मधेपुरा जिले के 9579 पंजीकृत दिव्यांग मतदाता वोट डालेंगे

मधेपुरा जिले के 6700 पुरुष एवं 2879 महिला यानी कुल मिलाकर 9579 दिव्यांगों की पहचान कर सूचीबद्ध किया जा चुका है। इस बाबत सभी मतदान केंद्रों पर रैंप की व्यवस्था की गई है। साथ ही व्हील चेयर के अतिरिक्त पेयजल, बिजली व शौचालय की भी व्यवस्था है।

यह भी बता दें कि नि:शक्त जनों को सहज मतदान कराने में सहयोग के लिए वालंटियर की भी प्रतिनियुक्ति की गई है। और हाँ ! 18 वर्ष से कम उम्र वाले इन वॉलिंटियर्स को प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी।

यह भी जान लें कि प्रत्येक प्रखंड में नि:शक्त मतदाताओं यानी दिव्यांगों के लिए वाहन की भी व्यवस्था की गई है जिसे मांग के अनुसार उपलब्ध कराया जाएगा। लोकसभा चुनाव 2019 में दिव्यांग जनों द्वारा सहज रूप से भागीदारी किया जा सके……. इस बाबत चुनाव आयोग के निर्देशानुसार तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चुका है।

मधेपुरा समाहरणालय के सभागार में मंगलवार को राज्य नि:शक्तता आयुक्त डॉ.शिवाजी कुमार ने निर्वाचन आयोग द्वारा दिव्यांगों को मिलने वाली सुविधाओं की तैयारी की गहन समीक्षा की। समीक्षा के दरमियान आयुक्त डॉ.कुमार ने मधेपुरा अबतक को बताया कि पहली बार ईवीएम में ब्रेल लिपि की व्यवस्था की गई है ताकि जो आँख से नहीं देख सकते हैं वैसे नेत्रहीन दिव्यांग भी वोट डाल सके। ऐसे दिव्यांग की पहचान करें जिन्हें आइकॉन बनाया जा सके।

यह भी जान ले कि वोटिंग के दौरान ग्रीन चैनल के माध्यम से उन्हें बिना पंक्ति में लगाये….. सीधा मतदान करने की विशेष सुविधा प्रदान की गई है। यह भी तय किया गया है कि पहली बार वोट डालने वाले सभी दिव्यांगों को सम्मान-पत्र प्रदान किया जाएगा।

और हाँ ! मानसिक और बौद्धिक रूप से दिव्यांगों को उनके माता-पिता या कानूनी अभिभावक के सहयोग से मतदान की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। बैठक में डीडीसी, पीजीआरओ, सिविल सर्जन, डीईओ, डीसीएलआर, डीपीआरओ रजनीश कुमार, उप-निर्वाचन पदाधिकारी पवन कुमार, डीपीओ गिरीश कुमार आदि उपस्थित थे।

चलते चलते यह भी बता दें कि वैसे दिव्यांग मतदाता जो मतदान केंद्र पर आने में असमर्थ हैं उन्हें पोस्टल बैलेट उपलब्ध कराया जाएगा, साथ ही हेल्पलाइन नंबर- 1950 के जरिये दिव्यांग मतदाता मतदान से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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