बुजुर्ग एवं गर्भवती महिला प्रवासी मजदूरों की सुरक्षित घर वापसी हेतु बिहार महिला समाज की मांग

बिहार महिला समाज के सदस्यों एवं विभिन्न इकाइयों के अध्यक्षों द्वारा अपने-अपने घरों में 11बजे से 2 बजे अपराह्न तक सरकार एवं प्रशासन के खिलाफ धरना दिया गया जिसमें मांग की गई कि कोरोना के कारण प्रवासी बुजुर्ग, गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिला मजदूरों की सुरक्षित घर वापसी की व्यवस्था की जाए। महिला समाज के सदस्यों ने तख्तियों, नारों या कोई-कोई वीडियो के जरिए कई सवालों को भी उठाया।

बता दें कि भारतीय महिला फेडरेशन का समर्थन भी प्रवासी मजदूरों, बुजुर्ग, गर्भवती व दूध पिलाती महिलाओं को राहत देने की वकालत करता रहा। साथ ही यह भी कहा गया कि सरकार की लापरवाही के कारण रेल की पटरियों पर सो रहे मजदूरों की मौत हो गई। सरकार उनके परिजनों को दुख-दर्द की भरपाई के लिए कम से कम 50-50 लाख रुपए अविलंब आवंटित करें।

चलते-चलते यह भी बता दें कि इन संगठनों का कहना है कि देश की आर्थिक हालात को बेहतर बनाने में जिन मजदूरों का खून-पसीना लगता रहा है उन मजदूरों के अधिकारों पर सरकार किसी प्रकार का हमला न करें बल्कि उन भूखे व बदहाल मजदूरों की हर संभव मदद के लिए नित नई योजनाएं बनाती रहे।

 

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