बाहरी दशानन नहीं, अन्दर के रावण का दहन है जरूरी

प्रत्येक दशहरे में लोग शक्तिशालिनी माता दुर्गा से शक्ति लेकर 10 तरह के अवगुणों से मुक्ति पाने की मन्नतें मांगता है और उस पर विजय पाने की कोशिश करते हुए ‘विजयादशमी’ के रूप में सर्वाधिक उत्साहपूर्वक इस पर्व को मनाता है | तभी तो दशहरे के पर्व को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है |

बता दें कि इस बार दशहरे की तिथि 30 सितंबर (शनिवार) को चौबीसो घंटे रहेगी- यानि 29 सितंबर के 12 बजे रात्रि से कुछ मिनट पूर्व से 30 सितंबर के 12:00 बजे रात से 1 घंटे बाद तक रहेगी | रात्रि में रावण-दहन किया जायगा | हालांकि रावण के दशो मुखड़े तो बाहर ही रहते हैं…… अब तो अच्छे लोग अपने अंदर के 10 से अधिक मुखौटों को जलाने में लग गये हैं |

पर्व-त्योहार चाहे किसी भी समुदाय का हो- वह तो आस्था का पर्व होता है, आत्मविश्वास का त्योहार होता है | जिन भक्तों व मुरीदों के अंदर जितनी गहरी आस्था होगी और आत्मविश्वास होगा उनकी मन्नतें उसी अनुरूप पूरी होती रहेंगी | जिस गांव या पंचायत के दोनों समुदाय (हिन्दू-मुस्लिम) के बीच जितनी एकता होगी उस गाँव, प्रखंड या पंचायत में उतनी ही समृद्धि, सद्भाव व शांति विराजमान रहेगी | बच्चे संस्कारवान होंगे | उक्त बातें शहर के प्रसिद्ध समाजसेवी शिक्षाविद डॉ.मधेपुरी ने कही |

यह भी जानिए कि यहाँ दुर्गा-पूजा मुहर्रम को लेकर शांति व सौहार्द जिस तरह कायम रहता रहा है कि आम लोग मधेपुरा जिले के अन्य प्रखंडों के साथ-साथ खासकर गम्हरिया और कुमारखंड प्रखंड के रहटा पंचायत के हिन्दू-मुसलमान एकता का मिसाल पेश करने से बाज नहीं आते | दोनों समुदाय की समितियों में दोनों समुदाय के लोगों का मेंबर होना तथा एक ही मैदान में दुर्गा पूजा का मेला और मुहर्रम का मेला शांतिपूर्वक संपन्न होना मधेपुरा जिले के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल एवं उनकी टीम सहित एसपी विकास कुमार की सक्रियता, सदाशयता व सज्जनता को दर्शाता है |

जिले में इसी तरह शांति व सद्भाव बनाये रखने हेतु सभी सोशल एक्टिविस्ट, जनप्रतिनिधि, व्यापारी, पदाधिकारी एवं उच्चाधिकारी को मधेपुरा अबतक की ओर से कोटि-कोटि साधुवाद !!

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बिहार वासियों के लिए एक सुखद अनुभूति है ‘न्यूटन’…….!!

क्या आप जानते हैं कि फिल्म ‘न्यूटन’ के ‘आस्कर अवार्ड’ हेतु नामित होने से सम्पूर्ण बिहार क्यों आह्लादित है ? क्योंकि, बिहार का लाल जिसने किया है कमाल- वह इसी फिल्म का अभिनेता पंकज त्रिपाठी है और वह पंकज है पटना रंगमंच की उपज ! वह पंकज बिहार के गोपालगंज जिले का मूल निवासी भी है |

बता दें कि नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा (एन एस डी) की डिग्री लेने के बाद पिछले एक दशक से मुम्बई की फ़िल्मी दुनिया के सुनहले रंगमंच पर अपनी दक्षता एवं अभिनय की बारीकियों से पंकज ने एक बड़ी लकीर खींची है…….. तथा दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के चुनावी पृष्ठभूमि पर हिन्दी में निर्मित राजनीतिक व्यंग फिल्म ‘न्यूटन’ में मुख्य भूमिका निभाते हुए राजकुमार राव, अंजली पाटिल एवं रघुवीर यादव आदि की महती भूमिका को भी समुचित स्थान दिया है |

