विद्युत ट्रांसमिशन के बिहार मॉडल को केंद्रीय ऊर्जा सचिव ने इस कदर सराहा कि केंद्र सरकार द्वारा सभी राज्यों को पत्र लिखकर बिहार की ट्रांसमिशन परियोजना पर काम करने को कहा गया। पत्र में यह रेखांकित करते हुए निर्देश दिया गया कि विद्युत संचरण यानी ट्रांसमिशन के मामले में संपूर्ण देश ‘बिहार मॉडल’ का अनुसरण करेगा।
बता दें कि भारत सरकार के ऊर्जा सचिव अजय भल्ला ने बिहार को छोड़कर देश के सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को विशेष रूप से पत्र लिखकर कहा है कि केंद्र सरकार की ओर से सौभाग्य, इंटीग्रेटेड पावर डेवलपमेंट स्कीम एवं दीनदयाल उपाध्याय ज्योतिग्राम योजना के तहत जितनी भी बिजली परियोजनाएं चल रही हैं उन सारी की सारी परियोजनाओं में ‘बिहार मॉडल’ पर ही काम करने को निर्देशित किया जाय। इस मॉडल के जरिये देश के सभी नागरिकों तक सातों दिन 24 घंटे बिजली की सुविधा उपलब्ध होती रहे।
यह भी जानिए कि सबों को बिजली उपलब्ध कराना केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण लक्ष्यों में से एक है। इस लक्ष्य को पाने के लिए कुछ दिन पहले बिजली की परियोजनाओं में “डिस्ट्ररीब्यूशन बिहार मॉडल” केंद्र सरकार द्वारा अपनाया गया था और अब “ट्रांसमिशन का बिहार मॉडल” अपनाकर बिजली की अनुपलब्धता वाले राज्यों को आसानी से गुणवत्तापूर्ण बिजली देकर लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ने लगा है।
राज्य सरकार के ऊर्जावान ऊर्जा मंत्री श्री बिजेंद्र प्रसाद यादव के चलते राष्ट्रीय स्तर पर बिहार को जिस तरह गौरव प्राप्त हो रहा है इससे प्रभावित होकर समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने उन्हें हृदय से बधाई दी है और पटना के पीएमसीएच को संसार का सबसे बड़ा अस्पताल बनाने के लिए साढ़े पाँच हज़ार करोड़ रु. की स्वीकृति कैबिनेट द्वारा दिये जाने पर सूबे के मुखिया नीतीश कुमार का डॉ.मधेपुरी ने इस्तकबाल किया है।
All posts by Admin
पीएमसीएच बनेगा दुनिया का सबसे बड़ा अस्पताल
बिहारवासियों के लिए बड़ी खबर। पटना स्थित पीएमसीएच विश्व का सबसे बड़ा अस्पताल बनने जा रहा है। महज कुछ वर्षों के भीतर यहां बेड की संख्या 5462 होगी। जी हाँ, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में बिहार कैबिनेट ने शनिवार को पीएमसीएच को विश्व का सबसे बड़ा और अत्याधुनिक अस्पताल बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके लिए 5540 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। अस्पताल का विस्तारीकरण तीन चरणों में और सात वर्ष के भीतर पूरा किया जाएगा। हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस काम को और भी पहले कर लेने की आवश्यकता जताई है।
कैबिनेट विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार के अनुसार पीएमसीएच अपने नए अवतार में पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल और ग्रीन बिल्डिंग के मानकों के अनुरूप होगा। अस्पताल परिसर में 450 बेड का धर्मशाला भी बनाया जाएगा। उनके द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार यहां एमबीबीएस की सीटों की संख्या को 150 से बढ़ा कर 250 किया जाएगा। वहीं पीजी सीटों की संख्या को 146 से बढ़ा कर 200 किया जाएगा। सुपर स्पेशियलिटी सीटों की संख्या 8 से बढ़ा कर 36 की जाएगी।
