राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के विचारों से लबालब हुआ मधेपुरा

अहिंसक संघर्ष के जरिये देश को आजाद कराने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की पुण्यतिथि जिले के सभी प्रखंडों से लेकर मुख्यालयों में उत्साह पूर्वक मनाई गई…..। सवेरे से चतुर्दिक यही गीत गूंजते हुए सुनाई देता रहा- हम लाये हैं तूफान से किश्ती निकाल के…. इस देश को रखना मेरे बच्चों संभाल के….

Dr.Bhupendra Madhepuri paying floral tribute to Mahatma Gandhi & Shahid Chulhai at Shahid Chulhai Road situated Dakbunglow.
Dr.Bhupendra Madhepuri paying floral tribute to Mahatma Gandhi & Shahid Chulhai at Shahid Chulhai Road situated Dakbunglow.

बता दें कि सर्वप्रथम डीएम नवदीप शुक्ला, जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती मंजू देवी, उपाध्यक्ष अधिवक्ता रघुनंदन दास, समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, डॉ.नरेश कुमार सीनेटर आदि ने शहीद चुल्हाय मार्ग पर अवस्थित जिला परिषद के परिसर में बापू की प्रतिमा पर एवं 30 जनवरी को ही शहीद हुए चुल्हाय यादव के तैल चित्र पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि किया। लगे हाथ समाहरणालय मधेपुरा के परिसर में निवर्तमान डीएम मो.सोहैल के कार्यकाल में निर्मित बापू की प्रतिमा पर वर्तमान डीएम नवदीप शुक्ला , एसडीएम वृंदा लाल , वरीय डिप्टी कलक्टर अल्लामा मुख्तार और समाजसेवी डॉ.मधेपुरी, जिप अध्यक्ष मंजू देवी, मो.शौकत अली आदि ने माल्यार्पण किया।

Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri, DM Navdeep Shukla Zila Parishad Adhyaksha Smt.Manju Devi and others at Samaharnalaya Madhepura.
Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri, DM Navdeep Shukla Zila Parishad Adhyaksha Smt.Manju Devi and others at Samaharnalaya Madhepura.

बता दें कि मौके पर सर्वधर्म  प्रार्थना का भी आयोजन किया गया। स्काउट एंड गाइड के जयकृष्ण प्रसाद यादव द्वारा प्रार्थना संचालन किया गया। हिन्दू, मुस्लिम, ईसाई और सिख धर्म के धार्मिक उपदेशक आचार्य तेज नारायण यादव, मो.सलाउद्दीन, कुंदन कुमार पिंटू एवं गुरिंदरजीत सिंह ने भाग लिया।

DM Navdeep Shukla paying tribute to Rashtrapita Mahatma Gandhi on Shahid Diwas at Samaharnalaya Madhepura .
DM Navdeep Shukla paying tribute to Rashtrapita Mahatma Gandhi on Shahid Diwas at Samaharnalaya Madhepura .

आजादी की बात जब भी उठती है तो पहले महात्मा गाँधी का नाम आता है- यह बात कहकर डीएम नवदीप शुक्ला द्वारा उपस्थित जनों के बीच दो संकल्पों को निष्ठापूर्वक दोहराया गया – जिसमें एक कुष्ठ रोग एवं दूसरा नशा से संबंधित है। नशा वही है जो आदमी के शरीर एवं आत्मा दोनों को जर्जर कर देती है। जिला व्यवहार न्यायालय मधेपुरा के जजों एवं न्यायालय कर्मियों द्वारा भी बापू की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित की गई।

कुलपति डॉ.अवध किशोर राय द्वारा बीएनएमयू के साउथ कैंपस में सामान्य शाखा एवं परीक्षा विभाग के बीच वाले पार्क में महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण भी किया गया और माल्यार्पण भी। मौके पर प्रतिकुलपति, कुलसचिव, पीआरओ, डीन एवं संपदा पदाधिकारी आदि द्वारा पुष्पांजलि की गई। इस अवसर पर प्रतिमा के अनावरण के बाद कुलपति डॉ.राय ने कहा कि आज भी गांधीवाद की प्रासंगिकता है…. तभी तो दुनिया के युवा आज गांधी के विचारों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। गांधी सर्वधर्म समभाव के हिमायती थे….. गाँधी के विचार हमेशा जीवित रहेंगे।

