कोसी के केदार कानन को मिलेगा साहित्य अकादमी पुरस्कार, बधाइयों का तांता

सुपौल जिले के 61 वर्षीय केदार कानन को 2020 के साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। कोसी की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक चेतना के स्तंभ माने जाने वाले केदार कानन को साहित्य अकादमी पुरस्कार मिलने की घोषणा सुनते ही कोसी सहित समस्त मिथिलांचल के साहित्यकार गौरवान्वित महसूसने लगे हैं। उन्हें यह सम्मान हिन्दी के कवि केदारनाथ सिंह के काव्य संग्रह “अकाल में सारस” के मैथिली अनुवाद के लिए दिया जाएगा।

इस आशय की जानकारी मिलते ही जहां कौशिकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष सह कवि व दर्जनों पुस्तक के लेखक हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ ने बधाई देते हुए कहा कि केदार कानन के पिता रामकृष्ण झा किसुन साहित्यिक चेतना के अग्रदूत तो थे ही, साथ-साथ मैथिली नई कविता के जनक भी माने जाते रहे… कानन को अपने पिता से साहित्यिक चेतना विरासत में मिली है, वहीं सम्मेलन के सचिव प्रखर समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने हार्दिक बधाई प्रेषित करते हुए कहा कि कानन के काव्य संग्रह “आकार लैत शब्द” और “व्योम में शब्द” के अतिरिक्त अनुवाद की 10 किताबें प्रकाशित हैं। डॉ.मधेपुरी ने मैथिली में लिखी गई कई महत्वपूर्ण संस्मरण के लिए भी कानन को बधाई दी तथा यह भी कि कई पत्रिकाओं के संपादन के लिए भी उन्हें भरपूर सराहना मिली है। इसके अतिरिक्त हिन्दी, मैथिली के कवि, लेखक व इतिहासकारों ने भी उन्हें बधाई दी है जिनमें प्रमुख हैं- डॉ.शांति यादव, प्रो.मणि भूषण वर्मा, उल्लास मुखर्जी, कवि मुख्तार आलम,डॉ.अरविन्द श्रीवास्तव आदि।

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सुप्रीम कोर्ट कानून बनाकर रोक सकता है… राजनीति का अपराधीकरण

आजादी के 70 वर्ष बाद चुनावी राजनीति में बेशुमार धन-बल का इस्तेमाल एवं दागी जनप्रतिनिधियों की बढ़ती दखल… अब सर्वोच्च न्यायालय को भी चिंतन करने के लिए मजबूर कर रहा है। ऐसा लगता है कि इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट ने सख़्त रुख अख्तियार करने का निश्चय भी कर लिया है।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने राजनीति को स्वच्छता प्रदान करने के लिए भारत के सभी राजनीतिक दलों सहित चुनाव आयोग को भी कई दिशा निर्देश दिए हैं। समाज शास्त्रियों एवं शिक्षाविदों का कहना है कि नए नियमों से राजनीति का अपराधीकरण कितना रुकेगा, यह तो राजनीतिक दलों की वैचारिक सुचिता पर निर्भर करेगा… तथा चुनाव आयोग की प्रभावी भूमिका से भी तय होगा।

जानिए कि 17वीं लोकसभा चुनाव- 2019 में खड़े 8049 उम्मीदवारों में से 7228 के शपथ-पत्र का विश्लेषण किए जाने के क्रम में पाया गया कि जहाँ 1500 उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की स्वयं घोषणा की थी वहीं 1070 ने अपने खिलाफ गंभीर आपराधिक मामलों यथा हत्या, बलात्कार, अपहरण… आदि की बात स्वीकार की थी। तुर्रा तो यह है कि 50 से अधिक ने जहाँ 302 के तहत अपने खिलाफ हत्या का आरोप स्वीकारा, वहीं दर्जनों ने अपने खिलाफ दोष सिद्धि की बात भी स्वीकार की थी।

