सीएम नीतीश के संकल्प “न शराब आने देंगे, न किसी को पीने देंगे” को पूरा करेंगे के.के.पाठक

पूर्ण शराब बंदी पर 7 घंटे कैबिनेट की बैठक हुई और सख्ती के लिए एक्शन प्लान भी बना। केके पाठक को फिर दिल्ली से लाकर उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की कमान सौंपी गई।

बता दें कि 1990 बैच के आईएएस अधिकारी केके पाठक को बिहार लौटने के बाद नीतीश सरकार ने उन्हें फिर से शराब बंदी कानून को मुस्तैदी से लागू करने की जवाबदेही सौंपी है।

जानिए कि 5 अप्रैल 2016 को जब बिहार में नीतीश सरकार ने पूर्ण शराब बंदी लागू की थी, तब केके पाठक ही इस विभाग के प्रधान सचिव थे और शराबबंदी को सख्ती से लागू करवाया था। इस बार तो केके पाठक इस विभाग के अपर मुख्य सचिव हैं। उनके आने की धमक मिलते ही पुलिस मुख्यालय ने सभी थानों को निर्देश दिया कि शराब से जुड़े सभी स्पाॅट की पहचान कर कठोर कार्रवाई करें। अब राज्य भर में चलेगा शराब के खिलाफ अभियान।

चलते-चलते यह भी कि सीमावर्ती इलाकों में मौजूद 127 थानों को विशेष रूप से निर्देश दिया गया है कि अपने क्षेत्र के पूरे रूट को आईडेंटिफाइ कर सख्त कार्रवाई तुरंत शुरू करें। सभी जिलों के पुलिस कप्तानों को समुचित मॉनिटरिंग करने का सख्त निर्देश दिया गया है। मुख्यमंत्री ने यहां तक कह डाला है कि जिस क्षेत्र में शराब मिलेगी उसके थानेदार तुरंत सस्पेंड होंगे और एसपी से पूछा जाएगा शोकाॅज। अब सीएम नीतीश कुमार विरोधियों की बोलती बंद करने की ठान ली है जिसे पूरा करने के लिए केके पाठक को लाया गया है।

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