डॉ.मधेपुरी की सभी कृतियों में सर्वोत्तम है  रासबिहारी बाबू की जीवनी- डॉ.रवि

मधेपुरा जिला मुख्यालय वार्ड नं.-1 के डॉ.मधेपुरी मार्ग पर अवस्थित भारतीय जन लेखक संघ के केन्द्रीय कार्यालय में बीजेएलएस के राष्ट्रीय महासचिव महेंद्र नारायण पंकज की टीम द्वारा आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए डॉ.मधेपुरी द्वारा लिखित पुस्तक ‘रास बिहारी लाल मंडल: पराधीन भारत में स्वाधीन सोच’ के बाबत पूर्व सांसद व मंडल विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति रह चुके कोसी के प्रखर साहित्यकार डॉ.रमेंद्र कुमार यादव रवि ने यही कहा-

बिहार के महान स्वतंत्रता सेनानी, समाजवादी समाज-सुधारक नेता, कई भाषाओं के जानकार , प्रखर वक्ता तथा सामाजिक व बौद्धिक रूप से मधेपुरा ही नहीं बल्कि संपूर्ण बिहार व भारत की धरती को उर्वर बनाने वाले बाबू रास बिहारी लाल मंडल के कार्यकाल को भले ही एक शतक गुजर गया किंतु आज भी उनके सारे विचार समसामयिक हैं | डॉ.रवि ने युवाओं को संदेश देते हुए यही कहा कि आजादी के 70 साल बाद भी उन्हें रास बिहारी बाबू की जीवनी का अध्ययन अवश्य करना चाहिए ताकि समाज में उनके आदर्शों का अनुपालन हो सके | उन्होंने कहा कि डॉ.मधेपुरी की अन्य सारी रचनाओं में यह सर्वोत्तम रचना है |

बता दें कि जहाँ उदाकिशुनगंज के लोकप्रिय डीसीएलआर ललित कुमार सिंह ने डॉ.मधेपुरी की लेखनी की सराहना करते हुए यही कहा कि हमें समाज के उत्थान के लिए अपनी लेखनी को जारी रखना चाहिए | वहीं रेडक्रॉस सहित कई महिला संगठनों की अध्यक्षा विदुषी डॉ.शान्ति यादव ने कहा कि 100 वर्ष पूर्व रास बिहारी लाल मंडल ने समाज की जिन कुरीतियों को समाप्त करने की आवाज बुलंद की थी | उसे अभी तक समाप्त नहीं किया जा सका है…..  इसे समाप्त करने के लिए डॉ.मधेपुरी की तरह साहित्य की रचना आवश्यक है |

यह भी बता दें कि समारोह की अध्यक्षता डॉ.इन्द्र नारायण यादव ने की एवं मंच संचालन व अतिथियों के साथ-साथ बाहर से आये साहित्यकारों को भी अंगवस्त्रम से सम्मानित किया महासचिव महेंद्र नारायण पंकज ने | सहरसा-सुपौल एवं पूर्णिया से आए सारे साहित्यकारों सहित ज्योत्सना कुमारी ने डॉ.मधेपुरी लिखित पुस्तक की सराहना करते हुए रास बिहारी बाबू के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर जमकर प्रकाश डाला |

मौके पर डॉ.मधेपुरी, पूर्व कुलसचिव प्रो.सचिंद्र, पूर्व प्राचार्य प्रो.श्यामल किशोर यादव, यमुना प्रसाद बसाक, गोपाल चंद्र घोष, डॉ.राजेंद्र पोद्दार, शंभू शरण भारतीय, डॉ.सीताराम शर्मा , डॉ.जवाहर पासवान, डॉ.अरुण कुमार, डॉ.नरेंद्र प्रसाद यादव, उमेश पंडित, राकेश कुमार द्विजराज, शशिकांत शशि, सुधाकर, सुपौल से विश्वकर्मा जी, कामेश्वर राय आदि ने कहा कि समाज के उत्थान में बाबू रास बिहारी लाल मंडल की भूमिका सराहनीय रही है | ज्योत्सना कुमारी एवं शंभू शरण भारतीय की कविता सर्वाधिक तालियां बटोरी | अंत में धन्यवाद ज्ञापन मंच संचालक सचिव डॉ.गजेंद्र कुमार ने किया |

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