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अब शहरी क्षेत्र के मिड-डे-मील में मिलेगा सेन्ट्रल किचन का खाना

सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को मिड-डे-मील से राहत दिलाने के लिए अब “सेंट्रल किचन योजना” शुरू किया जा रहा है। इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए पटना से आई टीम द्वारा सेंट्रल किचन के लिए भूपेन्द्र नारायण मंडल वाणिज्य महाविद्यालय, बाल मुकुंद नगर, साहूगढ़-मधेपुरा से उत्तर एक स्थान को प्रस्तावित किया गया है जिसका संचालन या तो महिला बचत समूह को या फिर किसी संवेदक को दिया जाएगा।

बता दें कि प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों के बच्चों के लिए चलाए जा रहे मिड-डे-मील स्कीम पर आने वाले खर्च हेतु केंद्र सरकार को 60% एवं राज्यों को 40% पैसे देने होते हैं। जानिए कि केंद्र द्वारा भोजन के लिए जहां अनाज एवं वित्त पोषण प्रदान की जाती है वहीं राज्य सरकारों द्वारा सुविधाओं, परिवहन और श्रम की लागत का खर्च वहन किया जाता है। इस स्कीम के तहत हर रोज करोड़ों बच्चों को स्कूल में भोजन करवाया जाता है।

यह भी जानिए कि मिड-डे-मील को लेकर शिक्षकों के सामने आ रही दिक्कतों को देखते हुए नीतीश सरकार के मानव संसाधन विभाग द्वारा वर्तमान में यह योजना केवल मधेपुरा नगर परिषद क्षेत्र में आरंभ किया जाएगा। सफलता मिलने पर अन्य जगह भी विस्तारित किया जाएगा।

चलते-चलते एमडीएम के डीपीओ श्री के.एन.दास के हवाले से यह भी बता दें कि नगर परिषद मधेपुरा के अंतर्गत 21 प्राइमरी एवं 8 मिडिल यानी कुल 29 स्कूल हैं जिनमें लगभग 7000 छात्र पढ़ते हैं। सेंट्रल किचन बनने से सारे शिक्षक विवादों एवं गैर शैक्षणिक कार्यों से बचेंगे जिसका सर्वाधिक शैक्षणिक लाभ बच्चों को मिलेगा….। और हाँ ! डीपीओ श्री दास ने मधेपुरा अबतक को यह भी बताया कि पूरा खाना इस सेंट्रल किचन में तैयार होगा जिसे चौपहिया वाहनों से स्कूलों में भेजा जाएगा…… परंतु प्रत्येक स्कूल को दिए गए एक फॉर्मेट में स्कूल का नाम, उपस्थित बच्चों की संख्या, रूट का नाम और सेंट्रल किचन से दूरी अंकित कर निर्धारित समय से पूर्व उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।

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बहादुर कैप्टन अभिनंदन की मूछें राष्ट्रीय घोषित किए जाने की माँग हुई शुरू

सेना के शौर्य एवं उसकी बहादुरी को सारा देश सलाम करता रहा सिवाय कांग्रेस के कुछ नामदार नेताओं को छोड़कर। हिंदुस्तान की सेना द्वारा पाकिस्तानी सेना के विरुद्ध दिखाये गए शौर्य एवं पराक्रम के सबूत मांग-मांगकर कांग्रेस के शीर्ष पर बैठे राहुल गांधी ने अपनी बचकानी हरकतों से अपने चेहरे को जितना दागदार बना लिया उसे अब अच्छी तरह धोने में लग गए हैं…. लोकसभा में कांग्रेस के नवनियुक्त नेता श्री अधीर रंजन चौधरी।

बता दें कि बिना धैर्य खोये अधीर रंजन चौधरी ने सेना के शौर्य को सैल्यूट करते हुए कहा कि वायु सेना के जिस विंग कमांडर कैप्टन अभिनंदन वर्धमान को उनकी बहादुरी के लिए समस्त भारतवासियों ने नमन किया है उसे पुरस्कारों से लाद देना चाहिए….. अधीर रंजन ने यहां तक कह डाला कि विंग कमांडर अभिनंदन की मूछें, जो फाइटर विमान के शक्ल से मिलता जुलता है, को राष्ट्रीय मूंछ का दर्जा देकर भी पुरस्कृत किया जाना चाहिए।