यह भी जानिए कि ‘न्यूटन’ आस्कर अवार्ड की ऑफिसियल एंट्री के लिए चुनी गई 50वी. भारतीय और 30वीं हिन्दी फिल्म है | परन्तु, अब तक तीन फ़िल्में ही विदेशी भाषा केटगरी में नामांकन तक पहुँच सकी हैं- वे तीनों है, 1957 में आई फिल्म ‘मदरइंडिया’, 1988 की फिल्म ‘सलामबॉम्बे’ और 2001 की प्रसिद्ध फिल्म ‘लगान’ |

फिल्म ‘न्यूटन’ में मुख्य भूमिका निभानेवाले अभिनेता पंकज त्रिपाठी तीन-चार फिल्मों की अलग-अलग भूमिकाओं में अपनी बड़ी पहचान बना ली है | इतने कम वर्षों की अभिनय यात्रा में वैश्विक मंच मिल जाना ‘पंकज’ के लिए ही नहीं बल्कि बिहार वासियों के लिए भी एक सुखद अनुभूति है |

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कोसी की बेटी को पीएम मोदी करेंगे सम्मानित

धन्य हो गयी आज कोसी अंचल के सौरबाज़ार प्रखंड वाले गम्हरिया गाँव के दयानंद की बेटी ‘चन्द्रकान्ता’ की ममतामयी माँ की गोद और सम्पूर्ण घर-आँगन…… जब दयानन्द यादव के द्वार पर सहरसा जिला शिक्षा विभाग के डीपीओ, डीइओ व अन्य पदाधिकारियों ने एक साथ दस्तक दी और उत्साहित ग्रामीणों की उपस्थिति में यही कहा-

विगत 5 सितम्बर को “स्वच्छ संकल्प से स्वच्छ सिद्धि तक” विषय पर आयोजित राष्ट्रीय निबन्ध प्रतियोगिता में मनोहर उच्च विद्यालय बैजनाथपुर की नवमी की छात्रा चन्द्रकान्ता नैना ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है | शिक्षा विभाग द्वारा 28 सितम्बर को चन्द्रकान्ता को पटना भेजा जाएगा और वहाँ से दिल्ली…….. जहाँ 2 अक्टूबर (गाँधी जयन्ती) के दिन दिल्ली के विज्ञान भवन में भारत के प्रधानमंत्री के हाथों उन्हें सम्मानित किया जाएगा |

यह भी जानिये कि स्वच्छता पर हुई निबन्ध प्रतियोगिता में, सीनियर और जूनियर दोनों ग्रुपों में, बिहार के बच्चे ही देशभर में अव्वल स्थान प्राप्त किये हैं | एक ओर जहाँ सीनियर ग्रुप में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीये नम्बर पर रहे बिहार, पुडुचेरी और हिमाचल प्रदेश वहीँ दूसरी ओर जूनियर ग्रुप में बिहार के भोजपुर जिले के विकास कुमार प्रथम आये तथा गोवा और हिमाचल प्रदेश को द्वितीय एवं तृतीय स्थान मिला |

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नीतीश ने क्यों की अपनी मृत्यु की बात ?

आज जबकि पार्टियां प्राईवेट लिमिटेड कंपनी की तरह चलाई जा रही हैं, ऐसे में किसी राजनीतिक पार्टी के शीर्ष नेता के परिवार से किसी का राजनीति में न रहना और उस नेता का अपने न रहने की स्थिति में पार्टी के अस्तित्व की चिन्ता करना सचमुच बड़ी बात है। ये चिन्ता बताती है कि वह नेता पद, पावर और परिवार के लिए नहीं, उन विचारों और मुद्दों के लिए परेशान है, जिसे अपनी पार्टी के माध्यम से वो मुकाम तक पहुंचाना चाहता है। यहां बात की जा रही है, बिहार के लोकप्रिय मुख्यमंत्री और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार की, जिन्होंने रविवार को हुई राज्य कार्यकारिणी की बैठक में यह कहकर सबको चौंका दिया कि “अगर कल को मेरी मृत्यु हो जाती है, तो पार्टी का क्या होगा?”