चलते-चलते यह भी बता दें कि दूर देहातों में इस बार फिल्म दिखाकर लोगों को गांधीवादी बनने के लिए जागरुक किया गया….. क्योंकि गाँधी के बताए रास्ते पर चलकर ही देश में शांति और उन्नति को ऊँचाई मिलेगी।

सम्बंधित खबरें


एसएनपीएम +2 विद्यालय में सेमिनार समापन समारोह संपन्न

मधेपुरा के शिवनंदन प्रसाद मंडल उच्च माध्यमिक विद्यालय में जिले के सभी प्रखंडों के सैकड़ों अप्रशिक्षित शिक्षकों को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) द्वारा संचालित डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (D.El.Ed) का प्रशिक्षण 1 वर्ष से ज्यादे समय से चलते हुए आज सेवाकालीन प्रशिक्षण का भव्य समापन प्राचार्य संतोष कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस अवसर पर परिचर्चा हेतु दो विषयों का चयन किया गया- (1) राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा यानि NCF-2005 जिसे नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क-2005 के नाम से प्रसिद्धि प्राप्त हो चुका है। (2) आधी आबादी के लिए- नारी शिक्षा का महत्व।

इस अवसर पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी जनार्दन प्रसाद निराला के अतिरिक्त प्रशिक्षुओं एवं शिक्षकों ने परिचर्चा में जमकर भागीदारी निभाई। महिला प्रशिक्षण में महिला शिक्षा के महत्व पर विशेष रूप से प्रकाश डाला। आरम्भ में आगत अतिथियों का स्वागत शाल एवं बुके देकर किया गया। इससे पूर्व अतिथियों ने सम्मिलित रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का श्रीगणेश किया।

बता दें कि मुख्य वक्ता के रूप में मुख्य अतिथि समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने अपने संबोधन में शिक्षा और शिक्षक के महत्व की जानकारियां देने हेतु लॉर्ड एडेनबरो द्वारा द्वारकानाथ टैगोर से कही गई बातों की चर्चा की। जब एडेनबरो ने पूछा कि यदि हिन्दुस्तान के लोग शिक्षित हो जायें तो हमलोग यहां 3 महीना भी ठहर सकेंगे ? इस प्रश्न का जवाब रविंद्र नाथ टैगोर के दादा श्री द्वारका नाथ टैगोर ने यही कह कर दिया….. कि 3 हफ्ता भी नहीं। डॉ.मधेपुरी ने विदेशों में शिक्षकों की गरिमा की ऊंचाइयों का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका में शिक्षकों और वैज्ञानिकों को ही वीआईपी कहा जाता है। महिला शिक्षा के महत्व की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि आज की तारीख में संसार में सबसे अधिक महिला पायलट भारत में ही है।

अंत में सारे प्रशिक्षुओं को सर्टिफिकेट का वितरण किया गया। डॉ.मधेपुरी, प्राचार्य संतोष कुमार, पूर्व प्राचार्य मो.शकील अहमद सहित शिक्षक वृंद-शिवनारायण पंडित, कुमारी मीना मधुलिका, मंजू कुमारी , रमेश कुमार रमण, आकाश कुमार, विकास कुमार, अमृता कुमारी, सुधा कुमारी, आशुतोष आशीष, आनंद रंजन….. और मंच संचालक डॉ.अमलेश कुमार।