बता दें कि वर्तमान में बेलग्रेड (सर्बिया) में दुनिया का सबसे बड़ा अस्पताल है। वहां कुल 3500 बेड हैं। कुछ वर्षों के बाद 5462 बेड के साथ यह गौरव पीएमसीएच के नाम हो जाएगा। फिलहाल यहां बेड की संख्या 1700 है।
सम्बंधित खबरें
सरदार पटेल की जीवनी सभी स्कूलों के पाठ्यक्रमों में हो शामिल- डॉ.मधेपुरी
भारतरत्न सरदार बल्लभभाई पटेल भारत के स्वतंत्रता संग्राम के सर्वश्रेष्ठ सेनानी रहे और भारत की आजादी के बाद वे प्रथम गृह मंत्री एवं उप-प्रधानमंत्री बने | बारडोली सत्याग्रह का नेतृत्व कर रहे पटेल को सत्याग्रह की सफलता पर वहाँ की महिलाओं ने ‘सरदार’ की उपाधि से अलंकृत की……. | उसी लौह पुरुष सरदार पटेल को एकमात्र सक्षम व्यक्ति मानते हुए महात्मा गाँधी ने बहुत सोच-विचार करने के बाद ही राज्यों की जटिल समस्याओं का हल निकालने हेतु कदम उठाने को कहा था……… जिसे सरदार ने बखूबी करके दिखा दिया…….|
बता दें कि वैसे समर्पित महान देशभक्त सरदार पटेल की 143वीं जयंती कौशिकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ एवं सम्मेलन के सचिव डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी सहित अन्य साहित्यकारों व बुद्धिजीवियों द्वारा “राष्ट्रीय एकता दिवस” के रूप में स्थानीय कला कुटीर में मनाई गई |
यह भी जानिए कि इस अवसर पर इतिहास के साथ-साथ दर्जनों साहित्यक पुस्तकों के रचनाकार श्री शलभ ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगभग 3000 करोड़ की लागत से गुजरात में जहाँ संसार की सबसे ऊंची प्रतिमा हमारे लौह पुरुष सरदार पटेल की लगाकर हम भारतीयों को गौरवान्वित किया है वहीं इस सम्मेलन के यशस्वी सचिव डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी द्वारा उजागर किया गया यह विचार- “लौह पुरुष की जीवनी सभी राज्यों के स्कूली पाठ्यक्रमों में शामिल हो”- उस प्रतिमा की ऊंचाई से भी अधिक ऊंचा लगता है | भला क्यों नहीं; भारतरत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम एवं समाजवादी चिन्तक भूपेन्द्र नारायण मंडल जैसी हस्तियों के सानिध्य में रह चुके डॉ.मधेपुरी इतिहास पुरुष रास बिहारी लाल मंडल व आधुनिक बिहार के निर्माता शिवनंदन प्रसाद मंडल आदि की जीवनी लिखकर समादृत जो होते रहे हैं और गत वर्ष तो इनकी रचना “छोटा लक्ष्य एक अपराध है” को झारखंड सरकार ने छठे वर्ग के पाठ्यक्रम में शामिल कर इन्हें भरपूर सम्मान दिया है |
अंत में कुछ कवियों ने कविता के जरिये तो उपस्थित कुछ लेखकों ने शब्द-पुष्पों के माध्यम से कठोर निर्णय लेने वाले राजनेता द्वय सरदार पटेल एवं इंदिरा गाँधी को (उनकी पुण्यतिथि पर) श्रद्धांजलि दी |
सम्बंधित खबरें
जदयू मीडिया सेल ने जारी की प्रखंड संयोजकों की सूची
गुरुवारल को पटना स्थित जदयू मीडिया सेल मुख्यालय में प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के बाद मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप ने प्रखंड मीडिया संयोजकों की पहली सूची जारी की। आज जारी सूची में कुल 320 प्रखंडों संयोजकों के नाम हैं। आज की महत्वपूर्ण बैठक में जिन प्रदेश पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया उनमें प्रभात रंजन झा, धनंजय शर्मा, डॉ. धीरज सिन्हा, कैप कुमार, विनीता स्टेफी, प्रवीण तिवारी, प्रभात कुमार आर्य, प्रिंस श्रीवास्तव, राहुल किशोर सिन्हा, राधा रानी, विकास कुमार सिंह एवं आशुतोष सिंह राठौड़ शामिल हैं।
