राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर बीएनएमयू में आयोजित की गई परिचर्चा

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर बीएन मंडल विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस के साइंस कांफ्रेंस हॉल में “विज्ञान समाज के लिए और समाज विज्ञान के लिए” विषयक परिचर्चा का आयोजन फैकल्टी ऑफ साइंस द्वारा किया गया |

इस अवसर पर कुलपति प्रो.(डॉ.) अवध किशोर राय, प्रतिकुलपति प्रो.(डॉ.) फारूक अली, समाजसेवी साहित्यकार एवं विज्ञान के मशहूर प्रोफेसर डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी सहित डीएसडब्ल्यू प्रो.(डॉ.) शिवमुनि यादव, बीएन मुस्टा के महासचिव सीनेटर प्रो.(डॉ.) नरेश कुमार एवं जूलॉजी पीजी हेड प्रो.(डॉ.) अरुण कुमार ने सम्मिलित रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया |

Former University Professor of Physics Dr.Bhupendra Madhepuri addressing on National Science Day Seminar at North Campus BNMU Madhepura.
Former University Professor of Physics Dr.Bhupendra Madhepuri addressing on National Science Day Seminar at North Campus BNMU Madhepura.

बता दें कि परिचर्चा का उद्घाटन करते हुए कुलपति डॉ.ए.के.राय ने कहा कि जहां मानव विज्ञान के माध्यम से अपने जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास कर रहा है वहीं विज्ञान समाज को एक नई रोशनी के साथ-साथ एक नई दिशा भी दे रहा है | कुलपति ने यह भी कहा कि विज्ञान के बिना मानव सभ्यता का विकास नहीं हो सकता…. इसलिए हमें विज्ञान के दुरुपयोग से हमेशा बचना होगा |

विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रतिकुलपति डॉ.फारूक अली ने कहा कि विज्ञान को मानवीय चेहरा दिये बिना दुनिया को सुरक्षित रख पाना संभव नहीं | उन्होंने समाज में सकारात्मक सोच विकसित किये जाने पर बल दिया |

विशेष आमंत्रित अतिथि के रूप में डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने कहा कि आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है | डॉ.मधेपुरी ने यह भी कहा कि जैसे-जैसे समाज की आवश्यकताएं बढ़ती गई हमने नए-नए आविष्कार किए…. एक समय था कि दूरभाष द्वारा यहां से पटना बात करने में दिनभर लग जाता था और चन्द वर्षों के अंदर ही सबके हाथों में एक-एक मोबाइल है……. जिसे चलभाष भी कहते हैं |

जहाँ डीएसडब्ल्यू व डीन डॉ.शिवमुनि यादव ने कहा कि भारतीय ऋषि-मुनि महान वैज्ञानिक थे तभी तो वे प्रकृति और पर्यावरण के बीच सामंजस्य बनाये चलते थे…… वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए भौतिकी के विभागाध्यक्ष डॉ.निखिल प्रसाद झा ने गीता-रामायण को संदर्भित करते हुए विज्ञान को प्राचीन काल से ही समाज की सेवा में क्रियाशील बताया |

जहाँ राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर डॉ.नरेश कुमार, डॉ.अरुण कुमार, डॉ.सिद्धेश्वर कश्यप, प्रो.प्रज्ञा प्रसाद, डॉ.सुधीर शेखर, डॉ.डीपी सिंह आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किया वहीं प्रथम सेमेस्टर की छात्रा नेहा ने बखूबी मंच संचालन किया और मौके पर डॉ.कामेश्वर कुमार, विभागाध्यक्ष रसायन, डॉ.अबुल फजल (खेल पदाधिकारी), डॉ.सीताराम शर्मा, डॉ.मोहित कुमार घोष, डॉ.कैलाश प्रसाद यादव, डॉ.गणेश प्रसाद, डॉ.एम आई रहमान आदि उपस्थित थे | धन्यवाद ज्ञापन रसायनशास्त्र के प्रोफेसर डॉ.नरेश कुमार ने किया |

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