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समाज सुधारक डॉ.विन्देश्वर पाठक ने किया कोसी के सत्यम को सम्मानित

‘वॉयस ऑफ़ बिहार’ के सुनहरे बैनर तले दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित बिहार प्रतिभा सम्मान समारोह में 2017 के सिविल सर्विसेज (UPSC) में चयनित कोसी अंचल के सहरसा जिले के सफल प्रतिभागी छात्र सत्यम ठाकुर को ‘बिहार गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया ख्याति प्राप्त समाज सुधारक एवं सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक डॉ.विन्देश्वर पाठक ने |

इस कार्यक्रम में बिहार में डीजीपी रहे, सुपर-30 के ख्याति प्राप्त शिक्षक अभयानन्द(IPS) जिन्होंने जिंदगी को कभी पीछे मुड़कर अफसोस की दृष्टि से नहीं देखा के साथ-साथ ‘वॉयस ऑफ़ बिहार’ के संस्थापक ब्रजेश ठाकुर और दिल्ली के डिप्टी मेयर सहित अन्य गणमान्यों के बीच सहरसा जिले के चैनपुर निवासी सत्यम ठाकुर को डॉ.बिंदेश्वर पाठक ने मोमेंटो देकर सम्मानित किया |

यह भी बता दें कि वर्ष 2017 के सिविल सेवा में बिहार से चयनित सत्यम सहित सोलह सफल प्रतियोगियों को तो सम्मानित किया ही गया साथ ही संगीत, साहित्य, खेल एवं उद्यम के क्षेत्र में बिहार का नाम रौशन करने वाले युवाओं को भी सम्मानित किया गया |

इस अवसर पर भारत के जूनियर हॉकी टीम को विश्वकप जिताने वाले कोच श्री हरेन्द्र सिंह, प्रसिद्ध लोकगीत गायिका वंदना भारद्वाज, लेखिका पल्लवी प्रकाश, युवा साहित्यकार नीलोत्पल मृणाल आदि को भी सम्मानित किया गया |

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बिहार में कांग्रेस के साथ जेडीयू-आरजेडी वाला गठबंधन अब नग्नता की ओर…….!    

आज 25 जुलाई है और ऐतिहासिक दिन भी ! चयनित 14वें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के महामहिम राष्ट्रपति के पदासीन होने वाले शपथ-ग्रहण समारोह का मंगल दिन |

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गठबंधन के बंधन से दबाव में आकर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मिलने एवं अन्य आवश्यक कार्यों को लेकर 4 दिनों की दिल्ली यात्रा पर हैं | वे महामहिम के शपथ ग्रहण समारोह में भी शरीक होंगे | सीएम नीतीश कुमार को रामनाथ कोविंद द्वारा विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है | भला क्यों नहीं, राष्ट्रपति चुनाव में नीतीश अपने तत्कालीन महामहिम राज्यपाल श्री कोविंद को भाजपा उम्मीदवार होने के बावजूद हर छोटे-बड़े नेता की बातें अनसुनी करते हुए आगे बढ़-चढ़कर मदद जो करते रहे थे |

हां ! जहाँ एक ओर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से सीबीआई के फेरे में फंसने के बाद ‘बिन्दुबार स्पष्टीकरण’ देने को कहा गया वहीं दूसरी और दिल्ली में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मिलने के दरमियान जीरो टॉलरेंस वाले सीएम नीतीश कुमार द्वारा पुनः यही कहा जा रहा है कि इतने आरोपों के साथ सरकार में बने रहने की स्वीकृति किसी को नहीं दी जा सकती है- सोचिए तो सही, अब कहने को शेष रह ही क्या जाता है |

यह भी बता दें कि जहाँ एक ओर नीतीश सरकार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी फिलहाल दिल्ली से दौलताबाद करते हुए अपने बचाव के रास्ते तलाशने में लगे हैं यानि बड़े-बड़े वकीलों से सलाह ले रहे हैं तो कभी कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मिलकर जदयू-राजद के बीच मध्यस्थता करने हेतु अनुरोध पर अनुरोध कर रहे हैं- वहीं दूसरी ओर एनडीए गठबंधन के शीर्ष नेताओं के बीच इस बात की चर्चा भी कल शाम से दिल्ली में जोर पकडने लगी है कि नीतीश कुमार को पार्टनर ट्रीट किया जाय या अपोजीशन……..!