आगे अधीर रंजन चौधरी ने सहजतापूर्वक यह स्वीकार किया कि भारतीय वायु सेना के इस जांबाज़ ने बालाकोट हमले के बाद पाकिस्तानी सीमा में घुसकर अपने पुराने फाइटर विमान पर सवार होकर संकल्पी मन की ताकत व बदला लेने की अतुलित बलवती भावनाओं का प्रदर्शन करते हुए दुश्मन के ताकतवर फाइटर को मार गिराया और खुद अपने चकनाचूर विमान से पैराशूट के सहारे कूदकर पाकिस्तानी सीमा में उतर गया और दुश्मनों द्वारा दी जाने वाली भीषण यातनाओं को सहते हुए देश की गोपनीयता को ईमान की तरह बचाकर रखा। श्री चौधरी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान विस्तार से वायु सेना की कार्रवाई की भरपूर सराहना की और राहुल गांधी सहित कतिपय कांग्रेसियों के चेहरे पर लगे दाग को धोने की भरपूर चेष्टा भी की।

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शांत रहने की इच्छा न पालें, इच्छाओं को ही शांत करें- बीके रंजू

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेवा केन्द्र मधेपुरा में आज श्रद्धालुओं के द्वारा बीके रंजू की अध्यक्षता में स्नेह मिलन समारोह का आयोजन किया गया जिसमें ब्रह्माकुमारी संस्थान की यज्ञमाता मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती की 54वीं पुण्य तिथि का सहजतापूर्वक आयोजन किया गया।

माल्यार्पण, पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का श्रीगणेश किया समाजसेवी साहित्यकार प्रो.(डॉ.) भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने। इन कार्यक्रमों में संयुक्त रूप से सम्मिलित रहे डॉ.अजय कुमार, डॉ.नरेश कुमार, भाई ओम प्रकाश, विनय वर्धन, किशोर भाई, जानकी बहन, दुर्गा बहन, विजय वर्धन..  .  सहित अध्यक्षता कर रही ब्रह्माकुमारी रंजू दीदी। मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती की याद में सबों ने 2 मिनट का मौन रखकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

बता दें कि आयोजन की अध्यक्षता कर रही राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी रंजू ने 54वें स्मृति दिवस के उपलक्ष में मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती की विशेषताओं का वर्णन करते हुए कहा कि उनकी मीठी पालना, कुशल प्रशासन एवं मधुर शिक्षाएं सदैव हमें प्रेरणा देती रहेंगी। बीके रंजू ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान की स्थापना के कार्यों में तीव्रता लाते हुए सर्वाधिक मनोयोग से संपन्न करती रही और 24 जून 1965 को हमें अलविदा कह कर दुनिया छोड़ गई।

यह भी कि जहाँ मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी डॉ.मधेपुरी ने अपने अंतर्मन से मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए तथा उनकी बातों को स्मरण करते हुए कहा कि जीवन में सदा सच्चाई कायम रखें और सफाई को अपने दिनचर्या में शामिल कर निरंतर गतिशील रखें….. सदा खुश रहें और सदैव औरों के बीच खुशियाँ बांटते रहें। डॉ.मधेपुरी ने यह भी कहा कि इच्छाओं का परित्याग ही स्वस्थ जीवन जीने का एकमात्र सहज मार्ग है।

कार्यक्रम को सफल बनाने में इंस्पेक्टर संजीव कुमार, प्रो.सतीश कुमार सिंह, डॉ.विनोद कुमार, बैजनाथ यादव, रंजीत कुमार आदि श्रद्धालुओं का सहयोग सराहनीय रहा है। ब्रह्माकुमार भाई किशोर ने कार्यक्रम का कुशल संचालन किया। अंत में प्रसाद वितरण के बाद अध्यक्षा बीके रंजू ने कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की।

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बिजली पम्प से नाता जोड़ो, डीजल पम्प को जल्दी छोड़ो

नीतीश सरकार किसानों की स्थिति में सर्वाधिक सुधार लाने को संकल्पित है | तभी तो नीतीश सरकार के उर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने बिहार सरकार के ऊर्जा विभाग के अधिकारियों, पदाधिकारियों एवं समस्त विद्युत कर्मियों को अहर्निश कृषक-सेवा के लिए तैयार किया है और हर घर को बिजली देने के बाद अब हर खेत को बिजली देने का संकल्प लिया है….. जिसके लिए उन्होंने स्लोगन दिया है…. “बिजली पम्प से नाता जोड़ो, डीजल पम्प को जल्दी छोड़ो” |

