कोरोना संकट मोचन के रूप में प्रत्यय अमृत (भाप्रसे) तीसरे स्वास्थ्य सचिव बने

भारत में कोरोना के कहर की परेशानियों से परेशान हैं लोग। कोरोना संक्रमण के मामले 15 लाख के पार जा चुके हैं। देश से लेकर प्रदेश में भी कोरोना संक्रमण के मामलों में दिनों-दिन तेजी होती जा रही है।

आज बिहार को एक साथ बाढ़ और कोरोना से संघर्ष करना पड़ रहा है। दोनों के लिए तैयारी करने में जुट गए हैं सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार। सिंचाई एवं आपदा विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों को भी चौबीसों घंटे अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया गया है।

कोरोना के  दिशाहीन विस्फोट से निपटने के लिए नीतीश सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ऊर्जा विभाग को ऊंचाई प्रदान करने वाले प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत को स्वास्थ्य विभाग में प्रधान सचिव की जिम्मेदारी सौंपी है और मौजूदा प्रधान सचिव उदय सिंह कुमावत को योजना पार्षद के परामर्शदातृ समिति में पदस्थापित किया गया है। कोरोना संकट के बीच प्रत्यय अमृत तीसरे सीनियर आईएएस अधिकारी होंगे जिन्हें यह जिम्मेदारी संभालने हेतु विश्वास के साथ लाया गया है।

चलते-चलते यह भी जान लें कि बिहार मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने पत्र लिखकर सुबह के सीएम को कहा था की कुछ प्रशासनिक पदाधिकारियों का व्यवहार कोरोना काल में डॉक्टरों के प्रति उदासीन है जिसके तहत स्वास्थ्य सचिव के साथ अन्य अधिकारियों का भी स्थान परिवर्तन किया गया।

सम्बंधित खबरें


तुलसीदास की लोकप्रियता में कभी कमी नहीं आएगी- डॉ.मधेपुरी

कौशिकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन मधेपुरा के तत्वावधान में कोरोना काल में तुलसी जयंती ऑनलाइन के जरिए सम्मेलन के अध्यक्ष हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ की अध्यक्षता में मनाई गई। वरिष्ठ साहित्यकार व इतिहासकार श्री शलभ ने कहा कि जब तक विश्व में कोरोना वायरस का कहर रहेगा तब तक सम्मेलन के सारे कार्यक्रम वीडियो कांफ्रेंसिंग द्वारा ही संपन्न होंगे। गोस्वामी तुलसीदास को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि गोस्वामी जी सगुण धारा राम भक्ति शाखा के प्रतिनिधि कवि थे। आज विशेष रूप से यही एक ग्रंथ है जो सांप्रदायिकता की सीमाओं को लांघ कर सारे देश में व्यापक रूप से सभी मतों को मान्य है। अध्यक्ष श्री शलभ ने “मन पछतैहें अवसर बीते” एवं “अबलौं नशानी अब न नशैहों” गाकर कार्यक्रम को भक्तिमय बना दिया।

सम्मेलन के संरक्षक कवि-साहित्यकार व पूर्व सांसद डॉ.रमेन्द्र कुमार यादव रवि ने लाइव प्रसारण में उद्गार प्रकट करते हुए कहा कि रामचरितमानस समन्वय का अक्षय भंडार है और गोस्वामी तुलसीदास जी अपने युग के महान लोकनायक रहे हैं।

सम्मेलन के सचिव व समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने कहा कि तुलसीदास की लोकप्रियता में कभी कमी नहीं आएगी। भौतिकी के विद्वान प्रो.(डॉ.) मधेपुरी ने तुलसीदास की प्रासंगिकता को रेखांकित करते हुए मानस द्वारा बखूबी दर्पण को परिभाषित कर भौतिकी को सहजता से समझाया।