अंत में यह भी जान लें कि नीतीश-तेजस्वी प्रकरण में तल्ख हो चुके रिश्तों को मुलायम किये जाने वाली कोशिशों का सफल नहीं होना, आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद द्वारा बेटे उप मुख्यमंत्री तेजस्वी के इस्तीफा देने से साफ-साफ इंकार करना और जीरो टॉलरेंस वाले मुख्यमंत्री व आरोपों से घिरे उप मुख्यमंत्री द्वारा दिल्ली दरबार में हाजिरी पर हाजिरी लगाना- कुल मिलाकर बिहार की राजनीति में कांग्रेस के साथ जदयू व आरजेडी वाला गठबंधन नग्नता की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है……….|

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दिल्ली दौरे पर नीतीश

बीते मंगलवार को कैबिनेट की बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने जिस तरह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की और तथाकथित तौर पर अपनी बातें रखीं, उसके बाद लगा कि बिहार की राजनीतिक अनिश्चितता खत्म हो गई है। लेकिन एक बार फिर जेडीयू द्वारा तेजस्वी से ‘बिन्दुवार स्पष्टीकरण’ देने की बात कहने और इसी दौरान जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के चार दिनों की यात्रा पर दिल्ली जाने से माहौल एक बार फिर गर्म होता दिख रहा है। मजे की बात यह कि इस दौरान उनकी मुलाकात कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दोनों के साथ होनी है।

ख़बरों के मुताबिक शनिवार शाम नीतीश टी पार्टी पर राहुल गांधी से मिलेंगे और फिर हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के सम्मान में आयोजित डिनर पार्टी में शिरकत करेंगे। इसके बाद 25 जुलाई को वे नव निर्वाचित राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। स्वाभाविक तौर पर कोविंद ने उन्हें खास तौर पर न्योता भेजा है।

बहरहाल, सियासी तौर पर नीतीश के इस दिल्ली दौरे को बेहद अहम माना जा रहा है। खास तौर पर राहुल से उनकी मुलाकात में कुछ नए समीकरण के सामने आने की संभावना है, क्योंकि नीतीश के सामने एक ओर भ्रष्टाचार को लेकर उनकी जीरो टॉलरेंस की नीति है तो दूसरी ओर 2019 की संभावनाओं के मद्देनज़र महागठबंधन को बचाने की चुनौती। ऐसे में कांग्रेस का रुख महत्वपूर्ण हो जाता है। गौरतलब है कि तेजस्वी प्रकरण पर मचे घमासान में कांग्रेस मध्यस्थ की भूमिका निभा रही है।

बता दें कि उधर तेजस्वी भी इन दिनों दिल्ली में हैं और 28 जुलाई से बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र शुरू होने से पहले अपने ‘बचाव’ की तैयारी में जोरशोर से लगे हैं। बताया जाता है कि इस दौरान वकीलों से राय लेने के साथ-साथ मौजूदा स्थिति पर वे राहुल गांधी से भी ‘सलाह’ लेंगे।

कुल मिलाकर, बिहार की राजनीति के लिए अगले कुछ दिन बेहद अहम हैं। देखें सियासत कब कौन सी करवट लेती है!