सम्बंधित खबरें


जॉर्ज फर्नांडिस: बुझ गया भारतीय राजनीति का बेजोड़ सितारा

भारतीय राजनीति के सार्वकालिक महान शख्सियतों में शुमार जॉर्ज फर्नांडिस नहीं रहे। भारत के पूर्व रक्षामंत्री, प्रख्यात समाजवादी नेता, प्रखर वक्ता एवं समता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष जॉर्ज साहब के निधन से राजनीतिक चेतना से सम्पन्न हर व्यक्ति शोकाकुल है चाहे उसकी प्रतिबद्धता किसी भी दल के लिए क्यों न हो। बात जहाँ तक बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की है तो उनके लिए यह व्यक्तिगत क्षति है। जॉर्ज साहब को श्रद्धांजलि देते हुए उनका गला रूंध गया और वे रो पड़े। पटना स्थित जदयू मुख्यालय में आयोजित शोकसभा में उनके साथ पूरा जदयू परिवार मर्माहत दिखा। शोकसभा के बाद जॉर्ज साहब को श्रद्धांजलि देने व उनके अंतिम संस्कार में भाग लेने नीतीश कुमार तत्काल दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
जॉर्ज साहब के निधन की खबर मिलते हुए जदयू के पटना में उपस्थित तमाम नेता, पदाधिकारी व कार्यकर्ता पार्टी मुख्यालय में जुटने लगे। यहां आयोजित शोकसभा में जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, प्रदेश अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह, विधानसभा अध्यक्ष विजय चौधऱी, ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जयकुमार सिंह, शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री मदन सहनी, गन्ना उद्योग मंत्री खुर्शीद आलम, विधानपार्षद व पूर्व शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी, विधानपार्षद प्रो. रामवचन राय, संजय गांधी, ललन सर्राफ, राष्ट्रीय सचिव रविन्द्र सिंह, प्रदेश महासचिव व मुख्यालय प्रभारी डॉ. नवीन कुमार आर्य, अनिल कुमार, मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह, जदयू मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप समेत बड़ी संख्या में पार्टी के नेतागण एवं कार्यकर्तागण मौजूद रहे।
शोकसभा के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि जॉर्ज साहब के निधन से हम सभी मर्माहत हैं। उनका जो योगदान इस देश की राजनीति में रहा है और जो कुछ भी उन्होंने समाज के लिए किया है वह सदैव याद रखा जाएगा। सिद्धांत के प्रति, समाजवादी विचारधारा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सदैव रही। संसद में या रक्षा, रेल आदि मंत्रालयों में भी उनकी भूमिका भुलायी नहीं जा सकती। मुख्यमंत्री ने कहा कि जॉर्ज साहब हमलोगों के न सिर्फ नेता थे बल्कि वे अभिवावक भी थे। 1994 में उन्हीं के नेतृत्व में नई पार्टी बनी। उनके नेतृत्व और मार्गदर्शन में जो कुछ भी सीखने का अवसर मिला और आज जो कुछ भी लोगों की सेवा करने की कोशिश करते हैं इसमें उनका ही योगदान रहा है। मैं उनके चरणों में श्रद्धा-सुमन अर्पित करता हूँ।
जॉर्ज साहब के निधन पर दिल्ली स्थित जदयू के राष्ट्रीय कार्यालय में भी शोकसभा का आयोजन किया गया जिसमें राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) व राज्यसभा में दल के नेता आरसीपी सिंह, सांसद रामनाथ ठाकुर, सांसद कहकशां परवीन, राष्ट्रीय महासचिव संजय झा समेत कई राष्ट्रीय पदाधिकारी, दिल्ली के प्रदेश पदाधिकारी व कार्यकर्तागण उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, आरसीपी सिंह व अन्य नेतागण दिल्ली के पंचशील पार्क स्थित स्व. जॉर्ज फर्नांडिस जी के आवास पर भी गए और उनके पार्थिव शरीर के दर्शन कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनकी पत्नी व परिजनों से मिले। प्राप्त जानकारी के मुताबिक जॉर्ज साहब के पुत्र अमेरिका में रहते हैं। अंतिम संस्कार के लिए उनकी प्रतीक्षा की जा रही है। चलते-चलते बता दें कि जॉर्ज साहब के निधन पर बिहार में दो दिनों का राजकीय शोक घोषित किया गया है।

सम्बंधित खबरें


सुपर-30 के आनंद कुमार मधेपुरा में

मधेपुरा के बी.एन.मंडल विश्वविद्यालय ऑडिटोरियम में फ्यूचर क्लासेस द्वारा आयोजित शिक्षा सेमिनार में जाने-माने गणितज्ञ एवं सुपर-30 के संस्थापक आनंद कुमार ने मधेपुरा के प्रतिभा संपन्न बच्चों से यही कहा कि धैर्य के साथ लक्ष्य की प्राप्ति के लिए मैदान में तब तक डटे रहना जब तक तुम अपने लक्ष्य को पा नहीं लो…… और हां ! उस अवधि में ध्यान को लक्ष्य से अलग कहीं भटकने नहीं देना….. साथ ही अपनी कमजोरियों को ताकत बनाकर सफलता प्राप्त करने तक हर पल लगे रहना…….।

Mathematician Anand Kumar addressing at BN Mandal Auditorium Madhepura.
Mathematician Anand Kumar addressing at BN Mandal Auditorium Madhepura.

