आज 12 बजे रात को संसद में बजेगा जीएसटी का घंटा !

जहाँ आजादी की उद्घोषणा तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 14 अगस्त, 1947 की आधी रात को ऐतिहासिक भाषण के साथ की थी वहीं आजाद भारत के सबसे बड़े टैक्स सुधार ‘जीएसटी’ (Goods & Services Tax) की शुरुआत आजादी की उद्घोषणा कार्यक्रम की तर्ज पर आज 30 जून की आधी रात को संसद के केन्द्रीय कक्ष में होगी |

बता दें कि स्वतंत्र भारत में पहली बार ऐसा होगा कि ‘जीएसटी’ जैसे कानून को लागू करने के लिए आधी रात (यानी 12 बजे रात) को संसद का विशेष संयुक्त सत्र बुलाया जायेगा और 11 बजे से सत्र शुरू होकर 12 बजते ही घंटा बजना शुरू हो होगा जो इस बात का गवाह बनकर रेखांकित करेगा कि भारत में दिनांक 1 जुलाई 2017 से जीएसटी का नया कानून आ गया है |

यह भी जान लें कि इस कानून ‘जीएसटी’ को महामहिम राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ही आधिकारिक रूप से लांच करेंगे और शनिवार यानी 1 जुलाई से यह कानून पूरे देशभर में लागू हो जायेगा- जो इनडायरेक्ट टैक्स के जरिये 2,000 अरब डॉलर से अधिक की अर्थव्यवस्था को नया रूप देगी |

ऐसे ऐतिहासिक मौके पर महामहिम राष्ट्रपति के आजू-बाजू में रहेंगे उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, स्पीकर सुमित्रा महाजन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, वित्त मंत्री अरुण जेटली, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज सहित केंद्रीय मंत्रीमंडल के सभी मंत्रीगण, सांसदगण एवं कई राज्यों के मुख्यमंत्रीगण |

यह भी जानिये कि इस मौके पर जीएसटी परिषद के सभी सदस्य अनिवार्य रुप से उपस्थित रहेंगे | आधी रात के बाद राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस बाबत देशवासियों के समक्ष अपनी बातें रखेंगे तथा सेंट्रल हॉल में उपस्थित गण्यमान्यों को जीएसटी से संबंधित दो छोटी फिल्में दिखायी जायेंगी जिसमें जीएसटी के प्रावधानों के साथ-साथ उसकी खूबियों को भी विस्तार से दर्शाया जायेगा |

इस फिल्म को नहीं देखनेवालों ने होंगे- कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस एवं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सुप्रीमो सहित सभी सांसदगण जिन्होंने इस कार्यक्रम का बहिष्कार किया है | कुछ ने तो सरकार द्वारा जल्दबाजी दिखाये जाने के कारण बताया तो किसी ने कहा कि भाजपा द्वारा विपक्ष में रहने के दौरान इसी प्रणाली का जमकर विरोध किया गया था |

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देश बिहार की बिजली कंपनी की राह अपनाएँ

जी हाँ ! इस बार की ईद ढेर सारी खुशियों की बहार लेकर आई है | ईद में पाक दिल से मांगी गई दुवाएँ भी कबूल होती है | इंसानियत का पैगाम है रमजान ! सबको मुबारक हो ईद !!

जहाँ बिहार सरकार की रीढ़ माने जाने वाले ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव द्वारा ईद के दिन 4133 मेगावाट बिजली आपूर्ति की उपलब्धि हासिल किये जाने के रिकॉर्ड के लिए बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी के सी.एम.डी. प्रत्यय अमृत के साथ-साथ साउथ एवं नार्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के एम.डी. द्वय क्रमशः आर.लक्ष्मण एवं एस.के.आर. पूडलकुट्टी को सम्मानित किया गया वहीं मधेपुरा के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल ने ईद मिलन के साथ ही प्रेस को संबोधित करते हुए आम नागरिकों सहित सांसदों-विधायकों के साथ-साथ सभी कोटि के जनप्रतिनिधियों से यही अनुरोध किया –

“यदि विद्युतीकरण से वंचित किसी भी गांव की जानकारी आपको मिले तो उसे अविलंब उपलब्ध करायें ताकि वहाँ भी युद्धस्तर पर विद्युतीकरण करवाया जा सकेगा……….!”

बता दें कि 2005 में बिहार 500-600 मेगावाट पर था | पिछले वर्ष ईद के समय बिहार को 3337 मेगावाट बिजली मिली थी | इस बार ईद में 796 मेगावाट की बढ़ोतरी के साथ कुल 4133 मेगावाट बिजली आपूर्ति की उपलब्धि हासिल की गई जिसके लिए राज्य स्तरीय तीनों आलाधिकारियों को ऊर्जा मंत्री द्वारा अपने ही कार्यालय कक्ष में सहृदय होकर सम्मानित किया जाना सर्वथा प्रशंसनीय एवं अनुकरणीय माना जायेगा |

आगे ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने कहा कि राज्य में अब तक का यह सर्वाधिक बिजली आपूर्ति है | साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस वित्तीय वर्ष के अंत तक 5000 मेगावाट बिजली की आपूर्ति होगी |

The Dynamic DM Md.Sohail has placed Madhepura at the top in the eyes of Energy Department of the State and others too .
The Dynamic DM Md.Sohail has placed Madhepura at the top in the eyes of Energy Department of the State and others too .