जहां साहित्यकार प्रो.मणिभूषण वर्मा ने रामचरितमानस का सस्वर पाठ किया और तुलसी की कृतियों को सर्वोच्च बताया वहीं डॉ.शांति यादव, डॉ.सिद्धेश्वर कश्यप, डॉ.अरविंद श्रीवास्तव, डॉ,अमोल राय, डाॅ.विनय कुमार चौधरी, डॉ.आलोक कुमार, दशरथ प्रसाद सिंह, संतोष सिन्हा, उल्लास मुखर्जी, प्रो.श्यामल किशोर यादव,  प्रो.सचिंद्र महतो, डॉ.विश्वनाथ विवेका, सियाराम यादव मयंक, सहित अन्य साहित्यसेवियों व साहित्यानुरागियों द्वारा कार्यक्रम का इस कोरोना काल में घर बैठे लाइव प्रसारण के माध्यम से आनंद लिया गया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ.अरविंद श्रीवास्तव ने किया।

सम्बंधित खबरें


भारत रत्न डॉ.कलाम सदैव एक महान शिक्षक बने रहेंगे- डॉ.मधेपुरी

संपूर्ण भारतीय भारत रत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम ने विकसित भारत का सपना देखा था। डॉ.कलाम जब पृथ्वी को जीने योग्य बनाने के निमित्त 27 जुलाई 2015 को शिलांग में आईआईएम (इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट) के छात्रों के बीच गंभीरता पूर्वक चर्चा कर रहे थे कि उसी दरमियान उनके हृदय की गति रुक गई और उन्होंने दुनिया को अलविदा कहते हुए अंतिम सांस ली। जब तक वे छात्रों से चर्चा करते रहे वे जवाबों के बजाय सवालों को ज्यादा पसंद करते थे तथा समाधानों के बजाय समस्याओं को ध्यान से सुना करते थे। वे एक ऐसे शिक्षक थे जो जीवन भर विद्यार्थी बने रहे। भले ही डॉ.कलाम हमारे बीच नहीं हैं परंतु उनका आत्मिक शरीर सदा एक महान शिक्षक बने रहेंगे- ये बातें मधेपुरा के कलाम कहे जाने वाले डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी उनकी 6वीं पुण्यतिथि के अवसर पर  युवाओं के बीच अपने वृंदावन निवास पर इस कोरोना काल में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कहीं।  सबों ने पुष्पांजलि की।

मौके पर अध्यक्षता करते हुए डॉ.मधेपुरी ने कहा- “डॉ.कलाम को शिक्षक बने रहना और शिक्षकों को राष्ट्र निर्माता के रूप में सम्मान देते रहना सर्वाधिक भाता था। तभी तो डॉक्टर कलाम एक बच्चे को हैदराबाद के राजभवन में फल देते हुए ‘ए फॉर एप्पल’ और ‘ओ फॉर ऑरेंज’ सिखाते हैं और मेरे जैसे साधारण शिक्षक को मुलाकात हेतु बुलाए जाने पर देखते ही विनम्रता पूर्वक खड़े हो जाते हैं जिसे वे राष्ट्र निर्माता शिक्षक को सम्मान देना बताते हैं।”

आज भी उस क्षण को याद कर डॉ.मधेपुरी रोमांचित हो उठते हैं। डॉ.मधेपुरी बार-बार यही कहते रहे कि कलाम युग-युग तक जीवित रहेंगे और सदैव एक महान शिक्षक बने रहेंगे। इस अवसर पर डॉ. रश्मि भारती, रेनू चौधरी, आदित्य, अक्षत उर्फ छोटे कलाम सहित सुरजन दर्पण के निदेशक व सहयोगी विकास कुमार, सुशील कुमार, रूपा-राखी-रितिका, मनीषा-अंजलि-पुष्पा सबों ने बारी-बारी से पुष्पांजलि की।

 

सम्बंधित खबरें


बिहार को केंद्र से मिला 3 लाख रैपिड एंटीजन टेस्ट किट, अब कोरोना जांच में होगी तेजी

बिहार में कोरोना के कहर को देखकर केंद्र सरकार ने बिहार को तीन लाख और रैपिड एंटीजन टेस्ट किट भेजा है जिससे कोरोना जांच में तेजी आएगी। राज्य सरकार ने 280000 रैपिड एंटीजन टेस्ट किट उपलब्ध करा लिया है। से 20000 रैपिड एंटीजन टेस्ट किट भारत सरकार ने भिजवाया है जिन्हें प्रत्येक जिले में भेजा जा रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी इस जांच किड्स के जरिए जांच शुक्र शुरू कर दी गई है।

