बहुत कठिन है पूरे देश को पानी उपलब्ध कराना

गाँव से लेकर शहरों तक संपूर्ण भारत में घटता जा रहा है पानी और रिसता जा रहा है विकास। पानी का अभाव कितना गहरा है और पानी से उत्पादन पर कितना गहरा असर पड़ रहा है, वह बताने की नहीं, केवल महसूस में की जरूरत है।

बता दें कि बढ़ते जल संकट को अगर दूर नहीं किया गया तो आर्थिक विकास की रफ्तार कम होती चली जाएगी। एक ओर जहाँ जल संकट को दूर करने के लिए नरेंद्र मोदी की नई सरकार द्वारा “जलशक्ति मंत्रालय” का गठन कर 1 जुलाई से 15 जुलाई तक जनसहयोग से “जलसंरक्षण अभियान” का श्री गणेश भी कर दिया गया है वहीं दूसरी ओर नीतीश सरकार द्वारा बिहार के विभिन्न हिस्सों में गिरते भूगर्भ जल स्तर को रोकने की नई-नई कोशिशें शुरू की जा रही है…… क्योंकि औसतन 30 से 60 फुट तक पानी नीचे चला गया है…. हजारों चापाकल सूख गए हैं…. तालाब पोखर तक में पानी नहीं बचा है।

यह भी बता दें कि नीतीश सरकार के लिए खेती और किसान प्राथमिकता में है। वर्ष 2019 के अंत तक हर खेत को पानी मिलेगा। इसी साल खेती के लिए बिजली का अलग फीडर बनाने जा रही है नीतीश सरकार। इसके अलावा सोलर बिजली से 30 हजार पंपों द्वारा खेतों को पानी दिए जाने की व्यवस्था की जा रही है।

यह भी जानिए बिहार की सरकार संकल्पित है कि प्रदेश के सभी घरों को इस वर्ष के अंत तक नल का जल उपलब्ध हो जाए तथा सभी घरों को शौचालय भी हो जाए….. जबकि नीतीश सरकार संकल्पित है कि गांधी जयंती यानी 2 अक्टूबर तक ही बिहार खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) हो जाएगा। बिहार की योजना “हर घर नल का जल” अब पूरे देश में लागू करने जा रही है भारत सरकार।

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