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

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रामनाथ कोविंद होंगे भारत के अगले राष्ट्रपति

रामनाथ कोविंद देश के 14वें राष्ट्रपति होंगे। एनडीए उम्मीदवार कोविंद ने विपक्ष की मीरा कुमार को बड़े अंतर से हराकर रायसीना हिल्स की रेस जीती। कोविंद को जहां 66.65 प्रतिशत वोट मिले वहीं मीरा का अभियान 34.35 प्रतिशत मतों पर ही रुक गया। सोमवार को हुए मतदान में रामनाथ कोविंद को कुल 7,02,044 वोट मिले, जबकि मीरा कुमार को 3,67,314 वोटों पर ही संतोष करना पड़ा। बता दें कि नए राष्ट्रपति का शपथग्रहण 25 जुलाई को होना है।

राष्ट्रपति निर्वाचित होने के बाद कोविंद ने कहा कि वे सर्वे भवन्तु सुखिन: की भावना से काम करेंगे और पद की मर्यादा को बनाए रखेंगे। अपने संक्षिप्त और भावुक संबोधन में उन्होंने कहा, “जिस पद का गौरव डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, सर्वपल्ली राधाकृष्णन, एपीजे अब्दुल कलाम और प्रणब मुखर्जी जैसे विद्वानों ने बढ़ाया उस पद पर रहना मेरे लिए गौरव की बात है और यह मुझे जिम्मेदारी का अहसास करा रहा है।”

अपने जीवन के बेहद खास मौके पर गरीबी में बिताए अपने बचपन को याद करते हुए आगे उन्होंने कहा, “आज दिल्ली में सुबह से बारिश हो रही है। बारिश का मौसम मुझे बचपन की याद दिलाता है। हमारा घर कच्चा था। मिट्टी की दीवारें थीं। बारिश के समय फूस की छत पानी को रोक नहीं पाती थी। हम सब भाई-बहन कमरे की दीवार से लग कर बारिश रुकने का इंतजार करते थे। आज पता नहीं कितने ही रामनाथ कोविंद बारिश में भींग रहे होंगे। खेत में काम कर रहे होंगे और शाम के भोजन के लिए प्रबंध कर रहे होंगे। मैं उन सभी से कहना चाहता हूं कि परौख गांव का यह रामनाथ कोविंद राष्ट्रपति भवन में उनका प्रतिनिधि बनकर जा रहा है।”

अपनी जीत की औपचारिक घोषणा के बाद कोविंद ने अपनी प्रतिद्वंद्वि मीरा कुमार को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। वहीं मीरा ने भी उन्हें बधाई दी और कहा कि उनके ऊपर संविधान की रक्षा का दायित्व आया है। उधर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत देश भर के नेताओं ने कोविंद को बधाई और शुभकामनाएं दीं। ‘मधेपुरा अबतक’ की ओर से भी उन्हें हार्दिक बधाई और मंगलकामनाएं। एक बात और, बिहार का राज्यपाल रहते हुए उन्हें देश का प्रथम नागरिक बनने का अवसर मिला, इसलिए हम अपेक्षा करते हैं कि उनके मन और मस्तिष्क में बिहार के लिए खास जगह रहेगी और सम्पूर्ण देश के लिए अपना दायित्व निभाते हुए भी करोड़ों बिहारवासियों के ‘विशेष’ अपनत्व व अधिकाबोध का मान वे रख पाएंगे!

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप   

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नीतीश से मिले तेजस्वी-तेजप्रताप

बिहार में चली आ रही राजनीतिक अनिश्चितता के बीच उस वक्त नए राजनीतिक संकेत मिले जब तेजस्वी और तेजप्रताप मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे। उम्मीद की जा रही है कि इसके बाद जेडीयू-आरजेडी के बीच व्याप्त तनाव कम होगा और दोनों दलों के रुख में नरमी आएगी।

