दलाई लामा से मिले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

साल 2018 के अंतिम दिन बोधगया में दो बेमिसाल शख्सियतें एक साथ थीं। जी हाँ, सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बोधगया में परम पावन दलाई लामा से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। इस अवसर पर दलाई लामा ने मुख्यमंत्री को खादा भेंट की और उन्हें भरपूर आशीर्वाद दिया।
दलाई लामा से भेंट करने के उपरान्त मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महाबोधि मंदिर जाकर भगवान बुद्ध की पूजा-अर्चना की। इसके उपरान्त मुख्यमंत्री ने महाबोधि वृक्ष के नीचे जाकर पुष्प अर्पित करते हुए पवित्र वृक्ष को नमन किया। इस अवसर पर अवसर पर मुख्यमंत्री को महाबोधि मंदिर प्रबंधन समिति की ओर से बीटीएमसी के अध्यक्ष एवं जिलाधिकारी द्वारा नववर्ष का कैलेंडर, महाबोधि मंदिर पर चढ़ाए गए फूल से बनाया गया डाई पाउडर और उससे बनाए गए रंग से रंगा हुआ कपड़ा भेंट किया गया।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान महाबोधि मंदिर के नए निकास द्वार का भी अवलोकन किया तथा निकास द्वार के समीप अंदर घेरे के निचले हिस्से में सौन्दर्यीकरण कराने का निर्देश दिया। इस मौके पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, विशेष सचिव अनुपम कुमार, गया के जिलाधिकारी अभिषेक सिंह, मगध प्रक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरिक्षक विनय कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक राजीव मिश्रा, बीटीएमसी के सचिव एन दोरजी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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मधेपुरा जिला युवा उत्सव-2018 का शानदार दो दिवसीय आगाज

मधेपुरा जिला मुख्यालय के भूपेन्द्र स्मृति कला भवन में जिला प्रशासन द्वारा दो दिवसीय (29 एवं 30 दिसंबर) युवा उत्सव का शानदार आयोजन किया गया जिसका उद्घाटन जिला के आलाधिकारियों एवं समाजसेवियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। हाल ही में सजाये गये सर्वोत्कृष्ट कला भवन के शानदार मंच पर एडीएम श्री उपेंद्र कुमार, एसडीएम श्री वृंदालाल, समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, मोहम्मद शौकत अली आदि ने संयुक्त रूप से युवा-उत्सव-2018 का शुभारंभ किया तथा संगीत शिक्षिका शशि प्रभा जयसवाल ने मंच संचालन करते हुए अतिथियों का स्वागत किया।

बता दें कि जिले के सभी प्रखंडों से आये दो दर्जन प्रतिभागियों के लिए प्रथम दिन शास्त्रीय गायन-वादन व शास्त्रीय नृत्य के अतिरिक्त विभिन्न समसामयिक विषयों दूसरे दिन चित्रकला , हस्तकला , मूर्तिकला एवं फोटोग्राफी आदि विधाओं में सौ-सवा-सौ के लगभग प्रतिभागियों का रजिस्ट्रेशन जिला कबड्डी संघ के सचिव अरुण कुमार की टीम द्वारा किया गया है जिसमें से प्रत्येक विधा में प्रथम आने वाले प्रतिभागी को राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु भेजा जाएगा।

इस अवसर पर एडीएम उपेंद्र कुमार एवं एसडीएम वृंदालाल ने उपस्थित श्रोताओं एवं जिले के विभिन्न प्रखंडों से आये हुए प्रतिभागियों को उत्साहित व प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आप अपने सुंदर प्रदर्शन के द्वारा विगत वर्षो की भांति इस वर्ष भी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लें और पुरस्कार जीतकर अपने जिला को गौरवान्वित करें।

समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने अपने संबोधन में यही कहा कि युवा ही तो देश की जान हैं, शान हैं और स्वाभिमान हैं। देश की एकता बनाये रखने की जवाबदेही भी तो युवाओं के कंधों पर ही है। उन्होंने यह भी कहा कि साहित्य समाज का दर्पण है तो संस्कृति समाज की धड़कन है। ये दोनों समाज को स्वस्थ रखता है परंतु इसमें उपस्थिति कम रहा करती है।

