्वी की अनुपस्थिति की बात उठी थी। राबड़ी देवी को कहना पड़ा था कि तेजस्वी किसी काम में लगे हुए हैं और जल्द पटना लौटेंगे। हालांकि जब मीडियाकर्मियों ने इस बाबत सवाल किया तब वो भड़क गईं और गुस्से में जवाब देते हुए पत्रकारों से कहा कि तेजस्वी आपके घर में है।

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राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए रामविलास

शुक्रवार, 28 जून को केन्द्रीय मंत्री व लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान को बिहार से राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुन लिया गया। किसी और उम्मीदवार की अनुपस्थिति में शुक्रवार की शाम नामांकन पत्रों की वापसी की समय सीमा समाप्त होने के बाद उन्हें निर्विरोध सांसद निर्वाचित घोषित कर दिया गया।

गौरतलब है कि बीते लोकसभा चुनाव में बिहार में एनडीए के घटक दलों जदयू, भाजपा और लोजपा के बीच सीट बंटवारे के तहत इन दलों को क्रमश: 17, 17 और 6 सीटें मिली थीं और लोजपा से वादा किया गया था कि पासवान के लिए उसे एक राज्यसभा की सीट भी दी जाएगी। इस तरह रविशंकर प्रसाद के पटना साहिब से सांसद चुने जाने के बाद राज्यसभा की खाली हुई सीट पर पासवान का जाना तय-सा माना जा रहा था।

बहरहाल, केन्द्र सरकार में उपभोक्ता मामले और सार्वजनिक वितरण विभाग में मंत्री रामविलास पासवान ने 21 जून को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया था। मैदान में अकेले होने के कारण उनका चुना जाना औपचारिकता मात्र था। पासवान पहले ही अपनी जीत को लेकर आश्वस्त थे। ऐसे में शुक्रवार को शाम 3 बजे पर्चा वापस लेने की समय-सीमा खत्म होते ही एलजेपी प्रमुख को राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुन लिया गया।

बता दें कि पासवान बिहार की अपनी पारंपरिक हाजीपुर सीट से लोकसभा चुनाव लड़ते थे। 10 बार संसदीय चुनाव में उतरने वाले पासवान ने इस सीट से आठ बार जीत हासिल की है। इस बार वे चुनाव मैदान में नहीं उतरे। उनकी जगह उनके छोटे भाई पशुपति कुमार पारस यहां से सांसद चुने गए।

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हर बूथ पर होंगे जदयू व्यावसायिक प्रकोष्ठ के सक्रिय सदस्य

