नीतीश कैबिनेट के प्रथम विस्तार का विश्लेषण

बिहार के 243 विधानसभा सदस्यों में से आरंभ में सीएम नीतीश कुमार सहित 14 मंत्रियों ने शपथ ली थी और प्रथम विस्तार में 17 मंत्रियों को पुनः राज्यपाल द्वारा शपथ दिलाई गई। नीतीश सरकार के 31 मंत्रियों में सवर्ण 11 ( राजपूत 5, ब्राह्मण 3, भूमिहार 2 एवं कायस्थ 1), पिछड़े 9, अति-पिछड़े 4, अनुसूचित जाति 5 और मुस्लिम 2 हैं।

क्षेत्रवार मंत्री है- मिथिलांचल से 7 और तिरहुत, कोसी, मगध, सारण व अंग क्षेत्र से 4-4 तथा शाहबाद एवं सीमांचल क्षेत्र से 2-2 यानि कुल 31 मंत्री हैं। तिरहुत क्षेत्र से मंत्रिमंडल में शामिल सभी चारों मंत्री भाजपा के हैं। शेष सभी क्षेत्रों में जदयू और भाजपा दोनों का प्रतिनिधित्व है।

नीतीश कैबिनेट के प्रथम विस्तार में मंत्रियों के बीच विभागों के बंटवारे इस प्रकार किए गए-

1. सैयद शाहनवाज हुसैन- उद्योग

2. श्रवन कुमार- ग्रामीण विकास 

3. मदन सहनी- सामाजिक कल्याण

4. प्रमोद कुमार- गन्ना उद्योग एवं विधि

5. संजय कुमार झा- जल संसाधन  तथा सूचना एवं प्रसार

6. लेसी सिंह- खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण

7. सम्राट चौधरी- पंचायती राज

8. नीरज कुमार सिंह- पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन

9. सुभाष सिंह- सहकारिता

10. नितिन नवीन- पथ निर्माण

11. सुमित कुमार सिंह- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

12. सुनील कुमार- मद्यनिषेध उत्पादन एवं निबंधन

13. नारायण प्रसाद- पर्यटन

14. जयंत  राज- ग्रामीण कार्य

15. आलोक रंजन- कला संस्कृति एवं युवा

16. मोहम्मद जमा खान- अल्पसंख्यक कल्याण

17. जनक राम- खान एवं भूतत्व

चलते-चलते यह भी कि जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह व वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने नए मंत्रियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नीतीश सरकार के सभी मंत्री बिहार को विकसित प्रदेश बनाएं।

अंत में पूछे जाने पर जदयू के वरिष्ठ नेता व समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने महामहिम डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम को संदर्भित करते हुए कहा कि प्रदेश तभी विकसित बनेगा जब भ्रष्टाचार मिटेगा। परंतु, भ्रष्टाचार केवल पीएम, सीएम और डीएम के चाहने से नहीं मिटेगा, जब तक माता, पिता और शिक्षक ये तीनों नहीं चाहेंगे मिटाना…।

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