बैठक में मौजूद वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि अपने अब तक के राजनीतिक जीवन में नीतीश कुमार ने हजारों सभाएं और बैठकें की हैं, लेकिन यह पहला मौका है जब उन्होंने इस तरह की बात कही हो। जब इस बारे में नीतीश से पूछा गया कि उन्होंने ऐसा क्यों कहा तो उन्होंने जवाब दिया कि कौन जानता है कल क्या होगा? हालांकि आगे उन्होंने जोड़ा कि अरे ऐसे ही मुंह से निकल गया, कुछ खास नहीं।

यहां गौर करने की जरूरत है कि नीतीश कुमार हमेशा अपनी बातों को बड़े ही व्यावहारिक और तार्किक तरीके से रखने के लिए जाने जाते हैं। अब अगर उन्होंने अगर ऐसी चिन्ता जाहिर की है तो यह भी अकारण नहीं है। शायद वे ऐसा कहकर नेताओं और कार्यकर्ताओं को याद दिलाने चाहते हैं कि उन्होंने पार्टी के लिए कितनी मेहनत की है ताकि उसी अनुपात में पार्टी के बाकी लोग भी अपनी भूमिका निभाएं। अगर वो पार्टी के लोगों को जेडीयू की बुनियादी विचारधारा की याद दिलाने चाहते हैं, देश और समाज के लिए उनकी प्रतिबद्धता को एक नई धार देने चाहते हैं, अपने विचार का फैलाव अपने बाद भी चाहते हैं तो यह एक सच्चे और अच्छे नेता की निशानी है।

बहरहाल, राज्य कार्यकारिणी की बैठक में नीतीश ने कहा कि जब तक मैं जिन्दा हूं तब तक बिहार से शराबबंदी का निर्णय वापस नहीं लिया जा सकता। अगर किसी को मेरे निर्णय से समस्या है तो वह मुझे मार सकता है लेकिन मैं इस नियम को किसी सूरत में नहीं हटाऊंगा। यहां बता दें कि शराबबंदी के बाद नीतीश कुमार सामाजिक मुद्दों को लेकर बिहार में दो और बड़े दांव खेलने वाले हैं। 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के मौके पर वे दहेज प्रथा और बाल विवाह को पूरी तरह बंद करने के लिए बड़े अभियान का श्रीगणेश करेंगे।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

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डॉ.मधेपुरी ने स्काउट एण्ड गाइड के साथ मधेपुरा में स्वच्छ्ता अभियान का किया आगाज़ !

भारत स्वच्छ्ता मिशन कार्यक्रम के तहत भारत स्काउट एण्ड गाइड के मधेपुरा जिला प्रशिक्षण आयुक्त जय कृष्ण यादव ने विभिन्न विद्यालयों के लगभग सौ स्काउट छात्रों की कई टोलियाँ एक-एक नायक के साथ गठित की | दुर्गा पूजा एवं मुहर्रम के अवसर पर शहर के सभी चौक-चौराहों एवं सार्वजनिक स्थलों की सम्पूर्ण सफाई हेतु प्रशिक्षण आयुक्त जय कृष्ण यादव, सहयोगी स्काउट मास्टर रहमत अली एवं स्काउट की कई टोलियों की उपस्थिति में समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी द्वारा शहर के बीच 117 वर्षों से निरन्तर होती चली आ रही बंगला स्कूल दुर्गा पूजा की समिति के अध्यक्ष प्रमोद अग्रवाल व सचिव त्रिदीप गांगुली उर्फ़ बुब्बुन की उपस्थिति में भारत स्वच्छता अभियान का आगाज़ किया गया और अपने संक्षिप्त सम्बोधन में डॉ.मधेपुरी ने उपस्थित जनों से यही कहा-

“पाण्डवों द्वारा आयोजित राजसूय यज्ञ की सफलता हेतु राजों-महाराजों के आतिथ्य-सत्कार का कार्य नहीं लेकर भगवान श्री कृष्ण ने अपने हिस्से में जूठी पत्तल उठाने तथा झाड़ू लगाकर चतुर्दिक स्वच्छता कायम करने का काम लिया था…………..!”

