आयकर विभाग ने आरजेडी से मांगा रैली का हिसाब

बुरे दौर से गुजर रहे लालू प्रसाद यादव के लिए 27 अगस्त की ‘भाजपा भगाओ देश बचाओ’ रैली तपती दोपहर में छांव की तरह राहत लेकर आई। लेकिन ये क्या, अब वो छांव भी उनसे छिन जाएगी? जी हां, बात कुछ ऐसी ही है। बेनामी सम्पत्ति को लेकर पूछताछ के बाद आयकर विभाग ने इस रैली के खर्चे को लेकर हिसाब मांगा है। गौरतलब है कि दो दिन पूर्व ही आयकर विभाग ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से भी बेनामी सम्पत्ति के मामले में घंटों पूछताछ की थी।

सूत्रों के अनुसार आयकर विभाग ने पार्टी से गांधी मैदान की बुकिंग से लेकर लोगों को दूसरे जिलों से लाने और उनके ‘मनोरंजन’ पर हुए खर्च तक का ब्योरा मांगा है। बाहर से आने वाले नेताओं के लिए पार्टी की तरफ से ठहरने, खाने आदि की जो व्यवस्था की गई थी उसका भी हिसाब मांगा गया है। जैसा कि स्वाभाविक था, आयकर विभाग की नोटिस के बाद आरजेडी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के वरिष्ठ नेता व महागठबंधन सरकार में वित्त मंत्री रहे अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि आयकर विभाग द्वारा जो भी प्रश्न पूछे गए हैं, पार्टी उसका जवाब देगी। साथ में यह कहना भी नहीं भूले कि जितना परेशान किया जाएगा, उतना हम मजबूत होंगे।

वहीं आरजेडी प्रवक्ता मनोज झा ने कहा कि पहले भी कई बार भाजपा और उसके सहयोगी दलों की रैलियां हुई हैं, लेकिन आयकर विभाग कभी हरकत में नहीं आया। केन्द्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री की कई जगहों पर रैलियां हुईं, लेकिन आयकर विभाग ने न तो नोटिस जारी किया और न ही खर्च का हिसाब मांगा।

बहरहाल, आरजेडी की इस रैली के आयोजन में हो सकता है पैसे ज्यादा खर्च हुए हों, ये भी हो सकता है कि उन पैसों के स्रोत भी स्पष्ट न हों, पर ये जानते हुए भी कि कोई भी दल इससे अछूता नहीं, आयकर विभाग की ये नई कार्रवाई राजनीतिक तौर पर लालू के लिए नुकसान का सौदा नहीं लगता। उनके समर्थक इससे एकजुट ही होंगे।

 

 

सम्बंधित खबरें