डॉ.मधेपुरी ने दर्शनीय साउंडप्रूफ एवं अत्याधुनिक साजो से संवारें गये भूपेन्द्र कला भवन हेतु जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला (IAS) सहित एनडीसी-सह जन संपर्क पदाधिकारी रजनीश कुमार राय की पूरी टीम को मंच से साधुवाद दिया और साथ ही सराहना भी की।

इस आयोजन के सफल संचालन के लिए साधुवाद के पात्र हैं- जिला कबड्डी संघ के सचिव अरुण कुमार, स्काउट एंड गाइड के आयुक्त जय कृष्ण प्रसाद यादव, निर्णायक मंडल के सदस्य श्रीमती रेखा यादव, अरुण कुमार बच्चन , डॉ.रवि रंजन, गांधी मिस्त्री , अविनाश कुमार आदि। कार्यक्रम कोऑर्डिनेटर डॉ.मधेपुरी  के अतिरिक्त सदस्य द्वय मो.शौकत अली एवं प्रो.प्रदीप कुमार झा सहित नाजिर अनिल कुमार एवं स्थापना के ओएस विजय कुमार झा की टीम अंत तक अपनी उपस्थिति बनाये रखे……।

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कोसी-बागमती संगम पर पुनर्स्थापित बी.पी.मंडल सेतु का उद्घाटन किया नीतीश ने

विकास पुरुष कहलाने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा कोसी-बागमती के संगम के संगम पर पुनर्स्थापित बीपी मंडल सेतु (डुमरी पुल) के उद्घाटन करने के बाद महती जनसभा को संबोधित करते हुए यही कहा गया कि सेतु के शुरू हो जाने से खगड़िया सहित कोसी व आस-पास के जिलों के लोगों की परेशानी दूर हो गई है। उद्घाटन के साथ ही डुमरी के बी.पी.मंडल सेतु पर वाहनों का परिचालन शुरू हो गया।

सीएम ने लोगों से यह भी कहा कि सहायक सड़कों व सेतुओं के निर्माण के साथ ही हम शीघ्र ही सूबे के किसी भी कोने से 5 घंटे के अंदर राजधानी पहुंचने का लक्ष्य हासिल कर लेंगे। तब सूबे के लोगों को यात्रा में और अधिक सहूलियत होगी।

नीतीश कुमार ने विकास की विस्तृत चर्चा करते हुए यही कहा कि बदलाघाट से सहरसा की दूरी मात्र 15 किलोमीटर रहने के बावजूद 4 नदियों (बागमती, कात्यायनी, कमला, कोसी) के कारण लोगों को 75 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि ये चारों उच्चस्तरीय पुल 13 करोड़ 96 लाख की लागत से बन जाने के बाद सहरसा, सुपौल, मधेपुरा की दूरी बहुत घट जायेगी।

यह भी बता दें कि जल्द ही 1380 करोड़ 61 लाख की लागत से एनएच-107 का चौड़ीकरण होगा जिसके लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य अंतिम चरण में है। उसकी लंबाई भी बढ़ाकर 180 किलोमीटर की जाएगी जिसके लिए टेंडर की सारी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं। इसके अलावे चौड़ीकरण कार्य पूर्ण होते ही बीपी मंडल सेतु के समानांतर और पुल निर्माण कराने की चर्चा ही नहीं बल्कि अनुशंसा भी की गई है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि एक नया स्टेट हाईवे- 95 (मानसी से हरदी चौघारा तक) का निर्माण शुरू किया जाएगा जिसके लिए डीपीआर भी तैयार कर ली गई है। उन्होंने कहा कि यह टू लेन हाईवे बनेगा जिससे खगड़िया, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा आदि जिलों को सर्वाधिक लाभ मिलेगा।

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जदयू मीडिया सेल ने डॉ. भारती मेहता को किया सम्मानित

