All posts by Admin

भारतीय गाँवों में शास्त्रीय संगीत का दिलचस्प शतकीय समारोह

भारत की सारी सभ्यताओं में संगीत सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। शास्त्रीय संगीत ध्वनि प्रधान होता है, शब्द प्रधान नहीं। इसमें महत्व ध्वनि के उतार-चढ़ाव का होता है….. न कि शब्द और उसके अर्थ का। ऐसे क्लासिकल म्यूजिक को नहीं समझने के कारण ही अनेक लोग ऊब जाते हैं जिसका कारण लोगों में जानकारी की कमी होती है…… न कि संगीत साधक की कमजोरी।

बता दें कि भारत के गाँवों में भी शास्त्रीय संगीत की समझ एवं उसमें गहरी रुचि रखने वाले ग्रामीणों की संख्या कम नहीं है। एक ओर जहाँ जालंधर शहर में हरिवल्लभ शास्त्रीय संगीत समारोह 144 वर्षों से, आंध्र प्रदेश में पंडित त्यागराज शास्त्रीय संगीत महोत्सव 119 वर्षों से तथा मध्यप्रदेश में तानसेन संगीत समारोह 94 वर्षों से टूटी कड़ियों के साथ जारी है वहीं दूसरी ओर इन साधन संपन्न महानगरों से दूर मध्य प्रदेश के दमोह जिले का निपट देहाती गाँव “बकायन” विगत 125 वर्षों से शास्त्रीय संगीत का अनवरत आयोजन कर रहा है।

यह भी जानिए कि बकायन गाँव में इस वर्ष के जन जलसे का 125वाँ शास्त्रीय संगीत समारोह 16-17 जुलाई (गुरु पूर्णिमा) को होने जा रहा है। इस आयोजन में पहली बार राष्ट्रीय नाट्य अकादमी एवं अन्य सांस्कृतिक केंद्रों के जुड़ने से राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के क्लासिकल कलाकारों के आने की सूचनाएं मिलने लगी हैंं।

चलते-चलते यह भी बता दें कि बकायन का मृदंगाचार्य नाना साहेब पानसे स्मृति समारोह इस मायने में सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। यह आयोजन निपट देहात में होता है जहाँ के ग्रामीण भी गजब के श्रोता हैं। वे बड़े-बड़े विकट शास्त्रीय संगीतज्ञों को दो दिनों तक सुनने के लिए दिन-रात जुटे रहते हैं। कुछ श्रोतागण जहाँ 5-10 किलोमीटर दूर से पैदल चलकर क्लासिकल म्यूजिक का रसास्वादन करने आते हैं वहीं कुछ विकट श्रोतागण दो दिनों तक अपनी दुकानें बंद कर पहुंच जाते हैं….. यहाँ तक कि क्लासिकल कत्थक की प्रस्तुति देखने गाँव की पढ़-अपढ़ महिलाओं का भी तांता लग जाता है।

सम्बंधित खबरें


बुजुर्ग माता-पिता की अनदेखी करने वाले बच्चे जाएंगे जेल

प्रत्येक माता-पिता अपनी संतान का भाग्य विधाता होता है। जहाँ माता संपूर्ण घर के दिल की धड़कन होती है वहीं पिता साहस, इज्जत और सम्मान का दर्पण। मुफ्त में तो केवल माता-पिता का प्यार ही मिलता है….. शेष हर रिश्ते के लिए इस दुनिया में कुछ-न-कुछ तो चुकाना ही पड़ता है। फिर भी कुछ को छोड़कर अधिकतर बेटा बुजुर्ग माता-पिता से बात-बात पर यही कहता है आप दोनों को तो कुछ ना कुछ तो लगा ही रहता है……।