बता दें कि किसान के उस खेत को बिजली आधारित पंपसेट से पटवन करने पर जहां ₹10 खर्च आता है वहीं उसी खेत को डीजल वाले पम्प सेट से सिंचाई करने पर ₹100 व्यय करना पड़ता है यानि 10 गुना ज्यादा खर्च होता है | इसलिए विद्युत गति से कृषि पटवन हेतु नया विद्युत संबंध प्रदान करने के लिए नीतीश सरकार द्वारा प्रत्येक बुधवार एवं शनिवार को संपूर्ण सूबे के 534 प्रखंड कार्यालयों में शिविर का आयोजन किया जा रहा है |

यह भी जान लें कि शिविर तो सप्ताह में केवल दो ही दिन आयोजित किया जाएगा, परंतु शिविर के अतिरिक्त नये विद्युत संबंध प्रदान करने के लिए ऑनलाइन या सहायक विद्युत अभियंता के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस को आवेदन दिया जा सकता है जिसके साथ पहचान पत्र / आधार कार्ड एवं जमीन से संबंधित कागजात संलग्न करना अनिवार्य होगा |

चलते-चलते यह भी बता दें कि यदि बोरिंग के पास तक बिजली पहुंची हुई हो तो 7 दिनों के अंदर विद्युत संबंध ऊर्जा विभाग द्वारा प्रदान कर दिया जाएगा….. बिजली नहीं रहने की स्थिति में दिसंबर 2019 तक विद्युत संबंध प्रदान करने को संकल्पित है नीतीश सरकार | हाँ ! बिजली पोल से नलकूप तक का तार, एक बोर्ड, एक किटकैट आदि किसान को स्वयं क्रय कर मीटर लगाने के समय उपलब्ध कराना होगा | आवेदन के समय किसी प्रकार की राशि देय नहीं है | बोरिंग में विद्युत कनेक्शन हो जाने के बाद सिंगल फेज लेने पर ₹875 या थ्री फेज के लिए 1500 रुपया 10 किस्तों में बिना सूद के विद्युत रसीद ले कर देय होगा | मात्र 75 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली का भुगतान किसान को करना होगा |

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सही में दिव्यांग वे ही हैं जिन्हें कुछ कर गुजरने की हिम्मत नहीं है- कुलपति

कोसी अंचल के पूर्णिया जिले के बड़हरा कोठी प्रखंडान्तर्गत एक गाँव है- मगुरजान | उस गाँव की दिव्यांग बेटी का नाम है- रूपम | माँ चाँदनी देवी एवं पिताश्री बहादुर साह की (जन्म से ही दोनों हाथों से विकलांग) बेटी रूपम गाँव के बच्चों को पढ़ते-लिखते और स्कूल जाते देखकर हमेशा यही सोचा करती कि वह भी पढेगी….. अवश्य पढेगी और पढ़-लिखकर गरीब तथा लाचार व बेबस बच्चों को अच्छी शिक्षा देगी |

बता दें कि जन्मजात दिव्यांग रूपम ने पाँव को ही हाथ बना लिया और हाथों की जगह पैर से ही कलम पकड़ ली | जी हाँ, शुरू में रूपम को काफी परेशानियाँ हुई, लेकिन उसके हौसले एवं पढ़ने की ललक के सामने कोई अवरोध उसके मार्ग को अवरुद्ध नहीं कर सका | उसने 2014-16 सत्र में हिन्दी से एमए कर ली |

यह भी जानिए कि जन्म से ही दोनों हाथों से दिव्यांग रूपम जब विगत शुक्रवार को भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस स्थित Examination Hall पहुंची तो उसके हौसले को देखकर पीएचडी ऐडमिशन टेस्ट देने आये सभी 886 परीक्षार्थियों सहित सारे वीक्षक भी हैरान ही नहीं हुए बल्कि पैरों से कलम पकड़कर सुंदर व स्पष्ट लिखावट लिखने वाली रूपम को देखकर दंग रह गये |

VC Dr.A.K.Ray with officers inspecting Pre-Ph.D Exam at North Campus BNMU Madhepura.