इस अवसर पर डॉ.मधेपुरी ने सभी टोलियों से कहा कि स्टेशन दुर्गा स्थान, बड़ी दुर्गा सहित कर्पूरी चौक, पूर्णिया गोला चौक (डॉ.लोहिया चौक), शहीद चुलहाय चौक, सुभाष चौक, शिवनंदन चौक, अस्पताल सहित मस्जिद चौक, भूपेन्द्र चौक, बी.पी.मंडल चौक, गाँधी पार्क, विश्वविद्यालय परिसर, श्रीकृष्ण मंदिर आदि स्थलों की सफाई मन से करना और अन्तर्मन में इस संकल्प को बार-बार दुहराते रहना व गुनगुनाते रहना-

“माँ कसम ! भारत को ना तो गन्दा करेंगे और ना किसी को गन्दा करने देंगे…….!!”

Hon'ble V.C. Dr.A.K. Roy, Educationist Dr.Bhupendra Madhepuri, S&G Ayukta Jaikrishna Yadav and others engaged in Swachhta Abhiyan at B.N. Mandal University Campus, Madhepura.
Hon’ble V.C. Dr.A.K. Roy, Educationist Dr.Bhupendra Madhepuri, S&G Ayukta Jaikrishna Yadav and others engaged in Swachhta Abhiyan at B.N. Mandal University Campus, Madhepura.

आगे चलते-चलते भू.ना. मंडल वि.वि. परिसर में स्काउट एण्ड गाइड को संबोधित करते हुए जहाँ वि.वि. की गन्दगी को साफ़ करने में लगे कुलपति डॉ.अवध किशोर राय ने स्वच्छता को देवत्व की संज्ञा देते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने शरीर, मन व आत्मा तीनों की स्वच्छता के साथ-साथ अपने घर-आँगन और आस-पास को भी स्वच्छ बनाने पर ध्यान देना चाहिए, वहीँ समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा कि भारत स्वच्छता अभियान की सफलता में समाज के अन्य सभी वर्गों के साथ-साथ शिक्षकों एवं छात्रों की सक्रिय भागीदारी तो चाहिए ही चाहिए |

इस अवसर पर अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ.अनिल कान्त मिश्र, कुलानुशासक डॉ.अरविन्द कुमार, पीआरओ डॉ.सुधांशु शेखर, प्रशिक्षण आयुक्त जय कृष्ण यादव, स्काउट मास्टर मो.रहमत अली सहित स्काउट छात्र अमित, कुणाल…..आदि की पूरी टीम व शिक्षक सचिव परमेश्वरी प्रसाद यादव, निजी सहायक शम्भु नारायण यादव आदि उपस्थित थे |

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प्रधानमंत्री मोदी ने शुरू की ‘सौभाग्य योजना’

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को ‘सौभाग्य योजना’ का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत सरकार का लक्ष्य 31 मार्च 2019 तक बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, ओडिसा, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर के राज्यों में हर घर में बिजली पहुंचाना है। 16320 करोड़ की इस महत्वाकांक्षी योजना का स्लोगन है – “रोशन होगा हर घर, गांव हो या शहर”।

गौरतलब है कि इस योजना के तहत जिनका नाम सामाजिक-आर्थिक जनगणना में है, ऐसे लोगों को मुफ्त में बिजली कनेक्शन दिया जाएगा। जिनका नाम सामाजिक-आर्थिक जनगणना में शामिल नहीं है, उन्हें 500 रु. में बिजली कनेक्शन दिया जाएगा। ये 500 रु. 10 किश्तों में जमा कराए जा सकेंगे। इस योजना के तहत बिजली कनेक्शन के साथ ही एक सोलर पैक भी दिया जाएगा। इस सोलर पैक में पांच एलईडी बल्ब, एक बैट्री पावर बैंक, एक डीसी पावर प्लग और एक डीसी पंखा दिया जाएगा।

कहने की जरूरत नहीं कि इस योजना के बाद मिट्टी के तेल का विकल्प बिजली होगी। शैक्षणिक, स्वास्थ्य और संचार सेवा में सुधार होगा। जनता की सुरक्षा में भी इस योजना से सुधार होने की उम्मीद है। यही नहीं, इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और जीवन-स्तर में भी सुधार होगा। खासकर महिलाओं को रोज के कामों में बड़ी सहूलियत मिलेगी।

चलते-चलते बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने नई दिल्ली में ‘सौभाग्य योजना’ का ऐलान करने के साथ ही दीनदयाल ऊर्जा भवन का उद्घाटन भी किया। इस अवसर पर केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान एवं ऊर्जा मंत्री आरके सिंह भी मौजूद थे।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