बता दें कि जिस माँ की ममता और पिता के प्यार के चलते बेटा शोहरत हासिल करता है वही बेटा बड़ा होकर बुजुर्ग माता-पिता की अनदेखी करता है….. जो अब वैसी संतान के लिए महंगा साबित होगा। बुजुर्ग माता-पिता की अनदेखी व परित्याग करने वाले बच्चों के लिए जहाँ एक ओर जेल व जुर्माना के मौजूदा प्रावधान में सरकार ढेर सारे बदलाव करने जा रही है वहीं दूसरी ओर सरकार द्वारा बच्चों की परिभाषा का दायरा भी विस्तृत करने का मन बनाया जा रहा है।

जानिए कि केन्द्र की मोदी सरकार ने वर्तमान कार्यकाल के पहले 100 दिनों के कामकाज में बुजुर्गों की सुरक्षा और कल्याण संबंधी कानून को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। माता-पिता और वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम 2007 के तहत सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय ने अपने बुजुर्ग माता-पिता का परित्याग करने वालों या उनके साथ दुर्व्यवहार करने वालों के लिए मौजूदा 3 महीने की सजा को बढ़ाकर 6 महीने करने का प्रस्ताव किया है।

यह भी कि बच्चों की परिभाषा का दायरा बढ़ाकर इसमें दत्तक पुत्र-पुत्री या सौतेले बच्चे, दामाद-बहू, नाती-पोतों तथा कानूनी अभिभावक द्वारा पालन पोषण किए गए नाबालिक बच्चों को भी शामिल किया गया है। वर्तमान में इस परिभाषा के अंतर्गत अपनी संतान और नाती-पोते ही आते हैं। भरण पोषण की राशि पर पुनः गंभीरतापूर्वक विचार किया जाएगा।

 

सम्बंधित खबरें


वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को देश का बही-खाता (बजट) पेश किया

भारत सरकार की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को देश का बही-खाता (बजट) पेश किया। बजट में सीतारमण ने अमीरों को झटका, मध्यमवर्ग को थोड़ी राहत और गरीबों, किसानों व महिलाओं को विशेष लाभ देने की कोशिश की है।

बता दें कि जहाँ वित्त मंत्री निर्मला ने विशेष रूप से दो विषयों पर जोर दिया है- पहला यही कि ईज आफ डूइंग बिजनेस को बेहतर करने के लिए कदम उठाए गए हैं तथा दूसरा यह कि इज ऑफ लिविंग को बेहतर बनाने के उपाय किये गए हैं- वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बजट को देश को समृद्ध करने वाला, जन-जन को समर्थ करने वाला तथा विकास को गति देने वाला कहा है।

यह भी जानिए कि इस बजट में डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क नहीं लेने की चर्चा करते हुए वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि जिनके पास पैन कार्ड नहीं है वो पैन कार्ड की जगह आधार कार्ड दे सकते हैं। साथ ही पर्यावरण को दृष्टि में रखते हुए इलेक्ट्रिक वाहनों पर पूर्व से लग रही 12 फ़ीसदी जीएसटी को घटाकर 5 फ़ीसदी करने की घोषणा वित्त मंत्री ने बजट में की है।

चलते-चलते यह भी कि वित्त मंत्री निर्मला के माता-पिता एवं उनकी पत्रकार पुत्री भी उनका पहला बजट भाषण सुनने संसद पहुंची थी। लाल रंग के मखमली कपड़े में लिपटे हुए बहीखाते को हाथों में लिए तथा मैरून रंग की साड़ी पहने पहली महिला वित्त मंत्री सीतारमण ने बजट पेश करने के दरमियान कभी चाणक्य नीति ” दृढ निश्चय से कार्य करेें तो कार्य पूरा होता है” या कभी मशहूर शायर मंजूर हाशमी का शेर “यकीन हो तो कोई रास्ता निकलता है….. हवा की ओट लेकर भी चिराग जलता है” पढ़ा। शेर पढ़ते ही मौजूद सांसदों ने मेच थपथपाई जिससे पूरा सदन गूंज उठा…. पूरे दो-ढाई घंटे के बजट भाषण में “नारी तू नारायणी” पर जमकर मेज थपथपाई गई….. मिनट-दो मिनट पर मेज थपथपाई जाती रही।

