बाबा विशुराउत मेले को राजकीय दर्जा मिलने पर जश्न का माहौल

मधेपुरा के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल (भा.प्र.से.) ने सर्वाधिक प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मधेपुरा अबतक को बताया कि जिले के चौसा प्रखंड मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर अवस्थित बाबा विशुराउत मंदिर में प्रतिवर्ष 13 अप्रैल से लगनेवाले तीन दिवसीय मेला को राज्य सरकार द्वारा राजकीय दर्जा दिया जाने वाला पत्र प्राप्त हो गया है | उन्होंने इसे बड़ी उपलब्धि करार देते हुए कहा कि नीतीश सरकार के माननीय मंत्री राम नारायण मंडल, राजस्व व भूमि सुधार विभाग के विशेष सचिव प्रवीण कुमार झा द्वारा हस्ताक्षरित अधिसूचना ज्ञापांक- 898(8)-01 नवंबर, 2017 के तहत इस मेले को राजकीय मेला अधिसूचित करते हुए बिहार राज्य मेला प्राधिकार के प्रबंधन में दे दिया गया है |

बता दें कि मधेपुरा जिला अंतर्गत चौसा प्रखंड के पचरासी बथान में गोपालक लोक देवता के रूप में बाबा विशुराउत की पूजा-अर्चना नियम व निष्ठा के साथ शुरू दुग्धाभिषेक द्वारा की जाती रही है | पचरासी बथान स्थित उनकी समाधि पर प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को विशेष श्रृंगार पूजा होती है | साथ ही बाबा विशुराउत की समाधि पर इतनी मात्रा में श्रद्धालुओं द्वारा दूध चढ़ाया जाता है कि आस-पास में दूध की नदी बहने लगती है | यूँ तो विशु बाबा की महिमा अपरंपार है और विशेषता यह है कि चाहे जितनी भी दूरी से श्रद्धालुगण कच्चा दूध लेकर आते हैं- वह दूध ना तो फटता है और ना खराब होता है |

Devotees offering Raw Milk at Baba Vishuraut Temple.
Devotees offering Raw Milk at Baba Vishuraut Temple.

यह भी जानिए कि बाबा विशु के नाम से चौसा में एक महाविद्यालय की स्थापना स्थानीय श्रद्धालुओं द्वारा की गई है तथा कोसी नदी पर विशाल सेतु भी बना है | आलमनगर विधानसभा क्षेत्र के श्रमशील जनता एवं वर्तमान विधायक सह राजस्व भूमि सुधार सहित कई विभागों के मंत्री रह चुके नरेन्द्र नारायण यादव के आसपास आज जश्न का माहौल है क्योंकि यहाँ के लोग वर्षो से बाबा विशुराउत मेला को राजकीय दर्जा देने की मांग कर रहे थे | आज बिहार सरकार द्वारा एक ओर जहाँ विशुराउत मेला को और वहीं दूसरी ओर आस्था का महापर्व छठ पूजा के दौरान आयोजित होने वाले ‘देव मेला’ को भी राजकीय दर्जा दिये जाने पर संपूर्ण बिहार में ही हर्ष व्याप्त है |

Md.Sohail (IAS), Madhepura
Md.Sohail (IAS), Madhepura .

चलते-चलते यह भी बता दें कि बाबा विशुराउत की समाधि पर बिहार के अनेक विधायक, मंत्री, सांसद एवं कई मुख्यमंत्री व राष्ट्रीय स्तर के नेतागण का आना-जाना लगा ही रहता है जिन्हें आज बेहद खुशी होती होगी | साथ ही आकाश से निरखते हुए शुभाशीष अर्पित कर रहे होंगे यहाँ के प्रथम विधायक तनुक लाल मंडल, विद्याकर कवि एवं वीरेंद्र प्रसाद सिंह आदि भी………| इलाके के पशुपालकों में उत्साह व उमंग को देखकर स्थानीय बुद्धिजीवियों- सूर्यकुमार पटवे, डॉ.अंबिका प्रसाद गुप्ता, रघुनंदन यादव, मुर्शीद आलम, बैजनाथ साह, निवास चन्द, मुन्ना यादव, जीवन शर्मा, सुबोध सिंह……… आदि ने इस मेला को राजकीय मेला घोषित किये जाने पर ईश्वर से यही कहा कि अब मेला के साथ इस इलाके में भी विकास का नया आयाम खुलेगा |

मधेपुरा अबतक द्वारा जब सिंहेश्वर टेंपल ट्रस्ट के सदस्य सुप्रसिद्ध समाजसेवी-शिक्षाविद डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी से टिप्पणी करने को कहा गया तो डॉ.मधेपुरी ने कहा कि बिहार में सोनपुर के बाद एक महीने तक चलने वाला सिंहेश्वर मेला को जल्द ही राजकीय दर्जा मिलेगा क्योंकि इसे नीतीश सरकार द्वारा “महोत्सव” की स्वीकृति तो दे ही दी गई है…… अब डीएम मो.सोहैल द्वारा राजकीय दर्जा देने हेतु लिखे गए पत्रादि के प्रयास को शीघ्रातिशीघ्र सफलता मिलेगी ही मिलेगी……. तब सिंहेश्वर के श्रद्धालु जमकर जश्न मनायेंगे |

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