और अब थोड़ा आगे चलिए……. और जानिए मधेपुरा के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल के करिश्माई कारनामें- वर्ष 2015 के स्वतंत्रता दिवस पर प्रारम्भ “ग्रामीण ज्योति योजना” के तहत जिले के कुल 228 राजस्व गांवों के 829 टोलों में कुल 74800 बिजली पोल गडवाकर, 1758 किलोमीटर एल.टी.लाइन बिछवाकर, 65597 बी.पी.एल. परिवारों को डीएम मो.सोहैल के निर्देशानुसार विद्युत कनेक्शन प्रदान किया गया तथा 31 जुलाई तक शेष सभी बीपीएल परिवारों को भी विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने का निश्चय किया गया |

ध्यातव्य है कि सात निश्चय योजना के तहत 100 घर से अधिक के टोले में ही विद्युतीकरण किया जाना था, लेकिन ईद की खुशियां बांटने वाले डीएम मो.सोहैल द्वारा ऐसे सभी टोले में बिजली कनेक्शन करा दिया गया जहाँ सौ की जगह 20 घर भी मौजूद हैं |

यह भी बता दें कि डीएम द्वारा 90 हजार ए. पी.एल. परिवार की सूची विद्युत विभाग को उपलब्ध करा दी गई है जिन्हें 31 दिसंबर 2017 तक ऑन द स्पॉट विद्युत कनेक्शन प्रदान कर बिलिंग साइकिल प्रारंभ कर दिया जायेगा |

और इस तरह बिहार राज्य देश में एक बार फिर दूसरे राज्यों के लिए मॉडल बन गया है | तभी तो केंद्र सरकार ने सभी राज्यों से यही कहा है कि वह घाटे से उबरने के लिए बिहार की बिजली कंपनी की राह अपनाएँ…….!

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1 जुलाई से बदल जाएगी आपकी दुनिया, जानिए कैसे

1 जुलाई 2017 से आपकी दुनिया वो नहीं रहेगी जो 30 जून तक होगी। ये दिन सभी भारतीयों के जीवन में एक साथ कई बदलावों को लेकर आने वाला है। आप शायद सोच रहे होंगे कि यहां जीएसटी से जुड़ी कोई बात कही जा रही होगी क्योंकि यह नया इनडायरेक्ट टैक्स सिस्टम 1 जुलाई से लागू होने जा रहा है और आजकल हर जगह इसी की चर्चा हो रही है। इसमें कोई दो राय नहीं कि जीएसटी हमारे जीवन में कई बदलावों का वाहक बनकर आ रहा है, लेकिन सच यह है कि 1 जुलाई के पिटारे में जीएसटी के साथ-साथ बदलावों की पूरी फेहरिस्त है। चलिए डालते हैं उन बदलावों पर एक नज़र।

सबसे पहले 1 जुलाई से आधार को लेकर होने वाले अहम बदलाव। बता दें कि सरकार ने आयकर रिटर्न के लिए अब आधार को अनिवार्य कर दिया है। आधार के बिना 1 जुलाई के बाद आप अपना रिटर्न फाईल नहीं कर पाएंगे। यही नहीं, सरकार ने टैक्स बचाने के लिए एक साथ कई पैन कार्ड का इस्तेमाल करने वाले लोगों पर शिकंजा कसने के लिए पैन को भी आधार से जोड़ना अनिवार्य कर दिया है। आधार के बिना अब आप नए पैन कार्ड के लिए आवेदन भी नहीं कर पाएंगे। और तो और आधार के बिना 1 जुलाई से आपका पासपोर्ट भी नहीं बनेगा। इन सबके साथ-साथ 1 जुलाई से छात्रों का स्कॉलरशिप हो, जनवितरण प्रणाली हो या आपका पीएफ खाता, आधार हर जगह जरूरी होगा।