सम्बंधित खबरें


बारिश नहीं होने के कारण सूख गये मधेपुरा जिले के 250 तालाब

मौसम की बेरुखी के कारण सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 250 से अधिक तालाब अब तक मधेपुरा जिले में सूख चुके हैं। सूखे तालाबों की सूची जिला प्रशासन द्वारा तैयार की जा चुकी है।

बता दें कि जिले में सरकारी तालाबों से कहीं अधिक संख्या में निजी तालाब हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जहाँ सरकारी तालाबों की संख्या 167 है…… वहीं जिले के अंतर्गत निजी तालाबों की संख्या 400 के आस-पास, परंतु इसमें से अधिकांश तालाब मृत अवस्था को प्राप्त कर चुके हैं।

यह भी जानिए कि अब सरकारी स्तर पर इन तालाबों के जीर्णोद्धार की योजना बनाई जा रही है। इन तालाबों का जीर्णोद्धार कब तक पूरा होगा यह सरकारी अधिकारियों द्वारा कह पाना मुश्किल है। क्योंकि, मधेपुरा जिला प्रशासन ने जिला मत्स्य विभाग से सूख चुके सरकारी तालाबों की सूची लिया है। सूखे तालाबों को ‘मनरेगा योजना’ से जीर्णोद्धार की बात कही जा रही है।

जहाँ तक निजी तालाबों के जीर्णोद्धार की बात है उसके लिए आम लोगों को जागरूक होने की जरूरत है। हाँलाकि जल संरक्षण को लेकर किसानों को प्रशासनिक स्तर पर जागरूक करने की पहल भी की जा रही है जबकि कोसी के इस इलाके में अभी तक पानी की समस्या नहीं देखी गई थी। लेकिन अब यहाँ का भूजल स्तर भी तेजी से नीचे जा रहा है। इसी कारण कोसी के इलाके में भी तालाब-पोखर सूखने लगे हैं। सरकारी और निजी मिलाकर कुल 250 से अधिक तालाब सूख चुके हैं।

चलते-चलते यह भी बता दें कि जिन तालाबों में अभी भी कुछ पानी बचा हुआ है उसमें पंप से पानी डालकर मछलियों को बचाया जा रहा है। स्थिति यह है कि बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र आलमनगर, चौसा, पुरैनी आदि क्षेत्रों में जहाँ पानी जमा रहता था वहाँ का जलकर क्षेत्र भी इस बार पूरी तरह सूख चुका है।

सम्बंधित खबरें


बहुत कठिन है पूरे देश को पानी उपलब्ध कराना

गाँव से लेकर शहरों तक संपूर्ण भारत में घटता जा रहा है पानी और रिसता जा रहा है विकास। पानी का अभाव कितना गहरा है और पानी से उत्पादन पर कितना गहरा असर पड़ रहा है, वह बताने की नहीं, केवल महसूस में की जरूरत है।

बता दें कि बढ़ते जल संकट को अगर दूर नहीं किया गया तो आर्थिक विकास की रफ्तार कम होती चली जाएगी। एक ओर जहाँ जल संकट को दूर करने के लिए नरेंद्र मोदी की नई सरकार द्वारा “जलशक्ति मंत्रालय” का गठन कर 1 जुलाई से 15 जुलाई तक जनसहयोग से “जलसंरक्षण अभियान” का श्री गणेश भी कर दिया गया है वहीं दूसरी ओर नीतीश सरकार द्वारा बिहार के विभिन्न हिस्सों में गिरते भूगर्भ जल स्तर को रोकने की नई-नई कोशिशें शुरू की जा रही है…… क्योंकि औसतन 30 से 60 फुट तक पानी नीचे चला गया है…. हजारों चापाकल सूख गए हैं…. तालाब पोखर तक में पानी नहीं बचा है।