बता दें कि मंगलवार को कैबिनेट की बैठक थी जिसमें तेजस्वी के शामिल होने को लेकर कयास लगाए जा रहे थे। तेजस्वी पर सीबीआई के द्वारा किए गए एफआईआर के बाद यह पहला मौका था जब नीतीश और तेजस्वी को आमने-सामने होना था। अनुमान लगाया जा रहा था कि ऐसा होने पर दो दलों के रिश्तों के बीच जमती जा रही बर्फ पिघलेगी और ठीक ऐसा ही होता भी दिखा। बैठक में तेजस्वी अपने मंत्री भाई तेजप्रताप के साथ मौजूद रहे। उनके साथ आरजेडी कोटे के मंत्री चन्द्रशेखर, आलोक मेहता और विजय प्रकाश भी थे।

गौरतलब है कि तेजस्वी के सीबीआई के घेरे में आने के बाद से ही जेडीयू ने आरजेडी पर इस बात का दबाव बनाया हुआ है कि तेजस्वी खुद को पाक-साफ साबित करे या पद छोड़े। ऐसा न होने पर मुख्यमंत्री द्वारा उन्हें बर्खास्त किए जाने का विकल्प भी खुला बताया जा रहा था। दूसरी ओर आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने तेजस्वी के इस्तीफे से साफ इनकार कर दिया था। इसके बाद से ही राजनीति गरमा गई थी। यहां तक कि महागठबंधन सरकार के दिन भी गिने जाने लगे थे। इन सबके बीच महागठबंधन में शामिल तीसरी पार्टी कांग्रेस भी ऊहापोह में थी और दूसरी ओर भाजपा भावी समीकरणों में अपना हिसाब बिठाने में लगी हुई थी।

बहरहाल, इस पृष्ठभूमि में कैबिनेट की बैठक कितनी अहम थी, कहने की जरूरत नहीं। खास बात यह कि कैबिनेट में केवल रूटीन मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान तेजस्वी-प्रकरण उठा ही नहीं। दोनों दलों की ओर से नरमी के संकेत तब और ज्यादा स्पष्ट हुए जब बैठक के बाद तेजस्वी अपने भाई तेजप्रताप के साथ मुख्यमंत्री के चैंबर में पहुंचे और लंबे समय तक वहां रहे। हालांकि इस दौरान उनके बीच क्या बातें हुईं यह नहीं पता, लेकिन दो दलों के बीच संवादहीनता खत्म होना न केवल उनके लिए बल्कि बिहार की राजनीति खासकर महागठबंधन के लिए सुखद संकेत है।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

 

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सीएम ने मधेपुरा डीएम को उनकी अनूठी पहल के लिए किया सम्मानित

बिहार और बिहार की सीमा के पार के लोगों द्वारा विकास पुरुष से सम्मानित मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना के ज्ञान भवन में आयोजित विश्व युवा कौशल दिवस कार्यक्रम के अवसर पर कौशल विकास कार्यक्रम में बेहतर प्रदर्शन करनेवाले सात जिलाधिकारियों एवं कुशल युवा कार्यक्रम के 10 सर्वोत्तम प्रशिक्षण केंद्रों को सम्मानित किया | मौके पर प्रशिक्षण में अव्वल रहे छात्र-छात्राओं को भी पुरस्कृत किया गया |

जहां मधेपुरा के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल ने कुशल युवा प्रशिक्षित छात्रों के लिए नये रोजगार के विकल्प के तौर पर जीएसटी ऑपरेटर्स बनाने की राह तैयार की है वहीं नीतीश सरकार ने इस स्कीम को मॉडल के रूप में पूरे सूबे में लागू करने का निर्णय भी ले लिया है |

बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विश्व कौशल विकास दिवस पर बिहार के 38 में से जिन सात जिले के जिलाधिकारियों को सम्मानित किया, वे जिले हैं- मधेपुरा, सहरसा, कटिहार, बेगूसराय, लखीसराय, बक्सर और मधुबनी तथा सम्मानित होने वाले डीएम क्रमशः- मो.सोहैल, विनोद सिंह गुंजियाल, मिथिलेश मिश्रा, मो.नौशाद यूसुफ, सुनील कुमार, रमन कुमार एवं शीर्षत कपिल अशोक |