जदयू मीडिया सेल मुख्यालय में आज बिहार राज्य संस्कृत शिक्षा बोर्ड की नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. भारती मेहता के लिए सम्मान-समारोह का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता जदयू मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप ने की। संस्कृत शिक्षा बोर्ड का कार्यभार संभालने से पूर्व डॉ. भारती मेहता जदयू की प्रदेश प्रवक्ता होने के साथ-साथ जदयू मीडिया सेल परामर्शदात्री समिति की सदस्य भी रही हैं। इस कारण मीडिया सेल के अध्यक्ष समेत सभी पदाधिकारियों ने उनको बोर्ड की महती जिम्मेदारी दिए जाने पर विशेष रूप से हर्ष प्रकट किया। इस सम्मान-समारोह में मीडिया सेल के कई प्रदेश पदाधिकारी व जिला संयोजक शामिल हुए जिनमें श्री राजीव रंजन पटेल, श्री धनंजय शर्मा, डॉ. धीरज सिन्हा, श्री संतोष चौधरी, श्री अप्पू पटेल, श्री संतोष अशर, श्री अभय विश्वास भट्ट, श्रीमती देवयानी दूबे, श्री प्रभात कुमार आर्य, श्री नबीस नवेन्दु, श्री अमित नारायण, श्री अशरफ हुसैन, श्री राहुल किशोर सिन्हा, श्री आशुतोष सिंह राठौड़ आदि प्रमुख हैं। जदयू नगर निकाय प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रवक्ता श्री चंदन यादव समेत युवा एवं छात्र जदयू के पदाधिकारी भी इस सम्मान-समारोह में मौजूद रहे। डॉ. भारती मेहता को सम्मान-स्वरूप शाल, बुके आदि दिए जाने के साथ ही डॉ. अमरदीप ने अपनी दो पुस्तकें भी भेंट कीं।
इस मौके पर अपने संबोधन में डॉ. अमरदीप ने कहा कि डॉ. भारती मेहता को बिहार राज्य संस्कृत शिक्षा बोर्ड की जिम्मेदारी देना मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार का ऐतिहासिक निर्णय है। अत्यंत पिछड़े समाज की बेटी को यह पद देकर उन्होंने कई मिथकों को तोड़ा है। उनका यह निर्णय बताता है कि राजनीतिक और सामाजिक समानता को लेकर उनके विजन का कैनवास कितना बड़ा है।
डॉ. भारती मेहता ने मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें इतना बड़ा दायित्व देकर माननीय मुख्यमंत्री ने साबित किया है कि पिछड़े समाज के समग्र उत्थान और आधी आबादी के समुचित सम्मान के लिए वे किस कदर प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि देवभाषा संस्कृत को समर्पित इस बोर्ड की खोई हुई गरिमा को वापस लौटाने और अपने नेता के विश्वास पर खरा उतरने में वे कोई कसर नहीं छोड़ेंगी।
सम्मान-समारोह को श्री राजीव रंजन पटेल, श्री धनंजय शर्मा, डॉ. धीरज सिन्हा, श्री चंदन यादव, श्री अभय विश्वास भट्ट एवं श्रीमती देवयानी दूबे ने भी संबोधित किया। सभी नेताओं ने डॉ. भारती को शुभकामनाएं दीं और विश्वास व्यक्त किया कि अपने कार्यकाल में वे मील का पत्थर स्थापित करने में सफल होंगी।

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मधेपुरा समाहरणालय में अटल जी की 94वीं राजकीय जयंती मनी

भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी की राजकीय जयंती 25 दिसंबर को मधेपुरा समाहरणालय के सभाकक्ष में जिले के आलाधिकारियों समाहरणालय कर्मियों एवं समाजसेवियों द्वारा सादे समारोह के रूप में मनायी गई। एसपी संजय सिंह, डीडीसी मुकेश कुमार, डीटीओ अब्दुल रज्जाक, एनडीसी रजनीश राय, डीसीएलआर गोपाल कुमार, वरीय उपसमाहर्ता मो.अल्लामा मुख्तार, सामाजिक सुरक्षा व खेल पदाधिकारी मुकेश कुमार आदि सहित समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, मो.शौकत अली, स्काउट एंड गाइड आयुक्त जय कृष्ण प्रसाद यादव भी मौजूद दिखे। सबों ने बारी-बारी से अटल जी की तस्वीर पर माल्यार्पण किया व पुष्पांजलि की। कार्यक्रम का आरंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