यह भी बता दें कि नीतीश सरकार के लिए खेती और किसान प्राथमिकता में है। वर्ष 2019 के अंत तक हर खेत को पानी मिलेगा। इसी साल खेती के लिए बिजली का अलग फीडर बनाने जा रही है नीतीश सरकार। इसके अलावा सोलर बिजली से 30 हजार पंपों द्वारा खेतों को पानी दिए जाने की व्यवस्था की जा रही है।

यह भी जानिए बिहार की सरकार संकल्पित है कि प्रदेश के सभी घरों को इस वर्ष के अंत तक नल का जल उपलब्ध हो जाए तथा सभी घरों को शौचालय भी हो जाए….. जबकि नीतीश सरकार संकल्पित है कि गांधी जयंती यानी 2 अक्टूबर तक ही बिहार खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) हो जाएगा। बिहार की योजना “हर घर नल का जल” अब पूरे देश में लागू करने जा रही है भारत सरकार।

सम्बंधित खबरें


बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन मधेपुरा स्थित जीवन सदन में शान के साथ सम्पन्न हुआ

मधेपुरा के ऐतिहासिक धरोहर ‘जीवन सदन’ में रविवार को प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन का शानदार कार्यक्रम शाखा अध्यक्ष प्रो.गिरधारी लाल नेवटिया की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। सम्मेलन में मारवाड़ी समाज को कुरीतियों से मुक्ति दिलाने, बुजुर्गों का सम्मान करने, नई पीढ़ी को शिक्षा के प्रति जागरूक करने तथा प्रतिभाशाली बच्चे-बच्चियों को सम्मानित करने के साथ-साथ किसी भी जाति-धर्म के लोगों की विकलांगता से सूबे बिहार को मुक्त करने जैसे उत्कृष्ट कार्यक्रमों सहित सम्मेलन की सदस्यता विस्तार पर भी विशेष रूप से चर्चा, आपसी संवाद व समन्वय स्थापित करने में लगे रहे…. सम्मेलन के प्रति समर्पित प्रदेश अध्यक्ष विनोद तोदी।

बता दें कि अध्यक्ष श्री तोदी ने अपनी टीम के महामंत्री महेश जालान, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष विवेक तुलस्यान, प्रमंडलीय उपाध्यक्ष अमर दहलान (सहरसा) एवं डॉ.विश्वनाथ सर्राफ (सुपौल)… सहित सम्मेलन के कर्ताधर्ता मनीष सर्राफ आदि द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का आरंभ किया। मधेपुरा शाखा के अध्यक्ष प्रो.नेवटिया द्वारा अतिथियों को अंगवस्त्रम एवं शिव का प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

Dr.Bhupendra Madhepuri along with President Vinod Todi felicitating Miss Khushi Pransukhka, the Harayana State topper in CBSC Exam.
Dr.Bhupendra Madhepuri along with President Vinod Todi felicitating Miss Khushi Pransukhka, the Harayana State topper in CBSE Exam.

यह भी कि जहाँ प्रदेश अध्यक्ष विनोद तोदी ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में विस्तारपूर्वक सम्मेलन द्वारा सेवा  व विकास के लिए किए जा चुके कार्यों…… भावी योजनाओं के साथ-साथ सदस्यता विस्तार तथा मरणोपरांत अपने अंगदान की घोषणा पर जमकर चर्चा की….. और तालियों की गड़गड़ाहट के माध्यम से नये प्रस्तावों पर समर्थन भी प्राप्त किया….. वहीं समाजसेवी साहित्यकार एवं डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के करीबी रहे डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कोसी प्रमंडल की शान IAS Exam. में 89वाँ रैंक लाने वाले पुरैनी के नितेश जैन, IIT में 96वाँ रैंक लाने वाले (मधेपुरा के शिव प्रसाद सर्राफ के पोते व आनंद सर्राफ के पुत्र) ऋषि सर्राफ को हृदय से बधाई दी। सिंहेश्वर के अनितेश अग्रवाल, साकेत अग्रवाल सहित विभिन्न कोटि के प्रतिभा पुंज शुभम कुमार अग्रवाल, शुभम आनंद प्राणसुखका, सुश्री खुशी प्राणसुखका, खुशी सुल्तानियाँ, इशिका कुमारी, तनिष्का बंसल, प्राची बंसल, उमंग अग्रवाल, श्वेता शारदा LLM आदि जिन जिनने जिले का ही नहीं बल्कि प्रमंडल और सूबे का भी नाम रोशन किया उन सभी प्रतिभागियों के बीच डॉ.कलाम की चर्चा करते हुए डॉ.मधेपुरी ने यही कहा-