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बिहार की औद्योगिक राजधानी बनने की ओर अग्रसर मधेपुरा

राज्य की कमान नीतीश कुमार जैसे सक्षम हाथों में, केन्द्र की मोदी सरकार का भी भरपूर सहयोग और जिला में सभी विकास कार्यों के क्रियान्वयन के लिए मो. सोहैल जैसे सक्षम व तत्पर जिला पदाधिकारी, भला क्यों न हो मधेपुरा का विकास और क्यों न कल को बने मधेपुरा राज्य की औद्योगिक राजधानी। जी हां, मधेपुरा में रेल इंजन कारखाने के सफलतापूर्वक आकार ले लेने के बाद देश और दुनिया के कई बिजनेस टाइकून की निगाह मधेपुरा पर है।

अभी हाल ही में इन पंक्तियों के लेखक को मधेपुरा रेल इंजन कारखाने के एक वरिष्ठ फ्रांसीसी अधिकारी के साथ पटना से मधेपुरा की यात्रा करने का मौका मिला और बहुत करीब से देखने को मिली उस अधिकारी की आंखों में मधेपुरा से जुड़ी उम्मीद और यहां से उपजे विश्वास की चमक। कहना गलत न होगा कि वो दिन दूर नहीं जब मधेपुरा भारत और विश्व के मानचित्र पर अपना अलग वजूद रखेगा।

मधेपुरा को लेकर यह विश्वास अकारण या अतिउत्साहवश नहीं है। अब कल की ही खबर लीजिए। जापान की कंपनी ‘तायकिसा इंजीनियरिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम लगभग 100 करोड़ के पूंजी निवेश का प्रस्ताव लेकर मधेपुरा पहुंची। मधेपुरा के विद्युत रेल इंजन कारखाने से बनकर निकलने वाले इंजन के लिए यह कंपनी पार्ट-पुर्जा बनाएगी। शनिवार को कंपनी के प्रबंध निदेशक युताका ओनोजोवा, वाइस प्रेसिडेंट एचएन मकवाना और जनरल मैनेजर सचिन क्षीरसागर मधेपुरा के डीएम मो. सोहैल से मिले और पूंजी निवेश के संबंध में प्रस्ताव रखा। बता दें कि यह कंपनी मधेपुरा में 13 तरह के पार्ट्स बनाएगी।

जापानी कंपनी तायकिसा के अधिकारियों ने मधेपुरा में पूंजी निवेश करने का प्रस्ताव देने के साथ-साथ मधेपुरा लोकोमोटिव विद्युत इंजन कारखाना परिसर और आसपास के क्षेत्र का दौरा किया। अभी इस बात का निर्णय होना है कि यह फैक्ट्री कारखाना परिसर के अदर लगेगी या बाहर लगाई जाएगी। हालांकि डीएम सोहैल ने तायकिसा के अधिकारियों का आश्वस्त किया कि कारखाना परिसर के बाहर भी अगर फैक्ट्री के लिए जमीन की आवश्यकता होगी तो उपलब्ध कराई जाएगी। यही नहीं, इसके अतिरिक्त अन्य सुविधाओं का ध्यान रखने में भी कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।

कहने की जरूरत नहीं कि मधेपुरा अपने विकास का नया अध्याय लिख रहा है। इस बात की प्रबल संभावना है कि मधेपुरा में शीघ्र देश-विदेश की कई और कंपनियां निवेश का प्रस्ताव लेकर आएंगी। बस मधेपुरा यूं ही प्रगति का परचम फहराता रहे, बिहार और देश के विकास में अपनी भूमिका निभाता रहे!

