संवेदनशील जस्टिस अरुण मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के विदाई समारोह का निमंत्रण किया अस्वीकार

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के बार एसोसिएशन ने संवेदनशील जस्टिस अरुण मिश्रा को पत्र भेजकर कहा कि बार एसोसिएशन उनके अवकाश ग्रहण करने से पहले 2 सितंबर को उनके सम्मान में विदाई समारोह आयोजित करना चाहता है। उस विदाई समारोह में भाग लेने हेतु श्रीमान द्वारा एसोसिएशन के निमंत्रण को स्वीकार करने की महती कृपा की जाय।

जानिये कि कोरोना के इस कहर काल में कोविड-19 पेनेडेमिक से जहां दुनिया त्राहिमाम कर रही है वहीं सुप्रीम कोर्ट के संवेदनशील जस्टिस श्री मिश्रा ने एसोसिएशन को पत्र के माध्यम से यही कहा कि मेरी अंतरात्मा मुझे किसी भी ऐसे विदाई समारोह में जाने की स्वीकृति नहीं देती।

सर्वाधिक संवेदनशील न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा ने पत्रोत्तर के माध्यम से एसोसिएशन से बार-बार क्षमा मांगते हुए यही कहा कि जब इस कोरोना के कहर एवं कोहराम से सभी लोग निकल जाएंगे और परिस्थिति नॉर्मल हो जाएगी तब मैं निश्चय ही आपके एसोसिएशन के सदस्यों के बीच आकर गर्मजोशी के साथ आपके आमंत्रण के लिए सम्मान प्रकट कर लूंगा।

चलते-चलते यह भी जानिए कि सुप्रीम कोर्ट के ऐसे अति संवेदनशील जस्टिस अरुण मिश्रा के ऐसे सशक्त प्रेरणादायी विचार देश के समस्त समझ वाले एवं संवेदनशील लोगों का आये दिन मार्गदर्शन करता रहेगा। संवेदनशील न्यायमूर्ति के प्रति गांधीयन मिसाइल मैन डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के करीबी रहे समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने संपूर्ण संवेदना के साथ कृतज्ञता ज्ञापित की है।

 

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अनलॉक- 4 यानि 1 सितंबर से क्या खुलेगा और क्या रहेगा बंद ?

कोरोना के कहर और कोहराम के दरमियान ट्रेन से लेकर प्लेन तक को बंद करना पड़ा तथा सिनेमा हॉल से लेकर मॉल तक में ताला लटका रहा। कोरोना संक्रमण इतना लंबा चलेगा, ऐसा किसी ने सोचा भी नहीं था। स्कूल-कॉलेज से लेकर विश्वविद्यालय तक में पढ़ाई से लेकर परीक्षा सब कुछ बंद-बंद ही रहा।

बता दें कि 1 सितंबर से पूरे देश में अनलॉक का चौथा चरण शुरू होने जा रहा है जबकि बिहार राज्य में 6 सितंबर तक लॉकडाउन घोषित है। जानिए कि भारत में अब तक कोरोना संक्रमितों की संख्या लगभग 35 लाख और बिहार में 1 लाख 32 हजार  पार कर चुकी है। पूरे देश में इस खतरनाक कोरोना वायरस से अब तक 62 हजार से अधिक मौतें हो चुकी हैं।

अनलॉक के चौथे चरण में 7 सितंबर से मेट्रो सेवा जो 22 मार्च से ही दिल्ली एवं एनसीआर में रुकी हुई थी उसे चालू की जा सकती है लेकिन केंद्र सरकार के अगले आदेश (तत्काल 30 सितंबर) तक स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे। मेट्रो में अब संपर्क रहित टिकटिंग सिस्टम लागू होगा और टोकन के उपयोग की अनुमति नहीं दी जाएगी।

यह भी कि कुछ क्षेत्र विशेष में यानि कर्नाटक हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में राहत के लिए सिनेमा हॉल खोलने की अनुमति दी जा सकती है। साथ ही रेस्तरां में शराब की बिक्री पर लगाया गया प्रतिबंध हटाया जा सकता है।