“यदि आप सभी आगे भी सूरज की तरह चमकना चाहते हो तो तुम्हें सूरज की तरह जलना होगा तथा किसी की बातों पर ध्यान दिये बगैर सूरज की तरह अपने कामों में लगे रहना होगा….।”

इस अवसर पर डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कोसी के ऐतिहासिक पन्नों को फड़फड़ाते हुए अतिथियों को महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी। डॉ.मधेपुरी ने सम्मेलन के समक्ष जनहित में खोले गए सहरसा के मनोहर लाल टेकरीवाल कॉलेज सहित विभिन्न विद्यालयों, मधेपुरा के जीवन सदन व सागर सदन आदि की विस्तार से चर्चा की। डॉ.मधेपुरी ने प्रांतीय अध्यक्ष विनोद तोदी से हरियाणा में CBSE में टॉप करने वाली (मधेपुरा व्यापार संघ के पूर्व अध्यक्ष योगेंद्र प्राणसुखका की पौत्री व आनंद प्राणसुखका की पुत्री) खुशी प्राणसुखका का परिचय कराते हुए सम्मानित किया तथा UPSC का टॉपर बन मधेपुरा को गौरवान्वित करने हेतु शुभाशीष भी दिया।

Dr.Madhepuri congratulating Nitesh Jain (IAS) & Shweta Sharda (LLM) along with the senior citizens Girdhar Chand & Dinesh Sarraf.

आरंभ में प्रांतीय अध्यक्ष विनोद तोदी की टीम के सदस्यों व गणमान्यों द्वारा सम्मानित होने वाले प्रमंडलीय बुजुर्गों में- रतन सर्राफ, दामोदर सर्राफ, रामविलास सर्राफ, शिबू सर्राफ, दिनेश सर्राफ, गिरधर चाँद, युगल किशोर सुल्तानियाँ, घनश्याम दास, सत्यनारायण सुल्तानियाँ, बद्री प्रसाद सुल्तानियाँ, लखी प्रसाद अग्रवाल व पशुपति सुल्तानियाँ सहित…… सहरसा-सुपौल से आये 90 वर्षीय बुजुर्ग भी शामिल हुए। सभी सदस्यों ने सामाजिक कुरीतियों को मिटाने तथा बच्चों को पढ़ाई के प्रति जागरूक करने की बातें कही।

चलते-चलते यह भी बता दें कि इस प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन के आयोजन की सफलता का श्रेय सीए मनीष सर्राफ व विकास सर्राफ सहित मंच संचालक प्रदीप अग्रवाल, संजय सुल्तानियाँ, राजेश सर्राफ…. सरीखे युवाओं को जाता है। अंत में धन्यवाद ज्ञापन शाखा अध्यक्ष प्रो.गिरधारी लाल नेेवटिया ने किया।