हाँ ! इसके अतिरिक्त इस कार्यक्रम की देख-रेख करनेवाली कंपनी एम.के.सी.एल. के सीईओ विवेक सावंत, दीघा घाट ITI के उप-प्राचार्य के रूप में राहुल कुमार तथा घोघरडीहा के सर्वोत्तम प्राचार्य के रूप में अतुल रंजन को भी विकास पुरुष नीतीश कुमार के हाथों सम्मानित होने का अवसर प्राप्त हुआ |

यह भी जानिए की जन निजी सहभागिता के तहत चलाये जा रहे विभिन्न औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में सर्वश्रेष्ठ मुंगेर संस्थान को मुख्यमंत्री द्वारा एक लाख का पुरस्कार दिया गया | साथ ही विज्ञान भवन में जो प्रदर्शनी लगाई गई उसे भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने सहयोगी मंत्रियों राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह (योजना विकास मंत्री), मंजू वर्मा (समाज कल्याण मंत्री), महेश्वर हजारी (नगर विकास मंत्री) एवं विजय प्रकाश (श्रम संसाधन मंत्री) आदि के साथ घूम-घूमकर देखा और सराहना करते हुए अपना-अपना विचार व्यक्त किया |

इसी क्रम में श्रम संसाधन सचिव दीपक कुमार ने भावोद्गार व्यक्त करते हुए यही कहा कि मात्र 7 महीने में  सूबे में कौशल विकास केंद्रों की संख्या 48 से बढ़कर 1136 हो गई है और नामांकित प्रशिक्षणार्थियों की संख्या 1978 से बढ़कर एक लाख तेरह हज़ार हो गई है | अब तक मात्र 40 प्रखंड ऐसे बचे हैं जहां कौशल विकास केंद्र अपना दस्तक नहीं दे पाया है |

अंत में यह कि राज्य सरकार द्वारा डीएम को सम्मानित किये जाने पर शहरवासियों ने खुशी जतायी है | समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी एवं शिक्षाविद प्रो.श्यामल किशोर यादव ने विभिन्न क्षेत्रों में जिले के विकास के लिए डीएम मो.सोहैल के कार्यों की सराहना की और शुभकामनाएं दी |

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राहुल नहीं, नीतीश संभालेंगे यूपीए की कमान !

बिहार की राजनीति में चल रही महाभारत के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से अहम मुलाकात हुई। बताया जाता है कि इस बातचीत में तय हुआ कि नीतीश कुमार को संयुक्त विपक्ष में अहम जिम्मेदारी दी जाएगी और बिहार में महागठबंधन की सरकार चलती रहेगी। यही नहीं, तेजस्वी प्रसाद यादव उपमुख्यमंत्री पद से इस्तीफा भी दे देंगे। हालांकि फिलहाल कांग्रेस या जेडीयू के किसी पदाधिकारी ने अभी इस बात की पुष्टि नहीं की है।

गौरतलब है कि बिहार में चल रही राजनीतिक अनिश्चितता के मद्देनज़र सोनिया गांधी ने अपनी ओर से पहल करते हुए जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार और आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से बात की। कथित रूप से उन्होंने तेजस्वी के मामले में बीच का रास्ता निकालने के लिए दोनों दलों के प्रमुख को राजी कर लिया है। इसके साथ ही आगे की रणनीति पर भी बात हुई बताई जाती है।

सोनिया की इस पहल के बाद बिहार के राजनीतिक हलके में इस चर्चा ने जोर पकड़ लिया है कि अब राहुल गांधी कांग्रेस के अध्यक्ष नहीं बनेंगे। अगर बनेंगे भी तो वे प्रधानमंत्री पद के लिए दावेदारी नहीं करेंगे। ऐसा होने पर स्पष्ट है कि यूपीए 2019 का चुनाव नीतीश की अगुआई में लड़ेगा। देखा जाय तो बिहार समेत पूरे देश के लिए ये बड़ी ख़बर है।