बता दें कि इस समारोह को मात्र एक साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि देश की राजनीति में प्रधानमंत्री के रूप में अटल जी की स्वस्थ भूमिका को प्रत्येक भारतीय सदैव याद रखेगा। डॉ.मधेपुरी ने कहा कि भारतीय राजनीति में अटल जी ही एक ऐसे प्रधानमंत्री हुए जिन्हें उनके मित्र और विरोधी दोनों समान रूप से याद करते हैं।

अपने विस्तृत संबोधन में डॉ.मधेपुरी ने कहा कि अटल जी ने गांधीयन मिसाइल मैन डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के सहयोगी वैज्ञानिकों द्वारा सुरक्षा की ऊंची दीवार खड़ा कर पोखरण परमाणु परीक्षण करके भारत को परमाणु महाशक्ति की श्रेणी में खड़ा कर दिया- जिसके लिए वे भारतीय स्वतंत्रता दिवस एवं गणतंत्र दिवस पर सदैव याद किए जाएंगे।

अंत में डॉ.मधेपुरी ने कहा कि अटल-काल में जहाँ एक ओर भारतीय जनमानस भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी एवं भारतरत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के इस महास्वप्न “ऑपरेशन शक्ति-98” की सफलता पर नाचता है , गाता है तथा आनंद विभोर हो जाता है वहीं दूसरी ओर विश्व के परमाणु संपन्न देशों अमेरिका, इंग्लैंड, रूस, फ्रांस और चीन के चेहरे पर उदासी छा जाती है। संबोधन के अंत में- अटल बिहारी वाजपेयी जैसे साहसी प्रधानमंत्री एवं गांधीयन मिसाइल मैन जैसे वैज्ञानिक डॉ.ए.पी.जे.अब्दुल कलाम को जिला प्रशासन मधेपुरा की ओर से डॉ.मधेपुरी ने सलाम किया।

चलते-चलते यह भी बता दें कि सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अटल जयंती को राजकीय समारोह के रूप में मनाने का निर्णय लिया है, साथ ही पटना में अटल जी की प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा भी की है।

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अब बिना नाम लिए वेल में आने वाले सांसद स्वतः होंगे निष्कासित

अगली लोकसभा में अब सांसदों द्वारा वेल में आकर हंगामा नहीं होगा। अभी लोकसभा में स्पीकर, वेल के अंदर खड़े, जिस सांसद का नाम लेती हैं उसी का निष्कासन होता है।
बता दें कि शीत सत्र में लगातार हंगामे होते रहे। स्पीकर सुमित्रा महाजन सर्वाधिक सख्त दिखती रही। नियम समिति के सदस्यों के साथ संवाद करती रही…… बैठक बुलाकर कवायद भी की। चर्चा के दरमियान…. छत्तीसगढ़ विधानसभा में वेल में आनेवाले विधायकों के 5 दिन के निष्कासन का फार्मूला ‘ बना मॉडल….. क्योंकि पक्ष या विपक्ष के संसद सदस्यों के नारों के साथ तख्तियां लहराकर लोकसभा की कार्यवाही ठप करनेवाले सांसदों से सुमित्रा महाजन बेहद खफा रही।
जानिए कि यदि सुमित्रा महाजन की कोशिश कामयाब हुई तो 17वीं लोकसभा में विपक्ष हंगामा तो कर सकता है परंतु सदन की कार्यवाही ठप कराने की कोशिश बंद हो जाएगी। ऐसे सांसद सदन की कार्यवाही से स्वतः निर्धारित समय सीमा के लिए निष्कासित हो जाएंगे तथा कार्यवाही सुचारू रूप से चल पायेगी।
यह भी बता दें कि इस बाबत स्पीकर की अगवाई में लोकसभा की 15 सदस्यीय नियम समिति की बैठक हुई जिसमें नियमों में बदलाव का ड्राफ्ट बनाने हेतु स्पीकर को ही अधिकृत कर दिया गया है। बैठक में छत्तीसगढ़ के फार्मूला पर जमकर चर्चा हुई….. तथा सदस्यों ने यही कहा कि मौजूदा लोकसभा का कार्यकाल पूरा हो रहा है जिसके फलस्वरूप यह आरोप भी नहीं लगेगा कि सत्तापक्ष जान-बूझकर अपने हितार्थ ऐसा कर रहा है।

