बिहार सरकार का बड़ा फैसला : 15 जून के बाद सभी क्वॉरेंटाइन सेंटर बंद कर दिए जाएंगे

बिहार की नीतीश सरकार ने फैसला लिया है कि 2 जून के बाद से प्रदेश लौटने वाले प्रवासियों का न तो पंजीकरण किया जाएगा और ना ही उन्हें क्वॉरेंटाइन ही किया जाएगा। इससे पूर्व 5 हज़ार से अधिक सेंटरों पर लगभग 13 लाख  प्रवासियों का पंजीकरण कर उन्हें क्वॉरेंटाइन भी किया जा रहा है। येे सभी क्वॉरेंटाइन सेंटरों को 15 जून के बाद बंद कर दिए जाएंगे…. तब तक सेंटरों में मौजूद सभी प्रवासियों के 14 दिन की क्वॉरेंटाइन अवधि पूरी हो जाएगी।

यह भी जानिए कि सरकार द्वारा रेलवे स्टेशनों पर थर्मल स्क्रीनिंग को भी बंद करने की तैयारी है परंतु प्रत्येक स्टेशन पर प्रवासियों को मेडिकल सुविधा उपलब्ध होगी ताकि लोगों को इलाज में आसानी हो सके।

बता दें कि बिहार लौटने वाले प्रवासियों में  महाराष्ट्र से लौटने वालों में जहां 677 को कोरोना की पुष्टि हुई है वहीं दिल्ली के 628, गुजरात के 405 और हरियाणा के 237 लोग शामिल हैं। इसके अतिरिक्त यूपी और राजस्थान, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना आदि अन्य राज्यों से लौटने वाले प्रवासियों को भी कोरोना की पुष्टि हुई है।

चलते-चलते यह भी जान लें कि बिहार आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रमुख सचिव प्रत्यय अमृत ने यही कहा कि 30 लाख से अधिक प्रवासियों को हमने वापस लाकर सबसे बड़ी कवायद की है। सचिव ने जानकारी दी कि अधिकतम लोग वापस आ गए हैं। अब डोर-टू-डोर स्वास्थ्य निगरानी जारी रहेगी। चिकित्सा सुविधाएं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में समान रूप से उपलब्ध रहेगी। होम क्वॉरेंटाइन सबसे अच्छा क्वॉरेंटाइन है।

 

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