सम्बंधित खबरें


मधेपुरा जिले के कुमारखंड ब्लॉक ने फिर एक बार देश भर में सुर्खियाँ बटोरी

जहाँ एक ओर कुमारखंड ब्लॉक के इसराइन कला गाँव के निवासी एवं 1984 बैच के आईपीएस अरविंद कुमार 26 जून को इंटेलिजेंस ब्यूरो के 2 वर्ष के लिए नए डायरेक्टर बनने से पूर्व इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारी बनकर नक्सल आतंक के फन को कुचलने में कई कामयाब ऑपरेशन कर राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोर चुके थे…. तथा कश्मीर मामले के एक्सपर्ट माने जाने वाले आईपीएस अरविंद को नक्सलवाद प्रभावित इलाके में बेहतर पुलिसिंग के लिए महामहिम राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत भी किया गया वहीं दूसरी ओर कुमारखंड निवासी दिल्ली पुलिस के डीजीपी एवं सीबीआई के ज्वाइंट डायरेक्टर रहे एनके सिंह बतौर एसपी कभी प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार करने का साहस जुटाकर देशभर में खूब सुर्खियां बटोरी।

यह भी बता दें कि केंद्र की मोदी सरकार और चुनाव आयोग के लिए आगे होने वाला जम्मू कश्मीर का विधानसभा चुनाव एक बड़ी चुनौती मानी जा रही है….. लिहाजा आईबी के डायरेक्टर के रूप में राजनीतिक विश्लेषकों द्वारा अरविंद कुमार की नियुक्ति को अहम मानी जा रही है। भला क्यों नहीं असम मेघालय कैडर के आईपीएस श्री अरविंद कुमार पूर्व से ही जम्मू-कश्मीर के विशेषज्ञ के रूप में जाने जाते हैं।

चलते-चलते यह भी बता दें कि श्री कुमार की प्रारंभिक पढ़ाई पूर्णिया में हुई जहां इनके पिताश्री सच्चिदानंद सिंह प्रखंड कार्यालय में बड़ा बाबू थे। फिर नेतरहाट… सायंस कॉलेज पटना और दिल्ली में पढ़ाई पूरी कर 1984 में आईपीएस बने। बावजूद इसके वे अपने गाँव-समाज से सदा जुड़े रहे तभी तो 23 अगस्त 2018 को चाचा नित्यानंद सिंह की अर्थी को कंधा देने गाँव पहुंच गए थे।

डायरेक्टर पद पर उनकी नियुक्ति की खबर सुनकर गाँव में जश्न का माहौल छा गया  गाँव के लोगों ने एक-दूसरे को मिठाइयाँ खिलाकर बधाई दी। उनके अपनों में खासकर भाई अनुराग, अभिजीत कुमार, भवेश, अखिलेश….. व भतीजे केशव, शांतनु सहित भतीजी खुशबू ,मोनिका, स्निग्धा आदि ने उत्साह और उमंग के बीच एक-दूसरे के साथ खुशियाँ साझा किया।

सम्बंधित खबरें


ट्विटर पर प्रकट हुए तेजस्वी

पिछले कई दिनों से बिहार के राजनीतिक गलियारे में ये कौतूहल का विषय था कि पूर्व उपमुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव कहाँ लापता हो गए? इस दौरान आश्चर्यजनक रूप से न तो उनका कोई बयान आ रहा था और न ही सोशल मीडिया पर ही उनकी कोई जानकारी मिल पा रही थी। यहां तक कि आरजेडी के नेताओं को भी पता नहीं था कि वो कहां हैं? इसे लेकर पक्ष और विपक्ष दोनों ओर से कई तरह की बयानबाजी हो रही थी। इन सबके बीच तेजस्वी ने ट्वीट कर जानकारी दी कि वो अपनी पुरानी बीमारी का इलाज करा रहे थे, कहीं भागे नहीं थे और वो जल्द बिहार लौट रहे हैं।

तेजस्वी ने अपने ट्वीट में लिखा कि दोस्तों! पिछले कुछ हफ्तों से मैं अपनी लिगामेंट और एसीएल की चोट से परेशान था और उसी के इलाज में व्यस्त था। हालांकि, मैं राजनीतिक विरोधियों के साथ-साथ मसालेदार कहानियों को पकाने वाले मीडिया की कहानियों को सुनने के लिए जानने के लिए उत्सुक हूं और जल्द ही आ रहा हूं।