चलते-चलते यह भी बता दें कि जब रूपम अपने पैरों से कलम थाम कर नॉर्थ केंपस के परीक्षा भवन में Pre-PhD टेस्ट के सारे सवालों का जवाब लिख रही थी तो जानकारी पाते ही कुलपति डॉ.अवध किशोर राय, प्रति कुलपति डॉ.फारुख अली, डीन सोशल साइंस डॉ.शिव मुनि यादव आदि विश्वविद्यालय पदाधिकारीगण भी खुद को नहीं रोक पाये और उसके हौसले को सलाम करते हुए सबों ने यही कहा कि दिव्यांग होते हुए भी उच्च शिक्षा पाने के प्रति रूपम का उत्साह व अंतर्मन का संकल्प सराहनीय है….. रूपम जैसे संकल्पी लोग ही समाज के लिए उदाहरण बनते हैं | विश्वविद्यालय के सभी आलाधिकारी से लेकर पदाधिकारी तक रूपम के उज्जवल भविष्य की कामनाएं की |

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बिहार में होगी साढ़े छह हजार से अधिक डॉक्टरों की बहाली

बिहार इन दिनों एईएस और लू की चपेट में है। लगभग तीन सौ लोग जान गंवा चुके हैं। हालांकि आज मानसून के आगमन के साथ लगातार हो रही मौतों का सिलसिला जरूर रुकेगा। इधर सरकार भी अपनी ओर से हरसंभव कोशिश करने में जुटी है। इन आपदाओं से प्रभावित जिलों में हालात से निपटने के लिए डॉक्टर अन्य जिलों से लेकर राज्य के बाहर तक से बुलाए जा रहे हैं। स्पष्ट है कि राज्य में डॉक्टरों की कमी है। इसे देखते हुए सरकार ने डॉक्‍टरों को बहाल करने का निर्णय लिया है। जी हाँ, सरकार द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार राज्य में साढ़े छह हजार से अधिर डॉक्‍टरों की नियुक्ति की जाएगी।

बिहार के स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के प्रधान सचिव संजय प्रसाद ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि राज्य के मेडिकल कॉलेज अस्पतालों के साथ ही अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्‍टरों की कमी को देखते हुए 2325 विशेषज्ञ डॉक्टर और करीब 4500 एमबीबीएस डॉक्टरों की नियुक्ति होगी। स्वास्थ्य विभाग ने नियुक्ति का प्रस्ताव सामान्य प्रशासन विभाग से स्वीकृत कराते हुए तकनीकी सेवा आयोग को भेज दिया है।

बता दें कि डॉक्टरों के साथ ही 9139 स्टॉफ नर्स (ए ग्रेड) की नियुक्ति भी होगी। सभी नियुक्तियों का प्रस्ताव आयोग को भेजा जा चुका है। उम्मीद की जानी चाहिए कि यह कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा और जल्द ही बहाली प्रक्रिया शुरू होगी।

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बिहार कैबिनेट ने लगाई कुल 13 एजेंडों पर मुहर

शुक्रवार, 21 जून 2019 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में बिहार कैबिनेट की बैठक हुई। इस बैठक में कुल 13 एजेंडों पर मुहर लगी, जिसमें एक महत्‍वपूर्ण प्रस्‍ताव पेंशनभोगियों के महंगाई भत्‍ते का था। बिहार सरकार ने पेंशन भोगियों के महंगाई भत्ता में 11 प्रतिशत का इजाफा कर उसे 284 प्रतिशत से बढ़ाकर 295 प्रतिशत कर दिया। इसके साथ ही अपुनरीक्षित कर्मियों का महंगाई भत्ता भी 148 फीसदी से बढ़ाकर 154 फीसदी कर दिया गया। ये दोनों फैसले 1 जनवरी 2019 के प्रभाव से लागू होंगे।