यह भी कि घरेलू उड़ानों को कोलकाता में उतरने की स्वीकृति दी जा सकती है जबकि मुंबई में लोकल ट्रेन नहीं चलेगी।

चलते-चलते यह भी बता दें कि पश्चिम बंगाल में सप्ताह में दो दिन पूर्ण लॉकडाउन रहेगा तथा चेन्नई में इंटर-स्टेट एवं इंटर-डिस्ट्रिक्ट मूवमेंट के लिए ई-पास अनिवार्य होगा।

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लेखक राजेंद्र यादव ने ही पहली बार दलित साहित्य पर गोष्ठी कराई थी

लेखक राजेंद्र यादव और ‘हंस’ की एक सिक्के के दो पहलू जैसे हैं। जीवन के 57वें बसंत पार करने के बाद उन्होंने हंस का प्रकाशन शुरू किया था। इस उम्र में प्राय: साहित्यकार सुस्त पड़ जाते हैं, परंतु राजेंद्र यादव ने जो समय जो राह इस उम्र में पकड़ी वह उनके जीवन का सबसे उर्वर समय बन गया और उन्होंने हिन्दी साहित्य और विमर्श को बिल्कुल अलग ही दिशा दे दी तथा हिन्दी में दलित साहित्य को बढ़ाने का काम किया।

ये बातें डॉ.मधेपुरी मार्ग पर अवस्थित भारतीय जन लेखक संघ के केंद्रीय कार्यालय के महासचिव महेंद्र नारायण पंकज ने 28 अगस्त को राजेंद्र यादव के जन्मदिन पर ऑनलाइन जयंती मनाने के क्रम में कही।

इस अवसर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करते हुए समाजसेवी-साहित्यकार का डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने श्रद्धा निवेदित करते हुए लेखक राजेंद्र यादव की हंस पत्रिका के बाबत यही कहा कि हंस के पुनर्प्रकाशन के बाद उन्होंने हंस को ऐसे मंच का रूप दिया जिस पर कई नए महिला व पुरुष कहानीकार भी सामने आए, जिन्हें दुनिया जानती तक नहीं थी। उनका दुस्साहस कहिए कि तमाम विवादों के बावजूद भी उन्होंने नए लेखक या लेखिकाओं को मौका देते चले गए।

मौके पर बीजेएलएस मधेपुरा जिला सचिव  डॉ.गजेंद्र नारायण यादव ने समापन करते हुए यही कहा कि उन दिनों पुरातन मानसिकता के लोगों ने हंस की तीखी आलोचना की और कुंठित वक्तव्य भी दिए थे, परंतु राजेंद्र यादव कभी झुके नहीं बल्कि उस उम्र में भी वे अपनी चाल चलते रहे। अंत में साहित्यकार द्विजराज ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

 

 

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मानवता की सेवा ही ईश्वरीय प्रार्थना है- डॉ.मधेपुरी

मधेपुरा अनुमंडल में 27 अगस्त की संध्या में नए एसडीएम नीरज कुमार ने पूर्व एसडीओ वृंदालाल से पदभार ग्रहण किया। कोरोना के कारण विदाई अति संक्षिप्त व सादे समारोह के रूप में किया गया। गायक बाल्मीकि की टीम एवं प्रखर गायिका शशी प्रभा के संध्या भजन में विदाई गीत के साथ समारोह संपन्न हुआ।

इस अवसर पर डीडीसी विनोद कुमार सिंह की अध्यक्षता में मुख्य रूप से एडीएम उपेन्द्र कुमार व एडीएम शिवकुमार शैव के साथ-साथ एसडीपीओ वसी अहमद एवं सभी बीडीओ, सीओ की उपस्थिति में बारी-बारी से सबों ने उद्गार व्यक्त किया। सबों ने वृंदालाल के काम करने के तरीकों की चर्चाएं की और वर्तमान एसडीओ नीरज कुमार को सहयोग एवं अच्छे कामों में समर्थन देने की बातें कही।

Farewell to outgoing SDM Shri Vrindalal.
Farewell to outgoing SDM Shri Vrindalal.