इसके साथ ही तेजस्वी ने एक के बाद एक कई ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि लोकसभा में मिली हार से हमने सीख ली है और अब हम नए सिरे से अपनी शुरुआत करेंगे। आगे उन्होंने लिखा लिखा कि एईएस से सौ से अधिक गरीब बच्चों की मौत हो गई है और इस घटना ने मुझे बहुत तकलीफ पहुंचाई है।

बता दें कि लोकसभा चुनाव के परिणाम के बाद से तेजस्वी अचानक लापता हो गए थे, वो कहां हैं? इसकी जानकारी किसी को नहीं थी। आरजेडी का कोई नेता कह रहा था कि वो क्रिकेट वर्ल्ड कप देखने गए हैं तो कोई कह रहा था कि वो दिल्ली में हैं। इसके साथ ही सत्ता पक्ष को भी मुद्दा मिल गया था और वो इसे लेकर लगातार हमलावर था।

गौरतलब है कि शुक्रवार से बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र शुरू हो चुका है और उस दिन भी सदन में तेजस्वी की अनुपस्थिति की बात उठी थी। राबड़ी देवी को कहना पड़ा था कि तेजस्वी किसी काम में लगे हुए हैं और जल्द पटना लौटेंगे। हालांकि जब मीडियाकर्मियों ने इस बाबत सवाल किया तब वो भड़क गईं और गुस्से में जवाब देते हुए पत्रकारों से कहा कि तेजस्वी आपके घर में है।

सम्बंधित खबरें


राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए रामविलास

शुक्रवार, 28 जून को केन्द्रीय मंत्री व लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान को बिहार से राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुन लिया गया। किसी और उम्मीदवार की अनुपस्थिति में शुक्रवार की शाम नामांकन पत्रों की वापसी की समय सीमा समाप्त होने के बाद उन्हें निर्विरोध सांसद निर्वाचित घोषित कर दिया गया।

गौरतलब है कि बीते लोकसभा चुनाव में बिहार में एनडीए के घटक दलों जदयू, भाजपा और लोजपा के बीच सीट बंटवारे के तहत इन दलों को क्रमश: 17, 17 और 6 सीटें मिली थीं और लोजपा से वादा किया गया था कि पासवान के लिए उसे एक राज्यसभा की सीट भी दी जाएगी। इस तरह रविशंकर प्रसाद के पटना साहिब से सांसद चुने जाने के बाद राज्यसभा की खाली हुई सीट पर पासवान का जाना तय-सा माना जा रहा था।

बहरहाल, केन्द्र सरकार में उपभोक्ता मामले और सार्वजनिक वितरण विभाग में मंत्री रामविलास पासवान ने 21 जून को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया था। मैदान में अकेले होने के कारण उनका चुना जाना औपचारिकता मात्र था। पासवान पहले ही अपनी जीत को लेकर आश्वस्त थे। ऐसे में शुक्रवार को शाम 3 बजे पर्चा वापस लेने की समय-सीमा खत्म होते ही एलजेपी प्रमुख को राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुन लिया गया।

बता दें कि पासवान बिहार की अपनी पारंपरिक हाजीपुर सीट से लोकसभा चुनाव लड़ते थे। 10 बार संसदीय चुनाव में उतरने वाले पासवान ने इस सीट से आठ बार जीत हासिल की है। इस बार वे चुनाव मैदान में नहीं उतरे। उनकी जगह उनके छोटे भाई पशुपति कुमार पारस यहां से सांसद चुने गए।

