24 वें कुलपति प्रो.(डॉ.)ज्ञानंजय द्विवेदी ने पदभार ग्रहण कर मनीषी भूपेन्द्र की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया

भारत की पहचान राजा एवं महाराजाओं के कारण नहीं बल्कि गुरुओं के कारण ही इसकी पहचान विश्व भर में है। तभी तो बीएनएमयू के नवनियुक्त 24वें  कुलपति प्रो.(डॉ.)ज्ञानंजय द्विवेदी ने समाजवादियों के प्रेरणा स्रोत भूपेन्द्र नारायण मंडल की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के पश्चात कहा- “मैं शिक्षक था, शिक्षक हूं और शिक्षक ही रहूंगा। मैं इस बीएन मंडल विश्वविद्यालय की सेवा करता रहा हूं और आगे भी इसकी सेवा करता रहूंगा।”

बता दें कि नवनियुक्त कुलपति डॉ.ज्ञानंजय द्विवेदी ने यह भी कहा कि वे राज्यपाल सह कुलाधिपति फागू चौहान के विशेष आभारी हैं जिन्होंने उन्हें कुलपति की जिम्मेदारी देकर उनके ऊपर विश्वविद्यालय को गति प्रदान करने का भरोसा किया है। उन्होंने यह भी कहा कि वे सभी कर्मचारियों, शिक्षकों एवं पदाधिकारियों तथा छात्रों सहित उनके अभिभावकों के सहयोग से ही इतने बड़े दायित्व का निर्वहन करेंगे। वे सबों को साथ लेकर इस विश्वविद्यालय को आगे ले जाने का सतत् प्रयास करते रहेंगे। विश्वविद्यालय के साथ-साथ महाविद्यालय को भी नैक के लिए तैयार करेंगे।

यह भी कि कुलपति डॉ.द्विवेदी की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी- नियमित कक्षा संचालन, स्वच्छ परीक्षा एवं ससमय परिणाम का प्रकाशन। उन्होंने कहा कि विकल्पों पर विचार करते हुए लाॅकडाउन में भी कुछ परीक्षाएं संचालित करने का प्रयास किया जाएगा।

चलते-चलते यह भी कि विश्वविद्यालय के विभिन्न पदों पर कार्यरत रह चुके एवं मनीषी भूपेन्द्र के साथ हमेशा साया की तरह साथ-साथ चलने वाले समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी  ने स्थानीय शिक्षाविदों को विश्वास दिलाया कि 24वें  कुलपति प्रो.(डॉ.)ज्ञानंजय द्विवेदी महामना भूपेन्द्र नारायण मंडल की सहजता के साथ विश्वविद्यालय को गतिशील रखेंगे।

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