चलते-चलते बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के पास यह विशेष अधिकार है कि अगर किसी कानून में कोई कमी है या किसी बात पर कानून नहीं है या संसद उस तरफ ध्यान नहीं दे रही है और उससे जनहित को नुकसान हो रहा है, तो इन तीनों ही परिस्थितियों में वह नया कानून बना सकता है या मौजूदा कानून में कमियों को दूर कर सकता है।

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बांग्लादेश में जलमग्न होने पर बच्चों के घर तक पहुँच गए बोट स्कूल

बांग्लादेश के जिस भाग में 8 महीने तक स्कूलों में पानी भरा रहता है और बच्चे स्कूल जाकर पढ़ नहीं सकते… बल्कि स्कूल तक जा भी नहीं सकते तो स्कूल ही उन बच्चों के घर तक पहुंच जाया करता। फिलहाल तो स्थिति यहां तक पहुंच गई है कि अब तक पाँच सौ ‘बोट स्कूल’ में लगभग 15 हज़ार बच्चे पढ़ रहे हैं।

बता दें कि जितनी भी बोट स्कूल हैं उनमें सौ फ़ीसदी शिक्षक केवल और केवल महिलाएं ही हुआ करती हैं। ऐसा इसलिए कि वे महिला शिक्षक बच्चों को संपूर्णता में देखभाल भी कर लेती है। नतीजा यह हुआ कि आज बांग्लादेश में 97% बच्चे स्कूल जाने लगे हैं और पढ़ने लगे हैं।

बता दें कि बांग्लादेश में 2012 से स्कूल बोट की शुरुआत हुई और अब तक लगभग 15 हजार  बच्चे इनमें पढ़ाई कर रहे हैं। सर्वाधिक उपलब्धि यह है कि 8 वर्ष में 80 हजार बच्चे इन बोट स्कूलों से पढ़ाई पूरी कर चुके हैं तथा अन्य दूसरे शहरों के स्कूल-कॉलेजों में आगे की पढ़ाई कर रहे हैं। जानिए कि इनमें से कई तो राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं पास कर एवं स्कॉलरशिप हासिल कर पढ़ाई कर रहे हैं। यह भी कि जो बच्चे दिन में स्कूल नहीं जा पाते, उन्हें रात के समय पढ़ाया जाता है।

चलते-चलते बता दें कि इन बोट स्कूलों में रोशनी के लिए सौर ऊर्जा का इस्तेमाल किया जाता है। उसी रोशनी में महिलाओं को कढ़ाई-सिलाई सिखा कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाता है।

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पुलिस सप्ताहोउत्सव के दरमियान पेंटिंग में प्रीति तो भाषण में शांतनु यदुवंशी शीर्ष पर

सूबे बिहार में पुलिस सप्ताह (22-27 फरवरी) मनाया जा रहा है। विभिन्न थाने में विविध कार्यक्रमों का आयोजन 3 दिनों से हो रहा है। चौथे दिन यानी 25 फरवरी को मधेपुरा के आरक्षी अधीक्षक संजय कुमार के निर्देश पर जिला मुख्यालय के दार्जिलिंग पब्लिक स्कूल में पेंटिंग एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें लगभग 50 बच्चे बच्चियों ने भाग लिया।

Dr.Madhepuri along with Prithivi Raj Yaduvanshi and Kishor Kumar during painting competition on the occasion of Police Week at Madhepura.
Dr.Madhepuri along with Prithivi Raj Yaduvanshi and Kishor Kumar during painting competition on the occasion of Police Week at Madhepura.

