अब बाबा विशु के समाधि स्थल पर लगने लगा है चार दिवसीय राजकीय मेला

मधेपुरा जिले के चौसा प्रखंड मुख्यालय से 8 किलोमीटर दक्षिण लौआलगान पूर्वी पंचायत के पचरासी में लोकदेव बाबा विशु राउत का समाधि स्थल है जहां 425 वर्षों से 14-17 अप्रैल यानी चार दिवसीय मेला लगता है। जानिए कि पचरासी बहियार स्थित पशुपालकों के लोकदेव बाबा विशु की समाधि स्थल पर अब नीतीश सरकार ने कई वर्षों से 4 दिवसीय मेला को राजकीय मेला घोषित कर दिया है।

बता दें कि अब इस मेले में बिहार के कोने-कोने से आये श्रद्धालुओं के अलावा झारखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, नेपाल, भूटान आदि से भी भारी संख्या में लोग आने लगे हैं। इस मेले में प्रत्येक दिन कम से कम एक लाख पशुपालक कच्चे दूध का दुग्धाभिषेक करते हैं।

यह भी बता दें कि सर्वोच्च मेला समिति, चरवाहा कल्याण संघ और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मधेपुरा अबतक को बताया कि रविवार को अहले सुबह 2:00 बजे से ही समाधि स्थल का कपाट खोलकर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ समाधि की पूजा की गई तत्पश्चात कपाट खुलते ही हजारों भक्तों की लंबी कतार दुग्धाभिषेक करने के लिए आगे खिसकने लगी।

सर्वोच्च मेला समिति के सदस्यों के अनुसार मेला को राजकीय मेला घोषित किये जाने के बाद यहाँ की व्यवस्था दिन प्रतिदिन सुदृढ़ होती जा रही है। दूध को सुरक्षित रखकर खीर बनाकर प्रसाद वितरण की व्यवस्था की जाएगी। फिलहाल चढ़ाए गये दूध को प्रसाद के रूप में आस-पास के 25-30 गांवों के बड़े और बच्चे ले जाते हैं। फिर भी 20% दूध को बहने से कोई रोक नहीं पाता है। समाधि स्थल पर गिरती दूध की अविरल धारा से बाल्टी व टिन में दूध भर कर ले जाने वालों कि जहां दिनभर भीड़ लगी रहती है वहीं श्रद्धालुओं द्वारा दुग्धाभिषेक के साथ-साथ बताशा और गांजा भी चढ़ावे में जाते हैं। पहले दिन लगभग सवा लाख श्रधालुओं द्वारा ढाई लाख लीटर दूध से अभिषेक किया गया माना जाता है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि इस बार लोकसभा चुनाव को लेकर जारी किये गये आचार संहिता के चलते बड़े नेताओं व जनप्रतिनिधियों का आगमन नहीं हुआ। पुलिस-प्रशासन एवं स्थानीय वॉलिंटियर्स भीड़ एवं व्यवस्था को संभालने में जुटे हैं।

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