सम्बंधित खबरें


हर बूथ पर होंगे जदयू व्यावसायिक प्रकोष्ठ के सक्रिय सदस्य

जदयू के सदस्यता अभियान की सफलता के लिए बुधवार, 26 जून 2019 को पटना स्थित जदयू के प्रदेश मुख्यालय में जदयू व्यावसायिक प्रकोष्ठ की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई जिसके मुख्य अतिथि प्रकोष्ठ के प्रभारी व संयोजक विधानपार्षद श्री ललन सर्राफ थे। लोकसभा चुनाव की महाविजय के बाद आयोजित इस बैठक में विधानपार्षद व पार्टी के मुख्य सचेतक श्री संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी जी, राष्ट्रीय सचिव श्री रविन्द्र सिंह, प्रदेश महासचिव व मुख्यालय प्रभारी डॉ. नवीन कुमांर आर्य एवं जदयू मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप की विशिष्ट उपस्थिति रही।
जदयू व्यावसायिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष श्री कमल नोपानी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में प्रकोष्ठ के कई वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल रहे जिनमें उपाध्यक्ष श्री उपेन्द्र कुमार विभूति, श्री शिव कुमार गुप्ता, प्रधान महासचिव श्री अनिल कुमार साहू, महासचिव श्री गणेश कुमार कानू, श्री नगीना चौरसिया, श्रीमती कामिनी पटेल, श्रीमती बेबी मंडल, प्रदेश सचिव श्री नंदन कुमार पटेल, श्री ओम प्रकाश गुप्ता, श्री रणजीत गुप्ता, पटना महानगर अध्यक्ष श्री अमरदीप पप्पू, पटना ग्रामीण अध्यक्ष श्री राजेश गुप्ता एवं बाढ़ संगठन जिला अध्यक्ष श्री सुनील कुमार प्रमुख हैं।
इस मौके पर अपने संबोधन में श्री ललन सर्राफ ने कहा कि श्री नीतीश कुमार ने जाति, वर्ग और धर्म से ऊपर उठकर बिहार की दशा और दिशा बदली है और संभावनाओं के नए द्वार खोले हैं। बिहार का जो बजट 2004-05 में 23 हजार 885 करोड़ था, वो 2019-20 में बढ़कर 2 लाख 501 करोड़ हो गया। इसका सीधा लाभ व्यवसायी समाज को मिला है। हमलोगों का ये नैतिक दायित्व है कि उनके हाथ को और मजबूत करें और जदयू के सदस्यता अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। उन्होंने बड़ी संख्या में उपस्थित कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि हमलोगों को यह सुनिश्चित करना है कि हर बूथ पर व्यावसायिक प्रकोष्ठ के कम-से-कम दो सक्रिय सदस्य हों।
मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप ने संगठन की मजबूती और पार्टी को विस्तार देने में मीडिया की भूमिका को रेखांकित किया और कहा कि हृमलोगों का यूएसपी हमारे नेता के नेतृत्व में हुआ काम है जिसकी जानकारी लोगों तक पहुँचाने में आधुनिक संचार माध्यमों की बड़ी भूमिका होगी।
व्यावसायिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष श्री कमल नोपानी ने कहा कि श्री नीतीश कुमार ने हम व्यवसायियों को भयमुक्त होकर व सिर उठाकर काम करने का माहौल और अवसर दिया है। हमें उनकी नीतियों और कार्यक्रमों को घर-घर पहुँचाना है।
जदयू के राष्ट्रीय सचिव व सदस्यता अभियान के प्रभारी श्री रविन्द्र सिंह ने सदस्यता अभियान के संबंध में विस्तार से बातें रखीं और कहा कि जदयू कार्यकर्ताओं की पार्टी है। हमें दिन-रात मेहनत कर सदस्यता अभियान को ऐतिहासिक सफलता दिलानी है। वहीं, प्रदेश महासचिव व मुख्यालय प्रभारी डॉ. नवीन कुमार आर्य ने कहा कि सदस्यता अभियान में किसी तरह की कोई समस्या हो तो पार्टी मुख्यालय पूरी तत्परता से उसका समाधान करेगा।

सम्बंधित खबरें