कई सीनियर नेताओं को राज्यपाल बनाएगी भाजपा !

2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता नहीं उतरे थे। माना जा रहा था कि आने वाले समय में पार्टी उन्हें संगठन या किसी अन्य भूमिका में ला सकती है। ऐसे में चुनाव से दूर रहे भाजपा के कई नेताओं का नाम राज्यपाल पद की रेस में है। इसके पीछे वजह यह है कि वर्तमान में देश के 11 राज्य ऐसे हैं जहां के राज्यपालों का कार्यकाल अगले दो से तीन महीनों में खत्म हो रहा है। अगर इन राज्यपालों का सेवा विस्तार नहीं हुआ तो इन सभी राज्यों में नए राज्यपालों का दिखना तय है।

दरअसल इस बात की चर्चा तब शुरू हुई जब कुछ दिन पहले केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने ट्वीट कर सुषमा स्वराज को आंध्र प्रदेश का राज्यपाल बनने की बधाई दी थी। हालांकि सुषमा ने इसका खंडन किया और कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है। लेकिन इस घटनाक्रम के बाद भाजपा के कई सीनियर नेताओं को राज्यपाल बनाए जाने की चर्चा ने जोर पकड़ लिया है।

बहरहाल, जिन नेताओं के नाम राज्यपाल बनाए जाने को लेकर चर्चा में हैं उनमें मुरली मनोहर जोशी, बंडारू दत्तात्रेय, कलराज मिश्र, करिया मुंडा, भगत सिंह कोश्यारी, बिजोय चक्रवर्ती, सुमित्रा महाजन और राधामोहन सिंह जैसे नाम चर्चा में हैं। सूत्रों की मानें तो राज्यपाल बनाकर पार्टी अपने वरिष्ठ नेताओं को साधने की कोशिश में है।

जिन राज्यों के राज्यपाल का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है, वे हैं गोवा (मृदुला सिन्हा), गुजरात (ओम प्रकाश कोहली), कर्नाटक (वजुभाई रुडा भाई वाला), केरल (जस्टिस पी सदाशिवम), महाराष्ट्र (विद्यासागर राव), नगालैंड (पद्मनाथ बालकृष्ण आचार्य), राजस्थान (कल्याण सिंह), त्रिपुरा (कप्तान सिंह सोलंकी), उत्तर प्रदेश (राम नाईक), पश्चिम बंगाल (केशरीनाथ त्रिपाठी) और आंध्र प्रदेश (में ई. एस. एल. नरसिम्हन)। गौरतलब है कि इनमें से ज्यादातर राज्यों में राज्यपालों की उम्र 70 से पार या 80 के आसपास है। ऐसे में इन्हें दोबारा मौका मिलने की संभावना नहीं दिखती। इस प्रकार नए चेहरों को मौका मिलना तयप्राय है।

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