प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप ने कहा कि नवंबर में ही शेष प्रखंडों के साथ-साथ सेक्टर संयोजकों की सूची भी जारी कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आज की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार दिसंबर में राजधानी पटना में प्रदेश, जिला एवं प्रखंड संयोजकों के साथ-साथ सभी प्रखंडों के चुने हुए कार्यकर्ताओं का विशाल सम्मेलन आयोजित किया जाएगा जिसमें जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष व माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सदस्य बशिष्ठ नारायण सिंह एवं राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) व संसदीय दल के नेता आरसीपी सिंह शामिल होंगे। डॉ. अमरदीप ने कहा कि जदयू मीडिया सेल 2019 और 2020 के चुनाव में अपनी भूमिका को धारदार और प्रभावी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
ध्यातव्य है कि वर्तमान में जदयू मीडिया सेल की टीम में 28 प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, 51 संगठन जिलों के संयोजक तथा 7 तकनीकी समिति के सदस्य शामिल हैं। इसके साथ ही पार्टी के 15 जाने-माने चेहरे परामर्शदात्री समिति में हैं।
सम्बंधित खबरें
राष्ट्र को समर्पित “स्टैच्यू ऑफ यूनिटी”
आज 31 अक्टूबर को कृतज्ञ राष्ट्र संपूर्ण श्रद्धा के साथ लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल की 143 वीं जयंती मना रहा है। सुबह सवेरे आयोजित “रन फॉर यूनिटी” ने यह साबित कर दिया कि संसार में सबसे बड़े हैं हमारे लौह पुरुष……. और लौह पुरुष की 182 मीटर सर्वाधिक ऊंची स्टैच्यू ऑफ यूनिटी भी उन्हीं के समान है- अटल और अडिग। मजबूती ऐसी की 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं और 6.5 रिक्टर पैमाने पर आये भूकंप के झटकों में भी मूर्ति की स्थिति बरकरार रहेगी।

बता दें कि आज ही गुजरात के नर्मदा जिले के केवाडिया में सुबह 10:00 बजे लौह पुरुष की प्रतिमा का लोकार्पण कर राष्ट्र को समर्पित किया प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने- अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा-
सरदार पटेल एक ऐसी महान शख्सियत थे जिनकी भूमिका भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण रही। वे एक ऐसे जननेता थे जो सदैव किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध रहे। सरदार पटेल को आधुनिक भारत के निर्माता के रूप में याद किया जाता रहेगा…..! 550 से अधिक देशी रियासतों का एकीकरण कर एक संगठित भारत की रचना में उनके महत्वपूर्ण योगदानों को हमेशा याद करते रहेंगे हम…. सब ! भारत को एकता के सूत्र में पिरोने वाले उस महान शख्सियत सरदार पटेल की “स्टैच्यू ऑफ यूनिटी” के प्रति आज यह कृतज्ञ राष्ट्र श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है।
