इंटरनेशनल लिटरेसी डे- 2020

प्रत्येक वर्ष संयुक्त राष्ट्र के बैनर तले 8 सितंबर को विश्व साक्षरता दिवस मनाया जाता है। इसे मनाने की शुरुआत 26 अक्टूबर 1966 को हुई थी । यह कार्यक्रम शिक्षा के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने हेतु किया जाता है। सर्वप्रथम ईरान के तेहरान में दुनिया से निरक्षरता को खत्म करने के लिए दुनिया भर में एक अभियान चलाने पर चर्चा की गई थी। इस वर्ष वैश्विक कोविड-19 महामारी के खतरे के अनुरूप यह “साक्षरता  शिक्षण और कोविड-19 संकट और उसके बाद” विषय पर केंद्रित किया गया। फलस्वरूप इस वर्ष इस वैश्विक संकट के मौके पर ‘शिक्षकों की भूमिका और बदली शिक्षा पद्धति’ पर जोर दिया गया और आगे भी दिया जाता रहेगा।

बता दें कि कोरोना काल में विश्व साक्षरता दिवस को सफल बनाने हेतु फिलहाल टीवी, रेडियो एवं इंटरनेट के जरिए शिक्षा के काम को आगे बढ़ाया जा रहा है। इस साल साक्षरता दिवस के दिन संयुक्त राष्ट्र ने शिक्षा के मुद्दे पर कई प्रकार के ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित किया है। इसका उद्देश्य यही है कि लोग साक्षर होकर अपने आने वाले कल को बेहतर बना सके तथा  अंधेरी गलियों में उजियारा ला सके।

चलते-चलते यह भी बता दें कि जहां साक्षरता के मामले में देश का शीर्ष राज्य है केरल… जहां 96.2% लोग  साक्षर हैं, वहीं आंध्र प्रदेश इस मामले में सबसे निचले पायदान पर है जहां की साक्षरता दर 66.4% है। जानिए कि ब्रिटिश हुकूमत के समय देश में सिर्फ 12% लोग ही साक्षर थे।

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