जदयू के सदस्यता अभियान की सफलता के लिए बुधवार, 26 जून 2019 को पटना स्थित जदयू के प्रदेश मुख्यालय में जदयू व्यावसायिक प्रकोष्ठ की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई जिसके मुख्य अतिथि प्रकोष्ठ के प्रभारी व संयोजक विधानपार्षद श्री ललन सर्राफ थे। लोकसभा चुनाव की महाविजय के बाद आयोजित इस बैठक में विधानपार्षद व पार्टी के मुख्य सचेतक श्री संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी जी, राष्ट्रीय सचिव श्री रविन्द्र सिंह, प्रदेश महासचिव व मुख्यालय प्रभारी डॉ. नवीन कुमांर आर्य एवं जदयू मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप की विशिष्ट उपस्थिति रही।
जदयू व्यावसायिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष श्री कमल नोपानी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में प्रकोष्ठ के कई वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल रहे जिनमें उपाध्यक्ष श्री उपेन्द्र कुमार विभूति, श्री शिव कुमार गुप्ता, प्रधान महासचिव श्री अनिल कुमार साहू, महासचिव श्री गणेश कुमार कानू, श्री नगीना चौरसिया, श्रीमती कामिनी पटेल, श्रीमती बेबी मंडल, प्रदेश सचिव श्री नंदन कुमार पटेल, श्री ओम प्रकाश गुप्ता, श्री रणजीत गुप्ता, पटना महानगर अध्यक्ष श्री अमरदीप पप्पू, पटना ग्रामीण अध्यक्ष श्री राजेश गुप्ता एवं बाढ़ संगठन जिला अध्यक्ष श्री सुनील कुमार प्रमुख हैं।
इस मौके पर अपने संबोधन में श्री ललन सर्राफ ने कहा कि श्री नीतीश कुमार ने जाति, वर्ग और धर्म से ऊपर उठकर बिहार की दशा और दिशा बदली है और संभावनाओं के नए द्वार खोले हैं। बिहार का जो बजट 2004-05 में 23 हजार 885 करोड़ था, वो 2019-20 में बढ़कर 2 लाख 501 करोड़ हो गया। इसका सीधा लाभ व्यवसायी समाज को मिला है। हमलोगों का ये नैतिक दायित्व है कि उनके हाथ को और मजबूत करें और जदयू के सदस्यता अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। उन्होंने बड़ी संख्या में उपस्थित कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि हमलोगों को यह सुनिश्चित करना है कि हर बूथ पर व्यावसायिक प्रकोष्ठ के कम-से-कम दो सक्रिय सदस्य हों।
मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप ने संगठन की मजबूती और पार्टी को विस्तार देने में मीडिया की भूमिका को रेखांकित किया और कहा कि हृमलोगों का यूएसपी हमारे नेता के नेतृत्व में हुआ काम है जिसकी जानकारी लोगों तक पहुँचाने में आधुनिक संचार माध्यमों की बड़ी भूमिका होगी।
व्यावसायिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष श्री कमल नोपानी ने कहा कि श्री नीतीश कुमार ने हम व्यवसायियों को भयमुक्त होकर व सिर उठाकर काम करने का माहौल और अवसर दिया है। हमें उनकी नीतियों और कार्यक्रमों को घर-घर पहुँचाना है।
जदयू के राष्ट्रीय सचिव व सदस्यता अभियान के प्रभारी श्री रविन्द्र सिंह ने सदस्यता अभियान के संबंध में विस्तार से बातें रखीं और कहा कि जदयू कार्यकर्ताओं की पार्टी है। हमें दिन-रात मेहनत कर सदस्यता अभियान को ऐतिहासिक सफलता दिलानी है। वहीं, प्रदेश महासचिव व मुख्यालय प्रभारी डॉ. नवीन कुमार आर्य ने कहा कि सदस्यता अभियान में किसी तरह की कोई समस्या हो तो पार्टी मुख्यालय पूरी तत्परता से उसका समाधान करेगा।

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अब शहरी क्षेत्र के मिड-डे-मील में मिलेगा सेन्ट्रल किचन का खाना

सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को मिड-डे-मील से राहत दिलाने के लिए अब “सेंट्रल किचन योजना” शुरू किया जा रहा है। इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए पटना से आई टीम द्वारा सेंट्रल किचन के लिए भूपेन्द्र नारायण मंडल वाणिज्य महाविद्यालय, बाल मुकुंद नगर, साहूगढ़-मधेपुरा से उत्तर एक स्थान को प्रस्तावित किया गया है जिसका संचालन या तो महिला बचत समूह को या फिर किसी संवेदक को दिया जाएगा।

बता दें कि प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों के बच्चों के लिए चलाए जा रहे मिड-डे-मील स्कीम पर आने वाले खर्च हेतु केंद्र सरकार को 60% एवं राज्यों को 40% पैसे देने होते हैं। जानिए कि केंद्र द्वारा भोजन के लिए जहां अनाज एवं वित्त पोषण प्रदान की जाती है वहीं राज्य सरकारों द्वारा सुविधाओं, परिवहन और श्रम की लागत का खर्च वहन किया जाता है। इस स्कीम के तहत हर रोज करोड़ों बच्चों को स्कूल में भोजन करवाया जाता है।

यह भी जानिए कि मिड-डे-मील को लेकर शिक्षकों के सामने आ रही दिक्कतों को देखते हुए नीतीश सरकार के मानव संसाधन विभाग द्वारा वर्तमान में यह योजना केवल मधेपुरा नगर परिषद क्षेत्र में आरंभ किया जाएगा। सफलता मिलने पर अन्य जगह भी विस्तारित किया जाएगा।