बता दें कि कोरोना के कोहराम की समीक्षा कराने के बाद भारत सरकार द्वारा बिहार को पर्याप्त संख्या में वेंटिलेटर की आपूर्ति की गई है। सर्वप्रथम 100 वेंटिलेटर और दूसरे खेप में 264 वेंटीलेटर भेजा है केंद्र सरकार ने। राज्य सरकार ने 30 वेंटिलेटर क्रय किया है तथा 8 अन्य स्रोतों से प्राप्त होने के बाद कुल 402 वेंटिलेटर अब तक प्राप्त हुए हैं। 1दो से तीन सप्ताह में केंद्र सरकार द्वारा 100 वेंटिलेटर और दिया जाएगा, तब स्वास्थ्य विभाग को 500 वेंटीलेटरों के जरिए इलाज में कुछ राहत मिलेगी। यूं पूर्व में भी केंद्र से 4500 “बी” टाइप और 3888 “डी” टाइप ऑक्सीजन गैस सिलेंडर बिहार सरकार को प्राप्त हुआ है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि भारत सरकार के सहयोग एवं बिहार सरकार की संवेदनशीलता से हर स्तर पर लोगों को कोरोना जांच कराना आसान हुआ है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर अब जांच की व्यवस्था होने से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की जांच शीघ्र और आसानी से होने लगी है।

सम्बंधित खबरें


ज्ञान भवन के सभ्यता द्वार से प्रवेश कर बिहार मानसून सत्र के दोनों सदनों को संबोधित करेंगे महामहिम फागू चौहान

बिहार कोरोना काल के वर्ष 2020 का मॉनसून सत्र इतिहास में पहली बार बिहार विधान मंडल परिसर से बाहर नीतीश सरकार के कार्यकाल में निर्मित ज्ञान भवन (गांधी मैदान से  उत्तर) में आयोजित होगा- 3 अगस्त से। इस आशय की अधिसूचना जारी कर दी गई है।

बता दें कि बिहार के महामहिम राज्यपाल फागू चौहान से प्राप्त निर्देश के बाद ही बिहार विधान मंडल के मॉनसून सत्र का आयोजन ज्ञान भवन के प्रथम तल स्थित “अधिवेशन भवन” में आहूत किया गया है। इस अधिवेशन भवन में बिहार विधानसभा एवं बिहार विधान परिषद यानि विधानमंडल के दोनों सदनों की बैठक को संबोधित करेंगे महामहिम राज्यपाल।

चलते-चलते यह भी जान लें कि भारत के कुल 31 राज्यों में मात्र 6 राज्यों बिहार, यूपी, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र और तेलंगाना में ही फिलहाल विधान परिषद है। केंद्र सरकार द्वारा इन तीन राज्यों- राजस्थान, असम और उड़ीसा को स्वयं का विधान परिषद बनाने की स्वीकृति दे दी गई है।

एक दिलचस्प वाकया तो यह भी है कि मुख्यमंत्री वाई एस जगनमोहन रेड्डी की अध्यक्षता वाली आंध्र प्रदेश कैबिनेट की 27 जनवरी को हुई बैठक के बाद आंध्र प्रदेश विधान परिषद को खत्म करने का फैसला भी ले लिया गया है।

सम्बंधित खबरें


भारत में कोरोना के चलते मौत की संख्या ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए

कोरोना वायरस का संक्रमण दिन प्रतिदिन आकाश छूता जा रहा है। विगत 24 घंटे में कोरोना के कुल लगभग 46000 नए पॉजिटिव केस के सामने आए हैं। इसके साथ ही कोरोना से कुल 1129 लोगों की जान भी चली गई है।

बता दें कि अब तक भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किए गए प्रतिदिन के आंकड़े की चर्चा पर ध्यान दें तो 1129 लोगों की मौत की संख्या ने अब तक के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं।