1 जुलाई से भारतीय रेल भी अपने कई नियमों में बदलाव करने जा रही है। अच्छी बात यह कि ये सभी बदलाव आपको राहत देंगे। मसलन, 1 जुलाई से तत्काल टिकट कैंसिल कराने पर 50 फीसदी रिफंड भी मिलेगा, जो अब तक नहीं मिलता था। 1 जुलाई से तत्काल टिकटों की बुकिंग का समय भी बदल जाएगा। अब सुबह 10 से 11 बजे तक एसी कोच के लिए और 11 से 12 बजे तक स्लीपर कोच के लिए तत्काल टिकट की बुकिंग होगी। 1 जुलाई से रेल मंत्रालय राजधानी, शताब्दी, दुरंतो और मेल-एक्सप्रेस की तर्ज पर सुविधा ट्रेन चलाएगा, जिसमें यात्रियों को कन्फर्म टिकट की सुविधा दी जाएगी और वेटिंग लिस्ट का झंझट खत्म हो जाएगा। सुविधा ट्रेनों के टिकट को कैंसिल कराने पर भी आधा पैसा मिलेगा और कोच के हिसाब से चार्ज होगा। एक और बड़ा परिवर्तन यह कि 1 जुलाई से राजधानी और शताब्दी ट्रेनों में केवल मोबाईल टिकट ही वैद्य होगा।

1 जुलाई से भारतीय यात्रियों को विदेश यात्रा के लिए डिपार्चर फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं होगी। सरकार ने इमीग्रेशन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए यह कदम उठाया है।

1 जुलाई से ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए एक नए पाठ्यक्रम को लॉन्च करेंगे, जो कि अंतर्राष्ट्रीय एडुकेशन स्टैंडर्ड के अनुरूप होगा। इसमें नए टैक्सेशन सिस्टम जीएसटी को भी शामिल किया गया है।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

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ओबामा ही नहीं ट्रंप के अमेरिका में भी छा गए मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का अमेरिका दौरा संपन्न हुआ। उनके इस दौरे पर करोड़ों भारतवासियों समेत पूरी दुनिया की निगाहें टिकी थीं। इसका पहला कारण यह था कि डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद यह अमेरिका का उनका पहला दौरा था और ट्रंप अपने स्वभाव और शैली में ओबामा से कितने अलग हैं, ये छिपी बात नहीं। दूसरा, चीन द्वारा अपनी बढ़ती महत्वाकांक्षाओं के कारण पाकिस्तान को शह देने और इस कारण पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद में हो रहे इजाफे के मद्देनज़र भारत-अमेरिका संबंधों और आपसी हितों को नए सिरे से परिभाषित करना बेहद जरूरी था। इन दोनों ही कसौटियों पर मोदी की यह यात्रा अत्यंत सफल कही जाएगी। हालांकि एच-1 बी वीजा और पेरिस जलवायु समझौता जैसे मुद्दे भी थे, लेकिन इस यात्रा में इन पर बात संभव न हो सकी।

कहना गलत न होगा कि मोदी-ट्रंप की इस मुलाकात से भारत और अमेरिका के आपसी संबंधों को और मजबूती मिली। इस मुलाकात में सबसे ज्यादा आतंकवाद का मुद्दा छाया रहा। दोनों देशों ने आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ने की प्रतिबद्धता जताते हुए पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद पर कड़े तेवर दिखाए। अपने साझा बयान में दोनों देशों ने पाकिस्तान से कहा कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल आतंकवाद को प्रश्रय देने के लिए न करे। यही नहीं, दोनों देशों ने पाकिस्तान को अपनी जमीन पर सक्रिय आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने को भी कहा। साथ ही, भारत पर हुए 26/11 के आतंकी हमलों और पठानकोट एयरबेस पर हुए अटैक में शामिल आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने की हिदायत भी पाकिस्तान को दी गई।

आतंकवाद के अलावे मोदी और ट्रंप के बीच व्यापार, सुरक्षा, द्विपक्षीय सहयोग और अफगानिस्तान में स्थिरता कायम करने के प्रयासों पर भी बातचीत हुई। इसके अलावा ट्रंप ने जीएसटी की तारीफ करते हुए इसे भारत का सबसे बड़ा टैक्स सुधार बताया। उन्होंने भ्रष्टाचार से लड़ने के मोदी सरकार के प्रयासों की भी तारीफ की। साथ ही उन्होंने माना कि भारत-अमेरिका के संबंध इतने मधुर कभी नहीं थे। इससे पहले मोदी का स्वागत करते हुए ट्रंप ने कहा कि “दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के नेता का व्हाइट हाउस में स्वागत करना सम्मान की बात है।“

चलते-चलते सारी बातों का सार यह कि अपने साझा बयान में ट्रंप ने जहां इस बात का खास तौर पर उल्लेख किया कि भारत और अमेरिका के संविधान के पहले तीन शब्द – ‘We the People’ – एक जैसे हैं और इसमें जोड़ा कि प्रधानंमत्री मोदी और मैं इन शब्दों का महत्व बहुत अच्छी तरह जानते हैं, वहीं प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका के नए राष्ट्रपति को आज के संदर्भ में यह एहसास कराने में सफल रहे कि “न्यू इंडिया और मेक अमेरिका ग्रेट अगेन एक जैसे हैं।”

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

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दो हजार करोड़ की कमाई करने वाली पहली भारतीय फिल्म बनी ‘दंगल’

