कोसी प्रमंडल का सुपौल जिला बना धूम्रपान मुक्त

भारत में धूम्रपान के रूप में तेजी से तंबाकू का सेवन किया जा रहा है। धूम्रपान से फेफड़े के कैंसर की बीमारी होती है। अमीरों की तुलना में गरीब तथा महिलाओं की तुलना में पुरुष अधिक धूम्रपान करते हैं। जबकि तंबाकू का सेवन हर तरह से खतरनाक है। दुनिया में प्रतिवर्ष 70 लाख तथा भारत में  प्रतिदिन लगभग 3 हजार मौत तंबाकू सेवन की वजह से होती है।

यह भी बता दें कि धूम्रपान से हृदय गति और रक्तचाप बढ़ जाता है। दिल के दौरे का खतरा भी बढ़ जाता है। तंबाकू और धूम्रपान मुंह की नाजुक मांस पेशियों को नुकसान पहुंचाता है जिससे खाने में स्वाद नहीं लगता है। अधिक धूम्रपान से सांस लेने में कठिनाई होती है एवं फेफड़े खराब हो जाते हैं और दस प्रकार के कैंसर से घिर जाते हैं लोग।

डब्ल्यूएचओ के बैनर तले विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर धूम्रपान एवं तंबाकू सेवन नहीं करने का हर कोई को संकल्प कराया जाता है। विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा भी अपने लिए नहीं तो कम से कम अपनों के लिए ही इस बुरी आदत को छोड़ने का संकल्प प्रत्येक जिले में दिलाया जाता है। कोसी प्रमंडल के सुपौल जिले के डीएम महेंद्र कुमार ने समारोह आयोजित कर सुपौल जिला को धूम्रपान मुक्त घोषित किया। इस समारोह में डीएम के अलावे सिविल सर्जन डॉ.कृष्ण मोहन प्रसाद सहित जिले के समस्त संबंधित अधिकारीगण व कर्मियों ने भाग लिया। डीएम महेंद्र कुमार ने कहा कि इसके लिए विगत कई वर्षों से प्रयास जारी था जिसके लिए सुपौल जिले वासियों के संकल्प के साथ-साथ नोडल पदाधिकारी व संबंधित पदाधिकारी के कार्यों की सराहना अवश्य होनी चाहिए।

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