बता दें कि जहां कार्यक्रम की अध्यक्षता सदर एसडीपीओ वसी अहमद ने की वहीं निर्णायक मंडल के सदस्य समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, डीएसपी वसी अहमद, थानाध्यक्ष एसपी सिंह, सार्जेंट मेजर जेके सिंह, रेड क्रॉस के अध्यक्ष डॉ.शांति यादव, सचिव आरके रमण, प्राइवेट स्कूल्स एसोसियेशन के अध्यक्ष किशोर कुमार एवं सार्जेंट महेश नारायण सिंह द्वारा गहराई व गंभीरता से पेंटिंग का अवलोकन किया गया। रिजल्ट सामने आया तो प्रथम आई प्रीति कुमारी, द्वितीय साक्षी सुमन, तृतीय प्रीति प्रिया और सांत्वना पुरस्कार प्रनीति प्रिया के नाम गया।

यह भी जानिए की डिबेट प्रतियोगिता में कुल 6 प्रतिभागियों ने भाग लिया जिन्हें पांच-पांच मिनट का समय दिया गया। सभी निर्णायकों द्वारा प्रदत अंकों का औसत निकालकर डीएसपी वसी अहमद ने घोषणा की कि डिबेट में प्रथम आए शांतनु यदुवंशी, द्वितीय आशीष कुमार मिश्रा एवं तृतीय स्वाति सुमन। एसडीपीओ वसी अहमद की अध्यक्षता में हो रहे इस कार्यक्रम में सर्वप्रथम उन्होंने शिक्षाविद् डॉ.मधेपुरी को पुलिस पब्लिक रिलेशन पर विचार व्यक्त करने का अनुरोध किया ।

समाजसेवी-शिक्षाविद् डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने वर्षों पूर्व के थानाध्यक्ष नवीन शर्मा को संदर्भित करते हुए कहा कि उनके एक सवाल के जवाब में नवीन शर्मा सरीखे कड़े पुलिस पदाधिकारी का यही जवाब होता है-  “सर ! पुलिस को ट्रेनिंग दी जाती है कि जहां भी कार्य हेतु भेजे जाते हो तुम वहां के चोर-डकैत, शराबी- जुआड़ी की पहचान करने से पहले उस क्षेत्र के भले लोगों को पहचानो और हो सके तो उसकी भी सूची बना डालो।” डॉ.मधेपुरी ने विस्तार से पुलिस पब्लिक रिलेशंस के सकारात्म पहलुओंं की चर्चाा की और उन्हें जनहित में सर्वोत्तम बताया। बाद में डॉ.शांति यादव और पुलिस पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया। धन्यवाद ज्ञापन सदर थानाध्यक्ष सुरेश प्रसाद सिंह ने किया।

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संत रविदास ने समाज को एक नई राह दिखाई- डॉ.मधेपुरी

संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 643वीं जयंती सोमवार को मधेपुरा के भूपेन्द्र स्मृति कला भवन में मनाई गई। इस जयंती समारोह के उद्घाटन कर्ता और सौर बाजार प्रखंड के पूर्व प्रमुख एवं प्रखर समाजसेवी योगेंद्र राम, मुख्य अतिथि समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी तथा अध्यक्षता कर रहे थे कमल दास, जो रविदास एकता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।

बता दें कि संत रविदास जयंती समारोह के आयोजन कर्ताओं- संरक्षक शिवकुमार राम, महासचिव नवीन कुमार राम, उपाध्यक्ष संतोष कुमार राम, प्रवक्ता हरीश चंद्र राम एवं संयोजक प्रो.ललन कुमार राम सहित अन्य गणमान्यों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर समारोह का उद्घाटन किया।

इस अवसर पर उद्घाटन कर्ता योगेंद्र राम ने अपने संबोधन में कहा कि संत शिरोमणि रविदास ने समाज को प्रेम और मानवता की राह दिखाई। उन्होंने कहा कि संत रविदास द्वारा दिखाए गए रास्ते पर चलकर जीवन के उद्देश्य को प्राप्त किया जा सकता है।

Shikshavid Dr.Bhupendra Madhepuri addressing the people on the occasion of Saint Ravi Das Jayanti at Bhupendra Kala Bhawan Madhepura.
Shikshavid Dr.Bhupendra Madhepuri addressing the people on the occasion of Saint Ravi Das Jayanti at Bhupendra Kala Bhawan Madhepura.

