बीएनएमयू के नार्थ कैंपस में नवनिर्मित महावीर वाटिका का कुलपति ने किया उद्घाटन

भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में बने साइंस ब्लॉक के पीछे… बिहार के 2 विश्वविद्यालयों के प्रति कुलपति एवं बीएनएमयू के कुलपति रह चुके शिक्षाविद् डॉ.महावीर प्रसाद यादव के सुपुत्र सह जंतु विज्ञान स्नातकोत्तर विभागाध्यक्ष डॉ.अरुण कुमार द्वारा अपने पिताश्री के नाम लगभग 20 लाख की लागत से “महावीर वाटिका” का निर्माण कार्य पूरा करवाया गया। चंद रोज कबल कुलपति डॉ.एके राय, प्रति कुलपति डॉ.फारुख अली, प्राचार्य डॉ.एमपी यादव के सहयोगी रहे साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, कार्यक्रम संयोजक प्रो.(डॉ.)नरेश कुमार, केटीएमसी के प्राचार्य डॉ.अशोक कुमार यादव, मानविकी संकायाध्यक्ष सह आगत कुलपति डॉ.ज्ञानंजय द्विवेदी एवं अन्य पदाधिकारियों व गणमान्यों द्वारा “महावीर वाटिका” का परिभ्रमण व उद्घाटन किया गया।

VC Dr.A.K.Ray, Pro-VC Dr.Farukh Ali, Shikshavid Dr.Bhupendra Madhepuri and other university officers attending the Mahavir Vatika inauguration programme at North Campus, BNMU.
VC Dr.A.K.Ray, Pro-VC Dr.Farukh Ali, Shikshavid Dr.Bhupendra Madhepuri, Successor VC Dr.Gyananjay Dwivedi, Principal Dr.Ashok Kumar Yadav and other university officers attending the Mahavir Vatika inauguration programme at North Campus, BNMU.

बता दें कि साइंस ब्लॉक के कॉन्फ्रेंस हॉल में महावीर वाटिका की चर्चा के साथ-साथ उद्गार व्यक्त करते हुए सभी संकायाध्यक्षों व विभागाध्यक्षों द्वारा कुलपति एवं प्रति कुलपति के कार्यकाल की सराहना की गई। कुलपति डॉ.एके राय एवं प्रति कुलपति डॉ.फारूख अली ने लगभग 20 लाख की लागत से बनाए महावीर वाटिका के निर्माता डॉ.अरुण कुमार को धन्यवाद दिया तथा अपने कार्यकाल में विश्वविद्यालय को आगे बढ़ाने के प्रयासों की चर्चा के साथ-साथ जाने अनजाने हुई भूल को भूल जाने का अनुरोध भी किया।

इस अवसर पर प्रायः विभागाध्यक्षों के गुरु रह चुके समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.मधेपुरी ने कहा कि कुलपति-प्रतिकुलपति की जोड़ी यूनिडायरेक्शनल रही इसलिए विगत 25 वर्षों में जो किसी ने करने का साहस नहीं किया उसे इन दोनों ने कर दिखाया। डॉ.मधेपुरी ने अपने प्रिय छात्र स्नातकोत्तर जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ.अरुण कुमार एवं रसायन शास्त्र के स्नातकोत्तर विभागाध्यक्ष रह चुके डॉ.नरेश कुमार की सराहना करते हुए कहा कि यह कैंपस आगे से अधिक सुंदर पीछे से ही दिखता है जो इस विश्वविद्यालय को नैक दिलाने में भी सहयोग करेगा। मौके पर डॉ.कैलाश प्रसाद यादव, डॉ.सिद्धेश्वर कश्यप, डीएसडब्ल्यू अशोक कुमार यादव, डॉ.आरकेपी रमन, डॉ,लंबोदर झा, डॉ.एम रहमान, पीआरओ डॉ.सुधांशु शेखर, डॉ.रीता सिंह, डॉ.एमके मनोरंजन, डॉ.कामेश्वर कुमार, डॉ अशोक कुमार, डाॅ.उदय कृष्ण, डॉ.डीएन साह, डॉ.विश्वनाथ विवेका, डॉ.शंकर कुमार मिश्र आदि ने उद्गार व्यक्त किया। डॉ.नरेश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

सम्बंधित खबरें