आमिर खान के लिए इससे यादगार ईद भला क्या हो सकती है! ईद के दिन 2.5 करोड़ की कमाई कर उनकी फिल्म ‘दंगल’ दुनिया भर में 2000 करोड़ की कमाई करने वाली पहली भारतीय फिल्म बन गई है। वैसे तो प्रभास अभिनीत व एसएस राजामौली द्वारा निर्देशित ‘बाहुबली-2’ भी इस आंकड़े की ओर तेजी से बढ़ रही है, लेकिन 2000 करोड़ के क्लब में शामिल होने वाली पहली भारतीय फिल्म कहलाने का सौभाग्य ‘दंगल’ को मिला।

23 दिसंबर 2016 को रिलीज हुई ‘दंगल’ की इस रिकॉर्डतोड़ सफलता का सबसे अहम पहलू यह है कि इसमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी चीन की है। वहां इस साल 5 मई को रिलीज होने वाली ‘दंगल’ अब तक कुल 1154 करोड़ रुपए की कमाई कर चुकी है। बड़ी बात यह कि इसका प्रभाव वहां अब भी बरकरार है। बता दें कि आमिर की फिल्म पीके ने भी चीन में काफी अच्छी कमाई की थी। इससे साफ है कि वहां बॉलीवुड के इस खान की खासी फैन फॉलोइंग है।

चीन के अलावा बाकी मुल्कों में भी ‘दंगल’ ने अच्छी कमाई की है, वहीं भारत में इसने अब तक 387 करोड़ रुपए कमाए हैं। बात जहां तक पड़ोसी पाकिस्तान की है, वहां इसे रिलीज ही नहीं किया गया, क्योंकि आमिर किसी भी सूरत में इस फिल्म से राष्ट्रगान वाला हिस्सा हटाने को तैयार नहीं थे।

बहरहाल, आमिर की सफलता ने साबित कर दिया है कि संजीदगी और शिद्दत से कोई काम किया जाय तो देश की सीमाएं भी छोटी पड़ जाती हैं। आमिर से पहले विदेशों में अगर किसी भारतीय अभिनेता के लिए इस तरह का क्रेज देखा गया था तो वे राज कपूर थे। लेकिन तब सौ, दो सौ, पांच सौ, हजार और दो हजार करोड़ के क्लब कल्पना से परे थे।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

 

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अमेरिका में इन 21 कंपनियों के सीईओ से मिल रहे हैं मोदी

डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद अपनी पहली अमेरिका यात्रा पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वाशिंगटन पहुंच गए हैं। ट्रंप से उनकी मुलाकात सोमवार को होगी, लेकिन उससे पहले ही ट्रंप ने अपने आधिकारिक वेबसाईट से मोदी का स्वागत किया। मोदी को सच्चा दोस्त बताते हुए उन्होंने ट्वीट किया कि भारतीय प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए व्हाइट हाउस तैयार है। अहम रणनीतिक मुद्दों पर अपने सच्चे दोस्त से चर्चा होगी।

गौरतलब है कि सोमवार को होनेवाली ट्रंप-मोदी मुलाकात में दोनों देशों के बीच कई अहम करार होने की उम्मीद है। इस दौरान द्विपक्षीय हितों के अतिरिक्त दोनों नेताओं के बीच जिन मुद्दों पर बातचीत संभावित है, उनमें एच-1बी वीजा, पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन जैसे बड़े मुद्दे शामिल हैं।

बहरहाल, सोमवार की इस बहुप्रतीक्षित मुलाकात पर जहां भारत समेत पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हैं, वहीं प्रधानमंत्री मोदी की रविवार को दुनिया के टॉप 21 सीईओ से हो रही मुलाकात भी कम महत्वपूर्ण नहीं। इस समय जब ये पोस्ट लिखा जा रहा है, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दुनिया के शीर्ष बिजनेस लीडर्स के साथ संवादरत हैं।

भारतीय प्रधानमंत्री के बातचीत में मौजूद बिजनेस वर्ल्ड के 21 बड़े नाम इस प्रकार हैं – शांतनु नारायण (एडोब), जेफ बेजोस (अमेजन), जिम टैक्लेट (अमेरिकन टावर कार्पोरेशन), टिम कुक (एप्पल), जिम उम्प्लेबाई (कैटरपिलर), जॉन चैंबर्स (सिस्को), पुनित रेंजेन (डेलॉइट ग्लोबल), डेविड फार (इमर्सन), मार्क वेनबर्गर (अर्नेस्ट एंड यंग), सुंदर पिचाई (गूगल), एलेक्स गोरस्की (जॉनसन एंड जॉनसन), जेमी डिमोन (जेपी मॉर्गन चेज एंड कंपनी), मेरिलिन ए ह्यूसन (लॉकहीड मॉर्टिन), आर्ने सोरेनसन (मैरियट इंटरनेशनल), अजय बंगा (मास्टरकार्ड), इरेन रोसेनफील्ड (मोंडेलेज इंटरनेशनल), डेविड रुबेन्स्टेन (द कार्लाइल ग्रुप), डग मैकमिलन (वॉलमॉर्ट), चार्ल्स काये (वारबर्ग पिनकस), डेनियल यार्गिन (आईएचएस मार्किट) और मुकेश आघी (यूएसआईसीबी)।