मौके पर समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने कहा कि ब्रिटिश हुकूमत द्वारा तत्कालीन बंगाल प्रेसिडेंसी में आपका यह मधेपुरा 3 सितंबर 1845 में अनुमंडल बनाया गया था। उसी मधेपुरा अनुमंडल के निवर्तमान एसडीएम श्री वृंदालाल की विदाई और वर्तमान एसडीएम श्री नीरज कुमार के स्वागत समारोह में डॉ.मधेपुुरी ने यही कहा- वही प्रशासक जनता के दिल में जगह बना पाता है जो मानवता की सेवा को ही ईश्वरीय प्रार्थना मानकर चलता है।

डॉ.मधेपुरी ने वृंदालाल की संवेदनशीलता के कई उदाहरण भी दिए तथा नीरज कुमार नव पदस्थापित एसडीएम को आश्वस्त भी किया कि मधेपुरा की जनता सर्वाधिक संवेदनशील है। आप अपनी संवेदना से दिल में जगह बना लेंगे तो कभी प्रशासनिक कठिनाइयों से आपकी मुलाकात नहीं होगी। सदर बीडीओ आर्य गौतम की देख-रेख एवं कबड्डी के जिला सचिव अरुण कुमार के मंच संचालन से समारोह झमाझम बारिश के बावजूद भी सरस व सफल रहा। प्राइवेट स्कूल्स के अध्यक्ष किशोर कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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समाज-सुधारक रास बिहारी लाल मंडल के सारे विचार आज भी प्रासंगिक हैं- डॉ.मधेपुरी

कबीर की नगरी काशी में 26 अगस्त 1918 को प्रखर स्वतंत्रता सेनानी, विचारक व समाज सुधारक रासबिहारी लाल मंडल ने दुनिया को अलविदा कह दिया। काशी में ही एक दिन कबल यानि 25 अगस्त को सामाजिक न्याय के प्रतीक के रूप में बालक बीपी मंडल ने माता सीतावती मंडल की गोद में जन्म लिया था।

बता दें कि आज 26 अगस्त को रासबिहारी उच्च विद्यालय के परिसर में रासबिहारी लाल मंडल की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी लिखित पुस्तक “रासबिहारी लाल मंडल : पराधीन भारत में स्वाधीन सोच” को संदर्भित करते हुए कहा कि रासबिहारी बाबू हिन्दी, मैथिली, अंग्रेजी, उर्दू, फारसी, बंगला, फ्रेंच एवं संस्कृत जैसे कई भाषाओं के जानकार ही नहीं, विद्वान और विचारक भी थे। आजादी के आंदोलनकारियों को उन्होंने नेतृत्व प्रदान करते हुए अंग्रेजों के दांत खट्टे कर दिए थे।

डॉ.मधेपुरी ने संक्षेप में कहा कि “तिरहुत का राजा” और “मिथिला का शेर” कहलाने वाले रासबिहारी लाल मंडल बंग-भंग के समय “भारत माता का संदेश” पुस्तक लिखकर आंदोलनकारियों यानि विशेष रूप से आजादी के दीवानों की हौसला अफजाई करने में लगे रहे। तब के संपूर्ण भारत की धरती को उर्वर बनाने वाले रास बिहारी लाल मंडल के कार्यकाल को भले ही 102 वर्ष गुजर गए, किन्तु आज भी उनके दहेज व मृत्यु भोज आदि विरोधी सारे विचार प्रासंगिक हैंं।