बता दें कि शिक्षा सेमिनार का उद्घाटन मुख्य अतिथि गणितज्ञ आनंद कुमार, बीएनएमयू के कुलपति डॉ.अवध किशोर राय, डीएम नवदीप शुक्ला , एसडीएम वृंदालाल, रहमानी-30 के ओबैदुर रहमान आदि अन्य लोगों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया और आनंद कुमार को श्रृंगीऋषि के सिंहेश्वरनाथ बाबा भोलेनाथ मंदिर का दिव्य चित्र भेंट किया डीएम , कुलपति , समाजसेवी भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी व कुंदन कुमार आदि ने।

मौके पर जहाँ कुलपति डॉ.ए.के.राय ने कहा कि इस तरह के आयोजन से छात्रों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है वहीं जिला पदाधिकारी नवदीप शुक्ला ने कहा कि लक्ष्य प्राप्ति के लिए धैर्य के साथ अंत तक मैदान में डटे रहना चाहिए।

Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri presenting his book "Chhota Lakshya Ek Apradh Hai" to Super 30 founder Anand Kumar at BN Mandal Auditorium Madhepura.
Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri presenting his book “Chhota Lakshya Ek Apradh Hai” to Super 30 founder Anand Kumar at BN Mandal Auditorium Madhepura.

इस अवसर पर समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के संग लिखी अपनी पुस्तक- “छोटा लक्ष्य एक अपराध है” की एक प्रति गणितज्ञ आनंद कुमार को भेंट करने के बाद छात्रों से अभावों में जिंदगी जीने वाले डॉ.कलाम, आनंद कुमार जैसे अनेक उदाहरण पेश करते हुए बस यही कहा कि अपने अतीत को याद किये बिना ना तो कोई अपने भविष्य को गढ़ सकता है और ना ही वर्तमान में आगे बढ़ सकता है। डॉ.मधेपुरी ने आगे कहा कि आर्यभट्ट जैसा गणितज्ञ, गोरखनाथ जैसा अर्थशास्त्री और वशिष्ठ नारायण सिंह जैसा गणित ज्ञानी के बाद सूबे बिहार की धरती को यदि कोई गणितज्ञ गौरवान्वित करने जा रहा है तो उसका नाम है- सुपर थर्टी का सुपर आनंद कुमार।

चलते-चलते यही कि भीड़ इतनी और ऑटोग्राफ व सेल्फी लेने वाले छात्र-छात्राओं में जोश इतना कि आनंद सर को गाड़ी तक पहुंचाना पुलिस के लिए मुश्किल हो गया।

सम्बंधित खबरें


मधेपुरा जिला में 70वाँ गणतंत्र की मची रही धूम

मधेपुरा जिला मुख्यालय से लेकर दूरस्थ सभी प्रखंडों में, विश्वविद्यालय मुख्यालय के महाविद्यालयों में तथा सरकारी व प्राइवेट विद्यालयों से लेकर छोटे-बड़े सभी चौक-चौराहों पर 70वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर उत्साह पूर्वक तिरंगा लहराया गया। चारों ओर गणतंत्र दिवस की धूम मची रही।

Dr.Madhepuri addressing children after flag hoisting at Bhupendra Chowk , Madhepura.
Dr.Madhepuri addressing children after flag hoisting at Bhupendra Chowk , Madhepura.

बता दें कि जहाँ भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो.(डॉ.)अवध किशोर राय ने गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय ध्वजत्तोलन के बाद छात्र एवं शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर चिंतित दिखे वहीं एनर्जेटिक डीएम नवदीप शुक्ला (IAS) द्वारा बीएन मंडल स्टेडियम में ध्वजोत्तोलन करने के बाद खेल  आदि अन्य विधाओं में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के जरिये जिले को ऊंचाई प्रदान करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत करते देखा गया।

Samajsevi-Sahityakar Dr.Bhupendra Madhepuri addressing kid & guardians at Genius Public School, Misson Road Madhepura
Samajsevi-Sahityakar Dr.Bhupendra Madhepuri addressing kid & guardians at Genius Public School, Misson Road Madhepura