गौरतलब है कि मोदी ने 2015 में भी कई कंपनियों के सीईओ के साथ राउंड टेबल मीटिंग की थी और कई संभावनाओं का बीजारोपण किया था। उम्मीद की जानी चाहिए कि इस बार की मुलाकात के बाद वे संभावनाएं ठोस आकार लेंगी। मोदी दुनिया की इन दिग्गज कंपनियों को जीएसटी जैसे ऐतिहासिक सुधार के बाद बनी भारत की माकूल स्थिति से अवगत कराना चाहेंगे। साथ ही उन्हें ‘मिनिमम गवर्नमेंट और मैक्सिमम गवर्नेंस’ का भरोसा देंगे। मोदी ये अच्छी तरह जानते हैं कि उनके कार्यकाल के तीन वर्ष बीत चुके हैं और उनका देश उन्हें बड़ी उम्मीदों से देख रहा है। जाहिर है, अपनी कोशिशों में वे कोई कसर नहीं छोड़ना चाहेंगे।

‘मधेपुरा अबतक’ के लिए डॉ. ए. दीप

 

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पासवान ने कहा, बिहार के भले के लिए एनडीए में आएं नीतीश

केन्द्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री व लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद का समर्थन करने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रशंसा करते हुए उन्हें एनडीए में आने का न्योता दिया है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के निर्णय का हम स्वागत करते हैं और उनसे आग्रह करते हैं कि दो नाव पर पांव नहीं रखें। जल्दी से एनडीए में आ जाएं। उनके आने से एनडीए भी मजबूत होगा, वे भी मजबूत होंगे और बिहार का भला हो जाएगा।

पासवान ने आगे कहा कि नीतीश महागठबंधन में असहज महसूस कर रहे हैं। हाल के दिनों में ऐसे कई मौके आए हैं जब उनकी असहजता सामने आई है। नोटबंदी पर साथ देने और कोविंद को समर्थन देने का उल्लेख करते हुए पासवान ने कहा कि ऐसे फैसलों से पता चलता है कि उनके और लालू के रास्ते अलग हैं। ऐसे में नीतीशजी को अब एनडीए में आ जाना चाहिए।

नीतीश की कल की टिप्पणी कि “विपक्षी दलों ने बिहार की बेटी (मीरा कुमार) को हारने के लिए उम्मीदवार बनाया” को सही ठहराते हुए पासवान ने कहा कि “नीतीशजी ने सही ही कहा है कि विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए मीरा कुमार को जानबूझकर चुना है, क्योंकि इसमें विपक्ष की हार निश्चित है। यूपीए के 10 वर्षों के शासनकाल में जब सत्ता कांग्रेस के हाथों में थी, तब उन्हें बिहार की बेटी की याद क्यों नहीं आई?” उन्होंने कहा कि इस बार भी जब रामनाथ कोविंद का नाम आया है तब मीरा कुमार का नाम इन लोगों ने आगे किया है।

बहरहाल, इस बीच नीतीश शनिवार को लालू द्वारा दी गई इफ्तार पार्टी में शामिल जरूर हुए, पर उनकी लाख कोशिशों के बावजूद कोविंद को समर्थन देने से पीछे नहीं हटे। बल्कि लालू की इफ्तार पार्टी से निकलने के बाद उन्होंने विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष ने जीत की बजाय हार की रणनीति बना ली है। अपने निर्णय का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि पहली बार बिहार के राज्यपाल को सीधे राष्ट्रपति बनाया जा रहा है। साथ में यह भी कि कोविंद आरएसएस की पृष्ठभूमि के नहीं हैं। उन्होंने मोरारजी देसाई के साथ अपनी राजनीति की शुरुआत की थी। नीतीश ने यह भी दोहराया कि यह चुनाव राष्ट्रीय स्तर का है और हमारा गठबंधन बिहार में है। इससे सरकार पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप  

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नीतीश ने ठुकराई लालू की अपील

राष्ट्रपति पद के लिए मीरा कुमार के विपक्ष की साझा उम्मीदवार बनते ही जहां एकतरफा दिख रहा चुनाव दिलचस्प हो गया है, वहीं बिहार की राजनीति पर भी ‘अनिश्चितता’ और ‘अविश्वास’ के बादल मंडराने लगे हैं। आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने नीतीश द्वारा कोविंद को समर्थन दिए जाने को ‘ऐतिहासिक भूल’ करार दिया और मीरा की उम्मीदवारी की घोषणा के तत्काल बाद नीतीश से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की। लालू की इस अपील पर अपनी स्थिति साफ करने में जेडीयू ने वक्त नहीं लगाया और कहा कि राजनीतिक फैसले मिनट और सेकेंड में नहीं बदले जाते हैं। जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता केसी त्यागी ने स्पष्ट किया कि रामनाथ कोविंद को समर्थन देने का फैसला कई बातों पर विचार करने के बाद लिया गया है। हमारी पार्टी की सर्वोच्च समिति ने यह तय किया है, इसलिए इसे बदलने का, इस पर फिर से विचार करने का कोई सवाल ही नहीं है।