चलते-चलते एमडीएम के डीपीओ श्री के.एन.दास के हवाले से यह भी बता दें कि नगर परिषद मधेपुरा के अंतर्गत 21 प्राइमरी एवं 8 मिडिल यानी कुल 29 स्कूल हैं जिनमें लगभग 7000 छात्र पढ़ते हैं। सेंट्रल किचन बनने से सारे शिक्षक विवादों एवं गैर शैक्षणिक कार्यों से बचेंगे जिसका सर्वाधिक शैक्षणिक लाभ बच्चों को मिलेगा….। और हाँ ! डीपीओ श्री दास ने मधेपुरा अबतक को यह भी बताया कि पूरा खाना इस सेंट्रल किचन में तैयार होगा जिसे चौपहिया वाहनों से स्कूलों में भेजा जाएगा…… परंतु प्रत्येक स्कूल को दिए गए एक फॉर्मेट में स्कूल का नाम, उपस्थित बच्चों की संख्या, रूट का नाम और सेंट्रल किचन से दूरी अंकित कर निर्धारित समय से पूर्व उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।

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बहादुर कैप्टन अभिनंदन की मूछें राष्ट्रीय घोषित किए जाने की माँग हुई शुरू

सेना के शौर्य एवं उसकी बहादुरी को सारा देश सलाम करता रहा सिवाय कांग्रेस के कुछ नामदार नेताओं को छोड़कर। हिंदुस्तान की सेना द्वारा पाकिस्तानी सेना के विरुद्ध दिखाये गए शौर्य एवं पराक्रम के सबूत मांग-मांगकर कांग्रेस के शीर्ष पर बैठे राहुल गांधी ने अपनी बचकानी हरकतों से अपने चेहरे को जितना दागदार बना लिया उसे अब अच्छी तरह धोने में लग गए हैं…. लोकसभा में कांग्रेस के नवनियुक्त नेता श्री अधीर रंजन चौधरी।

बता दें कि बिना धैर्य खोये अधीर रंजन चौधरी ने सेना के शौर्य को सैल्यूट करते हुए कहा कि वायु सेना के जिस विंग कमांडर कैप्टन अभिनंदन वर्धमान को उनकी बहादुरी के लिए समस्त भारतवासियों ने नमन किया है उसे पुरस्कारों से लाद देना चाहिए….. अधीर रंजन ने यहां तक कह डाला कि विंग कमांडर अभिनंदन की मूछें, जो फाइटर विमान के शक्ल से मिलता जुलता है, को राष्ट्रीय मूंछ का दर्जा देकर भी पुरस्कृत किया जाना चाहिए।

आगे अधीर रंजन चौधरी ने सहजतापूर्वक यह स्वीकार किया कि भारतीय वायु सेना के इस जांबाज़ ने बालाकोट हमले के बाद पाकिस्तानी सीमा में घुसकर अपने पुराने फाइटर विमान पर सवार होकर संकल्पी मन की ताकत व बदला लेने की अतुलित बलवती भावनाओं का प्रदर्शन करते हुए दुश्मन के ताकतवर फाइटर को मार गिराया और खुद अपने चकनाचूर विमान से पैराशूट के सहारे कूदकर पाकिस्तानी सीमा में उतर गया और दुश्मनों द्वारा दी जाने वाली भीषण यातनाओं को सहते हुए देश की गोपनीयता को ईमान की तरह बचाकर रखा। श्री चौधरी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान विस्तार से वायु सेना की कार्रवाई की भरपूर सराहना की और राहुल गांधी सहित कतिपय कांग्रेसियों के चेहरे पर लगे दाग को धोने की भरपूर चेष्टा भी की।

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शांत रहने की इच्छा न पालें, इच्छाओं को ही शांत करें- बीके रंजू

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेवा केन्द्र मधेपुरा में आज श्रद्धालुओं के द्वारा बीके रंजू की अध्यक्षता में स्नेह मिलन समारोह का आयोजन किया गया जिसमें ब्रह्माकुमारी संस्थान की यज्ञमाता मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती की 54वीं पुण्य तिथि का सहजतापूर्वक आयोजन किया गया।

माल्यार्पण, पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का श्रीगणेश किया समाजसेवी साहित्यकार प्रो.(डॉ.) भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने। इन कार्यक्रमों में संयुक्त रूप से सम्मिलित रहे डॉ.अजय कुमार, डॉ.नरेश कुमार, भाई ओम प्रकाश, विनय वर्धन, किशोर भाई, जानकी बहन, दुर्गा बहन, विजय वर्धन..  .  सहित अध्यक्षता कर रही ब्रह्माकुमारी रंजू दीदी। मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती की याद में सबों ने 2 मिनट का मौन रखकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