मुख्य अतिथि समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने रविदास-कबीरदास के साथ-साथ मनीषी भूपेन्द्र एवं डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम को संदर्भित करते हुए विस्तार से उदाहरण दे-देकर इन्हें सहज जीवन का धारक यानी संत करार दिया। डॉ.मधेपुरी ने कहा कि इन संतों को धन के प्रति अनुराग नहीं था। इन्होंने समाज को नई-नई राहें दिखाई। धरती को जीने लायक कैसे बनाया जाए इस पर अपना सर्वस्व न्योछावर करते रहे। इनका मन सर्वाधिक स्वच्छ था… अतः हमें इनके जीवन का अनुसरण करना चाहिए। इसी कड़ी में सभी आयोजन कर्ताओं सहित प्रो.दयानंद, नरेश पासवान, अशोक चौधरी, पूर्व विधायक परमेश्वरी प्रसाद निराला,जिला अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद यादव, पूर्व उपाध्यक्ष रामकृष्ण यादव, गणेश मानव, प्रमोद प्रभाकर, अखिलेश राम, प्रो.फुलेंद्र कुमार आदि ने विस्तारपूर्वक संतो के आचरण का वर्णन किया।

अंत में अध्यक्ष कमल दास ने विस्तार पूर्वक कहा कि संत रविदास ने सामाजिक एवं आध्यात्मिक संघर्ष किया था। संत रविदास ने दुनिया को यही संदेश दिया कि आदमी मन, वचन व कर्म से बड़ा होता है। कार्यक्रम लंबे समय तक चलने के कारण अध्यक्ष ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की।

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सिंहेश्वर मेला भी होगा सोनपुर की तरह विकसित- पर्यटन मंत्री

मवेशी हॉट मैदान में त्रिदिवसीय (23-24-25 फरवरी) सिंहेश्वर महोत्सव का आगाज किया नीतीश सरकार के पर्यटन मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि ने। मंत्री कृष्ण ऋषि ने कहा कि सिंहेश्वर को सोनपुर मेले की तरह बनाने के लिए मिलकर करना होगा सामूहिक प्रयास। पर्यटन मंत्री ने जिले के मंत्री द्वय नरेंद्र नारायण यादव एवं डॉ.रमेश ऋषिदेव सहित सिंहेश्वर के सांसद दिलेश्वर कामत एवं युवा ऊर्जावान डीएम नवदीप शुक्ला को विश्वास दिलाते हुए मंच से कहा-

“रुपए की चिंता ना करें, मेला व महोत्सव को सजाएं शिवगंगा के सौंदर्यीकरण को पर्यटकों को आकर्षित करने हेतु शीर्ष तक ले जाँय, इसकी ख्याति को सब मिलकर बढ़ाएं… सरकार आपके साथ हैं… जिलाधिकारी द्वारा एक रिपोर्ट तैयार कर पर्यटन विभाग को हस्तगत कराते ही पर्यटन विभाग इस दिशा में तुरंत काम शुरू करेगा।”

बता दें कि पर्यटन मंत्री के के ऋषि सहित सभी अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर सिंहेश्वर महोत्सव का उद्घाटन किया गया। उद्घाटन समारोह में डीएम शुक्ला ने बुके, शॉल एवं स्मृति चिन्ह देकर अतिथियों का स्वागत किया।

यह भी जानिए कि इसी दरमियान इतिहासकार एवं साहित्यकार हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ, समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, तबला वादक प्रो.योगेंद्र नारायण यादव सहित सियाराम यादव को डीएम द्वारा अंगवस्त्रम, बुके व स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया गया।

अपने संबोधन में जहां विधि मंत्री ने कहा कि हमारा देश ऋषि-मुनियों का देश है जहां अतिथियों को देवता माना जाता है वहीं स्थानीय SC-ST मंत्री ने लोगों से यही कहा कि वे श्रद्धालुओं की सेवा करें तो बाबा बेहतर फल देगा। सांसद श्री कामत ने कहा कि इस मेले को देखने के लिए लोग बहुत दूर से आते हैं।