बैठक में नदियों से संबंधित आंकड़ों के संग्रह के लिए बाढ़ प्रबंधन सुधार सहायक केन्द्र, अनिसाबाद, पटना को अपग्रेड करने का फैसला भी किया गया। इस काम के लिए कैबिनेट ने 20.62 करोड़ रुपये मंजूर किए। बता दें कि इस केन्द्र से कोसी बाढ़ समुत्थान परियोजना, कोसी बेसिन विकास परियोजना एवं राष्ट्रीय जल विज्ञान परियोजना का कार्यान्वयन किया जा रहा है। साथ ही यहां से विभिन्न नदियों के मॉडलिंग कार्य, बाढ़ पूर्वानुमान लगाने और चेतावनी देने की प्रणाली भी काम कर रही है। इन कार्यों को और तेज गति से करने तथा सारे जलीय आंकड़ों का संग्रण वास्तविक समय में करने और नेशनल हाइड्रोलॉजी प्रोजेक्ट के कार्यान्वयन सहित 72 घंटे पूर्व विभिन्न नदियों के लिए बाढ़ पूर्व चेतावनी विकसित करने के इरादे से इस केन्द्र को अपग्रेड करने का फैसला किया गया।

कैबिनेट ने 2010 से संविदा पर काम कर रहे 212 व्यवसाय अनुदेशकों को एक वर्ष का अवधि विस्तार देने का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया। इसके अलावा बिहार सचिवालय आशुलिपिक सेवा नियमावली 2006 में संशोधन का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया। संशोधन के बाद आशुलिपिक सेवा संवर्ग में आप्त सचिव एवं प्रधान आप्त सचिव को राजपत्रित पद नामित किया जा सकेगा।

कैबिनेट ने बैठक में सूचना एवं प्रावैधिकी विभाग के प्रस्ताव पर चर्चा के बाद इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम के संगम ज्ञापन में संशोधन की मंजूरी भी दी। एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले के तहत राज्य आयोग, उपभोक्ता संरक्षण एवं जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्षों एवं सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया, वेतन भत्ते एवं सेवा शर्त नियमावली 2019 के गठन का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया गया।

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राहुल नहीं माने, अधीर होंगे लोकसभा में कांग्रेस के नेता

पश्चिम बंगाल के बेहरामपुर से सांसद अधीर रंजन चौधरी लोकसभा में कांग्रेस के नेता होंगे। राहुल गांधी द्वारा यह पद ग्रहण करने से इनकार करने के बाद यह निर्णय लिया गया। मंगलवार सुबह इस पर लंबी रणनीतिक चर्चा के बाद यह फैसला किया गया। इस दौरान राहुल गांधी और उनकी मां व यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी भी मौजूद थीं। अधीर रंजन चौधरी के साथ-साथ केरल के नेता के. सुरेश, पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी और तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर भी इस पद के लिए दौड़ में शामिल थे। लेकिन अधीर को उनके अनुभव के आधार पर लोकसभा में कांग्रेस का नेता चुना गया। वे बेहरामपुर से लगातार पांचवीं बार (1999 से लगातार) चुनाव जीतकर संसद पहुंचे हैं।

गौरतलब है कि पार्टी के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे इस बार चुनाव हार गए थे। उनके हारने के बाद लोकसभा में कांग्रेस के नेता का विकल्प देना जरूरी था। पार्टी की आम राय थी कि राहुल गांधी लोकसभा में पार्टी के नेता हों, लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष पद तक से इस्तीफे की पेशकश कर चुके राहुल इसके लिए हरगिज तैयार नहीं थे। वे इस राय पर अडिग थे कि इस पद पर नेहरू-गांधी परिवार से बाहर का कोई व्यक्ति बैठे।

बहरहाल, कांग्रेस ने अधीर रंजन चौधरी का उल्लेख करते हुए लोकसभा को पत्र लिखकर बता दिया है कि वे सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के नेता होंगे। पत्र में यह भी लिखा गया है कि वे सभी महत्वपूर्ण चयन समितियों में पार्टी का प्रतिनिधित्व भी करेंगे।

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ओम बिड़ला होंगे अगले लोकसभा अध्यक्ष

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक बार फिर पूरे देश को चौंका दिया। राजस्थान के कोटा से भाजपा सांसद ओम बिड़ला लोकसभा के अगले अध्यक्ष होंगे। इसके साथ ही इस प्रतिष्ठित पद के लिए लगाई जा रही सारी अटकलें खत्म हो गईं। गौरतलब है कि लोकसभा अध्यक्ष बनने की रेस में पूर्व केन्द्रीय मंत्री मेनका गांधी, राधामोहन सिंह, रमापति राम त्रिपाठी, एसएस अहलुवालिया और डॉ. वीरेंद्र कुमार जैसे नाम शामिल थे लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने आगे किया ओम बिड़ला का नाम। राष्ट्रपति पद के लिए रामनाथ कोविन्द का चयन हो या विदेश मंत्री के रूप में एस जयशंकर को सामने लाना, मोदी पहले भी अपने निर्णयों से चौंकाते रहे हैं।