संपूर्ण भारत इस मायने में एक मत है कि एकीकृत भारत का पूरा श्रेय सरदार वल्लभ भाई पटेल के रणनीतिक कौशल और उनकी बुद्धिमत्ता को जाता है। पटेल ने एक के बाद एक समाधान निकाला और देश को एक सूत्र में बांधा। उन्होंने जूनागढ़ , हैदराबाद……. राजस्थान आदि अनेकानेक राजवाड़ा को मिला-मिला कर एकीकृत भारत का निर्माण किया। तभी तो पटेल को एक मात्र सक्षम व्यक्ति मानते हुए महात्मा गांधी ने राज्यों की जटिल समस्याओं का हल निकालने हेतु उनसे कदम बढ़ाने के लिए कहा था।
देश के ऐसे लौह पुरुष की प्रतिमा की ऊंचाई दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति के रूप में होने से भारत गौरवान्वित महसूस कर रहा है। पद्मश्री रामवनजी सुतार जैसे मूर्तिकार द्वारा डिजाइन किये गये “स्टेचू ऑफ यूनिटी” को तैयार करने में 33 महीने लगे और लगे 1700 टन ब्राँज एवं 6500 टन स्टील तथा कुल व्यय 2989 करोड़ लगे जहां मूर्ति निर्माण में सिर्फ 1653 करोड़ लगे।
भला क्यों न होगा चार धातुओं से बनी स्टेचू पर इतना खर्च जबकि 1,80,000 (एक लाख अस्सी हजार) टन सीमेंट-कंक्रीट एवं 18500 (अठारह हज़ार पाँच सौ) टन स्टील नींव में ही डाला गया है। इसके अलावे 169000 गांवों के किसानों से 135 मेट्रिक टन लोहे मूर्ति निर्माण हेतु दान मिले। यही कारण है कि अमेरिका की “स्टैचू ऑफ लिबर्टी” से दुगुनी ऊंची प्रतिमा बनी है भारत में पटेल की “स्टैच्यू ऑफ यूनिटी”- जिसे अनावरण करने के बाद प्रधानमंत्री ने भारत की 30 नदियों के जल से जलाभिषेक किया और सेना के हेलीकॉप्टरों द्वारा बरसाए गए फूल। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मची रही धूम।
इस राष्ट्रीय गौरव के अवसर पर जब मधेपुरा अबतक द्वारा समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी से बातें की गई तो डॉ.मधेपुरी ने कहा कि सरदार पटेल जैसे राष्ट्र पुरुष को सम्मान दिये जाने पर देश के रहनुमाओं को किसी प्रकार की ओछी राजनीति नहीं करनी चाहिए। सरदार पटेल न होते तो क्या आज यह एकीकृत भारत होता…….! कदापि नहीं !!
सम्बंधित खबरें
आज मधेपुरा के हर घर में पहुँच रही है बिजली- ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र
नीतीश सरकार के ऊर्जावान ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव एवं राज्यसभा सांसद सह राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) आरसीपी सिंह ने मधेपुरा जिले के सिंहेश्वर-गमरिया पथ पर भैरवपुर के निकट स्थित बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड उपकेंद्र के संचरण प्रमंडल कोसी तथा संचरण अंचल कोसी का उद्घाटन संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलित कर किया |
मौके पर आपदा प्रबंधन मंत्री दिनेश चन्द्र यादव, SC-ST मंत्री डॉ.रमेश ऋषिदेव, पूर्व मंत्री अशोक चौधरी, पूर्व मंत्री नरेंद्र नारायण यादव, विधान पार्षद ललन सर्राफ, विधायक अनिरुद्ध प्रसाद यादव सहित विभागीय कार्यपालक अभियंता की पूरी टीम की उपस्थिति देखी गई |