समारोह का शुभारंभ एक छोटी बच्ची ऐश्वर्या द्वारा राष्ट्रीय गान की प्रस्तुति से की गई। संगीत शिक्षिका शशि प्रभा ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। एडीएम शिवकुमार शैव ने अतिथियों का स्वागत करते हुए शिव परिवार की चर्चा भी की जहां डीएम ने महोत्सव के स्तर को प्रतिवर्ष ऊपर उठता हुआ बताया वहीं एसपी संजय कुमार ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम का विश्वास दिलाया।

समारोह की सफलता में सहयोगी बने रहे- एसडीएम उपेंद्र उपेंद्र कुमार, एसडीएम वृंदा लाल, एसडीपीओ वसी अहमद, एनडीसी रजनीश कुमार, उप-समाहर्ता बिरजू दास, प्रमुख चंद्रकला देवी, जदयू जिलाध्यक्ष प्रो. विजेंद्र नारायण यादव, बीडीओ  राजकुमारी चौधरी, पप्पू झा, पंकज भगत, दीपक, बबलू, एम एम सिंह आदि। उद्घाटन समारोह के साथ ही स्थानीय कलाकारों राजीव रंजन उर्फ भोला जी, अरुण कुमार बच्चन, प्रो.रीता कुमारी आदि का बेहतरीन प्रदर्शन के साथ-साथ पूर्वोत्तर के कलाकारों ने ऐसी समा बांधी कि दर्शक अंत तक जमे रहे।

 

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“एक शाम शहीदों के नाम” कार्यक्रम में नीतीश कुमार ने की स्मारक बनाने की घोषणा

राजधानी पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हाॅल में शुक्रवार को आयोजित “एक शाम शहीदों के नाम” कार्यक्रम को संबोधित करने के दरमियान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घोषणा की कि बिहार पुलिस के शहीद जवानों के सम्मानार्थ उनकी याद में ‘स्मारक’ का निर्माण किया जाएगा। इस मौके पर उन्होंने भारतीय सेना में कार्यरत बिहार के सैनिक जो शहीद हुए अथवा राज्य पुलिस के शहीद जवानों के परिजनों को भी सम्मानित किया।

बता दें कि मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम के आयोजकों को धन्यवाद देते हुए यही कहा कि शहीदों का परिवार हम सब का परिवार है। सीएम ने उन्हें पूरा सहयोग देने का संकल्प भी लिया और दर्शकों से उन परिवार वालों को सहयोग करने हेतु आह्वान भी किया। इतना ही नहीं, आगे उन्होंने आयोजकों से यह भी कहा कि इन शहीदी परिवारों को जब भी कोई जरूरत हुई तो इसकी जानकारी उन्हें भी जरूर दें।

इस आशय की जानकारी मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मधेपुरा के प्रखर समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.मधेपुरी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 6 जून 2013 को मधेपुरा आने वाले थे। 1 जून 2013 को सीएम को लिखे गए पत्र का हवाला देते हुए डॉ.मधेपुरी ने कहा कि उस पत्र में अंकित था…. बीएनएमयू के नॉर्थ कैंपस का नाम शहीद चुल्हाय नगर करने…. जो नहीं हो सका। अब इस धरती के शहीद को सम्मान देने का द्वार पुनः खुलता हुआ नजर आने लगा है।

इस शहीद सम्मान कार्यक्रम में सम्मानित विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी, विधान परिषद के कार्यकारी सभापति हारून रशीद, उद्योग मंत्री श्याम रजक, डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे आदि गणमान्य की उपस्थिति में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शहीदों के परिजनों के साथ खड़े दिखे और शहीदों के नाम ‘स्मारक’ बनाने हेतु संकल्पित भी। यह भी जानिए कि यह शहीद स्मारक पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन के परिसर में पर्याप्त जगह होने पर वही बनेगा अन्यथा अन्य किसी उपयुक्त जगह की उपलब्धता पर आरंभ होगा निर्माण कार्य।

