वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को देश का बही-खाता (बजट) पेश किया

भारत सरकार की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को देश का बही-खाता (बजट) पेश किया। बजट में सीतारमण ने अमीरों को झटका, मध्यमवर्ग को थोड़ी राहत और गरीबों, किसानों व महिलाओं को विशेष लाभ देने की कोशिश की है।

बता दें कि जहाँ वित्त मंत्री निर्मला ने विशेष रूप से दो विषयों पर जोर दिया है- पहला यही कि ईज आफ डूइंग बिजनेस को बेहतर करने के लिए कदम उठाए गए हैं तथा दूसरा यह कि इज ऑफ लिविंग को बेहतर बनाने के उपाय किये गए हैं- वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बजट को देश को समृद्ध करने वाला, जन-जन को समर्थ करने वाला तथा विकास को गति देने वाला कहा है।

यह भी जानिए कि इस बजट में डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क नहीं लेने की चर्चा करते हुए वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि जिनके पास पैन कार्ड नहीं है वो पैन कार्ड की जगह आधार कार्ड दे सकते हैं। साथ ही पर्यावरण को दृष्टि में रखते हुए इलेक्ट्रिक वाहनों पर पूर्व से लग रही 12 फ़ीसदी जीएसटी को घटाकर 5 फ़ीसदी करने की घोषणा वित्त मंत्री ने बजट में की है।

चलते-चलते यह भी कि वित्त मंत्री निर्मला के माता-पिता एवं उनकी पत्रकार पुत्री भी उनका पहला बजट भाषण सुनने संसद पहुंची थी। लाल रंग के मखमली कपड़े में लिपटे हुए बहीखाते को हाथों में लिए तथा मैरून रंग की साड़ी पहने पहली महिला वित्त मंत्री सीतारमण ने बजट पेश करने के दरमियान कभी चाणक्य नीति ” दृढ निश्चय से कार्य करेें तो कार्य पूरा होता है” या कभी मशहूर शायर मंजूर हाशमी का शेर “यकीन हो तो कोई रास्ता निकलता है….. हवा की ओट लेकर भी चिराग जलता है” पढ़ा। शेर पढ़ते ही मौजूद सांसदों ने मेच थपथपाई जिससे पूरा सदन गूंज उठा…. पूरे दो-ढाई घंटे के बजट भाषण में “नारी तू नारायणी” पर जमकर मेज थपथपाई गई….. मिनट-दो मिनट पर मेज थपथपाई जाती रही।

सम्बंधित खबरें