यह भी बता दें कि 70वें गणतंत्र के सूर्योदय के साथ ही प्रातः 7:00 बजे डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम पार्क में सर्वप्रथम राष्ट्रीय ध्वज फहराया मधेपुरा के कलाम कहे जाने वाले समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने। ध्वजोत्तोलन के बाद डॉ.मधेपुरी ने बच्चों से कहा कि आज की तारीख यानी 26 जनवरी 1950 को हमारा संविधान लागू किया गया और आपका सुयोग्य नागरिक बनना ही संविधान का सम्मान है। उन्होंने बच्चों को भारत का भविष्य बताया।

पुनः 8:00 बजे सुबह डॉ.मधेपुरी द्वारा भूपेन्द्र चौक पर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी राष्ट्रीय ध्वजोत्तोलन स्कूली बच्चे-बच्चियों व गणमान्यों के बीच किया गया और तिरंगे को सलामी देने के बाद उन्होंने कहा कि संविधान सभा के 308 सदस्यों में एक चतरा निवासी कमलेश्वरी प्रसाद यादव भी थे। जहाँ एक ओर डॉ.मधेपुरी ने यू.के इंटरनेशनल और नन्हें कदम (प्ले स्कूल) के बच्चों को जमकर उत्साहित किया वहीं दूसरी ओर सेंट जॉन पब्लिक स्कूल एवं जीनीयस पब्लिक स्कूल के छात्रों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों के उद्घाटन भाषण में उन्होंने कहा कि गांधीयन मिसाइल मैन डॉ.कलाम उनसे यही कहा करते थे कि तुम्हारे अंदर जो बेहतरीन है उसे बच्चों को देखकर जाना- इसलिए डॉ.मधेपुरी आज दिन भर बच्चों के कार्यक्रमों में व्यस्त दिखे।

सम्बंधित खबरें


भारतरत्न से विभूषित होंगे प्रणब, नानाजी और हजारिका

केन्द्र सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विचारक नानाजी देशमुख और गायक भूपेन हजारिका को भारतरत्न देने की घोषणा की है। नानाजी देशमुख और भूपेन हजारिका को मरणोपरांत यह सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिलेगा। बता दें कि इस बार भारतरत्न की घोषणा चार साल बाद हुई है। इससे पहले 2015 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी एवं स्वतंत्रता सेनानी और बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के संस्थापक मदन मोहन मालवीय को भारतरत्न से नवाजा गया था।

2012 से 2017 तक देश के राष्ट्रपति रहे प्रणब मुखर्जी कांग्रेस के शीर्ष नेताओं में रहे हैं। उनका जन्म 11 दिसंबर 1935 को पश्चिम बंगाल के मिराती में हुआ था। 1969 में वे राज्यसभा के सदस्य बने और आगे चलकर वित्त, रक्षा, विदेश, विधि और वाणिज्य जैसे मंत्रालयों को संभाला। उनके संसदीय अनुभव और अद्भुत कार्यकुशलता का लोहा विरोधी भी मानते हैं। वे न केवल बहुत बड़े व सम्मानित स्टेट्समैन बल्कि अपने आप में चलते-फिरते संस्थान हैं।

नानाजी देशमुख राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विचारक, समाजसेवी और भारतीय जनसंघ के नेता थे। उनका जन्म महाराष्ट्र के हिंगोली जिले के कडोली नामक छोटे से कस्बे में 11 अक्टूबर 1916 को हुआ था। नानाजी बाल गंगाधर तिलक की राष्ट्रवादी विचारधारा से प्रभावित होकर समाज सेवा के क्षेत्र में आए। इसके बाद संघ के सरसंघचालक डॉ. केवी हेडगेवार के संपर्क में आकर संघ के विभिन्न प्रकल्पों के जरिए पूरा जीवन राष्ट्रसेवा में लगा दिया। 27 फरवरी 2010 को 95 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया।

भूपेन हजारिका का जन्म 8 सितंबर 1926 में असम के सादिया जिले में हुआ था। गायक, गीतकार और संगीतकार के रूप में उनकी अप्रतिम ख्याति है।1936 में उन्होंने अपना पहला गाना रिकॉर्ड किया था। 1977 में उन्हें पद्मश्री, 2001 में पद्मभूषण, 2012 में पद्म विभूषण (मरणोपरांत) से सम्मानित किया गया। 5 नवंबर 2011 को उनका निधन हो गया। उनकी लोकप्रियता ऐसी थी कि उनकी अंतिम यात्रा में 5 लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए थे।

चलते-चलते बता दें कि इन तीन विभूतियों से पहले 45 हस्तियों को भारतरत्न सम्मान दिया जा चुका है। अब यह संख्या 48 हो गई है।