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2020 में 200 से अधिक सीटें जीतेगा एनडीए: नीतीश कुमार

शनिवार, 22 फरवरी को 1, अणे मार्ग, पटना में मुख्यमंत्री व जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार की उपस्थिति में बिहार प्रदेश जदयू के क्षेत्रीय संगठन प्रभारियों, जिलाध्यक्षों एवं प्रखंड अध्यक्षों की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह, राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) आरसीपी सिंह, लोकसभा में दल के नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, विधानपार्षद संजय कुमार सिंह उर्फ गांधीजी, ललन सर्राफ, राष्ट्रीय सचिव रविन्द्र सिंह, प्रदेश महासचिव डॉ. नवीन कुमार आर्य, अनिल कुमार, चंदन कुमार सिंह, मंजीत सिंह, कामाख्या नारायण सिंह, जदयू प्रशिक्षण प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सुनील कुमार, जदयू मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप, क्षेत्रीय संगठन प्रभारी अरुण कुशवाहा, डॉ. बिपिन कुमार यादव, पंचम श्रीवास्तव, अशोक कुमार बादल, रामगुलाम राम एवं आसिफ कमाल मौजूद रहे।

JDU Media Cell President Dr. Amardeep addressing JDU Meeting.
JDU Media Cell President Dr. Amardeep addressing JDU Meeting.

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सर्वप्रथम प्रखंड अध्यक्षों से अपनी बात रखने को कहा और पूरे तीन घंटे तक उन्हें सुनते रहे। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता ही जदयू की पहचान हैं। आज बिहार के सभी बूथों पर पार्टी के अध्यक्ष और सचिव हैं, यह साधारण बात नहीं। हमें इस बात का ध्यान रखना होगा कि जदयू की जो सांगठनिक ताकत बनी है उसका उपयोग विगत 15 वर्षों में बिहार के समग्र विकास के लिए हुए कार्यों और सामाजिक अभियानों को जन-जन तक पहुँचाने में होना चाहिए। उन्होंने सभी जिलाध्यक्षों एवं प्रखंड अध्यक्षों को कहा कि वे अपने घर पर पार्टी का झंडा जरूर लगाएं। इससे न केवल कार्यकर्ताओं बल्कि आम लोगों में भी सार्थक संदेश जाएगा।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि दल के साथी वोट की चिन्ता नहीं करें। बिहार की जनता सही और गलत की पहचान रखती है। 2020 में एनडीए 200 से ज्यादा सीटें हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल के पास ना कोई मुद्दा है, ना ही कोई कार्यक्रम। कुछ लोगों का काम केवल लोगों में भ्रम फैलाना होता है। वैसे लोगों पर ध्यान देने की कोई जरूरत नहीं। जिन विचारों को लेकर पार्टी आज तक चलती रही है, उन विचारों से समझौता किसी कीमत पर नहीं होगा। बिहार में धर्म, संप्रदाय, जाति या लिंग के आधार पर किसी भेदभाव का प्रश्न ही नहीं उठता।

A Glimpse of JDU Meeting held at 1, Anne Marg, Patna
A Glimpse of JDU Meeting held at 1, Anne Marg, Patna.