बहरहाल, ओम बिड़ला बुधवार को लोकसभा अध्यक्ष के तौर पर नामांकन कर सकते हैं। जानकारी के मुताबिक उनके नाम का प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रखा था। उनकी उम्मीदवारी को 10 पार्टियों – शिवसेना, जदयू, लोजपा, अकाली दल, नेशनल पीपुल्स पार्टी, मिजो नेशनल फ्रंट, वाईएसआर कांग्रेस, अन्ना द्रमुक, अपना दल और बीजेडी – ने समर्थन दिया है। कांग्रेस ने हालांकि समर्थन पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किया है, लेकिन वह भी उनके नाम का विरोध नहीं करेगी।

चलने से पहले बता दें कि सांसद बनने से पहले ओम बिड़ला तीन बार कोटा सीट से विधायक भी रह चुके हैं। हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में बिड़ला ने कोटा संसदीय सीट से कांग्रेस के राम नारायण मीणा को 2.5 लाख से अधिक मतों से हराया था।

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कई सीनियर नेताओं को राज्यपाल बनाएगी भाजपा !

2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता नहीं उतरे थे। माना जा रहा था कि आने वाले समय में पार्टी उन्हें संगठन या किसी अन्य भूमिका में ला सकती है। ऐसे में चुनाव से दूर रहे भाजपा के कई नेताओं का नाम राज्यपाल पद की रेस में है। इसके पीछे वजह यह है कि वर्तमान में देश के 11 राज्य ऐसे हैं जहां के राज्यपालों का कार्यकाल अगले दो से तीन महीनों में खत्म हो रहा है। अगर इन राज्यपालों का सेवा विस्तार नहीं हुआ तो इन सभी राज्यों में नए राज्यपालों का दिखना तय है।

दरअसल इस बात की चर्चा तब शुरू हुई जब कुछ दिन पहले केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने ट्वीट कर सुषमा स्वराज को आंध्र प्रदेश का राज्यपाल बनने की बधाई दी थी। हालांकि सुषमा ने इसका खंडन किया और कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है। लेकिन इस घटनाक्रम के बाद भाजपा के कई सीनियर नेताओं को राज्यपाल बनाए जाने की चर्चा ने जोर पकड़ लिया है।

बहरहाल, जिन नेताओं के नाम राज्यपाल बनाए जाने को लेकर चर्चा में हैं उनमें मुरली मनोहर जोशी, बंडारू दत्तात्रेय, कलराज मिश्र, करिया मुंडा, भगत सिंह कोश्यारी, बिजोय चक्रवर्ती, सुमित्रा महाजन और राधामोहन सिंह जैसे नाम चर्चा में हैं। सूत्रों की मानें तो राज्यपाल बनाकर पार्टी अपने वरिष्ठ नेताओं को साधने की कोशिश में है।

जिन राज्यों के राज्यपाल का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है, वे हैं गोवा (मृदुला सिन्हा), गुजरात (ओम प्रकाश कोहली), कर्नाटक (वजुभाई रुडा भाई वाला), केरल (जस्टिस पी सदाशिवम), महाराष्ट्र (विद्यासागर राव), नगालैंड (पद्मनाथ बालकृष्ण आचार्य), राजस्थान (कल्याण सिंह), त्रिपुरा (कप्तान सिंह सोलंकी), उत्तर प्रदेश (राम नाईक), पश्चिम बंगाल (केशरीनाथ त्रिपाठी) और आंध्र प्रदेश (में ई. एस. एल. नरसिम्हन)। गौरतलब है कि इनमें से ज्यादातर राज्यों में राज्यपालों की उम्र 70 से पार या 80 के आसपास है। ऐसे में इन्हें दोबारा मौका मिलने की संभावना नहीं दिखती। इस प्रकार नए चेहरों को मौका मिलना तयप्राय है।

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