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

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वित्तरहित व अन्य सभी कोटि के शिक्षकों के लिए बड़ी खबर

भारत में अगस्त को क्रान्ति का महीना कहा जाता है और सितंबर को शिक्षा में क्रान्ति का | तभी तो 5 सितंबर को बिहार के 8 शिक्षकों को राष्ट्रपति भवन में महामहिम द्वारा एवं 14 शिक्षकों को पटना में मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया…….. और 6 सितंबर को शिक्षा मंत्री की टीम के समक्ष कोसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी डॉ.संजीव कुमार सिंह ने सहयोगी द्वय के साथ वित्तरहित शिक्षकों के साथ-साथ नियोजित/नियमित, अल्पसंख्यक, मदरसा, संस्कृत व अन्य शिक्षकों के अनेक विसंगतियों को दूर करते हुए सातवें वेतनमान को लागू कराने की प्रक्रिया शुरू कराने पर बल दिया………|

……और 21 सितंबर को एमएलसी द्वय डॉ.संजीव कुमार सिंह एवं डॉ.डी.के. चौधरी ने बिहार के उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री श्री सुशील कुमार मोदी  से मिलकर वित्तरहित शिक्षकों से लेकर अन्य सभी कोटि के शिक्षकों के दशहरा, दीपावली, छठ एवं मुहर्रम जैसे महत्वपूर्ण पर्व को दृष्टिपथ में रखते हुए उन्हें एक आवेदन हस्तगत कराया जिसमें स्पष्ट रुप से यही अंकित किया गया है-

………स्वागत करता हूँ कि अपने राज्यकर्मियों को आपने दशहरा पर्व के मद्देनजर माह सितंबर के तीसरे सप्ताह के अंत तक ही वेतन भुगतान का निर्णय लिया है | बड़ी कृपा होती यदि राज्य के सभी कोटि के विद्यालय के नियोजित/नियमित शिक्षकों व कर्मियों तथा महाविद्यालय/विद्यालय/विश्वविद्यालय शिक्षकों व कर्मियों को भी उक्त लाभ दिये जाने हेतु आपके स्तर से वैसा ही सकारात्मक निर्णय लिया जाता……. साथ ही राज्य के सभी कोटि के अनुदानित संस्थानों यथा माध्यमिक/उच्च माध्यमिक (इंटर) | वित्तरहित शिक्षकों की डिग्री ईकाइयों के लम्बित अनुदान की विमुक्ति का प्रस्ताव भी कैबिनेट में लाकर अबिलम्ब पारित किया जाता तो इन शिक्षाकर्मियों के छोटे-छोटे बच्चों व बीबी-बेटियों के चेहरे पर भी पर्वोत्सव की मुस्कान तथा घर-आंगन में खुशहाली नजर आने लगती………!

वर्तमान समय में समाज से लेकर सरकार तक में संवेदनशीलता की सर्वाधिक कमी नजर आने लगी है…… इसे दूर कर “सबका साथ सबका विकास” को सशक्त बनाने की महती योजना बनाई जाय……!!

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मधेपुरा रेल कारखाना में केवल 10 दिन बाद से ही बनने लगेगा रेल इंजन

मधेपुरा के विद्युत रेल इंजन कारखाने के उप मुख्य अभियन्ता के.के.भार्गव ने मधेपुरा अबतक को बताया कि अक्टूबर से यहाँ इंजन बनाने का काम शुरू कर दिया जायगा | उन्होंने कहा कि पहले 5 विद्युत रेल इंजन तैयार करने के लिए फ्रांस से पुर्जे आ रहे हैं जो अक्टूबर के प्रथम सप्ताह के अन्दर ही सभी पहुंच जायेंगे | पहला रेल इंजन के लिए फ्रांस से पुर्जे भारत आ चुके हैं |

चर्चा के क्रम में उप मुख्य अभियन्ता श्री भार्गव ने कहा कि फरवरी तक पहला विद्युत रेल इंजन तैयार कर भारतीय रेल को सौंप दिया जायेगा | उन्होंने यह भी कहा कि पहला इंजन तैयार कर रेलवे को सौपने के बाद मधेपुरा रेल इंजन फैक्ट्री का विधिवत शुभारम्भ किया जायेगा | साथ ही यह भी जानकारी दी कि कारखाने के विधिवत उद्घाटन के लिए रेलवे द्वारा फ्रांस के राष्ट्रपति एवं पीएम नरेन्द्र मोदी को पत्र भेजा गया है |

श्री भार्गव ने खुलासा किया कि पीएम की महत्वाकांक्षी परियोजना होने के कारण प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा लगातार इसकी मॉनीटरिंग की जा रही है | सितम्बर में रेलवे बोर्ड के सदस्यों द्वारा प्रगति का जायजा भी लिया गया | इससे पूर्व एल्सटॉम के एमडी सचिन गोयल द्वारा भी कारखाने के निरीक्षण के दरमियान टाटा प्रोजेक्ट्स के अधिकारियों को ससमय कार्य पूरा करने का ठोस निर्देश दिया गया था |