प्रदेश अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि दल के सभी कार्यकर्ता जन-जन तक अपने नेता का काम पहुँचाएं। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में विकास के जितने आयाम देखने को मिले हैं, वह अभूतपूर्व है। बिहार में आधी आबादी की मौन क्रांति देखने को मिली है और शराबबंदी, दहेजबंदी, जल-जीवन-हरियाली जैसे सामाजिक अभियानों ने देश और दुनिया का ध्यान खींचा है। नीतीश कुमार ने मील के जितने पत्थर स्थापित किए हैं, उन्हें याद रखने और लोगों को याद दिलाते रहने की जरूरत है।
राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) आरसीपी सिंह ने कहा कि जदयू के पास बेजोड़ नेता के साथ-साथ बेजोड़ कार्यकर्ता भी हैं। उन्होंने कहा कि जदयू ने न केवल सभी बूथों पर अध्यक्ष और सचिव का मनोनयन किया, बल्कि उनका सम्मेलन और अब प्रशिक्षण भी सपंन्न करा लिया। आज दल के सभी साथी पार्टी के विचारों से लैस हैं और उन्हें बिहार में हुए विकास कार्यों की समुचित जानकारी है। दल के सभी साथियों को लोगों के बीच जाकर अपनी बात रखनी है। उन्होंने इस मौके पर प्रखंड अध्यक्षों के लिए तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण की भी घोषणा की। साथ ही राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार को विश्वास दिलाया कि 1 मार्च को दो लाख से भी अधिक संख्या में दल के कार्यकर्ता गांधी मैदान पहुँचेंगे।
लोकसभा में दल के नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि आज बिहार का अनुसरण बाकी राज्य और केन्द्र सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि केन्द्र ने पहले हर घर बिजली योजना को अपनाया, फिर हर घर नल का जल योजना को और अब मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूँ कि आने वाले दिनों में श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में चल रहे जल-जीवन-हरियाली अभियान का अनुसरण भी केन्द्र और बाकी राज्य करेंगे।
ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने कहा दल के कार्यकर्ताओं में प्रतिबद्धता और अनुशासन एक साथ होना चाहिए। नीतीश कुमार के हर कार्यकर्ता में अपने नेता के व्यक्तित्व की झलक दिखनी चाहिए। 2020 को लेकर उन्होंने कहा कि इस चुनाव में एनडीए की जीत तो सुनिश्चित है ही, दल के हर कार्यकर्ता का लक्ष्य होना चाहिए कि इस जीत का अंतर अधिक से अधिक हो।
जदयू मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप ने कार्यक्रम के दौरान मीडिया एवं सोशल मीडिया के उपयोग और आधुनिक संचार माध्यमों पर पार्टी की उपस्थिति और तैयारी की चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज जदयू न केवल विचारों बल्कि तकनीक में भी बाकी पार्टियों से आगे है।

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सच्चा शिक्षक ही समाज को सही रास्ता दिखाता है- डॉ.मधेपुरी

दानी दुखनी स्मारक उच्च माध्यमिक विद्यालय तुरकाही के निर्माता एवं ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा का प्रचार-प्रसार करने में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले शिक्षक थे विष्णुदेव प्रसाद यादव। वे सच्चे शिक्षक थे और सच्चा शिक्षक ही समाज को सही रास्ता दिखाता है। जो समाज के लिए जीता है वह सदा जीवित रहता है…. ये बातें शिक्षा के प्रति समर्पित शिक्षक विष्णुदेव की 75वीं जयंती समारोह के उद्घाटन के बाद शिक्षाविद् एवं समाजसेवी प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने अपने संबोधन में कही। डॉ.मधेपुरी ने कहा कि शिक्षा का दीप हर घर में जले… जलता रहे… चाहे उसे जलाने वाला किसी धर्म-संप्रदाय का व्यक्ति क्यों ना हो !

Smarika Vimochan at Turkahi Village.
Smarika Vimochan at Turkahi Village.

इस अवसर पर संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के संयुक्त सचिव डॉ.अरुण कुमार यादव, समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, प्रमंडलीय शिक्षा सचिव परमेश्वरी यादव, जिलाध्यक्ष कृष्ण कुमार, सुकवि सियाराम मयंक, अध्यक्ष आशा देवी ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। अतिथियों के सम्मान के बाद शिक्षक और शिक्षा की गरिमा पर सभी अतिथियों ने प्रकाश डालते हुए यही कहा कि विष्णुदेव प्रसाद सरीखे  शिक्षक हमेशा समाज का मार्गदर्शन करता है….. वह राष्ट्र का निर्माता होता है।

Samajsevi Dr.Bhupendra encouraging students.
Samajsevi Dr.Bhupendra encouraging students.

