चमकी बुखार और लू से निपटने को तत्पर है सरकार

बिहार चमकी बुखार (एईएस) और हिट वेव की आपदा एक साथ झेल रहा है। सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस संदर्भ में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय समेत स्वास्थ्य विभाग के सभी आला अधिकारी मौजूद रहे। मंगलवार को हालात का जायजा लेने के लिए वे मुजफ्फरपुर जा रहे हैं। बता दें कि बिहार के मुजफ्फरपुर में अब तक चमकी बुखार से 100 से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है। बिहार सरकार इस स्वास्थ्य आपदा से जूझ ही रही थी कि बिहार में लू का कहर भी शुरू हो गया। रिपोर्ट के मुताबिक प्रचंड गर्मी और लू से बिहार में अब तक 78 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें से 35 मौतें सिर्फ गया में हुई हैं, जबकि 47 लोग औरंगाबाद में मरे हैं।

बिहार में  एईएस (एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम) यानि चमकी बुखार का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (एसकेएमसीएच) और केजरीवाल अस्पताल में 375 बच्चे एडमिट हैं। चमकी बुखार से पीड़ित मासूमों की सबसे ज्यादा मौतें मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच अस्पताल में हुई हैं। वहीं चमकी बुखार की आंच अब मोतिहारी तक पहुंच गई है, जहां एक बच्ची बुखार से पीड़ित है।

लू की बात करें तो बिहार के गया में अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज में लू के कारण मरने वालों की संख्या 35 तक पहुंच चुकी है। इनमें से 28 की इलाज के दौरान मौत हो गई तो सात को मृत हालात में ही लाया गया था। वहीं 106 मरीजों का फिलहाल इलाज चल रहा है।

गौरतलब है कि बिहार में गर्मी को लेकर रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। गया में गर्मी को लेकर धारा 144 लागू कर दी गई है। वहीं भीषण गर्मी के कारण 22 जून तक बिहार के सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। इससे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दोनों आपदा के सभी मृतकों के परिजनों को तत्काल चार-चार लाख रुपए अनुग्रह अनुदान देने और इन विपदाओं से जूझ रहे सभी लोगों के लिए हरसंभव चिकित्सकीय सहायता की व्यवस्था करने का निर्देश दे चुके हैं।

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