अब तक भारत में कोरोना वायरस का कुल मामला 12 लाख 48 हजार 635 पार कर गया है। देश में फिलहाल कोरोना के 4 लाख  26 हजार  201 एक्टिव मामले हैं। कोरोना की चपेट में आने के बाद अब तक कुल 29861 लोगों ने अपनी जान गवाई है और अब तक  7 लाख 82 हजार से अधिक कोरोना संक्रमित मरीज ठीक हो कर घर वापस लौट चुके हैं। घर में रहिए, हिम्मत बनाए रहिए और इम्युनिटी बढ़ाने के सभी उपाय करते रहिए।

सम्बंधित खबरें


कोरोना के चलते पटना हाई कोर्ट भी बंद रहेगा- 27 जुलाई से 6 अगस्त तक

सूबे बिहार के पटना उच्च न्यायालय में 11 दिनों का अवकाश रहेगा- यानि 27 जुलाई से 6 अगस्त तक बंद रहेगा हाई कोर्ट। पटना हाई कोर्ट द्वारा गर्मी की छुट्टी में यह परिवर्तन राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण के चलते किया गया है जबकि सूबे के अंदर कलक्टर और कमिश्नर भी कोरोना की चपेट में आने लगे हैं।

बता दें कि वर्ष 2020 में हाईकोर्ट द्वारा गर्मी की छुट्टी 24 मई से 21 जून तक निर्धारित किया गया था, परंतु इस छुट्टी को उस समय टाल दिया गया था। अब जबकि कोरोना के चलते सर्जन से लेकर सिविल सर्जन तक प्राण गंवाने लगे हैं, राजनीतिक पार्टियों के नेताओं को भी कोरोना ग्रसने लगा है तथा बैंक कर्मियों से लेकर चिकित्सा कर्मियों को भी कोरोना दबोचने लगा है- तब हाई कोर्ट द्वारा छुट्टी में इस तरह का परिवर्तन किया गया है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि बिहार के कई जिलों में बाढ़ का कहर भी कोहराम मचा रहा है। वर्षापात और वज्रपात के कारण बिहार पर लगातार बाढ़ का संकट कायम है। सरकार ने बारिश और वज्रपात को लेकर ग्रीन अलर्ट भी जारी किया है। और तो और….. देश ने तो कोरोना के चलते ट्रेन से लेकर प्लेन तक और विद्यालय से लेकर महाविद्यालय तक को बंद कर दिया है। इमरजेंसी सेवाओं के अतिरिक्त सब कुछ बंद है।

सम्बंधित खबरें


बिहार में कोरोना के कहर ने पकड़ी रफ्तार, संक्रमितों की संख्या हुई 30 हजार के पार

बिहार में हर दिन कोरोना संक्रमण की रफ्तार तेजी से बढ़ती जा रही है। सूबे में 732 नए मामले के साथ संक्रमितों की संख्या हो गई 30 हजार के पार। विगत 24 घंटे में 10+1 यानि कुल 11 कोरोना पॉजिटिवों की मौत हो गई है जिसमें एक समस्तीपुर के सबसे काबिल एवं लोकप्रिय सर्जन सह जिले के मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ.आरआर झा को कोरोना आख़िर अपना शिकार बना ही लिया।

बता दें कि डॉ.झा एक सप्ताह से कोरोना संक्रमित होकर पटना एम्स में इलाजरत थे जबकि 2 महीने पूर्व ही वे समस्तीपुर जिले के सिविल सर्जन का पदभार संभाला था। टेस्ट रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव मिलते ही डॉ.झा को गत 13 जुलाई को ही पटना एम्स में ले जाया गया। इलाज के दरमियान उन्हें 18 एवं 19 जुलाई को दो बार प्लाज्मा का समुचित डोज भी चढ़ाया गया। सुधार होने की खबर तो मिली परंतु, हजारों लोगों की जान बचाने वाले डॉ.आरआर झा के लिए न तो शुभचिंतकों की दुआ काम आई और ना ही एम्स में दवा का ही कोई असर हो सका। सुबह-सवेरे डॉ.झा इस विश्वव्यापी महामारी कोरोना से जंग हारकर दुनिया को अलविदा कह दिया। डॉ.झा की यह खबर सुनकर जिलेवासी के साथ-साथ संपूर्ण बिहारवासी हतप्रभ ही नहीं बल्कि दहशत में आ गए हैं।