बता दें कि इस अवसर पर नीतीश सरकार के ऊर्जा विभाग के स्तंभ माने जाने वाले ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र यादव ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि जहाँ वर्ष 2006 में सूबे बिहार में ग्रीड की बातें करना भी मजाक लगता था वहींआज बिहार के हर घर में बिजली पहुंचाने का संकल्प निर्धारित समय से 2 माह पहले ही पूरा कर लिया गया है | उन्होंने उपस्थित भीड़ को यह जानकारी दी कि इस डिविजन में अब पांच स्थानों पर ग्रीड क्रियाशील हैं- मधेपुरा, सहरसा, सिमरी बख्तियारपुर, सोनबरसा और उदाकिशुनगंज में | साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अब मधेपुरा के सिंहेश्वर स्थान में डिविजन ऑफिस खुल जाने से इस क्षेत्र के विद्यत बोर्ड को काफी सुविधा मिलने लगी है बल्कि जिन विभागीय कार्यो के लिए उपभोक्ताओं एवं विद्युत विभाग के कर्मियों को पूर्णिया जाना पड़ता था अब उनका सारा काम यहीं निपट जाएगा |
यह भी जानिए कि बिहार-झारखंड अलग होने के समय जिस बिहार को 110 मेगावाट बिजली मिली थी वही बिहार आज 5,000 मेगावाट बिजली अपने उपभोक्ताओं को मुहैया करा रहा है | आरम्भ में बिहार में ग्रीड की संख्या 35 थी | उन दिनों यहाँ केवल 2 ग्रिड था- एक कटैया में और दूसरा सहरसा में | आज निर्धारित लक्ष्य से पूर्व ही हर घर में बिजली पहुंच गई है |
सम्बंधित खबरें
बाबा की नगरी में गूंजा ‘मैं भी हूँ नीतीश कुमार’
रविवार को सिंहेश्वर, मधेपुरा में जदयू के दलित-महादलित प्रमंडलीय सम्मेलन का भव्य आयोजन हुआ। स्थानीय मवेशी हाट मैदान में आयोजित सभा का उद्घाटन राष्ट्रीय महासचिव व जदयू संसदीय दल के नेता आरसीपी सिंह ने किया, जबकि ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे।

अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण मंत्री रमेश ऋषिदेव की अध्यक्षता में आयोजित इस सभा में एक ओर जहां कोसी के तमाम दिग्गज चेहरे – आपदा प्रबंधन मंत्री दिनेश चन्द्र यादव, लोकसभा व राज्यसभा के पूर्व सांसद एवं बीएनएमयू के संस्थापक कुलपति डॉ. आर. के. यादव रवि, पूर्व मंत्री व विधायक नरेन्द्र नारायण यादव, विधानपार्षद ललन सर्राफ, विधायक बीना भारती आदि एक साथ दिखे, वहीं जदयू के वरिष्ठ दलित-महादलित नेताओं – राष्ट्रीय महासचिव सह विधायक श्याम रजक, भवन निर्माण मंत्री महेश्वर हजारी, परिवहन मंत्री संतोष निराला, पूर्व मंत्री सह विधानपार्षद अशोक चौधरी, विधायक सह जदयू दलित प्रकोष्ठ के अध्यक्ष रवि ज्योति, विधायक रत्नेश सदा, पूर्व विधानपार्षद रविन्द्र तांती और जदयू दलित-महादलित प्रकोष्ठ के प्रभारी विद्यानंद विकल – की पूरी टीम मंच पर विराजमान थी। जदयू मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप और प्रवक्ता निखिल मंडल ने भी इस मौके पर अपनी उपस्थिति दर्ज की। सभा का संचालन मधेपुरा जदयू के अध्यक्ष बिजेन्द्र नारायण यादव ने किया।

समारोह को संबोधित करते हुए आरसीपी सिंह ने कहा कि कुछ स्वार्थी तत्व दलितों के आरक्षण को लेकर भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। समाज में विद्वेष का जहर भरने वाले ऐसे लोगों का मंसूबा कभी पूरा नहीं होगा। जब तक भारत का संविधान कायम है, तब तक आरक्षण के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं कर सकता।

ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने कहा कि दलितों-महादलितों के लिए जो किसी भी राज्य में नहीं किया गया वह बिहार में हुआ है। वहीं, आपदा प्रबंधन मंत्री दिनेश चन्द्र यादव ने कहा कि नीतीश कुमार के शासनकाल में दलितों-महादलितों को बराबर का दर्जा दिया गया है।