 

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जदयू मीडिया सेल ने पूरा किया एक साल, जनवरी में आएगा जदयू ऐप

मंगलवार को जदयू मीडिया सेल की स्थापना का एक वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में प्रदेश जदयू मुख्यालय में मीडिया सेल प्रदेश कार्यसमिति एवं जिला मीडिया संयोजकों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई जिसकी अध्यक्षता जदयू मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप ने की। पार्टी की इस महत्वपूर्ण बैठक में जदयू के वरिष्ठ प्रवक्ता सह विधानपार्षद श्री नीरज कुमार, विधानपार्षद श्री ललन सर्राफ, जदयू के प्रदेश महासचिव सह मुख्यालय प्रभारी डॉ. नवीन कुमार आर्य एवं श्री अनिल कुमार तथा राज्य अनुसूचित जाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष श्री विद्यानंद विकल खास तौर पर मौजूद रहे। बैठक में मीडिया सेल के सभी पदाधिकारी मौजूद रहे जिनमें श्री राजीव रंजन पटेल, श्री धनंजय शर्मा, श्री प्रभात रंजन झा, डॉ. धीरज सिन्हा, श्री श्याम पटेल, डॉ. सुभाष चन्द्रशेखर, श्री धीरज सिंह राठौड़, श्री संतोष अशर, श्री अप्पू पटेल, श्री कैप कुमार, श्री प्रभात कुमार आर्य, श्री नबीस कुमार नवेन्दु, श्री मिथिलेश प्रसाद निराला, श्री संतोष चौधरी, श्री अमित नारायण, श्री राहुल किशोर सिन्हा, श्रीमती राधा रानी, श्री विकास कुमार सिंह एवं श्री आशुतोष सिंह राठौड़ प्रमुख हैं।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश प्रवक्ता सह विधानपार्षद श्री नीरज कुमार ने कहा कि महज एक साल में जदयू मीडिया सेल ने पार्टी के लिए जितने महत्वपूर्ण कार्य किए हैं उसके लिए प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप और उनकी पूरी टीम बधाई की हकदार हैं। उन्होंने कहा कि हम सबके नेता श्री नीतीश कुमार के कार्यों को जन-जन तक पहुँचाने के साथ-साथ सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रामक प्रचार करने वालों को माकूल जवाब देने की जिम्मेदारी भी मीडिया सेल के ऊपर है। 2019 और 2020 को ध्यान में रखकर मीडिया सेल की भूमिका और महत्वपूर्ण होने जा रही है।
विधानपार्षद श्री ललन सर्राफ ने कहा कि डॉ. अमरदीप के नेतृत्व में जदयू मीडिया सेल ने पार्टी को नई मजबूती दी है। इसके माध्यम से ना केवल सांगठनिक स्तर पर सार्थक संवाद संभव हो रहा है बल्कि तकनीक के क्षेत्र में भी हम बाकी दलों से आगे हो सके हैं। श्री नीतीश कुमार के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने में मीडिया सेल की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण होगी।
प्रदेश महासचिव सह मुख्यालय प्रभारी डॉ. नवीन कुमार आर्य एवं श्री अनिल कुमार ने मीडिया सेल को सफलता के साथ एक वर्ष पूरा करने पर अपनी शुभकामना देते हुए कहा कि बदलते हुए समय में मीडिया सेल पार्टी की जरूरत थी, जो अब पूरी हो गई है। अब इसे जिला और प्रखंड स्तर पर और सुदृढ़ करने की जरूरत है। वहीं, श्री विद्यानंद विकल ने कहा कि जितने कम समय में जदयू मीडिया सेल ने अपनी उपयोगिता और अनिवार्यता साबित की है, वह प्रशंसा योग्य है।
इस मौके पर जदयू मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप ने वार्षिक रिपोर्ट पेश की और साल भर की सारी उपलब्धियों का लेखा-जोखा सामने रखा। जदयू के वेब पोर्टल और वेब पत्रिका की सफलता के बाद उन्होंने जनवरी में पार्टी के वेब ऐप को लॉन्च करने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने बताया कि शीघ्र ही सभी 534 प्रखंडों एवं शहरी क्षेत्रों के 117 सेक्टरों में मीडिया संयोजकों की नियुक्ति हो जाएगी। मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जनवरी में जदयू मीडिया सेल का राजधानी पटना में प्रदेश, जिला एवं प्रखंड व सेक्टर स्तर के पदाधिकारियों के संयुक्त सम्मेलन का आयोजन प्रस्तावित है, जिसमें पार्टी के सभी शीर्ष नेता मौजूद रहेंगे।