सम्बंधित खबरें


छिद्र युक्त श्वसन तंत्र N-95 मास्क इस्तेमाल करने वालों को केंद्र सरकार की कड़ी चेतावनी

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक श्री राजीव गर्ग ने सभी राज्यों एवं केंद्र शासित राज्यों के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मामलों के प्रधान सचिवों को पत्र लिखकर यह निर्देश जारी किया है कि जो लोग छिद्र युक्त श्वसन तंत्र लगे N-95 मास्क का इस्तेमाल कर रहे हैं उनके खिलाफ चेतावनी जारी करते हुए  कहा कि इससे कोरोना वायरस का प्रसार नहीं रुकता है बल्कि यह कोविड-19 महामारी को रोकने हेतु उठाए गए कदमों के “विपरीत” है, क्योंकि यह वायरस को मास्क के बाहर आने एवं अंदर जाने से नहीं रोकता।

बता दें कि इस पत्र के जरिए सभी संबंधित लोगों को निर्देशित किया गया कि वे फेस माउथ कवर के इस्तेमाल का पालन करें और एन-95 मास्क के अनुचित इस्तेमाल को बिल्कुल रोकें।

चलते-चलते यह भी बता दें कि आम लोगों के मन में यही धारणा बनी हुई है कि साधारण कपड़े से चेहरे को कवर करने से अधिक अच्छा होता है N-95 का उपयोग करना, परंतु केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा यह चेतावनी के साथ बता दिया गया है कि छिद्र युक्त N-95 मास्क कोरोना वायरस को रोकने में नाकामयाब हो रहा है। अतः इसे कोई व्यक्ति इस्तेमाल नहीं करें।

सम्बंधित खबरें


बिहार में 10 दिनों में दोगुने हुए कोरोना के मामले, समीक्षा के लिए केंद्रीय टीम आज पहुंचेगी पटना

बिहार में कोरोना का दिशाहीन विस्फोट शुरू हो गया है तभी तो 10 दिनों में ही कोरोना संक्रमितों की संख्या दोगुनी हो गई है और यहां कोरोना की स्थिति प्रतिदिन बदतर होती जा रही है। यहां किसी जिले में सिविल सर्जन तो किसी जिले में जिला अधिकारी भी कोरोना पॉजिटिव होते जा रहे हैं। प्रतिदिन कोरोना संक्रमितों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हो रही है।

बता दें कि 1 दिन कबल कोविड-19 के डेढ़ हजार से अधिक नए मामले आने के साथ संक्रमितों की संख्या  25 हजार के करीब पहुंच गई। जुलाई के 18 तारीख तक में ही संक्रमितों की संख्या में 2.5% की वृद्धि हो गई। मौत भी सेंचुरी लगाने जा रही है।

यह भी जानिए कि बिहार में मरीजों के ठीक होने की दर में भी अप्रत्याशित गिरावट आई है। 1 जुलाई को ठीक होने की दर 77.5% से घटकर आज की तारीख में 63.1% हो गई है।

इन सारे तथ्यों की जानकारियां प्राप्त होते ही केंद्र सरकार ने एक 3 सदस्यीय टीम द्वारा समीक्षा कराने की स्वीकृति दे दी है, जो आज किसी वक्त पटना पहुंचने ही वाली है। समीक्षा उपरांत टीम की अनुशंसा अनुसार केंद्र सरकार द्वारा बिहार सरकार को कोविड केयर कोच की संख्या में वृद्धि की जाएगी और रैपिड एंटीजन टेस्ट हेतु केंद्रों की संख्या तीन गुनी-चार गुनी बढ़ाने हेतु विशेष सहयोग मुहैया कराया जाएगा।

चलते-चलते यह भी कि दोनों सरकारें अपने दायित्वों का निर्वहन करने में सतत प्रयत्नशील है ही, हम जनगण को भी घर में रहकर या बाहर निकलने पर मास्क लगाकर या अन्य सारे चिकित्सीय एवं प्रशासनिक निर्देशों का अक्षरशः पालन करने का भरसक प्रयत्न करते रहना चाहिए।

 

सम्बंधित खबरें