लोकसभा व राज्यसभा के पूर्व सांसद तथा बीएनएमयू के संस्थापक कुलपति डॉ. आर. के. यादव रवि ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार केवल एक नाम नहीं बल्कि वे अब विचार और संस्कार में तब्दील हो चुके हैं। उन्होंने गांधी, जेपी, लोहिया और अंबेडकर के सपनों को मूर्त रूप दिया है।
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सह विधायक श्याम रजक ने कहा कि नीतीश कुमार के अथक प्रयासों के कारण आज दलित समाज याचक नहीं दाता की भूमिका में है। पूर्व शिक्षामंत्री एवं विधानपार्षद अशोक चौधरी ने कहा कि दलितों के जीवन का कोई ऐसा पहलू नहीं जिस पर नीतीश कुमार की नज़र ना गई हो और उसके लिए सरकार के स्तर पर कार्य ना हुआ हो। वहीं, बिहार सरकार के मंत्रियों रमेश ऋषिदेव, महेश्वर हजारी एवं संतोष निराला ने दलितों-महादलितों के उत्थान व सर्वांगीण विकास के लिए किए गए कार्यों और चलाई जा रही योजनाओं की विस्तार से चर्चा की।

जदयू मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप ने अपने जोशीले व काव्यमय संबोधन से खूब तालियां बटोरीं। उनकी बेहद चर्चित व लोकप्रिय कविता ‘मैं भी हूँ नीतीश कुमार’ ने जनसमूह में उत्साह भरने का काम किया। युवाओं ने उनके साथ ‘मैं भी हूँ नीतीश कुमार’ के जमकर नारे लगाए।

सम्बंधित खबरें
विश्वविद्यालय में ग्रीन केमेस्ट्री व नैनो टेक्नोलॉजी पर एक दिवसीय सेमिनार
इमर्जिंग ट्रेंड्स इन ग्रीन केमिस्ट्री एंड नैनो टेक्नोलॉजी पर भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के नार्थ कैंपस (उत्तरी परिसर) के कॉन्फ्रेंस हॉल में रसायन विज्ञान विभाग और काउंसिल आफ केमिकल साइंसेज (सीसीएस) द्वारा 26 अक्टूबर (शुक्रवार) को एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया | सेमिनार दो सत्रों में आयोजित किया गया था |
जहाँ इस सेमिनार में कुलपति डॉ.ए.के.राय ने ग्रीन केमिस्ट्री के 12 गुणों की विस्तृत चर्चा करते हुए शिक्षकों, छात्रों एवं शोधार्थियों से यही कहा कि ग्रीन केमेस्ट्री पर काम करने वालों को विश्वविद्यालय द्वारा हर प्रकार से सहयोग दिया जाएगा वहीं मुख्य वक्ता के रूप में शारदा विश्वविद्यालय नोएडा के डॉ.एन.बी सिंह ने नैनो टेक्नोलॉजी पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि दुनिया की हर क्षेत्र में नैनो मेटेरियल का आविष्कार एक आंदोलन का रूप लेता जा रहा है | प्रोवीसी डॉ.फारुख अली ने सेमिनार की महत्ता की चर्चा की |
सेमिनार के उद्घाटन सत्र में बीएनएमयू के संस्थापक कुलपति डॉ.रमेन्द्र कुमार यादव रवि, कुलसचिव कर्नल नीरज कुमार, समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, डीन द्वय डॉ.शिव मुनि यादव, डॉ.अरुण कुमार मिश्र एवं अध्यक्षता कर रहे केमिस्ट्री के विभागाध्यक्ष डॉ.आर.के.मल्लिक व बीएन मुस्टा के महासचिव-सीनेटर प्रो.(डॉ.) नरेश कुमार ने संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया | सर्वप्रथम प्रो.रीता कुमारी ने एक गीत के माध्यम से सेमीनार को रसमय बना दिया, तत्पश्चात विभागाध्यक्ष डॉ.मलिक द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया |
उद्घाटन भाषण में संस्थापक कुलपति व पूर्व सांसद डॉ.रवि ने इस परिसर में सर्वप्रथम आने की चर्चा करते हुए कहा कि सेमिनार के माध्यम से युवाओं को ग्रीन केमिस्ट्री व नैनो टेक्नोलॉजी की जानकारी देना आवश्यक है | उन्होंने कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर वैज्ञानिकों को अत्याधुनिक तरीकों से शोध करने की जरूरत है | कुलसचिव श्री नीरज ने कहा कि आज लोग जंगल से मंगल तक पहुंच गये जिसमें केमिस्ट्री का बड़ा योगदान है | लेकिन, उसके नकारात्मक पहलू से हमें सचेत रहने की जरूरत है |
विश्वविद्यालय में विभिन्न पदों पर कार्यरत रहे साहित्यकार डॉ.मधेपुरी ने प्रो.(डॉ) पाल एनसतास को फादर ऑफ ग्रीन केमिस्ट्री बताते हुए कहा कि धरती और पर्यावरण को रसायनों के दुष्प्रभावों से मुक्त कराना ही ग्रीन केमिस्ट्री का काम है जो दुनिया को बचाने का एक प्रयास है | उन्होंने दैनिक जीवन में रसायन के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि आज दुनिया नैनो मैटेरियल (सूक्ष्मातिसूक्ष्म) के आविष्कारों में लगी है जबकि हमारे देश में आदिकाल से ही नैनो टेक्नोलॉजी (योग…… के रूप में) काम कर रहा है |
मौके पर विभागीय कार्यरत शिक्षक डॉ.अशोक कुमार यादव सहित सामाजिक विज्ञान संकायाध्यक्ष डॉ.शिव मुनि यादव, विज्ञान संकायाध्यक्ष डॉ.एके मिश्रा, बीएन मुस्टा के महासचिव डॉ.नरेश कुमार, प्राचार्य डॉ.केएस ओझा आदि ने विस्तार से पर्यावरण के लिए ग्रीन केमिस्ट्री के सिद्धांत को जीवन के हर क्षेत्र में लागू करने पर बल दिया तथा नैनो टेक्नोलॉजी की सूक्ष्मता एवं व्यापकता की विस्तृत चर्चा की |
कार्यक्रम का संचालन क्रीड़ा परिषद के सचिव डॉ.अबुल फजल ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन आयोजन सचिव सह सीनेटर डॉ.नरेश कुमार ने किया | सहयोगी बने रहे- डॉ.मोहित घोष, डॉ.रीता, डॉ.अरुण कुमार, डॉ.प्रियंका कुमारी, डॉ.प्रज्ञा प्रसाद, हीरेंदर कुमार उर्फ पुप्पु, डॉ.आर.सी.पी.मंडल सहित सैकड़ों श्रोतागण |
सम्बंधित खबरें
मधेपुरा का नाम रौशन करने वाली बेटी है- नृत्यांगना मासूम नव्या
मधेपुरा की इस मासूम बेटी नृत्यांगना मासूम नव्या द्वारा नृत्य को करियर के रूप में चयन करना नव्या के संकल्प एवं अलग सोच को दर्शाता है इसके लिए उस मासूम बेटी को समाज के साथ-साथ परिवार के कुछ लोगों के विरोध का भी सामना शुरुआती दिनों में करना पड़ा था।
बता दें कि 16 वर्षीय मासूम नव्या ने अपने मजबूत इरादों के चलते सामाजिक विरोध से कभी समझौता नहीं किया। अपनी बेजोड़ प्रतिभा की बदौलत मधेपुरा की इस बेटी ने राष्ट्रीय फलक पर अपनी पहचान बना ली है और मुंबई…… पटना….. दिल्ली जैसे महानगरों में फिल्मी सितारों के साथ मंच साझा करती रही है तथा बेहतर प्रदर्शन के लिए सम्मानित भी होती रही है।
यह भी जानिए कि विगत 20 अक्टूबर को सूबे की राजधानी पटना में महाविजयादशमी के अवसर पर मशहूर कलाकारों के साथ मंच साझा करते हुए दर्शकों द्वारा जमकर सराही गई और भरपूर तालियां बटोरती रही मासूम नव्या। छोटे बड़े शहरों के मंचों से महानगर तक की सफर तय कर चुकी मासूम ने मधेपुरा अबतक को बताया कि माता किरण एवं पिताश्री मुकुंद सहित परिवार के सहयोग से ही आज उसका सपना साकार होने के कगार पर है।