बता दें कि आयोजन की अध्यक्षता कर रही राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी रंजू ने 54वें स्मृति दिवस के उपलक्ष में मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती की विशेषताओं का वर्णन करते हुए कहा कि उनकी मीठी पालना, कुशल प्रशासन एवं मधुर शिक्षाएं सदैव हमें प्रेरणा देती रहेंगी। बीके रंजू ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान की स्थापना के कार्यों में तीव्रता लाते हुए सर्वाधिक मनोयोग से संपन्न करती रही और 24 जून 1965 को हमें अलविदा कह कर दुनिया छोड़ गई।

यह भी कि जहाँ मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी डॉ.मधेपुरी ने अपने अंतर्मन से मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए तथा उनकी बातों को स्मरण करते हुए कहा कि जीवन में सदा सच्चाई कायम रखें और सफाई को अपने दिनचर्या में शामिल कर निरंतर गतिशील रखें….. सदा खुश रहें और सदैव औरों के बीच खुशियाँ बांटते रहें। डॉ.मधेपुरी ने यह भी कहा कि इच्छाओं का परित्याग ही स्वस्थ जीवन जीने का एकमात्र सहज मार्ग है।

कार्यक्रम को सफल बनाने में इंस्पेक्टर संजीव कुमार, प्रो.सतीश कुमार सिंह, डॉ.विनोद कुमार, बैजनाथ यादव, रंजीत कुमार आदि श्रद्धालुओं का सहयोग सराहनीय रहा है। ब्रह्माकुमार भाई किशोर ने कार्यक्रम का कुशल संचालन किया। अंत में प्रसाद वितरण के बाद अध्यक्षा बीके रंजू ने कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की।

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बिजली पम्प से नाता जोड़ो, डीजल पम्प को जल्दी छोड़ो

नीतीश सरकार किसानों की स्थिति में सर्वाधिक सुधार लाने को संकल्पित है | तभी तो नीतीश सरकार के उर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने बिहार सरकार के ऊर्जा विभाग के अधिकारियों, पदाधिकारियों एवं समस्त विद्युत कर्मियों को अहर्निश कृषक-सेवा के लिए तैयार किया है और हर घर को बिजली देने के बाद अब हर खेत को बिजली देने का संकल्प लिया है….. जिसके लिए उन्होंने स्लोगन दिया है…. “बिजली पम्प से नाता जोड़ो, डीजल पम्प को जल्दी छोड़ो” |

बता दें कि किसान के उस खेत को बिजली आधारित पंपसेट से पटवन करने पर जहां ₹10 खर्च आता है वहीं उसी खेत को डीजल वाले पम्प सेट से सिंचाई करने पर ₹100 व्यय करना पड़ता है यानि 10 गुना ज्यादा खर्च होता है | इसलिए विद्युत गति से कृषि पटवन हेतु नया विद्युत संबंध प्रदान करने के लिए नीतीश सरकार द्वारा प्रत्येक बुधवार एवं शनिवार को संपूर्ण सूबे के 534 प्रखंड कार्यालयों में शिविर का आयोजन किया जा रहा है |

यह भी जान लें कि शिविर तो सप्ताह में केवल दो ही दिन आयोजित किया जाएगा, परंतु शिविर के अतिरिक्त नये विद्युत संबंध प्रदान करने के लिए ऑनलाइन या सहायक विद्युत अभियंता के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस को आवेदन दिया जा सकता है जिसके साथ पहचान पत्र / आधार कार्ड एवं जमीन से संबंधित कागजात संलग्न करना अनिवार्य होगा |