कार्यक्रम के संयोजक अजय कुमार ने कहा कि पिताश्री की सोच के अनुरूप इस ग्रामीण क्षेत्र को शैक्षणिक संस्थाओं के माध्यम से विकसित करने का प्रयास अंतिम सांस तक करता रहूंगा तथा स्मारिका के माध्यम से उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाता रहूंगा। मौके पर प्रमंडलीय उपाध्यक्ष प्रभात रंजन, माकपा नेता गणेश मानव, एचएम शैलेंद्र प्रसाद, सेवानिवृत्त शिक्षक कपिलदेव यादव, रामचंद्र यादव, रमेश साह, बीएन पोद्दार, पंकज यादव आदि ने भी समारोह को संबोधित किया। नंदकुमार मुखिया ने मंच संचालन किया। डॉ.मधेपुरी ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले बच्चों को पुरस्कार व प्रमाण पत्र देकर उत्साहित किया और सम्मानित भी किया।

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समाजसेवी मुखिया मोहन की प्रतिमा का अनावरण

मधेपुरा जिले के गम्हरिया प्रखंड क्षेत्र के लक्ष्मीनियाँ गांव में मंगलवार को समाजसेवी, वैद्य सह पूर्व मुखिया मोहन प्रसाद यादव की प्रतिमा का अनावरण समारोह पूर्वक आयोजित किया गया। इस समारोह का आयोजन मोहन बाबू के सुपुत्र अवकाश प्राप्त प्रधानाध्यापक मकेश्वर यादव एवं इनकी शिक्षिका धर्मपत्नी श्यामा कुमारी द्वारा किया गया।

बता दें कि अनावरण समारोह का शुभारंभ बीएनएमयू के प्रति कुलपति डॉ.फारुख अली, जिप अध्यक्षा मंजू देवी, समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, कुलसचिव डॉ.कपिलदेव प्रसाद, सहित माध्यमिक शिक्षक संघ के राज्य सचिव डॉ.अरुण कुमार, कॉलेज इंस्पेक्टर डॉ.ललन अद्री, प्रमंडलीय शिक्षक सचिव परमेश्वरी यादव आदि ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri addressing the function of Mohan Babu Pratima Anawaran Samaroh at Lakshminiyan, Gamhariya Madhepura.
Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri addressing the function of Mohan Babu Pratima Anawaran Samaroh at Lakshminiyan, Gamhariya Madhepura.

इस अवसर पर प्रति कुलपति ने कहा कि धार्मिक प्रकृति के मोहन प्रसाद यादव ने मुखिया रहकर लोगों की सेवा की। मोहन शकुंतला के नाम पर उनके पुत्र एवं पुत्रवधू द्वारा कई शिक्षण संस्थाएं स्थापित की गई है बीएन मंडल विश्वविद्यालय के सामने।

मौके पर समाजसेवी डॉ.मधेपुरी ने कहा कि जो व्यक्ति समाज के लिए जीता है वह कभी नहीं मरता। उन्होंने कहा कि भले ही मोहन बाबू ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं थे परंतु शुद्ध हृदय के परोपकारी व्यक्ति होने के कारण वे आपसी झगड़ों को गांव में ही निपटा देते थे… बल्कि किसी को थाना कचहरी तक जाने नहीं देते थे। इतना ही नहीं जड़ी-बूटी से दवा बनाकर गरीबों का मुफ्त इलाज भी किया करते थे वे।

प्रतिमा अनावरण कर्ता जिप अध्यक्षा श्रीमती मंजू देवी एवं अतिथियों ने मोहन बाबू की प्रतिमा का अनावरण किया तथा स्वागताध्यक्ष डॉ.विजय कुमार विमल ने अतिथियों को अंगवस्त्रम, पाग, पुष्पादि देकर सम्मान किया एवं मोहन बाबू की प्रतिमा पर उन्होंने पुष्पांजलि भी किया। पृथ्वीराज यदुवंशी ने करीने से मंच संचालन किया।

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