Sardar Ballabh Bhai Patel topic in school curriculum.

सरदार पटेल की जीवनी सभी स्कूलों के पाठ्यक्रमों में हो शामिल- डॉ.मधेपुरी

भारतरत्न सरदार बल्लभभाई पटेल भारत के स्वतंत्रता संग्राम के सर्वश्रेष्ठ सेनानी रहे और भारत की आजादी के बाद वे प्रथम गृह मंत्री एवं उप-प्रधानमंत्री बने | बारडोली सत्याग्रह का नेतृत्व कर रहे पटेल को सत्याग्रह की सफलता पर वहाँ की महिलाओं ने ‘सरदार’ की उपाधि से अलंकृत की……. | उसी लौह पुरुष सरदार पटेल को एकमात्र सक्षम व्यक्ति मानते हुए महात्मा गाँधी ने बहुत सोच-विचार करने के बाद ही राज्यों की जटिल समस्याओं का हल निकालने हेतु कदम उठाने को कहा था……… जिसे सरदार ने बखूबी करके दिखा दिया…….|

बता दें कि वैसे समर्पित महान देशभक्त सरदार पटेल की 143वीं जयंती कौशिकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ एवं सम्मेलन के सचिव डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी सहित अन्य साहित्यकारों व बुद्धिजीवियों द्वारा “राष्ट्रीय एकता दिवस” के रूप में स्थानीय कला कुटीर में मनाई गई |

यह भी जानिए कि इस अवसर पर इतिहास के साथ-साथ दर्जनों साहित्यक पुस्तकों के रचनाकार श्री शलभ ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगभग 3000 करोड़ की लागत से गुजरात में जहाँ संसार की सबसे ऊंची प्रतिमा हमारे लौह पुरुष सरदार पटेल की लगाकर हम भारतीयों को गौरवान्वित किया है वहीं इस सम्मेलन के यशस्वी सचिव डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी द्वारा उजागर किया गया यह विचार- “लौह पुरुष की जीवनी सभी राज्यों के स्कूली पाठ्यक्रमों में शामिल हो”- उस प्रतिमा की ऊंचाई से भी अधिक ऊंचा लगता है | भला क्यों नहीं; भारतरत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम एवं समाजवादी चिन्तक भूपेन्द्र नारायण मंडल जैसी हस्तियों के सानिध्य में रह चुके डॉ.मधेपुरी इतिहास पुरुष रास बिहारी लाल मंडल व आधुनिक बिहार के निर्माता शिवनंदन प्रसाद मंडल आदि की जीवनी लिखकर समादृत जो होते रहे हैं और गत वर्ष तो इनकी रचना “छोटा लक्ष्य एक अपराध है” को झारखंड सरकार ने छठे वर्ग के पाठ्यक्रम में शामिल कर इन्हें भरपूर सम्मान दिया है |

अंत में कुछ कवियों ने कविता के जरिये तो उपस्थित कुछ लेखकों ने शब्द-पुष्पों के माध्यम से कठोर निर्णय लेने वाले राजनेता द्वय सरदार पटेल एवं इंदिरा गाँधी को (उनकी पुण्यतिथि पर) श्रद्धांजलि दी |

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