यह भी कि कोविड-19 के तहत सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सादगी के साथ समाजसेवी चिकित्सक व रास बिहारी बाबू के पौत्र डॉ.अरुण कुमार मंडल ने उनकी प्रतिमा पर प्रथम माल्यार्पण किया। ‘रासबिहारी लाल मंडल : पराधीन भारत में स्वाधीन सोच’ के लेखक डॉ. भूपेन्द्र मधेपुरी ने स्कूल में नामांकन के लिए आए छात्र-छात्राओं एवं स्कूल के प्राचार्य अनिल कुमार सिंह चौहान, पूर्व प्राचार्या रंजना कुमारी सहित शिक्षकगण बीरबल प्रसाद यादव,  शिवनारायण, रामनरेश प्रसाद यादव, मुर्तुजा अली, संगीत शिक्षक गांधी कुमार मिस्त्री, सुभद्रा रानी, अमित कुमार, इंद्रजीत भगत, रणविजय कुमार, ललन कुमार, सरोज कुमार, अजय कुमार सिंह एवं नवीन कुमार आदि को उपर्युक्त संदेश देकर कार्यक्रम का समापन किया। शुरू से अंत तक सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया। सभी शिक्षकगण एवं नामांकन हेतु आए सभी छात्र-छात्राएं उनके बारे में जाननेेे के बाद बारी-बारी से उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करते देखे गए।

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बीपी मंडल की राजकीय जयंती कोविड-19 के चलते सादगी के साथ मनी

जिला मुख्यालय मधेपुरा के बीपी मंडल चौक पर बनी सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष करने वाले श्री मंडल की प्रतिमा पर प्रातः 9:30 बजे जिला पदाधिकारी नवदीप शुक्ला (आईएएस), आरक्षी अधीक्षक संजय कुमार (आईपीएस), अपर समाहर्ता उपेन्द्र कुमार, समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, अपर-समाहर्ता शिवकुमार शैव, जदयू प्रवक्ता निखिल मंडल, मो.शौकत अली सहित उपस्थित पदाधिकारी व कर्मचारीगण आदि द्वारा माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित की गई।

पूर्व निर्धारित कार्यक्रमानुसार ठीक 10:00 बजे मुरहो में श्री मंडल की समाधि पर उनके तैल चित्र पर डीएम, एसपी, डीडीसी, एडीएम, एसडीएम आदि ने माल्यार्पण किया। पूर्व विधायक मणींद्र कुमार मंडल, विधायक निरंजन मेहता, समाजसेवी डॉ.मधेपुरी आदि ने भी माल्यार्पण व पुष्पांजलि की।

सोशल डिस्टेंसिंग पर नजर बराबर रखते रहे  एसडीएम बृंदालाल और मास्क वितरण के साथ-साथ उपस्थित व्यक्तियों को थर्मल स्क्रीनिंग भी किया जा रहा था। इसी बीच जयकृष्ण प्रसाद यादव (आयुक्त स्काउट एंड गाइड) के नेतृत्व में शशि प्रभा जायसवाल, गांधी मिस्त्री सहित मुस्लिम, सिख व ईसाई धर्म के प्रतिनिधि द्वारा भी प्रार्थनाएं की गई।

इसी दौरान समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी द्वारा लिखित बीपी मंडल के जीवन वृत्त की दो हजार प्रतियां नजारत द्वारा छपाई कर वितरण करने का कार्य पूरा किया गया। अंत में डीडीसी विनोद कुमार सिंह द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया और फिर कोरोना काल में आयोजित इस सादे समारोह की समाप्ति की घोषणा भी कर दी गई।  कोविड-19 के चलते आधे घंटे के अंतर्गत यह पूरा कार्यक्रम समाप्त कर दिया गया।

 

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बिहार में कोरोना संक्रमितों की संख्या 1 लाख के पार हुई

भारत कोविड-19 के मामलों के संदर्भ में अमेरिका और ब्राजील के बाद दुनिया का तीसरा सर्वाधिक प्रभावित देश बन गया है। फिर भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इस कोरोना महामारी को मात देकर ठीक होने वालों की संख्या 22 लाख 80 हजार के पार चली गई है। भारत का रिकवरी रेट दुनिया में सबसे सुपर है यानि 75% के लगभग है और मृत्यु दर सबसे कम यानि 1.87% है। यह भी कि भारत का वैक्सीन ‘कैंडिडेट’ क्लीनिकल ट्रायल के तीसरे चरण में पहुंच गया है।