चलते-चलते बता दें कि वर्तमान समय के प्रसिद्ध इतिहासकार व लेखक रामचंद्र गुहा ने बीते मंगलवार को एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि कांग्रेस को बचाना है, तो इसका नेतृत्व नीतीश कुमार को सौंप दें। हालांकि ये बात उन्होंने एक ‘आदर्श कल्पना’ के तौर पर कही थी, लेकिन अपने क्षेत्र के दिग्गज और राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित किसी आदमी का इतनी बड़ी बात कहना मायने रखता है। यूपीए की साख बढ़ाना और प्रकारान्तर से मोदी-शाह की दिन-ब-दिन बढ़ती ताकत को रोकना उनके मुताबिक नीतीश की अगुआई में ही संभव है। अब राजनीतिक हलके में जिस तरह की चर्चा चल रही है, उससे गुहा की ‘कल्पना’ सच होती दिख रही है।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप

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इस राजनीतिक मेलोड्रामा का अंत क्या है ?

बिहार की राजनीति का मेलोड्रामा अपने चरम पर है। सिर पर नीतीश कैबिनेट से बर्खास्तगी की तलवार झेल रहे उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के सुरक्षाकर्मियों ने बुधवार को सचिवालय के बाहर पत्रकारों से बदसलूकी और मारपीट की। दरअसल तेजस्वी कैबिनेट की बैठक के बाद बाहर आ रहे थे और बाहर सवालों की बौछार लिए पत्रकारों की भीड़ जमा थी। पत्रकारों ने ज्योंहि तेजस्वी से सवाल पूछने की कोशिश की, उनके सुरक्षाकर्मियों ने तथाकथित रूप से उन पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तेजस्वी के गार्डों ने पत्रकारों को दौड़ाया और उनसे हाथापाई की। सचिवालय के बाहर बहुत देर तक हंगामा होता रहा और अफरा-तफरी मची रही।

गौरतलब है कि आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के परिवार पर भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण इन दिनों जांच एजेंसियों का शिकंजा कसता जा रहा है। इसके बाद से ही बिहार में महागठबंधन सरकार के भविष्य को लेकर कयासों का दौर चल रहा है। उपमुख्यमंत्री तेजस्वी पर सीबीआई द्वारा केस दर्ज किए जाने के बाद उन्हें कैबिनेट से बाहर का रास्ता दिखाए जाने की संभावना है। मंगलवार को अपनी पार्टी की बैठक के बाद नीतीश ने गेंद लालू के पाले में डालते हुए कहा था कि ये उनका और उनकी पार्टी का मामला है, इसीलिए इस पर वो स्वयं निर्णय लें। इस पर आरजेडी ने बिना देर किए टका सा जवाब दिया और कहा कि तेजस्वी किसी सूरत में इस्तीफा नहीं देंगे।

ऐसे में नीतीश की छवि और उनके ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए इस बात की संभावना जताई जा रही है कि लालू द्वारा इस समस्या का ‘समाधान’ नहीं निकाले जाने पर वो कोई कड़ा कदम उठा सकते हैं। उन्होंने अपनी पार्टी की अहम बैठक में स्पष्ट संकेत किया था कि भ्रष्टाचार के मामले में वो अपनी जीरो टॉलरेंस की नीति से कोई समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने कहा था कि जिन पर आरोप लग रहे हैं उन्हें तथ्यों के साथ जनता के बीच जाना चाहिए। साथ में उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनकी पार्टी के नेताओं पर जब भ्रष्टाचार के आरोप लगे तो उन्होंने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया।

