गजल गायक जगजीत नहीं हैं, लेकिन उनकी रूहानी आवाज सदा रहेगी

आज ही के दिन 8 फरवरी 1941 को राजस्थान के गंगानगर में हिंदुस्तान के सबसे बड़े गजल गायकों में से एक जगजीत सिंह का जन्म हुआ था। मात्र 9 साल की उम्र में जगजीत सिंह ने दी थी पहली पब्लिक परफॉर्मेंस। जगजीत ने उस्ताद जमाल खान से संगीत की बारीकियां सीखी थी।

बता दें कि जगजीत ने गजल की दुनिया में अपनी नायाब आवाज को में वो नज्में पेश की हैं जो सदा अमर रहेंगी। बॉलीवुड में भी जगजीत ने अनेक ऐसे गीत गाए जो आज भी युवा दिलों की धड़कन बनकर जिंदा है। उनकी रूहानी आवाज सुनकर आज भी जवां दिलों में जज्बातों के भंवर उमड़ पड़ते हैं।

जानिए कि गजल की दुनिया के सबसे बड़े नामवाले जगजीत सिंह की आज 81वीं जयंती पर उन्हें याद किया है समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने। डॉ.मधेपुरी ने बच्चों से कहा कि जगजीत 1965 में मुंबई जाकर दर्जनों फिल्मों के गाने लिखे, गाये और उनमें संगीत का निर्देशन भी किया। 80 के दशक में प्रेम गीत, अर्थ…..  आदि कई फिल्मों के हिट गानों ने उन्हें काफी प्रसिद्धि दिलाई। 2003 में उन्हें ‘पद्मभूषण’ से सम्मानित किया गया।जब वे अपने करियर के टॉप पर थे तभी एक दिन उन्हें ब्रेन हेमरेज हुआ और 10 अक्टूबर 2011 को मुंबई के नानावती हॉस्पिटल में उन्होंने अंतिम सांस ली। राजस्थान सरकार ने मरणोपरांत उन्हें “राजस्थान रत्न” से सम्मानित किया है।

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