इन बातों की जानकारी दिये जाने के बाद मधेपुरा अबतक द्वारा जब समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी से कुछ टिप्पणी करने को कहा गया तो उन्होंने कहा कि उच्च क्षमता के विद्युत रेल इंजन बनाने के लिए भारतीय रेल ने फ्रांस की प्रमुख ट्रांसपोर्ट कंपनी ‘एल्सटॉम’ से जो एकरारनामा किया इसके लिए ‘एल्सटॉम’ को तथा दोनों की संयुक्त साझेदारी में मधेपुरा में 800 विद्युत् रेल इंजन तैयार होगा जिसके लिए कारखाने के डिप्टी चीफ इंजीनियर के.के. भार्गव एवं डायनेमिक डीएम मो.सोहैल सहित उनकी टीमों को निष्ठा एवं समर्पण के साथ काम करने के लिए हृदय से कोटि-कोटि साधुवाद !!

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बेनजीर के पति ने ही कराई थी उनकी हत्या..!

बेनजीर भुट्टो मर्डर केस में भगोड़ा घोषित हो चुके पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने एक सनसनीखेज खुलासा किया है। उनकी मानें तो भुट्टो परिवार के खात्मे के लिए कोई और नहीं बेनजीर के पति आसिफ अली जरदारी जिम्मेदार थे। बकौल मुशर्रफ, जरदारी बेनजीर व मुर्तजा भुट्टो की हत्या में शामिल रहे हैं। मुशर्रफ के मुताबिक, जब भी कोई हत्या होती है तो पहले यह देखा जाना जरूरी है कि इसका सबसे अधिक फायदा किसे होगा। उनके अनुसार बेनजीर की हत्या से सबसे अधिक फायदा पीपुल्स पार्टी ऑफ पाकिस्तान के नेता और उनके पति आसिफ अली जरदारी को हुआ।

गौरतलब है कि पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के मर्डर केस को लेकर अभी हाल ही में परवेज मुशर्रफ को भगोड़ा करार दिया गया है। ऐसे में अपनी सफाई (चाहे वो पूरा सच हो, आंशिक सच हो या फिर झूठ हो) देने के लिए मुशर्रफ ने सोशल मीडिया को अपना जरिया चुना। उन्होंने जरदारी के संबंध में तमाम बातें अपने फेसबुक पेज पर डाले गए एक विडियो में कहीं।

इस विडियो में खुद को बेगुनाह ठहराते हुए मुशर्रफ ने कहा कि इस मामले में मुझे सबकुछ खोना पड़ा। मैं सत्ता में था और इस हत्याकांड ने मेरी सरकार को कठिन परिस्थितियों में ला खड़ा किया। उन्होंने आगे कहा, केवल एक ही शख्स था जिसे बेनजीर की हत्या से केवल और केवल फायदा होना था और वह शख्स आसिफ अली जरदारी थे।

मुशर्रफ ने जरदारी को कटघरे में खड़ा करते हुए सवाल किया है कि वे पांच सालों तक सत्ता में थे, फिर भी उन्होंने इस मामले की जांच जैसी होनी चाहिए थी, नहीं कराई। ऐसा इसलिए कि वह स्वयं बेनजीर हत्याकांड में शामिल थे। मुशर्रफ के अनुसार सबूतों से साफ था कि बैतुल्ला मसूद और उसके लोग इस हत्याकांड में शामिल थे पर उन्हें ऐसा करने को किसने कहा था। मुशर्रफ ने कहा, वह शख्स मैं नहीं हो सकता क्योंकि वह ग्रुप मुझसे और मैं उनसे नफरत करता था।

बहरहाल, मुशर्रफ के आरोप सच हों तो जरदारी के लिहाज से और झूठ हों तो मुशर्रफ के लिहाज से, राजनीति के घिनौने चेहरे से हमें दोनों ही हाल में रू-ब-रू कराते हैं। संबंध, संवेदना, सिद्धांत, सच्चाई – क्या सियासत के आगे इनका सचमुच कोई अस्तित्व नहीं?

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

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