विश्व तंबाकू निषेध दिवस का आयोजन किया गया जिले के कोने-कोने में

जिले में कहीं-कहीं कॉलेज के छात्रों को विश्व तंबाकू दिवस पर तंबाकू के विभिन्न उत्पादों के जरिये नशा न करने की शपथ दिलायी गयी तो कहीं स्कूली छात्राओं को दी गयी तंबाकू व अन्य नशा से होने वाले घातक रोगों की जानकारियाँ | कहीं इस दिवस विशेष पर कॉलेज छात्रों के बीच चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया तो कहीं छात्राओं को दिलाई गई शपथ पर जीवन भर अमल करने एवं भरोसेमंद कदम बढ़ाने हेतु संकल्प सभा का भी आयोजन किया गया | भारी संख्या में छात्र-छात्राओं ने जीवन भर इस संकल्प पर अमल करने का भरोसा दिलाया | जगह-जगह पर ‘एंटी ड्रग क्लब’ बनाकर विश्व तंबाकू निषेध दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए यह संदेश दिया गया कि “नशा त्यागो , खुशी अपनाओ”

बता दें कि जिला मुख्यालय के सदर अस्पताल सभागार में विश्व तंबाकू निषेध कार्यक्रम का उद्घाटन जहाँ सीएस डॉ.शैलेंद्र कुमार, डीएस डॉ.विपिन कुमार, बीबीडी डॉ.अशोक चौधरी, सीडीओ डॉ.एच.एन.प्रसाद, प्रबंधक नवनीत चंद्रा आदि ने संयुक्त रूप से किया वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता तंबाकू निषेध नोडल पदाधिकारी डॉ.आर.पी.रमन ने की | सबों ने विस्तार से तंबाकू के सेवन को शरीर के लिए सर्वाधिक खतरनाक बताया | अध्यक्ष ने कहा कि विश्व में हर पांच मृत्यु में एक मृत्यु का कारण तंबाकू बनता है |

यह भी कि स्थानीय पार्वती सायंस कॉलेज, कीर्ति नगर, मधेपुरा परिसर में जहाँ एन.एस.एस. पदाधिकारी डॉ.अभय कुमार द्वारा आयोजित इस तंबाकू निषेध दिवस समारोह का उद्घाटन संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया…….. बीएनएमयू के पूर्व परीक्षा नियंत्रक व समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने वहीं अध्यक्षता की विश्व नशा उन्मूलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत गंगाराम दास ने |

डॉ.मधेपुरी ने काफी संख्या में उपस्थित एनएसएस छात्राओं को संबोधित करते हुए विस्तार से नशा के बारे में समझाते हुए यही कहा कि जहाँ तंबाकू का नशा विश्व में प्रतिवर्ष लगभग 60 लाख लोगों की मृत्यु का कारण बनता है वहीं जीवन को ऊंचाई देने एवं लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हर किसी के अंदर नशा (यानि जुनून) का होना भी तो आवश्यक है | डॉ.मधेपुरी ने बताया कि भारत में प्रतिवर्ष तंबाकू की लत से मरने वालों की संख्या 10 लाख से कहीं ज्यादा है | इस लत के शिकार यदि 48% पुरुष हैं तो 20% महिलाएं भी हैं | उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि शिक्षण संस्थानों के 100 गज के अंदर तंबाकू उत्पाद यानि गुटखा, बीड़ी, सिगरेट आदि बेचना दंडनीय अपराध है…… जिसका उल्लंघन करने पर ₹200 तक का जुर्माना भी किया जा सकता है |

जानिए कि जहाँ एनएसएस ऑफिसर डॉ.अभय कुमार, अर्थशास्त्री प्रो.सदानंद शर्मा एवं छात्र शांतनु यदुवंशी….. आरती-काजल आदि ने विस्तार से तंबाकू सेवन के अनेक दुष्परिणामों की चर्चाएं की वहीं अध्यक्षता कर रहे संत गंगाराम दास ने अपने विस्तृत संबोधन में यही कहा कि लोग भले ही कुछ दिनों के लिए इन नशीली उत्पादों का ले ले मजा ….. परंतु वे जानते नहीं कि कुछ दिनों में ही ये बन जाएगी जिंदगी भर की सजा ….. | अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रो.जयप्रकाश यादव ने अंत में धन्यवाद ज्ञापन किया तथा अध्यक्ष के निर्देशानुसार आयोजन समाप्ति की घोषणा भी की |

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