नीतीश ने कहा, मुझको लेकर कयास लगाना बंद करें

बिहार के मुख्यमंत्री व जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने कहा कि मेरे लिए कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। कुछ लोग कहते हैं कि लालू के दबाव में काम कर रहे हैं तो कुछ कहते हैं कि भाजपा के साथ चले जाएंगे। लेकिन ये सब बकवास है। रविवार को राजधानी स्थित जेडीयू कार्यालय में आयोजित प्रदेश कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक में नीतीश ने कहा कि मैं बिहार में ही राजनीति करुंगा। बिहार के विकास के लिए काम करुंगा।

कार्यकारिणी की बैठक में राष्ट्रपति व उपराष्ट्रपति चुनाव, महागठबंधन व सरकार से संबंधित तमाम महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। राष्ट्रपति चुनाव में जेडीयू द्वारा रामनाथ कोविंद को समर्थन की घोषणा के बाद जिस तरह लालू और कांग्रेस से नीतीश की बढ़ती ‘तल्खी’ और एनडीए से ‘मधुर’ होते संबंध की ख़बरें आ रही थीं, उस पर विराम लगाते हुए नीतीश ने कार्यकर्ताओं से संगठन की मजबूती के लिए काम करने को कहा। कार्यकर्ताओं से उन्होंने कहा कि संगठन ही आपकी पहचान है। संगठन की मजबूती की बदौलत ही आज भाजपा देश की सत्ता पर काबिज है।

कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने का आह्वान करते हुए नीतीश ने कहा कि आपलोगों की सबसे पहली प्राथमिकता यह है कि संगठन का अधिक से अधिक विस्तार किया जाए और लोगों को इससे जोड़ा जाए। बैठक में पिछले वर्ष 5 जून को आरंभ हुए सदस्यता अभियान की समीक्षा भी की गई। बता दें कि पार्टी ने 50 लाख प्राथमिक एवं 2 लाख सक्रिय सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा है।

इस बैठक में दहेज प्रथा और बाल विवाह के खिलाफ शुरू हुई सरकार की मुहिम में जेडीयू के भागीदार बनने की रणनीति भी बनी। बिहार के राजनीतिक समीकरण के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील इस बैठक में पार्टी प्रमुख के अलावे प्रदेश अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह, आरसीपी सिंह, राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, श्याम रजक, मौलाना गुलाम रसूल बलियावी आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

सम्बंधित खबरें