जहां मासूम नव्या की हर उड़ान उसके चाहने वालों की है शान वहीं उसे हाल फिलहाल तमाम रियलिटी शोज को लांगते हुए नृत्य के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर तक बनानी है अपनी पहचान। नव्या नृत्य को ही अंततः अपना करियर बनाना चाहती है, इसलिए पढ़ाई से अधिक इसी क्षेत्र में वह कड़ी मेहनत कर रही है। भला क्यों नहीं घर में मां किरण के द्वारा चलाए जा रहे संगीत प्रशिक्षण केंद्र के कारण मासूम को बचपन से ही एक सुंदर माहौल मिलता रहा है।
सम्बंधित खबरें
जदयू के दलित-महादलित प्रमंडलीय सम्मेलन का भव्य शुभारंभ
दलित-महादलित जिला सम्मेलन के सफल आयोजन के बाद आज सारण प्रमंडल अंतर्गत सीवान से जदयू के दलित-महादलित प्रमंडलीय सम्मेलन की शानदार शुरुआत हुई। सीवान के गांधी मैदान में आयोजित भव्य सभा में जदयू के राष्ट्रीय महासचिव व जदयू संसदीय दल के नेता आरसीपी सिंह के नेतृत्व में कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे, जिनमें राष्ट्रीय महासचिव सह विधायक श्याम रजक, भवन निर्माण मंत्री महेश्वर हजारी, परिवहन मंत्री संतोष निराला, अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण मंत्री रमेश ऋषिदेव, पूर्व मंत्री सह विधायक अशोक चौधरी, विधानपार्षद ललन सर्राफ, विधायक सह प्रदेश प्रवक्ता मनीष कुमार, विधायक सह जदयू दलित प्रकोष्ठ के अध्यक्ष रवि ज्योति, विधायक रत्नेश सदा, पूर्व विधानपार्षद रवीन्द्र तांती, जदयू दलित-महादलित प्रकोष्ठ के प्रभारी विद्यानंद विकल आदि प्रमुख हैं।
समारोह को संबोधित करते हुए आरसीपी सिंह ने कहा कि स्वतंत्र भारत में अंबेडकर के सपनों को किसी ने संपूर्णता में जमीन पर उतारने का काम किया है तो वे बिहार के यशस्वी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हैं। उन्होंने कहा कि समाज के हाशिए पर खड़े दलितों-महादलितों को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए उन्होंने योजनाओं का अंबार लगा दिया है।
श्याम रजक ने कहा कि यह श्री नीतीश कुमार की देन है कि आज दलित वर्ग के लोग समाज में सिर उठाकर जी रहे हैं। वहीं, अशोक चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार के भागीरथ प्रयत्न से आज दलितों के बच्चे शिक्षा हो या रोजगार समाज के किसी भी अन्य वर्ग से कंधा मिलाने की स्थिति में हैं।
बिहार सरकार के मंत्रियों महेश्वर हजारी, संतोष निराला एवं रमेश ऋषिदेव ने बिहार सरकार द्वारा दलितों-महादलितों के उत्थान के लिए चलाई जा रही योजनाओं के बारे मे विस्तार से बताते हुए कहा कि नीतीश कुमार के अथक प्रयत्न से दलितों-महादलितों का बिहार में नवयुग शुरू हुआ है।
चलते-चलते बता दें कि जदयू का अगला दलित-महादलित प्रमंडलीय सम्मेलन 27 अक्टूबर को राज मैदान, दरभंगा (दरंभगा प्रमंडल), 28 अक्टूबर को मवेशी हाट मैदान, सिंहेश्वर स्थान, मधेपुरा (कोशी प्रमंडल), 29 अक्टूबर को इंदिरा गांधी स्टेडियम, पूर्णिया (पूर्णिया प्रमंडल), 30 अक्टूबर को डुमरामा हाई स्कूल मैदान, अमरपुर, बांका (भागलपुर प्रमंडल), 31 अक्टूबर को गांधी मैदान, गया (मगध प्रमंडल), 3 नवंबर को इन्टर कॉलेज मैदान, विक्रमगंज, रोहतास (पटना प्रमंडल) तथा 4 नवंबर को पोलो मैदान, मुंगेर (मुंगेर प्रमंडल) में होगा।

