चलते-चलते यह भी बता दें कि यदि बोरिंग के पास तक बिजली पहुंची हुई हो तो 7 दिनों के अंदर विद्युत संबंध ऊर्जा विभाग द्वारा प्रदान कर दिया जाएगा….. बिजली नहीं रहने की स्थिति में दिसंबर 2019 तक विद्युत संबंध प्रदान करने को संकल्पित है नीतीश सरकार | हाँ ! बिजली पोल से नलकूप तक का तार, एक बोर्ड, एक किटकैट आदि किसान को स्वयं क्रय कर मीटर लगाने के समय उपलब्ध कराना होगा | आवेदन के समय किसी प्रकार की राशि देय नहीं है | बोरिंग में विद्युत कनेक्शन हो जाने के बाद सिंगल फेज लेने पर ₹875 या थ्री फेज के लिए 1500 रुपया 10 किस्तों में बिना सूद के विद्युत रसीद ले कर देय होगा | मात्र 75 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली का भुगतान किसान को करना होगा |

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सही में दिव्यांग वे ही हैं जिन्हें कुछ कर गुजरने की हिम्मत नहीं है- कुलपति

कोसी अंचल के पूर्णिया जिले के बड़हरा कोठी प्रखंडान्तर्गत एक गाँव है- मगुरजान | उस गाँव की दिव्यांग बेटी का नाम है- रूपम | माँ चाँदनी देवी एवं पिताश्री बहादुर साह की (जन्म से ही दोनों हाथों से विकलांग) बेटी रूपम गाँव के बच्चों को पढ़ते-लिखते और स्कूल जाते देखकर हमेशा यही सोचा करती कि वह भी पढेगी….. अवश्य पढेगी और पढ़-लिखकर गरीब तथा लाचार व बेबस बच्चों को अच्छी शिक्षा देगी |

बता दें कि जन्मजात दिव्यांग रूपम ने पाँव को ही हाथ बना लिया और हाथों की जगह पैर से ही कलम पकड़ ली | जी हाँ, शुरू में रूपम को काफी परेशानियाँ हुई, लेकिन उसके हौसले एवं पढ़ने की ललक के सामने कोई अवरोध उसके मार्ग को अवरुद्ध नहीं कर सका | उसने 2014-16 सत्र में हिन्दी से एमए कर ली |

यह भी जानिए कि जन्म से ही दोनों हाथों से दिव्यांग रूपम जब विगत शुक्रवार को भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस स्थित Examination Hall पहुंची तो उसके हौसले को देखकर पीएचडी ऐडमिशन टेस्ट देने आये सभी 886 परीक्षार्थियों सहित सारे वीक्षक भी हैरान ही नहीं हुए बल्कि पैरों से कलम पकड़कर सुंदर व स्पष्ट लिखावट लिखने वाली रूपम को देखकर दंग रह गये |

VC Dr.A.K.Ray with officers inspecting Pre-Ph.D Exam at North Campus BNMU Madhepura.

चलते-चलते यह भी बता दें कि जब रूपम अपने पैरों से कलम थाम कर नॉर्थ केंपस के परीक्षा भवन में Pre-PhD टेस्ट के सारे सवालों का जवाब लिख रही थी तो जानकारी पाते ही कुलपति डॉ.अवध किशोर राय, प्रति कुलपति डॉ.फारुख अली, डीन सोशल साइंस डॉ.शिव मुनि यादव आदि विश्वविद्यालय पदाधिकारीगण भी खुद को नहीं रोक पाये और उसके हौसले को सलाम करते हुए सबों ने यही कहा कि दिव्यांग होते हुए भी उच्च शिक्षा पाने के प्रति रूपम का उत्साह व अंतर्मन का संकल्प सराहनीय है….. रूपम जैसे संकल्पी लोग ही समाज के लिए उदाहरण बनते हैं | विश्वविद्यालय के सभी आलाधिकारी से लेकर पदाधिकारी तक रूपम के उज्जवल भविष्य की कामनाएं की |

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बिहार में होगी साढ़े छह हजार से अधिक डॉक्टरों की बहाली

बिहार इन दिनों एईएस और लू की चपेट में है। लगभग तीन सौ लोग जान गंवा चुके हैं। हालांकि आज मानसून के आगमन के साथ लगातार हो रही मौतों का सिलसिला जरूर रुकेगा। इधर सरकार भी अपनी ओर से हरसंभव कोशिश करने में जुटी है। इन आपदाओं से प्रभावित जिलों में हालात से निपटने के लिए डॉक्टर अन्य जिलों से लेकर राज्य के बाहर तक से बुलाए जा रहे हैं। स्पष्ट है कि राज्य में डॉक्टरों की कमी है। इसे देखते हुए सरकार ने डॉक्‍टरों को बहाल करने का निर्णय लिया है। जी हाँ, सरकार द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार राज्य में साढ़े छह हजार से अधिर डॉक्‍टरों की नियुक्ति की जाएगी।