बहरहाल, विपक्ष के उम्मीदवार के चयन के लिए दिल्ली में हुई 17 विपक्षी दलों की बैठक में मीरा कुमार का नाम तय किए जाने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में लालू ने कहा था कि “मैं नीतीश कुमार से अपील करता हूं और शुक्रवार को पटना जाकर भी अपील करुंगा कि वह ऐतिहासिक भूल न करें। उनकी पार्टी से गलत निर्णय हो गया, उसे बदलें।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी नीतीश कुमार से यह अपील की है। यह पूछे जाने पर कि क्या नीतीश के एनडीए उम्मीदवार को समर्थन देने से बिहार सरकार पर खतरा पैदा हो गया है और क्या उन्हें धोखा दिया गया है, लालू ने कहा कि “धोखा दिया या नहीं यह नीतीश जानें। सरकार चलती रहेगी। उस पर कोई खतरा नहीं है।”

बात जहां तक महागठबंधन सरकार की है, तो उसमें बने रहना तीनों घटक दलों की जरूरत है। इन दिनों एक साथ कई मुश्किलों से घिरे लालू के लिए तो शायद सबसे अधिक। हां, इतना जरूर है कि कांग्रेस और लालू नीतीश की ओर से इस तरह के निर्णय के लिए बिल्कुल ‘तैयार’ नहीं थे। हालांकि जेडीयू का कहना है कि कोविंद का नाम आना नीतीश के लिए ‘धर्मसंकट’ की तरह था और विपक्ष को उनके इस निर्णय को इसी परिप्रेक्ष्य में लेना चाहिए। उनके इस निर्णय से संघमुक्त भारत की उनकी लड़ाई पर किसी को संदेह नहीं होना चाहिए।

कुल मिलाकर राजनीति शह और मात का खेल है और नीतीश ने अपनी चाल चल दी है। अब अपने निर्णय को वापस लेना उनके लिए ‘घर का न घाट का’ होने जैसा होगा। इसलिए तय है कि वे ऐसा नहीं करेंगे। लेकिन इतना जरूर है कि मीरा कुमार के सामने होने से वे कहीं-न-कहीं थोड़े ‘असहज’ जरूर होंगे। कारण यह कि मीरा कुमार कोविंद की तरह दलित होने के साथ-साथ महिला भी हैं और सबसे बड़ी बात यह कि वो बिहार से हैं। उधर मतों के हिसाब से कोविंद की जीत में मोदी-शाह को अब शायद संदेह न हो, लेकिन मीरा कुमार हर लिहाज से इतनी ‘सक्षम’ उम्मीदवार हैं कि भारतीय राजनीति की ये कद्दावर जोड़ी भी ‘जश्न’ परिणाम आने के बाद ही मना पाएगी।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप   

 

 

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर योगमय हुआ मधेपुरा

जहाँ तीसरे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर एक ओर बी.एन.मंडल स्टेडियम मधेपुरा में समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी के साथ-साथ जिला परिषद अध्यक्षा मंजू देवी, पूर्व प्राचार्य डॉ.सुरेश प्रसाद यादव, पूर्व मुखिया जनार्दन प्रसाद यादव, शिक्षक परमेश्वरी प्रसाद यादव, प्रधान डाकपाल राजेश कुमार, योगाचार्य असंग स्वरूप, डॉ.एन.के.निराला, आदित्य, अनुमंडल प्रभारी यदुवंशी, जिलाध्यक्ष डॉ.नंदकिशोर सहित महामंत्री डॉ.देव प्रकाश आदि ने संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया वहीं दूसरी ओर बीएनएमयू के नये कुलपति डॉ.ए.के.राय ने प्रतिकुलपति डॉ.फारुख अली, प्राचार्य डॉ.अशोक कुमार, कर्नल दिनेश तनवर, योगगुरु द्वय राजेश कुमार व डॉ.एन.के.निराला आदि के साथ नैक प्राप्त मधेपुरा कॉलेज मधेपुरा द्वारा आयोजित विशेष योग शिविर का उद्घाटन करते हुए यही घोषणा की-

अब विश्वविद्यालय के सभी कॉलेजों में होगी योग की नियमित कक्षा, क्योंकि योग अब लोगों के जीवन का अहम हिस्सा बन गया है | प्राचीन परंपरा का यह अनमोल उपहार स्वस्थ एवं दीर्घायु रहने के लिए आवश्यक है…….|