सम्बंधित खबरें


मधेपुरा में कर्पूरी ठाकुर की जयंती मनाई गई

जननायक कर्पूरी ठाकुर की 96वीं जयंती शिवनंदन प्रसाद  प्रसाद मंडल विधि महाविद्यालय मधेपुरा में जदयू के जिलाध्यक्षता प्रो.बिजेन्द्र नारायण यादव की अध्यक्षता में आयोजित की गई जिसमें पार्टी नेता डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, प्रो.गुलहसन, अशोक चौधरी, विद्यानंद महतो, अशोक कुमार सिन्हा, महासचिव योगेंद्र महतो, दयानंद शर्मा, रामानंद यादव, मनोज राय, विजय कुमार सिंह, उमेश महतो, मो.शफीक, दिलीप साह, अधिवक्ता सरोजनी देवी, डॉ.नीरज कुमार सहित विभिन्न प्रखंडों से आये कार्यकर्ताओं ने जननायक के तैलचित्र पर पुष्पांजलि की एवं अपने उद्गार व्यक्त किया |

मुख्यवक्ता के रूप में समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने कहा कि जननायक कर्पूरी ताजिंदगी अपने जीवन को सार्वजनिक बनाये रखे | एक बार डिप्टी सीएम एवं दो बार मुख्यमंत्री बनने के बाद भी कुर्सी उन पर कभी हावी नहीं हो सकी | उन्होंने सदा समाज को जोड़ने का काम किया…… कभी किसी के प्रति घृणा या कटुता का भाव नहीं रखा | डॉ.मधेपुरी ने कहा कि जननायक आसमान की ऊंचाई पाने के बावजूद भी वे हमेशा जमीन से जुड़े रहे |

सम्बंधित खबरें


नेताजी सुभाष चन्द्र बोसमय हुआ मधेपुरा

आजादी के दीवाने सुभाष चन्द्र बोस के जन्म दिवस 23 जनवरी को मधेपुरा के बीचो-बीच अवस्थित उनकी प्रतिमा पर सर्वप्रथम नगरपालिका के प्रथम उपाध्यक्ष समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी सहित किसान मजदूर-शिक्षक-व्यापारी सभी मिलजुलकर आज सबेरे माल्यार्पण किये एवं शेष सबों ने पुष्पाञ्जलि की।

डॉ.मधेपुरी ने उपस्थित बच्चों से नेताजी के बाबत यही कहा कि उनका जन्म 1897 ई. में उड़ीसा के कटक में अपने पिता जानकी बोस एवं माता प्रभावती की नौवीं संतान के रूप में हुई थी। कैंब्रिज विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर उन्होंने IAS की परीक्षा में चौथा स्थान प्राप्त किया था। उन्होंने नौकरी नहीं की। देश सेवा में लग गये। 1938 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद उन्होंने राष्ट्रीय योजना आयोग का गठन किया। लगे हाथ उन्होंने पूरी दुनिया का भ्रमण किया। रासबिहारी बोस के आजाद हिन्द फौज का पुनर्गठन किया। महात्मा गाँधी को राष्ट्रपिता कहकर सर्वप्रथम उन्होंने ही संबोधित किया था। अंत में डॉ.मधेपुरी ने अपनी ‘आजादी’ शीर्षक कविता की चन्द पंक्तियाँ बच्चों के साथ साझा किया।

गोखले तिलक गाँधी सुभाष, नेहरु लोहिया जयप्रकाश।

सभी दीवाने आजादी के, कर दिया एक क्षिति महाकाश।।

आओ सब मिलकर करें बंधु, आजादी का शत् अभिनंदन।

इनके ललाट पर करें नित्य, अपने अनंत श्रम का चंदन।।

DM Navdeep Shukla paying his tributes to Neta Jee Subhash Chandra Bose at Samaharnalaya Madhepura.
DM Navdeep Shukla paying his tributes to Neta Jee Subhash Chandra Bose at Samaharnalaya Madhepura.