बिहार में कोरोना संक्रमितों की संख्या 1 लाख 22 हजार के पार हो गई है। पिछले 24 घंटे में बिहार में 2247 कोरोना संक्रमितों की पहचान की गई जिसमें पटना सहित चार जिले डबल सेंचुरी और सेंचुरी बना डाले हैं-

वे हैं- पटना- 203, बेगूसराय-159, मुजफ्फरपुर- 127, सहरसा- 120 और भागलपुर- 115…. और अर्धशतक बनाने वाले मधेपुरा जिले में  कोरोना संक्रमितों की संख्या 57 के आंकड़े तक पहुंच गई है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि बिहार में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज गया है। चुनाव आयोग द्वारा नामांकन, प्रचार एवं मतदाताओं के लिए मतदान केंद्रों पर कोरोना के बाबत  पालन किए जाने वाले नियमों की घोषणा कर दी गई है। अब सबको कोरोना के साथ ही जीने की आदत डालनी होगी।

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रोहित, थंगावेलू, मिनीका, विनेश फोगाट और रानी रामपाल को 25-25 लाख का खेल रत्न पुरस्कार मिलेगा

‘खेल रत्न’ भारत का सबसे बड़ा खेल पुरस्कार है जो राजीव गांधी के नाम रखा गया है। हर साल भारत के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को यह पुरस्कार दिया जाता है। प्रत्येक वर्ष खेल दिवस (29 अगस्त) के दिन राष्ट्रपति भवन में एक कार्यक्रम आयोजित कर विभिन्न विधाओं के चुने गए खिलाड़ियों को यह पुरस्कार दिए जाते हैं।

बता दें कि इस वर्ष के लिए केंद्रीय खेल मंत्रालय ने 5 खिलाड़ियों को खेल रत्न देने का के फैसले पर मुहर लगा दी है। जिनमें क्रिकेट से रोहित शर्मा, पैराएथलीट से मरियप्पन थंगावेलू, टेबल टेनिस से मोनिका बन्ना, रेसलिंग से विनेश फोगाट और महिला हॉकी से रानी रामपाल शामिल हैं।

यह भी बता दें कि क्रिकेट खेल से खेल रत्न पाने वाला चौथा खिलाड़ी रोहित शर्मा है। उनसे पहले तेंदुलकर, धोनी और कोहली को खेल रत्न दिया जा चुका है। रोहित पहले खिलाड़ी होंगे जिन्हें 25 लाख की राशि से पुरस्कृत किया जाएगा जबकि पूर्व में इन तीनों कप्तानों को 7.5 लाख ही मिलते रहे। इसी बार से इसमें वृद्धि की गई है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि इस बार अर्जुन अवॉर्ड पाने वालों को 5 लाख की जगह 15 लाख, द्रोणाचार्य अवॉर्डी को 5 लाख की जगह 10 लाख तथा मेजर ध्यानचंद लाइफटाइम अवॉर्ड पाने वाले को 5 लाख की जगह 15 लाख की राशि देकर पुरस्कृत किए जाएंगे।

 

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भारत में कोरोना का तांडव

भारत में कोरोना का तांडव जारी है, हालांकि कोरोना से ठीक होने वालों का आंकड़ा भी बढ़ा है। आज प्रातः जारी आंकड़ों के अनुसार भारत में कोरोना संक्रमितों की संख्या 30 लाख को छूने जा रही है।

बता दें कि शुक्रवार सुबह 8:00 बजे से लेकर शनिवार सुबह 8:00 बजे तक कोरोना के लगभग 70 हजार नए मामले सामने आए जो अभी तक की 1 दिन में आने वाली सबसे बड़ी संख्या है, जिसमें 945 कोरोना संक्रमितों की मौत हो गई है।

