अब कोरोना से निपटने के लिए चीन ने उतारा रोबोट, सुपर कंप्यूटर और ड्रोन भी

पिछले कुछ दशकों में तकनीक को लेकर चीन ने बहुत काम किया है। यह काम चीन के विकास में दिखता भी है। फिलहाल कोरोना से मुकाबला करने के लिए चीन ने ड्रोन से लेकर सुपर कंप्यूटर तक सब कुछ झोंक दिया है। इतना ही नहीं, कोरोना से निपटने के लिए अब चीन ने रोबोट को भी उतार दिया है। बावजूद इसके यह काबू में अब भी नहीं आ पा रहा है। सचमुच यह तो चीन की तकनीक की भी परीक्षा है जहां बायोमेट्रिक हाजिरी पर भी रोक लगानी पड़ी है।

जानिए कि चीन ने सदा तकनीक को केंद्र में रखकर काम किया है। वेंचर कैपिटल फर्म क्लेनर पार्किंसन के अनुसार- दुनिया की सबसे मूल्यवान तकनीकी कंपनियों में से नौ कंपनियां चीन की ही हैं। कोरोना से मुकाबले के लिए चीन की दिग्गज तकनीकी कंपनियों ने मदद का हाथ बढ़ाया है। फिर चाहे बात इलाज ढूंढने हेतु तेजी से गणना के लिए सुपर कंप्यूटर की हो या फिर मानव से मानव के मध्य संपर्क को खत्म करने के लिए रोबोट के इस्तेमाल का हो।

यह भी जानिए कि जहां सुपर कंप्यूटर से शोधकर्ताओं को कोरोना का इलाज तलाशने में मदद मिल सकती है वहीं स्टार्टअप शंघाई टेमेराब ने वुहान में दर्जनों दवा छिड़कने वाले रोबोट उपलब्ध कराए हैं जो संक्रमण रोकने के लिए दवाओं के छिड़काव के साथ-साथ आईसीयू एवं अन्य स्थानों पर भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। कोरोना के प्रकोप को रोकने के लिए सैकड़ों ड्रोन की भी सहायता ली जा रही है तथा कमांड सेंटरों पर लगभग 200 कर्मचारी ड्रोन की निगरानी के लिए भेजा गया है। फिलहाल कोरोना प्रभावित 119 देशों में से 24 देशों में स्कूल पूरी तरह बंद है… दुनिया भर में 30 करोड़ बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं क्योंकि अब चीन से ज्यादा दूसरे देशों में कोरोना का कहर है।

बता दें कि एक महीने में ही बदल गए हालात। चीन में घट रही है संक्रमित लोगों की संख्या। दुनिया में चीन के मुकाबले 18 गुना तेजी से फैल रहा है कोरोना वायरस। डब्ल्यूएचओ द्वारा कोरोना से संक्रमितों की संख्या लाख पार होने पर दुनिया के देशों को गंभीरता दिखाने को कहा गया है। तभी तो चीन वायरस का टीका बनाने के करीब आ गया है और भारत ने जानवरों पर परीक्षण शुरू कर दिया है।

चलते-चलते यह भी कि कोरोना को लेकर मधेपुरा का स्वास्थ्य महकमा भी चौकस व चौकन्ना है। सिविल सर्जन सुभाष चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि सदर अस्पताल में कोरोना वायरस को लेकर अलग वार्ड बनाया गया है तथा सीएचसी व पीएचसी में भी निर्देश जारी किए गए हैं। जहां ब्रिटेन में संसद भी बंद किए जाने की चर्चा है वहीं डब्ल्यूएचओ ने कोरोना को महामारी घोषित कर दिया है। विदेश से आने वाले यात्रियों के वीजा 15 अप्रैल तक केंद्र सरकार द्वारा निलंबित कर दिया गया है। जरूरी ना हो तो विदेश यात्रा से बचें….।

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