From L to R Zila Parishad Adhyaksha Smt.Manju Devi , Aditya , Dr.Bhupendra Madhepuri , Dr.Arun Kumar , Dr.Suresh Pd Yadav and Uttam Prasad Yadav etc attending 3rd International Yoga Shivir at BN Mandal Stadium Madhepura
(From L to R)- Zila Parishad Adhyaksha Smt.Manju Devi , Aditya , Dr.Bhupendra Madhepuri , Dr.Arun Kumar , Dr.Suresh Pd Yadav and Uttam Prasad Yadav etc attending 3rd International Yoga Shivir at BN Mandal Stadium Madhepura

बता दें कि टी.पी.कॉलेज, पार्वती सायंस कॉलेज, केशव कन्या उच्च विद्यालय, एसएनपीएम स्कूल मधेपुरा, रासबिहारी उच्च विद्यालय, बीएल हाई स्कूल मुरलीगंज सहित केपी कॉलेज आदि अनेक शिक्षण संस्थाओं के छात्र व शिक्षकों के साथ-साथ एनसीसी कैडेटों ने भी इस अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रमों में जमकर हिस्सा लिया | सबों ने यही कहा कि स्वस्थ रहने के लिए योग से अच्छा कुछ भी नहीं |

जिले के चौसा, आलम नगर, धैलाढ, शंकरपुर, सिंहेश्वर सहित प्रायः सभी प्रखंडों में बच्चे, बूढ़े और नौजवान के साथ-साथ महिलाएं भी  सवेरे-सवेरे अद्भुत उत्साह के साथ बाबा रामदेव की जयकारा लगाते हुए आजू-बाजू के मैदान की ओर जाते नजर आने लगी | बिहारीगंज के एक योग शिविर का उद्घाटन कर पूर्व मंत्री डॉ.रेणु कुमारी कुशवाहा स्वयं अनुलोम-विलोम करती हुई नजर आई | चारों ओर योग ऋषि बाबा रामदेव की अमृतवाणी- सुखमय जीवन बनाने को नियमित करे योग– दिनभर गूंजती रही |

Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri inaugurating Yoga & Ayurveda Seminar at BN Mandal Stadium Hall along with Ayurvedacharya KD Sharma , JP Yadav , Dr.NK Nirala , SP Yadav , Roopam Kumar and Dr.Nand Kishor.
Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri inaugurating Yoga & Ayurveda Seminar at BN Mandal Stadium Hall along with Ayurvedacharya KD Sharma , JP Yadav , Dr.NK Nirala , SP Yadav , Roopam Kumari and Dr.Nand Kishor.

दूसरे सत्र में अपराह्न 3:00 बजे से बीएन मंडल स्टेडियम हाल में पतंजलि योग समिति द्वारा ‘योग एवं आयुर्वेद’ पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया था | जिसका उद्घाटन समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने किया | अपने संबोधन में डॉ.मधेपुरी ने कहा –

हम योग करके अपने अतीत को याद करते हैं, अपनी संस्कृति को सम्मान देते हैं और अपनी विरासत का अभिनंदन करते हैं, बन्दन करते हैं…….. हम योग से शरीर और मन दोनों को स्वस्थ करते हैं |                       

मौके पर आयुर्वेदाचार्य के.डी.शर्मा ने आयुर्वेद के रहस्य पर विस्तार से चर्चा की | उन्होंने तालियां बजवाकर रोग से मुक्ति पाने के उपायों की विस्तृत चर्चा की और देर तक आयुर्वेद से रोग के इलाज के बारे में लोगों को बताया | प्रभावित होकर प्राय: लोग उनका फोन नंबर नोट करते देखे गये |

यह भी बता दें कि शंभूशरण भारतीय ने अपने संक्षिप्त संबोधन में यही कहा कि योग एवं शारीरिक संरचना में आयुर्वेद का महत्वपूर्ण स्थान है | उन्होंने कहा कि ऐसी कई बीमारियां हैं जिसका इलाज योग एवं आयुर्वेद द्वारा ही संभव है |

Ruby Kumari , Yoga Shikshika from Yoga Center Ram-Janki Thakurbari , Lakshmipur Mohalla , receiving the certificate of excellence from Udghatankarta Dr.Madhepuri in the Seminar organised by Patanjali Zila Yoga Samiti Madhepura
Ruby Kumari , Yoga Shikshika from Yoga Center Ram-Janki Thakurbari , Lakshmipur Mohalla , receiving the certificate of excellence from Udghatankarta Dr.Madhepuri in the Seminar organised by Patanjali Zila Yoga Samiti Madhepura

इस अवसर पर महिला योग प्रकोष्ठ के जिला प्रभारी प्रो.रीता कुमारी, संरक्षक सुरेश प्रसाद यादव, भारत स्वाभिमान के सह जिला प्रभारी डॉ.एन.के. निराला, सहायक प्रभारी पशुपति चौरसिया,  पृथ्वीराज यदुवंशी, किसान सेवा समिति के सुभाष चंद्र, महामंत्री रुपम कुमारी सहित अध्यक्ष नंदकिशोर ने उद्गार व्यक्त करते हुए यही कहा कि अब दुनिया आयुर्वेद के महत्व को पूरी तरह मान ली है |

कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु अंत तक मौजूद रहे- मधेपुरा व्यापार संघ के अध्यक्ष योगेंद्र प्राणसुखका, खुशी प्राणसुखका, पूर्व मुखिया जनार्दन प्रसाद यादव, कुमारी रंजू दीदी, रेखा गांगुली, चंद्रभूषण, रितेश कुमार, गायत्री कुमारी, रुबी कुमारी, साधना कुमारी, कुमारी ललिता |

आरम्भ में पानी का फुहार अपना काम किया लेकिन बाबा रामदेव व बालकृष्ण के योगियों को संकल्प से डिगा नहीं पाया | प्रसाद के रूप में ढेर सारी सामग्रियां बांटी गई | स्वच्छ जल की भरपूर व्यवस्था देखी गई | बिलंब के लिए टेंट वाले की निष्क्रियता कारण बनी जिसे भविष्य के लिए याद किया जाना ही चाहिए………|

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राष्ट्रपति चुनाव में नीतीश एनडीए के साथ

जैसी कि संभावना थी, बिहार के मुख्यमंत्री व जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को समर्थन देने का ऐलान कर दिया। बुधवार को पार्टी विधायकों की मीटिंग में नीतीश ने कहा कि वे सभी कोविंद के लिए वोट करें। नीतीश के इस निर्णय के साथ ही विपक्ष बिखर-सा गया। कांग्रेस ने अंत तक नीतीश को विपक्ष में बनाए रखने की कोशिश की, लेकिन वे अपने निर्णय पर अडिग रहे। बदली हुई परिस्थितियों में कांग्रेस क्या निर्णय लेती है और किसे अपना उम्मीदवार बनाती है, यह देखने की बात होगी। उधर कोविंद को लेकर आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव का क्या रुख रहता है, यह देखना भी दिलचस्प होगा, क्योंकि अब उनके एक तरफ कांग्रेस है तो दूसरी तरफ नीतीश। और इन सबके बीच महागठबंधन सरकार कितनी ‘निर्विघ्न’ रह पाती है, इस पर भी सबकी निगाहें रहेंगी।

बहरहाल, नीतीश के समर्थन के बाद रामनाथ कोविंद की स्थिति और मजबूत हो गई है। अब उन्हें 50 प्रतिशत से ज्यादा वोट मिल सकते हैं। यही नहीं, नीतीश की घोषणा के बाद डीएमके भी ‘धर्मसंकट’ में है। कोई आश्चर्य नहीं कि डीएमके समेत कुछ अन्य पार्टियां भी कोविंद को समर्थन दे दें। अगर ऐसा होता है तो एनडीए उम्मीदवार को 70 प्रतिशत तक मत मिल सकते हैं।

ये नीतीश ही थे, जिन्होंने राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्ष को एकजुट करने की पहल की थी। अब जबकि वे एनडीए उम्मीदवार के साथ खड़े हो गए हैं, विपक्षी एकता ताश के पत्तों-सी बिखरती दिख रही है। हालांकि नीतीश कुमार ने कांग्रेस को भरोसा दिलाया है कि उनका निर्णय केवल राष्ट्रपति चुनाव की बाबत है, अन्यथा वे विपक्ष के साथ बने हुए हैं। गौरतलब है कि मंगलवार को उनकी इस मुद्दे पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आज़ाद से लंबी चर्चा हुई थी।

गौरतलब है कि नीतीश द्वारा कोविंद को समर्थन देने के दो स्पष्ट कारण हैं। पहला यह कि बतौर राज्यपाल कोविंद ने नीतीश सरकार के लिए कभी कोई मुश्किल पैदा नहीं की। जब शराबबंदी का मामला कानूनी विवादों में आया तब भी वे नीतीश के साथ मजबूती से थे। कुलपतियों की नियुक्ति को लेकर भी पूर्व के राज्यपाल की तरह उन्होंने कोई नुक्ताचीनी नहीं की थी। दूसरा, यह कि कोविंद का विरोध कर नीतीश किसी भी स्थिति में यह संदेश नहीं दे सकते थे कि वे दलितविरोधी हैं। बिहार में उन्होंने अपनी जो राजनीतिक जमीन तैयार की है, उसमें दलितों-महादलितों की भूमिका छिपी नहीं है।

कुल मिलाकर ये कि राष्ट्रपति चुनाव को लेकर बिहार की राजनीति में खलबली-सी मच गई है। अब बाकी जो हो, कोविंद का राष्ट्रपति बनना और उधर मोदी का और इधर नीतीश का फायदे में रहना तय है, इसमें कोई दो राय नहीं।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

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