पुनः दिन के 11 पूर्वाह्न में समाहरणालय सभाकक्ष में नेताजी सुभाष चंद्र की भव्य तस्वीर पर डीएम नवदीप शुक्ला एवं एसपी संजय कुमार की टीम के सारे पदाधिकारी एडीएम शिवकुमार शैव, उपेंद्र कुमार झा, डीडीसी मुकेश कुमार, खेल पदाधिकारी मुकेश कुमार, एनडीसी रजनीश कुमार एवं कार्यालय कर्मियों सहित समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.मधेपुरी द्वारा पुष्पांजलि की गई। दिनभर शहर के प्रायः सभी स्कूलों एवं कॉलेजों में छात्रों एवं शिक्षकों द्वारा नेताजी को श्रद्धांजलि दी गई, उन्हें याद किया गया।

सम्बंधित खबरें


फरवरी में होगा सभी प्रमंडलों में सम्मेलन करेगी जदयू

फरवरी में जदयू सभी प्रमंडलों में भव्य सम्मेलन का आयोजन करेगी जिसमें जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शामिल होंगे। जदयू के इस प्रमंडल स्तरीय सम्मेलन में संबंधित प्रमंडल के पार्टी के सभी सांसद, मंत्री, विधायक, विधानपार्षद, प्रदेश पदाधिकारी, प्रकोष्ठों के अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष, सभी सक्रिय साथी एवं नीतीश कुमार की नीतियों एवं आदर्शों में आस्था रखने वाले लोग मौजूद रहेंगे।

बता दें कि जदयू के प्रमंडल स्तरीय सम्मेलन की शुरुआत शनिवार 9 फरवरी 2019 को तिरहुत प्रमंडल से होगी। इसके उपरान्त रविवार 17 फरवरी को दरभंगा प्रमंडल, शनिवार 23 फरवरी को कोसी प्रमंडल, रविवार 24 फरवरी को पूर्णिया प्रमंडल, सोमवार 25 फरवरी को भागलपुर प्रमंडल, मंगलवार 26 फरवरी को मुंगेर प्रमंडल, बुधवार 27 फरवरी को मगध प्रमंडल एवं गुरुवार 28 फरवरी को सारण प्रमंडल में सम्मेलन का आयोजन होगा।

अभी जबकि 2019 के लोकसभा चुनाव में कुछ ही दिन शेष हैं, जदयू के इन सम्मेलनो का महत्व और भी बढ़ जाता है। प्रदेश अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह ने इन सम्मेलनों को ऐतिहासिक बनाने के लिए दल के सभी साथियों को अभी से जुट जाने को कहा है। उन्होंने इस संदर्भ में जारी अपने बयान में कहा है कि पार्टी की कोशिश है कि आगामी लोकसभा चुनाव में नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार की सभी 40 सीटों पर एनडीए की जीत हो।

गौरतलब है कि पिछले लगभग एक वर्ष से पंचायत, प्रखंड, जिला व प्रदेश स्तर पर लगातार कार्यक्रम कर जदयू ने जिस तरह जमीन से जुड़ने और आमलोगों के बीच जाने का प्रयास किया है वह अपने आप में अभूतपूर्व है। चाहे सभी जिलों में जदयू का अतिपिछड़ा सम्मेलन और रोड शो हो, जिला व प्रमंडल स्तर पर दलित-महादिलत सम्मेलन हो, सभी जिलों में अल्पसंख्यक कार्यकर्ता सम्मेलन एवं महिला समागम हो या फिर विभिन्न प्रकोष्ठों द्वारा चलाया जा रहा प्रशिक्षण कार्यक्रम और सभी संगठन प्रभारियों का पंचायत, प्रखंड व जिला स्तर पर लगातार बैठकों का दौर, जदयू ने हर स्तर पर कार्यकर्ताओं को जोड़ने और नीतीश कुमार द्वारा शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं और समाज-सुधार अभियानों को जन-जन तक पहुँचाने की प्रशंसनीय कोशिश की है।

सम्बंधित खबरें


कोसी के महान कवि पं.यदुनाथ झा यदुवर के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर व्याख्यान

कौशिकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अंबिका सभागार में भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के महान योद्धा एवं महाकवि पं.यदुनाथ झा यदुवर के व्यक्तित्व एवं कृतित्व विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। मुख्य व्याख्यानकर्ता डॉ.ललितेश मिश्र, पूर्व विभागाध्यक्ष , स्नातकोत्तर अंग्रेजी विभाग (बीएनएमयू) ने कोसी अंचल के कवियों के काव्य-कुसुमों की चर्चा करते हुए कहा कि महाकवि यदुवर राष्ट्रीय चेतना के काव्य सृजन में अग्रगण्य रहे हैं। इन्हें साहित्य एवं राष्ट्रप्रेम विरासत के रूप में प्राप्त हुआ था क्योंकि पं.यदुवर जी महान स्वतंत्रता सेनानी एवं समाज सुधारक बाबू रास बिहारी लाल मंडल के अभिन्नतम मित्र थे। उनकी भाव साधना के समान ही शब्द साधना भी विलक्षण रही है।

