नीतीश सरकार ने साढ़े तीन लाख नियोजित शिक्षकों के मूल वेतन में 15% की बढ़ोतरी की

सूबे बिहार की नीतीश सरकार ने राज्य के साढ़े तीन लाख नियोजित शिक्षकों को 1 अप्रैल 2021 से ही उनके मूल वेतन में 15% की बढ़ोतरी करने का आदेश जारी कर दिया है। बढ़ोतरी का यह आदेश प्रदेश के प्राइमरी स्कूल से लेकर उच्च माध्यमिक विद्यालय के नियोजित शिक्षकों व पुस्तकालयाध्यक्षों के लिए शुक्रवार को जारी किया गया है। इसके लिए शिक्षा विभाग एक ऑनलाइन कैलकुलेटर तैयार कर रहा है। इसके तैयार होते ही नियोजित शिक्षकों सहित पुस्तकालयाध्यक्षों का भी वेतन निर्धारित कर दिया जाएगा। यह वित्तीय लाभ 1 अप्रैल 2021 से दिया जाएगा।

बता दें कि अखबारों में छपे निर्धारित पे मैट्रिक्स के आधार पर नियोजित शिक्षक अपनी बढ़ोतरी का सही आकलन कर सकते हैं। शिक्षा विभाग द्वारा इसे जल्द ही ऑनलाइन अपलोड भी किया जाएगा।

यह भी कि नियोजित शिक्षकों एवं पुस्तकालयाध्यक्षों की मूल वेतन वृद्धि (15%) जनवरी 2022 से भुगतान की जाएगी। जान लें कि यदि किसी नियोजित शिक्षक व पुस्तकालयाध्यक्ष का मूल वेतन अपने कनिय से कम हो गया तो उनका मूल वेतन कनिय के मूल वेतन के अनुरूप निर्धारित किया जाएगा।

चलते-चलते यह भी जानिए कि समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने सरकार से पूर्व में भी कई अवसरों पर यह मांग की है कि नियोजित शिक्षकों को वो सारी सुविधाएं दी जाएं जो एक नियमित शिक्षक को दी जा रही हैं। डॉ.मधेपुरी आरंभ से ही समान काम समान वेतन के पक्षधर रहे हैं।

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