सभी बुजुर्गों को पेंशन देने वाला बिहार बना पहला राज्य

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री सचिवालय, पटना स्थित ‘संवाद’ कक्ष में वृद्धजन पेंशन योजना का शुभारंभ किया। इस योजना के शुभारंभ के साथ बिहार सभी बुजुर्गों को पेंशन देने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। बता दें कि बिहार में 35 से 36 लाख ऐसे लोग हैं, जिन्हें इस योजना का लाभ मिलना चाहिए। इस योजना पर हर वर्ष राज्य सरकार की तरफ से 1800 करोड़ रुपए व्यय होंगे। इस योजना के तहत अभी तक दो लाख आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से सत्यापन के बाद एक लाख 35 हजार 928 लोगों के खाते में मार्च और अप्रैल 2019 की राशि भी ट्रांसफर कर दी गई। इस योजना के तहत 60 वर्ष से अधिक आयु के गरीब लोगों को प्रति माह 400 रुपए और 80 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को प्रतिमाह 500 रुपए मिलेंगे।

वृद्धजन पेंशन योजना के तहत डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों को भुगतान का शुभारंभ करने के बाद नीतीश कुमार ने अपने संबोधन में आगे कहा कि इस वर्ष 01 मार्च से इस योजना की शुरुआत की गई थी, जिसकी राशि का भुगतान आज से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले से गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) के परिवारों को वृद्धा पेंशन योजना का लाभ दिया जा रहा था। विधवा पेंशन, दिव्यांगजनों को पेंशन जैसी अनेक योजनाएं चलाई जा रही थीं लेकिन 60 वर्ष से ऊपर के सभी वृद्धजनों चाहे स्त्री हो या पुरुष जिन्हें केंद्र या राज्य सरकार से कोई वेतन, पेंशन, पारिवारिक पेंशन या सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त नहीं हो रहा है, उन्हें इसका लाभ देने की योजना बनाई और इसे लागू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इससे वृद्धजनों का अपने परिवार में सम्मान बढ़ेगा और उनकी कुछ जरूरतें भी पूरी होंगी। कितना अच्छा लगेगा जब बुजुर्ग इससे अपने पोता-पोती को चॉकलेट लाकर देंगे। इस योजना के माध्यम से कम से कम ऐसी खुशी तो हम उन्हें दे ही सकते हैं।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने यह व्यवस्था भी कर दी है कि जो लोग माता-पिता की उपेक्षा करेंगे उनकी खैर नहीं। एसडीओ के यहां आवेदन देने से ही कार्रवाई हो जाएगी। अपील के लिए कोर्ट जाने की आवश्यकता नहीं। अब डीएम के स्तर पर तीस दिनों के अंदर फैसला हो जाएगा। उन्होंने कहा कि अब दूसरे राज्य यह पूछ रहे हैं कि हमने यह निर्णय किस तरह से लिया। वे लोग भी ऐसा करना चाह रहे हैं।

कार्यक्रम में मौजूद वृद्धजनों से मुख्यमंत्री ने यह अपील की कि सभी लोगों को इस योजना के बारे में बताएं ताकि ताकि अधिक से अधिक संख्या में आवेदन भरे जा सकें। इस योजना के शुभारंभ के अवसर पर समाज कल्याण मंत्री रामसेवक सिंह भी उपस्थित थे। चलते-चलते बता दें कि लोक सेवा केंद्र और ऑनलाइन माध्यम से इस योजना के लिए आवेदन किया जा सकता है।

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