डॉ.मिश्र ने आगे कहा कि पं.यदुनाथ झा यदुवर की यशस्वी कृति ‘मिथिला गीतांजलि’ है जो उनकी राष्ट्रीय चेतना का सशक्त संवाहक है। यदुवर जी में राष्ट्रीयता की गंगा ताजिंदगी प्रवाहित होती रही। पूर्व में विषय प्रवेश करते हुए अध्यक्ष हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ ने ऐसी परिचर्चा की उपादेयता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महाकवि यदुवर कोसी अंचल के काव्य मुकुटमणि हैं। यदि कहीं स्वर्ग है तो मिथिला की धरती पर ही है क्योंकि मिथिला की नदियों का तीर नंदन-कानन से कम रमणीक नहीं है। यह यदुवर जी की राष्ट्रीय भावना की उद्ददाम अभिव्यक्ति है। उनकी कविताओं में कालचक्र का स्वभाविक रूप से मौलिक चित्रण मिलता है जिस कारण पाठक देश पर मर मिटने को तत्पर हो उठते थे। वे काव्य जगत में नवीन चेतना लेकर प्रादुर्भूत हुए थे।

सम्मेलन के सचिव डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने परिचर्चा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि लोगों के अंतर्मन में राष्ट्रीयता का संचार करना ही राष्ट्रीय कविता का लक्ष्य है। डॉ.मधेपुरी ने कहा कि महाकवि यदुवर सामाजिक समस्याओं को लेकर ही राष्ट्रीय कविताओं का सृजन किया है। याद रहे कि सामाजिक सद्भाव एवं पारस्परिक एकता ही तत्कालीन भारत की सामायिक समस्याएं थी।

अपने संबोधन में पूर्व कुलसचिव शचीन्द्र, प्राचार्य प्रो.श्यामल किशोर यादव, सुबोध कुमार सुधाकर, सुरेंद्र भारती, ध्रुव नारायण सिंह राई, डॉ.अरविंद श्रीवास्तव, डॉ.विश्वनाथ विवेका, प्रो.मणि भूषण. डॉ.विनय कुमार चौधरी आदि ने प्रायः यही कहा कि महाकवि यदुवर की राष्ट्रीय भावनाओं से ओत-प्रोत कविताओं में स्थायित्व का समावेश है और समाजिकता का प्रतिबिंब भी। सबों ने यही कहा कि सुंदर, कोमल एवं भावाभिव्यंजक शब्दों के चयन करने में कविवर यदुवर सिद्धहस्त रहे तथा अपने हृदय का रस व रंग भरकर सहज ही राष्ट्रीय काव्य संस्कार को अलंकृत करते रहे।

द्वितीय सत्र में कविवर द्वय परमेश्वरी प्रसाद मंडल दिवाकर एवं त्रिवेणीगंज के तारा नंदन तरुण की स्मृति में आयोजित काव्यगोष्ठी का संचालन किया प्रो.मणि भूषण वर्मा ने और इस काव्य गोष्ठी में जिन कवियों ने अपनी कविताओं से श्रोताओं का मन मोह लिया तथा तालियां बटोर ली, वे हैं- सुबोध कुमार सुधाकर, डॉ.सिद्धेश्वर, राई,  सुरेंद्र भारती , उल्लास मुखर्जी , सियाराम यादव मयंक, राकेश कुमार द्विजराज, संतोष कुमार सिन्हा , डॉ.कौशल कुमार, डॉ.आलोक कुमार, विकास रंगकर्मी, डॉ.विश्वनाथ विवेका, मोहम्मद मुख्तार आलम, रघुनाथ प्रसाद यादव, श्यामल कुमार सुमित्र, डॉ.हरिनंदन यादव आदि। मौके पर बैजनाथ रजक, संजय भारती, तारा शरण, प्राण मोहन यादव, किशोर श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे। अंत में सचिव डॉ.मधेपुरी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

सम्बंधित खबरें