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मधेपुरा के तेरहों प्रखंड में खुलेंगे 26 कृषि पाठशाला

अब जिले के प्रत्येक प्रखंड में दो-दो पाठशालाओं को संचालन आत्मा की ओर से किया जाएगा | प्रत्येक पाठशाला में किसानों को वैज्ञानिक विधि से खेती करने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा | यह प्रशिक्षण तीन महीनों का होगा जिसमें छः सत्र होंगे |

बता दें कि पाठशाला स्थापित करने को लेकर जिले भर में जगहों को चयनित करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है | पाठशाला के संचालन को लेकर विभागीय स्तर पर सभी तैयारी पूरी कर ली गई है | जनवरी माह से पाठशाला गठन की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी जिसके लिए विभागीय स्तर पर दिशा निर्देश जारी कर दिया गया है |

यह भी जानिए की पाठशाला गठन को लेकर संभावित पंचायतों के चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है | प्रत्येक पाठशाला में 25 किसानों को मिलेगा प्रशिक्षण | प्रत्येक किसान को 3 महीने के दौरान 6 सत्र में प्रशिक्षित किया जाएगा |

यह भी बता दें कि पाठशाला में संचालन का जिम्मा कृषि विभाग के कृषि समन्वयक व सहायक तकनीकी प्रबंधन पर होगा | इसके अतिरिक्त आत्मा के परियोजना निदेशक राजन बालन ने मधेपुरा अबतक को बताया कि किसानों को परंपरागत खेती के साथ-साथ अन्य फसलों की खेती के लिए भी प्रेरित किया जाएगा | उन्होंने कहा कि खासकर मशरूम की खेती को बढ़ावा देने के लिए मुख्यरूप से किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा एवं प्रशिक्षित भी |

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बीएनएमयू का दूसरा भव्य दीक्षांत समारोह हुआ सम्पन्न

भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा के दूसरे दीक्षांत समारोह में भाग लेने बिहार के महामहिम राज्यपाल सह कुलाधिपति लालजी टंडन 12:30 बजे दिन में संत अवध कीर्ति खेल मैदान में हेलीकॉप्टर से उतरे। महामहिम का स्वागत कुलपति, प्रतिकुलपति, जिलाधिकारी एवं आरक्षी अधीक्षक आदि ने किया। समारोह स्थल के करीब महामहिम को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

बता दें कि महामहिम 1:00 बजे मंचासीन हो गये और उनकी अध्यक्षता में सर्वप्रथम समाजवादी मनीषी भूपेन्द्र नारायण मंडल की तस्वीर पर कुलाधिपति लालजी टंडन, शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा, कुलपति डॉ.ए.के.राय, प्रतिकुलपति डॉ.फारुख अली, कुलसचिव कर्नल नीरज कुमार आदि ने माल्यार्पण व पुष्पांजलि किया और तत्पश्चात दीप प्रज्ज्वलित किया गया। राष्ट्रीय गान, कुलगीत एवं सरस्वती वंदना से वातावरण संगीत में हो गया।