बहरहाल, इस सारी रस्साकशी में एक बात मन को मथे जा रही है कि क्या आज की राजनीति में नैतिकता, मर्यादा और शुचिता जैसे शब्दों का कोई अर्थ नहीं रह गया है? क्या इन शब्दों में सुविधानुसार अपना अर्थ भरा जा सकता है? अगर नहीं, तो लालू सकारात्मक दिशा में क्यों नहीं सोच पा रहे? अगर उनके कहे मुताबिक वे और उनका परिवार निर्दोष हैं तो फिर सांच को आंच क्या? सच जो भी है, जहां भी है, आज नहीं तो कल सामने आना ही है।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप  

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झारखंड के सरकारी पाठ्यक्रम में शामिल की गई डॉ.मधेपुरी की पुस्तक……

झारखंड सरकार ने मधेपुरा के लेखक डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी की पुस्तक “छोटा लक्ष्य एक अपराध है” के सर्वाधिक अंश को सरकारी स्कूलों के लिए तैयार किये गये छठी कक्षा की हिन्दी किताब में डॉ.कलाम से संबंधित आलेख “प्रेरणा के बीज” के लिए चयनित किया है | इस कृत्य से डॉ.मधेपुरी सहित मधेपुरा और बिहार के समस्त साहित्कार समुदाय भी गौरवान्वित हुए हैं |

बता दें कि मधेपुरा के समाजसेवी-साहित्यकार एवं भौतिकी के विद्वान डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने तत्कालीन महामहिम राष्ट्रपति भारतरत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के संग बिताये गये सर्वाधिक प्रेरक क्षणों की उपलब्धियों को राष्ट्र निर्माण करनेवाले नौनिहालों के निमित्त “छोटा लक्ष्य एक अपराध है” पुस्तक में पिरोने का काम किया तो सरकारी स्तर पर सबसे पहले झारखंड सरकार ने इस पुस्तक के सर्वाधिक अंशो को छठी कक्षा के बच्चों के लिए पाठ्यक्रम में डालकर पढ़ाना भी शुरू कर दिया | जानिये कि डॉ.मधेपुरी द्वारा इस प्रेरक पुस्तक सहित आधे दर्जन पुस्तकों की रचना हिन्दी में की गई है |

यह भी जानिये कि भारत के विभिन्न क्षेत्रों के बच्चों द्वारा चाचा कलाम से पूछे गये सवाल और भारतरत्न डॉ.कलाम द्वारा दिये गये जवाब का सारगर्भित संकलन है- यह पुस्तक “छोटा लक्ष्य एक अपराध है” | इस पुस्तक के अब तक सात संस्करण प्रकाशित हो चुके हैं |

बता दें कि लगभग एक दशक से भारत के सभी राज्यों के बड़े-बड़े स्टेशनों पर अवस्थित ए.एच.व्हीलर की दुकानों में यह पुस्तक निरंतर बिकती रही है और देती रही है डॉ.मधेपुरी को शोहरत के साथ-साथ उच्च कोटि की साहित्यिक पहचान भी | क्योंकि, प्रभात खबर अखबार को डॉ.मधेपुरी ने बताया कि इस पुस्तक के माध्यम से वे देश के विभिन्न हिस्सों के बुद्धिजीवियों एवं साहित्यकारों से वर्षों से जुड़े हैं जो प्रतिवर्ष उनके जन्मदिन पर बधाई देना प्रायः नहीं भूलते !

यूँ तो इस पुस्तक में एक से एक उमदा प्रश्न पूछे गये हैं और डॉ.कलाम द्वारा दिया गया जवाब भी हृदय को छू लेने वाला है | कोई एक प्रश्न, यह कि- आपको जिंदगी में सबसे अधिक दुख किस बात की है ? के जवाब में डॉ.कलाम ने यही कहा कि- जिस समय मुझे भारतरत्न जैसे सर्वोच्च सम्मान महामहिम राष्ट्रपति डॉ.के.आर.नारायणन द्वारा दिया जा रहा था उस समय मेरे माता, पिता और गुरुओं में से कोई नहीं थे…….| दूसरा एक प्रश्न- यह कि यदि ईश्वर आपको एक वरदान देना चाहें तो आप क्या मांगेंगे- का जवाब उन्होंने दिया- हे ईश्वर ! भारत को विकसित राष्ट्र बना दो……..!

