शिक्षा से ही समाज में बदलाव आएगा- कुलपति डॉ.ए.के.राय

गोशाला परिसर स्थित श्री कृष्ण मंदिर से सटे पूरब ज्ञान वैली क्रॉनिकल स्कूल का शुभारंभ बीएनएमयू के कुलपति प्रो.(डॉ.)अवध किशोर राय, प्रति कुलपति प्रो.(डॉ.)फारूक अली, पूर्व कुलसचिव प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, जिपअध्यक्ष मंजू देवी, पृथ्वीराज यदुवंशी, रिंकी यदुवंशी व अन्य गणमान्यों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

बता दें कि ज्ञान वैली स्कूल की निदेशिका रिंकी यदुवंशी ने सभी अतिथियों को अंगवस्त्रम् व बुके के साथ सम्मानित किया। कुलपति डॉ.राय ने अतिथियों सहित थानाध्यक्ष सुरेश प्रसाद सिंह एवं मकेश्वर प्रसाद यादव व राधा कृष्ण संगम ट्रस्ट के सचिव डॉ.आरके पप्पू आदि को संबोधित करते हुए यही कहा कि शिक्षा से ही समाज बदलेगा। बच्चों को सही दिशा में शिक्षित व अनुशासित करने के उद्देश्य से यह स्कूल खोला गया है। जहां प्रति कुलपति ने बच्चों को कल के भारत का तस्वीर कहा वहीं जिला परिषद अध्यक्षा ने शिक्षा को सबसे बड़ा धन बताया।

इस अवसर पर समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने विस्तार से नवोदित स्कूल के नाम का विश्लेषण करते हुए ज्ञानवान सूफी संत दौरम शाह मुस्तकीम अलेह, ऋष्य श्रृंग एवं कृष्ण की ज्ञान भूमि की चर्चा के क्रम में कहा कि आसान नहीं है पूरे देश को शिक्षा उपलब्ध कराना। डॉ.मधेपुरी ने कहा कि मधेपुरा ब्रिटिश हुकूमत में 1845 में अनुमंडल बना और लगभग 50 वर्षों के बाद 1896 में बच्चों का मात्र एक स्कूल खोला गया…. जबकि सच्चे और पक्के गांधीवादी शिवनंदन प्रसाद मंडल की अमरवाणी चतुर्दिक यूँ गूंजती रही थी- “No soul should remain uneducated on the Earth.”

डॉ.मधेपुरी ने अंत में दौराम मधेपुरा स्टेशन के नामकरण का इतिहास बड़े ही रोचक ढंग से परोसा। इस अवसर पर पृथ्वीराज यदुवंशी ने कहा कि मधेपुरी सर ने सूफी संत दौरम शाह को आज से नया जीवन प्रदान किया है। ऐसे महान संत का आशीर्वाद इस स्कूल को सदा मिलता रहेगा।

मौके पर सचिव डॉ.आरके पप्पू ने दिल्ली व कोटा की शैक्षणिक व्यवस्था यहाँ उतारने का संकल्प लिया जिसकी सराहना एसडीएम वृंदालाल, डॉ.बीएन भारती, डॉ.जवाहर पासवान, डॉ.आलोक कुमार आनंद, सुशील कुमार यादव तथा सृजन दर्पण के सचिव विकास कुमार ने की। आरंभ में अतिथियों का स्वागत रौशन कुमार ने गीत तथा सृजन दर्पण की छात्राओं ने नृत्य के माध्यम से किया।

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