कार्यक्रम का आरंभ कुलपति डॉ.राय ने की और अपने विस्तृत संबोधन में उन्होंने यही कहा कि विश्वविद्यालय को ऊंचाई देने का सपना मेरे अंदर तूफान मचा रखा है। उन्होंने विश्वविद्यालय को ऊँचाई प्रदान करने हेतु शिक्षक, छात्र, अभिभावक एवं समाजसेवियों से सहयोग करने की मांग की। उनके क्रियाकलापों से कुलाधिपति पूरी तरह से संतुष्ट दिखे।

कुलाधिपति लालजी टंडन ने कहा कि उन्होंने सारे कुलपतियों के साथ एक बैठक कर जो निर्णय लिया है उन्हें अच्छी तरह सबों के द्वारा आगे बढ़ाया जा रहा है। मंडल विश्वविद्यालय के कार्य तो सर्वाधिक संतोषप्रद हैं जैसा रिपोर्ट दर्शाता है। अपने दीक्षांत समारोह भाषण में चर्चा करते हुए कुलाधिपति ने भूपेन्द्र बाबू सहित ऋष्य श्रृंग,भोलेनाथ, मंडन-भारती…… आदि का स्मरण करते एवं आशीष लेते हुए उपस्थित प्रतिभागियों से यही कहा कि मन केवल शिक्षा से ही नहीं बल्कि दीक्षा से होता है नियंत्रित। शिक्षा मंत्री श्री वर्मा ने उच्च शिक्षा प्राप्ति हेतु निर्धन किन्तु प्रतिभावान छात्रों के लिए नीतीश सरकार की नीतियों की विस्तृत चर्चा की। कुलाधिपति के हाथों दोनों सत्रों के लगभग 40 छात्रों को गोल्ड मेडल एवं शिक्षा मंत्री द्वारा 89 छात्रों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई।

अंत में प्रति कुलपति डॉ.फारुख अली द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया। प्रतिकुलपति ने कोसी प्रमंडल सहित जिले के आलाधिकारियों, शिक्षकों, छात्रों एवं अभिभावकों के साथ-साथ मीडिया के लोगों की जमकर सराहना की। कुलाधिपति द्वारा समापन की घोषणा के बाद राष्ट्रीय गान के साथ दीक्षांत समारोह के कार्यक्रम-समापन की घोषणा कुलसचिव कर्नल नीरज कुमार ने की।

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तेजप्रताप ने कहा, तलाक से पीछे हटने का सवाल ही नहीं

आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव ने कहा है कि ऐश्वर्या राय से उनके तलाक की कार्यवाही जारी रहेगी। इस बीच मीडिया में चल रही तलाक की अर्जी वापस लेने संबंधी खबरों का खंडन करते हुए उन्होंने कहा कि न्यूज चैनल्स गलत खबर चला रहे हैं। तलाक के फैसले से पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं है।

गौरतलब है कि तेजप्रताप हाल ही में अपने पिता से मिले थे। उसके बाद कयास लगाए जा रहे थे कि वे शायद मान जाएंगे लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। उल्टे उनसे मिलने के बाद तेजप्रताप ने कहा, ‘मैंने जो भी फैसला लिया, अब उसे बदलने वाला नहीं हूं। मुझपर मेरे पिता का आशीर्वाद है।’

बता दें कि इसी साल तेजप्रताप की शादी बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री दारोगा राय की पोती और आरजेडी विधायक चंद्रिका राय की बेटी ऐश्वर्या राय से हुई थी। शादी के पांच महीने बाद ही तेजप्रताप ने पटना कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल की थी, जिसके बाद से ही दोनों के परिवारों ने तेजप्रताप को मनाने की हरसंभव कोशिश की पर तेजप्रताप टस से मस होते नहीं दिख रहे। तेजप्रताप के वकील यशवंत कुमार शर्मा का कहना है कि तेजप्रताप और ऐश्वर्या राय के बीच सबकुछ ठीक नहीं था इसलिए यह फैसला लिया गया।

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