साभार – प्रभात खबर

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शिक्षकों को कौन देंगे राष्ट्रपति पुरस्कार- महामहिम श्री राम….. या श्रीमती मीरा….

संसार के कुछ देशों में शिक्षकों को विशेष सम्मान देने के लिए शिक्षक दिवस का आयोजन किया जाता है | कहीं छुट्टी रहती है तो कहीं कार्य करते हुए इसे मनाते हैं | भारत में विश्व गुरु डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन, जो उपराष्ट्रपति एवं राष्ट्रपति रह चुके हैं, के जन्मदिन 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रुप में मनाया जाता है |

इस बार राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2016 के तहत बिहार के 6 जिले से आठ समर्पित शिक्षक-शिक्षिकाओं का चयन किया गया है जिन्हें शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में नव चयनित महामहिम राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया जायेगा |

बता दें कि हमारे वर्तमान राष्ट्रपति महामहिम राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल इसी माह के 24 जुलाई को समाप्त हो रहा है | अब देखना है कि इस ब्रह्माण्ड में पुरुषों के प्रतीक श्री राम…. की मर्यादा की जीत होती है या फिर प्रकृति स्वरूपा श्रीमती मीरा……. के समर्पण व सेवा की | जो भी प्रथम नागरिक बनकर 25 जुलाई को उस रायसीना पहाड़ी के 400 एकड़ में फैले और 5 एकड़ भूमि पर निर्मित 345 कमरों वाले राष्ट्रपति भवन में प्रवेश करेंगे- उन्हीं के कर कमलों द्वारा इन कर्मयोगी शिक्षक-शिक्षिकाओं को राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया जायेगा |

अब जानिए कि जिन आठों बिहारी शिक्षकों को राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया जाना है उनमें तीन केवल पूर्णिया जिले से हैं | पुरस्कृत होने वाले शिक्षक हैं- (1)डॉ.सविता रंजन- सहायक शिक्षिका, प्लस टू ब्रजबिहारी स्मारक हाई स्कूल, पूर्णिया (2) डॉ.उत्तिमा केसरी, प्रभारी प्रधानाध्यापिका, मध्य विद्यालय, सदर प्रखंड मुख्यालय (पूर्व) पूर्णिया (3) श्री विजेन्द्र कुमार सिंह, प्रभारी प्रधानाध्यापक, आदर्श मध्य विद्यालय बरहरा कोठी, पूर्णिया (4) श्री नंदकिशोर सिंह, प्रधानाध्यापक, फिलिप हाई स्कूल, बरियारपुर, मुंगेर (5) श्री रामशंकर गिरि, प्रभारी प्रधानाध्यापक, राजकीय कृत विपिन मध्य विद्यालय, बेतिया (6) श्री हेमंत कुमार, सहायक शिक्षक, मध्य विद्यालय, मधुबनी (7) श्री ज्ञानवर्धन कंठ, प्राध्यापक, मध्य विद्यालय, डुमरा-सीतामढ़ी (8) श्री काशीनाथ त्रिपाठी, प्रभारी प्रधानाध्यापक, बलदेव अयोध्या अतिम प्रवेशिका +2 स्कूल, पूर्वी चंपारण |

अंत में बता दें कि इन आठों समर्पित शिक्षकों को शिक्षक दिवस के दिन राष्ट्रपति भवन में नवचयनित महामहिम के कर कमलों द्वारा पुरस्कार स्वरूप एक सिल्वर मेडल, ₹50,000 (पचास हजार) का चेक एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जायगा | इन आठों शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ-साथ राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत होनेवाले सभी शिक्षकों को मधेपुरा अबतक की अग्रिम बधाई !

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