यह भी जानिए कि 22 लाख 22 हजार मरीज ठीक भी हो चुके हैं और अब तक 55 हजार से ज्यादा लोगों की जानें जा चुकी हैं। गणना के अनुसार रिकवरी रेट मामूली बढ़ोतरी के बाद 74.69 प्रतिशत पर पहुंचा है तथा पॉजिटिविटी रेट 6.82 प्रतिशत पर।

यह भी बता दें कि भारत में अब तक कुल 3 करोड़ 44 लाख 90 हजार से ज्यादा कोरोना सैंपल टेस्ट किए जा चुके हैं। मात्र 1 दिन यानि 21 अगस्त को 10 लाख 23 हजार 836 कोरोना सैंपल टेस्ट किए गए जो अभी तक टेस्ट होने वाली सबसे बड़ी संख्या है।

चलते-चलते अभी बता दें कि देश में एक-दो राज्य इस महामारी से जहां मुक्त हो रहे हैं वहीं बिहार में यह महामारी बढ़ता ही जा रहा है। एक दिन कबल तो पद्म भूषण शारदा सिन्हा भी कोरोना संक्रमित हो गई है। शुक्रवार को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। हालांकि शारदा सिन्हा ने दावा किया है कि उनका बाहर से कोई कांटेक्ट नहीं इसके बावजूद उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

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बिहार में चुनाव को लेकर भारत निर्वाचन आयोग ने नामांकन, प्रचार एवं वोटर के लिए जारी किए निर्देश

बिहार में बाढ़ एवं कोरोना के कहर के दौरान जब जेडीयू एवं भाजपा को छोड़ अन्य राजनीतिक विरोधी पार्टियां चुनाव के पक्ष में नहीं हैं फिर भी बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने गाइडलाइन जारी कर दी है। अब यह साफ हो गया है कि चुनाव समय पर कराए जाएंगे।

बता दें कि चुनाव आयोग की इस नई गाइड लाइन में उम्मीदवारों के नामांकन से लेकर उनके चुनाव प्रचार तथा मतदाताओं द्वारा मतदान तक करने के लिए अलग-अलग दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। चुनाव आयोग द्वारा जारी गाइडलाइंस में पहली बार उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने तथा जमानत की राशि जमा करने हेतु अनुमंडल कार्यालय में नहीं जाना पड़ेगा बल्कि प्रत्येक उम्मीदवार अपना नामांकन पेपर एवं सिक्योरिटी की राशि ऑनलाइन ही दाखिल करेंगे।

यह भी जानिए कि चुनाव आयोग ने प्रचार हेतु मतदाता के घर पर उम्मीदवार सहित पांच लोगों को ही जनसंपर्क की अनुमति दी है। इसके अतिरिक्त चुनाव रैली और रोड शो के लिए गृह मंत्रालय की गाइडलाइन को फॉलो करने का निर्देश भी जारी किया गया है। निर्देश 22 पन्नों का है जिसमें कोरोना से बरतने वाली सावधानियों का भी जिक्र है।

मतदाताओं को निर्देश दिया गया है कि वे फेस मास्क, सैनिटाइजर, ग्लबस, थर्मल स्कैनर, फेशियल पीपी किट्स का इस्तेमाल अनिवार्य रूप से चुनाव प्रक्रिया के दरमियान करेंगे और साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करेंगे।

चलते-चलते यह भी जान लें कि इस बार चुनाव कम से कम चरणों में निपटाने की तैयारी चल रही है। साथ ही बिहार में कोरोना संकट के बीच विधानसभा चुनाव कराने की तैयारी भी है। अतः कोरोना को दृष्टिपथ में रखते हुए बूथ की संख्या भी बढ़ाई गई है। ऐसी परिस्थिति में स्टाफ की जरूरत अधिक पड़ेगी। अतः कोरोना के कारण चुनाव में स्टाफ की कमी नहीं हो इसलिए आयोग द्वारा यह भी फैसला लिया गया है कि इस बार अनुबंध पर बहाल सभी कर्मियों को बिहार विधानसभा चुनाव कार्य में लगाया जाएगा। जिसकी अधिसूचना 20 सितंबर तक हो जाने की संभावना है।

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