बिहार के स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के प्रधान सचिव संजय प्रसाद ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि राज्य के मेडिकल कॉलेज अस्पतालों के साथ ही अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्‍टरों की कमी को देखते हुए 2325 विशेषज्ञ डॉक्टर और करीब 4500 एमबीबीएस डॉक्टरों की नियुक्ति होगी। स्वास्थ्य विभाग ने नियुक्ति का प्रस्ताव सामान्य प्रशासन विभाग से स्वीकृत कराते हुए तकनीकी सेवा आयोग को भेज दिया है।

बता दें कि डॉक्टरों के साथ ही 9139 स्टॉफ नर्स (ए ग्रेड) की नियुक्ति भी होगी। सभी नियुक्तियों का प्रस्ताव आयोग को भेजा जा चुका है। उम्मीद की जानी चाहिए कि यह कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा और जल्द ही बहाली प्रक्रिया शुरू होगी।

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बिहार कैबिनेट ने लगाई कुल 13 एजेंडों पर मुहर

शुक्रवार, 21 जून 2019 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में बिहार कैबिनेट की बैठक हुई। इस बैठक में कुल 13 एजेंडों पर मुहर लगी, जिसमें एक महत्‍वपूर्ण प्रस्‍ताव पेंशनभोगियों के महंगाई भत्‍ते का था। बिहार सरकार ने पेंशन भोगियों के महंगाई भत्ता में 11 प्रतिशत का इजाफा कर उसे 284 प्रतिशत से बढ़ाकर 295 प्रतिशत कर दिया। इसके साथ ही अपुनरीक्षित कर्मियों का महंगाई भत्ता भी 148 फीसदी से बढ़ाकर 154 फीसदी कर दिया गया। ये दोनों फैसले 1 जनवरी 2019 के प्रभाव से लागू होंगे।

बैठक में नदियों से संबंधित आंकड़ों के संग्रह के लिए बाढ़ प्रबंधन सुधार सहायक केन्द्र, अनिसाबाद, पटना को अपग्रेड करने का फैसला भी किया गया। इस काम के लिए कैबिनेट ने 20.62 करोड़ रुपये मंजूर किए। बता दें कि इस केन्द्र से कोसी बाढ़ समुत्थान परियोजना, कोसी बेसिन विकास परियोजना एवं राष्ट्रीय जल विज्ञान परियोजना का कार्यान्वयन किया जा रहा है। साथ ही यहां से विभिन्न नदियों के मॉडलिंग कार्य, बाढ़ पूर्वानुमान लगाने और चेतावनी देने की प्रणाली भी काम कर रही है। इन कार्यों को और तेज गति से करने तथा सारे जलीय आंकड़ों का संग्रण वास्तविक समय में करने और नेशनल हाइड्रोलॉजी प्रोजेक्ट के कार्यान्वयन सहित 72 घंटे पूर्व विभिन्न नदियों के लिए बाढ़ पूर्व चेतावनी विकसित करने के इरादे से इस केन्द्र को अपग्रेड करने का फैसला किया गया।

कैबिनेट ने 2010 से संविदा पर काम कर रहे 212 व्यवसाय अनुदेशकों को एक वर्ष का अवधि विस्तार देने का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया। इसके अलावा बिहार सचिवालय आशुलिपिक सेवा नियमावली 2006 में संशोधन का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया। संशोधन के बाद आशुलिपिक सेवा संवर्ग में आप्त सचिव एवं प्रधान आप्त सचिव को राजपत्रित पद नामित किया जा सकेगा।

कैबिनेट ने बैठक में सूचना एवं प्रावैधिकी विभाग के प्रस्ताव पर चर्चा के बाद इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम के संगम ज्ञापन में संशोधन की मंजूरी भी दी। एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले के तहत राज्य आयोग, उपभोक्ता संरक्षण एवं जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्षों एवं सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया, वेतन भत्ते एवं सेवा शर्त नियमावली 2019 के गठन का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया गया।

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